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                <title>Uttar Pradesh infrastructure - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Uttar Pradesh infrastructure RSS Feed</description>
                
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                <title>6 वर्षों से मरम्मत के इंतजार में दर्जनों गांवों को जोड़ने व गन्ना क्रय केंद्र तक जाने वाली  सड़क जर्जर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के ग्रामीण क्षेत्र की कुछ सडके जर्जर हो गई हैं जगह-जगह गढ्ढे में पानी भर गया है ग्रामीणों को आने-जाने में हो रही है भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है जनप्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्र की सड़क पर ध्यान नहीं दे रहे हैं पिछले 10 वर्षों से सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई है जिसके कारण गड्ढे में तब्दील हो गई है विश्वास सूत्रों से पता चला की हर तीसरे साल सड़कों की मरम्मत में लाखों रुपए खर्च हो जा रहे हैं जबकि धरातल पर सच्चाई कुछ और बयां कर रही है जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरण की नींद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183957/the-road-connecting-dozens-of-villages-and-leading-to-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260721-wa00931.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के ग्रामीण क्षेत्र की कुछ सडके जर्जर हो गई हैं जगह-जगह गढ्ढे में पानी भर गया है ग्रामीणों को आने-जाने में हो रही है भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है जनप्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्र की सड़क पर ध्यान नहीं दे रहे हैं पिछले 10 वर्षों से सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई है जिसके कारण गड्ढे में तब्दील हो गई है विश्वास सूत्रों से पता चला की हर तीसरे साल सड़कों की मरम्मत में लाखों रुपए खर्च हो जा रहे हैं जबकि धरातल पर सच्चाई कुछ और बयां कर रही है जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरण की नींद में सो रहे हैं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ताजा मामलाकलवारी थाना क्षेत्र के चकदहा से तुरकौलिया, मनौआ सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले राम-जानकी मार्ग पर स्थित बदहाल सड़क स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। हल्की बारिश होते ही सड़क कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालक और साइकिल सवार अक्सर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, जबकि राहगीरों का बिना कीचड़ से सने इस रास्ते से निकल पाना लगभग असंभव हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है। गन्ना पेराई सत्र शुरू होने पर इसी मार्ग से बड़ी संख्या में गन्ने से लदे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चीनी मिलों की ओर जाती हैं। सड़क से करीब 500 मीटर आगे गन्ने की तौल के लिए कांटा भी स्थित है, जिससे भारी वाहनों का आवागमन लगातार बना रहता है। ऐसे में जर्जर सड़क और जलभराव के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। आसपास के ग्रामीण इसी चिंता में रहते हैं कि कहीं कोई गंभीर दुर्घटना न हो जाए।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार विधायक, सांसद और संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं तथा मौखिक रूप से भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पहले जो सड़क बनी हुई थी, उसे भी नई सड़क निर्माण के नाम पर ठेकेदार ने उखाड़ दिया। बाद में यह कहकर पल्ला झाड़ लिया गया कि इस हिस्से की सड़क स्वीकृत नहीं थी और दूसरी सड़क स्वीकृत होने के कारण गलती से इसे उखाड़ दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पिछले पांच से छह वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ी है। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार इस मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।तुरकौलिया के पूर्व ग्राम प्रधान सूर्य प्रकाश उर्फ पिंटू का ने बताया कि सड़क की मरम्मत को लेकर उन्होंने कई बार सांसद, विधायक और जिलाधिकारी तक से मौखिक तथा लिखित रूप से कहा लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई |</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए सड़क जीवन रेखा है जिससे होकर रोजाना हजारों की तादाद में स्कूली बच्चे तथा अन्य लोग पैदल से लेकर चार पहिया वाहन से आया -जाया करते हैं, गन्ना क्रय केंद्र का कांटा होने की वजह से बड़े ट्रक भी आते हैं जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं |क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से राम-जानकी मार्ग की तत्काल मरम्मत कराकर आवागमन सुचारु करने तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 22:28:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकास के नए स्वरूप के साथ तैयार है फतेहपुर रेलवे स्टेशन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> गंगा और यमुना जैसी पावन नदियों के मध्य स्थित फतेहपुर, प्रयागराज और कानपुर के बीच अपनी महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति के कारण लंबे समय से यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र रहा है। यह स्टेशन उत्तर भारत  के सबसे पुराने रेल खंड एवं प्रयागराज एवं कानपुर शहरों के मध्य स्थित प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है, जिसका इतिहास वर्ष 1859 में इस रेलखंड के प्रारंभ होने से जुड़ा है। यह स्टेशन ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र की प्रारंभिक रेल सेवाओं में से एक के प्रस्थान स्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183393/fatehpur-railway-station-is-ready-with-new-form-of-development"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0083.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> गंगा और यमुना जैसी पावन नदियों के मध्य स्थित फतेहपुर, प्रयागराज और कानपुर के बीच अपनी महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति के कारण लंबे समय से यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र रहा है। यह स्टेशन उत्तर भारत  के सबसे पुराने रेल खंड एवं प्रयागराज एवं कानपुर शहरों के मध्य स्थित प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है, जिसका इतिहास वर्ष 1859 में इस रेलखंड के प्रारंभ होने से जुड़ा है। यह स्टेशन ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र की प्रारंभिक रेल सेवाओं में से एक के प्रस्थान स्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> दिल्ली–हावड़ा मुख्य रेलमार्ग, जो भारत के सबसे व्यस्त एवं महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोरों में से एक है, पर स्थित यह स्टेशन आज भी लाखों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है। इसी ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व को नई पहचान देते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत फतेहपुर रेलवे स्टेशन का लगभग ₹32 करोड़ की लागत से व्यापक पुनर्विकास किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुनर्विकसित स्टेशन अब केवल ट्रेनों के ठहरने का स्थान नहीं, बल्कि आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित रेल यात्रा का नया अनुभव प्रस्तुत करता है। आकर्षक स्टेशन भवन, नया जी+1 द्वितीय प्रवेश, विशाल कॉन्कोर्स, आधुनिक प्रतीक्षालय, उन्नत टिकटिंग व्यवस्था, विकसित सर्कुलेटिंग एरिया, सुव्यवस्थित पार्किंग और पृथक प्रवेश-निकास मार्ग यात्रियों की आवाजाही को पहले से अधिक सहज और व्यवस्थित बनाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म संख्या-4 का निर्माण, प्लेटफॉर्मों का आधुनिकीकरण, नए शेल्टर, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, अतिरिक्त एफओबी तथा दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए सुगम अवसंरचना विकसित की गई है। आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुव्यवस्थित परिसर स्टेशन को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फतेहपुर रेलवे स्टेशन का यह नया स्वरूप केवल अवसंरचना का विस्तार नहीं, बल्कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को केंद्र में रखकर विकसित की गई एक नई सोच का प्रतीक है। यह स्टेशन क्षेत्र की बेहतर रेल संपर्क व्यवस्था को मजबूत करते हुए पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा। </div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 22:15:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंगलराज से विकासराज तक : उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर और नई आर्थिक शक्ति बनने का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश लंबे समय तक देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य के रूप में जाना जाता रहा, लेकिन अब उसकी पहचान तेजी से बदल रही है। आज उत्तर प्रदेश केवल आबादी के आधार पर नहीं, बल्कि विकास, निवेश, उद्योग, आधारभूत संरचना और आर्थिक प्रगति के कारण देश की अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में जिस गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है, उसने प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान की है। कभी कानून-व्यवस्था और पिछड़ेपन की चर्चा के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181588/changing-picture-of-uttar-pradesh-from-jungle-raj-to-vikas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas15.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश लंबे समय तक देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य के रूप में जाना जाता रहा, लेकिन अब उसकी पहचान तेजी से बदल रही है। आज उत्तर प्रदेश केवल आबादी के आधार पर नहीं, बल्कि विकास, निवेश, उद्योग, आधारभूत संरचना और आर्थिक प्रगति के कारण देश की अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में जिस गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है, उसने प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान की है। कभी कानून-व्यवस्था और पिछड़ेपन की चर्चा के लिए सुर्खियों में रहने वाला उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश परियोजनाओं के लिए जाना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान प्रदेश के विकास मॉडल को रेखांकित करते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि धरातल पर उतरती हैं और जनता तक उनका लाभ पहुंचता है। उन्होंने कहा कि उन्नाव को स्टेट कैपिटल रीजन का हिस्सा बनाया गया है और लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल चलाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल परिवहन को गति देगी, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क को उत्तर प्रदेश की प्रगति का सबसे बड़ा प्रतीक माना जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने का कार्य कर रही हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव के लोग अब लखनऊ को बाईपास करते हुए सीधे दिल्ली और प्रयागराज तक पहुंच सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए डिफेंस कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्नाव में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए लगभग 700 एकड़ भूमि तथा औद्योगिक क्लस्टर के लिए 200 एकड़ भूमि तैयार की गई है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि उद्योगों के विस्तार से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय बदलाव देखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते रहे हैं कि निवेश और विकास के लिए सुरक्षित वातावरण आवश्यक है। यही कारण है कि प्रदेश में अपराध और माफिया गतिविधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई। इसका परिणाम यह हुआ कि देश और विदेश के निवेशकों का विश्वास प्रदेश में बढ़ा है। निवेशकों की बढ़ती रुचि के कारण उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो भविष्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का आधार बनेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और किसानों के उत्थान को भी समान महत्व दे रही है। कानपुर में आयोजित प्राकृतिक कृषि प्रोत्साहन कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। सरकार का मानना है कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होगी, भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को जीवामृत, बीजामृत तथा गो-आधारित प्राकृतिक खेती की जानकारी देकर उन्हें आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">किसानों के साथ-साथ गरीब और वंचित वर्गों के लिए भी अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, मुफ्त राशन वितरण और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि अब योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव और सिफारिश के सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। इससे शासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;">आधारभूत संरचना के विकास में भी उत्तर प्रदेश ने नई उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में नए एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं और कई हवाई अड्डों का विस्तार किया जा रहा है। अयोध्या, कुशीनगर और जेवर जैसे एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं। सड़क, रेल और हवाई परिवहन के क्षेत्र में हो रहे निवेश से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की सड़कों की गुणवत्ता अब दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सड़कों की बराबरी कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन भी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों के विकास ने पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;">राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय महाधिवक्ता ने कहा कि पिछली सरकारों के समय जहां नई योजनाओं की गति सीमित थी, वहीं वर्तमान सरकार ने विकास कार्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश आज जिस तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है, उसने विपक्ष को भी राज्य की बदलती ताकत का एहसास करा दिया है। अरबों रुपये की लागत वाली परियोजनाएं प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">वास्तव में उत्तर प्रदेश का यह परिवर्तन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सड़कों, उद्योगों, निवेश, रोजगार, कृषि, पर्यटन और जनकल्याण योजनाओं के रूप में धरातल पर दिखाई देता है। राज्य सरकार का दावा है कि विकास की यह यात्रा आने वाले वर्षों में और अधिक गति पकड़ेगी। यदि वर्तमान योजनाएं निर्धारित समय पर पूरी होती हैं और निवेश परियोजनाएं सफलतापूर्वक जमीन पर उतरती हैं, तो उत्तर प्रदेश न केवल भारत की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा, बल्कि देश के विकास इंजन के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश की चर्चा केवल राजनीति के संदर्भ में नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और आर्थिक प्रगति के मॉडल के रूप में भी की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">          *कांतिलाल मांडोत*</div>
<div style="text-align:justify;">कांतिलाल मांडोत</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 17:11:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री करेंगे गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> प्रधानमंत्री, भारत सरकार द्वारा जनपद हरदोई के मल्लांवा में नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम के दृष्टिगत जनपद कानपुर नगर के बिल्हौर एवं अरौल क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने हेतु पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन्द्र कुमार द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान डीसीपी यातायात द्वारा डायवर्सन एवं होल्डिंग एरिया का गहनता से अवलोकन करते हुए यातायात प्रबंधन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान संभावित यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्गों के प्रभावी संचालन, बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड एवं पुलिस बल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177425/prime-minister-will-inaugurate-ganga-expressway"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001865187.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> प्रधानमंत्री, भारत सरकार द्वारा जनपद हरदोई के मल्लांवा में नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम के दृष्टिगत जनपद कानपुर नगर के बिल्हौर एवं अरौल क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने हेतु पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन्द्र कुमार द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान डीसीपी यातायात द्वारा डायवर्सन एवं होल्डिंग एरिया का गहनता से अवलोकन करते हुए यातायात प्रबंधन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान संभावित यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्गों के प्रभावी संचालन, बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड एवं पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर संबंधित थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे तथा उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित एवं सुचारु बनाए रखने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही, आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध संचालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:19:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खबर का हुआ असर 17 माह बाद गांव चिट्टियां रहमत अली को मिली पक्की सड़क निर्माण जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong> विकासखंड भदपुरा के तीन ऐसे गांव हैं जिन्हें देश की आजादी के बाद आज तक पक्की सड़क का लाभ नहीं दिया गया था जिसके चलते 18 सितंबर 2024 को स्वतंत्र प्रभात अखबार ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशन किया गया जिसमें विकासखंड के तीन ऐसे गांव जिम देश की आजादी से लेकर अब तक पक्की सड़क से नहीं जोड़ा गया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  जिसमें ग्राम पंचायत बिजासन का गांव चिट्टियां रहमत अली इसी विकासखंड की ग्राम पंचायत बिहारीपुर पीतम राम का गांव मलूकपुर है ग्राम पंचायत माधौपुर का गांव जगतपुर यह तीन ऐसे गांव हैं जिन्हें देश की आजादी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img20260302092014.jpg" alt="देश की आजादी से लेकर अब तक पक्की सड़क से नहीं जोड़ा गया था" width="599" height="374" /></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172209/impact-of-news-village-chittiyan-rahmat-ali-gets-concrete-road"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img_20260302_160810.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong> विकासखंड भदपुरा के तीन ऐसे गांव हैं जिन्हें देश की आजादी के बाद आज तक पक्की सड़क का लाभ नहीं दिया गया था जिसके चलते 18 सितंबर 2024 को स्वतंत्र प्रभात अखबार ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशन किया गया जिसमें विकासखंड के तीन ऐसे गांव जिम देश की आजादी से लेकर अब तक पक्की सड़क से नहीं जोड़ा गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जिसमें ग्राम पंचायत बिजासन का गांव चिट्टियां रहमत अली इसी विकासखंड की ग्राम पंचायत बिहारीपुर पीतम राम का गांव मलूकपुर है ग्राम पंचायत माधौपुर का गांव जगतपुर यह तीन ऐसे गांव हैं जिन्हें देश की आजादी के बाद आज तक पक्की सड़क का लाभ प्राप्त नहीं हुआ था इस खबर को स्वतंत्र प्रभात अखबार ने 17 माह पूर्व 18 सितंबर 2026 को इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img20260302092014.jpg" alt="देश की आजादी से लेकर अब तक पक्की सड़क से नहीं जोड़ा गया था" width="599" height="374"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसके बाद प्रशासन ब शासन की कुंभकर्णी नींद टूटी और सर्वे करने के बाद अब बिजासन के गांव चिट्टियां रहमत अली को लोक निर्माण विभाग से पक्की सड़क का निर्माण होना प्रारंभ हो गया है सबसे उत्तम बात तो यह रही चिट्टियां रहमत अली में पूरी बस्ती यादव समाज की है परंतु चार बार सपा की सरकार रहने के बाद भी गांव वालों को पक्की सड़क का लाभ नहीं मिला ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदपुरा के एक गांव को सड़क देने का कार्य किया है इसको लेकर ग्रामीण गदगद है लोगों ने स्वतंत्र प्रभात अखबार को बधाई देते हुए कहा मीडिया के माध्यम से हमारे गांव को भी पक्का रास्ता मिल गया इसके लिए बधाई हो।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 19:07:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Expressway: दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में होगा पूरा, ये एक्सप्रेसवे बनकर हुई तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>New Expressway: दिल्ली से देहरादून तक बनने वाला 213 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड हाईवे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 11,970 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस हाईवे पर ज्यादातर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और कुछ स्थानों पर केवल फिनिशिंग का काम शेष है। बागपत में फिनिशिंग कार्य चल रहा है, जबकि सहारनपुर के बड़गांव कट के पास थोड़ा सा काम बाकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के पहले सप्ताह में इस हाईवे पर दिल्ली से देहरादून तक वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165881/new-expressway-the-journey-from-delhi-to-dehradun-will-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/new-expressway-(32).jpg" alt=""></a><br /><p>New Expressway: दिल्ली से देहरादून तक बनने वाला 213 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड हाईवे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 11,970 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस हाईवे पर ज्यादातर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और कुछ स्थानों पर केवल फिनिशिंग का काम शेष है। बागपत में फिनिशिंग कार्य चल रहा है, जबकि सहारनपुर के बड़गांव कट के पास थोड़ा सा काम बाकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के पहले सप्ताह में इस हाईवे पर दिल्ली से देहरादून तक वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।</p>
<p>हाईवे के शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र दो से ढाई घंटे में तय की जा सकेगी। फिलहाल इस सफर में छह से साढ़े छह घंटे तक का समय लग रहा है। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।</p>
<p>फिलहाल ट्रायल के तौर पर हाईवे के कई हिस्सों को खोल दिया गया है। इनमें दिल्ली के अक्षरधाम से बागपत के खेकड़ा तक 29 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मार्ग, सहारनपुर के लाखनौर से गणेशपुर तक 41 किलोमीटर का हिस्सा और लाखनौर गोलचक्कर से बिहारीगढ़ होते हुए देहरादून तक 12 किलोमीटर लंबा वाइल्ड लाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है। दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास गीता कॉलोनी से खेकड़ा तक का एलिवेटेड हिस्सा एक महीने पहले ही यातायात के लिए खोल दिया गया था।</p>
<p>बागपत जिले में इस हाईवे की कुल लंबाई 42.6 किलोमीटर है, जो जिले के 31 गांवों से होकर गुजरती है। मवीकलां गांव में पहला इंटरचेंज बनाया गया है, जहां ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली–सहारनपुर हाईवे और दिल्ली–देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे का जंक्शन है। यहां अधिकतर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिले का पहला टोल प्लाजा काठा गांव में बनाया गया है, जहां टोल प्लाजा का ढांचा तैयार हो चुका है। कंट्रोल रूम और प्रसाधन भवन भी बन चुके हैं, हालांकि मशीनों की स्थापना अभी बाकी है।</p>
<p>हिलवाड़ी गांव में ट्रांसमिशन टावर हाईवे निर्माण में सबसे बड़ी बाधा था, जिसे दो महीने पहले हटा दिया गया। इसके बाद यहां भी सड़क निर्माण पूरा कर लिया गया है। टटीरी इंटरचेंज पर साइड वेज का डामरीकरण चल रहा है। इसके अलावा रोड मार्किंग, सफेद-पीली पट्टियां और क्रैश बैरियर लगाने जैसे कार्य अंतिम चरण में हैं।</p>
<p>एनएचएआई के परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार के अनुसार, बागपत में मूल हाईवे का निर्माण पूरा हो चुका है और केवल फिनिशिंग का काम चल रहा है। शामली के ख्यावडी गांव से आगे हाईवे सहारनपुर जिले में प्रवेश करता है, जहां इसकी लंबाई 78 किलोमीटर है। सहारनपुर में भी लगभग 98 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। बड़गांव कट की स्वीकृति बाद में मिलने के कारण यहां थोड़ा काम बाकी है, जिसे जल्द पूरा किया जा रहा है।</p>
<p>मानसून के दौरान देहरादून क्षेत्र में बरसाती नदियों में आने वाली तेज बाढ़ को ध्यान में रखते हुए एलिवेटेड रोड के 575 पिलर्स में से करीब 24 पिलर्स को डेढ़ से दो फीट मोटी जैकेट से मजबूत किया गया है। इसके अलावा डाटकाली मंदिर के पास सुरक्षा कार्य, मोबाइल टावर की स्थापना और टनल की फिनिशिंग भी पूरी कर ली गई है।</p>
<p>सोमवार को एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने टीम के साथ हाईवे का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने टोल प्लाजा पर अधिकारियों के साथ बैठक कर बचे हुए कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही इस बहुप्रतीक्षित हाईवे का उद्घाटन जल्द किया जाएगा, जिससे दिल्ली से देहरादून का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 13:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Highway: यूपी में इन जमीनों की बढ़ेंगे दाम ! यहां बनेगी 101 KM लंबी नई फ़ोर लेन सड़क</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>New Highway: </strong>उतर प्रदेश वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। यूपी में लोगों की सुविधा के लिए NHAI ने लखनऊ से बहराइच तक के राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन का बनाने की योजना बना रहा है। जानकारी के मुताबिक, कई सालों से इस सड़क के चौड़े होने का इंतजार हो रहा था, अब आखिरकार यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p><p>मिली जानकारी के अनुसार, NHAI ने एक निजी कंसल्टेंट कंपनी से पूरा प्रोजेक्ट का स्ट्रचर तैयार करवाया। फिर उसकी अच्छी तरह जांच करने के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय यानी मोर्थ को भेज दिया है। जानकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157808/new-highway-prices-of-these-lands-will-increase-in-up"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-20t090238.605.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>New Highway: </strong>उतर प्रदेश वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। यूपी में लोगों की सुविधा के लिए NHAI ने लखनऊ से बहराइच तक के राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन का बनाने की योजना बना रहा है। जानकारी के मुताबिक, कई सालों से इस सड़क के चौड़े होने का इंतजार हो रहा था, अब आखिरकार यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p><p>मिली जानकारी के अनुसार, NHAI ने एक निजी कंसल्टेंट कंपनी से पूरा प्रोजेक्ट का स्ट्रचर तैयार करवाया। फिर उसकी अच्छी तरह जांच करने के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय यानी मोर्थ को भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक, इस चार लेन सड़क के बनने से लखनऊ से बाराबंकी और फिर बाराबंकी से बहराइच व रुपईडीहा तक का सफर बहुत आसान और तेज हो जाएगा। वाहनों को अच्छी गति मिलेगी और यात्रा सुहानी लगेगी। Lucknow Bahraich Highway</p><p><strong>मिलेगा फायदा</strong></p><p>जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से सबसे ज्यादा फायदा नेपाल जाने वाले भारी वाहनों को होगा। नेपाल बॉर्डर के पास रुपईडीहा है, तो वहां जाने वाले ट्रक और अन्य वाहन आसानी से आ-जा सकेंगे। भविष्य में अगर ट्रैफिक बढ़ भी जाए तो कई सालों तक कोई जाम या परेशानी नहीं होगी। मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे काम पर 7350 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इतना बड़ा प्रोजेक्ट है, इसलिए इसमें कम से कम तीन साल लगेंगे। इसे दो हिस्सों में बनाया जाएगा। पहले हिस्सा बाराबंकी से मुस्तफाबाद तक बनेगा, फिर दूसरा हिस्सा मुस्तफाबाद से बहराइच तक। कुल लंबाई 101 किलोमीटर होगी। Lucknow Bahraich Highway</p><p><strong>सात मीटर चौड़ी</strong></p><p>मिली जानकारी के अनुसार, खास बात यह है कि चार लेन सड़क के दोनों तरफ सात मीटर चौड़ी सर्विस लेन भी बनेगी। इससे स्थानीय लोगों को बहुत सुविधा मिलेगी। वे आसानी से कस्बों और गांवों से राजमार्ग से जुड़ सकेंगे। मकसद यह है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस राजमार्ग का फायदा उठा सकें। जानकारी के मुताबिक, यह प्रस्ताव अगस्त 2025 में मोर्थ को भेजा गया था। इससे पहले जनवरी 2025 में एक और प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उसमें सर्विस रोड की बात नहीं थी और लागत छह हजार करोड़ रुपये थी। अब नया प्लान ज्यादा बेहतर है। Lucknow Bahraich Highway</p><p><strong>मिलेगी राहत</strong></p><p>एक रिपोर्ट के अनुसार, NHAI के अधिकारियों का कहना है कि बहराइच राजमार्ग पर हर महीने हल्के और भारी वाहनों की संख्या बढ़ रही है। भारी वाहन करीब बारह हजार के आसपास चलते हैं। जानकारी के मुताबिक, कुल मिलाकर करीब बीस हजार वाहन रोजाना इस सड़क पर दौड़ते हैं। मिली जानकारी के अनुसार, इसलिए चार लेन की जरूरत लंबे समय से महसूस हो रही थी। चार लेन बनने के बाद 38 हजार तक वाहन आसानी से चल सकेंगे। कई दशकों तक यह सड़क ट्रैफिक संभाल लेगी। जब चालीस हजार से ज्यादा वाहन होंगे, तब छह लेन बनाने की सोचेंगे। Lucknow Bahraich Highway</p><p>मिली जानकारी के अनुसार, यह प्रोजेक्ट चार जिलों के लोगों को फायदा पहुंचाएगा। लखनऊ, बाराबंकी, बहराइच और शायद गोंडा या बलरामपुर के इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। NHAI का यह कदम यूपी के विकास में बड़ा योगदान देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/157808/new-highway-prices-of-these-lands-will-increase-in-up</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Oct 2025 09:03:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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                <title>Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे पर अब नहीं करना होगा इंतजार, इस महीने से फर्राटा भरेंगे वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश की महात्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक गंगा एक्सप्रेस-वे के मेन कैरिजवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि सर्विस रोड और टोल प्लाजा समेत अन्य संरचनात्मक कार्य प्रगति पर हैं। एक्सप्रेसवे के किनारे पौधरोपण, डिस्प्ले बोर्ड, रोड लाइटिंग और प्रत्येक किलोमीटर पर कैमरे की स्थापना जैसे कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।</p>
<p>हालांकि हाल ही में हुई बारिश के चलते सर्विस लेन का काम धीमा पड़ा था, लेकिन अब इसे तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। शनिवार को प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने निर्देश दिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155565/ganga-expressway-will-not-have-to-wait-on-ganga-expressway"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ganga-expressway-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश की महात्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक गंगा एक्सप्रेस-वे के मेन कैरिजवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि सर्विस रोड और टोल प्लाजा समेत अन्य संरचनात्मक कार्य प्रगति पर हैं। एक्सप्रेसवे के किनारे पौधरोपण, डिस्प्ले बोर्ड, रोड लाइटिंग और प्रत्येक किलोमीटर पर कैमरे की स्थापना जैसे कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।</p>
<p>हालांकि हाल ही में हुई बारिश के चलते सर्विस लेन का काम धीमा पड़ा था, लेकिन अब इसे तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। शनिवार को प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने निर्देश दिए कि सभी कार्य हर हाल में 2 नवंबर 2025 से पहले पूरे कर लिए जाएं।</p>
<p>करीब 36,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे, मेरठ से प्रयागराज तक पूर्व और पश्चिम उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ेगा। यह सड़क परियोजना 12 जिलों मेरठ, ज्योतिबा फुले नगर, हापुड़, बदायूं, संभल, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगी। डीएम वर्मा ने प्रयागराज में एक्सप्रेस-वे के प्रारंभिक बिंदु ग्राम पंचायत जूड़ापुर दांदू में स्थल निरीक्षण किया और भौतिक प्रगति एवं ट्रैफिक मैनेजमेंट के मानचित्र को देखकर कार्य की स्थिति का मूल्यांकन किया।</p>
<p>प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी मिली कि इस परियोजना को चार ग्रुप्स में विभाजित किया गया है। प्रयागराज जिले में ग्रुप-4 का हिस्सा आता है, जिसकी कुल लंबाई 156 किमी है, जिसमें से 15.2 किमी की लंबाई प्रयागराज की सीमा में आती है। एक्सप्रेसवे को छह लेन का बनाया जा रहा है, जबकि मुख्य संरचना को आठ लेन में विकसित किया गया है, जिससे भविष्य में आवश्यकतानुसार इसका विस्तार किया जा सके।</p>
<p>डीएम ने प्रोजेक्ट मैनेजर व अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बचे हुए कार्यों को गुणवत्ता के साथ और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इस निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के प्रशासनिक अधिकारी अनिल पुनिया, यूपीडा के सहायक प्रबंधक नरेंद्र शुक्ला, और अडानी ग्रुप से प्रदीप कुमार सिंह भी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Sep 2025 11:46:00 +0530</pubDate>
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