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                <title>infrastructure development - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>infrastructure development RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जोनल कार्यालय के जीर्णोद्धार किए सभागार का उद्घाटन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर । </strong>अनुपम कुलश्रेष्ठ, अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर द्वारा जोनल कार्यालय में स्थित जीर्णोद्धार किए गए सभागार कक्ष का उद्घाटन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर उन्होंने कार्यालय की आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं कार्यस्थल को अधिक सुव्यवस्थित, आधुनिक तथा कर्मचारी-अनुकूल बनाए जाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य वातावरण से न केवल प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता एवं दक्षता में वृद्धि होती है, बल्कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मनोबल भी सुदृढ़ होता है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जोनल कार्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183309/renovated-auditorium-of-zonal-office-inaugurated"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002090531.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर । </strong>अनुपम कुलश्रेष्ठ, अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर द्वारा जोनल कार्यालय में स्थित जीर्णोद्धार किए गए सभागार कक्ष का उद्घाटन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर उन्होंने कार्यालय की आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं कार्यस्थल को अधिक सुव्यवस्थित, आधुनिक तथा कर्मचारी-अनुकूल बनाए जाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य वातावरण से न केवल प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता एवं दक्षता में वृद्धि होती है, बल्कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मनोबल भी सुदृढ़ होता है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जोनल कार्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 19:58:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पार्षद ललित किशोर तिवारी, बारिश में भी संभाल रहे सफाई व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज वार्ड के नवनिर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी जीत के बाद से ही क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। वह प्रतिदिन वार्ड का भ्रमण कर लोगों से सीधे संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण का प्रयास कर रहे हैं। सुबह से ही उनके कार्यालय पर क्षेत्रवासियों का आना-जाना लगा रहता है, जहां वे सड़क, पेयजल, जल निकासी, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद तिवारी इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183202/councilor-lalit-kishore-tiwari-is-handling-cleanliness-even-in-rain"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260710_200453.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज वार्ड के नवनिर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी जीत के बाद से ही क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। वह प्रतिदिन वार्ड का भ्रमण कर लोगों से सीधे संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण का प्रयास कर रहे हैं। सुबह से ही उनके कार्यालय पर क्षेत्रवासियों का आना-जाना लगा रहता है, जहां वे सड़क, पेयजल, जल निकासी, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद तिवारी इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करवा रहे हैं। हमारे प्रतिनिधि से बातचीत में ललित किशोर तिवारी ने कहा कि उनका लक्ष्य फैजुल्लागंज वार्ड को लखनऊ के 110 वार्डों में सबसे स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित वार्ड बनाना है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरना उनकी पहली जिम्मेदारी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद तिवारी ने कहा कि मौसम चाहे कैसा भी हो, वे लगातार क्षेत्र में जाकर लोगों की समस्याओं का जायजा लेते हैं और साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हैं। बारिश के दौरान जलभराव और जल निकासी की समस्याओं को दूर कराने के लिए भी वे लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया कि वार्ड की हर छोटी-बड़ी समस्या के समाधान के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ कार्य करते रहेंगे, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 22:15:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्माणाधीन राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय पहुंचीं मंडलायुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  प्रयागराज में निर्माणाधीन डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का शुक्रवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर 500 से 800 अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि अगली समीक्षा बैठक तक अपेक्षित प्रगति नहीं मिली तो निर्माण कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को तलब किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183093/6a51053a28310"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0128.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्रयागराज में निर्माणाधीन डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का शुक्रवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर 500 से 800 अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि अगली समीक्षा बैठक तक अपेक्षित प्रगति नहीं मिली तो निर्माण कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को तलब किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ बैठक कर विश्वविद्यालय परिसर में बन रहे विभिन्न भवनों की डिजाइन, ड्रॉइंग एवं निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में चल रहे सिविल कार्य, प्लास्टरिंग, टाइल्स, फॉल्स सीलिंग, लिफ्ट स्थापना तथा अन्य निर्माण गतिविधियों की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य का गुणवत्ता परीक्षण एवं तकनीकी सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी खामी सामने न आए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने सभी निर्माण कार्य 15 नवंबर तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का शुभारंभ निर्धारित समयसीमा के भीतर कराया जाए। मंडलायुक्त ने विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति एवं कुलसचिव के साथ समन्वय स्थापित कर फर्नीचर, कक्षाओं, छात्रावासों एवं अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए तत्काल क्रय आदेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि भवन तैयार होते ही विश्वविद्यालय पूर्ण रूप से संचालित किया जा सके और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी विलंब के प्रारंभ हो सकें।</div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 20:16:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री ने 384 करोड़ रुपए से अधिक 111 परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास की दी सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा सदर तथा विधानसभा विश्वनाथगंज अन्तर्गत 384.71 करोड़ की 111 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास बटन दबाकर किया, जिनमें प्रतापगढ़ सदर की 42 व विश्वनाथगंज की 13 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं प्रतापगढ़ सदर की 45 एवं विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र की 11 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि जनपद प्रतापगढ़ आंवला उत्पादन का विशिष्ट क्षेत्र होने के कारण आंवला नगरी के नाम से जाना जाता है।प्रतापगढ़ की इस पुण्य भूमि को जगतगुरू धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज एवं जगतगुरू कृपालु जी महाराज जैसे महान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182870/chief-minister-inaugurated-and-laid-the-foundation-stone-of-111"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0055.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा सदर तथा विधानसभा विश्वनाथगंज अन्तर्गत 384.71 करोड़ की 111 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास बटन दबाकर किया, जिनमें प्रतापगढ़ सदर की 42 व विश्वनाथगंज की 13 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं प्रतापगढ़ सदर की 45 एवं विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र की 11 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि जनपद प्रतापगढ़ आंवला उत्पादन का विशिष्ट क्षेत्र होने के कारण आंवला नगरी के नाम से जाना जाता है।प्रतापगढ़ की इस पुण्य भूमि को जगतगुरू धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज एवं जगतगुरू कृपालु जी महाराज जैसे महान संतो की पुण्य भूमि का गौरव प्राप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260707-wa0055.jpg" alt="मुख्यमंत्री ने 384 करोड़ रुपए से अधिक 111 परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास की दी सौगात" width="497" height="331"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि जनपद प्रतापगढ़ पौराणिक काल से लेकर आधुनिक काल तक अपनी आध्यात्मिक संस्कृति के लिये जाना जाता है। माँ बेल्हा देवी धाम, माँ चन्द्रिका देवी धाम, भयहरणनाथधाम, घुसमेश्वरनाथ धाम का आर्शीवाद इस जिले के निवासियों को प्राप्त है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में यहां के बाबू गुलाब सिंह ने शंखनाद किया था। भारत के संविधान सभा के सदस्य के रूप में पंडित मुनीश्वरदत्त उपाध्याय, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल तथा प्रसिद्ध साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन की जन्म भूमि का गौरव इस जिले को प्राप्त है। जनप्रतिनिधियों के समर्पण और सेवा भावना से क्षेत्र का विकास होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि प्रतापगढ़ में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोनेलाल पटेल के नाम से स्थापित हुआ जिसमें नर्सिंग कालेज की स्थापना की गयी है जिसमें जनपद के युवा  युवतियों को सुनहरा अवसरा मिला है।उन्होने कहा कि प्रतापगढ़ प्रगति की ओर अग्रसर होगा तो प्रदेश भी प्रगति की ओर अग्रसर होगा। उन्होने कहा कि चाहे लोक सेवा आयोग हो अथवा अधीनस्थ चयन सेवा आयोग, शिक्षा आयोग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतापगढ़ के युवक एवं युवतियों का नाम देखकर मुझे बड़ी प्रसन्नता होती है कि प्रतापगढ़ का युवा वर्ग सभी क्षेत्रों में नाम रोशन कर रहा है। उन्होने कहा कि 15 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन प्रदान किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश में 10 करोड़ लोगो को आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत लाभ दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि प्रदेश में 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को 5 लाख रूपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है। उज्ज्वला योजना अन्तर्गत फ्री गैस सिलेण्डर एवं 65 लाख परिवारो को आवास की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। उन्होने कहा कि पिछली सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया था, हमारी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कालेज एवं वन प्रोडक्ट दिया है।आज की अयोध्या प्रभु श्रीराम के समय का स्मरण कराती है। आज अयोध्या में चतुर्दिक रोड की कनेक्टिविटी है। महर्षि बाल्मीकि के नाम से इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित बी0पी0एस0सी0 परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली श्रद्धा पाण्डेय को आई पैड, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के लाभार्थी शिवम् यादव व मीनू कुमारी को स्वीकृति पत्र, मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थी हेमलता सरोज व रीना देवी को स्वीकृति पत्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत आर0एफ0/सी0आई0एफ व कैडर मानदेय से सम्बन्धित पूजा मिश्रा व रुक्मणी सिंह को रूपये 25.63 करोड़ का डेमो चेक एवं अन्य कई लाभार्थियों को लाभान्वित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में जनपद के प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, विधायक सदर राजेन्द्र कुमार मौर्य, विधायक विश्वनाथगंज जीत लाल पटेल, शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बेल्हा प्रेमलता सिंह, पूर्व मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह’, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, पूर्व मंत्री शिवकान्त ओझा, भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा दिनेश प्रताप सिंह, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक राजीव प्रताप सिंह ‘नन्दन’, भाजपा नेता राजा अनिल प्रताप सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन ज्योति नारायण, मण्डलायुक्त प्रयागराज सौम्या अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज परिक्षेत्र अजय कुमार मिश्रा, जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, मुख्य विकास अधिकारी डा0 राममोहन मीना, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) आदित्य प्रजापति सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, जनपद स्तरीय अधिकारीगण, मीडिया बन्धु, लाभार्थी व आम जनमानस उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182870/chief-minister-inaugurated-and-laid-the-foundation-stone-of-111</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:52:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीमा पर अविश्वास, बाज़ार में विश्वास — कितना उचित?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>  </strong><span lang="hi" xml:lang="hi">इतिहास गवाह है कि किसी राष्ट्र की दिशा केवल युद्धक्षेत्रों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि नीतिगत निर्णयों से भी तय होती है। भारत सरकार द्वारा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चार चीनी-लिंक्ड पावर उपकरण कंपनियों</span>  (<span lang="hi" xml:lang="hi">जिनकी भारत में विनिर्माण इकाइयाँ हैं) को</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बिजली क्षेत्र की महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">में दो वर्ष के लिए बोली लगाने की अनुमति ऐसा ही एक निर्णय है। इसे महज़ व्यापारिक उदारीकरण मानना भूल होगी। यह उस द्वंद्व का प्रतीक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ एक ओर आर्थिक विकास की आवश्यकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी ओर राष्ट्रीय सुरक्षा का अटल दायित्व। गलवान की रक्तरंजित स्मृतियाँ आज भी राष्ट्रीय चेतना</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182830/distrust-at-the-border-trust-in-the-market-%E2%80%93-how"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong> </strong><span lang="hi" xml:lang="hi">इतिहास गवाह है कि किसी राष्ट्र की दिशा केवल युद्धक्षेत्रों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि नीतिगत निर्णयों से भी तय होती है। भारत सरकार द्वारा</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चार चीनी-लिंक्ड पावर उपकरण कंपनियों</span> (<span lang="hi" xml:lang="hi">जिनकी भारत में विनिर्माण इकाइयाँ हैं) को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बिजली क्षेत्र की महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">में दो वर्ष के लिए बोली लगाने की अनुमति ऐसा ही एक निर्णय है। इसे महज़ व्यापारिक उदारीकरण मानना भूल होगी। यह उस द्वंद्व का प्रतीक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ एक ओर आर्थिक विकास की आवश्यकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी ओर राष्ट्रीय सुरक्षा का अटल दायित्व। गलवान की रक्तरंजित स्मृतियाँ आज भी राष्ट्रीय चेतना में अंकित हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पूर्ण डी-एस्केलेशन अभी बाकी है</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और दोनों देशों के बीच विश्वास अब भी अधूरा है। फिर भी आर्थिक आवश्यकताओं ने संवाद के द्वार फिर खटखटाए हैं। प्रश्न केवल चीनी कंपनियों की वापसी का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह है कि क्या भारत इसे अपने रणनीतिक हितों के अनुरूप नियंत्रित कर पाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या आर्थिक आवश्यकता धीरे-धीरे रणनीतिक निर्भरता में बदल जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर बड़े राष्ट्रीय निर्णय के पीछे आर्थिक यथार्थ की कठोर परत होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। भारत ऊर्जा संक्रमण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उच्च गति रेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्मार्ट सिटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरित अवसंरचना और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं के निर्णायक दौर में है। इनके लिए भारी निवेश के साथ</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्नत तकनीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तीव्र निष्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धी लागत आवश्यक है। वैश्विक स्तर पर कई चीनी कंपनियाँ कम समय और लागत में विशाल परियोजनाएँ पूरी करने में सक्षम हैं। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिमी कंपनियाँ अपेक्षाकृत महँगी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि भारतीय उद्योग अभी सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर नहीं हैं। ऐसे में सस्ता और सक्षम विकल्प आकर्षित करता है। किंतु इतिहास चेतावनी देता है कि आज का आर्थिक लाभ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि दूरदृष्टि न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कल रणनीतिक स्वतंत्रता पर बोझ बन सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यहीं आर्थिक आवश्यकता और राष्ट्रीय सुरक्षा का सबसे कठिन टकराव सामने आता है। सुरक्षा एजेंसियों की आशंकाएँ पूर्वाग्रह नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वैश्विक अनुभवों पर आधारित हैं। अनेक चीनी कंपनियों और उनकी सरकार के निकट संबंधों को लेकर कई देश चिंता जता चुके हैं। यदि ऐसी कंपनियों की पहुँच बिजली ग्रिड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूरसंचार नेटवर्क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बंदरगाह और डिजिटल अवसंरचना जैसे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तक होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो डेटा संग्रह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइबर निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संभावित बैकडोर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और लॉजिस्टिक नियंत्रण के जोखिम बढ़ जाते हैं। आज युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि डेटा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल नेटवर्क और महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं पर भी लड़े जाते हैं। ऐसे में प्रश्न यही है कि क्या औपचारिक सुरक्षा जाँच और कागजी मंजूरियाँ इन अदृश्य खतरों से देश की रक्षा कर पाएँगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या यही ढील भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा की सबसे महँगी कीमत बन जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विडंबना यह है कि जब विश्व आर्थिक संतुलन की नई दिशा तय कर रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब भारत एक अलग द्वंद्व से गुजर रहा है। आज विश्व </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">चीन प्लस वन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">रणनीति के तहत</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">में चीन पर निर्भरता घटाकर भारत जैसे देशों की ओर आशा से देख रहा है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का पुनर्गठन भारत के लिए ऐतिहासिक अवसर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किंतु इसी समय भारत चीनी कंपनियों के लिए नए आर्थिक द्वार खोल रहा है। यह हमारी दोहरी वास्तविकता को उजागर करता है। एक ओर आत्मनिर्भर भारत का संकल्प है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी ओर वैश्विक उत्पादन व्यवस्था की जटिलता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ पूर्ण आर्थिक पृथक्करण व्यवहारिक नहीं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि राष्ट्रीय हितों पर आधारित स्पष्ट शर्तों के बिना यह खुलापन तकनीकी निर्भरता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाहरी नियंत्रण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आर्थिक दबाव और ऋण-जाल जैसी चुनौतियाँ बढ़ा सकता है। इसलिए निवेश का स्वागत तभी उचित है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब वह भारत को सशक्त बनाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्भर नहीं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्ट है कि इस चुनौती का उत्तर न अतिवादी विरोध में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न बिना शर्त स्वीकार्यता में। भारत को विवेकपूर्ण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियंत्रित और राष्ट्रीय सुरक्षा-आधारित सहयोग की नीति अपनानी होगी। चीनी कंपनियों की भागीदारी केवल गैर-संवेदनशील क्षेत्रों तक सीमित रहे। प्रत्येक परियोजना में डेटा लोकलाइजेशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रौद्योगिकी हस्तांतरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थानीय सामग्री और भारतीय साझेदारी सुनिश्चित हो तथा हर चरण में कठोर साइबर सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। साथ ही घरेलू उद्योगों को अनुसंधान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवाचार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय सहयोग और तकनीकी प्रोत्साहन मिले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि दीर्घकाल में भारत बाहरी तकनीकी निर्भरता से मुक्त हो सके। यदि सस्ती परियोजनाओं के आकर्षण में इन सुरक्षा उपायों की अनदेखी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आज का आर्थिक लाभ कल की रणनीतिक कमजोरी बन सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस निर्णय की कूटनीतिक गूँज भी इसके आर्थिक प्रभावों जितनी दूरगामी है। लद्दाख में सैन्य और राजनयिक वार्ताएँ जारी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किंतु विश्वास की पुनर्स्थापना अब भी अधूरी है। ऐसे समय में चीनी कंपनियों की वापसी का संदेश केवल बीजिंग ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरा विश्व देख रहा है। इसे एक ओर संतुलित और नियंत्रित सहयोग की नीति माना जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी ओर यह आशंका भी है कि भारत अनजाने में अपने रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी को आर्थिक अवसर दे रहा है। परिपक्व कूटनीति का अर्थ स्थायी शत्रुता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि राष्ट्रीय हितों के अनुरूप संतुलित संवाद है। किंतु यह तभी सार्थक होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब उसकी नींव समानता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता और पारस्परिक उत्तरदायित्व पर टिकी हो। आर्थिक संबंध किसी भी स्थिति में ऐसी निर्भरता में न बदलें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो भविष्य में भारत की निर्णय-स्वतंत्रता को प्रभावित करे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वास्तविक कसौटी चीनी कंपनियों की वापसी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भारत की रणनीतिक दूरदृष्टि और नीति-परिपक्वता है। न भावनात्मक चीन-विरोध आर्थिक उन्नति का आधार बन सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न अल्पकालिक आर्थिक लाभ के लिए सुरक्षा संबंधी आशंकाओं की उपेक्षा की जा सकती है। भारत को ऐसा संतुलन स्थापित करना होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मनिर्भरता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैश्विक निवेश और राष्ट्रीय सुरक्षा साथ-साथ आगे बढ़ें। विवेकपूर्ण संतुलन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूरदर्शी नीति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अटूट सुरक्षा-सतर्कता और स्वदेशी क्षमता निर्माण ही सशक्त भारत की नींव हैं। यदि भारत यह संतुलन साध लेता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह सीमित छूट</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">केवल आर्थिक आवश्यकता का प्रतीक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस परिपक्व राष्ट्र की पहचान बनेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो वैश्विक अवसरों का स्वागत करते हुए अपनी संप्रभुता की रक्षा भी करता है। अंततः इतिहास सम्मान उन्हीं राष्ट्रों को देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो क्षणिक लाभ नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि दूरदृष्टि से अपना भविष्य गढ़ते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182830/distrust-at-the-border-trust-in-the-market-%E2%80%93-how</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 21:53:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बलिया में नगर निकायों की समीक्षा बैठक: लापरवाही पर डीएम सख्त, एमआरएफ सेंटर बंद मिलने पर एफआईआर के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बलिया।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के नगर निकायों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नगर निकायों में सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, पेयजल, जल निकासी तथा निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के सभी नालों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने और उसकी नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182767/dm-strict-on-negligence-in-review-meeting-of-municipal-bodies"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001042492.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बलिया।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के नगर निकायों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नगर निकायों में सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, पेयजल, जल निकासी तथा निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के सभी नालों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने और उसकी नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर स्थापित हैं, उनका नियमित संचालन होना चाहिए। यदि जांच में कोई एमआरएफ सेंटर बंद मिला तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। निर्माणाधीन एमआरएफ सेंटरों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर कूड़ा उठान और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही साफ किए गए नालों की फोटो उपलब्ध कराने और सत्यापन के लिए टीम गठित कर जांच कराने को कहा। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत नगरा और नगर पंचायत रतसर कला में कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अनावश्यक विलंब करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सीवरेज एवं जल निकासी से जुड़े पूर्ण कार्यों को तत्काल चालू कराने के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राज्य सेक्टर पेयजल व्यवस्था योजना की समीक्षा में भी डीएम ने असंतोष व्यक्त किया। जनपद में स्वीकृत 53 कार्यों में से केवल 11 पूरे होने तथा नगर पंचायत बेल्थरारोड में स्वीकृत 116 कार्यों में एक भी कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया।  शहरी क्षेत्रों में अंत्येष्टि स्थल निर्माण योजना के तहत नगर पंचायत रतसर कला में धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्य शुरू न होने पर भी जिलाधिकारी ने संबंधित ईओ से जवाब मांगा। वहीं, वंदन योजना की समीक्षा के दौरान भी प्रगति संतोषजनक न मिलने पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं का निरीक्षण वह स्वयं करेंगे और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182767/dm-strict-on-negligence-in-review-meeting-of-municipal-bodies</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:06:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरांव में नपं अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मिलकर सौंपा विकास का मांगपत्र </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रूद्रपुर, देवरिया।</strong> नगर पंचायत रुद्रपुर की अध्यक्ष सुधा निगम व उनके प्रतिनिधि वरिष्ठ भाजपा नेता क्षेत्रीय उपाध्यक्ष गोरखपुर छट्ठेलाल निगम ने नगर पंचायत के विकास हेतु विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बरांव में मुलाकात की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने योगी जी को गणेश प्रतिमा और नगर की प्रतीकात्मक चाभी भेंट की। मुख्यमंत्री बरांव चौराहे पर 456 करोड़ की विकास योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में आये थे। उन्होंने बथुआ रिवर फ्रंट के सुंदरीकरण हेतुजल शुद्धिकरण प्लांट लगाने, गोर्रा नदी के भुसउल पर लगे फाटक को खोलने, नगर पंचायत की सीमा के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मार्गो के चौड़ीकरण एवं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182553/in-baraon-npp-president-met-the-chief-minister-and-handed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1000718712.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रूद्रपुर, देवरिया।</strong> नगर पंचायत रुद्रपुर की अध्यक्ष सुधा निगम व उनके प्रतिनिधि वरिष्ठ भाजपा नेता क्षेत्रीय उपाध्यक्ष गोरखपुर छट्ठेलाल निगम ने नगर पंचायत के विकास हेतु विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बरांव में मुलाकात की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने योगी जी को गणेश प्रतिमा और नगर की प्रतीकात्मक चाभी भेंट की। मुख्यमंत्री बरांव चौराहे पर 456 करोड़ की विकास योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में आये थे। उन्होंने बथुआ रिवर फ्रंट के सुंदरीकरण हेतुजल शुद्धिकरण प्लांट लगाने, गोर्रा नदी के भुसउल पर लगे फाटक को खोलने, नगर पंचायत की सीमा के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मार्गो के चौड़ीकरण एवं डिवाइडर लगाने, दुग्धेश्वर नाथ मंदिर के सुंदरीकरण तथा कॉरिडोर बनाने व नगर पंचायत के आसपास स्थित राजस्व गांव को शामिल कर सीमा विस्तार करने व नगर पालिका का दर्जा दिलाने की पुरजोर मांग रखी। मांग पत्र में बताया गया कि भुसावल के पास फाटक लगाकर गोरा नदी के जल को रोक दिया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे बथुआ व मझने नदी में जल प्रवाह कम है यदि उसे खोल दिया जाए तो दोनों नदियों में जल प्रवाह होगा और नदियां भी स्वच्छ बनी रहेगी। अध्यक्ष ने बताया कि नगर का नल का पानी बथुआ नदी में गिरता है जिससे नदी प्रदूषित हो जाती है और छठ के अवसर पर महिलाओं को दिक्कत होती है। वहां जल शुद्धिकरण प्लांट लगाने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त नदी में डैम बनाकर बोटिंग की व्यवस्था भी हो सकती है जो पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:48:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में बाबर नहीं अब रामराज चलेगा-योगी आदित्यनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापारी कल्याण दिवस</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">पर </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi">  करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद अब कर्फ्यू से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में जाना जाता है. सीएम योगी ने सपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में बाबर का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राम राज चलेगा.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद में दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ एवं </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi">  करोड़ से रुपए अधिक लागत की</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182324/now-ramraj-will-run-in-up-not-babar-yogi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/image003.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापारी कल्याण दिवस</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">पर </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद अब कर्फ्यू से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में जाना जाता है. सीएम योगी ने सपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में बाबर का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राम राज चलेगा.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद में दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ एवं </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ से रुपए अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि नौ साल पहले मुरादाबाद की पहचान कर्फ्यू और गंदगी से होती थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आज का मुरादाबाद अपनी पहचान बदल चुका है. इसके साथ उन्होंने सपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस और बसपा पर हमला बोला और साफ कहा कि यूपी में बाबर का राज नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राम राज चलेगा.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सीएम योगी ने कहा कि आज का मुरादाबाद यहां के युवाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापार और एक ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में जाना जाता है.नौ साल पहले के मुरादाबाद और आज के मुरादाबाद में जमीन-आसमान का अंतर है. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद के पास अपना विश्वविद्यालय है. मुरादाबाद यहां की युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभाओं के लिए जाना जा रहा है. किसानों की नवाचार के लिए अपनी पहचान बना रहा है. अब यहां की सड़कें चौड़ी हैं.</span></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रोथ इंजन के रूप में जाना जा रहा है यूपी</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि यह तब संभव हो पा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब आपने अच्छे लोग चुने हैं. आज विकास हो रहा है. गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है. जो योजनाएं हमारी संज्ञान में आती हैं. उस पर कार्यवाही होती है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि </span>2017<span lang="hi" xml:lang="hi"> से पहले कहां तात्कालीन मुख्यमंत्री के पास इतनी फुर्सत थी. जनता-जनार्दन का हालचाल लेने की फुर्सत कहां थी. उसी में जो भूले भटके मिल गये. जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा कहां जाता था. इस पैसे में कैसे डकैती होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनमाना खर्च होता था. सीएम योगी ने कहा कि पहले नौजवानों के पास नौकरी नहीं थी. यह हाल था कि ‘देख सपाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिटिया घबराई’ का माहौल चलता था. बेटी और व्यापारी मजबूर थे. शासन का कोई विजन नहीं था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब उत्तर प्रदेश देश के ग्रोथ इंजन के रूप में जाना जा रहा है.</span></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">यूपी में अब चलेगा रामराज</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि कांग्रेस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा (</span>SP) <span lang="hi" xml:lang="hi">और बसपा (</span>BSP) <span lang="hi" xml:lang="hi">के पास कोई विजन नहीं है. उनके लिए विजन का मतलब सिर्फ उनका परिवार है. यूपी में दंगे नहीं होते हैं. यूपी में बाबर का राज नहीं चलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब राम राज चलेगा.पिछली सरकारों की सोच कब्रिस्तान की सोच थी. अब यूपी में सब चंगा (बढ़िया) है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि जो भी उद्ममी या व्यापारी जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराता है. तो सरकार </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख का बीमा कवर भी दिया जाता है. उन्होंने कहा कि व्यापारियों की शक्ति प्रदेश की प्रगति का आधार है. परिवर्तन लाने के लिए पीएम मोदी के विजन को जमीन पर उतारा जा रहा है.</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 23:48:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div>  सर्किट हाउस के सभागार में विकास कार्यों,  कानून व्यवस्था की समीक्षा में लम्बित प्रकरणों की विवेचना समय से किए जाने  गम्भीर वादों के निस्तारण में प्रभावी कार्रवाई , 112 के लिए जो रिस्पांश समय निर्धारित है, उसमें पहुंचने मादक पदार्थों की बिक्री करने वाले एवं प्रयोग करने वालो के विरूद्ध अभियान  सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालो के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीनों को अवैध कब्जा से मुक्त कराने  का कड़ा निर्देश मंत्री नन्द गोपाल नंदी ने दिया है।</div>
<div>  </div>
<div>  अवैध खनन के खिलाफ प्रवर्तन की कार्रवाई  किए जाने का   गुण्डा एक्ट, गैगेस्टर</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>  </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>विद्युत</div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182291/review-meeting-of-development-works-and-law-and-order"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260629-wa0099.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div> सर्किट हाउस के सभागार में विकास कार्यों,  कानून व्यवस्था की समीक्षा में लम्बित प्रकरणों की विवेचना समय से किए जाने  गम्भीर वादों के निस्तारण में प्रभावी कार्रवाई , 112 के लिए जो रिस्पांश समय निर्धारित है, उसमें पहुंचने मादक पदार्थों की बिक्री करने वाले एवं प्रयोग करने वालो के विरूद्ध अभियान  सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालो के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीनों को अवैध कब्जा से मुक्त कराने  का कड़ा निर्देश मंत्री नन्द गोपाल नंदी ने दिया है।</div>
<div> </div>
<div> अवैध खनन के खिलाफ प्रवर्तन की कार्रवाई  किए जाने का   गुण्डा एक्ट, गैगेस्टर एक्ट, पास्को एक्ट से सम्बंधित लम्बित विवेचनाओं को शीघ्रता से किए जाने के </div>
<div> जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किए जाने के लिए  निर्देशित किया। </div>
<div> </div>
<div>  </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>विद्युत बिल सुधार हेतु लम्बित आवेदन पत्रों का समय से निस्तारण सुनिश्चित करने के उन्होंने जर्जर खम्भों को तत्काल बदलने तथा निर्धारित समय के अनुसार विद्युत सप्लाई सुनिश्चित करने।  पीएम किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए उप निदेशक कृषि को लम्बित आवेदन पत्रों को समय से निस्तारित किए जाने का निर्देश दिया है।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>  निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में अनिवार्य रूप से पूर्ण कराये जाने मैटेरियल की जांच भी समय-समय पर करने कहीं पर भी एक्सपायरी दवा न रहे। फैमिली आईडी बनाने के कार्य को लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत पूर्ण कराये जाने के लिए कहा है।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182291/review-meeting-of-development-works-and-law-and-order</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 21:50:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन महोत्सव : हरियाली का महापर्व, प्रकृति संरक्षण का राष्ट्रीय संकल्प और देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला</title>
                                    <description><![CDATA[<div>भारत की संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। हमारे ऋषि-मुनियों ने वृक्षों को केवल जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि देवतुल्य स्थान भी दिया है। पीपल, बरगद, नीम, तुलसी और आंवले जैसे वृक्षों की पूजा की परंपरा इस बात का प्रमाण है कि भारतीय समाज सदियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता आया है। आधुनिक समय में बढ़ते औद्योगीकरण, शहरीकरण और अनियंत्रित विकास ने वनों के अस्तित्व को गंभीर चुनौती दी है। यही कारण है कि देश में प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई से 7 जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जाता है। यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182280/van-mahotsav-is-a-great-festival-of-greenery-a-national"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas24.jpg" alt=""></a><br /><div>भारत की संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। हमारे ऋषि-मुनियों ने वृक्षों को केवल जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि देवतुल्य स्थान भी दिया है। पीपल, बरगद, नीम, तुलसी और आंवले जैसे वृक्षों की पूजा की परंपरा इस बात का प्रमाण है कि भारतीय समाज सदियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता आया है। आधुनिक समय में बढ़ते औद्योगीकरण, शहरीकरण और अनियंत्रित विकास ने वनों के अस्तित्व को गंभीर चुनौती दी है। यही कारण है कि देश में प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई से 7 जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जाता है। यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का उत्सव है। इसका उद्देश्य लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना, वनों के महत्व को समझाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण का निर्माण करना है।</div>
<div>वन महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1950 में तत्कालीन केंद्रीय कृषि एवं खाद्य मंत्री डॉ. कन्हैयालाल माणिकलाल के. एम.मुंशी ने की थी। उनका मानना था कि यदि भारत को प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध बनाना है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है, तो जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना होगा। तभी से यह अभियान पूरे देश में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। आज स्कूलों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और ग्राम पंचायतों से लेकर शहरों तक लाखों लोग इस अभियान में भाग लेकर पौधे लगाते हैं और उनके संरक्षण का संकल्प लेते हैं।</div>
<div>वन केवल पेड़ों का समूह नहीं होते, बल्कि पृथ्वी पर जीवन के सबसे बड़े आधार हैं। यदि वन न हों तो मानव सभ्यता का अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा। वन हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जिसे हम प्रत्येक क्षण सांस के रूप में ग्रहण करते हैं। यही वन वातावरण में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करके जलवायु परिवर्तन की गति को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बढ़ते वैश्विक तापमान, हीट वेव और असामान्य मौसम की घटनाओं के बीच वन पृथ्वी के प्राकृतिक वातानुकूलक के रूप में कार्य करते हैं। वे वर्षा चक्र को संतुलित रखते हैं, मिट्टी की नमी बनाए रखते हैं और नदियों, तालाबों तथा भूजल स्रोतों को जीवित रखने में सहायता करते हैं।</div>
<div>वनों का आर्थिक महत्व भी अत्यंत व्यापक है। देश की करोड़ों आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से वनों पर निर्भर है। लकड़ी, औषधीय पौधे, फल, गोंद, शहद, लाख, बांस तथा अनेक वन उत्पाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। भारत की आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली में प्रयुक्त अधिकांश जड़ी-बूटियां वनों से ही प्राप्त होती हैं। वन पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। वन अनेक वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास हैं। यदि वन नष्ट होंगे तो जैव विविधता भी समाप्त होने लगेगी और अनेक दुर्लभ जीव-जन्तियां हमेशा के लिए विलुप्त हो जाएंगी।</div>
<div>लेकिन दुर्भाग्य से विकास की अंधी दौड़ में वनों की लगातार कटाई हो रही है। सड़क निर्माण, औद्योगिक परियोजनाएं, खनन, अवैध लकड़ी कटाई और अनियोजित शहरी विस्तार के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में वृक्ष समाप्त हो रहे हैं। इसका दुष्परिणाम आज पूरी दुनिया भुगत रही है। तापमान लगातार बढ़ रहा है, वर्षा का स्वरूप बदल रहा है, बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाएं अधिक विनाशकारी होती जा रही हैं। मिट्टी का कटाव बढ़ने से कृषि भूमि की उर्वरता कम हो रही है। भूजल स्तर नीचे जा रहा है और अनेक क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। वनों के नष्ट होने से वन्यजीव मानव बस्तियों की ओर आने को विवश हो रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष भी बढ़ रहा है।</div>
<div>वनों की कमी का सबसे बड़ा प्रभाव पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ता है। यदि वृक्ष कम होंगे तो वायु में प्रदूषण बढ़ेगा, ऑक्सीजन का स्तर घटेगा और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जाएगी। इससे जलवायु परिवर्तन और अधिक गंभीर होगा। आज महानगरों में बढ़ता प्रदूषण, असहनीय गर्मी और स्वच्छ हवा का संकट इस बात का स्पष्ट संकेत है कि हमने प्रकृति के साथ संतुलन खो दिया है। इसलिए वन महोत्सव केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ टूटते संबंधों को फिर से जोड़ने का प्रयास है।</div>
<div>वन महोत्सव मनाने का सबसे बड़ा उद्देश्य लोगों में यह भावना विकसित करना है कि केवल एक दिन पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। जब तक पौधा एक मजबूत वृक्ष नहीं बन जाता, तब तक उसकी सुरक्षा, सिंचाई और संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। यदि लगाए गए पौधे जीवित नहीं रहेंगे तो वृक्षारोपण अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। इसी सोच के साथ अब विभिन्न राज्यों में जियो टैगिंग, निगरानी और जनभागीदारी पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि लगाए गए पौधों की वास्तविक प्रगति सुनिश्चित की जा सके।</div>
<div>हाल के वर्षों में "एक पेड़ मां के नाम" जैसे अभियान ने वन महोत्सव को एक भावनात्मक स्वरूप भी दिया है। जब कोई व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में पौधा लगाता है, तो वह केवल पर्यावरण की सेवा नहीं करता, बल्कि उस पौधे से जीवनभर का भावनात्मक रिश्ता भी जोड़ लेता है। इसी प्रकार कई राज्य सरकारें मुफ्त पौधों का वितरण, वृक्ष रथ, हरित अभियान और जनसहभागिता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ रही हैं। दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किया गया "ट्री ऑन व्हील" अभियान इसी दिशा में एक अभिनव पहल है, जिसके माध्यम से पौधे लोगों के घरों तक पहुंचाए जा रहे हैं ताकि वृक्षारोपण को और अधिक सरल तथा व्यापक बनाया जा सके।</div>
<div>पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से वन महोत्सव अत्यंत अनुकूल और आवश्यक अभियान है। यह लोगों को केवल पौधे लगाने के लिए प्रेरित नहीं करता, बल्कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है। एक विकसित राष्ट्र वही होता है जो आर्थिक प्रगति के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का भी संरक्षण करे। यदि विकास के नाम पर केवल कंक्रीट के जंगल खड़े किए जाएंगे और प्राकृतिक जंगल समाप्त कर दिए जाएंगे, तो भविष्य में मानव जीवन स्वयं संकट में पड़ जाएगा। इसलिए विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।</div>
<div>आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, तब वन महोत्सव जैसे अभियान पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। यदि देश का प्रत्येक नागरिक हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखे, तो करोड़ों नए वृक्ष देश की हरियाली को कई गुना बढ़ा सकते हैं। इससे स्वच्छ हवा, पर्याप्त वर्षा, जैव विविधता का संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।</div>
<div>अंततः, वन महोत्सव केवल एक सप्ताह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनभर निभाए जाने वाला संकल्प है। यह हमें याद दिलाता है कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव सभ्यता का संरक्षण है। यदि हम आज वृक्षों को बचाएंगे और नए वृक्ष लगाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु, निर्मल जल, संतुलित जलवायु और समृद्ध प्राकृतिक धरोहर मिल सकेगी। इसलिए आइए, वन महोत्सव को केवल उत्सव न मानकर जनआंदोलन बनाएं और एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लें, जहां हरियाली ही समृद्धि, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की पहचान बने।</div>
<div>           *कांतिलाल मांडोत*</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 15:50:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पचदेवरा के प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार का हुआ भूमिपूजन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
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<div style="text-align:justify;">पचदेवरा स्थित प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत 1 करोड़ 80 लाख रुपये की परियोजना का शनिवार को विधि-विधान के साथ भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद प्रवीण पटेल ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।</div>
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<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सांसद प्रवीण पटेल ने कहा कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। पचदेवरा का यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद मंदिर का स्वरूप और</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182278/bhoomipujan-for-the-renovation-of-the-ancient-temple-of-pachdevra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260627-wa01141.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पचदेवरा स्थित प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत 1 करोड़ 80 लाख रुपये की परियोजना का शनिवार को विधि-विधान के साथ भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद प्रवीण पटेल ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सांसद प्रवीण पटेल ने कहा कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। पचदेवरा का यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद मंदिर का स्वरूप और अधिक भव्य एवं आकर्षक होगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृत धनराशि से मंदिर के जीर्णोद्धार, परिसर के सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, मार्ग एवं अन्य आवश्यक विकास कार्य कराए जाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भूमिपूजन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पर्यटन विभाग के अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन, ग्राम प्रधान, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में मंदिर परिसर में सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र के विकास की कामना के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। स्थानीय लोगों ने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सरकार एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल बताया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 15:37:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी की 12 वर्षों की सत्ता और आम आदमी: वादे, बदलाव और ज़मीनी हकीकत</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा बढ़ाया। उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण शौचालय कवरेज को तेज़ी से बढ़ाया। आयुष्मान भारत योजना ने 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा गरीब परिवारों तक पहुंचाया। जनधन खातों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ाया और कोविड काल में डीबीटी से करोड़ों लोगों को सीधी मदद मिली। </p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका मतलब यह हुआ कि सरकारी लाभ के लिए बिचौलियों पर निर्भरता घटी। बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ा, जिससे UPI आज छोटे दुकानदार से लेकर ठेले वाले तक इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p><br />                हम बात करें इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल भारत की तो इसमें भी प्रगति हुई है और कई सुधार अभी भी बाकी हैं। सड़क, रेल, हवाई अड्डे और एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेज़ी आई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, अटल टनल, और नए वंदे भारत ट्रेनें आम यात्रियों के सफर को तेज़ और सुरक्षित बनाने की कोशिश हैं। डिजिटल इंडिया के तहत इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच गांवों तक बढ़ी। इससे शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं मोबाइल पर आ गईं।</p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका फायदा समय की बचत और लागत में कमी के रूप में दिखा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी इंटरनेट की गुणवत्ता और बिजली की आपूर्ति असमान बनी हुई है। हालांकि कर और अर्थव्यवस्था में बदलाव तो हुआ है लेकिन महंगाई के कारण अभी उतनी राहत महसूस नहीं हुई है । GST लागू होने से अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एकजुट हुई। छोटे व्यापारियों के लिए शुरू में जटिलता बढ़ी, लेकिन धीरे-धीरे फाइलिंग आसान हुई। नोटबंदी 2016 का मकसद काला धन और नकली नोट पर चोट था, लेकिन इसका तत्काल असर छोटे कारोबार और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा। महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश की रफ्तार आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता बनी रही। कोरोना के बाद रिकवरी तेज़ रही, लेकिन असंगठित क्षेत्र में रोज़गार और आय अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है।</p>
<p><br /> राजनीतिक संवाद और छवि की बात की जाये तो इसमें मोदी सरकार का कोई जोड़ नहीं है। मोदी की सरकार ने सीधे संवाद पर ज़ोर दिया। मन की बात, सोशल मीडिया और रैलियों के ज़रिए प्रधानमंत्री खुद जनता से जुड़े रहे। “सबका साथ, सबका विकास” का नारा केंद्र में रहा। विरोधियों का आरोप रहा कि आलोचना को जगह कम मिली और मीडिया पर नियंत्रण बढ़ा। आम आदमी के लिए इसका असर यह हुआ कि सरकार की योजनाओं की जानकारी तेज़ी से पहुंची, लेकिन विपरीत राय और स्थानीय समस्याएं कई बार राष्ट्रीय बहस में जगह नहीं बना पाईं।</p>
<p><br /> अलग हम इसकी ज़मीनी हकीकत जानें और यह पता करें कि क्या बदला? तो 12 साल में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार सीधे नागरिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहले जहां फाइलों और दफ्तरों में काम अटकता था, अब ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स से काम होता है। गरीबों के लिए रसोई गैस, शौचालय, बिजली और बैंक खाता पहले से ज्यादा सुलभ हुए हैं। दूसरी तरफ, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय और शिक्षा-स्वास्थ्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दे अभी भी चुनौती हैं। मध्यम वर्ग टैक्स और जीवनयापन की लागत को लेकर दबाव महसूस करता है। ग्रामीण भारत में कृषि पर निर्भरता और मौसम की मार अब भी जीवन को अनिश्चित रखती है।</p>
<p>मोदी की 12 साल की सत्ता ने आम आदमी की ज़िंदगी में बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल पहुंच के मामले में ठोस बदलाव लाए हैं। योजनाओं का लाभ पहले से ज्यादा पारदर्शी हुआ है। लेकिन रोज़गार, महंगाई और असमानता जैसे संरचनात्मक मुद्दे बने हुए हैं। आम आदमी के लिए यह कार्यकाल सुविधाओं में बढ़ोतरी और आर्थिक दबाव दोनों का मिश्रण रहा है। 2026 की सियासत इस बात पर टिकी होगी कि क्या सरकार इन बदलावों को स्थायी रोज़गार और आय में बदल पाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:41:57 +0530</pubDate>
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