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                <title>कृषि विभाग - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>कृषि विभाग RSS Feed</description>
                
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                <title>पाली में गेहूं की क्रॉप कटिंग, औसत उत्पादन 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>भदोही। </strong>रबी फसलों के उत्पादन के आकलन के तहत जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने ज्ञानपुर तहसील के ग्राम पाली में गेहूं की फसल की क्रॉप कटिंग कराई।</div>
<div>  </div>
<div>किसान श्रीमती पान देवी व शीतला प्रसाद के खेत में 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्र में कटाई व थ्रेसिंग कराई गई, जिसमें क्रमशः 18.02 किग्रा व 14.71 किग्रा उत्पादन प्राप्त हुआ। इसके आधार पर औसत उत्पादन लगभग 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर आंका गया।</div>
<div>  </div>
<div>यह प्रयोग भारत सरकार के सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से ऑनलाइन व पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को कृषि व जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए</div></div></div></div></div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174994/crop-cutting-of-wheat-in-pali-average-production-38-quintals"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260403-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>भदोही। </strong>रबी फसलों के उत्पादन के आकलन के तहत जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने ज्ञानपुर तहसील के ग्राम पाली में गेहूं की फसल की क्रॉप कटिंग कराई।</div>
<div> </div>
<div>किसान श्रीमती पान देवी व शीतला प्रसाद के खेत में 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्र में कटाई व थ्रेसिंग कराई गई, जिसमें क्रमशः 18.02 किग्रा व 14.71 किग्रा उत्पादन प्राप्त हुआ। इसके आधार पर औसत उत्पादन लगभग 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर आंका गया।</div>
<div> </div>
<div>यह प्रयोग भारत सरकार के सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से ऑनलाइन व पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को कृषि व जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।</div>
<div> </div>
<div>निरीक्षण के दौरान पाली-सुरियावां मार्ग की साइड पटरी के कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। इस मौके पर उपजिलाधिकारी भान सिंह, तहसीलदार अजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी इरम कुमारी सहित अन्य अधिकारी व किसान मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 19:53:44 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Abhinav Shukla]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>कृषि एवं व्यापारियों के हितो लेकर राइजिंग एग्रीकल्चर की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय के सभागार में कृषि एवं व्यापारियों के हितों को लेकर एक महत्वपूर्ण एवं विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए नई संभावनाओं (राइजिंग एग्रीकल्चर) की तलाश करना तथा किसानों और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, ताकि उत्पादन से लेकर विपणन तक की पूरी प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों तथा व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और बाजार उन्मुख उत्पादन</div>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170237/important-meeting-of-rising-agriculture-held-in-the-interests-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260218-wa0100.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय के सभागार में कृषि एवं व्यापारियों के हितों को लेकर एक महत्वपूर्ण एवं विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए नई संभावनाओं (राइजिंग एग्रीकल्चर) की तलाश करना तथा किसानों और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, ताकि उत्पादन से लेकर विपणन तक की पूरी प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों तथा व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और बाजार उन्मुख उत्पादन को अपनाकर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। बैठक के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों के प्रयोग, जैविक खेती, बागवानी, मशरूम, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रावेरी, सब्जी, पान आदि फसल और कृषि यंत्रीकरण पर विशेष जोर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डीएम ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को ऋण व अनुदान एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध करायी जाये जिससे किसानों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में उत्पादित होने वाली प्रमुख फसलों एवं बागवानी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और कोल्ड चेन व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके पश्चात् कृषि उत्पादों के संग्रहण एवं प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की योजना पर विचार किया। स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया, इससे न केवल किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। बैठक में बागवानी, मशरूम, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रावेरी, सब्जी, पान एवं चन्दन की खेती तथा आम निर्यात से सम्बन्धित किसान ऐशराज सरोज, राघवेन्द्र सिंह, अंजनी शर्मा, जितेन्द्र चौरसिया, सुरेश चौरसिया, आशीष जायसवाल, डा0 अकरम बेग, मो0 नईम,घनश्याम पाण्डेय, प्रमोद तिवारी, दिग्विजय पटेल, शिव शंकर पटेल एवं भानु प्रताप सिंह द्वारा अपने अनुभव को साझा किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">व्यापारिक समुदाय के प्रतिनिधियों ने भंडारण की कमी और परिवहन संबंधी समस्याओं पर चर्चा की गयी, इस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि प्रशासन व्यापारियों और किसानों के साथ समन्वय बनाकर पारदर्शी एवं संतुलित व्यवस्था विकसित करेगा। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे तय समयसीमा में कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें जिससे उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की मजबूत श्रृंखला स्थापित हो और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा, ज्वाइन्ट मजिस्टेªट अनुष्का शर्मा, डीसी मनरेगा सन्तोष कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रियंका सोनी, जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार, जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार शर्मा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण व कृषक व व्यापारी उपस्थित रहे।</div>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 20:14:25 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला कृषि अधिकारी ने दिये कीटनाशी रसायन विक्रेताओं को सख्त निर्देश</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[स्टॉक रजिस्टर  एवं रेट बोर्ड  अपडेट रखने के दिये निर्देश-  जिला कृषि अधिकारी]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152931/district-agriculture-officer-gave-strict-instructions-to-insecticides-sellers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img_20250703_201713.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिला कृषि रक्षा अधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि समस्त कीटनाशी रसायनों के थोक/फुटकर विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियमावली 1971 में दिये गये निर्देशानुसार अपने प्रतिष्ठान पर विक्रय हेतु उपलब्ध कृषि रक्षा रसायनों का स्टाक रजिस्टर वितरण रजिस्टर एवं रेट बोर्ड अद्यतन रखें तथा कीटनाशी रसायनों की विक्री किये जाने पर कृषकों को अनिवार्य रूप से कैशमेमों/रसीद निर्गत किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img_20250703_201731.jpg" alt="IMG_20250703_201731" width="720" height="489"></img></p>
<p style="text-align:justify;">निर्गत लाइसेंस एवं ग्रोसेफ फूड अभियान का पोस्टर अनिवार्य रूप से प्रतिष्ठान पर प्रदर्शित करें। कीटनाशी लाइसेंस पर अंकित पी०सी० (प्राधिकार प्रपत्र) के अलावा अन्य कम्पनी के रसायनों की बिक्री न किया जाए। नकली अधोमानक एवं कालातीत रसायनों की बिक्री किसी भी दशा में न किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि समस्त कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्त निर्देशों का पूर्ण रूपेण परिपालन सुनिश्चित करें। यदि किसी भी जनपद स्तरीय/मण्डल स्तरीय/ राज्य स्तरीय अधिकारी के निरीक्षण के समय उक्त निर्देशों का उल्लघन पाया जाता है तो कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियमावली 1971 के सुसंगत प्राविधानों के तहत विधिक कार्यवाही की जायेगी। जनपद के किसान भाईयों को सलाह दी जाती है कि लाइसेंस धारी कीटनाशी विक्रेताओं से ही कृषि रक्षा रसायनों का क्रय करें एव खरीदे हुए रसायनों का कैशमेमो/रसीद भी अवश्य लें। किसी भी शिकायत हेतु कार्यालय जिला कृषि रक्षा अधिकारी सोनभद्र के यहाँ सम्पर्क कर सकते हैं।</p>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 20:25:39 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[राजेश तिवारी]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ताले में बंद किसान कल्याण केंद्र अमानीगंज, किसानों को कैसे मिले कृषि जानकारी</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>विशेष संवाददाता </strong><br /><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या। </strong>एक ही छत के नीचे क्षेत्रीय अन्नदाताओं को सारी सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से मिल्कीपुर क्षेत्र के किसान कल्याण केन्द्र अमानीगंज पर ताला लटके होने के कारण किसानों को कृषि विभाग की महत्वपूर्ण जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है।वहीं किसान कृषि विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों  से मिलने के लिए भटकते फिर रहे है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाएं भी सिरे नहीं चढ़ पा रही है।<br />इस किसान कल्याण केंद्र से किसानों को कई तरह की सुविधाएं व बीज उपलब्ध कराने के साथ ही कीटनाशक</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140044/locked-farmers-welfare-centre-how-will-farmers-get-agricultural-technical"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/img-20240402-wa0022.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विशेष संवाददाता </strong><br /><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या। </strong>एक ही छत के नीचे क्षेत्रीय अन्नदाताओं को सारी सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से मिल्कीपुर क्षेत्र के किसान कल्याण केन्द्र अमानीगंज पर ताला लटके होने के कारण किसानों को कृषि विभाग की महत्वपूर्ण जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है।वहीं किसान कृषि विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों  से मिलने के लिए भटकते फिर रहे है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाएं भी सिरे नहीं चढ़ पा रही है।<br />इस किसान कल्याण केंद्र से किसानों को कई तरह की सुविधाएं व बीज उपलब्ध कराने के साथ ही कीटनाशक दवाएं भी मिलती है। इसके माध्यम से किसानों को कृषि उत्पाद के लिए प्रशिक्षित भी करना था। किसान जब किसान कल्याण केंद्र पहुंचते हैं तो वहां पर कृषि विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी ना होने से खेती किसानी की सारी समस्याएं लेकर पुनः उन्हें वापस लौट जाना पड़ रहा है।<br /> मंगलवार को जब <strong>स्वतंत्र प्रभात</strong> ने किसानों के साथ हो रही समस्याओं को जानने के लिए किसानों के साथ हो रही समस्याओं को जानने के लिए किसान कल्याण केंद्र अमानीगंज पहुंचा तो ताला लटका हुआ था। केंद्र प्रभारी महेश कुमार से जब जानकारी के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन बंद था। नोटिस बोर्ड पर यह भी नहीं लिखा गया था कि किस कारण से केंद्र को बंद रखा गया है। अमानीगंज क्षेत्र में करीब 50000 कृषक हैं, जिसमें से करीब 30 से 32 हजार किसान पंजीकृत है। किसान अपनी खेती किसानी की समस्या के लिए किसान केंद्र का ही सहारा लेते हैं। लेकिन जब वहां पर कोई कर्मचारी रहेगा ही नहीं तो कैसे सलाह मिल पाएगी।<br /> जिला कृषि अधिकारी ओ पी मिश्रा अयोध्या का कहना है कि यदि किसान कल्याण केंद्र बंद था कोई नहीं था तो उनसे पूछताछ करेंगे। यदि केंद्र को बंद करके क्षेत्र में जाना था। तो नोटिस बोर्ड पर कारण लिख देना था। यदि ऐसा नहीं किया गया है तो कारवाई की जाएगी।</p>]]>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Apr 2024 18:04:18 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
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                <title>उपनिदेशक कृषि अयोध्या ने रागी की फसल का किया निरीक्षण, रागी की फसल देखकर हुए खुश</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>मिल्कीपुर अयोध्या</strong>।</p>
<p>  </p>
<p>मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के राजस्व ग्राम इसौलीभारी में रागी की फसल का निरीक्षण करने उपकृषि निदेशक अयोध्या डॉ संजय कुमार त्रिपाठी द्वारा किया गया। मोटे अनाज की फसल देखने पहुंचे उपनिदेशक कृषि कृषक की मेहनत देख बेहद खुश हुए।</p>
<p>इसौली भारी के किसान राजेंद्र कुमार यादव को किसान कल्याण केंद्र मिल्कीपुर से श्रीअन्न (मोटा अनाज) का बीज निःशुल्क दिया गया था। किसान ने रुचि दिखाते हुए वैज्ञानिक विधि से रागी की खेती किया। पहले रागी की नर्सरी डाला, उसके बाद  रोपाई किया।</p>
<p>निरीक्षण करते समय उप कृषि निदेशक से किसान ने बताया कि अगले वर्ष मेरे द्वारा</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135414/deputy-director-agriculture-ayodhya-inspected-the-ragi-crop-happy-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/img-20231002-wa0025.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मिल्कीपुर अयोध्या</strong>।</p>
<p> </p>
<p>मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के राजस्व ग्राम इसौलीभारी में रागी की फसल का निरीक्षण करने उपकृषि निदेशक अयोध्या डॉ संजय कुमार त्रिपाठी द्वारा किया गया। मोटे अनाज की फसल देखने पहुंचे उपनिदेशक कृषि कृषक की मेहनत देख बेहद खुश हुए।</p>
<p>इसौली भारी के किसान राजेंद्र कुमार यादव को किसान कल्याण केंद्र मिल्कीपुर से श्रीअन्न (मोटा अनाज) का बीज निःशुल्क दिया गया था। किसान ने रुचि दिखाते हुए वैज्ञानिक विधि से रागी की खेती किया। पहले रागी की नर्सरी डाला, उसके बाद  रोपाई किया।</p>
<p>निरीक्षण करते समय उप कृषि निदेशक से किसान ने बताया कि अगले वर्ष मेरे द्वारा रागी की खेती की एरिया को बढ़ाया जाएगा तथा ग्राम सभा में अधिक से अधिक किसानों को बुवाई करने के लिए प्रेरित भी करेंगे। निरीक्षण के दौरान डॉ संजय कुमार त्रिपाठी द्वारा किसान को रागी से बनने वाले विभिन्न प्रकार के व्यंजन एवं उसके औषधीय गुण तथा उसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वो के बारे में विस्तार से बताया।</p>
<p>निरीक्षण के समय सहायक विकास अधिकारी कृषि राम सुभाय, बीज भंडार प्रभारी डॉ अवधेश कुमार, क्षेत्रीय कर्मचारी सुशीला कुमारी एवं अर्जुन कुमार यादव मौजूद रहे।</p>]]>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Oct 2023 16:06:06 +0530</pubDate>
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                <title>वेबसाइट न चलने से कृषि यंत्रों से वंचित रहेंगे किसान ,आज से हो रहा आवेदन</title>
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                        <![CDATA[<div align="left">
<p dir="ltr"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></p>
<p dir="ltr"><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या। </strong>प्रदेश सरकार ने किसानों को कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराने के लिए किसान कल्याण केंद्रों पर दो दिवसीय विशेष स्टाल लगाने का निर्देश जारी किया था, कृषि विभाग ने लागू भी कराया।मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के ब्लाकों पर स्टाल लगाए गए किसान भी पहुचे लेकिन ऑनलाइन आवेदन में समस्याएं आ रही है जिससे किसानों को इसका लाभ दोपहर बाद तक भी मिलना शुरू नही हो सका है।</p>
<p dir="ltr">सरकार की किसानों के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना की हकीकत जानने के लिए जब राजकीय कृषि बीज गोदाम मिल्कीपुर का निरीक्षण किया गया तो हकीकत कुछ और ही निकली।</p></div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128140/farmers-will-be-deprived-of-agricultural-machinery-due-to-non-operation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/img-20230320-wa0025.jpg" alt=""></a><br /><div align="left">
<p dir="ltr"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></p>
<p dir="ltr"><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या। </strong>प्रदेश सरकार ने किसानों को कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराने के लिए किसान कल्याण केंद्रों पर दो दिवसीय विशेष स्टाल लगाने का निर्देश जारी किया था, कृषि विभाग ने लागू भी कराया।मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के ब्लाकों पर स्टाल लगाए गए किसान भी पहुचे लेकिन ऑनलाइन आवेदन में समस्याएं आ रही है जिससे किसानों को इसका लाभ दोपहर बाद तक भी मिलना शुरू नही हो सका है।</p>
<p dir="ltr">सरकार की किसानों के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना की हकीकत जानने के लिए जब राजकीय कृषि बीज गोदाम मिल्कीपुर का निरीक्षण किया गया तो हकीकत कुछ और ही निकली। Up <a style="background-color:rgb(255,255,255);" href="http://agriculture.com/">agriculture.com</a> की साइड पर रजिस्ट्रेशन करके किसानों के बाद किसानों को टोकन मिलना था। लेकिन सरवर न चलने के चलते टोकन नहीं मिल पा रहा है।</p>
<p dir="ltr">पाराधमथुआ गांव के किसान प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्हें लपेटा पाइप लेना है लेकिन आवेदन की ओटीपी ही नहीं आ रही है। सिधौना गांव के किसान वेद प्रकाश ने भी कहा कि हमको स्प्रे मशीन व लपेटा पाइप लेना था लेकिन ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है।लेकिन साइट न चलने से अनुदानित यंत्र का टोकन नहीं मिल पाया।</p>
<p dir="ltr">वही किसान राम कुमार ने कहा कि हमको दवा के छिड़काव के लिए इसलिए मशीन अदनान पर लेना है लेकिन मेरे मोबाइल पर मैसेज ना आने के कारण ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है।बीज भंडार प्रभारी मिल्कीपुर प्रमोद यादव से जब जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि सरवर ठीक से नहीं चल रहा है सुबह से अब तक मात्र दो किसानों का रजिस्ट्रेशन पावर स्प्रे मशीन के लिए हो सका है। बड़ी संख्या में किसान आए थे लेकिन सर्वर ना चलने के कारण हुए वापस चले गए कुछ किसान अभी मौजूद हैं इनका रजिस्ट्रेशन करने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p dir="ltr">उन्होंने बताया कि 20 तथा 21 मार्च को 10000 अनुदान तक के कृषि यंत्र जैसे पंपिंग सेट,पावर स्प्रेयर,चारा मशीन, लपेटा पाइप,तिरपाल आदि कृषि यंत्रों का स्टाल लगा है।उन्होंने बताया ऑनलाइन सिस्टम है जिन किसानों का टोकन जनरेट हो रहा है उन्हें लाभ दिलाया जा रहा है। सब्सिडी के धन राशि 30 मार्च तक किसानों के खाते में पहुंच जाएगी।</p>
</div>]]>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Mar 2023 15:34:10 +0530</pubDate>
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