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                <title>आईएएस अफसर - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>आईएएस अफसर RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Success Story: बेहद दिलचस्प है इस IAS अफसर की कहानी, न्यूज पेपर और टीवी से की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। आज हम आपको ऐसी आईएएस अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने टीवी देखकर आईएएस अफसर बनने की ठानी। आइए जानते हैं आईएएस सृष्टि देशमुख के बारे में।</p>
<p><strong>भोपाल में हुआ जन्म</strong></p>
<p>सृष्टि का जन्म भोपाल में 28 मार्च 1996 को हुआ। उनके पिता जयंत देशमुख एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं और उनकी मां सुनीता एक निजी स्कूल में टीचर है। उनके पालन-पोषण ने उन्हें बचपन से ही कड़ी मेहनत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161488/success-story-the-story-of-this-ias-officer-is-very"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/ias-srushti-deshmukh.jpg" alt=""></a><br /><p>Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। आज हम आपको ऐसी आईएएस अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने टीवी देखकर आईएएस अफसर बनने की ठानी। आइए जानते हैं आईएएस सृष्टि देशमुख के बारे में।</p>
<p><strong>भोपाल में हुआ जन्म</strong></p>
<p>सृष्टि का जन्म भोपाल में 28 मार्च 1996 को हुआ। उनके पिता जयंत देशमुख एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं और उनकी मां सुनीता एक निजी स्कूल में टीचर है। उनके पालन-पोषण ने उन्हें बचपन से ही कड़ी मेहनत और दृढ़ता के मूल्य से परिचित कराया।</p>
<p><strong>UPSC की कठिन तैयारी में मिला प्यार</strong></p>
<p>यूपीएससी की तैयारी के दौरान सृष्टि को प्यार भी मिला। मसूरी में LBSNAA में ट्रेनिंग के दौरान उनकी मुलाकात IAS डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा से हुई। 24 अप्रैल 2022 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए।</p>
<p><strong>सृष्टि देशमुख का UPSC स्कोर और रैंक</strong></p>
<p>सृष्टि ने फर्स्ट अटेंप्ट में ही सफलता पाने की ठान ली थी। उन्होंने जी जान लगाकर यूपीएससी की तैयारी की और ऑल इंडिया रैंक 5 हासिल की। वह UPSC मेन्स में 895 नंबर और इंटरव्यू में 173 नंबर हासिल कर अपने बैच की महिला टॉपर बनी।</p>
<p><strong>न्यूज पेपर और टीवी से तैयारी</strong></p>
<p>सृष्टि ने यूपीएससी की तैयारी के लिए अनुशासित दृष्टिकोण अपनाते हुए सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया। उन्होंने रोजाना न्यूजपेपर और राज्यसभा टीवी पर ज्ञानवर्धक कार्यक्रम देखे। इन आदतों ने उनकी नॉलेज में बढ़ोत्तरी की। ये सभी चीजें उनकी यूपीएससी की परीक्षा पास करने में मददगार साबित हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 16:00:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: पिता के लिए छोड़ा मेडिकल करियर, बन गई IAS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इसी तरह, पूर्व IPS अधिकारी मुद्रा गैरोला जो बाद में आईएएस अफसर बनीं। अपने पिता का सपना पूरा करते हुए सिविल सेवा में अपना करियर बनाने के लिए मेडिकल करियर छोड़ दिया।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/2426046-ias-mudra-4.jpg" alt="2426046-ias-mudra-4" width="1200" height="900" /></p>
<p>आईएएस मुद्रा गैरोला मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं। हालांकि, अब वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती हैं। कम उम्र से ही पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने लगातार अपनी कक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160624/ias-success-story-left-medical-career-for-father-and-became"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/ias-mudra-gairola-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इसी तरह, पूर्व IPS अधिकारी मुद्रा गैरोला जो बाद में आईएएस अफसर बनीं। अपने पिता का सपना पूरा करते हुए सिविल सेवा में अपना करियर बनाने के लिए मेडिकल करियर छोड़ दिया।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/2426046-ias-mudra-4.jpg" alt="2426046-ias-mudra-4" width="1200" height="900"></img></p>
<p>आईएएस मुद्रा गैरोला मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं। हालांकि, अब वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती हैं। कम उम्र से ही पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने लगातार अपनी कक्षा में टॉप रैंक हासिल की। उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए, मुद्रा ने अपनी कक्षा 10वीं की परीक्षा में 96% और कक्षा 12वीं में 97% अंक प्राप्त किए। उन्हें भारत की पहली महिला IPS अधिकारी किरण बेदी से उनकी उपलब्धियों के लिए पुरस्कार भी मिला था।</p>
<p>अपनी स्कूली शिक्षा के बाद, उन्होंने मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की पढ़ाई की, जहां उन्होंने गोल्ड मेडल भी जीता। इसके बाद, अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वह मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) का कोर्स करने के लिए दिल्ली चली गईं।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/images-(6).jpg" alt="images (6)" width="645" height="361"></img></p>
<p>उनके पिता अरुण गैरोला, जिन्होंने 1973 में यूपीएससी परीक्षा दी थी, लेकिन सफल नहीं हो पाए थे, वह चाहते थे कि उनकी बेटी भी सिविल सेवा परीक्षा दे और आईएएस अधिकारी का प्रतिष्ठित पद हासिल करे।</p>
<p>अपने पिता की आजीवन आकांक्षा को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए, मुद्रा गैरोला ने अपनी मास्टर की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए खुद को समर्पित करने का साहसी निर्णय लिया। साल 2018 में अपने पहले प्रयास में इंटरव्यू राउंड तक पहुंचने के बावजूद, 2019 और 2020 में असफल प्रयासों के बावजूद, मुद्रा ने हार नहीं मानी।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/ias-mudra-gairola-success-story.jpg" alt="IAS-Mudra-Gairola-Success-Story" width="1200" height="800"></img></p>
<p>उनके अटूट दृढ़ संकल्प ने 2021 में उन्हें सफलता दिलाई। उन्होंने परीक्षा में सफलतापूर्वक 165वीं रैंक हासिल की, जिससे उनका आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा हुआ। लेकिन वह आईपीएस के पद से संतुष्ट नहीं थी, इसलिए साल 2022 में मुद्रा ने यूपीएससी परीक्षा फिर से दी और इस बार 53वीं रैंक हासिल करते हुए आईएएस अधिकारी का प्रतिष्ठित पद प्राप्त किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 12:30:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: बेहद दिलचस्प है इस IAS अफसर की कहानी, न्यूज पेपर और टीवी से की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। आज हम आपको ऐसी आईएएस अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने टीवी देखकर आईएएस अफसर बनने की ठानी। आइए जानते हैं आईएएस सृष्टि देशमुख के बारे में।</p>
<p><strong>भोपाल में हुआ जन्म</strong><br />सृष्टि का जन्म भोपाल में 28 मार्च 1996 को हुआ। उनके पिता जयंत देशमुख एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं और उनकी मां सुनीता एक निजी स्कूल में टीचर है। उनके पालन-पोषण ने उन्हें बचपन से ही कड़ी मेहनत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156843/success-story-is-very-interesting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/success-story-30-780x470.webp" alt=""></a><br /><p>Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। आज हम आपको ऐसी आईएएस अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने टीवी देखकर आईएएस अफसर बनने की ठानी। आइए जानते हैं आईएएस सृष्टि देशमुख के बारे में।</p>
<p><strong>भोपाल में हुआ जन्म</strong><br />सृष्टि का जन्म भोपाल में 28 मार्च 1996 को हुआ। उनके पिता जयंत देशमुख एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं और उनकी मां सुनीता एक निजी स्कूल में टीचर है। उनके पालन-पोषण ने उन्हें बचपन से ही कड़ी मेहनत और दृढ़ता के मूल्य से परिचित कराया।</p>
<p><strong>UPSC की कठिन तैयारी में मिला प्यार</strong><br />यूपीएससी की तैयारी के दौरान सृष्टि को प्यार भी मिला। मसूरी में LBSNAA में ट्रेनिंग के दौरान उनकी मुलाकात IAS डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा से हुई। 24 अप्रैल 2022 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए।</p>
<p><strong>सृष्टि देशमुख का UPSC स्कोर और रैंक</strong><br />सृष्टि ने फर्स्ट अटेंप्ट में ही सफलता पाने की ठान ली थी। उन्होंने जी जान लगाकर यूपीएससी की तैयारी की और ऑल इंडिया रैंक 5 हासिल की। वह UPSC मेन्स में 895 नंबर और इंटरव्यू में 173 नंबर हासिल कर अपने बैच की महिला टॉपर बनी।</p>
<p><strong>न्यूज पेपर और टीवी से तैयारी</strong><br />सृष्टि ने यूपीएससी की तैयारी के लिए अनुशासित दृष्टिकोण अपनाते हुए सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया। उन्होंने रोजाना न्यूजपेपर और राज्यसभा टीवी पर ज्ञानवर्धक कार्यक्रम देखे। इन आदतों ने उनकी नॉलेज में बढ़ोत्तरी की। ये सभी चीजें उनकी यूपीएससी की परीक्षा पास करने में मददगार साबित हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 13:24:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: ब्यूटी विद ब्रेन की मिसाल है ये IAS अफसर, पढ़ें सक्सेस स्टोरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: हर साल लाखों युवा यूपीएससी की परीक्षा में बैठते हैं लेकिन सिर्फ मुट्ठीभर ही इसे पास कर सफलता हासिल कर पाते हैं। आज हम आपको बिहार की ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी जिंदगी की शुरआत बहुत मुश्किलों में हुई।</p>
<p>पूरे गांव वाले उसकी पढ़ाई के खिलाफ थे। उनके माता-पिता ने मेहनत की ताकि प्रिया को पढ़ा सके। प्रिया रानी एक IAS अधिकारी है और सोशल मीडिया पर काफी मशूह है। उनकी स्टोरी लाखों युवाओं को मोटिवेट करने वाली है।</p>
<p>प्रिया रानी फुलवारी शरीफ के कुड़कुरी गांव की रहने वाली है उन्होंने यूपीएससी परीक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155945/success-story-is-an-example-of-beauty-with-brain-this"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-priya-rani-780x470.webp" alt=""></a><br /><p>Success Story: हर साल लाखों युवा यूपीएससी की परीक्षा में बैठते हैं लेकिन सिर्फ मुट्ठीभर ही इसे पास कर सफलता हासिल कर पाते हैं। आज हम आपको बिहार की ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी जिंदगी की शुरआत बहुत मुश्किलों में हुई।</p>
<p>पूरे गांव वाले उसकी पढ़ाई के खिलाफ थे। उनके माता-पिता ने मेहनत की ताकि प्रिया को पढ़ा सके। प्रिया रानी एक IAS अधिकारी है और सोशल मीडिया पर काफी मशूह है। उनकी स्टोरी लाखों युवाओं को मोटिवेट करने वाली है।</p>
<p>प्रिया रानी फुलवारी शरीफ के कुड़कुरी गांव की रहने वाली है उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 69वीं रैंक हासिल कर बिहार का नाम रोशन किया। प्रिया रानी को पढ़ाई के लिए बहुत विरोध झेलना पड़ा लेकिन उनके दादा ने उनका पूरा साथ दिया और उनकी पढ़ाई में मदद की। अपनी जिद्द और लगन के कारण प्रिया आज IAS अफसर बन गई।</p>
<p>BIT मेसरा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री के बाद प्रिया ने UPSC की तैयारी शुरु कर दी। दूसरे प्रयास में उन्हें इंडियन डिफेंस सर्विस में नौकरी मिल गई लेकिन IAS बनने का उनका सपना अधूरा रह गया। तीसरे प्रयास में भी असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार चौथे प्रयास में यूपीएससी क्रैक कर IAS बन गई।</p>
<p>प्रिया रानी का कहना है कि उनकी सफलता का राज नियमति पढ़ाई और मेहनत है। वो रोजाना सुबह 4 बजे उठकर पढ़ती थी। उन्होंने इकोनॉमिक्स को मेन सबजेक्ट बनाया और एनसीआरटी की किताबों और अखबारों पर ध्यान दिया।। उनका मानना है कि शिक्षा ही जिंदगी की सबसे बड़ी संपत्ति है। वो युवाओं को टारगेट के प्रति समर्पित रहने की सलाह दी है।</p>
<p>जो लोग उनकी पढ़ाई का विरोध करते थे आज वे उनकी कामयाबी पर गर्व महसूस करते हैं। प्रिया ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 19:55:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story:  पिता के लिए छोड़ा मेडिकल करियर, बन गई IAS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इसी तरह, पूर्व IPS अधिकारी मुद्रा गैरोला जो बाद में आईएएस अफसर बनीं। अपने पिता का सपना पूरा करते हुए सिविल सेवा में अपना करियर बनाने के लिए मेडिकल करियर छोड़ दिया।</p>
<p>IAS मुद्रा गैरोला, मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं। हालांकि, अब वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती हैं। कम उम्र से ही पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने लगातार अपनी कक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155926/ias-success-story-ias-officer-left-for-father-ias-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/success-story-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इसी तरह, पूर्व IPS अधिकारी मुद्रा गैरोला जो बाद में आईएएस अफसर बनीं। अपने पिता का सपना पूरा करते हुए सिविल सेवा में अपना करियर बनाने के लिए मेडिकल करियर छोड़ दिया।</p>
<p>IAS मुद्रा गैरोला, मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं। हालांकि, अब वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती हैं। कम उम्र से ही पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने लगातार अपनी कक्षा में टॉप रैंक हासिल की। उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए, मुद्रा ने अपनी कक्षा 10वीं की परीक्षा में 96% और कक्षा 12वीं में 97% अंक प्राप्त किए। उन्हें भारत की पहली महिला IPS अधिकारी किरण बेदी से उनकी उपलब्धियों के लिए पुरस्कार भी मिला था।</p>
<p>अपनी स्कूली शिक्षा के बाद, उन्होंने मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की पढ़ाई की, जहां उन्होंने गोल्ड मेडल भी जीता। इसके बाद, अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वह मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) का कोर्स करने के लिए दिल्ली चली गईं।</p>
<p>उनके पिता अरुण गैरोला, जिन्होंने 1973 में यूपीएससी परीक्षा दी थी, लेकिन सफल नहीं हो पाए थे, वह चाहते थे कि उनकी बेटी भी सिविल सेवा परीक्षा दे और आईएएस अधिकारी का प्रतिष्ठित पद हासिल करे।</p>
<p>अपने पिता की आजीवन आकांक्षा को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए, मुद्रा गैरोला ने अपनी मास्टर की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए खुद को समर्पित करने का साहसी निर्णय लिया। साल 2018 में अपने पहले प्रयास में इंटरव्यू राउंड तक पहुंचने के बावजूद, 2019 और 2020 में असफल प्रयासों के बावजूद, मुद्रा ने हार नहीं मानी।</p>
<p>उनके अटूट दृढ़ संकल्प ने 2021 में उन्हें सफलता दिलाई। उन्होंने परीक्षा में सफलतापूर्वक 165वीं रैंक हासिल की, जिससे उनका आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा हुआ। लेकिन वह आईपीएस के पद से संतुष्ट नहीं थी, इसलिए साल 2022 में मुद्रा ने यूपीएससी परीक्षा फिर से दी और इस बार 53वीं रैंक हासिल करते हुए आईएएस अधिकारी का प्रतिष्ठित पद प्राप्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 13:41:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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