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                <title>manish sisodia - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>अरविंद केजरीवाल ने किया जस्टिस स्वर्णकांता के कोर्ट का बहिष्कार, कहा- न्याय की उम्मीद नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को पत्र लिखकर बताया कि उनके कोर्ट के समक्ष वो खुद या वकील के जरिए पेश नहीं होंगे। मेरी जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है, इसलिए मैंने गांधीजी के सत्याग्रह पर चलने का फैसला लिया है।आप नेता ने कहा, “मैंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर लिया है।” साथ ही उन्होंने कानूनी विकल्प भी खुला रखा। पत्र में उन्होंने जोड़ा, “मैं जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार सुरक्षित रखता हूं।”</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह घटनाक्रम उन दिनों बाद आया है जब जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने खुद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177435/arvind-kejriwal-boycotted-justice-swarnakantas-court-and-said-there"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/justice-swarana-kanta-arvind-kejriwal-2026-04-daca29956d6964f435922dd3db6b6bc3-1200x900.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को पत्र लिखकर बताया कि उनके कोर्ट के समक्ष वो खुद या वकील के जरिए पेश नहीं होंगे। मेरी जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है, इसलिए मैंने गांधीजी के सत्याग्रह पर चलने का फैसला लिया है।आप नेता ने कहा, “मैंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर लिया है।” साथ ही उन्होंने कानूनी विकल्प भी खुला रखा। पत्र में उन्होंने जोड़ा, “मैं जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार सुरक्षित रखता हूं।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह घटनाक्रम उन दिनों बाद आया है जब जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने खुद को मामले से हटाने (रिक्यूज) से इनकार कर दिया। केजरीवाल ने पूर्व में पक्षपात और हितों के टकराव का आरोप लगाते हुए रिक्यूजल की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में न्यायिक स्वतंत्रता के सिद्धांत पर जोर दिया और निष्पक्षता पर उठाए गए सवालों को अस्वीकार किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केजरीवाल का पत्र और संदेशपत्र में केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि वे जज के न्याय देने की क्षमता पर भरोसा खो चुके हैं। उन्होंने गांधीजी के अहिंसक विरोध के रास्ते को अपनाने का फैसला लिया है। इस कदम ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी घोटाले से जुड़े मामले में उनकी कानूनी लड़ाई को नया मोड़ दे दिया है।इससे पहले हुई सुनवाई पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने दिल्ली आबकारी नीति मामले से रिक्यूज करने यानी खुद को अलग करने से इनकार कर दिया था। उनके रिक्यूजल को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस शर्मा ने कहा, 'मैं इस केस से रिक्यूज़ नहीं करूंगी। मैं इस केस की सुनवाई करूंगी।' इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा अन्य आरोपियों की याचिका खारिज कर दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फरवरी 2026 में ट्रायल कोर्ट ने शराब नीति मामले में केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कविता और अन्य 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट ने सीबीआई की जांच की भी कड़ी आलोचना की थी। सीबीआई ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इस अपील की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा कर रही हैं। केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक और अन्य ने भी रिक्यूजल की याचिका दायर की थी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:38:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> आतिशी होंगी दिल्ली की मुख्यमंत्री </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
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<div>आज के लेख का आरंभ मैं दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के.सक्सेना की उस घोषणा का स्वागत करते हुए करूंगा जिसमें उन्होंने कहा कि दिल्ली के शहरीकृत गांवों में खेती जमीनों के लिए उत्तराधिकार पैतृक आधार पर दर्ज किया जाएगा। दिल्ली देहात के लोगों ने उपराज्यपाल के इस कदम पर खुशी जाहिर की है। दिल्ली के शहरीकृत ग्रामीण इलाकों में लोग लंबे समय से इसकी मांग उठा रहे थे। उधर केजरीवाल के इस्तीफे के बाद दिल्ली में सतारूढ आम आदमी पार्टी के विधायक दल ने दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी को नेता चुना और उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री का ताज पहनाया।</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144911/je-is-installing-illegal-electricity-meters-in-sealed-buildings-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/आतिशी-होंगी-दिल्ली-की-मुख्यमंत्री.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
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<div class="a3s aiL">
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<div>आज के लेख का आरंभ मैं दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के.सक्सेना की उस घोषणा का स्वागत करते हुए करूंगा जिसमें उन्होंने कहा कि दिल्ली के शहरीकृत गांवों में खेती जमीनों के लिए उत्तराधिकार पैतृक आधार पर दर्ज किया जाएगा। दिल्ली देहात के लोगों ने उपराज्यपाल के इस कदम पर खुशी जाहिर की है। दिल्ली के शहरीकृत ग्रामीण इलाकों में लोग लंबे समय से इसकी मांग उठा रहे थे। उधर केजरीवाल के इस्तीफे के बाद दिल्ली में सतारूढ आम आदमी पार्टी के विधायक दल ने दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी को नेता चुना और उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री का ताज पहनाया। आखिर ऐसी क्या मजबूरी आ पड़ी थी कि केजरीवाल को यह कदम उठाना पड़ा।</div>
<div> </div>
<div>इसमें कोई शक नही है केजरीवाल राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने अपने इस एक तीर से कई निशाने साधे हैं। केजरीवाल को अच्छे से दिख रहा था कि उनकी राजनीतिक जमीन खिसक रही है और उसका मुख्य कारण उनका जेल जाना या शराब घोटाले का इल्जाम उन पर लगना नही है। केजरीवाल को अच्छे से पता था कि शीशमहल यानि पिछले दिनों उछला मुख्यमंत्री आवास की शानो शौकत का मुद्दा उनके गले की हड्डी बनता जा रहा है। वो समर्थकों की नजरों में अब आम आदमी से आम राजनेता बनते जा रहें हैं। दूसरा जेल जा पद से इस्तीफा ना देने से उनकी छवि कुर्सी से चिपके रहने वाले नेता कि बन गई थी पर अब एक ही झटके में उन्होंने इन दोनो मुद्दों से छुटकारा पा लोगों के बीच यह संदेश देने की कोशिश की है</div>
<div> </div>
<div>कि पद का लालच उन्हें नही है बस वो तो केन्द्र सरकार की जोर जबरदस्ती से फंसा कर विपक्षी मुख्यमंत्री से इस्तीफा लेने की नीति के खिलाफ डटकर खड़े रहे और इस्तीफा नही दिया। अब इस्तीफा दिया तो अपनी मर्जी से दिया और तब दिया जब इस्तीफा देने का कोई दबाव उन पर नही था। इसके अलावा विपक्षी दल सुनीता केजरीवाल को उनका उत्तराधिकारी पेश कर उसकी छवि खराब कर रहे थे, इस कदम ने उस दाग को भी धो दिया है। हरियाणा चुनावों में उन्हें इसका फायदा मिले या ना मिले परन्तु दिल्ली के आगामी चुनावों में उन्हें इसका फायदा आवश्य मिलेगा।</div>
<div> </div>
<div>केजरीवाल की जेल यात्रा के  दौरान जो चेहरा आप से उभरा वो आतिशी का था। निसंदेह पिछले दिनों केजरीवाल और मनीष सिसौदिया की अनुपस्थित के दौरान आतिशी ने पार्टी से जुड़े मसलों को संभालने के मामले में अपना लोहा मनवाया है। अरविंद और सिसोदिया के निर्देशों को आतिशी ही विधायकों और पार्षदों तक पहुंचा रही थी। इसके अलावा आतिशी पार्टी में महिला चेहरा भी है। वैसी भी विधानसभा चुनाव होने में कुछ महीने ही बाकि हैं। ऐसे में पार्टी भी बहुत ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहती होगी। आतिशी को चुनने का एक कारण यह भी है कि वो अभी दिल्ली सरकार में सबसे ज्यादा विभागों को संभाल रही थी। आतिशी के पास दिल्ली सरकार में फिलहाल 14 विभागों की जिम्मेदारी है।</div>
<div> </div>
<div>जिसमें वित्त, शिक्षा और बिजली जैसे बड़े विभाग भी शामिल हैं। दिल्ली की होने वाले नए मुख्यमंत्री का पूरा नाम आतिशी मार्लेना सिंह है। इनके माता-पिता कार्ल मार्क्स और लेनिन से बहुत अधिक प्रभावित थे। जिस कारण इन दोनो नामों को जोड़कर मार्लेना सरनेम उन्हें दिया गया था। हालांकि 2019 चुनाव के दौरान आतिशी ने अपना ये सरनेम हर जगह से हटा लिया था।आतिशी का जन्म और पालन-पोषण दिल्ली में हुआ, जहां उन्होंने स्प्रिंगडेल्स स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की, 2001 में उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। जहाँ उन्होंने शेवनिंग छात्रवृत्ति प्राप्त की और 2003 में इतिहास में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की।</div>
<div> </div>
<div>रोड्स स्कॉलर के रूप में उन्होंने 2005 में ऑक्सफ़ोर्ड के मैग्डलेन कॉलेज में पढ़ाई की। अतिशी का नाम दिल्ली मुख्यमंत्री की दौड में तब अधिक चर्चा में आया जब इस साल केजरीवाल जेल में थे और राज्य सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में झंडा फहराने की जिम्मेदारी उन्होंने आतिशी को दी थी। हालांकि उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली सरकार में मंत्री कैलाश गहलौत को झंडा फहराने के लिए नामित किया। आतिशी सिसोदिया की सलाहकार के रूप में भी काम करती रही हैं। दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में आम आदमी पार्टी जो अच्छे काम करने के दावे करती है उसमें आतिशी की भूमिका अहम बताई जाती है। आतिशी की शादी प्रवीण सिंह से हुई है।</div>
<div> </div>
<div>प्रवीण सिंह आईआईटी दिल्ली और आईआईएम अहमदाबाद से पढ़ाई कर चुके हैं। दोनों ने 2007 में एक संस्था बनाई। इसके तहत शिक्षा के क्षेत्र में दोनों ने काम किया। आतिशी तब भोपाल में थी। यहीं उनकी मुलाक़ात प्रशांत भूषण से हुई थी, जिसके बाद आतिशी के आम आदमी पार्टी में आने का रास्ता खुला था। पार्टी द्वारा सी.एम चुने जाने के बाद आतिशी ने केजरीवाल और पार्टी को धन्यवाद देते हुए कहा कि शायद किसी और पार्टी में होती तो चुनाव का टिकट भी ना मिलता, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने मुझे विधायक बनाया, मंत्री बनाया और आज मुख्यमंत्री बनने की ज़िम्मेदारी दी है।</div>
<div> </div>
<div>मैं खुश हूं कि अरविंद केजरीवाल ने मुझ पर इतना भरोसा किया है, मैं जितनी खॅश हूँ उससे कहीं ज्यादा दुखी हूं क्योंकि आज अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा दिया है। दिल्ली का एक ही मुख्यमंत्री है और उसका नाम अरविंद केजरीवाल है। आतिशी तीसरी महिला होंगी जो दिल्ली की कमान संभालेंगी, इन से पहले सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। केजरीवाल ने यह दाव चल कर अपने ऊपर लगे हर दाग को धोने की कोशिश की है परन्तु यह तो दिल्ली में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव में ही पता चलेगा की जनता अब केजरीवाल पर कितना भरोसा करती है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"><strong>(नीरज शर्मा'भरथल')</strong></div>
</div>
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</div>
<div class="ajx"> </div>
</div>
<div class="gA gt acV">
<div class="gB xu">
<div class="ip iq">
<div></div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Sep 2024 17:17:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में अब 'आतिशी सरकार' का क्या है बीजेपी के पास तोड़ </title>
                                    <description><![CDATA[<div>आखिरकार आम आदमी पार्टी ने अपने कहने के मुताबिक दिल्ली को एक नया मुख्यमंत्री दे ही दिया और वह हैं आतिशी। अरविंद केजरीवाल और उनके बड़े नेताओं के नाम शराब घोटाले में आने के कारण आम आदमी पार्टी ने एक ऐसी मुख्यमंत्री दिल्ली को दी है जो कि हाईली क्वालीफाइड हैं और शिक्षक भी रह चुकीं हैं। आतिशी ने कई एनजीओ के साथ भी कार्य किया है। और जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, और सतेंद्र जैन के नाम घोटालों में आ गए और अरविंद केजरीवाल को जमानत तो मिल गई लेकिन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144886/now-what-does-atishi-government-have-in-delhi-bjp-has"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/1a2beb80-74c5-11ef-a40c-b1a35e8138c3.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><div>आखिरकार आम आदमी पार्टी ने अपने कहने के मुताबिक दिल्ली को एक नया मुख्यमंत्री दे ही दिया और वह हैं आतिशी। अरविंद केजरीवाल और उनके बड़े नेताओं के नाम शराब घोटाले में आने के कारण आम आदमी पार्टी ने एक ऐसी मुख्यमंत्री दिल्ली को दी है जो कि हाईली क्वालीफाइड हैं और शिक्षक भी रह चुकीं हैं। आतिशी ने कई एनजीओ के साथ भी कार्य किया है। और जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, और सतेंद्र जैन के नाम घोटालों में आ गए और अरविंद केजरीवाल को जमानत तो मिल गई लेकिन इस शर्त पर मिली कि वह बिना एलजी की परमीशन के किसी भी कागज़ पर मुख्यमंत्री की हैसियत से काम नहीं कर सकेंगे। अब ऐसे में अरविंद केजरीवाल के पास सिर्फ एक ही विकल्प बचा था कि वो इस्तीफा दें और कोई नया मुख्यमंत्री तय करें। लोगों को उम्मीद थी कि केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल के नाम का प्रस्ताव रखेंगे और विपक्ष को बोलने का मौका दे देंगे। </div>
<div> </div>
<div>लेकिन ऐसा नहीं हुआ केजरीवाल एक मंझे हुए राजनैतिक खिला़ड़ी बन चुके हैं और कब कैसी चाल चलना है उन्हें अच्छी तरह से पता है। आतिशी के मुख्यमंत्री बनने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी जो आरोप लगाती थी फिलहाल उस पर विराम लगेगा। लेकिन यदि सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाया जाता तो एक तो परिवार वाद और दूसरा राजनीति का ज्ञान न होने का आरोप आम आदमी पार्टी पर मढ़ दिया जाता। जैसे ही अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा की घोषणा की थी तभी एक विचारक थे जिनका एक समाचार पत्र में लेख आया कि अब दिल्ली को राबड़ी देवी। कम से कम अब इन इन आरोपों से आम आदमी पार्टी दूर रहेगी।</div>
<div> </div>
<div>देखा जाए तो आतिशी शुरुआती समय से ही आम आदमी पार्टी में काम कर रही हैं और वह राजनीति को अच्छी तरह से समझतीं भी हैं। जिस समय आम आदमी पार्टी की टॉप लीडरशिप जेल में थी उस समय आतिशी ने बड़ी अच्छी तरह से सरकार को चलाया था। उस समय सबसे अधिक मंत्रालय आतिशी के पास ही थे। एक तरफ आतिशी सरकार चला रहीं थीं और दूसरी तरफ बड़ी दृढ़ता से विपक्षी दलों को जबाब भी दे रहीं थीं। और अब जब मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल चुकी है तो आतिशी के लिए सरकार चलाना और आसान होगा। अरविंद केजरीवाल और मनीष का साथ मिलने पर वह और अच्छी तरह से निर्णय ले सकेंगी। और भारतीय जनता पार्टी के पास अब आरोप लगाने के लिए बहुत ज्यादा कारण नहीं रहेंगे।</div>
<div> </div>
<div>भारतीय जनता पार्टी ने अभी से ही आप पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल बहुत बड़े नाटक कार हैं। वो यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने यह भी कह दिया कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल आतंकवाद का पोषण और समर्थन भी करते हैं। यही राजनीति है नेताओं की जुबान को आप नहीं रोक सकते। आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी रहेगा और दिल्ली की सत्ता भी चलेगी। दिल्ली में विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं और यह तय है कि आतिशी एक साल तक तो सरकार चलाएंगी ही। और यदि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर सुप्रीम कोर्ट का कोई अन्य निर्णय नहीं आ पाता है तब आतिशी को दुबारा मौका मिल सकता है।‌ केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर अभी किसी प्रकार के आरोप तय नहीं हुए हैं।</div>
<div> </div>
<div>दरअसल मामला अभी न्यायालय में है तो इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने यह प्रतिबंध अरविंद केजरीवाल पर लगाए हैं ताकि अरविंद केजरीवाल केस से जुड़े मामले में कोई मदद न ले सकें। लेकिन आतिशी को मुख्यमंत्री पद सौंपकर अरविंद ने पशा विपक्ष यानि भारतीय राजनीति पार्टी के पाले में डाल दिया है। और भाजपा की भी रणनीति यही होगी कि वह आतिशी पर हमला न करके अरविन्द केजरीवाल पर ही हमला करेगी। लेकिन केजरीवाल के पास प्रबंधन की एक ऐसी कला है कि वह हर स्थिति में मुकाबला कर सकते हैं। अभी हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में चुनाव का माहौल है। हरियाणा में आम आदमी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।‌ अरविंद के अकेले चुनाव लड़ने से कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। लेकिन कहीं न कहीं वह भारतीय जनता पार्टी का भी नुक्सान कर सकते हैं।</div>
<div>भारतीय जनता पार्टी यह नहीं समझती थी कि केजरीवाल आतिशी को सामने कर देंगे। उनके इस निर्णय से भारतीय जनता पार्टी को अब नई रणनीति बनानी होगी।</div>
<div> </div>
<div><strong> जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 16:38:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनीष सिसोदिया को फिर मिला झटका, खारिज हुई जमानत याचिका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने अब समाप्त हो चुकी दिल्ली शराब उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 की जांच के संबंध में सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज मामलों में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा दायर की गई दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी।</p>
<p>इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने आबकारी नीति से संबंधित धन शोधन मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया, सह-आरोपी विजय नायर और अन्य की न्यायिक हिरासत आठ मई तक बढ़ा दी थी। आरोपी व्यक्तियों को पूर्व की उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विशेष न्यायाधीश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140705/manish-sisodia-gets-another-shock-bail-plea-rejected"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/download-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने अब समाप्त हो चुकी दिल्ली शराब उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 की जांच के संबंध में सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज मामलों में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा दायर की गई दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी।</p>
<p>इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने आबकारी नीति से संबंधित धन शोधन मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया, सह-आरोपी विजय नायर और अन्य की न्यायिक हिरासत आठ मई तक बढ़ा दी थी। आरोपी व्यक्तियों को पूर्व की उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष पेश किया गया। </p>
<p>बता दें कि ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोप लगाया है कि आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया गया या कम कर दिया गया तथा एल-1 लाइसेंस को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना विस्तारित किया गया। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Apr 2024 16:35:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>AAP सांसद संजय सिंह की उलझने नहीं हो रही ख़त्म, कोर्ट ने 27 अक्टूबर तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Delhi:</strong> दिल्ली शराब घोटाले में गिरफ्तार हुए 'आप' सांसद संजय सिंह को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने शुक्रवार को संजय सिंह की न्यायिक हिरासत को 27 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया है। इससे पहले, ईडी की हिरासत की अवधि खत्म होने पर सिंह को विशेष न्यायाधीश एम.के. नागपाल के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।</p>
<p>न्यायाधीश ने संक्षिप्त सुनवाई के दौरान सिंह को अदालत के अंदर "असंबद्ध मामलों पर बयान नहीं देने" का भी निर्देश दिया। सिंह ने अदालत के समक्ष यह दावा किया कि ईडी ने “अडाणी के खिलाफ” उनकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135877/aap-mp-sanjay-singhs-troubles-are-not-ending-court-extended"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/2023_10image_15_17_298715414sanjaysignh-ll.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Delhi:</strong> दिल्ली शराब घोटाले में गिरफ्तार हुए 'आप' सांसद संजय सिंह को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने शुक्रवार को संजय सिंह की न्यायिक हिरासत को 27 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया है। इससे पहले, ईडी की हिरासत की अवधि खत्म होने पर सिंह को विशेष न्यायाधीश एम.के. नागपाल के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।</p>
<p>न्यायाधीश ने संक्षिप्त सुनवाई के दौरान सिंह को अदालत के अंदर "असंबद्ध मामलों पर बयान नहीं देने" का भी निर्देश दिया। सिंह ने अदालत के समक्ष यह दावा किया कि ईडी ने “अडाणी के खिलाफ” उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद न्यायाधीश ने यह निर्देश जारी किया। सिंह उद्योगपति गौतम अडाणी का जिक्र कर रहे थे, जिन्हें केंद्र सरकार का करीबी माना जाता है। अडाणी को लेकर सिंह की पार्टी केंद्र सरकार पर हमलावर रही है।</p>
<p>न्यायाधीश ने कहा, “किसी असंबद्ध मामले पर बात न करें। यदि आप अडाणी और मोदी के बारे में भाषण देते हैं, तो मैं अब से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आपको पेश करने के लिए कहूंगा।” राज्यसभा सदस्य ने अदालत के समक्ष दावा किया कि ईडी ने हिरासत में पूछताछ के दौरान उनसे प्रासंगिक प्रश्न नहीं पूछे। सिंह ने न्यायाधीश से कहा, “उन्होंने बस इतना पूछा कि मैंने मां से पैसे क्यों लिए, मैंने अपनी पत्नी के खाते में 10,000 रुपये क्यों भेजे। ईडी मनोरंजन विभाग बन गया है, झूठ पर झूठ बोल रहा है।</p>
<p>मैंने उन्हें अडाणी के खिलाफ शिकायत दी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।” जांच एजेंसी ने राज्यसभा सदस्य सिंह को चार अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि सिंह ने अब वापस ली जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कुछ शराब निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को वित्तीय लाभ हुआ।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Oct 2023 09:51:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>AAP ने किया मोदी सरकार को चैलेंज, संजय सिंह के खिलाफ कोई भी प्रूफ हो तो उसे पब्लिक करें </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>AAP:</strong> आम आदमी पार्टी (आप) ने बृहस्पतिवार को केंद्र पर उसके सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार कर उन्हें चुप कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार को चुनौती दी कि अगर उनके पास सिंह के खिलाफ कोई भी सबूत हो तो उसे सार्वजनिक करें। संजय सिंह को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति मामले से जुड़ी धन शोधन जांच के सिलसिले में बुधवार को गिरफ्तार किया था।</p>
<p><strong>छापेमारी में नहीं मिला था कोई सबूत </strong><br />यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आप की वरिष्ठ नेता आतिशी ने दावा किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135525/aap-challenges-modi-government-if-there-is-any-proof-against"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/2023_10image_12_22_552303577atishi-ll.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>AAP:</strong> आम आदमी पार्टी (आप) ने बृहस्पतिवार को केंद्र पर उसके सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार कर उन्हें चुप कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार को चुनौती दी कि अगर उनके पास सिंह के खिलाफ कोई भी सबूत हो तो उसे सार्वजनिक करें। संजय सिंह को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति मामले से जुड़ी धन शोधन जांच के सिलसिले में बुधवार को गिरफ्तार किया था।</p>
<p><strong>छापेमारी में नहीं मिला था कोई सबूत </strong><br />यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आप की वरिष्ठ नेता आतिशी ने दावा किया कि ईडी और सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) के 500 से अधिक अधिकारियों ने पिछले 15 महीनों में आप नेताओं से जुड़े विभिन्न स्थानों पर छापे मारे, लेकिन उनके खिलाफ ‘‘एक भी सबूत नहीं मिला''। आप नेता ने कहा, ‘‘उन्होंने मनीष सिसोदिया के आवास, कार्यालयों और कई अन्य स्थानों पर छापे मारे लेकिन उन्हें एक पैसे के भी भ्रष्टाचार का सबूत नहीं मिला और अब संजय सिंह को निशाना बनाया गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ईडी अधिकारियों ने संजय सिंह के आवास के चप्पे-चप्पे पर छापेमारी की लेकिन कुछ नहीं मिला। उन्होंने सिंह को गिरफ्तार कर लिया क्योंकि वह लगातार केंद्र के भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाते थे।</p>
<p>आतिशी ने कहा कि अगर उनके नेता के खिलाफ कोई सबूत है तो केंद्र को इसे सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने दावा किया, ‘‘मैं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनौती देना चाहती हूं कि अगर उन्हें संजय सिंह के खिलाफ कोई सबूत मिला है, तो उन्हें इसे सार्वजनिक करना चाहिए या उन्हें राजनीति छोड़ देनी चाहिए। वे अपने अधिकारियों को ऐसी किसी भी जगह भेज सकते हैं जहां संजय सिंह गए थे और मैं गारंटी दे सकती हूं कि उन्हें उनके खिलाफ कुछ भी नहीं मिलेगा।''</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र संजय सिंह को गिरफ्तार करके उन्हें चुप कराने की कोशिश कर रहा है। आतिशी ने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि जब भी कोई सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगा तो उसे चुप कराने की कोशिश की जाएगी। चूंकि वे उन्हें (सिंह को) चुप नहीं करा सके, इसलिए उन्होंने हमारे नेता को गिरफ्तार कर लिया। भाजपा को पता होना चाहिए कि आप उनकी गिरफ्तारी की धमकियों से डरने वाली नहीं है।''</p>
<p>आप के राज्यसभा सदस्य, पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसौदिया के बाद अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति से संबंधित मामले में गिरफ्तार होने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के दूसरे ‘हाई प्रोफाइल' नेता बन गए हैं। सिंह (51) की गिरफ्तारी से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक खींचतान बढ़ गई है। दिल्ली के मंत्री सत्येन्द्र जैन को ईडी ने 30 मई, 2022 को धन शोधन के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Oct 2023 12:45:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CBI ने मनीष सिसोदिया से 9 घंटे की पूछताछ, बोले- पूरा मामला फर्जी है </title>
                                    <description><![CDATA[Delhi Liquor Policy Case: सीबीआई ने आबकारी नीति मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से सोमवार को पूछताछ की.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/125192/cbi-questioned-manish-sisodia-for-9-hours-said-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-10/delhi-liquor-policy-case-सीबीआई-ने-आबकारी-नीति.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Manish Sisodia CBI Questioning:</strong> दिल्ली की आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सीबीआई (CBI) ने सोमवार (17 अक्टूबर) को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ की. सीबीआई ने दो चरणों में करीब 9 घंटे तक सिसोदिया (Manish Sisodia) से सवाल किए. इस दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदर्शन भी किया. जानिए पूछताछ से जुड़ी बड़ी बातें.  </p>
<p><br />1. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आबकारी नीति मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को सुबह 11:15 बजे केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मुख्यालय पहुंचे. मनीष सिसोदिया इससे पहले सुबह आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय और महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट गए. </p>
<p>2. सीबीआई ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से दो चरणों में पूछताछ की. पहले चरण में करीब साढे 3 घंटे तक सवाल पूछे गए. फिर आधे घंटे के लंच ब्रेक के बाद करीब 6 घंटे तक और पूछताछ की गई. </p>
<p>3. मनीष सिसोदिया ने सीबीआई के दफ्तर से निकलने के बाद कहा कि ऑपरेशन लोटस को कामयाब बनाने के लिए केस कर रखा है. मुझे कहा था कि आप छोड़ दो, आप में क्यों हो. मैंने कहा क्यों, तो बोले कि फिर तो ऐसे ही केस चलते रहेंगे. बार-बार कहते हैं दिल्ली में 10 हजार करोड़ का एक्साइज घोटाला हुआ है. आज मैंने सीबीआई में जाकर देखा सारा केस फर्जी है. आज मुझे समझ आया इन्होंने सीबीआई में केस ऑपरेशन लोटस को कामयाब करने के लिए करवा रखा है. </p>
<p>4. एजेंसी के अधिकारी ने कहा कि सीबीआई दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के उत्तरों का मूल्यांकन करेगी और यदि आवश्यक हुआ तो उन्हें बाद में फिर से बुलाया जाएगा. सिसोदिया को कल के लिए कोई समन नहीं दिया गया. </p>
<p>5.उन्होंने आगे कहा कि सीबीआई जैसी एजेंसी को असंवैधानिक तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है. एक्साइज पर बात हुई, लेकिन मुझे सीबीआई कार्यालय के अंदर (आप) छोड़ने के लिए कहा गया था, नहीं तो मेरे खिलाफ ऐसे मामले दर्ज होते रहेंगे. मुझसे कहा गया था सत्येंद्र जैन के ऊपर कौन से सच्चे मामले हैं. मैंने कहा कि मैं आप को बीजेपी के लिए नहीं छोड़ूंगा. उन्होंने कहा कि वे मुझे सीएम बनाएंगे. मुझे तो खुशी मिलती है जब मेड की बच्ची, सफाई कर्मचारियों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलती है. कहीं एक रुपये का घोटाला नहीं हुआ. </p>
<p><br />6. मनीष सिसोदिया के पूछताछ के लिए रवाना होने से पहले उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक एकत्रित हो गए थे. सीबीआई के दफ्तर जाने से पहले मनीष सिसोदिया ने अपने समर्थकों से कहा कि, "मेरे जेल जाने पर गर्व करना." सीबीआई कार्यालय के लिए निकलने से पहले मनीष सिसोदिया ने अपने मथुरा रोड स्थित आवास पर मां का आशीर्वाद लिया. सीबीआई कार्यालय जाने के क्रम में सिसोदिया दो जगह रुके. उन्होंने पार्टी मुख्यालय में आप कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह गिरफ्तारी से नहीं डरते हैं. वह महात्मा गांधी की समाधि राजघाट भी गए. </p>
<p>7.दिल्ली के उपराज्यपालय वीके सक्सेना ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. इसके बाद सीबीआई ने अगस्त में सिसोदिया और 14 अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की थी. </p>
<p>8. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि, "8 दिसंबर को गुजरात के नतीजे आयेंगे. ये लोग तब तक मनीष को जेल में रखेंगे ताकि मनीष गुजरात चुनाव में प्रचार के लिए ना जा पायें." केजरीवाल ने सोमवार को गुजरात के मेहसाणा जिले में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात आकर मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली जैसे स्कूल गुजरात के गांव-गांव में बनायेंगे. आज इन्होंने मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया. जब 8 दिसम्बर को नतीजे आएंगे, तब जेल के ताले टूटेंगे, मनीष सिसोदिया छूटेंगे. क्योंकि अब आप के लिए गुजरात की सारी जनता प्रचार करेगी.</p>
<p> </p>
<p>9. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एजेंसी ने अगस्त में मनीष सिसोदिया के परिसरों पर छापेमारी की थी और गाजियाबाद के एक बैंक में उनके लॉकर की तलाशी भी ली. इसके अलावा कई राज्यों में भी छापेमारी की गई थी. सीबीआई ने इस मामले में आप के नेता और ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ विजय नायर और हैदराबाद के व्यापारी अभिषेक बोइनपल्ली को गिरफ्तार भी किया है. </p>
<p>10. सोमवार को सिसोदिया से पूछताछ को लेकर आप कार्यकर्ताओं ने सीबीआई दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया. पुलिस ने आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को चेतावनी कि वे यहां से हट जायें वरना जबरन हटाना पड़ेगा. जिसके बाद पुलिस ने लोगों को हटाना शुरू किया. पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को हिरासत में लिया. संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनका कुर्ता फाड़ दिया और उनेके साथ जुल्म हो रहा है. सिसोदिया को गिरफ्तार करने की साजिश का जवाब जनता वोट से देगी. <br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/125192/cbi-questioned-manish-sisodia-for-9-hours-said-the</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 21:45:16 +0530</pubDate>
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