<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/3237/navratri" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>navratri - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/3237/rss</link>
                <description>navratri RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> नवरात्रि में एंटी-रोमियो अभियान, छेड़छाड़ और अपराधों पर पुलिस का कड़ा प्रहार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ओबरा (सोनभद्र)। </strong>नवरात्रि महापर्व के दौरान महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, ओबरा पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में छेड़छाड़, आपराधिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों के जमावड़े पर नकेल कसने के लिए एक विस्तृत और सख्त अभियान शुरू किया है। इस विशेष कार्रवाई का उद्देश्य न सिर्फ त्योहार के दौरान बल्कि भविष्य में भी महिलाओं के लिए एक निर्भीक और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मनचलों पर नकेल और सार्वजनिक स्थानों पर सख्ती</strong></div>
<div style="text-align:justify;">यह सघन अभियान क्षेत्राधिकारी (सीओ) ओबरा, हर्ष पांडे के सीधे नेतृत्व में चलाया जा रहा है। पुलिस का मुख्य ध्यान मनचले आशिकों और सार्वजनिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155964/police-attacks-on-anti-romio-campaign-in-navratri-and-police-attacks"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/3----+++++----+++--+++--+++-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ओबरा (सोनभद्र)। </strong>नवरात्रि महापर्व के दौरान महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, ओबरा पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में छेड़छाड़, आपराधिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों के जमावड़े पर नकेल कसने के लिए एक विस्तृत और सख्त अभियान शुरू किया है। इस विशेष कार्रवाई का उद्देश्य न सिर्फ त्योहार के दौरान बल्कि भविष्य में भी महिलाओं के लिए एक निर्भीक और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मनचलों पर नकेल और सार्वजनिक स्थानों पर सख्ती</strong></div>
<div style="text-align:justify;">यह सघन अभियान क्षेत्राधिकारी (सीओ) ओबरा, हर्ष पांडे के सीधे नेतृत्व में चलाया जा रहा है। पुलिस का मुख्य ध्यान मनचले आशिकों और सार्वजनिक स्थानों पर गुट बनाकर बेवजह घूमने वाले तत्वों पर है।कार्रवाई के दौरान, पुलिस टीमों ने विशेष रूप से चौराहों और चाय की दुकानों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर अनावश्यक जमावड़ा लगाने वाले लोगों के खिलाफ सख्ती बरती। सीओ हर्ष पांडे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा जो त्योहार के माहौल को बिगाड़ने या महिलाओं के प्रति असुरक्षा का भाव पैदा करने की कोशिश करेगा। मौके पर थाना प्रभारी विजय चौरसिया और चौकी इंचार्ज भी टीम के साथ मौजूद रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अवैध वाहनों पर शिकंजा चेकिंग अभियान में जब्त की गईं गाड़ियां</strong></div>
<div style="text-align:justify;">सद्भाव और सुरक्षा सुनिश्चित करने के क्रम में, पुलिस ने प्रमुख चौराहों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान भी चलाया। इस दौरान कई ऐसी गाड़ियों को जब्त (सीज) किया गया, जिनके पास नंबर प्लेट नहीं थी या उनके कागजात अवैध पाए गए। चेकिंग देखकर कुछ लोगों ने अपनी गाड़ियां छोड़कर भागने की कोशिश भी की, जिन पर पुलिस ने गहन निगरानी रखी है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सीओ हर्ष पांडे ने कहा भविष्य की योजना शिक्षण संस्थानों पर रहेगी विशेष निगाह</strong></div>
<div style="text-align:justify;">अभियान की महत्ता पर जोर देते हुए सीओ हर्ष पांडे ने बताया कि यह निगरानी केवल नवरात्रि पर्व तक ही सीमित नहीं रहेगी। शैक्षणिक संस्थाओं और शहर के प्रमुख चौराहों के आसपास पुलिस टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी।इस संदर्भ में, पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष स्क्वाड एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है। एसपी ने कहा, यह स्क्वाड सिर्फ नवरात्रि के लिए नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी सक्रिय रहेगा। हम कोचिंग क्लासेस और शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास भी छेड़छाड़ की घटनाओं पर लगातार नजर रखेंगे और ऐसी किसी भी शिकायत पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी। गरबा पंडालों और मुख्य बाजारों के आसपास भटकने वाले असामाजिक तत्वों और मनचले युवकों पर कड़ी निगाह रखना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शहर के प्रमुख चौराहों, पान की दुकान और चाय की दुकानों के आसपास अपराधिक गतिविधियों को रोकना। संदिग्ध और आपराधिक तत्वों की सर्चिंग करना और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करना। एसपी अभिषेक वर्मा ने यह भी दोहराया कि इस अभियान का मुख्य फोकस महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्र में एक भयरहित त्योहार वातावरण बनाना है, जो अपराध मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/155964/police-attacks-on-anti-romio-campaign-in-navratri-and-police-attacks</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/155964/police-attacks-on-anti-romio-campaign-in-navratri-and-police-attacks</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 21:01:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/3----%2B%2B%2B%2B%2B----%2B%2B%2B--%2B%2B%2B--%2B%2B%2B-%281%29.jpg"                         length="288662"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चैत्र माह में चेतने का मौक़ा देती है प्रकृति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हिंदी का नया साल चैत्र मास से शुरू होता है। मेरे लिए ये महीना बहुत महत्वपूर्ण है। मेरी दादी बताया करतीं थीं   कि  मै चैत्र मास में ही अवतरित हुआ था। इसी महीने में चेतुओं की किस्मत चेतती है।  दादी निरक्षर थीं लेकिन पंचांग के बारे में उन्हें पता नहीं कहाँ से पता चल जाता था। वे बताती थीं कि  चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। इसी  दिन से चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व का शुभारंभ भी होता है। इस बार चैत्र मास 30 मार्च 2025 यानी आज से शुरू हुआ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150615/nature-gives-a-chance-to-conscious-in-chaitra-month"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/navdurga.webp" alt=""></a><br /><p>हिंदी का नया साल चैत्र मास से शुरू होता है। मेरे लिए ये महीना बहुत महत्वपूर्ण है। मेरी दादी बताया करतीं थीं   कि  मै चैत्र मास में ही अवतरित हुआ था। इसी महीने में चेतुओं की किस्मत चेतती है।  दादी निरक्षर थीं लेकिन पंचांग के बारे में उन्हें पता नहीं कहाँ से पता चल जाता था। वे बताती थीं कि  चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। इसी  दिन से चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व का शुभारंभ भी होता है। इस बार चैत्र मास 30 मार्च 2025 यानी आज से शुरू हुआ तो दादी की बहुत याद आयी। वे पक्की सनातनी थीं किन्तु मैंने उन्हें कभी व्रत -उपवास करते नहीं देखा ,जबकि ठीक उनके विपरीत मेरी माँ को तीज-त्यौहार,व्रत,उपवास में गहरी दिलचस्पी थी। उनकी देखा-देखी मैंने भी अनेक बार चैत्र मास में 9 दिन के न सिर्फ व्रत किये बल्कि दो मर्तबा गवालियर से करौली तक 208  किमी की लम्बी और कठिन पदयात्रा भी की।</p>
<p>आज का पंचांग बता रहा है कि इस तिथि पर रेवती नक्षत्र और ऐन्द्र योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है। इसके अलावा यह दिन हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2082 के रूप में आया है, जिसमें सूर्य और चंद्र देव दोनों मीन राशि में मौजूद हैं।आज के ही दिन देश-दुनिया में ईद का त्यौहार भी मनाया जा रहा है लेकिन  भारत में तमाम पाबंदियों के साथ। कहते हैं न कि  -जिसकी लाठी,उसकी भैंस। आज लाठी हमारे हाथ में हैं। इसलिए भैंस भी हमारी है। हमारी भैंस  के आगे बीन बजाने का कोई फायदा नहीं ,क्योंकि वो ससुरी खड़ी-खड़ी पगुराती रहती है ।  बीन की धुन पर नाचना उसे आता ही नहीं है।उसे न मणिपुर कि जलने से कोई फर्क पड़ता है और न कुणाल कामरा काण्ड से।  </p>
<p>आप कहेंगे कि  नया साल और नए साल का पहला  दिन में ये भैंस कहाँ से आ गयी। तो आपको बता दें कि  भैंस  से हमारा सनातन नाता है,ये बात अलग है कि  हम किसी भैंस को अपनी माता नहीं कहते,जबकि भैंस ,गौमाता से जायदा  दूध देती है,ज्यादा गोबर देती है और ज्यादा मांसाहार भी देती है। दुर्भाग्य ये है  कि  हमारे यहां भैंसपुत्र   केवल बलि के लिए इस्तेमाल किये जाते है।</p>
<p> किसी जमाने में भैंसे पंचायतों ,नगर निगमों में कचरा गाडी खींचने के काम भी आते थे किन्तु अब तो बेचारे सिर्फ  कटते हैं और लोगों के पेट भरने के काम आते हैं। भैंसों के नाम परदुनिया के  किसी देश में कोई राजनीती नहीं होती ।  कम से कम हमारे देश में तो नहीं होती ।  हमारे यहां गायों के नाम पर राजनीति भी होती है और लिंचिंग भी। दुर्भाग्य ये है कि  भारत में अभी तक किसी ने भैंसशाला नहीं खोली  इसीलिए भैंसे अक्सर सड़क पर आवारगी करते देखी जा सकतीं हैं।  </p>
<p>मै कट्टर सनातनी हूँ, फिर भी इन ज्योतिषियों की वजह से हमेशा परेशान रहते है।  ये हर त्यौहार को सुलभ के बजाय दुर्लभ बताकर ऐसा उन्माद पैदा करते हैं कि  आधा देश महाकुम्भ में नहाने जा धमकता है ,दीवाली पर ऐसा पुष्य योग बताते हैं कि  आधा देश भले कटोरा लिए खड़ा रहे लेकिन बाकी देश सर्राफा बाजार या मोटरकार   बाजार में खड़ा नजर आता है।  ज्योतिषी इस बार भी नहीं माने।</p>
<p>ज्योतिषीय गणना के मुताबिक लगभग 100 वर्षों बाद नवरात्रि के प्रथम दिन पंचग्रही योग का निर्माण भी हो रहा है. इसके साथ ही पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि ,इंद्र, बुद्धदित्य ,शुक्रदित्य, लक्ष्मी नारायण जैसे शुभ योग का निर्माण हो रहा है.।  हमारा   सौभाग्य है या दुर्भाग्य कि  ये ज्योतिषी हमारे पास ही सबसे जायदा है।  दूसरे मजहबों में भी हैं लेकिन वे इतने शातिर नहीं हैं जितने किहमारे हैं। हम पढ़े-लिखे हों या अनपढ़  सब के सब ज्योतिषियों के इशारों पर नाचते हैं।</p>
<p>कभी-कभी मै सोचता हूँ कि  हमारे पास भले ही वैज्ञानिक कम हों किन्तु  ज्योतिषी इफरात में है। काश ऐसे ही ज्योतिषी म्यांमार वालों के पास होते ।  कम से कम वे ये तो बता देते कि  वहां  जो भूकमंप आया है वो किस दुर्लभ योग में आया है और उसके क्या लाभ-हानि है। किस राशि के जातकों के लिए भूकंप जानलेवा साबित होगा और कौन सा  महफूज रहेगा ? म्यांमार वालों के साथ हमारी गहन संवदना है ।  हमारी सनातनी सरकार ने म्यांमार के भूकंप पीड़ितों की इमदाद के लिए  लेफ्टिनेंट कर्नल जगनीत गिल के नेतृत्व में शत्रुजीत ब्रिगेड मेडिकल रिस्पॉन्डर्स की 118 सदस्यीय टीम आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और आपूर्ति के साथ शीघ्र ही म्यांमार के लिए रवाना हुई. यह टीम जरूरी चिकित्सा उपकरणों और आपूर्ति के साथ एयरबोर्न एंजल्स टास्क फोर्स के रूप में तैनात की जा रही है, ये फोर्स आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में उन्नत चिकित्सा और सर्जरी सेवाएं देने के लिए प्रशिक्षित है।</p>
<p>हम शुक्रगुजार   हैं भारत सरकार की दरियादिली के, कि  उसने कम से कम चैत्र मास में कोई तो पुण्यकार्य किया ! अन्यथा मुमकिन था कि  हमारे गृहमंत्री अड़ जाते कि - नहीं  ! म्यांमार में राहत भेजने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वहां  के रोहिंग्या मुसलमान भी इस राहत का फायदा उठाएंगे। हमारी सरकार को मुसलमानों से खासी चिढ है,फिर चाहे वे हिन्दुस्तानी हों या बांग्लादेशी या म्यांमारी। हमारे यहां मुसलमान ही हैं जो सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकते,सड़क तो छोड़िये अपने घर की छत पर नमाज नहीं पढ़ सकते।  मुसलमानों को छोड़ दुसरे मजहबों का कोई भी आदमी कुछ भी कर सकता है। उसके लिए कोईपाबन्दी नहीं है।</p>
<p>इस नवरात्रि पर मै भी 9  दिन के व्रत रख रखा हूँ ।  मेरी देवी में भारी आशक्ति है ।  मेरी कामना है कि  देवी माँ भारत की पुण्य भूमि पर पैदा होने वाले हर हिंदुस्तानी का कल्याण करें ।  मुझे उम्मीद है कि  ऐसा होगा भी ,क्योंकि हमारी देवियाँ नेताओं की तरह हिन्दू-मुसलमान नहीं देखतीं कल्याण करते वक्त। हमने जितनी भी किम्वदंतियां या लोक कथाएं पढ़ी हैं उनमें  किसी में भी किसी देवी ने किसी खान  साहब का वध नहीं किया। उन्होंने महिषासुर को मारा। मुसलमानों में भी शैतान के बच्चे पैदा होते हैं जो आतंकवादी हो जाते हैं लेकिन उनका नाश करने के लिए देवियों ने दूसरी व्यवस्था की है।</p>
<p> </p>
<p>हिन्दुओं में भी शैतान होते हैं ,वे भी आदमी तो आदमी इमारतों और कब्रों तक को जमीदोज कर देते हैं ,लेकिन उनका इलाज हमारी देवियों के पास नहीं  है। चूंकि  हमारे सनातनियों को अब विक्रम सम्वत में आस्था है इसलिए उन्हें इस नववर्ष की बधाइयां ,चूंकि आज ही ईद है इसलिए मुसलमानों को ईद मुबारक और म्यांमार के भूकंप पीड़ितों को अपनी हार्दिक संवेदनाएं देते हुए मै अपने आपको खुशनसीब समझता हूँ क्योंकि आज से 9  दिन तक मुझे शक्ति की आराधना की छूट है।  मै कमरे में ,घर की छत पर या सड़क पर ,कहीं भी आराधना कर सकता हू।  तमाम पाबंदियां  तो विधर्मीयों  के लिए हैं।  वे भारतीय होकर भी हमारे लिए प्रवासी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150615/nature-gives-a-chance-to-conscious-in-chaitra-month</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/150615/nature-gives-a-chance-to-conscious-in-chaitra-month</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 14:43:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/navdurga.webp"                         length="181830"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवरात्रि में मांस-मछली की दुकानें बंद कराने हेतु विश्व हिन्दू महासंघ ने थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>बरेली/रिठौरा:-</strong>नवरात्रि के पावन अवसर पर क्षेत्र में मांस-मछली की दुकानों को बंद रखने और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर विश्व हिन्दू महासंघ रिठौरा टीम के पदाधिकारियो ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।</div>
<div>  </div>
<div>जिलाउपाध्यक्ष मनोज कश्यप ,धर्माचार्य प्रोकोष्ठ के अध्यक्ष महंत तुलसीदास महाराज,नगर अध्यक्ष पोशाकी साहू,महामंत्री विनोद कश्यप ने थाना प्रभारी मिलकर निवेदन किया कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु उपवास एवं पूजन-अर्चना करते हैं। </div>
<div>  </div>
<div>ऐसे में मांस-मछली की बिक्री की उपलब्धता धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती है। ज्ञापन में मांग की गई कि 30 मार्च से 7 अप्रेल तक क्षेत्र में इन दुकानों को</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150596/the-vishwa-hindu-mahasangh-submitted-a-memorandum-to-the-station"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250329-wa0013.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>बरेली/रिठौरा:-</strong>नवरात्रि के पावन अवसर पर क्षेत्र में मांस-मछली की दुकानों को बंद रखने और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर विश्व हिन्दू महासंघ रिठौरा टीम के पदाधिकारियो ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।</div>
<div> </div>
<div>जिलाउपाध्यक्ष मनोज कश्यप ,धर्माचार्य प्रोकोष्ठ के अध्यक्ष महंत तुलसीदास महाराज,नगर अध्यक्ष पोशाकी साहू,महामंत्री विनोद कश्यप ने थाना प्रभारी मिलकर निवेदन किया कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु उपवास एवं पूजन-अर्चना करते हैं। </div>
<div> </div>
<div>ऐसे में मांस-मछली की बिक्री की उपलब्धता धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती है। ज्ञापन में मांग की गई कि 30 मार्च से 7 अप्रेल तक क्षेत्र में इन दुकानों को पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर वि हिन्दू परिषद के जिला उपाध्यक्ष व सभासद मनोज कश्यप ने कहा, "नवरात्रि के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय होता है। ऐसे में इस तरह की चीजों की बिक्री से आस्था प्रभावित होती है। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। पुलिस प्रशासन ने संघठन की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150596/the-vishwa-hindu-mahasangh-submitted-a-memorandum-to-the-station</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/150596/the-vishwa-hindu-mahasangh-submitted-a-memorandum-to-the-station</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 12:35:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img-20250329-wa0013.jpg"                         length="1127249"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नौ माताओं के इस महापर्व के साथ हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएंl</title>
                                    <description><![CDATA[<div>पवित्र चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ हिंदू नव वर्ष की आप सभी को शुभकामनाएं अनंत बधाइयांl</div>
<div>नवरात्रि का पहला दिन यानी प्रतिपदा तिथि मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री को समर्पित माना जाता है। इस दिन जौ (जवार)बोने तथा कलश स्थापना पूजन के साथ ही देवी का पूजन किया जाना शुभ माना जाता हैl  यह भी शास्त्रों में लिखा गया है कि प्रथम दिवस में माता की पूजा करते समय आराधक यदि लाल, गुलाबी ,नारंगी और रानी रंग के कपड़े पहन कर पूजा करने से माता का संपूर्ण आशीर्वाद प्राप्त होता हैl</div>
<div>  </div>
<div>द्वितीय दिवस यानी नवरात्रि के दूसरे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150559/wishing-the-hindu-new-year-with-this-mahaparva-of-nine"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/hindi-divas54.jpg" alt=""></a><br /><div>पवित्र चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ हिंदू नव वर्ष की आप सभी को शुभकामनाएं अनंत बधाइयांl</div>
<div>नवरात्रि का पहला दिन यानी प्रतिपदा तिथि मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री को समर्पित माना जाता है। इस दिन जौ (जवार)बोने तथा कलश स्थापना पूजन के साथ ही देवी का पूजन किया जाना शुभ माना जाता हैl  यह भी शास्त्रों में लिखा गया है कि प्रथम दिवस में माता की पूजा करते समय आराधक यदि लाल, गुलाबी ,नारंगी और रानी रंग के कपड़े पहन कर पूजा करने से माता का संपूर्ण आशीर्वाद प्राप्त होता हैl</div>
<div> </div>
<div>द्वितीय दिवस यानी नवरात्रि के दूसरे दिन अत्यंत दिव्य देवी ब्रह्मचारिणी की उपासना का विधान है सिद्धि के लिए इस दिन मां की उपासना करते समय सफेद,पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है एवं इस पवित्र दिन में आराधना करने से मनवांछित इच्छाओं की प्राप्ति होती है। तृतीय दिवस में बाघ पर सवार स्वर्ण के समान रंग एवं छटा वाली मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।इस दिन पीला, लाल, दूधिया या केसरिया रंग कपड़े पहनना शुभ माने जाते हैं एवं इन रंगों के कपड़े पहनकर देवी की आराधना करने से उनका आशीर्वाद एवं कृपा की प्राप्ति होती है।</div>
<div> </div>
<div>नवरात्रि में चतुर्थ दिवस में इस भव संसार के ब्रह्मांड की रचना करने वाली दुर्गा मां के चौथे रूप के रूप में देवी कुष्मांडा की आराधना एवं भक्ति की जाति है। इस दिन इस प्रकृति की देवी के स्वरूप की मन से आराधना करना शुभ फल देने वाला है एवं देवी प्रकृति की देवी हैं इनकी उपासना इस दिवस में पीला ,हरा, लाल और भूरे रंग का वस्त्र पहनकर करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, एवं देवी प्रसन्न होती हैं। नवरात्रि के पावन पर्व पर पंचम दिवस पर पंचमी तिथि को भगवान कार्तिकेय की माता देवी स्कंदमाता की आराधना एवं श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है।</div>
<div> </div>
<div>नवरात्रि के इस पावन पर्व पर छठवें दिन ऋषि कात्यायन की पुत्री कात्यायनी मां की पूजा अर्चना का शास्त्रों में पूजा का विधान माना जाता है। माता कात्यायनी अमोघ फलदाईनी होती हैं भक्तों द्वारा इस दिन लाल, नारंगी, गुलाबी, गेरुआ, मूंगा रंग के कपड़े पहनकर माता रानी की पूजा करने से ऐश्वर्या के साथ वैवाहिक जीवन में शांति सुख समृद्धि प्राप्त होती है। दुर्गा पूजा के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा तथा अर्चना का विधान है, नवरात्रि की पूजा में तंत्र साधना करने वाले लोग इस दिन काले रंग का वस्त्र धारण करके इनकी पूजा अर्चना करते हैं साधकों को इस दिन बैगनी, स्लेटी ,नीला एवं आसमानी रंग का वस्त्र धारण कर मां के इस दिव्य रूप की पूजा अर्चना करनी चाहिए जिससे संपूर्ण ग्रह बाधाएं दूर होती हैं।</div>
<div> </div>
<div>नवरात्रि के आठवें दिन सर्व सौभाग्य दाइनी देवी महागौरी की उपासना का दिन माना जाता है। यह अत्यंत पवित्र दिन होता है और यह देवी धन, वैभव, सुख, शांति की शक्तिशाली देवी मानी जाती हैं। इनकी पूजा के दौरान साधकों को रातों को केसरिया संतरी गुलाबी या लाल रंग के वस्त्र धारण करके पूजा करनी चाहिए जिससे सुख एवं सौभाग्य की अखंड प्राप्ति होती है। शिवरात्रि मैं माताओं के नौ रूपों में दुर्गा पूजा के नौवें तथा आखरी दिन संपूर्ण विधि विधान, रीति रिवाज और पूर्ण निष्ठा के साथ देवी की आराधना करने वाले साधकों को संपूर्ण सिद्धियां प्राप्त होती हैं और इनकी उपासना के समय हरा धागों को लाल गुलाबी नारंगी रंग के वस्त्र पहनने से समाज में पद प्रतिष्ठा वैभव एवं धन की प्राप्ति होती है।</div>
<div> </div>
<div>नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों का पूजन अर्चना एवं निष्ठा से की गई आराधना से इस जगत का कल्याण भी होता है साथ ही इस पवित्र 9 दिनों में असंख्य दीप जलाकर माता को प्रसन्न करने का प्रयास किया जाता है। नवरात्रि में उपवास रखने तथा विधि विधान से अर्चना करने से मनुष्य का जीवन तथा परलोक सफल होना शास्त्रों के अनुसार तय माना जाता है। आप सभी को चैत्र नवरात्रि कथा हिंदू नव वर्ष की अनंत शुभकामनाएं एवं बधाइयां।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150559/wishing-the-hindu-new-year-with-this-mahaparva-of-nine</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/150559/wishing-the-hindu-new-year-with-this-mahaparva-of-nine</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 15:02:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/hindi-divas54.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर के आसपास जिलों से खोये की आमद आरंभ कर सरकार नकली खोया बेचने वालों पर रोक लगाए : फ़ज़ल महमूद </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर। </strong>बुधवार समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर समिति की कोर कमेटी के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक सपा महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद की अध्यक्षता में सपा कार्यालय में आरंभ हुई। बैठक का संचालन महानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिंटू ने किया।</div>
<div>  </div>
<div>बैठक को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने कहा कि होली ईद नवरात्रि का त्यौहार नजदीक आ रहा है लेकिन जनता को खोया असली नहीं मिल रहा है खोया 350 से लेकर 450 रुपए प्रति किलो विक्रय आरंभ हो गया है शहर में नकली खोया बनाया जा रहा है यदि नकली खोया उपभोक्ताओं ने क्रय कर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149485/fazal-mahmood-prohibit-those-who-sell-fake-lost-sellers-by"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250305-wa0042.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong>बुधवार समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर समिति की कोर कमेटी के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक सपा महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद की अध्यक्षता में सपा कार्यालय में आरंभ हुई। बैठक का संचालन महानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिंटू ने किया।</div>
<div> </div>
<div>बैठक को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने कहा कि होली ईद नवरात्रि का त्यौहार नजदीक आ रहा है लेकिन जनता को खोया असली नहीं मिल रहा है खोया 350 से लेकर 450 रुपए प्रति किलो विक्रय आरंभ हो गया है शहर में नकली खोया बनाया जा रहा है यदि नकली खोया उपभोक्ताओं ने क्रय कर प्रयोग किया तथा उक्त नकली खोया के प्रयोग से बीमारी की आशंका प्रबल हो जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने अपने संबोधन में आगे कहा कि दूध ₹70 प्रति लीटर है उसमें भी मिलावट हो रही है तथा खोया जो कानपुर देहात फतेहपुर उन्नाव कन्नौज हमीरपुर के काफी संख्या में ग्रामीण खोया लेकर कानपुर महानगर की बाजार व क्षेत्रीय बाजार में विक्रय करने के लिए आकर परिवार चलाते हैं लेकिन होली के त्यौहार में विक्रय करने नगर आने पर रास्ते में रोक कर परेशान किया जाता है इसलिए ठेकेदार खोया खरीद कर नकली खोया तैयार करके विक्रय में लगना आरंभ कर दिया है जो हानिकारक होगा।</div>
<div> </div>
<div>महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने वक्तव्य में आगे बताया कि महानगर में लगभग 80000 टन खोया की खपत इस त्यौहार में होगी लेकिन गुणवत्ता के नाम पर जो कंपनिया बाजार में खोया बेचती है वह भी मानक के विपरीत होती है सपा महानगर के 1607 बूथों के क्षेत्रो का सर्वेक्षण कर आंकलन पर रिपोर्ट जारी की महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने एक पत्र शासन को भेज कर मांग की है कि खोया की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नकली खोया पर नजर रखी जाए तथा छोटे-छोटे विक्रेता अन्य जिलों से आते हैं उन्हें परेशान ना किया जाए।</div>
<div> </div>
<div>बैठक में प्रमुख रूप से महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद,प्रदेश सचिव के के शुक्ला,वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू,महासचिव संजय सिंह बंटी सेंगर,नंदलाल जयसवाल,हाजी एहसान खान,आंनद शुक्ला,हाजी अयूब आलम,महेन्द्र सिंह,शबाब अबरार,रजत मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149485/fazal-mahmood-prohibit-those-who-sell-fake-lost-sellers-by</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149485/fazal-mahmood-prohibit-those-who-sell-fake-lost-sellers-by</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 15:04:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img-20250305-wa0042.jpg"                         length="100940"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बड़ी धूमधाम से मनाया गया नवरात्रि का पर्व, नम आंखों से भक्तों ने की विदाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div>विकासखंड पचपेड़वा अंतर्गत ग्राम कोहरगड्डी में हर वर्ष की भांति बड़ी धूमधाम के साथ नवरात्रि का पर्व मनाया गया। यह दशहरे का पर्व हर वर्ष शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ दशमी तिथि को विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व असत्य पर सत्य की जीत और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर भगवान श्री राम ने लंका पति रावण का वध करते हुए विजय प्राप्त की थी। दस दिन से चलने वाले युद्ध में मां दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था । जिसे विशेष अनुष्ठानों के</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145505/the-festival-of-navratri-was-celebrated-with-great-pomp-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/img-20241012-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div>विकासखंड पचपेड़वा अंतर्गत ग्राम कोहरगड्डी में हर वर्ष की भांति बड़ी धूमधाम के साथ नवरात्रि का पर्व मनाया गया। यह दशहरे का पर्व हर वर्ष शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ दशमी तिथि को विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व असत्य पर सत्य की जीत और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर भगवान श्री राम ने लंका पति रावण का वध करते हुए विजय प्राप्त की थी। दस दिन से चलने वाले युद्ध में मां दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था । जिसे विशेष अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है, ग्राम कोहरगड्डी में नीलम प्रधान की अगुवाई में अष्टमी और नवमी रात्रि में थारू सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया कार्यक्रम में भाग लिए हुए बालक बालिकाओं को पुरस्कार वितरण किया गया।</div><div><br /></div><div>कोहरगड्डी चौराहे से होकर कई गांवों की दुर्गा मूर्ति जैसे, बीरपुर, सेमरा, बढ़ई पुरवा, हरखड़ी, इमिलिय कोडर ,बलिदान डिहवा, इत्यादि गांवों की दुर्गा मूर्ति कोहरगड्डी से होकर बिशनपुर विश्राम जाकर वापस कोहरगड्डी बांध में मूर्ति विसर्जन किया जाता है। विशुनपुर विश्राम चौराहे पर कई हजारों की भीड़ होती है। मेले भी लगते हैं इस मेले में छोटे बच्चे बच्चियों बड़े उत्साहित होते हैं। ग्राम प्रधान नीलम की अगुवाई में दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रमेश कुमार, उपाध्यक्ष राजन कुमार, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश, सहयोगीगण सुनील कुमार त्रिपाठी, श्याम सुंदर, डॉक्टर बलराम, किशन ,प्रभु दयाल मनोज कुमार ,नीतीश कुमार, विशाल, रविंदर, कमलनाथ, छैलविहारी एवम समस्त ग्रामवासी ने मां दुर्गा की मूर्ति को नम आंखों से कोहरगड्डी बांध में विसर्जन किया। जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था, महिलाओं बच्चियों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई थी।</div></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145505/the-festival-of-navratri-was-celebrated-with-great-pomp-and</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/145505/the-festival-of-navratri-was-celebrated-with-great-pomp-and</guid>
                <pubDate>Sat, 12 Oct 2024 21:53:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-10/img-20241012-wa0008.jpg"                         length="196931"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> माता भगवती भुनेश्वरी देवी दुर्गा मंदिर  का अदभुत चमत्कार, हर वर्ष नबरात्रि के अवसर पर यहाँ लगता बिशाल भंडारा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>  खजनी ।</strong> गोरखपुर का दक्षिणांचल में 20 किलोमीटर दूर स्थित खजनी कस्बा से 3 किलोमीटर पश्चिम खुटहना डोमरैला मार्ग पर स्थित सेमरडाडी गांव में  मां भगवती भूवनेश्वरी दुर्गा देवी का प्रख्यात मन्दिर  में हर दिन  हजारों भक्तो का तांता लगा रहता है, मां भगवती भूवनेश्वरी दुर्गा देवी की बहुत ही अद्भुत चमत्कार है माना जाता है यहां पर खाली हाथ आए भक्तों की झोली मां भगवती भूवनेश्वरी देवी भर्ती हैं यहां के लोगो का कहना है की इस गांव के शिव मिश्रा बाबा को मां ने स्वप्न में दर्शन दिया और मां ने कहा की बेटा  मैं अनादि काल से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145454/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/p--12.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> खजनी ।</strong> गोरखपुर का दक्षिणांचल में 20 किलोमीटर दूर स्थित खजनी कस्बा से 3 किलोमीटर पश्चिम खुटहना डोमरैला मार्ग पर स्थित सेमरडाडी गांव में  मां भगवती भूवनेश्वरी दुर्गा देवी का प्रख्यात मन्दिर  में हर दिन  हजारों भक्तो का तांता लगा रहता है, मां भगवती भूवनेश्वरी दुर्गा देवी की बहुत ही अद्भुत चमत्कार है माना जाता है यहां पर खाली हाथ आए भक्तों की झोली मां भगवती भूवनेश्वरी देवी भर्ती हैं यहां के लोगो का कहना है की इस गांव के शिव मिश्रा बाबा को मां ने स्वप्न में दर्शन दिया और मां ने कहा की बेटा  मैं अनादि काल से आप सभी ग्राम वासियों की रक्षा कर रही हूं लेकिन आज तक किसी ने भी मुझे नहीं पहचाना है।</div>
<div> </div>
<div>हमारे मन्दिर का निर्माण कराओ  और हमारी पुजा अर्चना करना आरम्भ करो मैं तुम सब की कुलदेवी हूं  जो भी परिवार हमारा मन्दिर वनवाएगा मैं उस परिवार का युग युगान्तर तक रक्षा करतीं रहूंगी तथा धन धान्य से परिपूर्ण कर दूंगी  शिव मिश्रा बाबा ने दुसरे ही दिन पुरे गांव के लोग को बुलाकर मां भगवती भूवनेश्वरी देवी के बात को कहा तथा सम्पूर्ण गांव वासियों ने मां भगवती भूवनेश्वरी देवी के मन्दिर के निर्माण के लिए बचनबद्ध  हुए महज पचास घर के छोटे से गांव वासियों ने मां भगवती भूवनेश्वरी दुर्गा देवी के एक भबय मन्दिर का निर्माण किया ।</div>
<div> </div>
<div>मन्दिर के नींव को श्री भगवान दास मिश्र बाबा तथा उनकी धर्मपत्नी के  के करकमलों द्वारा  पुरे गांव वासियों के सहमती से प्रकांड विद्वानो के द्वारा पुजन अर्चन कर रखा गया  जो आज क्षेत्र मे प्रख्यात है, मां ने अपनी महिमा से जिस गांव में मां काली के शिवाय कोई भी मन्दिर नही था, वहीं मां भगवती भूवनेश्वरी देवी के कृपा से मां के साथ मां का झंडा लेकर चलने वाले श्री संकट मोचन हनुमान जी को भी श्री बैजनाथ मिश्र की प्रेरणा स्रोत बना कर निर्माण करवाया, आज मां की अपरम्पार कृपा से दूर दराज से लोग अपनी समस्या को लेकर आते हैं और मां के आशीर्वाद से झोली भर कर जाते हैं ।</div>
<div> </div>
<div>मन्दिर के निर्माण में पुरे नव वर्ष लगे हैं  जो काफी ही दार्शनिक है मां के मन्दिर प्रांगण में श्री बालाजी श्री राधे कृष्ण श्री गणेश भगवान तथा श्री भैरव बाबा भी विराजमान हैं,  जो भी भक्त यहां आता है वह श्री संकट मोचन हनुमान जी महाराज का दर्शन और भैरव बाबा का आशीर्वाद लेकर ही जाता है ,आज तक  मां भगवती भूवनेश्वरी देवी के यहां जिस भक्त ने मां से कुछ मांगा है मां ने उसकी। झोली को भरती आई है  यहां पर हर  महीने में एक बार मां का विशाल भंडारा आयोजित किया जाता है ,लोग दूर दराज से आते हैं और मां का प्रशाद लेकर अपने जीवन को धन्य बनाते हैं जय हो मां भगवती भूवनेश्वरी देवी काली मां संकट मोचन हनुमान जी महाराज।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145454/%C2%A0</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/145454/%C2%A0</guid>
                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 16:37:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-10/p--12.jpg"                         length="509096"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मां दुर्गा की आराधना से धुल जाते हैं जन्म जन्मांतर के पाप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span lang="hi" xml:lang="hi">इस वर्ष </span>03 <span lang="hi" xml:lang="hi">अक्टूबर से नवरात्रि अर्थात दुर्गा पूजा उत्सव प्रारंभ हो रहा है! हमारे देश का यह उत्सव बड़े व्यापक रुप से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जगह-जगह भव्य पांडालों एवं झांकियों के साथ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इन स्थलों की</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सजावट तो देखते ही बनती है। इन दिनों सारा वातावरण मां दुर्गा की भक्ति से सराबोर रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सारा देश भक्तिमय रहता है। नवरात्रि पर्व. को मनाने के पीछे पौराणिक कथा प्रचलित है जो इस प्रकार है। एक समय की बात हैं ब्रम्हा आदि देवताओं ने पुष्प आदि विविध प्रकार से मां दुर्गा</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145283/the-sins-of-many-births-are-washed-away-by-worshiping"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/मां-दुर्गा-की-आराधना-से-धुल-जाते-हैं-जन्म-जन्मांतर-के-पाप.jpg" alt=""></a><br /><p><span lang="hi" xml:lang="hi">इस वर्ष </span>03 <span lang="hi" xml:lang="hi">अक्टूबर से नवरात्रि अर्थात दुर्गा पूजा उत्सव प्रारंभ हो रहा है! हमारे देश का यह उत्सव बड़े व्यापक रुप से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जगह-जगह भव्य पांडालों एवं झांकियों के साथ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इन स्थलों की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सजावट तो देखते ही बनती है। इन दिनों सारा वातावरण मां दुर्गा की भक्ति से सराबोर रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सारा देश भक्तिमय रहता है। नवरात्रि पर्व. को मनाने के पीछे पौराणिक कथा प्रचलित है जो इस प्रकार है। एक समय की बात हैं ब्रम्हा आदि देवताओं ने पुष्प आदि विविध प्रकार से मां दुर्गा की पूजा की। फलस्वरुप दुर्गा जी प्रसन्न होकर उन्हें वरदान मांगने को कहा। तब दुर्गा की ममतामयी वाणी सुनकर देवतागण बोले - हे देवी हमारे शत्रु महिषासुर को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो संपूर्ण जगत के लिये त्रासद का कारण था जिसे अपने हाथों से आपने संहार किया था. तब से समस्त विश्व निरापद होकर चैन की सांस ले पा रहें हैं।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"> आपने पृथ्ची के समस्त दृष्टों अत्याचारियों का वध करके सब देवताओं को भयमुक्त कर दिया है। अतः अब हमारे मन में कुछ भी पाने की अभिलाषा नहीं है। हमें संब कुछ मिल गया। तथापि आपकी आज्ञा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिये हम जगत की रक्षा के लिये आपसे कुछ पूछना चाहते हैं- महेश्वरी ! कौन सा ऐसा उपाय है कि जिससे आप शीघ्र प्रसन्न होकर संकट में पड़े जीव की रक्षा करती हैं। देवश्वरी यह बात सर्वथा गोपनीय हो तो भी हमें अवश्य बताइये! देवताओं के इस प्रकार प्रार्थना करने पर दयालू मां ने कहा देवगण यह रहस्य अत्यंत गोपनीय और दुर्लभ है। मेरे बत्तीस नामों की माला सब प्रकार के दुःखों और विपत्तियों का नाश करने वाली है। तीनों लोकों में इसके समान दूसरी कोई स्तुति नहीं हैं।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"> यह स्तुति रहस्य रूप है। इमे बताती हूं। सुनो ये बत्तीस नाम हैं (</span>1) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गा (</span>2) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गर्तिशमनी (</span>3) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गा पाद्धि निवारिणी (</span>5) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्ग नाशिनी(</span>6) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गा साधिनी (</span>7)) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्ग तौधरनी (</span>8) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्ग मच्छेदनी(</span>9) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमापडा (</span>10) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमज्ञानदा(</span>11) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गा दैत्यलोक दानवला(</span>12) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमा(</span>13) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमालोका(</span>14) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गामात्म स्वरूपिणी(</span>15) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमार्गप्रभा(</span>16) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गम विद्या(</span>17) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गा मांश्रिता(</span>18) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गम ज्ञानस्थाना(</span>19) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्ग मोहा(</span>20) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्ग मध्यानभाषिनी (</span>21) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमना(</span>22) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमार्थ स्वरुपिणी (</span>23) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमासूर सहंस्त्री(</span>24) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमां युद्धधारिणी</span>(25) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गभीमा (</span>26) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गामता (</span>27)<span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गम्या(</span>28) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमेश्वरी(</span>29) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमांगी (</span>30)<span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गभामा (</span>31) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गभाऔर (</span>32) <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गमांगी</span></p>
<p>"<span lang="hi" xml:lang="hi">नामावलिमियां यस्तु दुर्गाया मम मानव:।</span> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">पढेत् सर्वभवान्मुक्तों भविष्यति न संशयः ।।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">कहा जाता है कि जो मनुष्य प्रतिदिन दुर्गाजी के इन नामों का एक सौ आठ बार पाठ करता है उसके लिये तीनों लोकों में कुछ भी असाध्य नहीं रहता है। वह निःसंदेह सब प्रकार के भय के मुक्त हो जाता है। कोई शत्रुओं से पीड़ित हो दुर्भेट्य बंधन में पड़ा हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन बत्तीस नामों के उच्चारण मात्र से संकट से छुटकारा पा जाता है। विपत्ति के समय इसके समान अवनाशक उपाय दूसरा नहीं है। देवगण! इस नाम माला का पाठ करने वाले मनुष्यों की कभी कोई हानि नहीं होती।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे देश में दुर्गाजी की प्रतिमा जो मूर्तिकारों द्वारा बनाई जाती है अक्सर आप सभी ने देखा होगा वे सभी शेर पर सवार एवं अष्टभुजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर हाथों में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ढाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तलवार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आदि हथियार रहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है। जब देवताओं ने मां दुर्गा जी से उनकी प्रसन्नता का रहस्य पूछा था तो देवी ने उनके समक्ष उपरोक्त बत्तीस नामों के पाठ का उल्लेख तो किया ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही यह भी कहा था कि उनकी सुंदर मिट्टट्टी की क्रमशः गदा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खड़ग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">त्रिशूल बाण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धनुष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वाली बाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुग्दर और कमल धारण करावें एवं अष्टभुजा मूर्ति बनायें! मूर्ति के मस्तक में चंद्रमा का चिन्ह हो उसके तीन नेत्र हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे लाल वस्त्र पहनाया गया हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह सिंह पर सवार हो और</span>  <span lang="hi" xml:lang="hi">महिषासुर का वध कर रही हो।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"> मां का </span>16 <span lang="hi" xml:lang="hi">श्रृंगार होना चाहिए। सोलह श्रृंगारों में यथा (</span>1) <span lang="hi" xml:lang="hi">शौच (</span>2) <span lang="hi" xml:lang="hi">उबटन (</span>3) <span lang="hi" xml:lang="hi">स्नान (</span>4) <span lang="hi" xml:lang="hi">केश बंधन) (</span>5) <span lang="hi" xml:lang="hi">अंगराज (</span>6) <span lang="hi" xml:lang="hi">अंजन (</span>7) <span lang="hi" xml:lang="hi">महावर (</span>8) <span lang="hi" xml:lang="hi">दंतरंजन (</span>9) <span lang="hi" xml:lang="hi">तांबूल (</span>10) <span lang="hi" xml:lang="hi">वसन (</span>11) <span lang="hi" xml:lang="hi">भूषण (</span>12) <span lang="hi" xml:lang="hi">सुगंध (</span>13) <span lang="hi" xml:lang="hi">महावर (</span>14) <span lang="hi" xml:lang="hi">कुंमकुम (</span>15) <span lang="hi" xml:lang="hi">भाल तिलक एवं (</span>16) <span lang="hi" xml:lang="hi">चिबुक बिंदु । को शामिल किया गया है। इस प्रकार मां की प्रतिमा बनाकर नाना प्रकार की सामग्रियों से भक्तिपूर्वक मूर्ति का पूजन करने से भक्तों की सब मनोकामना पूर्ण होती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्गापूजा भारत के अलावा कई देशों में भी की जाती है। दुर्गापूजा की परंपरा सिंधु कालीन सभ्यता के समय से इतिहास वेत्ताओं ने माना है। खुदाई से प्राप्त मूर्तियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिक्को में अंकित लिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वोनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नंदीपद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्त्री की सिंह सवार मूर्ति आदि से उक्त मान्यता को बल मिलता है कि प्राचीन समय से ही शक्ति पूजा की</span>  <span lang="hi" xml:lang="hi">परंपरा थी। वर्तमान में दुर्गा पूजा को</span>  <span lang="hi" xml:lang="hi">जापान में चनेष्टि यूनान में दीमेतारे तिब्बत में लामो मिश्र में आईसिस हैथर के नाम से पूजित किया जाता है। महाभारत के युद्ध के समय भी दुर्गा पूजा का एक विशेष उल्लेख आता है। जब कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू होने के पूर्व श्री कृष्ण ने अर्जुन की विजय श्री के लिए माँ दुर्गा की पूजा एवं उपासना की थी। श्री दुर्गा सप्तशती में दुर्गा देवी के जन्म की और उनके द्वारा अनेक राक्षसों का वध कर देवताओं को सुरक्षा प्रदान करने का विस्तार से वर्णन है। इसी परम धार्मिक ग्रंथ में देवी के नौ रूपों का भी उल्लेख है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें प्रथम शैलपुत्री द्वितीय ब्रह्मचारिणी तृतीय चंद्रघंटा चतुर्थ कूष्मांडा पंचम स्कंध माता षष्टम कात्यायनी सप्तम कालरात्रि अष्टम महागौरी एवं नवम व अंतिम दुर्गा सिद्धिदात्री का पूर्ण वर्णन किया गया है।</span> </p>
<p><strong> - <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरेश सिंह बैस "शाश्वत"</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145283/the-sins-of-many-births-are-washed-away-by-worshiping</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/145283/the-sins-of-many-births-are-washed-away-by-worshiping</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Oct 2024 17:43:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-10/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A7%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AA.jpg"                         length="51146"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुस्लिम महिला ने रखा 9 दिन का व्रत, कन्याओं का पांव पखार करवाई भोजन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(रिपोर्ट! मनोज पाण्डेय)</strong></p>
<p><strong>महराजगंज।</strong></p>
<p>  </p>
<p>नवरात्र शुरु होते ही हर हिन्दू परिवार में मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना शुरु हो जाती है। लेकिन माता की भक्ति में सिर्फ हिन्दू ही नहीं हैं बल्कि देश की गंगा-जमुना तहजीब को कायम रखते हुए मुस्लिम परिवार की महिला ने सनातन धर्म के रिवाजों के अनुसार शुभ मूहूर्त में अपने घर कलश स्थापना की और पूरे 9 दिन तक देवी मां की आराधना का संकल्प लिया। अन्तिम दिन मुस्लिम महिला ने सनातनी रीति-रिवाज से नौ कन्याओं का पांव पखारी तथा प्रसाद ग्रहण करवाया।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/screenshot_20231024_212855_gallery.jpg" alt="मुस्लिम महिला ने रखा 9 दिन का व्रत, कन्याओं का पांव पखार करवाई भोजन" /></p>
<p>परसामलिक थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रेहरा निवासिनी अमीरून निशा पत्नी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136185/muslim-woman-fasted-for-9-days-got-girls-feet-washed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/screenshot_20231024_212855_gallery.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>(रिपोर्ट! मनोज पाण्डेय)</strong></p>
<p><strong>महराजगंज।</strong></p>
<p> </p>
<p>नवरात्र शुरु होते ही हर हिन्दू परिवार में मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना शुरु हो जाती है। लेकिन माता की भक्ति में सिर्फ हिन्दू ही नहीं हैं बल्कि देश की गंगा-जमुना तहजीब को कायम रखते हुए मुस्लिम परिवार की महिला ने सनातन धर्म के रिवाजों के अनुसार शुभ मूहूर्त में अपने घर कलश स्थापना की और पूरे 9 दिन तक देवी मां की आराधना का संकल्प लिया। अन्तिम दिन मुस्लिम महिला ने सनातनी रीति-रिवाज से नौ कन्याओं का पांव पखारी तथा प्रसाद ग्रहण करवाया।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/screenshot_20231024_212855_gallery.jpg" alt="मुस्लिम महिला ने रखा 9 दिन का व्रत, कन्याओं का पांव पखार करवाई भोजन"></img></p>
<p>परसामलिक थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रेहरा निवासिनी अमीरून निशा पत्नी इन्सान अली पूरे जनपद में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल के रूप में सामने आई है। इस्लाम धर्म के साथ-साथ सनातन धर्म को मानने वाली मुस्लिम महिला ने नवरात्रि शुरू होते ही घर में कलश स्थापित कर मां नवदुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना की तथा नौ दिन का पूरे रीति-रिवाज के साथ व्रत रखी। इसके साथ ही अंतिम दिन हवन-पूजन के बाद नौ कन्याओं का पांव पखारी तथा कन्याओं को चुनरी भेंट कर कन्या भोजन भी करवाई।</p>
<p><br />अमीरून निशा ने कहा कि हम हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म को मानते हैं और देश में अमन-चैन कायम रहे इसको लेकर अल्लाह और भगवान से दुआ करते हैं। अमीरून निशा ने कहा कि अगर मुझे हिंदू धर्म की पूजा पाठ करने से कोई रोकता हैं या किसी को कोई आपत्ती है तो हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता और हम अल्लाह और भगवान दोनों को मानते रहेंगे तथा नमाज के साथ-साथ पूजा-पाठ भी करते रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/136185/muslim-woman-fasted-for-9-days-got-girls-feet-washed</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/136185/muslim-woman-fasted-for-9-days-got-girls-feet-washed</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Oct 2023 22:51:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/screenshot_20231024_212855_gallery.jpg"                         length="280599"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>551 कन्याओं के पूजन के साथ भंडारे का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div>लखनऊ।</div>
<div>  </div>
<div>  नगर पंचायत मलिहाबाद कस्बे के मां शीतला देवी मन्दिर मोहल्ला शीतलन टोला मे आयोजित तीन दिवसीय नवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में सोमवार को 551 कन्याओं का पूजन कर उन्हें हलवा पूरी,खीर आदि से खिलाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिये भण्डारें की शुरुआत की गयी।</div>
<div>  </div>
<div>मां शीतला देवी मन्दिर जीर्णोद्धार समिति के सोहनलाल, लल्लू,भईयालाल,जगदीश, सन्तोष, अरून सुरेश कश्यप आदि ने बताया कि करीब 22 वर्षों से यहां महोत्सव का आयोजन किया जाता है। महोत्सव की शुरुआत नवरात्रि की अष्टमी पर ज्योति कलश यात्रा के साथ की जाती है। अष्टमी की शाम को यहां विशेष हवन कर जग कल्याण के</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136160/bhandara-organized-with-worship-of-551-girls"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/551-कन्याओं-के-पूजन-के-साथ-भंडारे-का-आयोजन.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>लखनऊ।</div>
<div> </div>
<div> नगर पंचायत मलिहाबाद कस्बे के मां शीतला देवी मन्दिर मोहल्ला शीतलन टोला मे आयोजित तीन दिवसीय नवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में सोमवार को 551 कन्याओं का पूजन कर उन्हें हलवा पूरी,खीर आदि से खिलाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिये भण्डारें की शुरुआत की गयी।</div>
<div> </div>
<div>मां शीतला देवी मन्दिर जीर्णोद्धार समिति के सोहनलाल, लल्लू,भईयालाल,जगदीश, सन्तोष, अरून सुरेश कश्यप आदि ने बताया कि करीब 22 वर्षों से यहां महोत्सव का आयोजन किया जाता है। महोत्सव की शुरुआत नवरात्रि की अष्टमी पर ज्योति कलश यात्रा के साथ की जाती है। अष्टमी की शाम को यहां विशेष हवन कर जग कल्याण के स्वास्थ्य, एवं उत्थान की कामना की जाती है। </div>
<div> </div>
<div>नवमी पर कन्या पूजन ने एवं दशमी को विसर्जन कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान नवरात्रि भर दूर दराज के अनेकों श्रद्धालु यहां मुण्डन संस्कार, विवाह आदि करने आते है। नगर वासियों कै सहयोग से आयोजित भण्डारें मे तमाम जनप्रतिनिधि,प्रशासनिक अधिकारी, एवं गणमान्य लोग प्रसाद गृहण करते है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/136160/bhandara-organized-with-worship-of-551-girls</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/136160/bhandara-organized-with-worship-of-551-girls</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Oct 2023 19:35:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/551-%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%AD%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8.jpg"                         length="153006"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>*नवरात्रि के तृतीय दिवस में मां चंद्रघंटा के स्वरूप के होते हैं दर्शन*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div>  </div>
<div>नवरात्रि के तृतीय दिवस में श्रद्धालु आदि शक्ति मां के चंद्रघंटा स्वरूप का दर्शन पूजन करते हैं । मां का यह स्वरूप भक्तों का दुख दूर करती है। इन के हाथों में गदा, तलवार, धनुष , व त्रिशूल सुशोभित है। मां चंद्रघंटा ने असुरों का संहार किया था। माता के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है इसीलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। *"ऊँ देवी चंद्रघंटायै नमः"* मंत्र का जप कर भक्तगण आज के दिन माता की आराधना करें ,तत्पश्चात मां को सिंदूर अक्षत,धूप, पुष्प, आदि श्रद्धा भाव से अर्पित करें। मां चंद्रघंटा को दूध से</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128261/maa-chandraghantas-form-is-seen-on-the-third-day-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/img-20230323-wa0060.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div> </div>
<div>नवरात्रि के तृतीय दिवस में श्रद्धालु आदि शक्ति मां के चंद्रघंटा स्वरूप का दर्शन पूजन करते हैं । मां का यह स्वरूप भक्तों का दुख दूर करती है। इन के हाथों में गदा, तलवार, धनुष , व त्रिशूल सुशोभित है। मां चंद्रघंटा ने असुरों का संहार किया था। माता के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है इसीलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। *"ऊँ देवी चंद्रघंटायै नमः"* मंत्र का जप कर भक्तगण आज के दिन माता की आराधना करें ,तत्पश्चात मां को सिंदूर अक्षत,धूप, पुष्प, आदि श्रद्धा भाव से अर्पित करें। मां चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं तथा दुर्गा चालीसा का पाठ कर आरती करें।</div>
<div> </div>
<div><strong>*ध्यान मंत्र*</strong></div>
<div> </div>
<div>*वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्धकृत शेखरम् । सिंहारूढा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥ मणिपुर स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम् । खंग,गदा,त्रिशूल,चापशर,पदम कमण्डलु माला वराभीतकराम्॥ पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्। मंजीर हार केयूर,किंकिणि, रत्नकुण्डल मण्डिताम॥ प्रफुल्ल वंदना बिबाधारा कांत कपोलां तुगं कुचाम्। कमनीयां लावाण्यां क्षीणकटि नितम्बनीम्॥*</div>
<div> </div>
<div><strong>*स्तोत्र पाठ</strong>*</div>
<div>*आपदुध्दारिणी त्वंहि आद्या शक्तिः शुभपराम्। अणिमादि सिध्दिदात्री चंद्रघटा प्रणमाभ्यम्॥ चन्द्रमुखी इष्ट दात्री इष्टं मन्त्र स्वरूपणीम्। धनदात्री,आनन्ददात्री चन्द्रघंटे प्रणमाभ्यहम्॥ नानारूपधारिणी इच्छानयी ऐश्वर्यदायनीम् ।सौभाग्यारोग्यदायिनी चंद्रघंटप्रणमाभ्यहम्॥*</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/128261/maa-chandraghantas-form-is-seen-on-the-third-day-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/128261/maa-chandraghantas-form-is-seen-on-the-third-day-of</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Mar 2023 22:02:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-03/img-20230323-wa0060.jpg"                         length="31075"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>*ब्रत में सावधानी रखे गर्भवती महिलाएं* </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात    </strong></div>
<div>  </div>
<div>चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है और चारों ओर मां की भक्ति का माहौल है अगर गर्भवती महिला नवरात्र के दौरान व्रत रखना चाहे तो उसे अत्यंत सावधानी बरतने की आवश्यकता है।</div>
<div>  </div>
<div>व्रत के दौरान इसका प्रभाव केवल मां पर ही नहीं अपितु होने वाली संतान पर भी पड़ता है। पहली तिमाही में गर्भवती महिला व्रत न रखे तो अच्छा होगा क्योंकि लंबे समय तक भूखा रहने पर जी मिचलाना एवम् उल्टी की समस्या हो सकती है। साथ ही तीसरी तिमाही में व्रत के साथ चक्कर आने का खतरा हो सकता है। गर्भवती महिला को यदि कोई</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128259/pregnant-women-should-be-careful-in-fasting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/img-20230323-wa0035.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात    </strong></div>
<div> </div>
<div>चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है और चारों ओर मां की भक्ति का माहौल है अगर गर्भवती महिला नवरात्र के दौरान व्रत रखना चाहे तो उसे अत्यंत सावधानी बरतने की आवश्यकता है।</div>
<div> </div>
<div>व्रत के दौरान इसका प्रभाव केवल मां पर ही नहीं अपितु होने वाली संतान पर भी पड़ता है। पहली तिमाही में गर्भवती महिला व्रत न रखे तो अच्छा होगा क्योंकि लंबे समय तक भूखा रहने पर जी मिचलाना एवम् उल्टी की समस्या हो सकती है। साथ ही तीसरी तिमाही में व्रत के साथ चक्कर आने का खतरा हो सकता है। गर्भवती महिला को यदि कोई अन्य संक्रमण है तो वो व्रत ना रखे। व्रत के दौरान गर्भ में भ्रूण की हलचल पर ध्यान दें तथा कुछ परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टरी परामर्श लें। पूरी तरह स्वस्थ्य गर्भवती महिला को ही नवरात्र का व्रत रखना चाहिए।</div>
<div> </div>
<div>गर्भावस्था में महिला का शरीर पूरा पोषण चाहता है और ऐसे में उसे संतुलित आहार की आवश्यकता होती है। ज्यादा तली भूनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।  व्रत के दौरान गर्भवती महिला को हर दो घंटे में कुछ ना कुछ पौष्टिक चीजें (फल, दूध एवम् सूखे मेवे) का सेवन करना चाहिए। साथ ही अधिक से अधिक पानी और नारियल पानी का सेवन करे। उचित होगा कि व्रत रखने से पूर्व गर्भवती महिला को चिकित्सक की भी सलाह ले लेनी चाहिए।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/128259/pregnant-women-should-be-careful-in-fasting</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/128259/pregnant-women-should-be-careful-in-fasting</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Mar 2023 20:13:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-03/img-20230323-wa0035.jpg"                         length="92331"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        