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                <title>IAS Officer - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>IAS Officer RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>IAS Success Story: संघर्ष और मेहनत की मिसाल है IAS ममता यादव, दो बार पास की UPSC परीक्षा </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">IAS Success Story: हर किसी की जिंदगी में सपने होते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो विपरीत हालातों से लड़कर अपने सपनों को साकार कर दिखाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है हरियाणा के छोटे से गांव बसई की रहने वाली ममता यादव की, जिन्होंने कड़ी मेहनत, धैर्य और लगातार प्रयासों के बल पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (</span><span class="cf1">IAS) </span><span class="cf0">में जगह बनाई। उनकी सफलता आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो साधारण परिवार से आते हैं लेकिन बड़े सपने देखते हैं।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सीमित संसाधन, लेकिन सपने बड़े</span></strong></p>
<p><span class="cf0">ममता यादव का सफर आसान नहीं रहा। गांव</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164939/ias-success-story-ias-mamta-yadav-is-an-example-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/ias-mamta-yadav.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">IAS Success Story: हर किसी की जिंदगी में सपने होते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो विपरीत हालातों से लड़कर अपने सपनों को साकार कर दिखाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है हरियाणा के छोटे से गांव बसई की रहने वाली ममता यादव की, जिन्होंने कड़ी मेहनत, धैर्य और लगातार प्रयासों के बल पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (</span><span class="cf1">IAS) </span><span class="cf0">में जगह बनाई। उनकी सफलता आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो साधारण परिवार से आते हैं लेकिन बड़े सपने देखते हैं।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सीमित संसाधन, लेकिन सपने बड़े</span></strong></p>
<p><span class="cf0">ममता यादव का सफर आसान नहीं रहा। गांव का माहौल, सीमित संसाधन और देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी</span><span class="cf2">—</span><span class="cf0">इन सभी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहीं ममता के मन में कुछ बड़ा करने की चाह थी। उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें आईएएस अधिकारी बनना है और इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार चार साल तक यूपीएससी की तैयारी की।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">दिल्ली से हुई पढ़ाई, यहीं पक्का हुआ </span><span class="cf1">IAS </span><span class="cf0">बनने का सपना</span></strong></p>
<p><span class="cf0">ममता की शुरुआती शिक्षा दिल्ली के बलवंत राय मेहता स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों में ही उनके मन में सिविल सेवा में जाने का सपना पूरी तरह स्पष्ट हो गया था, जिसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।</span></p>
<p><span class="cf0">साल 2019 में ममता ने पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की। उस समय उनकी ऑल इंडिया रैंक 556 आई थी। यह एक बड़ी उपलब्धि जरूर थी, लेकिन इस रैंक पर उन्हें आईएएस सेवा नहीं मिल पाई। जहां कई उम्मीदवार इस मोड़ पर रुक जाते हैं, वहीं ममता ने इसे असफलता नहीं, बल्कि सीख माना और खुद को और बेहतर बनाने का फैसला किया।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">दूसरी कोशिश में मिली शानदार कामयाबी</span></strong></p>
<p><span class="cf0">अगले साल ममता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी। इस बार उनका आत्मविश्वास कहीं ज्यादा मजबूत था और तैयारी पहले से कहीं अधिक सटीक। उन्होंने पूरे समर्पण के साथ पढ़ाई की और हर दिन खुद को बेहतर बनाने पर काम किया। नतीजा यह रहा कि उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 5 हासिल की। यह न सिर्फ उनकी निजी जीत थी, बल्कि पूरे गांव और परिवार के लिए गर्व का क्षण बन गया। ममता अपने गांव की पहली </span><span class="cf1">IAS </span><span class="cf0">अधिकारी बनीं।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">कड़ी मेहनत और सही रणनीति को देती हैं सफलता का श्रेय</span></strong></p>
<p><span class="cf0">ममता यादव वर्तमान में </span><span class="cf1">AGMUT </span><span class="cf0">कैडर की </span><span class="cf1">IAS </span><span class="cf0">अधिकारी हैं। एक छोटे से गांव से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे कोई बाधा टिक नहीं सकती। ममता अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, सही रणनीति और अनुशासन को देती हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी पर भी बराबर ध्यान दिया। वह रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं, जबकि परीक्षा के नजदीक यह समय 10 से 12 घंटे तक पहुंच जाता था। ममता ने </span><span class="cf1">NCERT </span><span class="cf0">की किताबों को अपनी तैयारी की नींव बनाया और इसके साथ जरूरी स्टैंडर्ड बुक्स व नोट्स का सहारा लिया।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">युवाओं के लिए प्रेरणा बनी ममता यादव</span></strong></p>
<p><span class="cf0">ममता यादव की कहानी यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो साधारण पृष्ठभूमि भी असाधारण सफलता की राह में बाधा नहीं बनती। उनकी सफलता आज देशभर के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो आईएएस बनने का सपना देखते हैं।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 12:02:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: गरीबी से लड़कर IAS बना ये लड़का, संघर्ष भरी कहानी सुन आ जाएंगे आंसू </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। UP के बुलंदशहर के एक छोटे से कस्बे के रहने वाले पवन कुमार ने यूपीएससी परीक्षा पास कर IAS बने। पवन कुमार का बचपन छप्पर से बनी छत के कच्चे मकान में बीता। उनके जीवन की शुरुआत ही मुश्किलों से भरी थी और इन्हीं से गुजरकर वह एक IAS अधिकारी बने।</p>
<p><strong>मुकेश और किसान पिता के सपने</strong><br />पवन के पिता किसान थे और चाहते थे उनका बेटा कोई अच्छी नौकरी करके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163841/ias-success-story-this-boy-became-an-ias-after-fighting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/ias-success-story-(12).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। UP के बुलंदशहर के एक छोटे से कस्बे के रहने वाले पवन कुमार ने यूपीएससी परीक्षा पास कर IAS बने। पवन कुमार का बचपन छप्पर से बनी छत के कच्चे मकान में बीता। उनके जीवन की शुरुआत ही मुश्किलों से भरी थी और इन्हीं से गुजरकर वह एक IAS अधिकारी बने।</p>
<p><strong>मुकेश और किसान पिता के सपने</strong><br />पवन के पिता किसान थे और चाहते थे उनका बेटा कोई अच्छी नौकरी करके परिवार का सहारा बने। यूपीएससी की तैयारी करते हुए पवन ने अपना हौंसला कम नहीं होने दिया। उनका एक ही लक्ष्य था IAS बनकर समाज सेवा करना।</p>
<p><strong>परिवार ने जोड़े पैसे</strong><br />पवन के अंदर पढ़ाई की ललक को देखते हुए पिता ने मजदूरी करके पढ़ाया। बुलंदशहर जिले के रघुनाथ गांव के रहने वाले पवन के पिता मुकेश मनरेगा में मजदूर और एक गरीब किसान रहे हैं। वह किसानी के साथ मजदूरी करके किसी तरह से परिवार पालते हैं।</p>
<p><strong>कम नहीं होने दी अपनी लगन</strong></p>
<p>पवन ने अपने मन में सिविल सेवा का सपना पूरे करने का निश्चय कर चुके थे। UPSC में उनकी मेहनत रंग लाई और वे अच्छ नंबरों से पास होकर आईएएस अफसर बन गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 10:55:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: राजस्थान के छोटे से गांव की बेटी बनीं IAS अफसर, ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ की है असली मिसाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: हर साल लाखों छात्र UPSC की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन कुछ ही लोग होते हैं जो इस चुनौती को पार कर पाते हैं। ऐसे ही चुनिंदा लोगों में शामिल हैं फराह हुसैन, जिन्होंने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन से यह कठिन परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।</p>
<h3><strong>राजस्थान के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर</strong></h3>
<p>फराह हुसैन का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिले के नावां गांव में हुआ। एक ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं जहाँ शिक्षा और सेवा को प्राथमिकता दी जाती है। उनका परिवार सचमुच एक “सपनों के अफसर परिवार” है—इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163435/ias-success-story-daughter-from-a-small-village-of-rajasthan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/news-2025-06-04t103553.871-780x470-(1).webp" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: हर साल लाखों छात्र UPSC की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन कुछ ही लोग होते हैं जो इस चुनौती को पार कर पाते हैं। ऐसे ही चुनिंदा लोगों में शामिल हैं फराह हुसैन, जिन्होंने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन से यह कठिन परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।</p>
<h3><strong>राजस्थान के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर</strong></h3>
<p>फराह हुसैन का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिले के नावां गांव में हुआ। एक ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं जहाँ शिक्षा और सेवा को प्राथमिकता दी जाती है। उनका परिवार सचमुच एक “सपनों के अफसर परिवार” है—इस घर में 3 IAS, 1 IPS और 5 RAS अधिकारी हैं। यानी कुल 9 सदस्य उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जो यह दर्शाता है कि सेवा का जज़्बा उनके खून में है।</p>
<p>फराह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई झुंझुनू में की थी और उनका पहला सपना था डॉक्टर बनने का। लेकिन समय के साथ उनकी रुचि कानून और समाज सेवा की ओर बढ़ने लगी। उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की और क्रिमिनल वकील के तौर पर काम भी किया। मगर उनके भीतर कहीं न कहीं देश सेवा की भावना और एक बड़ा जिम्मा निभाने की चाह जिंदा रही।</p>
<h3><strong>दूसरे प्रयास में मिली सफलता</strong></h3>
<p>जब फराह ने UPSC की तैयारी शुरू की, तो पहली बार में उन्हें सफलता नहीं मिली। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दूसरे प्रयास में, साल 2016 में, मात्र 26 साल की उम्र में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 267 हासिल की।</p>
<h3><strong>परिवार का रहा अहम योगदान</strong></h3>
<p>फराह की कामयाबी में उनके परिवार का बड़ा हाथ रहा। उनके माता-पिता ने उन्हें कभी सीमाओं में नहीं बाँधा, बल्कि हमेशा बड़ा सोचने और संघर्ष करने की प्रेरणा दी। यही वजह है कि आज फराह अपने गांव की बेटियों और देशभर की लड़कियों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/163435/ias-success-story-daughter-from-a-small-village-of-rajasthan</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 12:59:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: क्लासिकल म्यूजिक से UPSC तक का सफर, पल्लवी मिश्रा बिना कोचिंग बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0"></span></p>
<p><span class="cf0">IAS Success Story: भोपाल की रहने वाली पल्लवी मिश्रा ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। पिता वकील, मां साइंटिस्ट और भाई आईपीएस</span><span class="cf1">—</span><span class="cf0">ऐसे परिवार से आने वाली पल्लवी ने भी अपनी मेहनत और लगन से देश की सेवा का रास्ता चुना। क्लासिकल म्यूजिक में मास्टर्स और लॉ की डिग्री लेने के बाद उन्होंने न केवल </span><span class="cf2">UPSC </span><span class="cf0">की चुनौती स्वीकार की, बल्कि ऑल इंडिया रैंक 73 हासिल कर </span><span class="cf2">IAS </span><span class="cf0">अधिकारी बन गईं। पल्लवी </span><span class="cf2">AGMUT </span><span class="cf0">कैडर की 2023 बैच की अधिकारी हैं और फिलहाल जम्मू के मढ़ में एसडीएम के रूप में सेवाएं</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162332/ias-success-story-journey-from-classical-music-to-upsc-pallavi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/4262963-pallavi-mishra-ias-7.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0"></span></p>
<p><span class="cf0">IAS Success Story: भोपाल की रहने वाली पल्लवी मिश्रा ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। पिता वकील, मां साइंटिस्ट और भाई आईपीएस</span><span class="cf1">—</span><span class="cf0">ऐसे परिवार से आने वाली पल्लवी ने भी अपनी मेहनत और लगन से देश की सेवा का रास्ता चुना। क्लासिकल म्यूजिक में मास्टर्स और लॉ की डिग्री लेने के बाद उन्होंने न केवल </span><span class="cf2">UPSC </span><span class="cf0">की चुनौती स्वीकार की, बल्कि ऑल इंडिया रैंक 73 हासिल कर </span><span class="cf2">IAS </span><span class="cf0">अधिकारी बन गईं। पल्लवी </span><span class="cf2">AGMUT </span><span class="cf0">कैडर की 2023 बैच की अधिकारी हैं और फिलहाल जम्मू के मढ़ में एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रही हैं।</span></p>
<p><span class="cf0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/4262961-pallavi-mishra-ias-5.jpg" alt="4262961-pallavi-mishra-ias-5" width="800" height="600"></img></span></p>
<p><span class="cf0">14 </span><span class="cf1">अक्टूबर</span><span class="cf1"> 1997 </span><span class="cf1">को</span> <span class="cf1">भोपाल</span> <span class="cf1">में</span> <span class="cf1">जन्मीं</span> <span class="cf1">पल्लवी</span> <span class="cf1">ने</span> <span class="cf1">प्रारंभिक</span> <span class="cf1">पढ़ाई</span> <span class="cf1">वहीं</span> <span class="cf1">से</span> <span class="cf1">की</span><span class="cf1">। </span><span class="cf1">बाद</span> <span class="cf1">में</span> <span class="cf1">वह</span> <span class="cf1">दिल्ली</span> <span class="cf1">पहुंचीं</span> <span class="cf1">और</span> <span class="cf1">नेशनल</span> <span class="cf1">लॉ</span> <span class="cf1">यूनिवर्सिटी</span> <span class="cf1">से</span> <span class="cf1">अपनी</span> <span class="cf1">लॉ</span> <span class="cf1">की</span><span class="cf1"> डिग्री पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें संगीत का भी गहरा शौक था। इसी जुनून ने उन्हें </span><span class="cf1">क्लासिकल</span> <span class="cf1">म्यूजिक</span><span class="cf1"> में </span><span class="cf1">मास्टर्स</span><span class="cf1"> करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पंडित </span><span class="cf1">सिद्धराम</span><span class="cf1"> स्वामी </span><span class="cf1">कोरवर</span><span class="cf1"> से संगीत की विशेष शिक्षा प्राप्त की।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">बिना </span><span class="cf1">कोचिंग</span><span class="cf1"> पास की </span><span class="cf0">UPSC </span><span class="cf1">परीक्षा</span></strong></p>
<p><span class="cf1">कानून और संगीत दोनों में सफल होने के बावजूद </span><span class="cf1">पल्लवी</span><span class="cf1"> के मन में देश की सेवा की गहरी इच्छा थी। यही कारण रहा कि उन्होंने बिना </span><span class="cf1">कोचिंग</span> <span class="cf0">UPPSC </span><span class="cf1">परीक्षा देने का निर्णय लिया। पहला प्रयास असफल रहा, लेकिन </span><span class="cf1">पल्लवी</span><span class="cf1"> ने हार न मानते हुए अपनी </span><span class="cf1">गलतियों</span><span class="cf1"> का विश्लेषण किया, खासतौर पर निबंध लेखन पर ध्यान बढ़ाया। दूसरे प्रयास में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए </span><span class="cf0">AIR 73 </span><span class="cf1">हासिल</span><span class="cf1"> की और </span><span class="cf0">IAS </span><span class="cf1">बन गईं।</span></p>
<p><span class="cf1"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/4262962-pallavi-mishra-ias-6.jpg" alt="4262962-pallavi-mishra-ias-6" width="800" height="600"></img><br /></span></p>
<p><strong><span class="cf1">परिवार का मजबूत </span><span class="cf1">सहयोग</span></strong></p>
<p><span class="cf1">पल्लवी</span> <span class="cf1">मिश्रा</span><span class="cf1"> एक ऐसे परिवार से आती हैं </span><span class="cf1">जहाँ</span><span class="cf1"> शिक्षा और सेवा दोनों को प्राथमिकता दी जाती है। </span><span class="cf1">उनके </span><span class="cf1">पिता अजय </span><span class="cf1">मिश्रा</span> <span class="cf1">वरिष्ठ वकील </span><span class="cf1">हैं </span><span class="cf1">और</span> <span class="cf1">मां </span><span class="cf1">डॉ</span><span class="cf1">. </span><span class="cf1">रेनू</span> <span class="cf1">मिश्रा</span> <span class="cf1">साइंटिस्ट</span> <span class="cf1">हैं। </span><span class="cf1">बड़े भाई आदित्य </span><span class="cf1">मिश्रा</span> <span class="cf0">2018 </span><span class="cf1">बैच</span><span class="cf1"> के </span><span class="cf0">IPS </span><span class="cf1">अधिकारी </span><span class="cf1">है</span><span class="cf1"> जिन्हें दो </span><span class="cf1">गैलेंट्री</span> <span class="cf1">अवॉर्ड</span><span class="cf1"> भी मिल चुके हैं</span><span class="cf1">।</span></p>
<p><span class="cf1"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/4262963-pallavi-mishra-ias-7.jpg" alt="4262963-pallavi-mishra-ias-7" width="800" height="600"></img></span></p>
<p><span class="cf0">IAS </span><span class="cf1">बनने के बाद </span><span class="cf1">पल्लवी</span><span class="cf1"> को </span><span class="cf0">AGMUT </span><span class="cf1">कैडर</span><span class="cf1"> आवंटित हुआ। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने </span><span class="cf1">नॉर्थ</span><span class="cf1"> गोवा में </span><span class="cf1">असिस्टेंट</span><span class="cf1"> कलेक्टर के पद पर कार्य किया और वर्तमान में </span><span class="cf1">एसडीएम</span><span class="cf1"> मढ़ (जम्मू) के </span><span class="cf1">रूप</span><span class="cf1"> में काम </span><span class="cf1">कर</span><span class="cf1"> रही हैं।</span></p>
<p><span class="cf1">सोशल</span><span class="cf1"> मीडिया पर भी </span><span class="cf1">पल्लवी</span><span class="cf1"> काफी सक्रिय रहती हैं। </span><span class="cf1">इंस्टाग्राम</span><span class="cf1"> पर उनके 89 हजार से अधिक </span><span class="cf1">फॉलोअर्स</span><span class="cf1"> हैं। वह पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य के </span><span class="cf1">मुद्दों</span><span class="cf1"> पर विशेष रुचि रखती हैं। </span><span class="cf1">हाल</span><span class="cf1"> ही में उन्होंने </span><span class="cf1">जम्मू</span><span class="cf1"> के मढ़ तहसील में ‘सेवा पर्व 2025’ के तहत सामूहिक स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/162332/ias-success-story-journey-from-classical-music-to-upsc-pallavi</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 10:48:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: राजस्थान के छोटे से गांव की बेटी बनीं IAS अफसर, ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ की है असली मिसाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: हर साल लाखों छात्र UPSC की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन कुछ ही लोग होते हैं जो इस चुनौती को पार कर पाते हैं। ऐसे ही चुनिंदा लोगों में शामिल हैं फराह हुसैन, जिन्होंने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन से यह कठिन परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।</p>
<h3><strong>राजस्थान के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर</strong></h3>
<p>फराह हुसैन का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिले के नावां गांव में हुआ। एक ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं जहाँ शिक्षा और सेवा को प्राथमिकता दी जाती है। उनका परिवार सचमुच एक “सपनों के अफसर परिवार” है—इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161334/ias-success-story-daughter-from-a-small-village-of-rajasthan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/ias-farah-hussain-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: हर साल लाखों छात्र UPSC की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन कुछ ही लोग होते हैं जो इस चुनौती को पार कर पाते हैं। ऐसे ही चुनिंदा लोगों में शामिल हैं फराह हुसैन, जिन्होंने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन से यह कठिन परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।</p>
<h3><strong>राजस्थान के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर</strong></h3>
<p>फराह हुसैन का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिले के नावां गांव में हुआ। एक ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं जहाँ शिक्षा और सेवा को प्राथमिकता दी जाती है। उनका परिवार सचमुच एक “सपनों के अफसर परिवार” है—इस घर में 3 IAS, 1 IPS और 5 RAS अधिकारी हैं। यानी कुल 9 सदस्य उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जो यह दर्शाता है कि सेवा का जज़्बा उनके खून में है।</p>
<p>फराह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई झुंझुनू में की थी और उनका पहला सपना था डॉक्टर बनने का। लेकिन समय के साथ उनकी रुचि कानून और समाज सेवा की ओर बढ़ने लगी। उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की और क्रिमिनल वकील के तौर पर काम भी किया। मगर उनके भीतर कहीं न कहीं देश सेवा की भावना और एक बड़ा जिम्मा निभाने की चाह जिंदा रही।</p>
<h3><strong>दूसरे प्रयास में मिली सफलता</strong></h3>
<p>जब फराह ने UPSC की तैयारी शुरू की, तो पहली बार में उन्हें सफलता नहीं मिली। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दूसरे प्रयास में, साल 2016 में, मात्र 26 साल की उम्र में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 267 हासिल की।</p>
<h3><strong>परिवार का रहा अहम योगदान</strong></h3>
<p>फराह की कामयाबी में उनके परिवार का बड़ा हाथ रहा। उनके माता-पिता ने उन्हें कभी सीमाओं में नहीं बाँधा, बल्कि हमेशा बड़ा सोचने और संघर्ष करने की प्रेरणा दी। यही वजह है कि आज फराह अपने गांव की बेटियों और देशभर की लड़कियों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 10:29:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: गरीबी से लड़कर IAS बना ये लड़का, संघर्ष भरी कहानी सुन आ जाएंगे आसूं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। UP के बुलंदशहर के एक छोटे से कस्बे के रहने वाले पवन कुमार ने यूपीएससी परीक्षा पास कर IAS बने। पवन कुमार का बचपन छप्पर से बनी छत के कच्चे मकान में बीता। उनके जीवन की शुरुआत ही मुश्किलों से भरी थी और इन्हीं से गुजरकर वह एक IAS अधिकारी बने।</p>
<p><strong>मुकेश और किसान पिता के सपने</strong></p>
<p>पवन के पिता किसान थे और चाहते थे उनका बेटा कोई अच्छी नौकरी करके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160794/ias-success-story-this-boy-became-an-ias-after-fighting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/ias-success-story-(4).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। UP के बुलंदशहर के एक छोटे से कस्बे के रहने वाले पवन कुमार ने यूपीएससी परीक्षा पास कर IAS बने। पवन कुमार का बचपन छप्पर से बनी छत के कच्चे मकान में बीता। उनके जीवन की शुरुआत ही मुश्किलों से भरी थी और इन्हीं से गुजरकर वह एक IAS अधिकारी बने।</p>
<p><strong>मुकेश और किसान पिता के सपने</strong></p>
<p>पवन के पिता किसान थे और चाहते थे उनका बेटा कोई अच्छी नौकरी करके परिवार का सहारा बने। यूपीएससी की तैयारी करते हुए पवन ने अपना हौंसला कम नहीं होने दिया। उनका एक ही लक्ष्य था IAS बनकर समाज सेवा करना।</p>
<p><strong>परिवार ने जोड़े पैसे</strong></p>
<p>पवन के अंदर पढ़ाई की ललक को देखते हुए पिता ने मजदूरी करके पढ़ाया। बुलंदशहर जिले के रघुनाथ गांव के रहने वाले पवन के पिता मुकेश मनरेगा में मजदूर और एक गरीब किसान रहे हैं। वह किसानी के साथ मजदूरी करके किसी तरह से परिवार पालते हैं।</p>
<p><strong>कम नहीं होने दी अपनी लगन</strong></p>
<p>पवन ने अपने मन में सिविल सेवा का सपना पूरे करने का निश्चय कर चुके थे। UPSC में उनकी मेहनत रंग लाई और वे अच्छ नंबरों से पास होकर आईएएस अफसर बन गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 12:31:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Officer Salary: IAS अफसर को कितनी मिलती है सैलरी? साथ ही मिलती है ये सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>IAS Officer Salary:</strong> यूपीएससी की परीक्षा काफी कठिन होती है। लाखों उम्मीदवारों में से कुछ ही इस परीक्षा को पास कर पाते हैं। इसके बाद आईएएस, आईपीएस, आईएफ़एस व आईआरएस अधिकारी बनते हैं। इन अधिकारियों को काफी पावर मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पावर के साथ इन अधिकारियों को अच्छी सैलरी और सम्मान मिलता है। समय समय पर इन्हे प्रमोट भी किया जाता है। ये SDM से कैबिनेट सेक्रेटरी तक की पोस्ट तक पहुँच जाते हैं। इनकी पोस्ट के अनुसार इन्हे वेतन मिलता है। जानें कितनी मिलती है सैलरी- IAS Salary</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/152244430.jpg" alt="152244430" width="1200" height="720" /></p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद IAS को सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159546/ias-officer-salary-how-much-salary-does-an-ias-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/ias-officer-salary.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>IAS Officer Salary:</strong> यूपीएससी की परीक्षा काफी कठिन होती है। लाखों उम्मीदवारों में से कुछ ही इस परीक्षा को पास कर पाते हैं। इसके बाद आईएएस, आईपीएस, आईएफ़एस व आईआरएस अधिकारी बनते हैं। इन अधिकारियों को काफी पावर मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पावर के साथ इन अधिकारियों को अच्छी सैलरी और सम्मान मिलता है। समय समय पर इन्हे प्रमोट भी किया जाता है। ये SDM से कैबिनेट सेक्रेटरी तक की पोस्ट तक पहुँच जाते हैं। इनकी पोस्ट के अनुसार इन्हे वेतन मिलता है। जानें कितनी मिलती है सैलरी- IAS Salary</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/152244430.jpg" alt="152244430" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद IAS को सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट की पोस्ट मिलती है और इन्हें 56100 रुपये हर महीने वेतन मिलता है। इसके बाद प्रमोट होकर अडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पद पर पहुंचते हैं, और इन्हें हर महीने 67700 रुपये सैलरी मिलती है। IAS Officer Salary</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ समय बाद इन्हे जिला उपायुक्त के पद पर प्रमोट किया जाता है। इनकी सैलरी 118500 प्रति महीना होती है। कुछ समय बाद डिवीजल कमिश्नर बनाया जाता है और इन्हें 144200 मंथली वेतन मिलता है। आगे इनका प्रिंसिपल सेक्रेटरी या एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर प्रमोशन होता है। जहां उनका वेतन करीब 1,82,200 रुपये होता है। IAS Officer Salary</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/recent_photo_1691388155-(3).jpg" alt="recent_photo_1691388155 (3)" width="1200" height="675"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जब इनका एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के पद पर प्रमोशन होता है तो इनकी सैलरी हर महीने 2,05,400 रुपये सैलरी हो जाती है। आईएएस अधिकारी जब कैबिनेट सेक्रेटरी की शीर्ष पोस्ट पर पहुंचते हैं तो उन्हें 2,50,000 रुपये तक वेतन मिलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मूल वेतन के अलावा आईएएस अधिकारियों को पोस्टिंग की जगह और दूसरे आधारों पर डीए, एचआरए और टीए जैसे कई भत्ते भी दिए जाते हैं। इन्हे सरकारी आवास और सरकारी गाड़ी भी मिलती है। IAS Officer Salary</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159546/ias-officer-salary-how-much-salary-does-an-ias-officer</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 11:09:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Officer Salary: IAS अफसर को कितनी मिलती है सैलरी? साथ ही मिलती है ये सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>IAS Officer Salary:</strong> यूपीएससी की परीक्षा काफी कठिन होती है। लाखों उम्मीदवारों में से कुछ ही इस परीक्षा को पास कर पाते हैं। इसके बाद आईएएस, आईपीएस, आईएफ़एस व आईआरएस अधिकारी बनते हैं। इन अधिकारियों को काफी पावर मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पावर के साथ इन अधिकारियों को अच्छी सैलरी और सम्मान मिलता है। समय समय पर इन्हे प्रमोट भी किया जाता है। ये SDM से कैबिनेट सेक्रेटरी तक की पोस्ट तक पहुँच जाते हैं। इनकी पोस्ट के अनुसार इन्हे वेतन मिलता है। जानें कितनी मिलती है सैलरी- IAS Salary</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/152244430.jpg" alt="152244430" width="1200" height="720" /></p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद IAS को सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159379/ias-officer-salary-how-much-salary-does-an-ias-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/ias-officer-salary.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>IAS Officer Salary:</strong> यूपीएससी की परीक्षा काफी कठिन होती है। लाखों उम्मीदवारों में से कुछ ही इस परीक्षा को पास कर पाते हैं। इसके बाद आईएएस, आईपीएस, आईएफ़एस व आईआरएस अधिकारी बनते हैं। इन अधिकारियों को काफी पावर मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पावर के साथ इन अधिकारियों को अच्छी सैलरी और सम्मान मिलता है। समय समय पर इन्हे प्रमोट भी किया जाता है। ये SDM से कैबिनेट सेक्रेटरी तक की पोस्ट तक पहुँच जाते हैं। इनकी पोस्ट के अनुसार इन्हे वेतन मिलता है। जानें कितनी मिलती है सैलरी- IAS Salary</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/152244430.jpg" alt="152244430" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद IAS को सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट की पोस्ट मिलती है और इन्हें 56100 रुपये हर महीने वेतन मिलता है। इसके बाद प्रमोट होकर अडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पद पर पहुंचते हैं, और इन्हें हर महीने 67700 रुपये सैलरी मिलती है। IAS Officer Salary</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ समय बाद इन्हे जिला उपायुक्त के पद पर प्रमोट किया जाता है। इनकी सैलरी 118500 प्रति महीना होती है। कुछ समय बाद डिवीजल कमिश्नर बनाया जाता है और इन्हें 144200 मंथली वेतन मिलता है। आगे इनका प्रिंसिपल सेक्रेटरी या एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर प्रमोशन होता है। जहां उनका वेतन करीब 1,82,200 रुपये होता है। IAS Officer Salary</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/recent_photo_1691388155-(3).jpg" alt="recent_photo_1691388155 (3)" width="1200" height="675"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जब इनका एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के पद पर प्रमोशन होता है तो इनकी सैलरी हर महीने 2,05,400 रुपये सैलरी हो जाती है। आईएएस अधिकारी जब कैबिनेट सेक्रेटरी की शीर्ष पोस्ट पर पहुंचते हैं तो उन्हें 2,50,000 रुपये तक वेतन मिलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मूल वेतन के अलावा आईएएस अधिकारियों को पोस्टिंग की जगह और दूसरे आधारों पर डीए, एचआरए और टीए जैसे कई भत्ते भी दिए जाते हैं। इन्हे सरकारी आवास और सरकारी गाड़ी भी मिलती है। IAS Officer Salary</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 20:32:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: घर, बच्चे और नौकरी के बीच UPSC की तैयारी, 7वें प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">IAS Success Story: केरल की निसा उन्नीराजन की कहानी यह साबित करती है कि अगर दिल में जुनून और हौसला हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं। 40 साल की उम्र में, दो बेटियों की मां और नौकरी करते हुए, निसा ने 2024 में </span><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">सिविल सर्विसेज परीक्षा में 1000वीं रैंक हासिल की। सातवें प्रयास में </span><span class="cf1">IAS </span><span class="cf0">बनने के उनके सफर ने यह सिद्ध कर दिया कि उम्र और हालात कभी भी एक इंसान की मेहनत और जज्बे का रास्ता रोक नहीं सकते।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">की तैयारी की शुरुआत</span></strong></p>
<p><span class="cf0">ज्यादातर लोग 30 की उम्र के बाद </span><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">की तैयारी छोड़ देते</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159189/ias-success-story-between-home-child-and-job-preparation-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/news---2025-11-06t212042.520.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">IAS Success Story: केरल की निसा उन्नीराजन की कहानी यह साबित करती है कि अगर दिल में जुनून और हौसला हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं। 40 साल की उम्र में, दो बेटियों की मां और नौकरी करते हुए, निसा ने 2024 में </span><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">सिविल सर्विसेज परीक्षा में 1000वीं रैंक हासिल की। सातवें प्रयास में </span><span class="cf1">IAS </span><span class="cf0">बनने के उनके सफर ने यह सिद्ध कर दिया कि उम्र और हालात कभी भी एक इंसान की मेहनत और जज्बे का रास्ता रोक नहीं सकते।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">की तैयारी की शुरुआत</span></strong></p>
<p><span class="cf0">ज्यादातर लोग 30 की उम्र के बाद </span><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">की तैयारी छोड़ देते हैं, लेकिन निसा ने 35 साल की उम्र में इस कठिन राह को अपनाया। दो बेटियों</span><span class="cf2">—</span><span class="cf0">नंदना (11 साल) और थानवी (7 साल)</span><span class="cf2">—</span><span class="cf0">के साथ घर की जिम्मेदारियां, नौकरी और सुनने की परेशानी होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। सुबह बच्चों को स्कूल भेजना, घर संभालना और रात को </span><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">की पढ़ाई करना उनके दिनचर्या का हिस्सा था।</span></p>
<p><span class="cf0">उनके पति अरुण, जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, और उनके रिटायर्ड माता-पिता ने हर कदम पर उनका पूरा समर्थन किया। निसा कहती हैं, "मेरे परिवार के बिना यह मुमकिन नहीं था।"</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सुनने की परेशानी को बनाया ताकत</span></strong></p>
<p><span class="cf0">निसा के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी सुनने की परेशानी थी। </span><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">जैसी कठिन परीक्षा के लिए यह एक बड़ा रोड़ा हो सकता था, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने कोट्टायम के सब-कलेक्टर रंजीत से प्रेरणा ली, जो खुद सुनने की परेशानी के बावजूद </span><span class="cf1">IAS </span><span class="cf0">बने थे। निसा कहती हैं, "अगर उन्होंने कर सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं?" यह सोच उन्हें हर बार और मजबूत बनाती रही।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">असफलताओं से मिली सीख</span></strong></p>
<p><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">का सफर आसान नहीं होता और निसा के लिए भी यह रास्ता कांटों भरा रहा। पहले छह प्रयासों में असफल होने के बावजूद, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हर बार अपनी गलतियों से सीखती रहीं और हर प्रयास को अनुभव के रूप में लिया। यह जिद और मेहनत सातवें प्रयास में रंग लाई, जब उन्होंने 1000वीं रैंक हासिल कर </span><span class="cf1">IAS </span><span class="cf0">बनने का सपना पूरा किया।</span></p>
<p><span class="cf0">निसा ने तिरुवनंतपुरम के एक कोचिंग सेंटर से मार्गदर्शन लिया, लेकिन उनकी असली ताकत थी उनकी खुद की पढ़ाई की रणनीति। वे </span><span class="cf1">UPSC </span><span class="cf0">टॉपर्स की कहानियों और मोटिवेशनल वीडियो से प्रेरणा लेती थीं। हर विषय को छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ना, नियमित रिवीजन और नोट्स बनाना, और समय प्रबंधन उनकी सफलता की कुंजी रहा।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 21:21:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: गांव वालों ने ताने सहकर भी नहीं मानी हार, UPSC क्रैक कर बनी IAS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>Success Story: </strong>अपनी परेशानियों का रोना तो हर कोई रोता है। लेकिन बहुत कम लोग होते हैं जो दिक्कतों का सामना कर अपना मुकाम हासिल करते है। आज हम आपको एक ऐसी ही IAS अफसर के बारें में बताने वाले है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/ias-priya.jpg" alt="IAS-Priya" width="807" height="605" /></p>
<p style="text-align:justify;">इस अफसर ने अपनी जिंदगी में कई उतार- चढ़ाव देखे, लेकिन हार नहीं मानी। यहां तक की पूरा गांव उसके विरोध में खड़ा हो गया। लेकिन यहां भी उसके कदम नहीं डगमगाए। फिर एक दिन ऐसा आया जब उसने UPSC क्रैक कर पूरे बिहार का नाम रोशन किया और विरोध करने वाले भी उसकी सफलता का जश्न मनाने लगे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158094/success-story-the-villagers-did-not-accept-defeat-even-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-23t145501.853.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Success Story: </strong>अपनी परेशानियों का रोना तो हर कोई रोता है। लेकिन बहुत कम लोग होते हैं जो दिक्कतों का सामना कर अपना मुकाम हासिल करते है। आज हम आपको एक ऐसी ही IAS अफसर के बारें में बताने वाले है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/ias-priya.jpg" alt="IAS-Priya" width="807" height="605"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस अफसर ने अपनी जिंदगी में कई उतार- चढ़ाव देखे, लेकिन हार नहीं मानी। यहां तक की पूरा गांव उसके विरोध में खड़ा हो गया। लेकिन यहां भी उसके कदम नहीं डगमगाए। फिर एक दिन ऐसा आया जब उसने UPSC क्रैक कर पूरे बिहार का नाम रोशन किया और विरोध करने वाले भी उसकी सफलता का जश्न मनाने लगे। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पढ़ने से रोका</strong></p>
<p style="text-align:justify;">ये कहानी है बिहार से ताल्लुक रखने वाली आईएएस अफसर प्रिया रानी की। फुलवारी शरीफ के कुरकुरी गांव की रहने वाली प्रिया रानी ने यूपीएससी परीक्षा में 69वीं रैंक हासिल की। लेकिन उनका ये सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। बचपन में ही प्रिया काफी होनहार थी। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/3569927-ias-priya-rani.jpg" alt="3569927-ias-priya-rani" width="825" height="619"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दादा ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन पूरा गांव उनकी पढ़ाई के विरोध में खड़ा हो गया। ऐसे में सिर्फ उनका परिवार ही उनके साथ था। इस सफलता में प्रिया के दादा का काफी अहम योगदान रहा। जब पूरा गांव उनके खिलाफ खड़ा हो गया तो दादा ने साथ दिया। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चली गई पटना<br /></strong> <br />प्रिया रानी बताती हैं कि करीब 20 वर्ष पहले उनके दादा ने उन्हें पढ़ने के लिए पटना भेजा था। यहां अपने घर से दूर पटना में किराए के मकान में रहकर प्रिया ने अपनी पढ़ाई पूरी की और यहीं से उनका UPSC का सफर शुरू हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/latest-news---2025-10-23t145218.175.jpg" alt="Latest News - 2025-10-23T145218.175" width="871" height="490"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>UPSC का सफर </strong></p>
<p style="text-align:justify;">बीआईटी मेसरा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद प्रिया रानी ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली। हांलाकि उन्होनें हार नहीं मानी और फिर से एग्जाम दिया। लेकिन किस्मत का साथ उन्हें फिर से नहीं मिला। प्रिया रानी बताती हैं कि दो बार फेल होने के बाद थोड़ा मन डगमगाया था। लेकिन पापा का सपोर्ट बहुत ज्यादा था।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/3878084-ias-priya-rani-3.jpg" alt="3878084-ias-priya-rani-3" width="871" height="653"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऐसे बनीं IAS </strong></p>
<p style="text-align:justify;">'साल 2021 में मेरी रैंक AIR 284 थी लेकिन मैं संतुष्ट नहीं थी' और इसलिए मैंने चौथी बार एग्जाम दिया और UPSC 2023 में मुझे AIR 69 रैंक हासिल हुई। आपको बता दें कि प्रिया रानी कसौली हिमाचल प्रदेश में इंडियन डिफेंस सर्विस में अपना योगदान दे रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 14:57:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: हरियाणा के छोटे से गांव की बेटी बनीं IAS अफसर, UPSC के लिए छोड़ी नौकरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Aashima Goel Success Story : हरियाणा के बल्लभगढ़ की रहने वाली आईएएस अधिकारी आशिमा गोयल की कहानी काफी प्रेरणादायक है। उन्होंने अफसर बनने की जिद्द में लाखों रुपये की नौकरी छोड़ दी थी।</p>
<p>आईएएस आशिमा गोयल फिलहाल यूपीएससी 2020 बैच की उत्तराखंड कैडर की आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी एग्जाम ऑल इंडिया 65वीं रैंक से पास की थी।</p>
<p>आशिमा के परिवार में पिता एक साइबर कैफे चलाते थे, जबकि मां हाउस वाइफ हैं। उनकी बड़ी बहन सीए हैं।</p>
<p>बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं आशिमा गोयल ने आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में एमटेक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157170/success-story-daughter-of-small-village-of-haryana-became-ias"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/ias-success-story.webp" alt=""></a><br /><p>IAS Aashima Goel Success Story : हरियाणा के बल्लभगढ़ की रहने वाली आईएएस अधिकारी आशिमा गोयल की कहानी काफी प्रेरणादायक है। उन्होंने अफसर बनने की जिद्द में लाखों रुपये की नौकरी छोड़ दी थी।</p>
<p>आईएएस आशिमा गोयल फिलहाल यूपीएससी 2020 बैच की उत्तराखंड कैडर की आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी एग्जाम ऑल इंडिया 65वीं रैंक से पास की थी।</p>
<p>आशिमा के परिवार में पिता एक साइबर कैफे चलाते थे, जबकि मां हाउस वाइफ हैं। उनकी बड़ी बहन सीए हैं।</p>
<p>बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं आशिमा गोयल ने आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में एमटेक किया है. आशिमा ने यूपीएससी की तैयारी एमटेक के साथ की. यूपीएससी के पहले प्रयास में उन्हें असफलता हाथ लगी. लेकिन उन्होंने नए सिरे से तैयारी की और दूसरे ही प्रयास में आईएएस बनने में कामयाब रहीं।</p>
<p>आशिमा गोयल को मशहूर टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति से खास पहचान मिली. दरअसल, वह शो में एक कंटेस्टेंट की मदद के लिए गई थीं. यहां उन्होंने महज पांच सेकेंड में सवाल का जवाब दिया.</p>
<p>कंटेस्टेंट अभिनव सिंह ने आशिमा से मदद के लिए सवाल पूछा तो उन्होंने ऑप्शन सुनने से पहले ही जवाब दे दिया. इस पर उनकी तारीफ करने से अमिताभ बच्चन भी खुद को नहीं रोक सके. शो में वह वीडियो कॉल के माध्यम से शामिल हुई थीं</p>
<p>आशिमा यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा जब पहली बार दे रही थीं तो उस वक्त वह बेंगलुरु में जॉब कर रही थीं. यूपीएससी एग्जाम देने के बाद उन्होंने जॉब छोड़ दी और पूरी तरह तैयारी में लग गईं. रिपोर्ट्स के अनुसार , बायोटेक केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली आशिमा नियमित रूप से हर दिन 9-10 घंटे स्टडी करती थीं</p>
<p>आशिमा गोयल आईएएस बनी थीं तो उन्हें केरल कैडर मिला था. लेकिन फिर उन्होंने 2022 में आईएफएस अधिकारी राहुल मिश्रा से शादी की. शादी के आधार पर उन्होंने अपना इंटर कैडर ट्रांसफर लेते हुए उत्तराखंड कैडर में तबादला करा लिया.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/157170/success-story-daughter-of-small-village-of-haryana-became-ias</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 11:31:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: राजस्थान के छोटे से गांव की बेटी बनीं IAS अफसर, ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ की है असली मिसाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: हर साल लाखों छात्र UPSC की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन कुछ ही लोग होते हैं जो इस चुनौती को पार कर पाते हैं। ऐसे ही चुनिंदा लोगों में शामिल हैं फराह हुसैन, जिन्होंने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन से यह कठिन परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।</p>
<h3><strong>राजस्थान के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर</strong></h3>
<p>फराह हुसैन का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिले के नावां गांव में हुआ। एक ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं जहाँ शिक्षा और सेवा को प्राथमिकता दी जाती है। उनका परिवार सचमुच एक “सपनों के अफसर परिवार” है—इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155611/ias-success-story-the-daughter-of-a-small-village-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/news-2025-06-04t103553.871-780x470.webp" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: हर साल लाखों छात्र UPSC की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन कुछ ही लोग होते हैं जो इस चुनौती को पार कर पाते हैं। ऐसे ही चुनिंदा लोगों में शामिल हैं फराह हुसैन, जिन्होंने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन से यह कठिन परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।</p>
<h3><strong>राजस्थान के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर</strong></h3>
<p>फराह हुसैन का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिले के नावां गांव में हुआ। एक ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं जहाँ शिक्षा और सेवा को प्राथमिकता दी जाती है। उनका परिवार सचमुच एक “सपनों के अफसर परिवार” है—इस घर में 3 IAS, 1 IPS और 5 RAS अधिकारी हैं। यानी कुल 9 सदस्य उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जो यह दर्शाता है कि सेवा का जज़्बा उनके खून में है।</p>
<p>फराह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई झुंझुनू में की थी और उनका पहला सपना था डॉक्टर बनने का। लेकिन समय के साथ उनकी रुचि कानून और समाज सेवा की ओर बढ़ने लगी। उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की और क्रिमिनल वकील के तौर पर काम भी किया। मगर उनके भीतर कहीं न कहीं देश सेवा की भावना और एक बड़ा जिम्मा निभाने की चाह जिंदा रही।</p>
<h3><strong>दूसरे प्रयास में मिली सफलता</strong></h3>
<p>जब फराह ने UPSC की तैयारी शुरू की, तो पहली बार में उन्हें सफलता नहीं मिली। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दूसरे प्रयास में, साल 2016 में, मात्र 26 साल की उम्र में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 267 हासिल की।</p>
<h3><strong>परिवार का रहा अहम योगदान</strong></h3>
<p>फराह की कामयाबी में उनके परिवार का बड़ा हाथ रहा। उनके माता-पिता ने उन्हें कभी सीमाओं में नहीं बाँधा, बल्कि हमेशा बड़ा सोचने और संघर्ष करने की प्रेरणा दी। यही वजह है कि आज फराह अपने गांव की बेटियों और देशभर की लड़कियों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Sep 2025 21:34:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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