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                <title>Convocation ceremony - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Convocation ceremony RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बस्ती का बढ़ा मान: पत्रकार राहुल सिंह के छोटे भाई विशाल ने बी.फार्मा में प्रथम श्रेणी व विशेष योग्यता के साथ रचा सफलता का नया इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जनपद बस्ती के होनहार छात्र एवं पत्रकार राहुल सिंह के छोटे भाई विशाल ने शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वर्ष 2026 में उन्होंने बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी.फार्मा) की परीक्षा प्रथम श्रेणी एवं विशेष योग्यता के साथ उत्तीर्ण कर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल ने यह उपाधि Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University से प्राप्त की। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें डिग्री प्रदान की गई। यह सम्मान Anandiben Patel की गरिमामयी उपस्थिति में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182928/honor-of-basti-increased-journalist-rahul-singhs-younger-brother-vishal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0080.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जनपद बस्ती के होनहार छात्र एवं पत्रकार राहुल सिंह के छोटे भाई विशाल ने शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्ष 2026 में उन्होंने बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी.फार्मा) की परीक्षा प्रथम श्रेणी एवं विशेष योग्यता के साथ उत्तीर्ण कर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल ने यह उपाधि Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University से प्राप्त की। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें डिग्री प्रदान की गई। यह सम्मान Anandiben Patel की गरिमामयी उपस्थिति में तथा Ashish Patel के हाथों प्रदान किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल की सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन का परिणाम मानी जा रही है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि लगन, समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि बस्ती जनपद के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों ने बताया कि विशाल बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं और अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करते रहे। शिक्षकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह फार्मेसी के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देकर समाज और देश का नाम रोशन करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल की इस शानदार सफलता पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवा न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे बस्ती जनपद का गौरव बढ़ाते हैं।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:13:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>37 टॉपर्स को राज्यपाल के हाथों आज मिलेगा गोल्ड मेडल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>  स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782656585168.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में एक राज्य विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में विश्वविद्यालय से छह जिलों (सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर) के संबद्ध 289 महाविद्यालयों के माध्यम से लगभग दो लाख विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है।  शिक्षाविदों का कहना है कि यह उपलब्धि केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का आंकड़ा नहीं है बल्कि उस सामाजिक बदलाव का भी संकेत है, जिसकी उम्मीद विश्वविद्यालय की स्थापना के समय की गई थी। जिन क्षेत्रों में कभी उच्च शिक्षा तक पहुंच सीमित थी, वहां की बेटियां आज विश्वविद्यालय की मेधा सूची में सबसे आगे खड़ी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> तराई और सीमावर्ती जिलों में लंबे समय तक उच्च शिक्षा के अवसर सीमित रहे। आर्थिक स्थिति, दूरी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाविद्यालयों के विस्तार ने इस स्थिति में बदलाव लाने का काम किया। अब छात्राओं को घर के नजदीक ही स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर तक पढ़ाई का अवसर मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षकों का कहना है कि पिछले वर्षों में छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। इसका परिणाम अब स्वर्ण पदकों और शैक्षणिक उपलब्धियों के रूप में सामने आ रहा है। 37 में 28 स्वर्ण पदक छात्राओं को मिलना इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 21:39:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दिव्यांग विद्यार्थियों हेतु डिजिटल रीडिंग मशीन एवं किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण करेंगी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आगामी 29 जून, 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल द्वारा विश्वविद्यालय में नवस्थापित केंद्रीय डिजिटल लाइब्रेरी में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा हेतु स्थापित डिजिटल रीडिंग मशीन तथा किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में पुस्तकालय प्रभारी डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में विकसित किया गया है। इसमें दिव्यांग विद्यार्थियों के पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए कीबोर्ड सॉफ्टवेयर एवं अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीन की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182169/chancellor-anandiben-patel-will-inaugurate-digital-reading-machine-and-kilkari"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782570686719-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आगामी 29 जून, 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल द्वारा विश्वविद्यालय में नवस्थापित केंद्रीय डिजिटल लाइब्रेरी में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा हेतु स्थापित डिजिटल रीडिंग मशीन तथा किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में पुस्तकालय प्रभारी डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में विकसित किया गया है। इसमें दिव्यांग विद्यार्थियों के पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए कीबोर्ड सॉफ्टवेयर एवं अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीन की व्यवस्था की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मशीन के माध्यम से किसी भी पुस्तक को स्कैन कर उसे 100 से अधिक भाषाओं में अनुवादित किया जा सकता है। अनुवादित सामग्री को वॉइस सुविधा के माध्यम से सुना भी जा सकता है, जो विशेष रूप से दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दशम दीक्षांत समारोह की तैयारियों के क्रम में आज विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का पूर्ण एवं व्यवस्थित पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) भी किया गया। इस वर्ष समारोह स्थल में परिवर्तन किए जाने के कारण पूर्वाभ्यास विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। पूर्वाभ्यास के दौरान मंच संचालन, अतिथियों के आगमन, पदक एवं उपाधि वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा समस्त व्यवस्थाओं का क्रमबद्ध अभ्यास किया गया, जिससे समारोह का सफल एवं गरिमामय आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 21:45:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्च शिक्षा के लक्ष्य की प्राप्ति में मुक्त विश्वविद्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण- राज्यपाल</title>
                                    <description><![CDATA[28 हजार से अधिक शिक्षार्थियों को मिली उपाधि।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155298/the-role-of-free-university-is-important-in-achieving-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/1001294652.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> उ0प्र0 राजर्षि टण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज का 20वां दीक्षान्त समारोह  सरस्वती परिसर स्थित अटल प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। दीक्षान्त समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की  राज्यपाल एवं कुलाधिपति  आनंदीबेन पटेल ने की। राज्यपाल आनंदी पटेल ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि उच्च शिक्षा के लक्ष्य की प्राप्ति में मुक्त विश्वविद्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण है। समाज के कम से कम 50 प्रतिशत युवाओं की पहुंच उच्च शिक्षा तक होनी चाहिए। इसमें मुक्त विश्वविद्यालय को अतिरिक्त प्रयास करने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय यह कार्य अपने क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से पूरा कर सकता है। दूरस्थ शिक्षा की गुणवत्ता के लिए ऑनलाइन सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर राज्यपाल ने बिगड़ते पर्यावरण पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय बेरुई के बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर दी गई प्रस्तुति की सराहना की।</div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/1001294654.jpg" alt="1001294654" width="1160" height="652"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> महिलाओं बढ़ते सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी वैक्सीनेशन की मुहिम के लिए जन सहभागिता की अपील की। राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि उन्होंने प्रदेश की महिलाओं को कैंसर से बचाव के लिए जो मुहिम चलाई है उसमें प्रशासनिक अधिकारी अपना सहयोग प्रदान करें। मुख्य अतिथि प्रोफेसर उमा कांजीलाल, कुलपति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने आभासी रूप में दीक्षान्त भाषण देते हुए कहा कि इस समय युवा ही विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके लिए युवाओं को अपनी समस्त ऊर्जा का उपयोग देश के विकास के लिए करना चाहिए। प्रोफेसर कांजीलाल ने कहा कि इस दौर में भारत अंतरिक्ष विज्ञान, कृषि, सुरक्षा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है। हमें भी इसमें अपना योगदान देना है। वर्तमान में  ओडीडी एल, कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग एवं ऑनलाइन टीचिंग लर्निंग आदि शिक्षा के विस्तार और पहुंच को सुनिश्चित करने वाले प्रभावी और महत्वपूर्ण माध्यम उपलब्ध हैं। इन माध्यमों का प्रयोग करके हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों की प्राप्ति में महती भूमिका अदा कर सकते हैं। यह नीति भारतीय मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान के समावेश के साथ-साथ आधुनिकता और नवाचार को भी प्रोत्साहित करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/1001294653.jpg" alt="1001294653" width="1280" height="853"></img></div>
<div style="text-align:justify;">  20वें दीक्षान्त समारोह में विभिन्न विद्याशाखाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षार्थियों को 27 स्वर्ण पदक प्रदान किये गये, जिनमें 15 स्वर्ण पदक छात्राओं तथा 12 स्वर्ण पदक छात्रों ने प्राप्त किए। दीक्षान्त समारोह में सत्र दिसम्बर-2024 तथा जून-2025 की परीक्षा के सापेक्ष उत्तीर्ण 28421 शिक्षार्थियों को उपाधि प्रदान की गयी, जिसमें 17268 पुरूष, 1 ट्रांस्जेंडर तथा 11152 महिला शिक्षार्थी हैं। इस अवसर पर उपाधियों एवं अंकपत्रों को डिजीलॉकर में अपलोड कर प्रसारित किया गया। 20वें दीक्षान्त समारोह में कुलाधिपति स्वर्ण पदक मा0 राज्यपाल महोदया ने क्षेत्रीय केंद्र अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक विज्ञान की छात्रा सुश्री उमा यादव को दिया। सुश्री उमा ने बी.एस.सी. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की तथा वे समस्त विद्याशाखाओं की स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षाओं में उत्तीर्ण समस्त स्नातक एवं परास्नातक शिक्षार्थियों में सर्वश्रेष्ठ रहीं।</div>
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<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही  राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक इस बार स्नातकोत्तर वर्ग में विद्याशाखाओं के 07 टापर्स को दिए। जिसमें मानविकी विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध एम.ए. (संस्कृत) की छात्रा सविता प्रजापति, समाज विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक प्रयागराज क्षेत्रीय केंद्र से सम्बद्ध एम.ए. (राजनीति विज्ञान) के छात्र आदित्य तिवारी , प्रबन्धन अध्ययन विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज से सम्बद्ध एम.बी.ए. की छात्रा सृष्टि यादव, कंप्यूटर एवं सूचना विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक प्रयागराज क्षेत्रीय केन्द्र से सम्बद्ध एम.सी.ए. के छात्र सुश्रुत कुमार पाण्डेय, शिक्षा विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध एम.ए. (शिक्षाशास्त्र) के छात्र गिरजा शंकर, विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, आगरा से सम्बद्ध एम.एस.सी. (जैव रसायन) के छात्र सोमेश भारद्वाज, स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ से सम्बद्ध एम0एस0सी0 (फूड एण्ड न्यूट्रीशन) की छात्रा नेहा कनौजिया प्रमुख रहीं।</div>
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<div style="text-align:justify;"> मा0 राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने स्नातक वर्ग में भी विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक विद्याशाखाओं के 07 टापर्स को दिये, जिसमें मानविकी विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ  से सम्बद्ध स्नातक (बी0ए0) के छात्र राजकमल नन्दा, समाज विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक (बी0ए0) के छात्र उत्कर्ष पाण्डेय, प्रबन्धन अध्ययन विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, आजमगढ़ से सम्बद्ध स्नातक (बी0कॉम0) के छात्र प्रदुम्न चौहान, कम्प्यूटर एवं सूचना विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक (बी0सी0ए0) के छात्र सूरज कुमार, शिक्षा विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक (बी0एड0) की छात्रा श्वेता सिंह, विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक (बी0एस0सी0) की छात्रा उमा यादव, स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, झांसी से सम्बद्ध स्नातक (बी.एस.सी. ह्यूमन न्यूट्रीशन) की छात्रा हुमैरा हलीम प्रमुख रहीं।</div>
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<div style="text-align:justify;"> दीक्षांत समारोह में  राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने 12 मेधावी शिक्षार्थियों को दानदाता स्वर्ण पदक से सम्मानित किया, जिनमें बाबू ओमप्रकाश गुप्त स्मृति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध बी0एड0 की छात्रा श्वेता सिंह, जोहरा अहमद मिर्जा स्मृति स्वर्ण पदक प्रयागराज क्षेत्रीय केन्द्र से सम्बद्ध एम.सी.ए. की छात्रा अंकिता कुमारी, श्री कैलाशपत नेवेटिया स्मृति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र से सम्बद्ध एम.बी.ए. की छात्रा सृष्टि यादव, स्व0 अनिल मीना चक्रवर्ती स्मृति स्वर्ण पदक स्नातक वर्ग में क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या़ से सम्बद्ध स्नातक कला के छात्र उत्कर्ष पाण्डेय, स्व0 अनिल मीना चक्रवर्ती स्मृति स्वर्ण पदक स्नातकोत्तर वर्ग में क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज से सम्बद्ध एम.ए. (राजनीति विज्ञान) के छात्र आदित्य तिवारी, प्रो. एम. पी. दुबे पर्यावरण/गांधी चिन्तन एवं शान्ति अध्ययन उत्कृष्टता स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक कला के छात्र उत्कर्ष पाण्डेय, प्रो. एम. पी. दुबे दिव्यांग मेधा स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध बी0एड0 की दामिनी सिंह, महान राष्ट्रकवि श्रद्धेय पं0 सोहन लाल द्विवेदी स्मृति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध एम0ए0 (हिन्दी) के छात्र रत्नेश द्विवेदी, स्वर्गीय प्रो. सुशील प्रकाश गुप्ता स्मृति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध बी. एड. की छात्रा श्वेता सिंह, श्री संतोष कुमार दीक्षित स्मृति स्वर्ण पदक महिला वर्ग में क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज से सम्बद्ध एम0बी0ए0 की छात्रा सृष्टि यादव, स्व0 श्रीमती चारूल पाण्डेय स्मृति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ से सम्बद्ध स्नातकोत्तर (फूड एण्ड न्यूट्रीशन) की छात्रा नेहा कनौजिया तथा स्व0 डॉ0 मुरली धर तिवारी स्मृति स्वर्णपदक क्षेत्रीय केन्द्र, अयोध्या से सम्बद्ध बी0एस0सी0 (स्नातक विज्ञान) की छात्रा उमा यादव प्रमुख रहीं।</div>
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<div style="text-align:justify;">      इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर श्र उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, विधायक गुरु प्रसाद मौर्य,  बाबूलाल तिवारी, कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार सिंह, पूर्व कुलपति प्रोफेसर पृथ्वीश नाग, महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरि टीना मां, इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक  राजेश प्रसाद, उपेंद्र सिंह एवं जिला प्रशासन के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।</div>
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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 17:07:48 +0530</pubDate>
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