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                <title>योगी आदित्यनाथ सरकार - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>योगी आदित्यनाथ सरकार RSS Feed</description>
                
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                <title>प्रदेश सरकार के 9 वर्षो में विकास, सुशासन, एवं जनकल्याण की सर्वोच्च</title>
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                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर: </strong>प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नवनिर्माण निर्माण के 09 वर्ष विषयक गोष्ठी विकास खण्ड इटवा, में मुख्य अतिथि म सांसद  जगदंबिका पाल की अध्यक्षता एवं जिलाध्यक्ष भाजपा  दीपक मौर्या, पूर्व विधायक इटवा डा0 सतीश द्विवेदी, जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर  सांसद  जगदम्बिका पाल ने कहा कि प्रदेश सरकार के पिछले 9 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में सरकार ने विकास, सुशासन एवं जनकल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। प्रदेश में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली,</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173734/highest-level-of-development-good-governance-and-public-welfare-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1774015676601-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर: </strong>प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नवनिर्माण निर्माण के 09 वर्ष विषयक गोष्ठी विकास खण्ड इटवा, में मुख्य अतिथि म सांसद  जगदंबिका पाल की अध्यक्षता एवं जिलाध्यक्ष भाजपा  दीपक मौर्या, पूर्व विधायक इटवा डा0 सतीश द्विवेदी, जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर  सांसद  जगदम्बिका पाल ने कहा कि प्रदेश सरकार के पिछले 9 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में सरकार ने विकास, सुशासन एवं जनकल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। प्रदेश में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी एवं कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि गरीबों, किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया गया है,</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाध्यक्ष भाजपा  दीपक मौर्या ने कहा कि  मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ  के नेतृत्व में  उत्तर प्रदेश  में सरकार ने 09 वर्ष पूर्ण किया है जिसके लिए सभी को बधाई दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भयमुक्त वातावरण है किसी भी प्रकार के दंगे नही हो रहे है। उत्तर प्रदेश  अब उत्तम प्रदेश बन रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पूर्व विधायक इटवा डा0 सतीश द्विवेदी ने प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नवनिर्माण निर्माण के 09 वर्ष विषयक गोष्ठी में सभी को बधाई देते हुए कहा कि गत 09 वर्षो में प्रदेश में बहुत विकास हुआ है। जिस उत्तर प्रदेश  को बीमारू प्रदेश कहा जाता था अब वही उत्तर प्रदेश  आज विकास के क्षेत्र में अग्रणी प्रदेश बना है। रोजगार की अपार सम्भावनायें है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया गया। इन स्टॉलों के माध्यम से सरकार की योजनाओं की जानकारी आम जनता को दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ देने का निर्देश दिया गया। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह की 07 महिला लाभार्थियों, समाज कल्याण विभाग के शादी अनुदान 02 लाभार्थी, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के 05 लाभार्थी, आवास योजना के 03 लाभार्थी को प्रमाण पत्र एवं स्वीकृति पत्र वितरित किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर मुख्य अतिथि  सांसद  जगदंबिका पाल की अध्यक्षता एवं जिलाध्यक्ष भाजपा दीपक मौर्या, पूर्व विधायक इटवा डा0 सतीश द्विवेदी, जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह गर्भवती महिलाओ की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्रासन कराया गया।इस अवसर पर  सांसद  प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि इटवा, पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी,डी0सी0मनरेगा सन्दीप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव, खण्ड विकास अधिकारी इटवा अनिशि मणि त्रिपाठी, भनवापुर विनोदमणि त्रिपाठी व अन्य सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी, लाभार्थी, आदि उपस्थित रहे ।</div>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 19:44:17 +0530</pubDate>
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                <title>आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा है वही इस संबंध में जिलाधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है अगर ऐसी स्थित है तो जांच कर कर जनता की हर सुविधाओं को उसे गांव तक पहुंचाया जाएगा ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वही ग्रामीणों ने सीधा आरोप आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान सिर्फ अपना विकास कर रहे हैं और कैसे विकास कर रहे हैं जो सरकार की धरोहर जमीन है सब पर पट्टा करके अपना विकास करना है जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173112/even-after-78-years-of-independence-nagpur-kunwar-village-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260309-wa0321.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा है वही इस संबंध में जिलाधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है अगर ऐसी स्थित है तो जांच कर कर जनता की हर सुविधाओं को उसे गांव तक पहुंचाया जाएगा ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वही ग्रामीणों ने सीधा आरोप आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान सिर्फ अपना विकास कर रहे हैं और कैसे विकास कर रहे हैं जो सरकार की धरोहर जमीन है सब पर पट्टा करके अपना विकास करना है जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांव के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर घर तक पहुंचे , लेकिन उनके अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण बस्ती जिले के हर्रैया तहसील व परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए तरस रहा है l</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> यहाँ न तो नाली  है ना ही इस गांव में गांव के अंदर जाने के लिए कोई रास्ता है, यही है  विकास का दवा जहां केंद्र और प्रदेश सरकार बार-बार दावा करती है कि गांव में ग्राम प्रधान के माध्यम से गांव में विकास तेजी से किया जा रहा है नाली खरंजा सहित बिजली व शुद्ध पिए जल की  व्यवस्था भी हर गांव में किया जाय  ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> अगर आपको जमीनी हकीकत देखना हो तो बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक के गांव नागपुर कुंवर में देखिए इस गांव में ना तो गांव में घुसने के लिए रास्ता है ना ही इस गांव में सड़क है ना तो नाली है ना ही कहीं इंटरलॉकिंग लगी है ग्रामीणों ने सीधा आरोप ग्राम प्रधान पर लगाते हुए कहा इस गांव की ग्राम प्रधान द्वारा विकास कुछ भी नहीं किया जा रहा है ग्राम प्रधान की लापरवाही से हम लोगों के गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसको हम लोग चारपाई पर लेट कर गांव से बाहर लेकर जाते हैं तब एंबुलेंस या किसी अन्य गाड़ी के सहायता से हम किसी को अस्पताल पहुंच पाते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ग्राम प्रधान की लापरवाही से हमारे गांव में अंदर आने-जाने के लिए कोई सड़क नहीं बना है आप लोग आए हैं देखिए की सड़क कहां है इस गांव में ग्राम प्रधान क्यों नहीं सड़क बनवाया जा रहा है ,ग्रामीणों द्वारा बार-बार जिला अधिकारी बस्ती सहित खंड विकास अधिकारी परशुरामपुर और उप जिला अधिकारी हरैया कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया साथ ही तहसील दिवसों में हम ग्रामीणों के साथ कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है हम लोगों के सामने सड़क पानी नाली जैसी समस्याओं से हम लोग जूझ रहे हैं,</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जबकि सरकार बार-बार दावा कर रही है कि गांव में सरकारी योजनाओं सहित सड़क नाली इंटरलॉकिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी गांव में विकास किया जा रहा है जिससे जनता को कोई दिक्कतों का सामना न करना पड़े ,  लेकिन यह सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है जहां आजादी के लगभग 78 साल हो चुके हैं लेकिन इस गांव में आजादी के बाद क्यों नहीं विकास हुआ क्या कारण है यह अपने आप में सबसे बड़ा सवाल खड़ा रहा है,</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पीड़ित शिवपूजन तिवारी ने कहा कि हमारे गांव में सड़क न होने से हम मरीजों को कैसे इलाज कराने ले जाएं हमारे पिताजी का इतना तबीयत खराब था कि हम लोग उनको गोदी में उठाकर यहां से 1 किलोमीटर दूरी तक ले गए तब हमको गाड़ी मिली जब सड़क नहीं है नाली नहीं है शुद्ध पीने का पानी नहीं है तो कैसा विकास का दावा किया जाता है सरकार द्वारा और  ग्राम प्रधान अपना विकास कर रहे हैं जो सरकारी जमीन बची है जिन-जिन लोगों के पास जमीन है खेत है घर है उनको पैसा लेकर पटा कर रहे हैं गांव का विकास नहीं कर पा रहे हैं अपना विकास कर रहे हैं ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वही इस संबंध में जिला अधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है इसकी हम जांच कर कर वहां विकास कार्य कराया जाएगा । वही इस संबंध में ग्राम प्रधान से बात करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए।</div>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 13:45:41 +0530</pubDate>
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                <title>नौ लाख बारह हजार करोड़ का बजट विकास</title>
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                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026 27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का जो बजट पेश किया है ।वह आकार और संदेश दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। यह सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट है और कुल मिलाकर दसवां बजट है। पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रस्तुत यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार विकास की गति को बनाए रखते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले व्यापक सामाजिक और आर्थिक संदेश देना चाहती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बजट का सबसे प्रमुख पक्ष इसका आकार है।</div>...]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169322/budget-development-of-nine-lakh-twelve-thousand-crores"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1770793147pti02_11_2026_000035b.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026 27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का जो बजट पेश किया है ।वह आकार और संदेश दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। यह सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट है और कुल मिलाकर दसवां बजट है। पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रस्तुत यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार विकास की गति को बनाए रखते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले व्यापक सामाजिक और आर्थिक संदेश देना चाहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बजट का सबसे प्रमुख पक्ष इसका आकार है। नौ लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान उत्तर प्रदेश जैसी विशाल आबादी वाले राज्य के लिए संसाधनों की बड़ी प्रतिबद्धता दर्शाता है। सरकार ने लगभग 25 प्रतिशत राशि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने की घोषणा की है। सड़कों पुलों कॉरिडोर और औद्योगिक पार्कों के निर्माण पर भारी निवेश का उद्देश्य राज्य को लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण का केंद्र बनाना है। 34 हजार करोड़ रुपये के नार्थ ईस्ट कॉरिडोर से लेकर नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के चौड़ीकरण और 4808 करोड़ रुपये के पुल निर्माण तक की योजनाएं बताती हैं कि बुनियादी ढांचे को विकास का आधार बनाया गया है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पांच रनवे की परिकल्पना राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत करने की कोशिश है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">औद्योगिक विकास को लेकर सरकार ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है और कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश में हो रहा है। यदि यह रफ्तार बरकरार रहती है तो रोजगार सृजन और निर्यात दोनों में वृद्धि संभव है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए 2069 करोड़ रुपये तथा आठ डेटा सेंटर पार्कों पर 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर संकेत करती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए 225 करोड़ रुपये और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भविष्य की तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था में राज्य की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रोजगार इस बजट का सबसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा है। सरकार ने 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। मिशन रोजगार के तहत हजारों शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी गई है। कौशल विकास प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को निजी क्षेत्र में अवसर दिलाने की बात भी कही गई है। हालांकि चुनौती यह होगी कि घोषित लक्ष्य और वास्तविक रोजगार के आंकड़ों के बीच पारदर्शिता बनी रहे। उत्तर प्रदेश की युवा आबादी बहुत बड़ी है और रोजगार की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में दस लाख का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है पर इसके लिए ठोस औद्योगिक निवेश और छोटे मध्यम उद्यमों को गति देना आवश्यक होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी बजट में विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने 3 लाख 4 हजार 321 करोड़ रुपये से अधिक के गन्ना मूल्य भुगतान का उल्लेख करते हुए इसे रिकॉर्ड बताया है। पेराई सत्र के लिए 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि से किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। दुग्ध और पशुपालन क्षेत्र में नई डेयरी परियोजनाएं 220 नई दुग्ध समितियां तथा गो संरक्षण के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान ग्रामीण आय बढ़ाने की दिशा में कदम हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह बढ़ सकता है बशर्ते भुगतान समय पर और पारदर्शी ढंग से हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं में भी कई घोषणाएं की गई हैं। बेटियों की शादी के लिए सहायता राशि 51 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये करना सीधे तौर पर निम्न और मध्यम वर्ग को राहत देने का प्रयास है। मेधावी छात्राओं के लिए 400 करोड़ रुपये से स्कूटी वितरण और छात्रों को फ्री टैबलेट तथा स्मार्टफोन के लिए 2374 करोड़ रुपये का प्रावधान डिजिटल और शैक्षिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम है। शिक्षा क्षेत्र में 14 नए मेडिकल कॉलेज और तीन नई यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा ढांचे को विस्तार देने का संकेत देती है। हालांकि स्वास्थ्य बजट का कुल प्रतिशत सीमित रहने पर विशेषज्ञ यह सवाल उठा सकते हैं कि क्या केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त होगा या मानव संसाधन और उपकरणों पर भी समान ध्यान दिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शहरी और ग्रामीण विकास के लिए 7705 करोड़ रुपये का प्रावधान आवासीय योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं को विस्तार देने के लिए है। मध्यम वर्ग के लिए नई रेजिडेंशियल स्कीम और मजदूरों के लिए आवासीय सुविधाएं सामाजिक आधार को मजबूत करने का प्रयास हैं। सात शहरों को स्मार्ट बनाने की योजना शहरीकरण को व्यवस्थित दिशा देने की कोशिश है।</div>
<div style="text-align:justify;">पर्यटन धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में अयोध्या नैमिषारण्य मथुरा वाराणसी और विंध्यवासिनी धाम जैसे स्थलों के विकास के लिए अलग से बजट प्रावधान किया गया है। मंदिरों के जीर्णोद्धार और सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे सकती है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। यह कदम सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक गतिविधि दोनों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवहन क्षेत्र में ई बसों के लिए 400 करोड़ रुपये और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में संकेत देता है। सोलर स्ट्रीट लाइट और नाइट सफारी जैसी परियोजनाएं शहरी सौंदर्यीकरण और पर्यटन को जोड़ती हैं।व्यापारिक संगठनों ने बजट का स्वागत किया है और इसे ऐतिहासिक बताया है। यह समर्थन बताता है कि उद्योग और व्यापार जगत को इसमें अवसर दिखाई दे रहे हैं। फिर भी किसी भी बजट की असली परीक्षा उसके क्रियान्वयन में होती है। बड़े आकार की घोषणाएं तभी प्रभावी होंगी जब परियोजनाएं समय पर पूरी हों और भ्रष्टाचार तथा देरी पर नियंत्रण रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समग्र रूप से देखा जाए तो यह बजट विकास और सामाजिक संतुलन का मिश्रित खाका प्रस्तुत करता है। इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग के जरिए आर्थिक विस्तार तथा सामाजिक योजनाओं के जरिए व्यापक जनसमर्थन हासिल करने की रणनीति स्पष्ट है। 2027 के चुनावी परिदृश्य को देखते हुए यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण संदेश है। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि नौ लाख बारह हजार करोड़ रुपये का यह महत्त्वाकांक्षी प्रावधान उत्तर प्रदेश को आर्थिक शक्ति के नए चरण में ले जाता है या फिर यह घोषणाओं तक सीमित रह जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:38:58 +0530</pubDate>
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                <title>UP News: योगी सरकार का दिवाली से पहले तोहफा, श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ा</title>
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                        <![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">UP News: दिवाली</span><span class="cf0"> से पहले उत्तर प्रदेश की योगी </span><span class="cf0">आदित्यनाथ</span><span class="cf0"> सरकार ने प्रदेश के लाखों श्रमिकों को राहत </span><span class="cf0">देते</span> <span class="cf0">हुए</span><span class="cf0"> परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (</span><span class="cf1">VDA) </span><span class="cf0">की नई दरों की घोषणा की है। ये दरें 1 अक्तूबर 2025 से छह महीने की अवधि के लिए लागू होंगी। श्रम विभाग की ओर से यह कदम न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के तहत उठाया गया है, जिससे संगठित और असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की क्रय शक्ति में बढ़ोतरी </span><span class="cf0">होने की उम्मीद है।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">उपभोक्ता मूल्य सूचकांक </span><span class="cf0">के</span><span class="cf0"> आधार पर तय हुई नई दरें</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">गोरखपुर</span><span class="cf0"> के उप श्रम आयुक्त </span><span class="cf0">शक्तिसेन</span> <span class="cf0">मौर्य</span><span class="cf0"> ने जानकारी दी कि</span></p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156365/up-news-yogi-governments-dearness-allowance-for-workers-before-diwali"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/up-news-(8).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">UP News: दिवाली</span><span class="cf0"> से पहले उत्तर प्रदेश की योगी </span><span class="cf0">आदित्यनाथ</span><span class="cf0"> सरकार ने प्रदेश के लाखों श्रमिकों को राहत </span><span class="cf0">देते</span> <span class="cf0">हुए</span><span class="cf0"> परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (</span><span class="cf1">VDA) </span><span class="cf0">की नई दरों की घोषणा की है। ये दरें 1 अक्तूबर 2025 से छह महीने की अवधि के लिए लागू होंगी। श्रम विभाग की ओर से यह कदम न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के तहत उठाया गया है, जिससे संगठित और असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की क्रय शक्ति में बढ़ोतरी </span><span class="cf0">होने की उम्मीद है।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">उपभोक्ता मूल्य सूचकांक </span><span class="cf0">के</span><span class="cf0"> आधार पर तय हुई नई दरें</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">गोरखपुर</span><span class="cf0"> के उप श्रम आयुक्त </span><span class="cf0">शक्तिसेन</span> <span class="cf0">मौर्य</span><span class="cf0"> ने जानकारी दी कि नई दरों का निर्धारण अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (</span><span class="cf1">CPI) </span><span class="cf0">के आधार पर किया गया है। जुलाई 2012 से दिसंबर 2012 की औसत 216 अंकों की तुलना में अब यह सूचकांक जनवरी 2025 से जून 2025 के दौरान औसतन 414 अंक रहा है। इसी आधार पर नए महंगाई भत्ते की गणना की गई है।</span></p>
<p><span class="cf0">नई दरों के अनुसार, अकुशल श्रमिकों </span><span class="cf0">को</span><span class="cf0"> 5750 रुपये मासिक मूल वेतन पर 5271 रुपये का परिवर्तनीय महंगाई भत्ता मिलेगा। यह दरें दैनिक आधार पर लागू होंगी और कुल मासिक मजदूरी का 1/26वां हिस्सा दैनिक मजदूरी से कम नहीं </span><span class="cf0">होगा।पथेरा</span><span class="cf0"> के लिए 700 </span><span class="cf0">रुपये</span><span class="cf0"> प्रति हजार ईंट, 500 मीटर तक </span><span class="cf0">भराईवाले</span><span class="cf0"> के लिए 211 रुपये प्रति </span><span class="cf0">हजार</span><span class="cf0"> और निकासी वाले के लिए भी 211 रुपये प्रति हजार मजदूरी निर्धारित की गई है।</span> <span class="cf0">इस फैसले से प्रदेश के ईंट भट्ठा उद्योग से जुड़े हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।</span></p>
<p><span class="cf0">श्रम विभाग ने सभी श्रमिकों से 15 </span><span class="cf0">अक्टूबर</span><span class="cf0"> 2025 </span><span class="cf0">से</span><span class="cf0"> पहले अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराने की अपील की है। उप श्रम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नवीनीकरण न कराने </span><span class="cf0">वालों</span><span class="cf0"> को निष्क्रिय सूची में शामिल कर दिया जाएगा।</span></p>
<p></p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156365/up-news-yogi-governments-dearness-allowance-for-workers-before-diwali</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Oct 2025 10:51:25 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
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