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                <title>कृषि विश्वविद्यालय - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>कृषि विश्वविद्यालय RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विकसित कृषि विकसित भारत @2047 की दिशा में नवाचार और तकनीकी सशक्तिकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ, उत्तर प्रदेश</strong></blockquote><p style="text-align:justify;">लखनऊ, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित छठवीं उ.प्र. कृषि विज्ञान कांग्रेस के तृतीय दिवस पर “विकसित कृषि विकसित भारत @2047 के लिये कृषि में परिवर्तन” विषय के अंतर्गत विभिन्न तकनीकी एवं विचार-विमर्श सत्रों का सफल आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम परिषद परिसर, आलमबाग, लखनऊ में संपन्न हुआ, जिसमें प्रदेश भर के कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।</p><p style="text-align:justify;">तृतीय दिवस के दौरान दो तकनीकी सत्रों के साथ-साथ दो ओरल प्रस्तुतीकरण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में “लाइवलीहुड सिक्योरिटी थ्रू डेयरी, लाइवस्टॉक, पोल्ट्री एंड फिश फार्मिंग: फ्यूचर फार्मिंग @2047” तथा “डिजिटल एग्रीकल्चर”</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175820/innovation-and-technological-empowerment-towards-developed-agriculture-developed-india-2047"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/dsc_0515.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ, उत्तर प्रदेश</strong></blockquote><p style="text-align:justify;">लखनऊ, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित छठवीं उ.प्र. कृषि विज्ञान कांग्रेस के तृतीय दिवस पर “विकसित कृषि विकसित भारत @2047 के लिये कृषि में परिवर्तन” विषय के अंतर्गत विभिन्न तकनीकी एवं विचार-विमर्श सत्रों का सफल आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम परिषद परिसर, आलमबाग, लखनऊ में संपन्न हुआ, जिसमें प्रदेश भर के कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।</p><p style="text-align:justify;">तृतीय दिवस के दौरान दो तकनीकी सत्रों के साथ-साथ दो ओरल प्रस्तुतीकरण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में “लाइवलीहुड सिक्योरिटी थ्रू डेयरी, लाइवस्टॉक, पोल्ट्री एंड फिश फार्मिंग: फ्यूचर फार्मिंग @2047” तथा “डिजिटल एग्रीकल्चर” जैसे समकालीन और अत्यंत प्रासंगिक विषयों पर गहन चर्चा हुई। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में वर्तमान चुनौतियों का विश्लेषण करना और भविष्य के लिए टिकाऊ एवं तकनीकी समाधान प्रस्तुत करना था।</p><p style="text-align:justify;">प्रथम तकनीकी सत्र में कृषि एवं पशुपालन से जुड़े विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा करते हुए पशुधन क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पशुधन की उत्पादकता अपेक्षाकृत कम है, जिसका एक प्रमुख कारण देशी नस्लों पर अत्यधिक निर्भरता है। इसके अतिरिक्त चारे की कमी, पशु-चिकित्सा सुविधाओं का अभाव तथा बाजार तंत्र में बिचौलियों की भूमिका भी किसानों की आय पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। विशेषज्ञों ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए उन्नत नस्लों के विकास, चारा प्रबंधन और सुदृढ़ पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर बल दिया।</p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img_0564.jpg.jpeg" alt="विकसित कृषि विकसित भारत @2047 की दिशा में नवाचार और तकनीकी सशक्तिकरण" width="1200" height="800"></img></p><p style="text-align:justify;">पोल्ट्री एवं पशुधन क्षेत्र में एंटीबायोटिक के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की गई। विशेषज्ञों ने इसे एक उभरते खतरे के रूप में चिन्हित करते हुए कहा कि एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस भविष्य में मानव और पशु स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर समस्या बन सकता है। इस दिशा में वैज्ञानिक प्रबंधन, संतुलित दवा उपयोग तथा किसानों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।</p><p style="text-align:justify;">बकरी पालन, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, पर केंद्रित सत्र में उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि उचित प्रबंधन, बेहतर नस्लों के चयन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से इस क्षेत्र में आय बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं।</p><p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती को भी विशेष महत्व दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके समाधान के रूप में गोबर, गोमूत्र और अन्य जैविक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई। प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण में भी सहायक होती है।</p><p style="text-align:justify;">मृदा स्वास्थ्य पर हुई चर्चा में यह तथ्य सामने आया कि प्रदेश में मृदा जैविक कार्बन का स्तर लगातार गिर रहा है, जो कृषि के लिए गंभीर खतरा है। विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक खाद, हरी खाद और फसल चक्र अपनाने की सलाह दी। इन उपायों से न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि जल धारण क्षमता में भी सुधार होगा, जिससे जल संकट की समस्या को कम किया जा सकेगा।</p><p style="text-align:justify;">“डिजिटल एग्रीकल्चर” पर केंद्रित सत्र में आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, सटीक खेती (प्रिसीजन फार्मिंग) और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल तकनीकों के माध्यम से किसानों को मौसम, फसल स्वास्थ्य और बाजार मूल्य की सटीक जानकारी मिल सकती है, जिससे उनकी आय में वृद्धि संभव है। यह तकनीकी हस्तक्षेप कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</p><p style="text-align:justify;">समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में दिनेश प्रताप सिंह (राज्यमंत्री, उद्यान, कृषि विपणन, कृषि निर्यात) उपस्थित रहे। उन्होंने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों और संस्थानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर 14 एकेडमी अवार्ड, 9 फेलो अवार्ड और 7 ऑनरेरी फेलोशिप प्रदान की गईं, जो कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।</p><p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और वैज्ञानिकों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी विशेषज्ञों ने एक स्वर में यह बात कही कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल तकनीक और टिकाऊ पद्धतियों को अपनाना अनिवार्य है।</p><p style="text-align:justify;">इस प्रकार, कृषि विज्ञान कांग्रेस का यह आयोजन न केवल वर्तमान चुनौतियों पर विचार करने का मंच बना, बल्कि भविष्य की कृषि को अधिक समृद्ध, टिकाऊ और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 20:18:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिल्कीपुर में की संगठनात्मक बैठक, कार्यकर्ताओं को दिए जीत के मंत्र </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
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<div style="text-align:justify;"><strong>मिल्कीपुर अयोध्या।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिल्कीपुर के कृषि विश्वविद्यालय की ऑडिटोरियम हाल में आयोजित संगठनात्मक बैठक में अयोध्या के गौरव को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अयोध्या का गौरव 500 वर्ष के बाद वापस आया है और आज अयोध्या के लोगों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। सीएम योगी ने राम मंदिर के निर्माण के बाद भी सांसद की हार का जिक्र किया और गैंग रेप के आरपी मोईद खान का नाम लेते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उन्हें अपने सर पर रखती थी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
</div>
<div style="text-align:justify;">सीएम योगी ने राम की परंपरा को विकास की परंपरा बताया</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147229/cm-yogi-adityanath-held-an-organizational-meeting-in-milkipur-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/whatsapp-image-2025-01-04-at-3.43.16-pm.jpeg" alt=""></a><br /><div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
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<div style="text-align:justify;"><strong>मिल्कीपुर अयोध्या।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिल्कीपुर के कृषि विश्वविद्यालय की ऑडिटोरियम हाल में आयोजित संगठनात्मक बैठक में अयोध्या के गौरव को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अयोध्या का गौरव 500 वर्ष के बाद वापस आया है और आज अयोध्या के लोगों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। सीएम योगी ने राम मंदिर के निर्माण के बाद भी सांसद की हार का जिक्र किया और गैंग रेप के आरपी मोईद खान का नाम लेते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उन्हें अपने सर पर रखती थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div style="text-align:justify;">सीएम योगी ने राम की परंपरा को विकास की परंपरा बताया और कहा कि राम की परंपरा में सबका साथ है, जबकि बाबर की परंपरा में बेटी की सुरक्षा पर खतरा, व्यापारियों पर खतरा, किसानों पर खतरा है। उन्होंने संभल का जिक्र करते हुए कहा कि 1976-76 को याद करो जहां कभी हिंदू नहीं जा पाए थे, वहां पुलिस चौकी बन रही है और मंदिर निकल रही है। इस अवसर पर सीएम योगी ने ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस ग्राम पंचायत में सबसे ज्यादा वोट किया जाएगा, वहां के बूथ प्रमुखों, शक्ति केंद्र अध्यक्षों को सम्मानित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का सरकार पूरा भुगतान किया है और 2500 हजार करोड़ मुफ्त बिजली दी जा रही है। सीएम योगी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वे संविधान की डुग्गीपिट कर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने कन्नौज में अंबेडकर के नाम से बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया था। अब वह भी अंबेडकर को लेकर भुनाने में जुटे हुए हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीएम योगी ने अपनी सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि आज हर गांव आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने अमानीगंज और हैरिंग्टनगंज विकासखंड के ग्राम प्रधानों से एक-एक कर जानकारी ली और मिल्कीपुर उपचुनाव जीतने के मंत्र दिए।  बैठक में प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, स्वास्थ्य राज्य मत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, खाद एवं रसद राज्य मंत्री सतीश शर्मा, दयाशंकर मिश्र दयालु, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, सहकारिता मंत्री जेपी एस राठौर, महापौर अयोध्या गिरीश पति त्रिपाठी, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, बीकापुर विधायक डॉ अमित सिंह चौहान, पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा, भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं पार्टी के कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद रहे।</div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jan 2025 20:10:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक श्रमिक की मौत पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="mail-message expanded">
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<div class="clear">
<div>
<div>  <strong>अयोध्या</strong> ।कृषि विश्वविद्यालय के शैक्षिक प्रक्षेत्र में काम कर रहे दैनिक श्रमिक भगवान दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह बेहोशी हालत में अपने साथी कर्मचारी को मिले, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत कैसे  हुई पुष्टि हो सकेगी।</div>
<div>मिली जानकारी के मुताबिक नगर पंचायत कुमारगंज के अकमा  गांव निवासी भगवानदास पुत्र रती पाल आचार्य नरेन्द्र</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146806/daily-laborer-dies-police-sent-body-for-post-mortem"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/img-20241204-wa00071.jpg" alt=""></a><br /><div class="mail-message expanded">
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<div> <strong>अयोध्या</strong> ।कृषि विश्वविद्यालय के शैक्षिक प्रक्षेत्र में काम कर रहे दैनिक श्रमिक भगवान दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह बेहोशी हालत में अपने साथी कर्मचारी को मिले, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत कैसे  हुई पुष्टि हो सकेगी।</div>
<div>मिली जानकारी के मुताबिक नगर पंचायत कुमारगंज के अकमा  गांव निवासी भगवानदास पुत्र रती पाल आचार्य नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय के शैक्षिक प्रक्षेत्र मैं दैनिक श्रमिक के रूप में काम कर रहा था।  मंगलवार की रात ड्यूटी करने गया था। जहां संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोशी हालत में साथी कर्मचारियों को मिले थे। जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी आर के सिंह रामदास के परिजनों को सूचना देते  हुए इलाज के लिए सौ शैय्या अस्पताल ले गए जहां पर मौजूद डॉ अनमोल पाठक ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची कुमारगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम को भेज दिया है। चौकी प्रभारी अभय सिंह का कहना है कि मृतक के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पता लग सकेगा।</div>
<div>ग्रामीणों ने बताया  कि भगवान दास के पांच बच्चे हैं दो बेटे और तीन बेटियां है, बेटा दुर्गा प्रसाद, अमेरिका प्रसाद  दोनों का विवाह हो गया है परदेस में मेहनत मजदूरी करते हैं पिता की मौत की सोचा मिलने के बाद वे घर आ रहे हैं। बेटियों में मालती और अजली शादी कर दी है जो अपने यहां आ जा रहे हैं। छोटी बेटी मुस्कान की शादी की तलाश कर रहे थे। यही कह रहे थे की शादी करके निपटा दें। लेकिन उससे पहले ही मौत हो गई।</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="mail-message-footer spacer collapsible"> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Dec 2024 07:12:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएचडी छात्रा की सड़क दुर्घटना में मौत, विश्वविद्यालय में शोक की लहर </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
<div class="clear">
<div>
<div><strong>अयोध्या</strong>। कृषि विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रहे छात्र धर्मेंद्र गौतम सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पहुंचे राहगीरों और विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करते हुए ट्रामा सेंटर लखनऊ भेज दिया, लेकिन वहां पहुंचते ही छात्र की मौत हो गई।</div>
<div>मिली जानकारी के मुताबिक जौनपुर जिले के</div>
<div>चितौड़ी निवासी धर्मेंद्र गौतम पुत्र रामचंद्र गौतम 26 वर्ष आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में फल विज्ञान विभाग के पीएचडी द्वितीय वर्ष का छात्र है। जो आज फल विज्ञान विभाग प्रक्षेत्र से अपनी बाइक से</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146805/phd-student-dies-in-road-accident-wave-of-mourning-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/img_20241204_175735.jpg" alt=""></a><br /><div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
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<div><strong>अयोध्या</strong>। कृषि विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रहे छात्र धर्मेंद्र गौतम सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पहुंचे राहगीरों और विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करते हुए ट्रामा सेंटर लखनऊ भेज दिया, लेकिन वहां पहुंचते ही छात्र की मौत हो गई।</div>
<div>मिली जानकारी के मुताबिक जौनपुर जिले के</div>
<div>चितौड़ी निवासी धर्मेंद्र गौतम पुत्र रामचंद्र गौतम 26 वर्ष आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में फल विज्ञान विभाग के पीएचडी द्वितीय वर्ष का छात्र है। जो आज फल विज्ञान विभाग प्रक्षेत्र से अपनी बाइक से कस्बा कुमारगंज किसी काम के लिए जा रहा था। गेट नंबर 2 से जैसे ही आगे बढ़ा था तेज रफ्तार ई-रिक्शे में जबरदस्त टक्कर हो गई ।</div>
<div>जिससे धर्मेंद्र गौतम गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने इलाज के लिए सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया जहां मौजूद डॉ दुर्ग विजय सिंह ने प्राथमिक उपचार करते हुए हालत गंभीर देख ट्रामा सेंटर लखनऊ भेज दिया। जहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने देखने के बाद पीएचडी छात्रा को मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत की जानकारी मिलने के बाद से विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्र -छात्राओं और शिक्षकों में शोक की लहर है। चौकी प्रभारी एनडीए अभय सिंह ने बताया कि दुर्घटना करने वाले ई -रिक्शा को कब्जे में ले लिया गया है। मृतक छात्रा के परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Dec 2024 07:07:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि विश्वविद्यालय में आईसीआर की 42 वीं वार्षिक समूह की बैठक का समापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
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<div><strong>अयोध्या।</strong>आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में चल रहे "अखिल भारतीय समन्वित आलू अनुसंधान परियोजना” की 42वीं वार्षिक समूह की तीन दिवसीय का मंगलवार को समापन हो गया। इस मौके पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक डा. सुधाकर पांडेय मौजूद रहे। उनके साथ विवि के कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला के निदेशक डॉ. बृजेश सिंह, सीपीआरआई मेरठ के क्षेत्रीय निदेशक डा. आर.के सिंह, सीपीआरआई शिमला के पूर्व निदेशक डा. एस. के चक्रबर्ती भी मौजूद रहे। तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में सब्जी वैज्ञानिकों ने आलू में हो रहे</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145065/42nd-annual-group-meeting-of-icr-concludes-at-agricultural-university"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/1000830320.jpg" alt=""></a><br /><div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
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<div><strong>अयोध्या।</strong>आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में चल रहे "अखिल भारतीय समन्वित आलू अनुसंधान परियोजना” की 42वीं वार्षिक समूह की तीन दिवसीय का मंगलवार को समापन हो गया। इस मौके पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक डा. सुधाकर पांडेय मौजूद रहे। उनके साथ विवि के कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला के निदेशक डॉ. बृजेश सिंह, सीपीआरआई मेरठ के क्षेत्रीय निदेशक डा. आर.के सिंह, सीपीआरआई शिमला के पूर्व निदेशक डा. एस. के चक्रबर्ती भी मौजूद रहे। तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में सब्जी वैज्ञानिकों ने आलू में हो रहे अनुसंधान, नवीनतम तकनीकों, आलू और बीज की गुणवत्ता पर मंथन किया।  </div>
<div>बैठक में बतौर मुख्यअतिथि आईसीएआर के सहायक महानिदेशक डा. सुधाकर पांडेय ने कहा कि हमें ऐसी किस्मों को विकसित करने की जरूरत है जो किसानों के बीच अधिक समय तक लोकप्रिय बना रहे है और उनके उत्पादन में भी अधिक बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने वैज्ञानिकों से अपील किया कि वे प्राकृतिक खेती के शेड्यूल को पहले प्रमाणित करें उसके बाद ही किसानों तक पहुंचाएं। उन्होंने किसानों से अपील किया कि वे आलू को झुलसा रोग से बचाने के लिए साइमोसाइक्लिन केमिकल का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करें। </div>
<div> बैठक में आलू की छह नई किस्मों को किसानों के लिए पेश की गई जिसमें चार अनुशंसित की गईं हैं। इसमें एक किस्म लाल छिलके वाली,  दो किस्म चिप्स बनाने के लिए तथा एक आलू की गर्मी रोधी किस्म के रूप में देश के विभिन्न राज्यों के लिए प्रस्तावित की गई। बैठक के समापन से पूर्व सभी अतिथियों ने नीबू की विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. संजय पाठक के संयोजन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर विभिन्न राज्यों से आए वैज्ञानिक, निदेशक, पूर्व निदेशक, विवि समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य मौजूद रहे।</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Sep 2024 20:54:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दूषित जल व गलत दिनचर्या स्वास्थ्य के लिए बड़ी समस्या-डॉ. मनोज पटैरिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong> आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय स्वास्थ्य संसद कार्यक्रम का रविवार को समापन हो गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बिजेद्र सिंह भी मौजूद रहे। स्वस्थ भारत की की ओर से कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह को सम्मानित किया। इस मौके पर कुलपति ने इस कार्यक्रम की जमकर सराहना करते हुए कहा कि समय समय पर ऐसे कार्यक्रम होने से सभी को एक नई सीख मिलती है।</p>
<p>स्वास्थ्य संसद कार्यक्रम के दौरान कई तकनीकी सत्र हुए। जिसमें अंतरराष्ट्रीय विज्ञान लेखन संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज पटैरिया ने बताया कि नैनो टेक्नोलॉजी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143411/contaminated-water-and-wrong-routine-are-big-problems-for-health"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/img-20240721-wa0019.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong> आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय स्वास्थ्य संसद कार्यक्रम का रविवार को समापन हो गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बिजेद्र सिंह भी मौजूद रहे। स्वस्थ भारत की की ओर से कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह को सम्मानित किया। इस मौके पर कुलपति ने इस कार्यक्रम की जमकर सराहना करते हुए कहा कि समय समय पर ऐसे कार्यक्रम होने से सभी को एक नई सीख मिलती है।</p>
<p>स्वास्थ्य संसद कार्यक्रम के दौरान कई तकनीकी सत्र हुए। जिसमें अंतरराष्ट्रीय विज्ञान लेखन संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज पटैरिया ने बताया कि नैनो टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से चिकित्सा के क्षेत्र बड़ी सफलता मिली है। नवीन परंपराओं को बहुत सोच समझकर अपनाना है। उन्होंने कहा कि दूषित जल के सेवन से कई बीमारियां हो रही हैं और इसे नष्ट नहीं किया जा सकता। आरोग्य भारती के संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि 100 में से 83% लोग गलत जीवनशैली से रोग ग्रसित हैं। स्वस्थ रहने के लिए सूर्यास्त से पहले भोजन कर लेना चाहिए।</p>
<p>डॉ. राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि रामचरित मानस में वर्णित पात्रों के जीवन से हम सभी को सीखना चाहिए। कई ऋषि मुनि अपने तपोबल से हजारों वर्षों तक स्वस्थ रहते हुए जीवित रहते थे। सीनियर फेलो डॉ. अलका सिंह ने कहा कि हम सभी प्राचीनतम आहार परंपरा को छोड़कर बहुत दूर चले आए हैं। जिसके कारण घर-घर कई बीमारियां फैल रही हैं। आदिवासियों की आहार परंपरा एकदम अलग है। आदिवासी अनाज की बजाय प्राकृतिक खान-पान पर ज्यादा निर्भर रहते हैं।</p>
<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, कानपुर के निदेशक डॉ. उपेंद्र पाण्डेय ने बताया कि स्वास्थ्य प्रति नई तकनीकों को अपनाने से पहले सचेत होना जरूरी है। मानसिक तनाव भी बीमारियों का मुख्य कारण है। रोग, मनोविज्ञान व समाधान" पर प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा ने बताया कि शरीर में मन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मन ही रोगों को जन्म भी देता है और रोगों से निजात भी दिलाता है। उन्होंने कहा कि भोजन के साथ-साथ मन का शुद्ध रहना भी आवश्यक है।डॉ. स्नेहा अग्रवाल ने बताया कि इंटीग्रेटेड दवाओं के बहुत अच्छे परिणाम आते हैं।</p>
<p>लखनऊ नेपकैम के सचिव डॉ. पीयूष गुप्ता ने बताया कि मृत्यु तो निश्चित है लेकिन आईसीयू में बीमारियों जूझने की बजाय अपनों के बीच प्राकृतिक रूप से देह त्यागना अलग बात है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को स्वस्थ रखने के लिए पैलियेटिव केयर अति महावपूर्ण है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठन महासचिव गोलोक बिहाई राय ने बताया कि बुजुर्गों की सबसे बड़ी समस्या एकाकी जीवन है। इसलिए बुजुर्गों की देखभाल और मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा बनाने के लिए पारिवारिक और सामाजिक संरचना को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।</p>
<p>समापन समारोह के पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया। कवियों ने अपने काव्य के माध्यम सभी को गुदगुदाया और कई महात्वपूर्ण संदेश दिए। इस मौके पर कृषि अधिष्ठाता डॉ प्रतिभा सिंह को भी स्वस्थ संसद की ओर से सम्मानित किया गया। स्वस्थ भारत के अध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ पत्रकार एवं वक्ता चंद्रकांत शर्मा, कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डा. प्रतिभा सिंह और उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>किसान</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/143411/contaminated-water-and-wrong-routine-are-big-problems-for-health</link>
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                <pubDate>Sun, 21 Jul 2024 21:55:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंसात्मक कृषि छोड़ें, प्राकृतिक खेती करें किसान- राज्यपाल  आचार्य देवव्रत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मिल्कीपुर ,अयोध्या।</strong>गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि यह कृषि विश्वविद्यालय पूरे देश में नंबर वन विवि बन गया है। हमनें बहुत विवि देखे लेकिन यह विश्वविद्यालय पूरी तरह से जीवंत है। इस मौके पर उन्होंने कुलपति के साथ-साथ कृषि मंत्री के कार्यों को जमकर सराहा। 40 साल पहले कैंसर, सुगर और ब्लडप्रेशर जैसी बीमारी नहीं थी लेकिन आज के समय में हर व्यक्ति किसी न किसी बीमारी की समस्या से जूझ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज की कृषि प्रणाली हिंसात्मक हो गई है जो मनुष्यों की जिंदगी को धीरे-धीरे निगल रही है। उन्होंने कहा कि अपने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143390/on-saturday-acharya-narendra-dev-was-addressing-the-farmers-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/img-20240720-wa0021.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मिल्कीपुर ,अयोध्या।</strong>गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि यह कृषि विश्वविद्यालय पूरे देश में नंबर वन विवि बन गया है। हमनें बहुत विवि देखे लेकिन यह विश्वविद्यालय पूरी तरह से जीवंत है। इस मौके पर उन्होंने कुलपति के साथ-साथ कृषि मंत्री के कार्यों को जमकर सराहा। 40 साल पहले कैंसर, सुगर और ब्लडप्रेशर जैसी बीमारी नहीं थी लेकिन आज के समय में हर व्यक्ति किसी न किसी बीमारी की समस्या से जूझ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज की कृषि प्रणाली हिंसात्मक हो गई है जो मनुष्यों की जिंदगी को धीरे-धीरे निगल रही है। उन्होंने कहा कि अपने देश में किसान भाईयों को डीएपी, यूरिया आदि रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग बंद कर प्राकृतिक और जैविक खेती का रास्ता अपनाना होगा। अगर 10 साल के बच्चे को कैंसर हो रहा है तो उसका मुख्य कारण आहार है और उसके जिम्मेदार भी हम हैं। राज्यपाल ने कहा कि यूरोप और अमेरिका में हमारे सैंपल फेल हो जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका में लोग धान की खरीदारी कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हमें सही समय पर चेतने की जरूरत है। यूएनओ के रिपोर्ट के मुताबिक 40 से 50 साल में विश्व की धरती फर्श हो जाएगी और किसी अनाज की पैदावार नहीं हो सकेगी। राज्यपाल ने कहा कि केंचुआ धरती को उपजाऊ बनाने का कार्य करता है लेकिन किसान अधिक उपज पैदा करने के चक्कर में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर इन्हें मारने का कार्य कर रहे हैं। यूरिया में 46% मात्रा नमक की होती है।</p>
<p>धरती का आर्गेनिक कार्बन 0.6 हो गया है। जमीनें बंजर हो चुकी हैं। खाना, पानी और हवा सबको अशुद्ध करने में हम ही जिम्मेदार हैं। आगे भी यही हालत रही तो  आने वाले समय में इंसान बच्चे तक नहीं पैदा कर पाएगा। उन्होंने कहा कि जैविक एवं रासायनिक खेती में खर्च आएगा लेकिन प्राकृतिक खेती करने के लिए बाजार से कुछ भी नहीं खरीदना है।</p>
<p>घर में देशी गाय से हम प्राकृतिक खेती को कर सकते हैं। गाय के एक ग्राम गोबर में 300 से 500 करोड़ तक जीवाणु होते हैं और छुट्टा जानवरों में इनकी संख्या और अधिक हो जाती है। किसान अगर जैविक खेती करते हैं तो तीन वर्ष के बाद किसानों को अधिक उत्पादन मिलना शुरू हो जायेगा। इस दौरान उन्होंने विवि में चलाए जा रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान की उन्होंने जमकर सराहना की। संगोष्ठी का शुभारंभ सभी अतिथियों ने जल भरो कार्यक्रम के साथ किया। छात्राओं ने विश्वविद्यालय कुलगीत गाकर अतिथियों का स्वागत किया। </p>
<p>इस अवसर पर कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि देशभर में यह पहला विश्वविद्यालय है जिसने एक ही बार में नैक मूल्यांकन में A++  ग्रेड प्राप्त किया है। आज से कुछ समय पहले प्राकृतिक खेती के कारण हमारा देश सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था। हमारे देश में काफी धन संपदा थी और प्राकृतिक उत्पाद विदेशों में जाता रहा। शाही ने कहा कि आज पोषणयुक्त अनाज नहीं खाने से मनुष्य कैंसर, सुगर, थायराइड जैसी कई प्रकार की बीमारियों का शिकार हो रहा है। समय रहते अगर सावधानी नहीं बरती गई तो आने वाली पीढ़ियां खतरें में होंगी। मंत्री शाही ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारें प्राकृतिक खेती के लिए विभिन्न योजनाएं तैयार कर रहीं हैं। बुंदेलखंड को प्राकृतिक खेती का हब बनाने पर तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रीलियन डालर तक पहुंचाने में प्राकृतिक खेती की अहम भूमिका होगी। आज हमारा देश विदेशों को आम और अन्य उत्पाद निर्यात कर रहा है। 40 कुंटल आम अमेरिका भेजा गया है। उन्होंने कहा की कृषि विवि में 10 करोड़ की लागत से आर्गेनिक टेस्टिंग लैब बनेगा जिसमें प्राकृतिक खेती के उत्पादों की टेस्टिंग हो सकेगी। इसके लिए किसानों को दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि अगर देश का प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ अपने देश और एक पेड़ मां के नाम लगाए तो पूरे देश में हरियाली आ जायेगी। छात्र-छात्राओं द्वारा वृहत वृक्षारोपण अभियान को मंत्री ने जमकर सराहा और उन पौधौं की रक्षा करने की भी बात कही।         <br />       अपने स्वागत संबोधन में कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को पहली बार में ही नैक मूल्यांकन में A++  ग्रेड प्राप्त हुआ यही सभी की सामूहिक परिश्रम का परिणाम है। कुलपति ने कहा की विश्वविद्यालय में 10 एकड़ बंजर भूमि पर प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जा रही है। जिस जगह पर कभी जानवर जाने से डरते थे आज वहां फसल लहलहा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हो या शोध एवं प्रसार सभी क्षेत्रों में विश्वविद्यालय ने अभूतपूर्व प्रगति की है। कुलपति ने कहा कि एनआइआरएफ रैंकिंग में आने के बाद विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों का प्रवेश हुआ। अब नैक मूल्यांकन में सर्वोच्च ग्रेड पाने के विदेशी छात्र-छात्राओं की संख्या में तेजी से इजाफा होगा। <br /> इस मौके पर राज्यपाल ने प्राकृतिक खेती एवं अन्य क्षेत्र में काम करने वाले 25 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। समस्त अतिथियों ने प्राकृतिक खेती, शोध एवं प्रसार साहित्य का विमोचन किया।<br />इससे पहले सभी अतिथियों ने नरेंद्र उद्यान पहुंचकर आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया उसके बाद अपनी मां के नाम एवं देश के लिए वृक्षारोपण किया। राज्यपाल एवं मंत्री शाही गौपूजन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इसके बाद राज्यपाल एवं अन्य अतिथिगण मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे जहां किसान मेले में लगे विभिन्न स्टालों का भ्रमण किया।</p>
<p>धन्यवाद ज्ञापन कृषि निदेशक जितेंद्र कुमार तोमर ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सीताराम मिश्रा ने किया। इस मौके पर रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अयोध्या रोली सिंह, किसान, शिक्षक, वैज्ञानिक सहित जिले से पहुंचे अन्य प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jul 2024 18:29:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>देश के 21 राज्यों से 150 शिक्षाविद कल पहुंचेंगे कृषि विश्वविद्यालय आयोजित  बैठक में लेंगे हिस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
<div class="clear">
<div>
<div><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong> आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय  में आज से तीन दिनों तक शिक्षाविदों का जमावड़ा रहेगा। इस बैठक में मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, त्रिपुरा, वेस्ट बंगाल, उड़ीसा, तेलगाना, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली हरियाणा समेत देशभर के</div>
<div>  21 राज्यों से 150 शिक्षाविद कृषि विश्वविद्यालय पहुंचेंगे। यह शिक्षाविद अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की 15 से 17 जून तक चलने वाली बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक कृषि विश्वविद्यालय के हाईटेक हाल में आयोजित किया जाएगा। </div>
<div>विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह के दिशा निर्देशन में  इस बैठक</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142287/150-academicians-from-21-states-of-the-country-will-arrive"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/img-20240614-wa0016.jpg" alt=""></a><br /><div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
<div class="clear">
<div>
<div><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong> आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय  में आज से तीन दिनों तक शिक्षाविदों का जमावड़ा रहेगा। इस बैठक में मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, त्रिपुरा, वेस्ट बंगाल, उड़ीसा, तेलगाना, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली हरियाणा समेत देशभर के</div>
<div> 21 राज्यों से 150 शिक्षाविद कृषि विश्वविद्यालय पहुंचेंगे। यह शिक्षाविद अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की 15 से 17 जून तक चलने वाली बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक कृषि विश्वविद्यालय के हाईटेक हाल में आयोजित किया जाएगा। </div>
<div>विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह के दिशा निर्देशन में  इस बैठक को लेकर प्रसार निदेशालय में अधिकारियों ने तैयारी की समीक्षा बैठक की। कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ आलोक कुमार सिंह, अपने निर्देशक प्रसार डॉ आर आर सिंह एवं वानिकी अधिष्ठाता डॉ संजय पाठक ने अगले तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम से सभी को अवगत कराया।  अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के प्रभारी महेंद्र कुमार ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में शिक्षाविद शिक्षा की पद्धतियों एवं नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा करेंगे।</div>
<div> इसके साथ साथ शिक्षा जगत में आमूलचूल परिवर्तन लाने के लिए सरकार और शिक्षकों के बीच आपसी सामंजस्य बनाने पर भी चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि इस बैठक में विभिन्न प्रांतों से अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष और महामंत्री भी शामिल होंगे।</div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 22:43:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>श्रमिक कृषि विश्वविद्यालय परिवार के महत्वपूर्ण अंग- कुलपति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मिल्कीपुर अयोध्या। </strong>आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मुख्य प्रयोग प्रक्षेत्र पर अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर श्रमिक सम्मान दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विवि के कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने दर्जनभर श्रमिकों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।</p>
<p>  कुलपति ने कहा कि श्रमिक हमारे विश्वविद्यालय परिवार के महत्वपूर्ण अंग हैं। मेहनत एवं परिश्रम से इस विश्वविद्यालय को निरंतर आगे बढ़ाने में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुलपति ने कहा कि श्रमिकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभिन्न फार्मों एवं प्रक्षेत्रों पर कार्य कर रहे अबतक 133 दैनिक श्रमिकों नियुक्ति पत्र<br />वानिकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140757/important-part-of-shramik-university-family-%E2%80%93-vice-chancellor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240501-wa0024.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मिल्कीपुर अयोध्या। </strong>आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मुख्य प्रयोग प्रक्षेत्र पर अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर श्रमिक सम्मान दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विवि के कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने दर्जनभर श्रमिकों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।</p>
<p> कुलपति ने कहा कि श्रमिक हमारे विश्वविद्यालय परिवार के महत्वपूर्ण अंग हैं। मेहनत एवं परिश्रम से इस विश्वविद्यालय को निरंतर आगे बढ़ाने में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुलपति ने कहा कि श्रमिकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभिन्न फार्मों एवं प्रक्षेत्रों पर कार्य कर रहे अबतक 133 दैनिक श्रमिकों नियुक्ति पत्र दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आगे भी बचे श्रमिकों को विनियमित किया जाएगा।<br />वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. संजय पाठक ने कहा कि श्रम दिवस एक विशेष दिन है, जो मजदूरों और श्रम वर्ग को समर्पित है। यह दिन मजदूरों क कड़ी मेहनत को सम्मानित करने का दिन है। डा. पाठक ने कहा कि यह श्रमिक वर्षभर कार्य करके विश्वविद्यालय के स्वरूप को नया - आकार देने का कार्य करते हैं।</p>
<p>सम्मान समारोह कार्यक्रम उ‌द्यान वानिकी महाविद्यालय के फल विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन विभागाध्यक्ष डा. भानुप्रताप ने किया। डा. अशोक कुमार मौर्य ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर विवि के समस्त अधिष्ठाता, निदेशक एवं विश्वविद्यालय के श्रमिक मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 May 2024 22:37:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के लिए ड्रोन- प्रौद्योगिकी का उपयोग लाभदायक, शोध छात्रा- मंजू सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मिल्कीपुर अयोध्या।</strong>कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, किसान भी इसका फायदा उठा रहे हैं। शोध छात्रा मंजू सिंह पी.एच.डी. सस्य विज्ञान आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या ने बताया कि स्काउटिंग से लेकर सुरक्षा तक, ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।</p>
<p>खेतों पर ड्रोन के माध्यम से एकत्र किए गए तथ्यों का उपयोग अक्सर कृषि संबंधी निर्णयों को बेहतर ढंग से सूचित करने के लिए किया जाता है और यह एक मशीन का हिस्सा है जिसे आम तौर पर ‘प्रिसिजन एग्रीकल्चर’ कहा जाता है। आधुनिक किसानों ने कृषि में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140284/use-of-drone-technology-is-beneficial-for-farmers-research-student"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/img-20240413-wa0018.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मिल्कीपुर अयोध्या।</strong>कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, किसान भी इसका फायदा उठा रहे हैं। शोध छात्रा मंजू सिंह पी.एच.डी. सस्य विज्ञान आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या ने बताया कि स्काउटिंग से लेकर सुरक्षा तक, ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।</p>
<p>खेतों पर ड्रोन के माध्यम से एकत्र किए गए तथ्यों का उपयोग अक्सर कृषि संबंधी निर्णयों को बेहतर ढंग से सूचित करने के लिए किया जाता है और यह एक मशीन का हिस्सा है जिसे आम तौर पर ‘प्रिसिजन एग्रीकल्चर’ कहा जाता है। आधुनिक किसानों ने कृषि में निगरानी और पूर्वानुमान के लिए यूएवी जैसे उच्च तकनीकी विकल्पों का उपयोग पहले ही शुरू कर दिया है। ड्रोन फसल की पैदावार, मवेशी स्वास्थ्य, मिट्टी की गुणवत्ता, पोषक तत्वों का आकलन, मौसम और वर्षा पैटर्न और अन्य पहलुओं पर रिकॉर्ड इकट्ठा कर सकते हैं। </p>
<p>सरकार ने किसानों को ड्रोन खरीदने के लिए सब्सिडी की घोषणा की है।किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीओ) को ड्रोन खरीद के लिए 75 प्रतिशत फंड मुहैया कराता है, जिससे किसानों को कृषि कार्य में आसानी हो ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Apr 2024 19:40:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन विभाग एवं कृषि विश्वविद्यालय की आरक्षित भूमि पर दबंग कर रहे अवैध कब्जा, विभागीय अधिकारी मौन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong>  </p>
<p>नगर पंचायत कुमारगंज अंतर्गत बंवा बाजार स्थित वन विभाग एवं कृषि विश्वविद्यालय के खाते में दर्ज सरकारी भूमि पर पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले की शिकायत नगर पंचायत वासी ने तहसील से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से की है किंतु प्रकरण में शिकायतों के बावजूद भी राजस्व प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगर पंचायत कुमारगंज के राजस्व गांव बवां की गाटा संख्या 562, 563, 566, 561 539 वन विभाग के खाते की आरक्षित भूमि है जबकि गाटा संख्या 565 आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136154/illegal-encroachment-on-the-reserved-land-of-forest-department-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/whatsapp-image-2022-05-27-at-2.50.08-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong> </p>
<p>नगर पंचायत कुमारगंज अंतर्गत बंवा बाजार स्थित वन विभाग एवं कृषि विश्वविद्यालय के खाते में दर्ज सरकारी भूमि पर पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले की शिकायत नगर पंचायत वासी ने तहसील से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से की है किंतु प्रकरण में शिकायतों के बावजूद भी राजस्व प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगर पंचायत कुमारगंज के राजस्व गांव बवां की गाटा संख्या 562, 563, 566, 561 539 वन विभाग के खाते की आरक्षित भूमि है जबकि गाटा संख्या 565 आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के नाम दर्ज कागजात है। सरकारी भूमि पर राजस्व कर्मियों की मिली भगत से दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। इसके संबंध में अहमद अली उर्फ कमालू पुत्र जहूर निवासी बवां बाजार द्वारा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पर ऑनलाइन शिकायत की गई थी।</p>
<p>शिकायत के निस्तारण में वन विभाग एवं आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के संपत्ति संरक्षण अधिकारी द्वारा यह उल्लेखित किया गया कि उक्त भूमिका पैमाइश हेतु उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर को पत्र लिखा गया है। बीते 19अगस्त को ऑनलाइन शिकायत के निस्तारण में आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा हीला हवाली की गई। स्पष्ट मंतव्य किसी भी अधिकारी द्वारा नहीं प्रदर्शित किया गया। किसी अधिकारी द्वारा यह भी नहीं गया कि उक्त सभी भूमि पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण है।</p>
<p>इतना ही नहीं पुनः अवधेश सिंह पुत्र राम सहाय निवासी ग्राम बंवा शिकायत संख्या 400177233737 दिनांक 18 सितम्बर को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायती प्रार्थना पत्र देकर यह पूछा गया कि उक्त सभी भूमि पर किन-किन लोगों का अवैध कब्जा है। कृपया नाम डिटेल बताने का कष्ट करें। जिसमें राजस्व लेखपाल द्वारा आख्या रिपोर्ट दी गई है कि उक्त भूमि के अवैध कब्जे पर राजस्व विभाग द्वारा कोई विधिक करवाई किया जाना संभव नहीं है।</p>
<p>शिकायतकर्ता ने अवैध कब्जा व अतिक्रमण को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की मिली भगत मान लिया है और प्रदेश के मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण ड्रीम प्रोजेक्ट जनसुनवाई पोर्टल की शिकायत को मजाक बना दिया है। क्योंकि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मामले में कोई प्रभावी कार्यवाही न करते हुए केवल पत्राचार किया जा रहा है। इस प्रकार से अब शिकायतकर्ता का अधिकारियों की कार्यशैली से विश्वास उठता नजर आ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Oct 2023 18:01:16 +0530</pubDate>
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                <title>उप कृषि निदेशक ने चौपाल लगाकर सैकड़ों किसानों को पूसा डिकम्पोजर का निःशुल्क वितरण किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मिल्कीपुर अयोध्या।</strong></p>
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<p><strong> </strong>मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत तिंदौली, मवई कला में किसानों को सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक डॉ संजय त्रिपाठी ने किसानों को पराली न जलाने की सलाह देते हुए पराली को खेत में ही सड़ा देने के फायदों की विस्तृत जानकारी दी।</p>
<p><br />कृषि निदेशक ने किसानों से कहा कि कंबाइंड मशीन से धान की कटाई करवाते हैं तो सुपर सीडर मशीन से गेहूं की बुवाई करें इससे लागत भी कम लगेगी और पैदावार भी अच्छी होंगी और लागत भी बहुत कम आयेगी। इतना ही नही उन्होंने किसानों को पूसा डिकम्पोजर का निःशुल्क</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135937/deputy-agriculture-director-organized-a-chaupal-and-distributed-free-pusa"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/img-20231015-wa0039.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मिल्कीपुर अयोध्या।</strong></p>
<p> </p>
<p><strong> </strong>मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत तिंदौली, मवई कला में किसानों को सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक डॉ संजय त्रिपाठी ने किसानों को पराली न जलाने की सलाह देते हुए पराली को खेत में ही सड़ा देने के फायदों की विस्तृत जानकारी दी।</p>
<p><br />कृषि निदेशक ने किसानों से कहा कि कंबाइंड मशीन से धान की कटाई करवाते हैं तो सुपर सीडर मशीन से गेहूं की बुवाई करें इससे लागत भी कम लगेगी और पैदावार भी अच्छी होंगी और लागत भी बहुत कम आयेगी। इतना ही नही उन्होंने किसानों को पूसा डिकम्पोजर का निःशुल्क वितरण कर प्रयोग करने के बारे में जानकारी दी।</p>
<p><br />उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत कृषि समिति द्वारा खरीदें गए कृषि यंत्रों को किसान उपयोग करें और ग्राम कृषि समिति के सदस्यों को ट्रैक्टर भी खरीदने की सलाह देते हुए कहा कि इससे गांव के किसानों को बहुत ही लाभ मिलेगा कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता हैं।</p>
<p><br />उप कृषि निदेशक ने किसानों को जागरूक करते हुए कहा कि पराली जलाने से खेत की मिट्टी इन अवशेषों में पाये जाने वाले महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से वंचित रह जाते हैं। पराली किसान न जलाए और उनकी खेतों की समय से बुवाई हो, इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई सुपर सीडर से करने की सलाह दे रहे हैं।</p>
<p>किसानों के लिए सुपर सीडर मशीन वरदान की तरह है। इस मशीन के इस्तेमाल से धान की कटाई के बाद खेत में फैले धान के अवशेषों को जलाने की ज़रूरत नहीं होती। सुपर सीडर से धान की ठूंठ को ज़मीन में काटकर उसकी बुआई कर अगली फसल ली जाती है। इसके अलावा, मिट्टी की सेहत में भी सुधार होता है और खाद का खर्च भी कम आता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Oct 2023 19:46:05 +0530</pubDate>
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