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                <title>UPSC Topper Story - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>UPSC Topper Story RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>IAS Success Story: चार बार असफल होने के बावजूद भी नहीं मानी हार, पांचवें प्रयास में संजीता महापात्रा बनीं आईएएस अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: सफलता की राह अक्सर आसान नहीं होती, खासकर तब जब लक्ष्य देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को पास करना हो। कई बार असफल होने के बाद भी जो लोग अपने लक्ष्य से नहीं भटकते, वही अंत में सफलता हासिल करते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी आईएएस संजीता महापात्रा की है, जिन्होंने कई असफलताओं का सामना करने के बावजूद हार नहीं मानी और आखिरकार अपने पांचवें प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।</p>
<h3>ओडिशा के राउरकेला से शुरू हुआ सफर</h3>
<p>संजीता महापात्रा ओडिशा के राउरकेला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172825/ias-success-story-despite-failing-four-times-did-not-give"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/ias-success-story-(32).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: सफलता की राह अक्सर आसान नहीं होती, खासकर तब जब लक्ष्य देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को पास करना हो। कई बार असफल होने के बाद भी जो लोग अपने लक्ष्य से नहीं भटकते, वही अंत में सफलता हासिल करते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी आईएएस संजीता महापात्रा की है, जिन्होंने कई असफलताओं का सामना करने के बावजूद हार नहीं मानी और आखिरकार अपने पांचवें प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।</p>
<h3>ओडिशा के राउरकेला से शुरू हुआ सफर</h3>
<p>संजीता महापात्रा ओडिशा के राउरकेला शहर की रहने वाली हैं। बचपन से ही उन्हें नई चीजें सीखने और पढ़ाई में आगे बढ़ने का शौक था। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Indian Institute of Technology Kanpur</span></span> में दाखिला लिया। इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने तय कर लिया था कि आगे चलकर उन्हें सिविल सेवा में जाना है और देश के लिए काम करना है।</p>
<h3>शुरुआती प्रयासों में मिली असफलता</h3>
<p>कॉलेज से ग्रेजुएशन के बाद संजीता ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। हालांकि शुरुआत में उन्हें लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा। अपने पहले तीन प्रयासों में वह प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। लगातार असफलता मिलने के कारण वह कुछ समय के लिए निराश हो गईं और बाद में एक कंपनी में नौकरी करने लगीं।</p>
<h3>नौकरी के साथ भी जारी रखी तैयारी</h3>
<p>नौकरी के दौरान भी संजीता ने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और चौथा प्रयास दिया, लेकिन इस बार भी उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने फैसला किया कि अब पूरी तरह से तैयारी पर ध्यान देना होगा। इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी मेहनत के साथ तैयारी शुरू कर दी। खास बात यह है कि उन्होंने किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और ऑनलाइन स्टडी मटेरियल, एनसीईआरटी की किताबों और अखबारों से पढ़ाई की।</p>
<h3>परिवार और ससुराल का मिला साथ</h3>
<p>यूपीएससी की तैयारी के दौरान ही संजीता की शादी हो गई थी, लेकिन उनके ससुराल वालों ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए पूरा सहयोग दिया। उनके पति <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Biswa Ranjan Mundari</span></span> <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Reserve Bank of India</span></span> में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने भी संजीता की पूरी यात्रा में उनका हौसला बढ़ाया।</p>
<h3>पांचवें प्रयास में बनीं IAS</h3>
<p>लगातार मेहनत और धैर्य के बाद आखिरकार संजीता महापात्रा को सफलता मिल ही गई। उन्होंने साल 2019 में अपने पांचवें प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की। इस तरह एक इंजीनियर से आईएएस अधिकारी बनने का उनका सपना पूरा हो गया और उनकी कहानी आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 12:01:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: चाय बेचने वाले का बेटा बना IAS अफसर, बिना कोचिंग तीन बार क्रैक किया UPSC एग्जाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। यह परीक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और निरंतर संघर्ष की भी कड़ी परीक्षा लेती है। ऐसे में अगर कोई अभ्यर्थी बिना किसी कोचिंग के तीन बार UPSC परीक्षा पास करे, तो उसकी कहानी सिर्फ सफलता नहीं, बल्कि हौसले और जज्बे की मिसाल बन जाती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है IAS हिमांशु गुप्ता की, जिन्होंने चाय बेचने वाले पिता के बेटे से लेकर देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पद तक का सफर तय किया।</p>
<h4><strong>उत्तराखंड के छोटे</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165180/ias-success-story-tea-sellers-son-became-ias-officer-cracked"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/ias-success-story-(15).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। यह परीक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और निरंतर संघर्ष की भी कड़ी परीक्षा लेती है। ऐसे में अगर कोई अभ्यर्थी बिना किसी कोचिंग के तीन बार UPSC परीक्षा पास करे, तो उसकी कहानी सिर्फ सफलता नहीं, बल्कि हौसले और जज्बे की मिसाल बन जाती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है IAS हिमांशु गुप्ता की, जिन्होंने चाय बेचने वाले पिता के बेटे से लेकर देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पद तक का सफर तय किया।</p>
<h4><strong>उत्तराखंड के छोटे शहर से शुरू हुआ सफर</strong></h4>
<p>हिमांशु गुप्ता का जन्म उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के सितारगंज में हुआ। उनका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। पिता चाय बेचकर परिवार का गुजारा करते थे और यही घर की एकमात्र आमदनी थी। बचपन से ही हिमांशु ने अभाव और संघर्ष को करीब से देखा। पढ़ाई के लिए उन्हें रोज़ाना करीब 70 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन हालात कभी उनके सपनों के आड़े नहीं आए।</p>
<h4><strong>स्कूल से JNU तक की पढ़ाई</strong></h4>
<p>हिमांशु ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बरेली के सिरौली क्षेत्र से पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके पिता ने उनकी शिक्षा में कभी कमी नहीं आने दी। स्कूल के बाद हिमांशु का चयन दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में हुआ, जहां से उन्होंने वनस्पति विज्ञान (Botany) में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से लोक प्रशासन (Public Administration) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। यहीं से उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।</p>
<h4><strong>बिना कोचिंग अपनाई सेल्फ स्टडी की राह</strong></h4>
<p>हिमांशु गुप्ता ने महंगी कोचिंग के बजाय सेल्फ स्टडी को अपना आधार बनाया। उन्होंने NCERT की किताबें, स्टैंडर्ड रेफरेंस बुक्स, करंट अफेयर्स और नियमित रिवीजन पर फोकस किया। उनका मानना था कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता की राह नहीं रोक सकती।</p>
<h4><strong>तीन बार UPSC पास कर रचा इतिहास</strong></h4>
<p>हिमांशु गुप्ता ने लगातार तीन वर्षों तक UPSC परीक्षा पास कर एक खास मुकाम हासिल किया—</p>
<ul>
<li>
<p>2018 (पहला प्रयास): चयन Indian Railway Traffic Service (IRTS) में</p>
</li>
<li>
<p>2019 (दूसरा प्रयास): ऑल इंडिया रैंक 309, चयन Indian Police Service (IPS) में</p>
</li>
<li>
<p>2020 (तीसरा प्रयास): ऑल इंडिया रैंक 139, सपना हुआ पूरा और बने IAS अधिकारी</p>
</li>
</ul>
<h4><strong>क्या है IAS हिमांशु गुप्ता का सफलता मंत्र</strong></h4>
<p>हिमांशु का मानना है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, लक्ष्य से समझौता नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार कोचिंग से ज्यादा जरूरी है निरंतरता, आत्मविश्वास और खुद पर भरोसा। असफलता को वह रुकावट नहीं, बल्कि सीखने का अवसर मानते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 10:14:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: 4 बार असफल होने के बाद भी पूजा रणावत ने नहीं मानी हार, पांचवें प्रयास में बनीं IRS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: कहते हैं कि मेहनत और धैर्य अगर साथ हों तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है। IRS ऑफिसर पूजा रणावत की UPSC यात्रा इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। पूजा ने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा और लगातार असफलताओं के बाद भी डटी रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के पद पर कार्यरत हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं पूजा रणावत?</strong></p>
<p>पूजा रणावत मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे जिले के गोडवाड़ दुजाना गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में की। बाद में वे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165155/success-story-even-after-failing-4-times-pooja-ranaut-did"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/irs-poojna-ranawat.jpg" alt=""></a><br /><p>Success Story: कहते हैं कि मेहनत और धैर्य अगर साथ हों तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है। IRS ऑफिसर पूजा रणावत की UPSC यात्रा इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। पूजा ने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा और लगातार असफलताओं के बाद भी डटी रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के पद पर कार्यरत हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं पूजा रणावत?</strong></p>
<p>पूजा रणावत मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे जिले के गोडवाड़ दुजाना गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में की। बाद में वे फर्ग्युसन कॉलेज, पुणे पहुंचीं और वहां से Psychology में ग्रेजुएशन किया। साधारण परिवार से आने के बावजूद उन्होंने साबित किया कि सपनों को पूरा करने के लिए सिर्फ हिम्मत और मेहनत काफी है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/11.jpg" alt="11" width="963" height="960"></img></p>
<p><strong>UPSC की तैयारी</strong></p>
<p>कॉलेज के दिनों में ही पूजा रणावत ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्हें पता था कि यह परीक्षा लंबी और कठिन होती है, इसलिए शुरुआत जल्दी करनी जरूरी थी। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने IGNOU से Political Science और International Relations में मास्टर डिग्री हासिल की।</p>
<p><strong>लगातार 4 बार फेल</strong></p>
<p>पूजा की UPSC यात्रा बिल्कुल आसान नहीं थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने 2013 से लेकर शुरुआती चार प्रयासों में प्रीलिम्स पास नहीं किए। असफलताओं के बावजूद पूजा ने खुद को संभाला और ठान लिया कि चाहे कितनी भी बार असफलता मिले, वह पीछे नहीं हटेंगी।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/irs-pooja-ranawat-upsc-rank-biography-age-instagram-husband-2023-11-c5e2c96254ab8598ed27b2f47ccab971.jpg" alt="IRS-Pooja-Ranawat-UPSC-Rank-Biography-Age-instagram-husband-2023-11-c5e2c96254ab8598ed27b2f47ccab971" width="1280" height="1280"></img></p>
<p><strong>पांचवें अटेम्प्ट में मिली सफलता</strong></p>
<p>साल 2017 में पांचवें प्रयास में पूजा रणावत ने पूरे भारत में 258वीं रैंक हासिल की। यह रैंक उन्हें Indian Revenue Service (IRS) में नियुक्त होने के लिए पर्याप्त थी। आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के रूप में कार्यरत हैं। उनका संघर्ष और सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 20:45:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: 4 बार असफल होने के बाद भी पूजा रणावत ने नहीं मानी हार, पांचवें प्रयास में बनीं IRS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: कहते हैं कि मेहनत और धैर्य अगर साथ हों तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है। IRS ऑफिसर पूजा रणावत की UPSC यात्रा इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। पूजा ने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा और लगातार असफलताओं के बाद भी डटी रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के पद पर कार्यरत हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं पूजा रणावत?</strong></p>
<p>पूजा रणावत मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे जिले के गोडवाड़ दुजाना गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में की। बाद में वे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164767/success-story-even-after-failing-4-times-pooja-ranaut-did"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/irs-poojna-ranawat.jpg" alt=""></a><br /><p>Success Story: कहते हैं कि मेहनत और धैर्य अगर साथ हों तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है। IRS ऑफिसर पूजा रणावत की UPSC यात्रा इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। पूजा ने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा और लगातार असफलताओं के बाद भी डटी रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के पद पर कार्यरत हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं पूजा रणावत?</strong></p>
<p>पूजा रणावत मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे जिले के गोडवाड़ दुजाना गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में की। बाद में वे फर्ग्युसन कॉलेज, पुणे पहुंचीं और वहां से Psychology में ग्रेजुएशन किया। साधारण परिवार से आने के बावजूद उन्होंने साबित किया कि सपनों को पूरा करने के लिए सिर्फ हिम्मत और मेहनत काफी है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/11.jpg" alt="11" width="963" height="960"></img></p>
<p><strong>UPSC की तैयारी</strong></p>
<p>कॉलेज के दिनों में ही पूजा रणावत ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्हें पता था कि यह परीक्षा लंबी और कठिन होती है, इसलिए शुरुआत जल्दी करनी जरूरी थी। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने IGNOU से Political Science और International Relations में मास्टर डिग्री हासिल की।</p>
<p><strong>लगातार 4 बार फेल</strong></p>
<p>पूजा की UPSC यात्रा बिल्कुल आसान नहीं थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने 2013 से लेकर शुरुआती चार प्रयासों में प्रीलिम्स पास नहीं किए। असफलताओं के बावजूद पूजा ने खुद को संभाला और ठान लिया कि चाहे कितनी भी बार असफलता मिले, वह पीछे नहीं हटेंगी।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/irs-pooja-ranawat-upsc-rank-biography-age-instagram-husband-2023-11-c5e2c96254ab8598ed27b2f47ccab971.jpg" alt="IRS-Pooja-Ranawat-UPSC-Rank-Biography-Age-instagram-husband-2023-11-c5e2c96254ab8598ed27b2f47ccab971" width="1280" height="1280"></img></p>
<p><strong>पांचवें अटेम्प्ट में मिली सफलता</strong></p>
<p>साल 2017 में पांचवें प्रयास में पूजा रणावत ने पूरे भारत में 258वीं रैंक हासिल की। यह रैंक उन्हें Indian Revenue Service (IRS) में नियुक्त होने के लिए पर्याप्त थी। आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के रूप में कार्यरत हैं। उनका संघर्ष और सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 13:30:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: चाय बेचने वाले का बेटा बना IAS अफसर, बिना कोचिंग तीन बार क्रैक किया UPSC एग्जाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। यह परीक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और निरंतर संघर्ष की भी कड़ी परीक्षा लेती है। ऐसे में अगर कोई अभ्यर्थी बिना किसी कोचिंग के तीन बार UPSC परीक्षा पास करे, तो उसकी कहानी सिर्फ सफलता नहीं, बल्कि हौसले और जज्बे की मिसाल बन जाती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है IAS हिमांशु गुप्ता की, जिन्होंने चाय बेचने वाले पिता के बेटे से लेकर देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पद तक का सफर तय किया।</p><h4><strong>उत्तराखंड के छोटे</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164749/ias-success-story-tea-sellers-son-became-ias-officer-cracked"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/ias-success-story-(15).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। यह परीक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और निरंतर संघर्ष की भी कड़ी परीक्षा लेती है। ऐसे में अगर कोई अभ्यर्थी बिना किसी कोचिंग के तीन बार UPSC परीक्षा पास करे, तो उसकी कहानी सिर्फ सफलता नहीं, बल्कि हौसले और जज्बे की मिसाल बन जाती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है IAS हिमांशु गुप्ता की, जिन्होंने चाय बेचने वाले पिता के बेटे से लेकर देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पद तक का सफर तय किया।</p><h4><strong>उत्तराखंड के छोटे शहर से शुरू हुआ सफर</strong></h4><p>हिमांशु गुप्ता का जन्म उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के सितारगंज में हुआ। उनका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। पिता चाय बेचकर परिवार का गुजारा करते थे और यही घर की एकमात्र आमदनी थी। बचपन से ही हिमांशु ने अभाव और संघर्ष को करीब से देखा। पढ़ाई के लिए उन्हें रोज़ाना करीब 70 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन हालात कभी उनके सपनों के आड़े नहीं आए।</p><h4><strong>स्कूल से JNU तक की पढ़ाई</strong></h4><p>हिमांशु ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बरेली के सिरौली क्षेत्र से पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके पिता ने उनकी शिक्षा में कभी कमी नहीं आने दी। स्कूल के बाद हिमांशु का चयन दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में हुआ, जहां से उन्होंने वनस्पति विज्ञान (Botany) में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से लोक प्रशासन (Public Administration) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। यहीं से उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।</p><h4><strong>बिना कोचिंग अपनाई सेल्फ स्टडी की राह</strong></h4><p>हिमांशु गुप्ता ने महंगी कोचिंग के बजाय सेल्फ स्टडी को अपना आधार बनाया। उन्होंने NCERT की किताबें, स्टैंडर्ड रेफरेंस बुक्स, करंट अफेयर्स और नियमित रिवीजन पर फोकस किया। उनका मानना था कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता की राह नहीं रोक सकती।</p><h4>तीन बार UPSC पास कर रचा इतिहास</h4><p>हिमांशु गुप्ता ने लगातार तीन वर्षों तक UPSC परीक्षा पास कर एक खास मुकाम हासिल किया—</p><ul><li><p>2018 (पहला प्रयास): चयन Indian Railway Traffic Service (IRTS) में</p></li><li><p>2019 (दूसरा प्रयास): ऑल इंडिया रैंक 309, चयन Indian Police Service (IPS) में</p></li><li><p>2020 (तीसरा प्रयास): ऑल इंडिया रैंक 139, सपना हुआ पूरा और बने IAS अधिकारी</p></li></ul><h4><strong>क्या है IAS हिमांशु गुप्ता का सफलता मंत्र</strong></h4><p>हिमांशु का मानना है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, लक्ष्य से समझौता नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार कोचिंग से ज्यादा जरूरी है निरंतरता, आत्मविश्वास और खुद पर भरोसा। असफलता को वह रुकावट नहीं, बल्कि सीखने का अवसर मानते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 11:19:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: 4 बार असफल होने के बाद भी पूजा रणावत ने नहीं मानी हार, पांचवें प्रयास में बनीं IRS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: कहते हैं कि मेहनत और धैर्य अगर साथ हों तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है। IRS ऑफिसर पूजा रणावत की UPSC यात्रा इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। पूजा ने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा और लगातार असफलताओं के बाद भी डटी रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के पद पर कार्यरत हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं पूजा रणावत?</strong></p>
<p>पूजा रणावत मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे जिले के गोडवाड़ दुजाना गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में की। बाद में वे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163805/success-story-even-after-failing-4-times-pooja-ranaut-did"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/irs-poojna-ranawat.jpg" alt=""></a><br /><p>Success Story: कहते हैं कि मेहनत और धैर्य अगर साथ हों तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है। IRS ऑफिसर पूजा रणावत की UPSC यात्रा इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। पूजा ने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा और लगातार असफलताओं के बाद भी डटी रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के पद पर कार्यरत हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं पूजा रणावत?</strong></p>
<p>पूजा रणावत मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे जिले के गोडवाड़ दुजाना गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में की। बाद में वे फर्ग्युसन कॉलेज, पुणे पहुंचीं और वहां से Psychology में ग्रेजुएशन किया। साधारण परिवार से आने के बावजूद उन्होंने साबित किया कि सपनों को पूरा करने के लिए सिर्फ हिम्मत और मेहनत काफी है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/11.jpg" alt="11" width="963" height="960"></img></p>
<p><strong>UPSC की तैयारी</strong></p>
<p>कॉलेज के दिनों में ही पूजा रणावत ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्हें पता था कि यह परीक्षा लंबी और कठिन होती है, इसलिए शुरुआत जल्दी करनी जरूरी थी। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने IGNOU से Political Science और International Relations में मास्टर डिग्री हासिल की।</p>
<p><strong>लगातार 4 बार फेल</strong></p>
<p>पूजा की UPSC यात्रा बिल्कुल आसान नहीं थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने 2013 से लेकर शुरुआती चार प्रयासों में प्रीलिम्स पास नहीं किए। असफलताओं के बावजूद पूजा ने खुद को संभाला और ठान लिया कि चाहे कितनी भी बार असफलता मिले, वह पीछे नहीं हटेंगी।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/irs-pooja-ranawat-upsc-rank-biography-age-instagram-husband-2023-11-c5e2c96254ab8598ed27b2f47ccab971.jpg" alt="IRS-Pooja-Ranawat-UPSC-Rank-Biography-Age-instagram-husband-2023-11-c5e2c96254ab8598ed27b2f47ccab971" width="1280" height="1280"></img></p>
<p><strong>पांचवें अटेम्प्ट में मिली सफलता</strong></p>
<p>साल 2017 में पांचवें प्रयास में पूजा रणावत ने पूरे भारत में 258वीं रैंक हासिल की। यह रैंक उन्हें Indian Revenue Service (IRS) में नियुक्त होने के लिए पर्याप्त थी। आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के रूप में कार्यरत हैं। उनका संघर्ष और सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/163805/success-story-even-after-failing-4-times-pooja-ranaut-did</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 19:42:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: 4 बार असफल होने के बाद भी पूजा रणावत ने नहीं मानी हार, पांचवें प्रयास में बनीं IRS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: कहते हैं कि मेहनत और धैर्य अगर साथ हों तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है। IRS ऑफिसर पूजा रणावत की UPSC यात्रा इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। पूजा ने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा और लगातार असफलताओं के बाद भी डटी रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के पद पर कार्यरत हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं पूजा रणावत?</strong></p>
<p>पूजा रणावत मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे जिले के गोडवाड़ दुजाना गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में की। बाद में वे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162893/ias-success-story-even-after-failing-4-times-pooja-ranaut"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/irs-poojna-ranawat.jpg" alt=""></a><br /><p>Success Story: कहते हैं कि मेहनत और धैर्य अगर साथ हों तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है। IRS ऑफिसर पूजा रणावत की UPSC यात्रा इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। पूजा ने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा और लगातार असफलताओं के बाद भी डटी रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के पद पर कार्यरत हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं पूजा रणावत?</strong></p>
<p>पूजा रणावत मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे जिले के गोडवाड़ दुजाना गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में की। बाद में वे फर्ग्युसन कॉलेज, पुणे पहुंचीं और वहां से Psychology में ग्रेजुएशन किया। साधारण परिवार से आने के बावजूद उन्होंने साबित किया कि सपनों को पूरा करने के लिए सिर्फ हिम्मत और मेहनत काफी है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/11.jpg" alt="11" width="963" height="960"></img></p>
<p><strong>UPSC की तैयारी</strong></p>
<p>कॉलेज के दिनों में ही पूजा रणावत ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्हें पता था कि यह परीक्षा लंबी और कठिन होती है, इसलिए शुरुआत जल्दी करनी जरूरी थी। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने IGNOU से Political Science और International Relations में मास्टर डिग्री हासिल की।</p>
<p><strong>लगातार 4 बार फेल</strong></p>
<p>पूजा की UPSC यात्रा बिल्कुल आसान नहीं थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने 2013 से लेकर शुरुआती चार प्रयासों में प्रीलिम्स पास नहीं किए। असफलताओं के बावजूद पूजा ने खुद को संभाला और ठान लिया कि चाहे कितनी भी बार असफलता मिले, वह पीछे नहीं हटेंगी।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/irs-pooja-ranawat-upsc-rank-biography-age-instagram-husband-2023-11-c5e2c96254ab8598ed27b2f47ccab971.jpg" alt="IRS-Pooja-Ranawat-UPSC-Rank-Biography-Age-instagram-husband-2023-11-c5e2c96254ab8598ed27b2f47ccab971" width="1280" height="1280"></img></p>
<p><strong>पांचवें अटेम्प्ट में मिली सफलता</strong></p>
<p>साल 2017 में पांचवें प्रयास में पूजा रणावत ने पूरे भारत में 258वीं रैंक हासिल की। यह रैंक उन्हें Indian Revenue Service (IRS) में नियुक्त होने के लिए पर्याप्त थी। आज वे आयकर विभाग में Deputy Commissioner के रूप में कार्यरत हैं। उनका संघर्ष और सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 13:17:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: किसान की बेटी बनी IAS अधिकारी, पढ़ें तपस्या परिहार की सक्सेस स्टोरी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: हर साल भारत में लाखों छात्र UPSC की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही इस कठिनतम परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पाते हैं। जो इसे पास करते हैं, उनमें जुनून, समर्पण और कड़ी मेहनत का जबरदस्त मिश्रण होता है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है IAS तपस्या परिहार की, जिन्होंने तमाम मुश्किलों के बावजूद UPSC 2017 में ऑल इंडिया रैंक 23 हासिल कर यह साबित किया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।</p>
<p><strong>छोटे से गांव से निकली बड़ी सोच</strong></p>
<p>तपस्या मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160449/ias-success-story-farmers-daughter-becomes-ias-officer-read-success"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/3d89f015d491e6f505428e42844aa3f7.webp" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: हर साल भारत में लाखों छात्र UPSC की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही इस कठिनतम परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पाते हैं। जो इसे पास करते हैं, उनमें जुनून, समर्पण और कड़ी मेहनत का जबरदस्त मिश्रण होता है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है IAS तपस्या परिहार की, जिन्होंने तमाम मुश्किलों के बावजूद UPSC 2017 में ऑल इंडिया रैंक 23 हासिल कर यह साबित किया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।</p>
<p><strong>छोटे से गांव से निकली बड़ी सोच</strong></p>
<p>तपस्या मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के एक छोटे से गांव जबेरा से आती हैं। उनके पिता किसान हैं और परिवार आर्थिक रूप से सामान्य स्थिति में था। गांव की एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली तपस्या ने संसाधनों की कमी को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने खुद को हमेशा पढ़ाई और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रखा।</p>
<p><strong>केंद्रीय विद्यालय से ILS लॉ कॉलेज तक</strong></p>
<p>तपस्या ने शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से की और आगे की पढ़ाई के लिए पुणे स्थित ILS Law College से कानून की डिग्री प्राप्त की। यहीं से उनके मन में UPSC की तैयारी करने का विचार जन्मा। कानून की पढ़ाई के दौरान उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखना शुरू किया।</p>
<p><strong>पहले प्रयास में असफलता</strong></p>
<p>UPSC के पहले प्रयास में तपस्या प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाईं। यह असफलता किसी के भी आत्मविश्वास को डगमगा सकती है, लेकिन तपस्या ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी रणनीति पर पुनर्विचार किया और यह तय किया कि अगली बार तैयारी और मजबूत होनी चाहिए।</p>
<p><strong>बिना कोचिंग के की सेल्फ स्टडी</strong></p>
<p>दूसरे प्रयास में तपस्या ने कोचिंग पर निर्भर रहने के बजाय सेल्फ स्टडी को चुना। उन्होंने मॉक टेस्ट, करंट अफेयर्स, और लगातार रिवीजन पर फोकस किया। साथ ही सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपनी ऊर्जा सिर्फ पढ़ाई में लगाई। उनका मानना था कि सही रणनीति और निरंतरता ही सफलता की कुंजी है।</p>
<p><strong>AIR 23 और IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा</strong></p>
<p>तपस्या की मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPSC 2017 में ऑल इंडिया रैंक 23 हासिल की। इस शानदार उपलब्धि के साथ वे IAS अधिकारी बनीं और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गईं। उनका यह सफर बताता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160449/ias-success-story-farmers-daughter-becomes-ias-officer-read-success</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 20:31:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी पहले प्रयास में बनीं IAS अफसर, 'ब्यूटी विद ब्रेन' की है बेहतरीन मिसाल </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं, सफलता उन्हें ही मिलती है जो हार मानना नहीं जानते। IAS नवनीत मान ने इस कहावत को हकीकत में बदल दिया। उन्होंने पहले प्रयास में UPSC परीक्षा में 501वीं रैंक हासिल की, लेकिन रुकना उन्हें मंजूर नहीं था। दूसरे प्रयास में उन्होंने सीधा 33वीं रैंक प्राप्त कर IAS बनने का सपना पूरा किया। उनकी कहानी हर उस उम्मीदवार के लिए प्रेरणा है जो सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी कर रहा है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/5d4ceae9a2de923177c7d00f927b5360.webp" alt="ias navneet mann" width="1000" height="666" /></p>
<p><strong>कौन हैं नवनीत मान</strong></p>
<p>नवनीत मान मूल रूप से पंजाब की रहने वाली हैं, लेकिन उनकी पढ़ाई पूरी तरह दिल्ली में हुई। उनके पिता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160102/ias-success-story-police-inspectors-daughter-became-ias-officer-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/27af84f98573eb6f62b93ab8f02706b4.webp" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं, सफलता उन्हें ही मिलती है जो हार मानना नहीं जानते। IAS नवनीत मान ने इस कहावत को हकीकत में बदल दिया। उन्होंने पहले प्रयास में UPSC परीक्षा में 501वीं रैंक हासिल की, लेकिन रुकना उन्हें मंजूर नहीं था। दूसरे प्रयास में उन्होंने सीधा 33वीं रैंक प्राप्त कर IAS बनने का सपना पूरा किया। उनकी कहानी हर उस उम्मीदवार के लिए प्रेरणा है जो सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी कर रहा है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/5d4ceae9a2de923177c7d00f927b5360.webp" alt="ias navneet mann" width="1000" height="666"></img></p>
<p><strong>कौन हैं नवनीत मान</strong></p>
<p>नवनीत मान मूल रूप से पंजाब की रहने वाली हैं, लेकिन उनकी पढ़ाई पूरी तरह दिल्ली में हुई। उनके पिता सुखदेव सिंह मान दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर हैं और उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। नवनीत शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी टेक्निकल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की और उसके बाद IIM से MBA की डिग्री हासिल की।</p>
<p><strong>यूपीएससी की राह पर चलने का निर्णय</strong></p>
<p>MBA की पढ़ाई के दौरान ही नवनीत के मन में UPSC सिविल सर्विस परीक्षा देने का विचार आया। उनका मानना था कि अगर कुछ बड़ा करना है तो देश की सेवा से बड़ा कोई मंच नहीं। उन्होंने एमबीए के साथ ही UPSC की तैयारी शुरू कर दी। पढ़ाई के प्रति उनका अनुशासन, मजबूत फोकस और टाइम मैनेजमेंट उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुए।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/6d8769467427e1831783e61881a4e4d3.jpg" alt="ias navneet mann" width="1000" height="667"></img></p>
<p><strong>पहला प्रयास में 501वीं रैंक</strong></p>
<p>पहले प्रयास में नवनीत मान ने 501वीं रैंक हासिल की। यह किसी के लिए भी बड़ी उपलब्धि होती, लेकिन नवनीत संतुष्ट नहीं थीं। उनका सपना IAS बनना था, इसलिए उन्होंने ठान लिया कि वह फिर से परीक्षा देंगी और बेहतर परिणाम लाएंगी।</p>
<p><strong>दूसरा प्रयास में 33वीं रैंक</strong></p>
<p>दूसरे प्रयास में नवनीत ने कमाल कर दिखाया। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 33 हासिल की और IAS के पद के लिए चयनित हुईं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और सही रणनीति को दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 10:34:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: गांव की बेटी रेखा सियाक बनीं IAS अफसर, सोशल मीडिया से दूरी बनी सफलता की चाबी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: अगर आप भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं और सोचते हैं कि बिना कोचिंग के परीक्षा पास करना मुश्किल है, तो आपको IAS रेखा सियाक की कहानी जरूर पढ़नी चाहिए। राजस्थान के सीकर जिले की रहने वाली रेखा सियाक ने यह साबित कर दिया कि अगर मेहनत और लगन सच्ची हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बनते। उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद लिए, सिर्फ घर पर रहकर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की और आईएएस अधिकारी बनीं।</p>
<p><strong>कौन हैं रेखा सियाक?</strong></p>
<p>रेखा सियाक का जन्म राजस्थान के सीकर जिले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159686/ias-success-story-village-daughter-rekha-siak-became-ias-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/ias-rekha-siyak.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: अगर आप भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं और सोचते हैं कि बिना कोचिंग के परीक्षा पास करना मुश्किल है, तो आपको IAS रेखा सियाक की कहानी जरूर पढ़नी चाहिए। राजस्थान के सीकर जिले की रहने वाली रेखा सियाक ने यह साबित कर दिया कि अगर मेहनत और लगन सच्ची हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बनते। उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद लिए, सिर्फ घर पर रहकर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की और आईएएस अधिकारी बनीं।</p>
<p><strong>कौन हैं रेखा सियाक?</strong></p>
<p>रेखा सियाक का जन्म राजस्थान के सीकर जिले के घाणा (लक्ष्मणगढ़) गांव में हुआ। उनके पिता एलआईसी एजेंट हैं और मां गृहिणी हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी रेखा बचपन से ही पढ़ाई में बेहद होशियार रही हैं। उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई प्रिंस स्कूल, सीकर से की और हर कक्षा में अव्वल रहीं।</p>
<p><strong>बीटेक करने के बाद नौकरी छोड़ी</strong></p>
<p>स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद रेखा ने जेईई परीक्षा पास की और मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT), जयपुर में बीटेक में दाखिला लिया। बीटेक की डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी की। लेकिन मन हमेशा सिविल सर्विस की ओर खींचता रहा। नौकरी के कुछ महीनों बाद उन्होंने फैसला किया कि अब अपने सपने को पूरा करने का समय आ गया है — और उन्होंने नौकरी छोड़ दी।</p>
<p><strong>घर पर रहकर की यूपीएससी की तैयारी</strong></p>
<p>रेखा ने यूपीएससी की तैयारी पूरी तरह घर पर रहकर ऑनलाइन माध्यम से की। उन्होंने न किसी बड़ी कोचिंग का सहारा लिया, न किसी गाइड का। वह बताती हैं कि उन्होंने खुद को दो साल तक पूरी तरह कमरे में बंद रखकर पढ़ाई की। ऑनलाइन लेक्चर, यूट्यूब और स्टडी मटेरियल की मदद से उन्होंने यूपीएससी सिलेबस को गहराई से समझा।</p>
<p><strong>पहले ही प्रयास में मिली सफलता</strong></p>
<p>कड़ी मेहनत और आत्मअनुशासन के दम पर रेखा ने यूपीएससी परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 176 प्राप्त की और आईएएस सेवा के लिए चुनी गईं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने बिना किसी बाहरी मदद या कोचिंग के यह मुकाम हासिल किया।</p>
<p><strong>सोशल मीडिया से बनाई दूरी</strong></p>
<p>रेखा सियाक बताती हैं कि उन्होंने तैयारी के दौरान पूरी तरह सोशल मीडिया और बाहरी दुनिया से दूरी बना ली थी। उनका मानना है कि यूपीएससी जैसी परीक्षा के लिए सबसे जरूरी है फोकस और डिसिप्लिन। distractions से दूर रहना ही सफलता की कुंजी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 11:28:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: किसान की बेटी बनी IAS अफसर, गांव से सीधा UPSC की टॉप लिस्ट में</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">IAS Success Story: भारत</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">हर</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">लाखों</span> <span class="cf0">छात्र</span> <span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">जैसी</span> <span class="cf0">कठिन</span> <span class="cf0">परीक्षा</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तैयारी</span> <span class="cf0">करते</span> <span class="cf0">हैं</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">लेकिन</span> <span class="cf0">केवल</span> <span class="cf0">वही</span> <span class="cf0">सफल</span> <span class="cf0">होते</span> <span class="cf0">हैं</span> <span class="cf0">जो</span> <span class="cf0">दृढ़</span> <span class="cf0">निश्चय</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">मेहनत</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">आत्मविश्वास</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">भरे</span> <span class="cf0">होते</span> <span class="cf0">हैं</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">ऐसी</span> <span class="cf0">ही</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">प्रेरणादायक</span> <span class="cf0">कहानी</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">मध्य</span> <span class="cf0">प्रदेश</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तपस्या</span> <span class="cf0">परिहार</span> <span class="cf0">की</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">जिन्होंने</span> <span class="cf1">UPSC 2017 </span><span class="cf0">में</span> <span class="cf0">ऑल</span> <span class="cf0">इंडिया</span> <span class="cf0">रैंक</span><span class="cf0"> 23 </span><span class="cf0">हासिल</span> <span class="cf0">कर</span> <span class="cf1">IAS </span><span class="cf0">अधिकारी</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">सपना</span> <span class="cf0">पूरा</span> <span class="cf0">किया</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">उनका</span> <span class="cf0">सफर</span> <span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">बताता</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">कि</span> <span class="cf0">अगर</span> <span class="cf0">आपका</span> <span class="cf0">इरादा</span> <span class="cf0">मजबूत</span> <span class="cf0">हो</span> <span class="cf0">तो</span> <span class="cf0">सपने</span> <span class="cf0">हकीकत</span> <span class="cf0">बन</span> <span class="cf0">सकते</span> <span class="cf0">हैं</span><span class="cf0">।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">छोटे</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">गांव</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">तक की उड़ान</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">तपस्या परिहार मध्य प्रदेश के </span><span class="cf0">नरसिंहपुर</span><span class="cf0"> जिले</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155462/ias-success-story-ias-officer-became-the-daughter-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-success-story.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">IAS Success Story: भारत</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">हर</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">लाखों</span> <span class="cf0">छात्र</span> <span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">जैसी</span> <span class="cf0">कठिन</span> <span class="cf0">परीक्षा</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तैयारी</span> <span class="cf0">करते</span> <span class="cf0">हैं</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">लेकिन</span> <span class="cf0">केवल</span> <span class="cf0">वही</span> <span class="cf0">सफल</span> <span class="cf0">होते</span> <span class="cf0">हैं</span> <span class="cf0">जो</span> <span class="cf0">दृढ़</span> <span class="cf0">निश्चय</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">मेहनत</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">आत्मविश्वास</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">भरे</span> <span class="cf0">होते</span> <span class="cf0">हैं</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">ऐसी</span> <span class="cf0">ही</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">प्रेरणादायक</span> <span class="cf0">कहानी</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">मध्य</span> <span class="cf0">प्रदेश</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तपस्या</span> <span class="cf0">परिहार</span> <span class="cf0">की</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">जिन्होंने</span> <span class="cf1">UPSC 2017 </span><span class="cf0">में</span> <span class="cf0">ऑल</span> <span class="cf0">इंडिया</span> <span class="cf0">रैंक</span><span class="cf0"> 23 </span><span class="cf0">हासिल</span> <span class="cf0">कर</span> <span class="cf1">IAS </span><span class="cf0">अधिकारी</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">सपना</span> <span class="cf0">पूरा</span> <span class="cf0">किया</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">उनका</span> <span class="cf0">सफर</span> <span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">बताता</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">कि</span> <span class="cf0">अगर</span> <span class="cf0">आपका</span> <span class="cf0">इरादा</span> <span class="cf0">मजबूत</span> <span class="cf0">हो</span> <span class="cf0">तो</span> <span class="cf0">सपने</span> <span class="cf0">हकीकत</span> <span class="cf0">बन</span> <span class="cf0">सकते</span> <span class="cf0">हैं</span><span class="cf0">।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">छोटे</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">गांव</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">तक की उड़ान</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">तपस्या परिहार मध्य प्रदेश के </span><span class="cf0">नरसिंहपुर</span><span class="cf0"> जिले के छोटे से गांव </span><span class="cf0">जबेरा</span><span class="cf0"> की रहने वाली हैं। उनके पिता एक किसान हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण थी। लेकिन तपस्या ने कभी अपने सीमित संसाधनों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सफलता सिर्फ शहरों की नहीं होती, गांव की बेटियां भी अपने हौसले और मेहनत से देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पास कर सकती हैं।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">केंद्रीय विद्यालय से शिक्षा और कानून की डिग्री</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">तपस्या की शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई। इसके बाद उन्होंने </span><span class="cf1">ILS </span><span class="cf1">Law</span> <span class="cf1">College</span><span class="cf1">, </span><span class="cf0">पुणे</span><span class="cf0"> से कानून की डिग्री ली। </span><span class="cf0">कॉलेज</span><span class="cf0"> के दिनों में ही उनके मन में </span><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">का सपना आकार लेने लगा था। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने </span><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">की तैयारी शुरू की।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">पहले</span> <span class="cf0">प्रयास</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">असफलता</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">लेकिन</span> <span class="cf0">हिम्मत</span> <span class="cf0">नहीं</span> <span class="cf0">हारी</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">तपस्या</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">में</span> <span class="cf0">पहली</span> <span class="cf0">बार</span><span class="cf0"> 2016 </span><span class="cf0">में</span><span class="cf0"> प्रयास किया, लेकिन वे </span><span class="cf0">प्रीलिम्स</span><span class="cf0"> भी </span><span class="cf0">क्लियर</span><span class="cf0"> नहीं कर सकीं। इस असफलता से वे निराश जरूर हुईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद से सवाल किए, खुद को समझा और दोबारा तैयारी में लग गईं।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">सेल्फ</span> <span class="cf0">स्टडी</span><span class="cf0"> और </span><span class="cf0">स्मार्ट</span><span class="cf0"> रणनीति बनी सफलता की कुंजी</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">दूसरे प्रयास में तपस्या ने अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी। उन्होंने </span><span class="cf0">कोचिंग</span><span class="cf0"> नहीं ली और पूरी तैयारी </span><span class="cf0">सेल्फ</span> <span class="cf0">स्टडी</span><span class="cf0"> से की। </span><span class="cf0">मॉक</span> <span class="cf0">टेस्ट</span><span class="cf0">, करंट </span><span class="cf0">अफेयर्स</span><span class="cf0"> और निरंतर </span><span class="cf0">रिवीजन</span><span class="cf0"> पर ध्यान दिया। उन्होंने </span><span class="cf0">सोशल</span><span class="cf0"> मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई में पूरा ध्यान लगाया और समय का भरपूर उपयोग किया।</span></p>
<p><span class="cf0">तपस्या की मेहनत रंग लाई और </span><span class="cf1">UPSC 2017 </span><span class="cf0">में</span> <span class="cf0">उन्होंने</span> <span class="cf1">AIR 23 </span><span class="cf0">हासिल</span> <span class="cf0">की</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">उनका</span> <span class="cf0">चयन</span> <span class="cf0">भारतीय</span> <span class="cf0">प्रशासनिक</span> <span class="cf0">सेवा</span><span class="cf0"> (</span><span class="cf1">IAS) </span><span class="cf0">में</span> <span class="cf0">हुआ</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">आज</span> <span class="cf0">वे</span><span class="cf0"> न </span><span class="cf0">सिर्फ</span> <span class="cf0">अपने</span> <span class="cf0">गांव</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">राज्य</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">बल्कि</span> <span class="cf0">देशभर</span><span class="cf0"> की बेटियों के लिए </span><span class="cf0">एक</span><span class="cf0"> मिसाल बन चुकी हैं।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 17:37:59 +0530</pubDate>
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