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                <title>आम आदमी पार्टी - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>आम आदमी पार्टी RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>*तीक्षण सूद वार्ड न. 28 की जन सभा में ने कहा भगवंत मान सरकार ने पंजाब को काले दौर में धकेला* </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>होशियारपुर </strong>  पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने बताया है कि वार्ड न. 28 भाजपा के संभावित उमीदवार ठाकुर केवल सिंह द्वार आयोजित एक विशाल जन सभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद विशेष तौर पर पहुँचे। श्री सूद के अतिरिक्त अमरजीत सिंह लाड्डी ,यशपाल शर्मा , संदीप तिवाड़ी ,हरभजन पाल , कमल वर्मा , दर्शन सिंह सिद्धू ,मनजीत ,कमला रानी ,भगत सिंह ,कुलदीप सिंह सैनी ,अशोक ठाकुर ,गोरी ,परमजीत सिंह असमा ,वैशाली शर्मा आदि भी उपस्थित थे। जनसभा को संबोधित करते हुए श्री सूद ने कहा कि ठाकुर केवल सिंह बेदाग</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181215/tikshan-sood-said-in-the-public-meeting-of-ward-no"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000905508.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>होशियारपुर </strong> पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने बताया है कि वार्ड न. 28 भाजपा के संभावित उमीदवार ठाकुर केवल सिंह द्वार आयोजित एक विशाल जन सभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद विशेष तौर पर पहुँचे। श्री सूद के अतिरिक्त अमरजीत सिंह लाड्डी ,यशपाल शर्मा , संदीप तिवाड़ी ,हरभजन पाल , कमल वर्मा , दर्शन सिंह सिद्धू ,मनजीत ,कमला रानी ,भगत सिंह ,कुलदीप सिंह सैनी ,अशोक ठाकुर ,गोरी ,परमजीत सिंह असमा ,वैशाली शर्मा आदि भी उपस्थित थे। जनसभा को संबोधित करते हुए श्री सूद ने कहा कि ठाकुर केवल सिंह बेदाग तथा ईमानदार व्यक्ति है। ना वह दल बदलू है ,ना ही उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आम तौर पर लोग सेवा के बल पर आज तक केंद्र में 3 बार सरकार बना चुकी है तथा 22 राज्यों की सरकार भी बना चुकी है। ऐसा तभी संभव हो सकता है अगर भाजपा ने बढ़िया कारगुजारी दिखाई है। पंजाब में भाजपा के कार्यकाल में नगर निगमों में बहुत अच्छे-अच्छे काम हुए है। पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी तथा कांग्रेस की कारगुजारी को नकार चुकी है। कांग्रेस के कुसाशन से दुखी होकर लोगो ने बदलाव लाने के लिए आम आदमी पार्टी को चुना। परंतु उस बदलाव को मुख्यामंत्री पंजाब की अगवाई में पंजाब को काले दौर में धकेल दिया। पंजाब को गैंगस्टरमुक्त करने वाली सरकार के संरक्षण में आज गैंगस्टर जेलों से लोगो तक अपनी बात पहुंचा रहे है तथा व्यापारी वर्ग को फ़िरोतियो की धमकी देकर परेशान किया जा रहा है। नशा पहले से बढ़ गया है ,वेअदवियों की सज़ा नहीं हुई। जनता कानून व्यवस्था की बिगड़ी हालत से त्राहि -त्राहि कर रही है। केवल भारतीय जनता पार्टी ही पंजाब को इस काले दौर से निकाल सकती है।भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर दर्जनों युवाओं ने इस मौके पर अरुण कुमार के नेतृत्व में भाजपा ज्वाइन की तथा उनके पटके पहना कर स्वागत किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:27:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज में पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों से संवाद के दौरान हंगामा, सांसद संजय सिंह और एडीएम सिटी में नोंकझोंक।</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>स्वतंत्र प्रभात रिपोर्ट सरस सिंह </strong></span></p>
<p>प्रयागराज। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के प्रयागराज दौरे के दौरान सर्किट हाउस सभागार में उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पेपर लीक और प्रतियोगी छात्रों की समस्याओं को लेकर आयोजित संवाद कार्यक्रम को प्रशासन ने बिना अनुमति आयोजित होने का हवाला देते हुए रोकने का प्रयास किया। इस दौरान सांसद संजय सिंह और एडीएम सिटी के बीच तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, राज्यसभा सांसद संजय सिंह  प्रयागराज पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180479/uproar-during-interaction-with-students-on-paper-leak-issue-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260601-wa0238.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>स्वतंत्र प्रभात रिपोर्ट सरस सिंह </strong></span></p>
<p>प्रयागराज। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के प्रयागराज दौरे के दौरान सर्किट हाउस सभागार में उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पेपर लीक और प्रतियोगी छात्रों की समस्याओं को लेकर आयोजित संवाद कार्यक्रम को प्रशासन ने बिना अनुमति आयोजित होने का हवाला देते हुए रोकने का प्रयास किया। इस दौरान सांसद संजय सिंह और एडीएम सिटी के बीच तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, राज्यसभा सांसद संजय सिंह  प्रयागराज पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी तथा छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रतियोगी छात्रों से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया था। यह कार्यक्रम सर्किट हाउस सभागार में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले रखा गया था।</p>
<p>कार्यक्रम शुरू होने से पहले मौके पर पहुंचे एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा तथा डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य ने आयोजकों से कार्यक्रम की अनुमति संबंधी जानकारी मांगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना था कि सर्किट हाउस परिसर में इस प्रकार के सार्वजनिक संवाद कार्यक्रम के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक है। इसी बात को लेकर अधिकारियों और सांसद संजय सिंह के बीच बहस शुरू हो गई।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। सांसद संजय सिंह ने प्रशासन पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया, जबकि अधिकारियों ने नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन कराने की बात कही। इस घटनाक्रम के दौरान सभागार में मौजूद छात्रों और समर्थकों में भी हलचल का माहौल बना रहा।</p>
<p>हालांकि विवाद के बावजूद कार्यक्रम आयोजित हुआ और सांसद संजय सिंह ने प्रतियोगी छात्रों से विस्तार से बातचीत की। छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई, लंबित भर्तियों को जल्द पूरा करने तथा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सांसद ने छात्रों की समस्याओं को संसद और सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।</p>
<p>इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह तथा हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के के राय भी मौजूद रहे। उन्होंने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र उपस्थित रहे। छात्रों ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 20:06:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दया शंकर त्रिपाठी ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरविंद केजरीवाल ने किया जस्टिस स्वर्णकांता के कोर्ट का बहिष्कार, कहा- न्याय की उम्मीद नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को पत्र लिखकर बताया कि उनके कोर्ट के समक्ष वो खुद या वकील के जरिए पेश नहीं होंगे। मेरी जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है, इसलिए मैंने गांधीजी के सत्याग्रह पर चलने का फैसला लिया है।आप नेता ने कहा, “मैंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर लिया है।” साथ ही उन्होंने कानूनी विकल्प भी खुला रखा। पत्र में उन्होंने जोड़ा, “मैं जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार सुरक्षित रखता हूं।”</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह घटनाक्रम उन दिनों बाद आया है जब जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने खुद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177435/arvind-kejriwal-boycotted-justice-swarnakantas-court-and-said-there"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/justice-swarana-kanta-arvind-kejriwal-2026-04-daca29956d6964f435922dd3db6b6bc3-1200x900.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को पत्र लिखकर बताया कि उनके कोर्ट के समक्ष वो खुद या वकील के जरिए पेश नहीं होंगे। मेरी जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है, इसलिए मैंने गांधीजी के सत्याग्रह पर चलने का फैसला लिया है।आप नेता ने कहा, “मैंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर लिया है।” साथ ही उन्होंने कानूनी विकल्प भी खुला रखा। पत्र में उन्होंने जोड़ा, “मैं जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार सुरक्षित रखता हूं।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह घटनाक्रम उन दिनों बाद आया है जब जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने खुद को मामले से हटाने (रिक्यूज) से इनकार कर दिया। केजरीवाल ने पूर्व में पक्षपात और हितों के टकराव का आरोप लगाते हुए रिक्यूजल की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में न्यायिक स्वतंत्रता के सिद्धांत पर जोर दिया और निष्पक्षता पर उठाए गए सवालों को अस्वीकार किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केजरीवाल का पत्र और संदेशपत्र में केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि वे जज के न्याय देने की क्षमता पर भरोसा खो चुके हैं। उन्होंने गांधीजी के अहिंसक विरोध के रास्ते को अपनाने का फैसला लिया है। इस कदम ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी घोटाले से जुड़े मामले में उनकी कानूनी लड़ाई को नया मोड़ दे दिया है।इससे पहले हुई सुनवाई पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने दिल्ली आबकारी नीति मामले से रिक्यूज करने यानी खुद को अलग करने से इनकार कर दिया था। उनके रिक्यूजल को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस शर्मा ने कहा, 'मैं इस केस से रिक्यूज़ नहीं करूंगी। मैं इस केस की सुनवाई करूंगी।' इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा अन्य आरोपियों की याचिका खारिज कर दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फरवरी 2026 में ट्रायल कोर्ट ने शराब नीति मामले में केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कविता और अन्य 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट ने सीबीआई की जांच की भी कड़ी आलोचना की थी। सीबीआई ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इस अपील की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा कर रही हैं। केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक और अन्य ने भी रिक्यूजल की याचिका दायर की थी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:38:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों की सदस्यता रद्द होगी? आप का बड़ा दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> क्या राघव चड्ढा समेत उन सभी 7 सांसदों की सदस्यता रद्द होगी जिन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर खुद को बीजेपी में विलय कर लिया है? कम से कम आम आदमी पार्टी ने तो यही दावा करते हुए राज्यसभा चेयरमैन से लिखित में अनुरोध किया है कि इन सभी सातों सदस्यों की सदस्यता रद्द की जाए। इसने कहा है कि संविधान के विशेषज्ञों का यही कहना है और संविधान की 10वीं अनुसूची में भी ऐसा ही लिखा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने इस मामले में रविवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा, 'संविधान के कई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177431/aaps-big-claim-is-that-membership-of-7-mps-including"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(1)13.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> क्या राघव चड्ढा समेत उन सभी 7 सांसदों की सदस्यता रद्द होगी जिन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर खुद को बीजेपी में विलय कर लिया है? कम से कम आम आदमी पार्टी ने तो यही दावा करते हुए राज्यसभा चेयरमैन से लिखित में अनुरोध किया है कि इन सभी सातों सदस्यों की सदस्यता रद्द की जाए। इसने कहा है कि संविधान के विशेषज्ञों का यही कहना है और संविधान की 10वीं अनुसूची में भी ऐसा ही लिखा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने इस मामले में रविवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा, 'संविधान के कई जानकारों, देश के वरिष्ठ अधिवक्ता व संविधान के विशेषज्ञ कपिल सिब्बल और पीडीटी आचार्य ने साफ़ कर दिया है कि आप को तोड़कर बीजेपी में विलय करने का फ़ैसला लेने वाले सात लोगों की सदस्यता ख़त्म होगी। ये बहुत साफ़ तौर पर है।'</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संजय सिंह ने कहा कि कपिल सिब्बल जैसे संविधान के जानकारों की राय लेकर राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रपति को एक याचिका भेजी है जिसमें संविधान की 10वीं अनुसूची के मुताबिक इन सातों सदस्यों की सदस्यता रद्द की जाए, इसके बारे में अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सभापति महोदय से मांग की है कि इसकी जल्द से जल्द सुनवाई करके अपनी ओर से न्यायपूर्ण फैसला दें। संविधान की 10वीं अनुसूची में भी साफ़ तौर पर लिखा गया है कि इस तरह की किसी भी तोड़फोड़ की इजाजत भारत का संविधान नहीं देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आप के पूर्व राज्‍यसभा उपनेता राघव चड्ढा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि पार्टी के 10 में से 7 राज्‍यसभा सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं और बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह संख्या दो-तिहाई से ज्यादा है, इसलिए वे एंटी-डिफेक्शन कानून यानी दलबदल विरोधी कानून से बच सकते हैं।बागी सांसदों में राघव चड्ढा के अलावा अशोक मित्तल, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल हैं। इनमें से राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक शुक्रवार को ही बीजेपी में शामिल हो गए। स्वाति मालीवाल ने शनिवार को बीजेपी जॉइन करने की पुष्टि की।आप के इन सात सांसदों की बगावत के बाद अब आप के पास राज्‍यसभा में सिर्फ 3 सांसद बचे हैं- संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलवीर सिंह सीचेवाल।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन सात सांसदों की बगावत पर आप के वरिष्ठ नेता और राज्‍यसभा सांसद संजय सिंह ने पहले ही कहा था, 'यह गैरकानूनी, गलत, असंवैधानिक और संसदीय नियमों के खिलाफ है। हम इनकी पूरी सदस्यता समाप्त करने की मांग करेंगे।'संजय सिंह ने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांग रहे हैं और वे पंजाब से चुने गए 6 बागी सांसदों को वापस बुलाने की मांग करेंगे। हालांकि, संविधान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।वरिष्ठ वकील और संविधान के विशेषज्ञ कपिल सिब्बल ने एचटी से कहा कि पार्टी खुद पहले मर्जर का फैसला नहीं ले ले तब तक कोई भी खुद से मर्जर नहीं कर सकता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पार्टी स्तर पर रेजॉल्यूशन पास करना ज़रूरी है। पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य ने एचटी से कहा कि ये 7 सांसद अयोग्यता से बच नहीं सकते। हालाँकि, सांसदों को वापस बुलाने यानी हटाने के अधिकार पर पूर्व पंजाब एडवोकेट जनरल अशोक अग्रवाल ने साफ़ किया कि 'राइट टू रिकॉल' यानी वोटर द्वारा सांसद को बीच में हटाने का अधिकार संविधान में कहीं नहीं है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:32:35 +0530</pubDate>
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                <title>लोकप्रियता से विवाद तक का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राघव चड्ढा का हालिया राजनीतिक निर्णय केवल संसदीय गलियारों या राजनीतिक दलों के बीच की एक साधारण घटना नहीं है बल्कि इसने अंतर्जाल की आभासी दुनिया में भी अत्यंत गहरा और अभूतपूर्व प्रभाव छोड़ा है। आम आदमी पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में उनका सम्मिलित होना एक सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम की तरह प्रतीत हो सकता था परंतु कुछ ही घंटों के भीतर इसने सामाजिक संवाद के माध्यमों पर एक बड़े वैचारिक और संख्यात्मक बदलाव को जन्म दे दिया। विशेष रूप से छायाचित्र साझा करने वाले प्रमुख वैश्विक मंच पर उनके अनुगामियों की संख्या में आई आकस्मिक गिरावट ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177274/journey-from-popularity-to-controversy"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/raghav-chadha-1696929862.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राघव चड्ढा का हालिया राजनीतिक निर्णय केवल संसदीय गलियारों या राजनीतिक दलों के बीच की एक साधारण घटना नहीं है बल्कि इसने अंतर्जाल की आभासी दुनिया में भी अत्यंत गहरा और अभूतपूर्व प्रभाव छोड़ा है। आम आदमी पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में उनका सम्मिलित होना एक सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम की तरह प्रतीत हो सकता था परंतु कुछ ही घंटों के भीतर इसने सामाजिक संवाद के माध्यमों पर एक बड़े वैचारिक और संख्यात्मक बदलाव को जन्म दे दिया। विशेष रूप से छायाचित्र साझा करने वाले प्रमुख वैश्विक मंच पर उनके अनुगामियों की संख्या में आई आकस्मिक गिरावट ने इस तथ्य को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया कि वर्तमान समय में राजनीति केवल विचारधारा या चुनावी कूटनीति तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि यह सीधे तौर पर जनता की संवेदनाओं और उनकी तत्काल आभासी प्रतिक्रियाओं से जुड़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से यह ज्ञात होता है कि जिस दिन उन्होंने अपने राजनीतिक दल के परिवर्तन की सार्वजनिक घोषणा की थी उस समय उनके व्यक्तिगत खाते पर लगभग 14.6 मिलियन अनुगामी उपस्थित थे। इस घोषणा के मात्र 24 घंटे के भीतर यह संख्या तीव्रता से घटकर लगभग 13.3 मिलियन से 13.5 मिलियन के मध्य पहुँच गई। इसका प्रत्यक्ष अर्थ यह है कि लगभग 10 लाख से 11 लाख लोगों ने अत्यंत अल्प समय में उन्हें अननुगामित कर दिया। आंकड़ों में आई यह भारी गिरावट केवल गणितीय अंकों का खेल नहीं है बल्कि यह उस तीव्र भावनात्मक प्रतिक्रिया और रोष को दर्शाती है जो उनके समर्थकों के मध्य उत्पन्न हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह घटना इसलिए भी विशेष महत्व रखती है क्योंकि राघव चड्ढा की छवि लंबे समय से एक ऐसे युवा राजनेता की रही है जो पारंपरिक और रूढ़िवादी राजनीति की परिधि से बाहर दिखाई देते थे। उनकी पहचान केवल एक सांसद के रूप में स्थापित नहीं थी बल्कि वे एक ऐसे सार्वजनिक चेहरे के रूप में उभरे थे जिसने निरंतर युवाओं के ज्वलंत मुद्दों को स्वर दिया। उन्होंने अस्थायी सेवा कर्मियों, वितरण कर्मचारियों, पितृत्व अवकाश और तीव्र वितरण सेवाओं जैसे समकालीन विषयों को सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाने का सफल प्रयास किया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यही प्रमुख कारण था कि उनके अनुगामियों में बहुत बड़ी संख्या उस युवा वर्ग की थी जिसे प्रायः नई पीढ़ी या आधुनिक युग की संतति कहा जाता है। परंतु जैसे ही उन्होंने अपनी राजनीतिक दिशा और निष्ठा को बदलने का निर्णय लिया उसी वर्ग की प्रतिक्रिया सबसे अधिक प्रखर और तीखी दिखाई दी। सामाजिक संवाद के मंचों पर अचानक एक संगठित अननुगामी अभियान प्रारंभ हो गया जिसमें सहस्रों नहीं अपितु लाखों लोगों ने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी दर्ज की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अभियान ने वैश्विक स्तर पर यह सिद्ध कर दिया कि आभासी मंचों पर मिलने वाला जनसमर्थन अत्यंत अस्थिर हो सकता है और वह क्षण भर में विपरीत दिशा में मुड़ सकता है। जो लोग पूर्व में उनके समर्थन में सक्रिय थे वही लोग कुछ ही घंटों के भीतर उनके विरोध में खड़े दिखाई देने लगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संपूर्ण घटनाक्रम को गहराई से समझने हेतु यह देखना अनिवार्य है कि सामाजिक संवाद के ये आधुनिक माध्यम आज केवल मनोरंजन या सूचना के स्रोत नहीं रह गए हैं। ये अब एक प्रकार के तत्काल जनमत संग्रह के केंद्र बन चुके हैं जहाँ साधारण जन अपनी राय को तुरंत और प्रभावी ढंग से व्यक्त करते हैं। पूर्व के समय में जहाँ किसी राजनेता की लोकप्रियता का आकलन केवल चुनाव परिणामों, जनसभाओं की भीड़ या मतपेटियों से किया जाता था वहीं अब अनुगामियों की संख्या और उन पर प्राप्त होने वाली प्रतिक्रियाएं भी लोकप्रियता का एक अपरिहार्य मापदंड बन गई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राघव चड्ढा के प्रकरण में यह विषय भी चर्चा का केंद्र बना कि उनके पुराने आभासी संदेशों और लेखों में कुछ संपादन या परिवर्तन किए गए। कुछ समाचार रिपोर्टों में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि उन्होंने अपने आधिकारिक खातों से पूर्व में किए गए आलोचनात्मक लेखों को या तो पूरी तरह हटा दिया या उनकी संख्या कम कर दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस गतिविधि से जनमानस में यह धारणा सुदृढ़ हुई कि उनकी आभासी छवि को नए राजनीतिक वातावरण और नई पार्टी की नीतियों के अनुरूप ढाला जा रहा है। इस प्रकार की गतिविधियों ने आलोचना की अग्नि में घी डालने का कार्य किया क्योंकि उनके राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों ने इसे एक शुद्ध अवसरवादी कदम के रूप में प्रस्तुत किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे घटनाक्रम का एक और उल्लेखनीय पक्ष यह है कि यह प्रतिक्रिया केवल सामान्य उपयोगकर्ताओं तक ही सीमित नहीं रही बल्कि कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों और सार्वजनिक जीवन के प्रभावशाली लोगों ने भी उन्हें अननुगामित करने का निर्णय लिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह आक्रोश केवल व्यक्तिगत या भावनात्मक स्तर पर नहीं था बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक और बौद्धिक प्रतिक्रिया थी जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग सम्मिलित थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनीति के विशेषज्ञों का यह तर्क है कि इस घटना के पीछे केवल एक दल बदलने का निर्णय नहीं है बल्कि उस निर्णय से जुड़ी जन-अपेक्षाएं और विश्वास का भंग होना सम्मिलित है। जब कोई राजनेता अपनी विशिष्ट पहचान एक विशेष विचारधारा या नैतिकता के आधार पर निर्मित करता है तो उसके समर्थक उसी वैचारिक धरातल पर उससे जुड़ते हैं। यदि वह राजनेता अचानक उस दिशा से पूर्णतः विपरीत कोई कदम उठाता है तो उन समर्थकों के लिए इस आकस्मिक बदलाव को स्वीकार करना और उसके साथ समन्वय बिठाना अत्यंत कठिन हो जाता है। यह स्थिति विश्वास के संकट को जन्म देती है जिसका परिणाम हम आंकड़ों की गिरावट के रूप में देखते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि आभासी समर्थन कभी भी स्थायी संपत्ति नहीं होता। यह निरंतर बदलती परिस्थितियों और राजनेता के व्यवहार के अनुसार परिवर्तित होता रहता है। किसी नेता के पास लाखों की संख्या में अनुगामी होना उसकी चिरस्थायी लोकप्रियता का प्रमाणपत्र नहीं है। यह केवल उस विशिष्ट समय की मनोदशा को प्रतिबिंबित करता है। जैसे ही परिस्थितियां बदलती हैं या नेता के आचरण में विरोधाभास दिखाई देता है वैसे ही यह समर्थन रेत के महल की भांति ढह सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही यह गंभीर प्रश्न भी उपस्थित होता है कि क्या आभासी दुनिया में आई इस गिरावट का वास्तविक धरातल की राजनीति पर कोई निर्णायक प्रभाव पड़ेगा। राजनीतिक इतिहास के पन्ने यह बताते हैं कि सामाजिक मंचों की प्रतिक्रिया और वास्तविक चुनावी परिणाम सदैव एक समान नहीं होते। कई बार आभासी मंचों पर प्रचंड विरोध दिखाई देता है परंतु जमीनी स्तर पर उसका प्रभाव बहुत सीमित रहता है। इसलिए वर्तमान में यह कहना समय पूर्व होगा कि इस घटना से उनके दीर्घकालिक राजनीतिक भविष्य पर क्या और कितना प्रभाव पड़ेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तथापि यह स्वीकार करना भी अनिवार्य है कि इस संपूर्ण प्रकरण ने उनकी सार्वजनिक छवि को निश्चित रूप से प्रभावित किया है। किसी भी सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति विशेषकर एक राजनेता के लिए जनता का विश्वास ही उसकी सबसे बड़ी और वास्तविक पूंजी होती है। जब उस विश्वास की नींव पर ही प्रश्नचिह्न अंकित होने लगें तो उसे पुनः स्थापित करना कोई सरल कार्य नहीं होता। इसके लिए केवल सुंदर वक्तव्य या विज्ञापन के माध्यम से किया गया प्रचार पर्याप्त नहीं होता बल्कि इसके लिए निरंतर कार्य, नैतिक स्पष्टता और एक पारदर्शी दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में एक और रोचक पक्ष यह है कि अंतर्जाल की गति और उसके व्यापक प्रभाव ने राजनीति के व्याकरण को पूरी तरह परिवर्तित कर दिया है। पहले के युग में जहाँ किसी भी राजनीतिक निर्णय के प्रभाव को समझने और मापने में महीनों या वर्षों का समय लग जाता था वहीं अब मात्र कुछ ही घंटों में उस निर्णय की व्यापक प्रतिक्रिया जनता के सामने आ जाती है। यह परिवर्तन आधुनिक नेताओं के लिए एक बड़ी चुनौती भी है और एक अवसर भी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यदि वे सही और ईमानदार तरीके से इन माध्यमों का उपयोग करें तो वे सीधे जनता से संवाद स्थापित कर सकते हैं और अपनी नीतियों को स्पष्ट कर सकते हैं। परंतु यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं या उनके कार्यों में कथनी और करनी का अंतर दिखता है तो यही माध्यम उनके विरुद्ध एक शक्तिशाली शस्त्र के रूप में भी कार्य कर सकता है। राघव चड्ढा के मामले में यह दूसरी स्थिति अधिक प्रबलता से दिखाई देती है जहाँ उनकी वर्षों में निर्मित आभासी छवि अचानक एक बड़ी चुनौती के घेरे में आ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह संपूर्ण घटना केवल एक व्यक्ति विशेष की कथा नहीं है बल्कि यह आधुनिक राजनीति के परिवर्तित होते हुए व्याकरण का एक सटीक उदाहरण है। यह इस तथ्य को रेखांकित करती है कि आज का मतदाता और नागरिक केवल मतदान दिवस पर ही सक्रिय नहीं होता बल्कि वह राजनेता के प्रत्येक निर्णय और गतिविधि पर सूक्ष्म दृष्टि रखता है और उस पर त्वरित प्रतिक्रिया देता है। अंततः यह कहा जा सकता है कि राघव चड्ढा के अनुगामियों में आई यह भारी कमी एक प्रतीक के रूप में कार्य करती है जो हमें यह चेतावनी देती है कि इस तीव्र गति वाले युग में राजनीति कितनी चंचल और अनिश्चित हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह घटना राजनेताओं के लिए एक सबक भी है कि लोकप्रियता प्राप्त करना जितना कठिन है उससे कहीं अधिक कठिन उसे नैतिकता और निरंतरता के साथ बनाए रखना है। आने वाले समय में यह देखना अत्यंत रोचक होगा कि क्या वे इस भीषण चुनौती को पुनः एक अवसर में परिवर्तित कर पाने में सफल होते हैं या यह घटना उनकी राजनीतिक छवि पर एक स्थायी और अमिट प्रभाव छोड़ जाती है। राजनीति और अंतर्जाल का यह संगम आने वाले वर्षों में जनमत के निर्माण की प्रक्रिया को और भी अधिक जटिल और दिलचस्प बनाने वाला है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 17:26:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राघव चड्ढा की बगावत और आम आदमी पार्टी का भविष्य क्या यह एक राजनीतिक मोड़ है या टूट की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारतीय राजनीति में दल बदल और आंतरिक बगावत कोई नई बात नहीं है लेकिन जब किसी उभरती हुई पार्टी के भीतर इस तरह का बड़ा घटनाक्रम सामने आता है तो उसके दूरगामी असर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हाल ही में राघव चड्ढा और उनके साथ कई राज्यसभा सांसदों का आम आदमी पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी में जाने का फैसला एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत देता है। यह केवल व्यक्तियों का दल बदल नहीं बल्कि एक संगठन की आंतरिक स्थिति और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी ने अपने गठन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177221/draft-add-your-traghav-chaddhas-rebellion-and-the-future-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/raghav-chadha-in-bjp.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारतीय राजनीति में दल बदल और आंतरिक बगावत कोई नई बात नहीं है लेकिन जब किसी उभरती हुई पार्टी के भीतर इस तरह का बड़ा घटनाक्रम सामने आता है तो उसके दूरगामी असर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हाल ही में राघव चड्ढा और उनके साथ कई राज्यसभा सांसदों का आम आदमी पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी में जाने का फैसला एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत देता है। यह केवल व्यक्तियों का दल बदल नहीं बल्कि एक संगठन की आंतरिक स्थिति और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी ने अपने गठन के समय खुद को एक वैकल्पिक राजनीति के रूप में प्रस्तुत किया था। ईमानदारी पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों को केंद्र में रखकर इस पार्टी ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की। दिल्ली में लगातार जीत और पंजाब में सरकार बनाना इस बात का प्रमाण था कि जनता ने इस पार्टी को स्वीकार किया है। लेकिन अब जिस तरह से पार्टी के भीतर असंतोष और टूट सामने आ रही है वह यह संकेत देता है कि अंदरूनी ढांचे में कहीं न कहीं कमजोरी मौजूद है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राघव चड्ढा का पार्टी से अलग होना अचानक नहीं हुआ। पिछले कुछ वर्षों से उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी की खबरें सामने आती रही थीं। महत्वपूर्ण बैठकों में अनुपस्थिति सोशल मीडिया पर अलग पहचान बनाने की कोशिश और संगठनात्मक गतिविधियों से दूरी यह सभी संकेत पहले से मौजूद थे। जब उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया तो यह स्पष्ट हो गया कि संबंध सामान्य नहीं रहे हैं। इसके बाद उनका इस्तीफा और फिर भाजपा में शामिल होना एक तय दिशा की ओर बढ़ता कदम प्रतीत होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है दो तिहाई सांसदों का गणित। भारतीय संविधान के तहत दल बदल कानून यह कहता है कि यदि किसी पार्टी के दो तिहाई सांसद एक साथ दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं तो उनकी सदस्यता सुरक्षित रहती है। यही कारण है कि राघव चड्ढा ने अपने साथ पर्याप्त संख्या में सांसदों को जोड़ने का प्रयास किया। यह केवल राजनीतिक निर्णय नहीं बल्कि एक रणनीतिक कदम भी था जिससे उनकी संसदीय स्थिति बनी रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां सवाल उठता है कि क्या यह केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का मामला है या फिर पार्टी की कार्यप्रणाली में वास्तविक समस्याएं हैं। जब एक दो नहीं बल्कि कई सांसद एक साथ पार्टी छोड़ते हैं तो यह संकेत देता है कि असंतोष व्यापक है। स्वाति मालीवाल जैसे नेताओं का पहले से असहज होना और अन्य नेताओं का अचानक अलग होना यह दर्शाता है कि संवाद और विश्वास की कमी रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब तुलना शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से की जा रही है। इन दोनों दलों में भी इसी तरह की टूट देखने को मिली थी जहां दो तिहाई विधायकों के अलग होने से पार्टी का नियंत्रण बदल गया। हालांकि वर्तमान स्थिति में आम आदमी पार्टी के मामले में यह टूट राज्यसभा तक सीमित है इसलिए सरकार पर तत्काल कोई खतरा नहीं है। लेकिन यदि यही स्थिति पंजाब विधानसभा तक पहुंचती है तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पंजाब इस समय आम आदमी पार्टी का सबसे मजबूत आधार है। यदि वहां भी इसी तरह का असंतोष पैदा होता है और बड़ी संख्या में विधायक अलग होते हैं तो पार्टी की पहचान और अस्तित्व दोनों पर खतरा आ सकता है। इसलिए यह घटनाक्रम केवल एक संसदीय बदलाव नहीं बल्कि भविष्य की संभावनाओं का संकेत भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय जनता पार्टी के लिए यह घटनाक्रम कई मायनों में लाभकारी है। पहला राज्यसभा में उसकी संख्या बढ़ेगी जिससे विधायी प्रक्रिया में उसे मजबूती मिलेगी। दूसरा पंजाब जैसे राज्य में उसे नए चेहरों और नेटवर्क का फायदा मिलेगा। तीसरा राघव चड्ढा जैसे युवा और लोकप्रिय नेता का जुड़ना पार्टी की छवि को भी प्रभावित कर सकता है खासकर युवाओं के बीच।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर आम आदमी पार्टी की विश्वसनीयता पर पड़ता है। जिस पार्टी ने खुद को वैकल्पिक और साफ सुथरी राजनीति का प्रतीक बताया था उसके भीतर इस तरह की टूट यह संकेत देती है कि सिद्धांत और व्यवहार में अंतर हो सकता है। विपक्षी दलों को अब यह कहने का मौका मिलेगा कि यह पार्टी भी अन्य दलों की तरह ही आंतरिक संघर्ष और स्वार्थ की राजनीति से अछूती नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह भी ध्यान देने योग्य है कि राजनीति में व्यक्तित्व और संगठन दोनों का संतुलन जरूरी होता है। यदि नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद कमजोर हो जाए तो असंतोष बढ़ता है। आम आदमी पार्टी के मामले में यही स्थिति दिखाई देती है जहां कुछ नेताओं को लगता है कि उनकी भूमिका कम हो रही है या उनकी बात नहीं सुनी जा रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आगे की राह आम आदमी पार्टी के लिए आसान नहीं है। उसे सबसे पहले अपने संगठन को मजबूत करना होगा और बचे हुए नेताओं के बीच विश्वास कायम करना होगा। साथ ही उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। इसके लिए पारदर्शी संवाद और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया जरूरी है।दूसरी ओर यह भी संभव है कि यह संकट पार्टी के लिए एक अवसर साबित हो। कई बार संकट संगठन को आत्ममंथन का मौका देता है और नई दिशा तय करने में मदद करता है। यदि आम आदमी पार्टी इस स्थिति से सीख लेकर अपने ढांचे को सुधारती है तो वह फिर से मजबूत होकर उभर सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंत में यह कहना गलत नहीं होगा कि राघव चड्ढा की बगावत केवल एक राजनीतिक घटना नहीं बल्कि एक संकेत है। यह संकेत है कि किसी भी संगठन में आंतरिक संतुलन और विश्वास कितना महत्वपूर्ण होता है। यह भी दिखाता है कि राजनीति में सिद्धांतों के साथ साथ व्यावहारिक रणनीति भी उतनी ही जरूरी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि आम आदमी पार्टी इस चुनौती का सामना कैसे करती है और क्या वह अपने मूल आदर्शों को बनाए रखते हुए खुद को फिर से संगठित कर पाती है या नहीं। वहीं भारतीय राजनीति में यह घटनाक्रम एक और उदाहरण के रूप में दर्ज होगा जहां सत्ता संतुलन और रणनीति ने एक नई दिशा तय की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177221/draft-add-your-traghav-chaddhas-rebellion-and-the-future-of</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 17:27:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने के विरोध में आप कार्यकर्ताओं का प्रदर्शनं।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में आज आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने शहर के पत्थर गिरजाघर चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को आम जनता पर आर्थिक बोझ बताया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आप पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी का जीवन कठिन होता जा रहा है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। उन्होंने आरोप</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173306/demonstration-of-aap-workers-against-increase-in-the-price-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260314-wa0140.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में आज आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने शहर के पत्थर गिरजाघर चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को आम जनता पर आर्थिक बोझ बताया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आप पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी का जीवन कठिन होता जा रहा है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विरोध जताया और गैस सिलेंडर की कीमतों को तुरंत कम करने की मांग की। इस दौरान पत्थर गिरजाघर चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आप नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 21:15:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली मानकपुरा डोरीवालान में विधायक और एस एच ओ अमित ने किया सड़क का उद्घाटन </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली , </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बादल हुसैन मानकपुरा,डोरीवालान,बागरोजी , शादीपुरा, शहरवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा देने के संकल्प के साथ विधायक विषेश रवि ने गुरुवार को गोशाला रोड़,मानक पुरा बाजार वाली गली सड़क शनि मंदीर से डीसीएम चौक तक बनने वाली नयी सड़क के निर्माण कार्य का उद्घाटन नारियल तोड़ कर किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी के करोलबाग विधानसभा क्षेत्र से विधायक विषेश रवि ने बताया कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना पर करीब 50 लाख से अधिक रुपए की राशि खर्च की जाएगी।सडक निर्माण से पहले यहां पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि भविष्य में जलभराव या सड़क टूटने की समस्या</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173247/mla-and-sho-amit-inaugurated-the-road-in-delhi-manakpura"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260313-wa0003-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली , </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बादल हुसैन मानकपुरा,डोरीवालान,बागरोजी , शादीपुरा, शहरवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा देने के संकल्प के साथ विधायक विषेश रवि ने गुरुवार को गोशाला रोड़,मानक पुरा बाजार वाली गली सड़क शनि मंदीर से डीसीएम चौक तक बनने वाली नयी सड़क के निर्माण कार्य का उद्घाटन नारियल तोड़ कर किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी के करोलबाग विधानसभा क्षेत्र से विधायक विषेश रवि ने बताया कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना पर करीब 50 लाख से अधिक रुपए की राशि खर्च की जाएगी।सडक निर्माण से पहले यहां पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि भविष्य में जलभराव या सड़क टूटने की समस्या न रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निर्माण कार्य में केवल उच्च श्रेणी की सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक ने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता में कई समझौतों बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क की हालत काफी समय से खस्ता थी और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। और स्थानीय लोगों का डीमांड भी था कि सकड बने, लेकिन अब सड़क बनने के बाद यातायात सुचारू रूप से चलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर निगम पार्षद उर्मिला गोतम ने भी क्षेत्र वासियों का आभार व्यक्त किया और लोगों की समस्या भी सुनी और जल्द समस्या हल करने की आश्वासन भी दिए। वहीं शीदीपुरा थाना के एस एच ओ अमीत ने कहा कि सड़क पर ठेली खुंचे व छोटे छोटे दुकानदारों के लिए कार्ड का व्यवस्था किया जाए, ताकि एक गरीब दुकानदारों अच्छा से अपना व्यापार को आगे बढ़ा सके एस एच ओ ने कहा कि यह मार्ग शहर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। बेहतर सड़कें न केवल व्यापार को गति देती है,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बल्कि दुर्घटनाओं को कम कर समय की भी बचत करती है। सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में खुशी की लहर है। लोगों ने फूल मालाओं के साथ विधायक विषेश रवि का स्वागत किया। इस अवसर पर जन प्रतिनिधि अंकित रवि, क्षेत्र के प्रधान,बंशल जी,रमेश जी,बंटी जी, और पार्टी के कार्यकर्ताओं व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 19:41:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोलबाग में सड़क पानी और जन सुविधा कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन विधायक विषेश रवि </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली,</strong> करोलबाग विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। आम आदमी पार्टी के क्षेत्रीय विधायक विषय रवि के द्वारा क्षेत्र के पहाड़ गंज वार्डों में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। मंटोला में पीने का पानी पहुंचाने के लिए ऑनलाइन बूस्टर, प्रकाश मौहल्ला संगाताराशन,व रत्न गली मंटोला में सड़क निर्माण, और बसंत रोड एवं आराकाशा रोड में जन सुविधा काम्प्लेक्स के पुनर्निर्माण कार्य शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अब स्थानीय निवासियों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलेगी।यह कार्य पानी की समस्या को हल करने और जल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए किया गया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169686/road-water-and-public-convenience-complex-inaugurated-in-karol-bagh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260214-wa0001-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली,</strong> करोलबाग विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। आम आदमी पार्टी के क्षेत्रीय विधायक विषय रवि के द्वारा क्षेत्र के पहाड़ गंज वार्डों में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। मंटोला में पीने का पानी पहुंचाने के लिए ऑनलाइन बूस्टर, प्रकाश मौहल्ला संगाताराशन,व रत्न गली मंटोला में सड़क निर्माण, और बसंत रोड एवं आराकाशा रोड में जन सुविधा काम्प्लेक्स के पुनर्निर्माण कार्य शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब स्थानीय निवासियों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलेगी।यह कार्य पानी की समस्या को हल करने और जल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए किया गया है। वहीं लम्बे समय से जर्जर सड़क और गड्ढों की समस्या से परेशान स्थानीय निवासियों ने नई सड़क के बनने पर संतोष व्यक्त किया। लोगो का कहना है कि इस सड़क के निर्माण से आवागमन सुगम होगा और दुर्घटनाओं की आशांका भी कम होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और साथ ही विधायक विषेश रवि ने स्थानीय निवासियों के लिए एक नए और आधुनिक जन सुविधा कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया है यह सुविधा आम जनता को एक ही धत के नीचे कई प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करेंगी।इसका उद्देश्य क्षेत्र में सुविधाओं को आधुनिक,कुशल और सुलभ बनाना है जो सरकारी कामकाज में तेजी लाएगा।यह सेवा स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि अब उन्हें अपनी फ़ाइलों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस अवसर पर विभागिये, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169686/road-water-and-public-convenience-complex-inaugurated-in-karol-bagh</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 18:41:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोलबाग में एक दिन में 11 विकास कार्यों का उद्घाटन बना किर्ति मान विधायक विषेश रवि </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>करोलबाग विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के लोग प्रिय विधायक विषेश रवि के द्वारा इंन दिनों क्षेत्रों में विकास की झड़ी लगा दी है। प्रतीदिन क्षेत्र में कही न कही विकास कार्यों का उद्घाटन देखने को मिलता है।इसी कड़ी में गुरुवार को नई पानी की लाइन, सड़क और जन सुविधा केंद्रों के पुनर्निर्माण कार्य के शुभारंभ किया।देव नगर,रैगरपुरा, में पानी की पाइप लाइन, सड़क,जन सुविधा केंद्रों का शुभारंभ नारियल तोड़ कर किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर विधायक विषेश रवि ने कहा कि इस केंद्रों का उद्देश्य जनता की समस्याओं का मौके पर ही निवरण करना और डिजिटल सेवाएं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169410/kirti-maan-mla-vishesh-ravi-inaugurated-11-development-works-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260212-wa0003.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>करोलबाग विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के लोग प्रिय विधायक विषेश रवि के द्वारा इंन दिनों क्षेत्रों में विकास की झड़ी लगा दी है। प्रतीदिन क्षेत्र में कही न कही विकास कार्यों का उद्घाटन देखने को मिलता है।इसी कड़ी में गुरुवार को नई पानी की लाइन, सड़क और जन सुविधा केंद्रों के पुनर्निर्माण कार्य के शुभारंभ किया।देव नगर,रैगरपुरा, में पानी की पाइप लाइन, सड़क,जन सुविधा केंद्रों का शुभारंभ नारियल तोड़ कर किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर विधायक विषेश रवि ने कहा कि इस केंद्रों का उद्देश्य जनता की समस्याओं का मौके पर ही निवरण करना और डिजिटल सेवाएं एक ही छत नीचे उपलब्ध करना है, जिससे लोगों को सरकारी सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों की समस्यायों को सुनना और उन्हें त्वरित सरकारी सामाधान प्रदान करना हमारा कर्तव्य है,आप को बतादे की विधायक द्वारा एक दिन में 11 विकास कार्यों का उद्घाटन अपने आप में एक किर्ति मान है।इस कार्य से क्षेत्र वासियों में काफी खुशी है। इस अवसर पर काफी संख्या में विभागीय और जन प्रतिनिधियों एवं आम जन उपस्थित थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169410/kirti-maan-mla-vishesh-ravi-inaugurated-11-development-works-in</link>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 20:18:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंकराचार्य के साथ जो हुआ वो हिटलरशाही का है उदाहरण: संजय सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<div>आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह अपने गृह जनपद सुल्तानपुर पहुंचे। यहां पर मीडिया से बात करते हुए प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुई घटना और अन्य सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी है। </div>
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<div>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान पर संजय सिंह ने कहा यह बहुत ही अपमानजनक है हिटलरशाही का जीता जागता उदाहरण है। मोदी-योगी की जो डबल इंजन सरकार है वो चरम पर पहुंच चुकी है। आप उनके शिष्यों की चोटी पकड़ कर उनको घसीट घसीट कर उनको पिटवा रहे हैं मरवा रहे हैं। इतने बड़े शंकराचार्य पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167021/what-happened-to-shankaracharya-is-an-example-of-hitlerism-sanjay"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/1003189434.jpg" alt=""></a><br /><div>आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह अपने गृह जनपद सुल्तानपुर पहुंचे। यहां पर मीडिया से बात करते हुए प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुई घटना और अन्य सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी है। </div>
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<div>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान पर संजय सिंह ने कहा यह बहुत ही अपमानजनक है हिटलरशाही का जीता जागता उदाहरण है। मोदी-योगी की जो डबल इंजन सरकार है वो चरम पर पहुंच चुकी है। आप उनके शिष्यों की चोटी पकड़ कर उनको घसीट घसीट कर उनको पिटवा रहे हैं मरवा रहे हैं। इतने बड़े शंकराचार्य पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं उनसे कोई माफ़ी मांगने के लिए या अपनी गलती मानने के लिए तैयार नहीं है ये तो अहंकार की पराकाष्ठा है।</div>
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<div>उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा जा रहा है। जब प्रधानमंत्री उनका पैर छूते हैं तब वो शंकराचार्य हैं। जब महाकुंभ में उनको दूसरे शंकराचार्यो के साथ स्नान कराया जाता है तो उन्हें शंकराचार्य माना जाता है। लेकिन क्योंकि वो गौ-हत्या के खिलाफ बोल रहे हैं, महाकुंभ में भगड़दड़ के दौरान जो मौते हुई उसके बारे में बोलते हैं तो उनसे कहा जा रहा है बताओ आप शंकराचार्य हैं की नहीं हैं। ये कुल मिलाकर बहुत अपमानजनक मामला है जो उनके साथ बरताव किया जा रहा है। मेरी उनसे फोन पर उनसे बात भी हुई थी और मैं पूरी तरीके से शंकराचार्य के समर्थन में हूं।</div>
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<div>मैंने कोई AI वीडियो डाला है, वही वीडियो डाला है जो स्थानीय लोगों ने डाला था। इनकी पार्टी की नेता सुमित्रा महाजन ने कहा मंदिर तोड़े गए। माता अहिल्याबाई होल्कर जी के परिजनों ने कहा मंदिर तोड़ा गया। इनका एक मंत्री है रविंद्र जायसवाल उन्होंने कहा ठेकेदार से गलती हो गई। तो जिन पापियों ने मंदिर को तोड़ा, माता अहिल्याबाई की प्रतिमा को तोड़ा उन पापियों पर कार्रवाई करो न। मुझ पर तो रोज FIR करते रहते हो, करो दो चार और क़र लो। लेकिन उन लोगों पर FIR होनी चाहिए जिन्होंने उस पवित्र स्थान को तोड़ने का काम किया है उन लोगों पर FIR होना चाहिए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 18:44:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>'INDIA गठबंधन के टॉप लीडर्स को किया जा रहा है टारगेट', हो रही है जेल भेजने की तयारी: राघव चड्ढा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से समन मिलने के बाद आम आदमी पार्टी लगातार बीजेपी पर हमलावर है. AAP नेता और सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि बीजेपी अरविंद केजरीवाल को जेल में डालकर दिल्ली की 7 सीटें अपनी जेब में रखना चाहती है. उन्होंने कहा कि अब अगला नंबर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का होगा. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के बाद बिहार में RJD के तेजस्वी यादव को अरेस्ट किया जाएगा.</p>
<p>राघव ने कहा कि ये सिलसिला यहीं नहीं थमेगा, क्योंकि इसके बाद पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136553/top-leaders-of-india-alliance-are-being-targeted-preparations-are"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/raghav_chaddha_2-sixteen_nine.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से समन मिलने के बाद आम आदमी पार्टी लगातार बीजेपी पर हमलावर है. AAP नेता और सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि बीजेपी अरविंद केजरीवाल को जेल में डालकर दिल्ली की 7 सीटें अपनी जेब में रखना चाहती है. उन्होंने कहा कि अब अगला नंबर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का होगा. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के बाद बिहार में RJD के तेजस्वी यादव को अरेस्ट किया जाएगा.</p>
<p>राघव ने कहा कि ये सिलसिला यहीं नहीं थमेगा, क्योंकि इसके बाद पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की गिरफ़्तारी होगी. फिर केरल में भाजपा मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अरेस्ट होंगे, फिर तमिलनाडु में स्टालिन की गिरफ़्तारी होगी. महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और शरद पवार के दल के नेताओं की गिरफ़्तारी होगी. उन्होंने कहा कि इन राज्यों में टॉप नेताओं की गिरफ़्तारी कर बीजेपी लोकसभा की सीटें जीतना चाहती है. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को नोटिस मिला है. आगे का प्लान जल्द ही बताएंगे.</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक दलों और विपक्षी नेताओं को इस तरह से गिरफ्तार किया गया तो इससे लोकतंत्र की नींव हिल जाएगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी को हार का डर सता रहा है. बीजेपी अगर रेस में अकेली दौड़ेगी तो स्वभाविक रूप से वह चुनाव जीत जाएगी. उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के टॉप लीडर्स को जेल में डाला जाएगा. राघव ने कहा कि बीजेपी इसी तरह से राज्यों में लोकसभा की सीटें जीतना चाहती है.</p>
<p>राघव चड्ढा ने कहा कि अगर INDIA गठबंधन का एक भी प्रत्याशी चुनाव लड़ता है तो बीजेपी की सीटें कम होती हैं. ऐसे में बीजेपी को हार का डर सताने लगता है. इसलिए बीजेपी विपक्षी गठबंधन के टॉप लीडर्स को जेल में डाल रही है. क्योंकि कोई नेता जेल में होगा तो वह चुनाव नहीं लड़ पाएगा और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटता रह जाएगा. पार्टी कैसे चलाएगा. उन्होंने कहा कि इसी योजना के तहत बीजेपी केजरीवाल को अरेस्ट करने जा रही है. AAP सांसद ने कहा कि बीजेपी की अगली नजर 14 लोकसभा सीटों वाले राज्य झारखंड पर है. क्योंकि बीजेपी की इन सभी सीटों पर हालत खराब है. ऐसे में वह हेमंत सोरेन को अरेस्ट करेंगे.</p>
<p>राघव चड्ढा ने कहा कि 2014 के बाद से केंद्रीय एजेंसियों द्वारा दर्ज किए गए 95% मामले विपक्षी नेताओं के खिलाफ हैं. विपक्षी नेताओं के खिलाफ दायर मामले पिछले कुछ वर्षों में ज्यादा हुए हैं. चुनाव से पहले बीजेपी ने उनका शोषण कर रही है. अगर इन नेताओं ने आत्मसमर्पण नहीं किया, तो उन्हें चुनाव के आसपास उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.</p>
<p>राघव ने कहा कि बीजेपी का मकसद है कि इस देश में एक पार्टी और एक नेता बचे. बाकी सभी पार्टियां इस देश से खत्म हो जाएं. उन्होंने कहा कि इससे हमारे देश की नींव हिल जाएगी. देश का लोकतंत्र खतरे में आ जाएगा. वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि BJP अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले सभी विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करने की योजना बना रही है.</p>
<p> </p>
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                                                            <category>राजनीति</category>
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                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Nov 2023 17:02:02 +0530</pubDate>
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