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                <title>Van vibhag - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Van vibhag RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एसएसबी व वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अवैध सागवान कटान का खुलासा, 28 बोटा जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/तुलसीपुर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format2">
<ul>
<li>
<p><strong>एसएसबी व वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध सागवान कटान का भंडाफोड़</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध लकड़ी माफिया पर शिकंजा, 28 बोटा जब्त</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>ग्राम लोहटी में सागवान कटान का खुलासा, एसएसबी-वन विभाग की संयुक्त छापेमारी</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>वन माफियाओं पर कार्रवाई तेज, एसएसबी व वन विभाग ने किया बड़ा खुलासा</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>सीमा क्षेत्र में अवैध कटान पर प्रहार, 28 सागवान बोटे जब्त</strong></p>
</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><br />सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध लकड़ी कटान के खिलाफ सख्त अभियान के तहत सशस्त्र सीमा बल (SSB) और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सागवान के अवैध कटान का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में मौके से 28 सागवान के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168301/illegal-teak-felling-exposed-in-joint-action-of-ssb-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/whatsapp-image-2026-02-05-at-17.14.41.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/तुलसीपुर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format2">
<ul>
<li>
<p><strong>एसएसबी व वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध सागवान कटान का भंडाफोड़</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध लकड़ी माफिया पर शिकंजा, 28 बोटा जब्त</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>ग्राम लोहटी में सागवान कटान का खुलासा, एसएसबी-वन विभाग की संयुक्त छापेमारी</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>वन माफियाओं पर कार्रवाई तेज, एसएसबी व वन विभाग ने किया बड़ा खुलासा</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>सीमा क्षेत्र में अवैध कटान पर प्रहार, 28 सागवान बोटे जब्त</strong></p>
</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><br />सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध लकड़ी कटान के खिलाफ सख्त अभियान के तहत सशस्त्र सीमा बल (SSB) और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सागवान के अवैध कटान का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में मौके से 28 सागवान के बोटे बरामद कर जब्त किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक <strong>04 फरवरी 2026</strong> को लगभग <strong>13:45 बजे</strong> 09वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि सीमा चौकी <strong>खबरीनाका (डी कंपनी, गुरुंगनाका)</strong> के अंतर्गत आने वाले <strong>ग्राम लोहटी</strong> क्षेत्र में अवैध रूप से सागवान के पेड़ों की कटाई की जा रही है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग <strong>7.4 किलोमीटर</strong> की दूरी पर स्थित है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसएसबी द्वारा तत्काल इसकी पुष्टि की गई, जो सही पाई गई। इसके बाद बिना किसी देरी के <strong>तुलसीपुर वन विभाग</strong> को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही एसएसबी की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान शुरू किया।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्च अभियान के दौरान टीम को मौके पर सागवान का एक पेड़ कटा हुआ मिला, हालांकि आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके बाद संयुक्त टीम ने गांव में जाकर स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन अवैध कटान के संबंध में कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियान के दौरान कटे हुए सागवान पेड़ के कुल <strong>28 बोटे</strong> मौके से बरामद किए गए, जिन्हें वन विभाग द्वारा विधिवत जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए बोटों को सुरक्षित स्थान पर रखकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग ने इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ <strong>वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976</strong> की धारा <strong>4/10</strong> के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए <strong>रेंज केस संख्या 14/2025-26</strong> दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग और एसएसबी के अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि अवैध लकड़ी तस्करी और वन संपदा के दोहन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इस संयुक्त कार्रवाई से तस्करों और वन माफियाओं में हड़कंप मचा है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय प्रशासन ने भी इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की संयुक्त कार्रवाइयों से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और वन अपराधों पर अंकुश लगेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">एसएसबी और वन विभाग की इस सफल कार्रवाई को सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध लकड़ी कटान के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168301/illegal-teak-felling-exposed-in-joint-action-of-ssb-and</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 18:13:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी वृक्षारोपण कर लाखों डकार गए कप्तानगंज में वन विभाग के जिम्मेदार नीद में डीएफओ</title>
                                    <description><![CDATA[जब केवल कागजों तक ही सिमटा रहेगा वृक्षारोपण तो धरा पर कैसे आयेगी हरियाली बना अहम प्रश्नजब तक दोषी नहीं पहुंचेंगे सलाखों के पीछे तब तक ऐसे ही उजड़ती रहेगी धरा की हरियाली]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157743/lakhs-lost-due-to-fake-tree-plantation-dfo-in-charge"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/img-20251017-wa0162.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भ्रष्टाचार दीमक तरह पांव जमा लियाजहाँ एक ओर देश व प्रदेश की सरकार वृक्षारोपण पर पानी की तरह पैसे बहाकर धरा की हरियाली कायम रखने हेतु कमरतोड़ मेहनत कर रही है तो वहीं दूसरी ओर कप्तानगंज वन रेंज के जिम्मेदार फर्जी वृक्षारोपण कर अपनी जेब तो भर ही रहे हैं साथ में सरकार के वृक्षारोपण अभियान को पलीता लगाने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मामला एसडीजी पब्लिक स्कूल सहित दर्जनों साइडों पर फर्जी वृक्षारोपण से जुड़ा हुआ है जहाँ वन विभाग ने कागजों में वृक्षारोपण कर लाखों रुपये डकार लिए हैं अब निराई गुड़ाई के नाम पर फर्जी भुगतान करने की तैयारी चल रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बताते चलें कि एसडीजी पब्लिक स्कूल भुवनपुर कप्तानगंज पोखरा बाजार बाया लहिलवारा कौड़ी कोल मार्ग पर स्थित है जो ग्रामीण क्षेत्र का ख्यातिप्राप्त एवं प्रतिष्ठित संस्थाओं में शुमार है। वन विभाग के भ्रष्टाचारियों की कुदृष्टि से यह संस्था भी नहीं बच पायी व वन विभाग के जिम्मेदारों ने विद्यालय के नाम पर सैकड़ों फर्जी वृक्षारोपण दिखाते हुए लाखों लाख रुपये डकार लिए अब निराई गुड़ाई के नाम पर दुबारा लूट की तैयारी चल रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों की मानें तो अकेले कप्तानगंज वन रेंज में दर्जनों से ज्यादा ऐसी साइडें हैं जहाँ बिना वृक्षारोपण भुगतान प्राप्त कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है और पूरे जनपद स्तर की बात करें तो जनपद का यह एक महाघोटाला होगा जिसमें करोड़ों से ज्यादा का वारा - न्यारा मिलेगा। बात यहीं फर्जी वृक्षारोपण पर ही नहीं समाप्त होती है जनपद स्तर पर सैकड़ों से ज्यादा अवैध आरा मशीनों का संचालन वन विभाग के संरक्षण में हो रहा है जिससे धरा की हरियाली को ग्रहण लगा हुआ है और बदले में जिम्मेदार मोटी फिरौती वसूल रहे हैं।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Oct 2025 17:37:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कनहर नदी में अवैध बालू खनन पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>विंढमगंज/सोनभद्र। </strong>विंढमगंज वन रेंज के अंतर्गत बहने वाली कनहर नदी से अवैध बालू खनन और परिवहन का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। इस पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत एक बालू से भरे टीपर को जब्त कर ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। क्षेत्र के हीराचक, डुमरडीहा, जोरूखाड़, देवढीं, जांताजुआ, पकरी और फुलवार जैसे गांवों में रात के समय दर्जनों ट्रैक्टरों से बालू निकाली जाती है। इस अवैध बालू को सुरक्षित जगहों पर जमा कर, बाद में बड़े टीपरों से लोड कर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154366/forest-departments-major-action-on-illegal-sand-mining-in-kanhar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/,2---++111.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>विंढमगंज/सोनभद्र। </strong>विंढमगंज वन रेंज के अंतर्गत बहने वाली कनहर नदी से अवैध बालू खनन और परिवहन का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। इस पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत एक बालू से भरे टीपर को जब्त कर ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। क्षेत्र के हीराचक, डुमरडीहा, जोरूखाड़, देवढीं, जांताजुआ, पकरी और फुलवार जैसे गांवों में रात के समय दर्जनों ट्रैक्टरों से बालू निकाली जाती है। इस अवैध बालू को सुरक्षित जगहों पर जमा कर, बाद में बड़े टीपरों से लोड कर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। यह पूरा नेटवर्क वन विभाग और प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के बाद, वन रेंजर इमरान खान के नेतृत्व में वनकर्मियों की एक टीम ने सोमवार सुबह कनहर नदी के किनारे स्थित पकरी गांव में छापा मारा। टीम ने देखा कि अशोक यादव नामक एक व्यक्ति अपने टीपर पर अवैध रूप से डंप की गई बालू लोड कर रहा था। वनकर्मियों ने तत्काल टीपर को पकड़ लिया। टीपर को वन रेंज कार्यालय ले जाते समय, ड्राइवर राज किशोर ने बीच सड़क पर बालू गिराकर भागने की कोशिश की, जिससे वनकर्मियों के साथ काफी नोंक-झोंक हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी दौरान, अवैध खनन में लिप्त कुछ लोग, जिनमें सुनील कुमार दुबे, संजीत कुमार और धीरज यादव शामिल थे, ने अपने साथियों के साथ मोटरसाइकिल से पीछा कर टीपर को छुड़ाने का प्रयास किया। हालांकि, वनकर्मियों की मुस्तैदी के कारण वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। वनकर्मियों ने आखिरकार टीपर को वन रेंज कार्यालय लाने में सफलता प्राप्त की। टीपर ड्राइवर राज किशोर, पुत्र जटू विश्वकर्मा, निवासी बोंम, के खिलाफ वन अधिनियम की धारा 5/26, 41/42 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रेंजर इमरान खान ने बताया कि इस पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।इस कार्रवाई के दौरान रेंजर इमरान खान के साथ वन दरोगा कन्हैया प्रसाद, विवेक कुमार, राहुल कुमार और पंकज वर्मा भी मौजूद थे। यह कार्रवाई अवैध खनन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है और उम्मीद है कि इससे कनहर नदी में चल रहे इस अवैध धंधे पर अंकुश लगेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154366/forest-departments-major-action-on-illegal-sand-mining-in-kanhar</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 15:44:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवैध कोयला परिवहन पर वन विभाग की बड़ी कार्यवाही, 5 मोटरसाइकिल जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>मंडरो-</strong> वन विभाग ने अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्यवाही की है। डीएफओ प्रबल गर्ग के निर्देश पर मंडरो फॉसिल पार्क के निकट मुख्य मार्ग पर वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर 5 कोयला लदी मोटरसाइकिल जब्त की। इस दौरान लगभग 40 क्विंटल कोयला बरामद किया गया। इस अभियान का नेतृत्व वनपाल राणा रंजीत चौधरी कर रहे थे, जिनके साथ वनरक्षी अंकित झा, सुनील कुमार, सनी रजक, अमित कुमार, प्रेम कुमार , इंद्रजीत कुमार , फैलिसिटस हांसदा समेत अन्य वनकर्मी मौजूद थे। विभाग का यह अभियान अवैध कोयला खनन और परिवहन पर रोक लगाने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149235/forest-departments-major-proceedings-on-illegal-coal-transport-seized-5"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/news-1-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मंडरो-</strong> वन विभाग ने अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्यवाही की है। डीएफओ प्रबल गर्ग के निर्देश पर मंडरो फॉसिल पार्क के निकट मुख्य मार्ग पर वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर 5 कोयला लदी मोटरसाइकिल जब्त की। इस दौरान लगभग 40 क्विंटल कोयला बरामद किया गया। इस अभियान का नेतृत्व वनपाल राणा रंजीत चौधरी कर रहे थे, जिनके साथ वनरक्षी अंकित झा, सुनील कुमार, सनी रजक, अमित कुमार, प्रेम कुमार , इंद्रजीत कुमार , फैलिसिटस हांसदा समेत अन्य वनकर्मी मौजूद थे। विभाग का यह अभियान अवैध कोयला खनन और परिवहन पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया गया।</div>
<div> </div>
<div>डीएफओ प्रबल गर्ग ने स्पष्ट किया कि अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अवैध कोयला खनन और परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे सरकार को राजस्व की भारी क्षति होती है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। वन विभाग ने यह भी संकेत दिया कि इस अवैध धंधे में शामिल पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 13:19:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> लकड़ी माफियाओं ने काट डाला हरा पेड़</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कौशाम्बी।</strong> जनपद में तहसील चायल के चरवा थाना क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं का बोलबाला है और लकड़ी माफियाओं के हरे पेड़ काटने पर सरकारी मशीनरी ने पूरी तरह मेहरबानी बनाई हुई है जिससे प्रतिदिन लकड़ी माफिया हरे पेड़ काट रहे हैं सुबह से पेट्रोलिंग आरामशीन और लकड़हारों को लेकर पेड़ कटाई में लकड़ी माफिया लग जाते हैं पुलिस वन विभाग सब कुछ देखती रह जाती है वन विभाग व स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से धड़ल्ले से हरे नीम के पेड़ काटे जा रहे है। </div>
<div>  </div>
<div>जानकारी के मुताबिक ग्राम शेखपुर रसूलपुर गांव में एम. पी. पाल स्कूल से 200 मीटर आगे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148059/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250131-wa0663.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कौशाम्बी।</strong> जनपद में तहसील चायल के चरवा थाना क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं का बोलबाला है और लकड़ी माफियाओं के हरे पेड़ काटने पर सरकारी मशीनरी ने पूरी तरह मेहरबानी बनाई हुई है जिससे प्रतिदिन लकड़ी माफिया हरे पेड़ काट रहे हैं सुबह से पेट्रोलिंग आरामशीन और लकड़हारों को लेकर पेड़ कटाई में लकड़ी माफिया लग जाते हैं पुलिस वन विभाग सब कुछ देखती रह जाती है वन विभाग व स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से धड़ल्ले से हरे नीम के पेड़ काटे जा रहे है। </div>
<div> </div>
<div>जानकारी के मुताबिक ग्राम शेखपुर रसूलपुर गांव में एम. पी. पाल स्कूल से 200 मीटर आगे दो हरा नीम का पेड़ फिर काट कर लकड़ी माफिया उठा ले गए हैं इलाके में प्रतिदिन सुबह से लकड़ी माफिया  इलेक्ट्रॉनिक आरा मशीन लेकर हरे फलदार पेड़ों के कटान के लिए गांव-गांव पहुंच जाते हैं सब कुछ देखते हुए वन विभाग और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है इलाके में प्रतिदिन हरे पेड़ काटे जा रहे हैं जिससे हरियाली नष्ट हो रही है। </div>
<div> </div>
<div>वन विभाग के संरक्षण पलने वाले आधा दर्जन लकड़ी माफिया विभाग के रहमो करम पर चल रहे हैं इसी का नतीजा है कि इलाके में हरियाली नष्ट हो रही है आला अधिकारी भी लकड़ी के अवैध कटान में रोक लगाने पर अंकुश बिहीन साबित हो रहे हैं। लकड़ी माफियाओं के साथ-साथ उनसे साठगांठ करने वाले सरकारी मशीनरी के कारनामे की जांच करके बड़ी कार्यवाही किए जाने की जरूरत है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 19:55:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनभद्र। वन माफियाओं का उत्पात, हजारों हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सोनभद्र- </strong>उत्तर प्रदेश सोनभद्र जिले के कोन वन रेंज में वन माफियाओं का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। बागेसोती और भालूकुदर क्षेत्र में कीमती पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और वन भूमि पर कब्जा का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। वन विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण वन माफियाओं का हौसला बुलंद है और वे बेखौफ होकर अपना कारनामा जारी रखे हुए हैं।ग्रामीणों के अनुसार, बागेसोती के अंतरराज्यीय सीमा पर झारखंड वासियों ने उत्तर प्रदेश के वन क्षेत्र में घुसकर अवैध रूप से घर बना लिए हैं।</div>
<div>  </div>
<div>इसके अलावा, बागेसोती बीट के खोहिया के जंगल, बड़ाप</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147910/sonbhadra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/3-+++--.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सोनभद्र- </strong>उत्तर प्रदेश सोनभद्र जिले के कोन वन रेंज में वन माफियाओं का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। बागेसोती और भालूकुदर क्षेत्र में कीमती पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और वन भूमि पर कब्जा का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। वन विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण वन माफियाओं का हौसला बुलंद है और वे बेखौफ होकर अपना कारनामा जारी रखे हुए हैं।ग्रामीणों के अनुसार, बागेसोती के अंतरराज्यीय सीमा पर झारखंड वासियों ने उत्तर प्रदेश के वन क्षेत्र में घुसकर अवैध रूप से घर बना लिए हैं।</div>
<div> </div>
<div>इसके अलावा, बागेसोती बीट के खोहिया के जंगल, बड़ाप के ललुआ खोह और भालुकूदर सेक्सन के धरनवा बॉर्डर पर भी वन माफियाओं ने बड़े पैमाने पर वन भूमि पर कब्जा कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, वनकर्मियों की मिलीभगत से सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर कब्जा कर मकान तक बना लिए गए हैं।स्थानीय लोगों ने कई बार मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।</div>
<div> </div>
<div>आज तड़के, वरिष्ठ समाजसेवी जोखन प्रसाद के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने अंतरराज्यीय सीमा पर प्रदर्शन किया और दोनों राज्यों के वन विभाग से संयुक्त कार्रवाई करने की मांग की।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी क्षेत्र में रहते तक नहीं हैं और न ही नियमित गस्त करते हैं। जिसके कारण वन माफियाओं का हौसला बुलंद है और वे बेखौफ होकर अपना कारनामा जारी रखे हुए हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jan 2025 18:59:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन विभाग के असम श्रीभूमि जिले के चेरागी रेंज से खुलेआम हो रही बांस की तस्करी! विभागीय कर्मचारी मूक भूमिका में हैं।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong> असम श्रीभूमि (करीमगंज) -</strong>प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए वर्तमान सरकार विभागीय रिक्तियों को भरने के लिए कर्मचारियों की भर्ती जारी किया। ताकि कर्मी वन संरक्षण के साथ सरकारी राजस्व भी एकत्र कर सकें. लेकिन हकीकत में सरकार को अरबों रुपये का राजस्व जुटाने में संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि रक्षक ही भक्षक है. अक्सर श्रीभूमि जिले के चेरागी रेंज अंतिम छोर पर चेरागी निविया और दुल्लभछड़ा से सिंगला नदी के माध्यम से बांस की खुलेआम तस्करी की जाती है। लेकिन रेंजर या अन्य कर्मी मूकदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं. चेरागी रेंज के अंतर्गत वन क्षेत्रों में</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147487/bamboo-smuggling-is-happening-openly-from-cheragi-range-of-assam"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img_20250118_095755.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong> असम श्रीभूमि (करीमगंज) -</strong>प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए वर्तमान सरकार विभागीय रिक्तियों को भरने के लिए कर्मचारियों की भर्ती जारी किया। ताकि कर्मी वन संरक्षण के साथ सरकारी राजस्व भी एकत्र कर सकें. लेकिन हकीकत में सरकार को अरबों रुपये का राजस्व जुटाने में संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि रक्षक ही भक्षक है. अक्सर श्रीभूमि जिले के चेरागी रेंज अंतिम छोर पर चेरागी निविया और दुल्लभछड़ा से सिंगला नदी के माध्यम से बांस की खुलेआम तस्करी की जाती है। लेकिन रेंजर या अन्य कर्मी मूकदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं. चेरागी रेंज के अंतर्गत वन क्षेत्रों में नदियों के किनारे बांस की तस्करी खुलेआम हो रही है।</div>
<div> </div>
<div> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/img_20250118_134502.jpg" alt="IMG_20250118_134502" width="631" height="368"></img>सिंला नदी के रास्ते बांस तस्करी का मंजर देखकर यह अंदाजा लगाना आसान है कि अगर वन माफिया खुले में बांस काटकर दूसरे स्थानों पर तस्करी करने की तैयारी कर सकते हैं तो रात के अंधेरे में क्या होगा। यह कारनामा वन विभाग की मदद से चल रहा है दिन के उजाले में। सिंगला नदी के जलमार्ग में हर दिन सैकड़ों भार बांस काटकर तस्करी की जाती है, लेकिन चेरागी रेंजर्स और दुल्लभछड़ा बीट के अधिकारी और कर्मचारी इन माफिया गिरोहों के खिलाफ चुप्पी साधे रहते हैं।</div>
<div> </div>
<div>विभाग की सरकारी चुप्पी के कारण सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है और आरक्षित वन क्षेत्रों की बहुमूल्य वन संपदा नष्ट हो रही है. यदि यह अवैध बांस काटकर ले जाया गया तो जंगल खाली हो जाएगा श्रीभूमि जिले के चेरागी संरक्षित वन क्षेत्र। इस बात को लेकर जागरूक नागरिक निर्धारित व्यवस्था के पक्ष में हैं  पर्यावरण एवं वन मंत्री चंद्र मोहन पटवारी और श्रीभूमि जिला वन अधिकारी का ध्यान आकर्षित किया। ताकि जंगल को कटने से रोका जा सके और पर्यावरण को बचाया जा सके।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jan 2025 16:39:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेशकीमती लकड़ी का अवैध कटान: वन विभाग का सिपाही ठेकेदारों के साथ मिलकर चला रहा खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>चित्रकूट।</strong> भारतपुर पोधशाला नर्सरी के अंतर्गत कोलहुआ के जंगलों में बेशकीमती लकड़ी के अवैध कटान का खेल जोर-शोर से चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वन विभाग का सिपाही सतनेश ठेकेदारों के साथ गहरी साठगांठ रखता है और नियमित रूप से जंगलों से लकड़ी कटवा कर बेचने का काम कर रहा है।स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सतनेश आए दिन जंगलों में कटान करवा रहा है। बेशकीमती लकड़ी का यह अवैध कारोबार खुलेआम हो रहा है, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।</div>
<div>  </div>
<div>जब इस संबंध में वन विभाग के अधिकारी डीएफओ एन.के.</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147013/illegal-felling-of-precious-wood-forest-department-constable-is-playing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/screenshot_2024-12-14-19-13-14-38_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>चित्रकूट।</strong> भारतपुर पोधशाला नर्सरी के अंतर्गत कोलहुआ के जंगलों में बेशकीमती लकड़ी के अवैध कटान का खेल जोर-शोर से चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वन विभाग का सिपाही सतनेश ठेकेदारों के साथ गहरी साठगांठ रखता है और नियमित रूप से जंगलों से लकड़ी कटवा कर बेचने का काम कर रहा है।स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सतनेश आए दिन जंगलों में कटान करवा रहा है। बेशकीमती लकड़ी का यह अवैध कारोबार खुलेआम हो रहा है, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>जब इस संबंध में वन विभाग के अधिकारी डीएफओ एन.के. सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों को शक है कि अधिकारियों और सिपाही के बीच मिलीभगत के चलते यह अवैध कटान लंबे समय से जारी है।अब देखने वाली बात यह होगी कि वन विभाग के अधिकारी इस मामले में सख्त कदम उठाते हैं या फिर यह साठगांठ जारी रहेगी। कोलहुआ के जंगलों में बेशकीमती लकड़ी का कटान रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Dec 2024 17:15:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन विभाग की मिली भगत से कट रहे हैं बेखौफ प्रतिबंधित पेड़ </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बरेली/</strong>वन विभाग की मिली भगत से लकड़ी माफिया बेखौफ होकर शीशम के हरे भरे पेड़ों को बेखौफ होकर काट रहे हैं इसी क्रम में क्यों लड़ियां थाना क्षेत्र के ठिरिया बनो जान मैं वन विभाग से सांठगांठ  कर ठेकेदार ने रातों-रात शीशम के पेड़ काटकर उनकी जड़ों पर मिट्टी गोबर कीचड़ आदि डालकर दबा दिया ताकि इसकी पहचान ना हो सके इसी तरह क्षेत्र में प्रत्येक दिन लकड़ी माफिया अन्य लकड़ी के साथ शीशम नीम के पेड़ों को भी चोरी छुपे बेखौफ काट रहे हैं ।</div>
<div>  </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/img20241110094349.jpg" alt="IMG20241110094349" width="1200" height="912" />इसीलिए लकड़ी माफियाओं की चांदी आ रही है इस कार्य को विभाग का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146388/banned-trees-are-being-cut-fearlessly-with-the-connivance-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img20241110094037.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बरेली/</strong>वन विभाग की मिली भगत से लकड़ी माफिया बेखौफ होकर शीशम के हरे भरे पेड़ों को बेखौफ होकर काट रहे हैं इसी क्रम में क्यों लड़ियां थाना क्षेत्र के ठिरिया बनो जान मैं वन विभाग से सांठगांठ  कर ठेकेदार ने रातों-रात शीशम के पेड़ काटकर उनकी जड़ों पर मिट्टी गोबर कीचड़ आदि डालकर दबा दिया ताकि इसकी पहचान ना हो सके इसी तरह क्षेत्र में प्रत्येक दिन लकड़ी माफिया अन्य लकड़ी के साथ शीशम नीम के पेड़ों को भी चोरी छुपे बेखौफ काट रहे हैं ।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/img20241110094349.jpg" alt="IMG20241110094349" width="2040" height="912"></img>इसीलिए लकड़ी माफियाओं की चांदी आ रही है इस कार्य को विभाग का पूरा संरक्षण प्राप्त है इसीलिए हरे-भरे पेड़ों को बेखौफ काटा जा रहा है इसी क्रम में हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव बिजामऊ में भी प्रतिबंध पेड़ों को काटा गया है परंतु विभाग कार्यवाही नहीं कर रहा है वन विभाग के अकबर अली से दूरभाष पर हुई वार्ता के अनुसार उन्होंने बताया के वह ठिरिया बनो जान की सूचना पर वह गए थे तो वहां पर उनको केवल दो शीशम की कटी हुई जड़ें मिली है।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/img20241110094349.jpg" alt="IMG20241110094349" width="2040" height="912"></img><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/img20241110094010.jpg" alt="IMG20241110094010" width="2040" height="912"></img>जिनका कोई भी विभाग से अनुमति नहीं दी गई परंतु फिर भी कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर उन्होंने कुछ भी नहीं कहा इसके चलते आए दिन शीशम नीम के पेड़ों को काटा जा रहा है इस कार्य को करने के लिए यूकेलिप्टस की लकड़ी के बीच में छुपा कर ले जाते हैं यह धंधा खूब फल-फूल रहा है विभाग की मिली भगत से।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 16:56:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>_दिनदहाड़े चल रहा आम के पेड़ पर आरा_</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लखीमपुर-खीरी।</strong> शारदानगर वन विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के मामले अधिकांशत: सामने आते ही रहते है। वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही उनकी कार्यप्रणाली को संदेहात्मक बनाती है जिसके चलते क्षेत्र में अवैध पेड़ों की कटाई पर रोक नहींं लगा पाती है।दरअसल इसी लापरवाही के कारण ही पेड़ों की अन्धाधुंध कटाई पर अंकुश नहीं लग पाता है और विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को बदनामी का भी दंश झेलना पड़ता है।शारदानगर वन कर्मचारियों की ढ़ीली नकेल हो या फिर लकड्कट्टो से सांठ गांठ।? तभी तो पेड़ों की रखवाली के बाद भी अवैध कटान दिन दहाड़े निरन्तर हो रहा हैं।वन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146296/saw-running-on-mango-tree-in-broad-daylight"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/03....jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखीमपुर-खीरी।</strong> शारदानगर वन विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के मामले अधिकांशत: सामने आते ही रहते है। वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही उनकी कार्यप्रणाली को संदेहात्मक बनाती है जिसके चलते क्षेत्र में अवैध पेड़ों की कटाई पर रोक नहींं लगा पाती है।दरअसल इसी लापरवाही के कारण ही पेड़ों की अन्धाधुंध कटाई पर अंकुश नहीं लग पाता है और विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को बदनामी का भी दंश झेलना पड़ता है।शारदानगर वन कर्मचारियों की ढ़ीली नकेल हो या फिर लकड्कट्टो से सांठ गांठ।? तभी तो पेड़ों की रखवाली के बाद भी अवैध कटान दिन दहाड़े निरन्तर हो रहा हैं।वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग रही या फिर सब कुछ जानकर भी अनजान बने तमाशबीन बने हुए हैं।</div>
<div> </div>
<div>मामला थाना क्षेत्र फूलबेहड़ के गुरदीन पुरवा में पेड़  कट रहे हैं। जानकारी के मुताबिक कुछ पेड़ों के परमिट पर कट रहे सारी बाग कलमी पेड़ बता कर काटे जा रहे देसी आम और जामुन केपेड।फिरभी जिम्मेदार  मूकदर्शक की भूमिका मे नजर आ रहे है।सबसे मजेदार बात  तो यह है कि ठेकेदार  तीन पेड़ का परमिट और 18पेडो की निकासी होना बताताहै जबकि वन दरोगा साहब कहतेहै ठेकेदार झूठ बौखलाहट पांच पेड़ का परमिट और 18पेडो की निकासी अब कौन सही ठेकेदार या वन दरोगा वह खुद जाने ।</div>
<div> </div>
<div>फिलहाल मामलेमेझोल नजर आ रहाहै। गांव के कई लोगो ने बताया उक्त बाग मे कयी देसी आम के भारी भरकम पेड है और मुड़ी भी चीख चीख कर बया कर रहीहै कि देसी आम के पेड है।जब ठेकेदार सेदेसी आम के पेड की बात  की गयी तो ठेकेदार शंकर लाल शुक्ला ने कहा मै नही जानता यह वन विभाग  जाने हमे तो वन विभाग ने कलमी पेडो की निकासी बनाकर दीहै।यदि मामले की वनाधिकारी दक्षिणी वन प्रभाग कराये जांच  तो होगा दूध कादूध और पानी का पानी।</div>
<div> </div>
<div>इस संबंध में जब वन दरोगा संजय आजाद से जानकारी चाहिए गई तो उन्होंने बताया कि 18 आम के पेड़ों की निकासी बनाई गई है तथा पांच पेड़ों का परमिट जिसमें गूलर जामुन है दिया गया है जब उनसे कलमी और देसी आम के पेड़ों के विषय में बात कही गई तो मामले को टालते हुए कहा नहीं कलमी पड़ी है कलमी पेड़ों की भी बुद्धि बहुत मोटी होती है और उसमें कई शाखाएं होती हैं किसी पेड़ में सिंगल शाखा नहीं है यह इनकी कलमी और देसी पेड़ों की पहचान है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Nov 2024 16:56:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परसिया बदलपुर गांव में बिना परमिट के चला हरे पेड़ पर आरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर - </strong> जनपद में आए दिन लकड़ी कटान के मामले सामने आते रहते है। जिसमें लकड़ी माफियाओं द्वारा हरे पेड़ों पर बिना किसी परमिट और आदेश के काटकर महंगे दामों में बेचते रहते है। लकड़ी का यह व्यापार जनपद से अन्य जनपदों में किया जा रहा है विभाग कई बार कार्रवाई भी कर चुका है लेकिन फिर भी लकड़ी माफिया अपने कार्यों से बाज नहीं आ रहे हैं। वही जब घटना की सूचना वन विभाग को लगती है तब तक लकड़ी माफिया अपने मंसूबे में कामयाब होकर मौके से फरार हो जाते हैं।</div><div><br /></div><div> वहीं स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145937/saw-running-on-green-trees-without-permit-in-parsia-badalpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/0.004.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर - </strong> जनपद में आए दिन लकड़ी कटान के मामले सामने आते रहते है। जिसमें लकड़ी माफियाओं द्वारा हरे पेड़ों पर बिना किसी परमिट और आदेश के काटकर महंगे दामों में बेचते रहते है। लकड़ी का यह व्यापार जनपद से अन्य जनपदों में किया जा रहा है विभाग कई बार कार्रवाई भी कर चुका है लेकिन फिर भी लकड़ी माफिया अपने कार्यों से बाज नहीं आ रहे हैं। वही जब घटना की सूचना वन विभाग को लगती है तब तक लकड़ी माफिया अपने मंसूबे में कामयाब होकर मौके से फरार हो जाते हैं।</div><div><br /></div><div> वहीं स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर मिली भगत का आरोप लगाया है। वही ताजा एक मामला बलरामपुर के बरहवा रेंज से आया है जहां पर बिना किसी परमिट के लकड़ी माफिया ने हरे सागौन के बाग पर आरा चला दिया है और पूरे बाग को ही नष्ट कर दिया है। हालांकि हरियाली पर बिना परमिट के पेड़ों के कटान का सिलसिला लगातार जारी है। वन विभाग इस पर शिकंजा नहीं कर पा रहा है।</div><div><br /></div><div>मामला बलरामपुर के बरहवा रेंज के परसिया बदलपुर गांव मार्ग पर लगे सागौन बाग का है। जहां पर लकड़कट्टों ने कम दामों में खरीदकर बिना परमिट के रातों रात अंधेरे का फायदा उठाकर सागौन का पूरा बाग काट डाला है। जिसकी सूचना अब वन विभाग को हुई है तो वह अब हरकत में आए है और जांच कराकर कार्रवाई करने की बात उच्च अधिकारी कह रहे है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है बिना परमिट के पेड़ कटान का सिलसिला इसी तरह जोरों पर चल रहा है।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आए दिन वन विभाग व पुलिस की मिलीभगत से हरे पेड़ों का कटान हो रहा है।</div><div><br /></div><div>वही मामले पर बरहहवा रेंजर राकेश पाठक का कहना है कि पेड़ों के कटान की सूचना मिली है। मौके पर वन दारोगा को भेज कर जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Nov 2024 16:29:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बगहा–जटहां गंडक पुल ! स्थित स्पष्ट नहीं होने से भ्रम जैसा माहौल</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बगहा (प.च)। </strong>राष्ट्रीय राजमार्ग 727 को कसया एनएच–28 बी तक जोड़ने के लिए लोगों को एक अच्छी सड़क का लम्बे समय से इंतजार है, जैसा की पूर्व में बहुत सारी खबरें आपने पढ़ी है लगभग सभी प्रमुख समाचार पत्र व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के द्वारा पूरी गंभीरता के साथ इस समस्या पर खबरों का प्रकाशन किया गया है जो की मदनपुर मोड़ से पनियहवा होते हुए कसया को जोड़ने के लिए प्रस्तावित सड़क है या वर्तमान में जो कार्यरत सड़क है उसे सड़क के निर्माण में सबसे बड़ा अवरोध वन विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र है, जिसको निर्गत करने से वन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145812/an-atmosphere-of-confusion-as-the-location-of-the-bagaha-jathahan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/फोटो-13.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बगहा (प.च)। </strong>राष्ट्रीय राजमार्ग 727 को कसया एनएच–28 बी तक जोड़ने के लिए लोगों को एक अच्छी सड़क का लम्बे समय से इंतजार है, जैसा की पूर्व में बहुत सारी खबरें आपने पढ़ी है लगभग सभी प्रमुख समाचार पत्र व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के द्वारा पूरी गंभीरता के साथ इस समस्या पर खबरों का प्रकाशन किया गया है जो की मदनपुर मोड़ से पनियहवा होते हुए कसया को जोड़ने के लिए प्रस्तावित सड़क है या वर्तमान में जो कार्यरत सड़क है उसे सड़क के निर्माण में सबसे बड़ा अवरोध वन विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र है, जिसको निर्गत करने से वन विभाग ने मना कर दिया है, मना करने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी व बिहार सरकार के द्वारा वैकल्पिक रास्ते के रूप में इस पर काम किया जा रहा है, जिसके लिए जनप्रतिनिधि व मंत्रालय से भी कई बार इस संबंध में जारी आदेश को सार्वजनिक किया गया है, लेकिन अभी भी लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि यह सड़क सह पूल कहां से बनेगी और उत्तर प्रदेश को कंहा जोड़ेगी, इसके लिए जो सर्वे टीम इस पर काम कर रही है, उसमे भी दो या तीन ऑप्शन पर सर्वे किया है अब इन सारी परिस्थितियों के बीच जो स्थिति जो स्थिति बनी है वह स्पष्ट नहीं होने से भ्रम जैसा माहौल बना हुआ है।</div>
<div> </div>
<div>ऐसे में वर्तमान जो चर्चा चल रही है उसमें मंगलपुर और शास्त्री नगर दो जगह कि चर्चा है या तो मंगलपुर नहीं तो शास्त्री नगर से नए निर्माण कि चर्चा है जिसमें गंडक नदी पर एक नए ब्रिज का निर्माण होना है और फिर उधर उत्तर प्रदेश के पॉइंट पर पुल का एप्रोच सड़क जुड़ेगा, स्थिति साफ न होने से कौन सी सड़क होगी इन सभी बातों को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं और अटकलो का बाजार गर्म हैं।जनप्रतिनिधि से लोग इस संबंध में स्पष्ट आदेश निर्देश की अपेक्षा में टकटकी लगाए हुए हैं।</div>
<div> </div>
<div>अब सवाल यह है कि इसमें दो राज्य और केंद्र सरकार का राष्ट्रीय राजमार्ग संयुक्त रूप से कार्य कर रहा है, इसके लिए नए सिरे से जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया होनी है जब तक सरकार और मंत्रालय के स्तर पर इस पर कोई आम सहमति नहीं बन जाती है तब तक कुछ भी कहना अभी उपयुक्त नहीं होगा, क्योंकि सबसे बड़ी बात है जमीन अधिग्रहण की जिसमें यूपी गवर्नमेंट से कितनी जमीन अधिग्रहित कर नेशनल हाईवे को देना है और फिर इधर बिहार के क्षेत्र में जो भूमि है उसके लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है सर्वे ही किया जा रहा है, जिस पर फाइनल मोहर लगने के बाद ही जमीन अधिग्रहण की बात आएगी और उसके बाद पूल व सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।</div>
<div> </div>
<div>बिहार राज्य के जनप्रतिनिधि अपने स्तर पर इस कार्य को पूरा करने में लगे हुए हैं और उनके अनुसार इस सड़क सह पुल निर्माण के लिए जो अनुमानित राशि है वह भी जारी करने का आदेश मिल चुका है अब ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि यह पुल और सड़क के लिए प्रतीक्षा का समय अब समाप्त होने का आसार नजर आने लगा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Oct 2024 17:00:35 +0530</pubDate>
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