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                <title>स्वतंत्र प्रभात - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>स्वतंत्र प्रभात RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ठेकेदारों से नेताओं और अधिकारियों की कमाई के लालच से भ्रष्टाचार का पर्याय बना कानपुर नगर निगम </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> यहां का नगर निगम भ्रष्टाचार का पर्याय बना हुआ है। जिसकी वजह है ठेकेदारों के माध्यम से नेताओं और अधिकारियों की कमाई का लालचl यह खेल करोड़ों रुपये के टेंडरों के माध्यम से चल रहा था, लेकिन रंग में भंग तब हो गया जब इस खेल की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हो गई अधिकारियों के पेंच कस दिए। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद नगर निगम की ठेकेदारी व्यवस्था की परतें खुलने लगी हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जहां तक अब तक की गई कार्रवाई का सवाल है शुरुआती जांच में करीब 100 करोड़ रुपये से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186698/kanpur-municipal-corporation-became-synonymous-with-corruption-due-to-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002254798.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> यहां का नगर निगम भ्रष्टाचार का पर्याय बना हुआ है। जिसकी वजह है ठेकेदारों के माध्यम से नेताओं और अधिकारियों की कमाई का लालचl यह खेल करोड़ों रुपये के टेंडरों के माध्यम से चल रहा था, लेकिन रंग में भंग तब हो गया जब इस खेल की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हो गई अधिकारियों के पेंच कस दिए। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद नगर निगम की ठेकेदारी व्यवस्था की परतें खुलने लगी हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहां तक अब तक की गई कार्रवाई का सवाल है शुरुआती जांच में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर निरस्त किए जा चुके हैं। सात फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है और छह मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। दो ठेकेदार गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि पूरे सिंडिकेट का कथित सरगना गोविंद शर्मा फरार है। जांच में टेंडर हासिल करने के तरीके को लेकर भी चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक, ठेकेदारों का एक सिंडिकेट सक्रिय था । आरोप है कि इसी सिंडिकेट के जरिए तय किया जाता था कि किस काम का टेंडर कौन डालेगा और किस फर्म को काम मिलेगा. कई मामलों में करीब 15 फीसदी कम रेट पर टेंडर डलवाने और फिर तय फर्म को काम दिलाने का खेल होने की बात सामने आई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, कुछ ठेकेदारों पर दबाव बनाया जाता था और दूसरे लोगों को टेंडर प्रक्रिया से दूर रखने की कोशिश होती थी. जांच में लकी ड्रॉ के नाम पर टेंडर मैनेज किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की पूरी सच्चाई एसआईटी की जांच के बाद ही साफ होगी।मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर निरस्त कर दिए हैं. विकास कार्यों से जुड़े भुगतान पर भी रोक लगाई गई है। नई फर्मों के पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी गई है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान पुलिस ने दिलीप बाजपेई, अजय इंटरप्राइजेज, पारसनाथ बिल्डर्स, कैला इंटरप्राइजेज, तिरुपति ट्रेडर्स और जगदंबा इंटरप्राइजेज समेत फर्मों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं. जगदंबा इंटरप्राइजेज के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हुए हैं।एसआईटी अब सिर्फ ठेकेदारों तक सीमित नहीं है. नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांची जा रही है। टीम ने टेंडर, भुगतान, फर्म पंजीकरण और विकास कार्यों से जुड़ी फाइलें मांगी हैं। नगर निगम में अधिकारियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि अगर टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही थी तो जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। इस सवाल के जवाब में अधिकारियों की भी मिली भगत मानी जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 21:13:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>थाना उसका बाजार में प्रशासनिक भवन बनने के पश्चात, यह मॉडल थाना बनेगा : प्रभारी मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> प्रदेश सरकार मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय,जनपद प्रभारी मंत्री  अनिल राजभर द्वारा जिलाध्यक्ष भाजपा  दीपक मौर्या, जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन, मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह के साथ थाना उसका बाजार के प्रशासकीय भवन (जी+2) के निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर एवं शिलापट का अनावरण कर शिलान्यास किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय,  जनपद प्रभारी मंत्री  अनिल राजभर ने जिलाध्यक्ष भाजपा, अन्य जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए, पुलिस विभाग के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि आज थाना उसका बाजार में धनराशि रूपये 687.56 लाख की लागत से प्रशासकीय भवन (जी+2) के निर्माण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186696/after-the-construction-of-administrative-building-in-the-police-station"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1788014504330.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> प्रदेश सरकार मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय,जनपद प्रभारी मंत्री  अनिल राजभर द्वारा जिलाध्यक्ष भाजपा  दीपक मौर्या, जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन, मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह के साथ थाना उसका बाजार के प्रशासकीय भवन (जी+2) के निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर एवं शिलापट का अनावरण कर शिलान्यास किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय,  जनपद प्रभारी मंत्री  अनिल राजभर ने जिलाध्यक्ष भाजपा, अन्य जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए, पुलिस विभाग के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि आज थाना उसका बाजार में धनराशि रूपये 687.56 लाख की लागत से प्रशासकीय भवन (जी+2) के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया है।  मुख्यमंत्री  ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिसिंग को बेहतर किया है। पुलिस विभाग को संसाधनों से लैस किया है। पुलिस विभाग के जवानों के लिए आवास, कार्यालय, के साथ पुलिस लाइन में बेहतर कार्य किया गया है। थाना उसका बाजार में प्रशासनिक भवन बनने के पश्चात यह मॉडल थाना बनेगा। सरकार ने उतर प्रदेश पुलिस का मनोबल बढ़ाने के लिए जो भी करना चाहिए सरकार कर रही है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाध्यक्ष भाजपा  दीपम मौर्या ने  प्रभारी मंत्री  एवं अन्य सभी का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में  मुख्यमंत्री ने जनता की सेवा का संकल्प लिया है। आप लोगो ने सेवा का अवसर दिया है। आज थाना उसका बाजार में प्रशासकीय भवन (जी+2) के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया है। आप लोगो को सुरक्षा देने हेतु प्रशासनिक भवन का निर्माण हा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन डा0 सीमा मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर  पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा कन्हैया पासवान, जिला उपाध्यक्ष भाजपा आशीष शुक्ला, अध्यक्ष नगर पंचायत उसका बाजार प्रतिनिधि हेमन्त जायसवाल एवं अन्य संबधित अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहें।।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 21:11:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसएमएस इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरियल फाउंडेशन (SIEF) को उत्तर प्रदेश सरकार की IT Policy 2022 के अंतर्गत मान्यता</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">लखनऊ। राजधानी लखनऊ में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ की पहल SMS Incubation and Entrepreneurial Foundation (SIEF) को उत्तर प्रदेश सरकार की IT Policy 2022 / Uttar Pradesh Startup Policy के अंतर्गत मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर के रूप में अनुमोदित कर StartinUP Portal पर सक्रिय किया गया है। SIEF को प्रदेश में हाल ही में अनुमोदित 12 अतिरिक्त इन्क्यूबेटरों में शामिल किया गया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि Policy Implementation Unit (PIU) की 22 जून 2026 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय एवं अनुमोदन के पश्चात प्राप्त हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा SIEF की मान्यता के संबंध में जारी आधिकारिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186694/sms-incubation-and-entrepreneurial-foundation-sief-recognized-under-it-policy"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/707261.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">लखनऊ। राजधानी लखनऊ में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ की पहल SMS Incubation and Entrepreneurial Foundation (SIEF) को उत्तर प्रदेश सरकार की IT Policy 2022 / Uttar Pradesh Startup Policy के अंतर्गत मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर के रूप में अनुमोदित कर StartinUP Portal पर सक्रिय किया गया है। SIEF को प्रदेश में हाल ही में अनुमोदित 12 अतिरिक्त इन्क्यूबेटरों में शामिल किया गया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि Policy Implementation Unit (PIU) की 22 जून 2026 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय एवं अनुमोदन के पश्चात प्राप्त हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा SIEF की मान्यता के संबंध में जारी आधिकारिक सूचना में पुष्टि की गई है कि इन्क्यूबेटर को StartinUP Portal पर मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर के रूप में स्वीकृत एवं सक्रिय कर दिया गया है। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित समारोह के दौरान प्रदेश में नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में 24,000 से अधिक स्टार्टअप उत्तर प्रदेश की प्रगति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। यह भी बताया कि प्रदेश में 12 नए इन्क्यूबेटरों  स्वीकृत एवं मान्यता से उनका योगदान भी प्रदेश के विकास में सराहनीय होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह भी उल्लेखनीय है कि SIEF लखनऊ में स्ववित्तपोषित संस्थानों की श्रेणी में मान्यता प्राप्त करने वाला प्रथम चयनित इन्क्यूबेशन संस्थान है, जो स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मान्यता प्राप्त होने के साथ SIEF अब StartinUP Portal पर उपलब्ध संबंधित सुविधाओं का उपयोग करते हुए पात्र स्टार्टअप्स एवं उद्यमियों के लिए नीति के अंतर्गत उपलब्ध लाभ, प्रोत्साहन, सहायता एवं योजनाओं से संबंधित पात्र आवेदन एवं प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकेगा। यह मान्यता SIEF को उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूत करने तथा युवा उद्यमियों को संस्थागत सहयोग प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर शरद सिंह, सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ ने कहा कि SIEF को मिली यह मान्यता SMS तथा SIEF की नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण प्रमाण है। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास विद्यार्थियों एवं युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें अपने नवीन विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए आवश्यक मंच और संसाधन उपलब्ध कराना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रो. भरत राज सिंह, निदेशक, SIEF, ने कहा कि SIEF का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवा उद्यमियों, शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं को एक ऐसा सशक्त मंच उपलब्ध कराना है, जहाँ उनके नवीन विचारों को मेंटोरशिप, तकनीकी मार्गदर्शन, व्यवसायिक परामर्श, इन्क्यूबेशन, नेटवर्किंग और सरकारी योजनाओं से जोड़कर व्यवहारिक एवं सफल उद्यमों में परिवर्तित किया जा सके। उन्होंने कहा कि SIEF केवल नए उद्यमों को प्रारंभ करने में सहयोग ही नहीं करेगा, बल्कि उन्हें प्रारंभिक चरण से लेकर व्यवसाय के विस्तार तक आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने का प्रयास करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रो. सिंह ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की इस मान्यता से SIEF की क्षमता के साथ-साथ उसकी जिम्मेदारी भी बढ़ी है। आने वाले समय में SIEF Innovation, Entrepreneurship, Startups, Technology Development और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, शिक्षण संस्थानों, विशेषज्ञों, निवेशकों तथा सरकारी संस्थाओं के साथ व्यापक सहयोग विकसित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि SIEF उत्तर प्रदेश में उभरती प्रतिभाओं और नवाचारों को अवसर प्रदान करने तथा प्रदेश को एक मजबूत और आत्मनिर्भर स्टार्टअप एवं उद्यमिता केंद्र के रूप में विकसित करने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।<br /><br />SIEF की यह उपलब्धि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ के लिए गौरव का विषय है और प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप विकास तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/186694/sms-incubation-and-entrepreneurial-foundation-sief-recognized-under-it-policy</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 21:09:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ममता बनर्जी का दावा- भाजपा की ज्यादतियों से जल्द सत्ता में लौटेगी तृणमूल</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong> पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा सरकार की कथित ज्यादतियां आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी का रास्ता साफ करेंगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस बहुत जल्द पश्चिम बंगाल में फिर से सत्ता में आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस समारोह के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए चुनाव आयोग का दुरुपयोग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186692/mamata-banerjees-claim-trinamool-will-soon-return-to-power"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/28_08_2026_15_03_47_mam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong> पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा सरकार की कथित ज्यादतियां आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी का रास्ता साफ करेंगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस बहुत जल्द पश्चिम बंगाल में फिर से सत्ता में आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस समारोह के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए चुनाव आयोग का दुरुपयोग किया और मतदाता सूची से लाखों नाम हटाकर ‘वोट लूटने’ के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने कोलकाता में रेहड़ी-पटरी वालों के बेदखली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार हटाए गए फेरीवालों का पुनर्वास नहीं कर सकती तो उन्हें हर महीने 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>पुलिस पर राजनीतिक दबाव का आरोप</strong></h6>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस तृणमूल कांग्रेस को सभाएं और रैलियां आयोजित करने की अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही जिलों का दौरा कर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करेंगी। यदि पुलिस अनुमति नहीं देती है तो वह जनता की अनुमति से कार्यक्रम करेंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि अब वह राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट से अनुमति नहीं लेंगी और अदालत का समय बर्बाद नहीं करेंगी। ममता ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह मीलों पैदल चलकर भी लोगों के बीच पहुंचेंगी।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>अभिषेक बनर्जी ने बागी गुट पर साधा निशाना</strong></h6>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी संबोधित किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले ‘बागी लेकिन बहुसंख्यक’ गुट और हाल में राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी (एनसीपीआई) में शामिल हुए पूर्व तृणमूल सांसदों को निशाने पर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभिषेक बनर्जी ने इन नेताओं को ‘गद्दार’ बताते हुए कहा कि वह पार्टी की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी से आग्रह करेंगे कि भविष्य में ऐसे लोगों को तृणमूल कांग्रेस में वापस नहीं लिया जाए। उन्होंने मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय से बिलबोर्ड हटाए जाने को लेकर भी भाजपा और राज्य प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 21:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनिया गांधी और एनएसी को लेकर ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी से सियासी विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong> राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े माने जाने वाले मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ के ताजा संपादकीय में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) को लेकर की गई टिप्पणी से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। संपादकीय में एनएसी के कार्यकाल और उससे जुड़े राजनीतिक-सामाजिक समूहों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं तथा ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संपादकीय में दावा किया गया है कि अलग-अलग किसान, छात्र और अन्य आंदोलनों के पीछे इस्लामवादी, माओवादी, मिशनरी, सामाजिक कार्यकर्ता, गैर सरकारी संगठन, कुछ बुद्धिजीवी, कानूनी पेशेवर, फिल्म जगत और मीडिया के कुछ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186690/political-controversy-over-mindful-naxal-comment-regarding-sonia-gandhi-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/untitled_design_5_1-sixteen_nine.webp" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong> राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े माने जाने वाले मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ के ताजा संपादकीय में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) को लेकर की गई टिप्पणी से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। संपादकीय में एनएसी के कार्यकाल और उससे जुड़े राजनीतिक-सामाजिक समूहों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं तथा ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संपादकीय में दावा किया गया है कि अलग-अलग किसान, छात्र और अन्य आंदोलनों के पीछे इस्लामवादी, माओवादी, मिशनरी, सामाजिक कार्यकर्ता, गैर सरकारी संगठन, कुछ बुद्धिजीवी, कानूनी पेशेवर, फिल्म जगत और मीडिया के कुछ हिस्सों का गठजोड़ काम कर रहा है। संपादकीय में इन समूहों की गतिविधियों को हिंदुत्व के खिलाफ व्यापक अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस टिप्पणी के बाद ‘दिमागी नक्सल’ शब्द के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर बहस तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में इस शब्द के इस्तेमाल के बाद विपक्ष की ओर से भी सवाल उठाए गए थे कि इसका इस्तेमाल किन लोगों के लिए किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विपक्ष के सवालों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया था कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा है। रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच पर इस शब्द की अपनी व्याख्या देते हुए कहा था कि इसमें वे लोग शामिल हैं जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, संविधान को नहीं मानते, अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं या अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं तथा कथित तौर पर पूर्वोत्तर को देश से अलग करने की कोशिश करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">‘ऑर्गनाइजर’ के संपादकीय में एनएसी के संदर्भ में की गई टिप्पणी ने इस बहस को एक नया राजनीतिक आयाम दे दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि ‘दिमागी नक्सल’ शब्द की राजनीतिक और वैचारिक परिभाषा क्या है तथा इसके दायरे में किन विचारों और समूहों को रखा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एनएसी का गठन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल में हुआ था और सोनिया गांधी इसकी अध्यक्ष थीं। संपादकीय में एनएसी की भूमिका और उससे जुड़े राजनीतिक प्रभावों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, संपादकीय में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 20:58:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कानून सबके लिए बराबर है तो कार्रवाई में फर्क क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">राजीव शुक्ला</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यह विश्वास है कि देश में कानून सर्वोच्च है और कानून की नजर में हर नागरिक बराबर है। संविधान का मूल भाव भी यही है कि किसी व्यक्ति के साथ उसके पद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पैसे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रभाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहचान या राजनीतिक पहुंच के आधार पर अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए। लेकिन जब आम आदमी अपने आसपास की व्यवस्था को देखता है तो उसके मन में एक असहज सवाल जरूर उठता है—अगर कानून सबके लिए बराबर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कार्रवाई में फर्क क्यों दिखाई देता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यह सवाल केवल किसी एक शहर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विभाग</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186688/law-is-equal-for-all-so-why-difference-in-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/rajeev-shukla1.webp" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">राजीव शुक्ला</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यह विश्वास है कि देश में कानून सर्वोच्च है और कानून की नजर में हर नागरिक बराबर है। संविधान का मूल भाव भी यही है कि किसी व्यक्ति के साथ उसके पद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पैसे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रभाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहचान या राजनीतिक पहुंच के आधार पर अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए। लेकिन जब आम आदमी अपने आसपास की व्यवस्था को देखता है तो उसके मन में एक असहज सवाल जरूर उठता है—अगर कानून सबके लिए बराबर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कार्रवाई में फर्क क्यों दिखाई देता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यह सवाल केवल किसी एक शहर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विभाग या सरकार का नहीं है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> यह उस व्यवस्था से जुड़ा सवाल है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें कानून बनाने से लेकर उसे लागू करने तक की पूरी प्रक्रिया शामिल है। एक गरीब व्यक्ति सड़क किनारे कुछ सामान रख देता है तो अतिक्रमण हटाने का अभियान तुरंत पहुंच जाता है। उसका ठेला हट जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामान जब्त हो जाता है और कभी-कभी जुर्माना भी लग जाता है। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्षों से सार्वजनिक जमीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटपाथ या नाले पर प्रभावशाली लोगों के कब्जे की शिकायतें होती रहती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कार्रवाई की गति अचानक धीमी पड़ जाती है। सवाल यह नहीं कि अतिक्रमण हटना चाहिए या नहीं। सवाल यह है कि क्या कानून की कसौटी सबके लिए समान है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यही स्थिति पुलिस और शिकायतों के स्तर पर भी दिखाई देती है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आम नागरिक थाने में शिकायत लेकर जाता है तो उससे कई बार सबूत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गवाह और दस्तावेजों की लंबी सूची मांगी जाती है। प्रभावशाली व्यक्ति की शिकायत पर व्यवस्था कितनी तेजी से सक्रिय होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह अनुभव कई लोगों के मन में व्यवस्था के प्रति सवाल पैदा करता है। यदि शिकायत सही है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे शिकायतकर्ता गरीब हो या प्रभावशाली। और यदि शिकायत गलत है तो केवल दबाव या पहचान के आधार पर किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। कानून का असली सम्मान तभी होगा जब उसका इस्तेमाल व्यक्ति देखकर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपराध देखकर हो। हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती कानूनों की कमी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनके निष्पक्ष और समान अनुपालन की है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> कानून की किताब में धाराएं सभी के लिए समान हो सकती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जमीन पर उनका इस्तेमाल समान है या नहीं—यही लोकतंत्र की वास्तविक परीक्षा है। अक्सर कार्रवाई की शुरुआत छोटे लोगों से होती है क्योंकि उन पर कार्रवाई करना आसान होता है। मजदूर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दुकानदार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ठेले वाला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गरीब परिवार या कमजोर व्यक्ति प्रशासन के सामने अपनी बात मजबूती से रखने की स्थिति में नहीं होता। लेकिन यही स्थिति व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा पैदा करती है। यदि कमजोर व्यक्ति को लगे कि कानून केवल उसी पर चलता है और ताकतवर व्यक्ति उससे बच सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कानून के प्रति विश्वास कमजोर होने लगता है। न्याय व्यवस्था का आधार केवल सजा देना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि निष्पक्षता का भरोसा पैदा करना भी है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी समझना होगा कि हर कार्रवाई को राजनीतिक चश्मे से देखना उचित नहीं है। प्रशासन को अतिक्रमण हटाना है तो हटाना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवैध निर्माण पर कार्रवाई करनी है तो करनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपराध पर मुकदमा दर्ज करना है तो दर्ज करना चाहिए। लेकिन कार्रवाई की पारदर्शिता और समानता अनिवार्य होनी चाहिए। यदि एक ही प्रकार के मामलों में दो अलग-अलग मानदंड अपनाए जाएंगे तो सवाल उठेंगे ही। सरकारें बदलती रहती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी आते-जाते रहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन संस्थाएं स्थायी होती हैं। इसलिए किसी भी व्यवस्था की सफलता इस बात से तय नहीं होनी चाहिए कि उसने कितनी कार्रवाइयां कीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि इससे तय होनी चाहिए कि उसकी कार्रवाई कितनी निष्पक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शी और कानूनसम्मत थी। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज जरूरत इस बात की है कि प्रशासन अपने हर बड़े अभियान के साथ यह भी स्पष्ट करे कि कार्रवाई का आधार क्या है। किस नियम के तहत कार्रवाई की गई</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">किन लोगों को नोटिस दिया गया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">किन्हें समय दिया गया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">कितनी शिकायतें मिलीं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">कितनों पर कार्रवाई हुई</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">और क्या समान परिस्थितियों वाले अन्य मामलों में भी वही कार्रवाई की गई</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी पारदर्शिता से केवल जनता के सवालों का जवाब नहीं मिलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि ईमानदार अधिकारियों को भी राजनीतिक और बाहरी दबाव से बचाने में मदद मिलेगी। कानून का राज तब नहीं माना जाएगा जब केवल कानून की किताबें मौजूद हों। कानून का राज तब माना जाएगा जब एक साधारण नागरिक भी यह विश्वास कर सके कि उसके सामने खड़ा व्यक्ति कितना भी ताकतवर क्यों न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गलत करेगा तो कानून उसके दरवाजे तक पहुंचेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र में सत्ता की असली ताकत विरोधियों को दबाने में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपने समर्थकों पर भी वही कानून लागू करने में होती है। प्रशासन की असली निष्पक्षता कमजोर पर कार्रवाई करने में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि ताकतवर के सामने भी नियमों को कायम रखने में दिखाई देती है। इसलिए आज सबसे जरूरी सवाल यही है—क्या हम ऐसा भारत बना रहे हैं जहां कानून व्यक्ति की पहचान नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके कृत्य को देखता है</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि जवाब हां है तो हर कार्रवाई में समानता दिखाई देनी चाहिए। और यदि कहीं कार्रवाई में फर्क दिखाई देता है तो व्यवस्था को रक्षात्मक होने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। क्योंकि जनता को केवल कार्रवाई नहीं चाहिए—उसे न्याय चाहिए। और न्याय वही है जिसमें कानून की नजर में न गरीब छोटा हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न अमीर बड़ा</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">न आम नागरिक कमजोर हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न प्रभावशाली व्यक्ति कानून से ऊपर। कानून का डर सबको हो और कानून पर भरोसा भी सबको हो—यही सुशासन की पहली पहचान है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/186688/law-is-equal-for-all-so-why-difference-in-action</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 20:53:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RTI लगाई, फिर भी सूचना गायब! अधिकारियों की मनमानी पर उठे गंभीर सवाल, ग्राम पंचायत सिकटा के विकास कार्यों का हिसाब देने से क्यों कतरा रहे जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मीरजापुर। </p>
<p>मीरजापुर। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध न होने का मामला सामने आया है। विकासखंड हलिया के ग्राम पंचायत सिकटा में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक कराए गए विकास कार्यों एवं वित्तीय लेन-देन का विस्तृत विवरण मांगने के लिए लोक सूचना अधिकारी, जिलाधिकारी जनपद मीरजापुर को</p>
<p>  </p>
<p>आरटीआई आवेदन दिया गया था। आवेदन में ग्राम पंचायत में कराए गए सभी विकास कार्यों की वर्षवार सूची, कार्य का नाम, स्थान, स्वीकृति संख्या, प्रारंभ एवं पूर्ण होने की तिथि सहित विभिन्न अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।</p>
<p>  </p>
<p>आरटीआई आवेदन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186587/rti-filed-yet-information-missing-serious-questions-raised-on-arbitrariness"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260827-wa0471.jpg" alt=""></a><br /><p>मीरजापुर। </p>
<p>मीरजापुर। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध न होने का मामला सामने आया है। विकासखंड हलिया के ग्राम पंचायत सिकटा में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक कराए गए विकास कार्यों एवं वित्तीय लेन-देन का विस्तृत विवरण मांगने के लिए लोक सूचना अधिकारी, जिलाधिकारी जनपद मीरजापुर को</p>
<p> </p>
<p>आरटीआई आवेदन दिया गया था। आवेदन में ग्राम पंचायत में कराए गए सभी विकास कार्यों की वर्षवार सूची, कार्य का नाम, स्थान, स्वीकृति संख्या, प्रारंभ एवं पूर्ण होने की तिथि सहित विभिन्न अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।</p>
<p> </p>
<p>आरटीआई आवेदन में प्रत्येक विकास कार्य के लिए स्वीकृत धनराशि, खर्च की गई धनराशि और भुगतान का पूरा विवरण तथा संबंधित माप पुस्तिका (एम.बी.) की प्रमाणित प्रति मांगी गई है। इसके साथ ही कार्य कराने वाले ठेकेदार, फर्म अथवा संस्था का नाम-पता और उन्हें किए गए भुगतान का विवरण भी मांगा गया है। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट, खड़ंजा एवं नाली निर्माण जैसी योजनाओं के लाभार्थियों की सूची और चयन प्रक्रिया से संबंधित अभिलेख भी मांगे गए हैं।</p>
<p> </p>
<p>आवेदन में पंचायत निधि, राज्य वित्त एवं 15वें वित्त आयोग से खरीदी गई सामग्री के बिल-वाउचर, ग्राम पंचायत की बैठकों की कार्यवाही रजिस्टर तथा वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक पंचायत खाते में प्राप्त कुल धनराशि एवं मदवार व्यय का बैंक स्टेटमेंट भी मांगा गया है। साथ ही कराए गए कार्यों की गुणवत्ता एवं तकनीकी जांच रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई है।</p>
<p> </p>
<p>आवेदनकर्ता का कहना है कि आरटीआई के माध्यम से सार्वजनिक धन से कराए गए विकास कार्यों और खर्च की गई धनराशि से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद सूचना उपलब्ध न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। आवेदन में नियमानुसार सूचना उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था और अतिरिक्त शुल्क होने पर आवेदक को सूचित करने की बात भी कही गई थी।</p>
<p> </p>
<p>मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आरटीआई के तहत ग्राम पंचायत के विकास कार्यों, भुगतान और सरकारी धन के इस्तेमाल से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं तो संबंधित विभाग द्वारा सूचना उपलब्ध कराने में देरी क्यों हो रही है? सूचना के अधिकार का उद्देश्य सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। ऐसे में यदि सूचना नहीं मिलती है तो इससे ग्रामीणों के बीच भी तरह-तरह के सवाल उठना स्वाभाविक है।</p>
<p> </p>
<p>ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और ग्राम पंचायत सिकटा में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक कराए गए विकास कार्यों एवं खर्च की गई सरकारी धनराशि का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 16:03:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[प्रवीण तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अभाविप की मांग पर उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा मेडिकल इंटर्न्स का स्टाइपेंड बढ़ाने का स्वागत </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों एवं चिकित्सा विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस (MBBS) एवं बीडीएस (BDS) इंटर्न्स के मासिक स्टाइपेंड को ₹12,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने के निर्णय का स्वागत करती है। यह निर्णय प्रदेश के मेडिकल विद्यार्थियों एवं इंटर्न्स की लंबे समय से चली आ रही न्यायसंगत मांग को स्वीकार किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अभाविप ने मेडिकल इंटर्न्स के सम्मानजनक स्टाइपेंड की मांग को लेकर शासन-प्रशासन के समक्ष लगातार विषय उठाया तथा पूर्व में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री ब्रजेश पाठक जी को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186524/uttar-pradesh-cabinet-welcomes-increase-in-stipend-of-medical-interns"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/hindi-divas16.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों एवं चिकित्सा विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस (MBBS) एवं बीडीएस (BDS) इंटर्न्स के मासिक स्टाइपेंड को ₹12,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने के निर्णय का स्वागत करती है। यह निर्णय प्रदेश के मेडिकल विद्यार्थियों एवं इंटर्न्स की लंबे समय से चली आ रही न्यायसंगत मांग को स्वीकार किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभाविप ने मेडिकल इंटर्न्स के सम्मानजनक स्टाइपेंड की मांग को लेकर शासन-प्रशासन के समक्ष लगातार विषय उठाया तथा पूर्व में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री ब्रजेश पाठक जी को ज्ञापन सौंपकर स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मेडिकल इंटर्न्स स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इंटर्नशिप के दौरान उन्हें लंबे ड्यूटी आवर्स, रात्रिकालीन एवं आपातकालीन ड्यूटी, मरीजों की निरंतर देखभाल तथा चिकित्सकीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है। प्रशिक्षण की इस महत्वपूर्ण अवधि में सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण अनेक इंटर्न्स को दैनिक जीवन, आवागमन, भोजन एवं अन्य आवश्यक खर्चों का प्रबंधन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्रीय संस्थानों एवं अन्य राज्यों के सापेक्ष प्रदेश में इंटर्न्स को मिलने वाले स्टाइपेंड में असमानता का विषय भी अभाविप द्वारा प्रमुखता से उठाया गया था। ऐसे में स्टाइपेंड में वृद्धि उनके परिश्रम एवं जिम्मेदारियों के अनुरूप आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री श्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि, "मेडिकल इंटर्नशिप की अवधि युवा चिकित्सकों के लिए सीखने के साथ-साथ अत्यंत चुनौतीपूर्ण भी होती है। लंबे ड्यूटी आवर्स, लगातार रात्रिकालीन एवं आपातकालीन ड्यूटी, मरीजों की गंभीर स्थिति से निपटना और अस्पताल की जिम्मेदारियों के बीच इंटर्न्स को अपनी पढ़ाई एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं का भी प्रबंधन करना पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीमित स्टाइपेंड के कारण विशेषकर दूसरे शहरों में रहकर इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों के सामने आवास, भोजन, आवागमन और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने की कठिनाई बनी रहती है। ऐसे में स्टाइपेंड को ₹12,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किया जाना उनके श्रम, जिम्मेदारियों और कठिन परिस्थितियों को समझते हुए लिया गया संवेदनशील निर्णय है। अभाविप लंबे समय से इन समस्याओं को शासन के समक्ष उठाती रही है और हमें प्रसन्नता है कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया है।"</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 21:30:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सुरियावां (भदोही): </strong>थाना क्षेत्र के विहियापुर गांव के पास मंगलवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे यह हादसा हुआ। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, पट्टी बेजाव निवासी भोलू प्रसाद (40 वर्ष) पुत्र चन्द्रबली मंगलवार रात करीब 8:15 बजे अपनी बाइक (UP62CK6862) से जानपुर रोड स्टेशन की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह विहियापुर गांव के पास पहुंचे, तभी छनौरा की तरफ से आ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186521/bike-rider-dies-in-road-accident"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/33.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सुरियावां (भदोही): </strong>थाना क्षेत्र के विहियापुर गांव के पास मंगलवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे यह हादसा हुआ। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, पट्टी बेजाव निवासी भोलू प्रसाद (40 वर्ष) पुत्र चन्द्रबली मंगलवार रात करीब 8:15 बजे अपनी बाइक (UP62CK6862) से जानपुर रोड स्टेशन की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह विहियापुर गांव के पास पहुंचे, तभी छनौरा की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार चार पहिया गाड़ी (UP70EW8686) के चालक ने लापरवाही से चलाते हुए उनकी बाइक में सीधी टक्कर मार दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दुर्घटना के बाद पीछे दूसरी बाइक से आ रहे मृतक के पिता चन्द्रबली व छोटे भाई नीरज मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी चालक अपनी गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया। परिजनों द्वारा आनन-फानन में भोलू प्रसाद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सुरियावां ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के संबंध में मृतक के पिता चन्द्रबली की लिखित तहरीर पर सुरियावां पुलिस ने एफआईआर संख्या 0287/2026 दर्ज की है। पुलिस ने आरोपी वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) और 281 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक मो. शकील खान को सौंपी गई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 21:28:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राखी का मतलब प्यार, विश्वास और सम्मान का अटूट रिश्ता : सूरज सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा।</strong>  बुधवार को सुवन्स मिलेनियम पब्लिक स्कूल, गोण्डा के प्रांगण में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास और भावनात्मक माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रिंसिपल, शिक्षिकाओं एवं स्टाफ के साथ-साथ नगर व ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचीं सैकड़ों बहनों ने हिस्सा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रिंसिपल रीना तिवारी ने सूरज सिंह को तिलक लगाकर, आरती उतारकर तथा रक्षा सूत्र बांधकर की। इस दौरान भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, सम्मान और एक-दूसरे की रक्षा की भावना को मजबूत बनाए रखने की प्रार्थना की गई। इसके बाद नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र से आईं सैकड़ों बहनों ने सूरज सिंह की कलाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186519/rakhi-means-an-unbreakable-relationship-of-love-trust-and-respect"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1008126452.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा।</strong> बुधवार को सुवन्स मिलेनियम पब्लिक स्कूल, गोण्डा के प्रांगण में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास और भावनात्मक माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रिंसिपल, शिक्षिकाओं एवं स्टाफ के साथ-साथ नगर व ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचीं सैकड़ों बहनों ने हिस्सा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रिंसिपल रीना तिवारी ने सूरज सिंह को तिलक लगाकर, आरती उतारकर तथा रक्षा सूत्र बांधकर की। इस दौरान भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, सम्मान और एक-दूसरे की रक्षा की भावना को मजबूत बनाए रखने की प्रार्थना की गई। इसके बाद नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र से आईं सैकड़ों बहनों ने सूरज सिंह की कलाई पर राखी बांधी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1008126460.jpg" alt="राखी का मतलब प्यार, विश्वास और सम्मान का अटूट रिश्ता : सूरज सिंह" width="482" height="321"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर सूरज सिंह ने कहा कि <strong>“भाई-बहन का रिश्ता अनमोल होता है, जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता। बचपन के नटखटपन से शुरू होने वाला यह रिश्ता कब प्रेम, रक्षा, सम्मान और विश्वास के मजबूत बंधन में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता। मेरी राखी का मतलब सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि बहनों के प्यार और विश्वास की जिम्मेदारी है।”</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की शिक्षिका सुमन सिंह ने <em>“समझो न रेशम का तार भैया”</em> गीत प्रस्तुत कर भाई-बहन के प्रेम को अभिव्यक्त किया। वहीं शैली पटेल ने <em>“माता भी तू, पिता भी तू...”</em> गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में भावनात्मक रंग भर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अध्ययनरत छात्रों के अभिभावक श्रीमती पूजा राय एवं मानसी चौहान ने भी रक्षाबंधन से जुड़े अपने अनुभव और संस्मरण साझा किए। उन्होंने पर्व की प्रासंगिकता और भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाने के विषय पर अपने विचार रखे।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में सूरज सिंह ने उपस्थित सभी बहनों का मुंह मीठा कराया तथा उन्हें उपहार भेंट कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। पूरे कार्यक्रम में भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सम्मान की भावना देखने को मिली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 21:27:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम से लंबित बस अड्डा, फायर स्टेशन, विकास कार्यों के लिये  विधायक ने किया अनुरोध</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्य नाथ ने देवीपाटन मंडल एवं बस्ती मंडल के विधायकों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बस्ती मण्डल की बैठक में विधानसभा क्षेत्र शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा व कपिलवस्तु  विधायक श्यामधनी राही भी शामिल रहे। विधायक विनय वर्मा ने बताया कि बैठक में विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति, लंबित कार्यों, जनसमस्याओं, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता तथा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से पूरी ताकत और सक्रियता के साथ जनता के बीच रहने तथा संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने का आह्वान किया।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186516/mla-requests-cm-for-pending-bus-stand-fire-station-development"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1787759065741.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्य नाथ ने देवीपाटन मंडल एवं बस्ती मंडल के विधायकों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बस्ती मण्डल की बैठक में विधानसभा क्षेत्र शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा व कपिलवस्तु  विधायक श्यामधनी राही भी शामिल रहे। विधायक विनय वर्मा ने बताया कि बैठक में विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति, लंबित कार्यों, जनसमस्याओं, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता तथा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से पूरी ताकत और सक्रियता के साथ जनता के बीच रहने तथा संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने का आह्वान किया।  मुख्यमंत्री ने क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक विषय पर बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने संगठन से तालमेल बनाकर जनता के बीच निरंतर सक्रिय रहने को कहा । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधायक विनय वर्मा ने मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र में लंबित बस अड्डा, फायर स्टेशन सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े आवश्यक कार्य किसी भी स्थिति में रुकने नहीं दिए जाएंगे। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन हम सभी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनके नेतृत्व में हम संकल्पित हैं कि अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को गति देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में वर्ष 2027 में एक बार फिर भाजपा एनडीए की सरकार बनेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 21:24:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे की चोरी नहीं होने देंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा विवाद की तरह वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों पर सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि वह चढ़ावे में गड़बड़ी नहीं होने देगा। अदालत ने साफ़ कहा कि भक्तों द्वारा दिया गया एक-एक रुपया सीधे मंदिर के खजाने में जाना चाहिए और किसी भी सेवायत या अन्य व्यक्ति को दान की राशि सीधे नहीं लेने दिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन समिति को निर्देश दिया कि वह चढ़ावे के लिए पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था लागू करे और यह सुनिश्चित करे कि सभी दान या तो मंदिर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186511/banke-bihari-will-not-allow-theft-of-temple-offerings"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/images6.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा विवाद की तरह वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों पर सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि वह चढ़ावे में गड़बड़ी नहीं होने देगा। अदालत ने साफ़ कहा कि भक्तों द्वारा दिया गया एक-एक रुपया सीधे मंदिर के खजाने में जाना चाहिए और किसी भी सेवायत या अन्य व्यक्ति को दान की राशि सीधे नहीं लेने दिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन समिति को निर्देश दिया कि वह चढ़ावे के लिए पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था लागू करे और यह सुनिश्चित करे कि सभी दान या तो मंदिर के अधिकृत दानपात्रों (डोनेशन बॉक्स) के ज़रिए जमा हों या फिर ऑनलाइन माध्यम से सीधे मंदिर के खाते में पहुंचें। वृंदावन स्थित प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह टिप्पणी की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, 'इस बात में कोई संदेह नहीं रहना चाहिए कि भक्तों द्वारा दिया गया हर एक पैसा केवल मंदिर के दानपात्र या ऑनलाइन माध्यम से सीधे मंदिर के खजाने में जमा हो। यदि कोई सेवायत या अन्य व्यक्ति इसमें बाधा डालता है तो अदालत इसे गंभीरता से देखेगी।' बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने कहा कि मंदिर प्रबंधन समिति ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे दान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी तरह की गड़बड़ी या दुरुपयोग की संभावना खत्म हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान एक पक्ष की ओर से कहा गया कि मंदिर के कुछ भंडारी और सेवायत भक्तों से सीधे नकद राशि लेते हैं और यह उनके पारंपरिक अधिकार का हिस्सा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि किसी भी सेवायत को यह अधिकार नहीं है कि वह भगवान के नाम पर दिया गया दान पहले खुद ले ले।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले पूरा चढ़ावा मंदिर के खजाने में जाएगा। इसके बाद यदि किसी सेवायत को नियमों के अनुसार कोई हिस्सा मिलना है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिलेगा। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा, 'कोई पुजारी या सेवायत भगवान की संपत्ति पर पहले से अधिकार नहीं जता सकता।'</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने आरोप लगाया कि मंदिर प्रबंधन समिति मंदिर की निधि का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने जैसे कार्यों में कर रही है। उन्होंने अदालत से कहा कि यह साफ़ होना चाहिए कि समिति को मंदिर के पैसे से संपत्ति खरीदने का अधिकार है या नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े कानून और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक सवाल अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि यदि मंदिर के विकास के लिए अस्पताल, सुविधाएं या अन्य सार्वजनिक व्यवस्था बनानी हो तो उसके लिए धन कहां से आएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान मंदिर में पहले हुई भगदड़ का भी जिक्र किया गया। याचिकाकर्ताओं ने सुझाव दिया कि श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग या टिकट आधारित दर्शन व्यवस्था लागू की जा सकती है, जैसा कोविड-19 के दौरान किया गया था। उन्होंने कहा कि इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा बेहतर होगी और अव्यवस्था से बचा जा सकेगा। अदालत ने इस सुझाव पर संबंधित पक्ष से जवाब दाखिल करने को कहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन को लेकर विवाद पिछले वर्ष तब बढ़ा था, जब उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश, 2025 लागू कर मंदिर के प्रशासन को नई कानूनी व्यवस्था के तहत लाने का फैसला किया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया हर दान पहले मंदिर के अधिकृत खजाने में जमा होगा। अदालत का मानना है कि इससे चढ़ावे के उपयोग में पारदर्शिता आएगी, वित्तीय गड़बड़ियों पर रोक लगेगी और मंदिर प्रशासन अधिक जवाबदेह बनेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 21:20:47 +0530</pubDate>
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