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                <title>IAS Success Story: पहले अटेम्प्ट में चूकीं सिर्फ 1 नंबर से, दूसरे प्रयास में श्रुति शर्मा बनीं UPSC टॉपर</title>
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                        <![CDATA[<p>IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा में सफलता केवल मेहनत से ही नहीं, बल्कि सही रणनीति, आत्मविश्वास और संयम से भी जुड़ी होती है। आज हम आपको एक ऐसी ही उम्मीदवार की कहानी बताएंगे, जिन्होंने न सिर्फ कठिनाईयों का सामना किया, बल्कि पहले प्रयास में केवल 1 नंबर से चूकने के बावजूद हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 1 लाकर इतिहास रच दिया।</p>
<h3><strong>साधारण परिवार से असाधारण सफलता तक का सफर</strong></h3>
<p>IAS श्रुति शर्मा</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156146/ias-success-story-missed-the-first-attempt-in-the-first"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-shruti-sharma.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा में सफलता केवल मेहनत से ही नहीं, बल्कि सही रणनीति, आत्मविश्वास और संयम से भी जुड़ी होती है। आज हम आपको एक ऐसी ही उम्मीदवार की कहानी बताएंगे, जिन्होंने न सिर्फ कठिनाईयों का सामना किया, बल्कि पहले प्रयास में केवल 1 नंबर से चूकने के बावजूद हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 1 लाकर इतिहास रच दिया।</p>
<h3><strong>साधारण परिवार से असाधारण सफलता तक का सफर</strong></h3>
<p>IAS श्रुति शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली हैं। उनका परिवार शिक्षित और साधारण पृष्ठभूमि से आता है , उनके पिता आर्किटेक्ट और मां शिक्षिका हैं। श्रुति बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी थीं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से ग्रेजुएशन और फिर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की।</p>
<h3><strong>पहले प्रयास में सिर्फ 1 नंबर से मेंस में रह गईं पीछे</strong></h3>
<p>श्रुति शर्मा ने कॉलेज के समय ही तय कर लिया था कि वह सिविल सेवा में अपना करियर बनाएंगी। उन्होंने ग्रेजुएशन के तुरंत बाद UPSC की तैयारी शुरू की। साल 2019 में उन्होंने पहली बार UPSC CSE का प्रयास किया। हालांकि, मेंस परीक्षा में वह सिर्फ 1 अंक से चूक गईं। इस असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आत्ममंथन कर दोबारा तैयारी शुरू की।</p>
<h3><strong>दूसरे प्रयास में बनाई ऑल इंडिया रैंक 1</strong></h3>
<p>कहते हैं कि सच्ची मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। श्रुति ने अपने पहले प्रयास की गलतियों से सबक लिया और अपनी रणनीति को और बेहतर बनाया। परिणामस्वरूप, UPSC CSE 2021 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की और पूरे देश में चर्चा का विषय बन गईं। यह सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि हर UPSC उम्मीदवार के लिए प्रेरणा बन गई।</p>
<h3><strong>वर्तमान में देवरिया में संयुक्त मजिस्ट्रेट</strong></h3>
<p>IAS बनने के बाद श्रुति शर्मा की नियुक्ति उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में हुई है। वे आज अपने काम के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य कर रही हैं।</p>]]>
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                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Sep 2025 11:33:17 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
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                <title>IAS Success Story: सेल्फ स्टडी से UPSC में 45वीं रैंक, श्रद्धा शुक्ला ने बिना कोचिंग IAS बनकर रचा इतिहास</title>
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                        <![CDATA[<p>IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) को भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही के हिस्से आती है। फिर भी ऐसे कई उदाहरण हैं जो यह साबित करते हैं कि अगर सही रणनीति, आत्मविश्वास और लगन हो, तो बिना कोचिंग के भी UPSC परीक्षा पास की जा सकती है।</p>
<p>इसी तरह की एक प्रेरणास्पद कहानी है IAS श्रद्धा शुक्ला की, जिन्होंने बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी से यूपीएससी क्रैक किया और ऑल इंडिया</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155555/shraddha-shukla-created-history-without-coaching-ias-in-upsc-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-shardha-shukla.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) को भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही के हिस्से आती है। फिर भी ऐसे कई उदाहरण हैं जो यह साबित करते हैं कि अगर सही रणनीति, आत्मविश्वास और लगन हो, तो बिना कोचिंग के भी UPSC परीक्षा पास की जा सकती है।</p>
<p>इसी तरह की एक प्रेरणास्पद कहानी है IAS श्रद्धा शुक्ला की, जिन्होंने बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी से यूपीएससी क्रैक किया और ऑल इंडिया 45वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनीं।</p>
<h3><strong>रायपुर की रहने वाली हैं श्रद्धा शुक्ला</strong></h3>
<p>श्रद्धा शुक्ला का संबंध छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से है। वे बचपन से ही पढ़ाई में तेज और बेहद अनुशासित रहीं। स्कूलिंग पूरी करने के बाद श्रद्धा ने रायपुर से बीएससी (स्नातक) की डिग्री हासिल की। इसी दौरान उनके मन में आईएएस बनने का सपना आकार लेने लगा।</p>
<h3><strong>बिना कोचिंग शुरू की UPSC की तैयारी</strong></h3>
<p>श्रद्धा ने किसी भी कोचिंग संस्थान की मदद नहीं ली। उन्होंने UPSC की तैयारी के लिए 100% सेल्फ स्टडी का रास्ता चुना। इंटरनेट, एनसीईआरटी किताबें, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र और स्टैंडर्ड बुक्स की मदद से उन्होंने अपनी रणनीति तैयार की।</p>
<h3><strong>पहले दो प्रयासों में नहीं मिली सफलता</strong></h3>
<p>श्रद्धा ने बताया कि पहले और दूसरे अटेंप्ट में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी गलतियों को पहचाना, रणनीति को सुधारा और धैर्य बनाए रखा। यही जज्बा उन्हें तीसरे प्रयास में सफलता तक ले गया।</p>
<h3><strong>सरकारी नौकरी छोड़ UPSC के तीसरे प्रयास पर फोकस किया</strong></h3>
<p>यूपीएससी की तैयारी के दौरान ही श्रद्धा को डाक एवं दूरसंचार विभाग में सरकारी नौकरी मिल गई थी। लेकिन उनका सपना आईएएस बनना था, इसलिए उन्होंने तीसरे प्रयास के लिए पूरी तरह से खुद को समर्पित कर दिया। यही नहीं, उन्होंने नौकरी के साथ संतुलन बनाते हुए पढ़ाई जारी रखी।</p>
<h3><strong>तीसरे प्रयास में हासिल की ऑल इंडिया 45वीं रैंक</strong></h3>
<p>श्रद्धा की मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPSC CSE 2021 के तीसरे अटेंप्ट में शानदार सफलता हासिल की। ऑल इंडिया 45वीं रैंक के साथ उन्होंने न केवल अपने परिवार का सपना पूरा किया, बल्कि उन लाखों युवाओं को भी प्रेरित किया जो बिना कोचिंग के तैयारी कर रहे हैं।</p>]]>
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                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Sep 2025 09:52:36 +0530</pubDate>
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