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                <title>direct benefit transfer - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>direct benefit transfer RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एक मील का पत्थर-जिला सूचना अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p><strong>लखनऊः </strong></p>
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी </strong></p>
<p><strong>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।  </strong></p>
</blockquote>
<p>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। लंबे समय से भारतीय समाज में बेटियों को लेकर कई प्रकार की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ रही हैं। कहीं बेटियों को बोझ समझा जाता था, तो कहीं उनकी शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। इसी सोच को बदलने और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184439/chief-minister-kanya-sumangala-yojana-a-milestone-district-information-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong>लखनऊः </strong></p>
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी </strong></p>
<p><strong>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।  </strong></p>
</blockquote>
<p>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। लंबे समय से भारतीय समाज में बेटियों को लेकर कई प्रकार की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ रही हैं। कहीं बेटियों को बोझ समझा जाता था, तो कहीं उनकी शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। इसी सोच को बदलने और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई।</p>
<p><br />यह योजना वर्ष 2019 में प्रारंभ की गई, जिसका लक्ष्य बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करना है। सरकार द्वारा दी जाने वाली यह सहायता बालिका के जीवन के विभिन्न चरणों में दी जाती है, जिससे उसके पालन-पोषण, शिक्षा और विकास में आर्थिक बाधाएँ कम हो सकें। योजना के अंतर्गत कुल 25,000 रुपये की सहायता राशि निर्धारित की गई है, जिसे छह अलग-अलग चरणों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। यह राशि क्ठज् यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से दी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो जाती है।</p>
<p><br />इस योजना के तहत बालिका के जन्म के समय 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे परिवार को प्रारंभिक खर्चों में सहयोग मिलता है। इसके बाद जब बालिका का टीकाकरण पूरा हो जाता है, तब 2,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। जैसे-जैसे बालिका शिक्षा के विभिन्न चरणों में आगे बढ़ती है, उसे क्रमशः प्रथम कक्षा, छठी कक्षा, नौवीं कक्षा और बारहवीं के बाद उच्च शिक्षा में प्रवेश के समय आर्थिक सहायता दी जाती है। इस प्रकार यह योजना केवल जन्म तक सीमित नहीं है, बल्कि बालिका के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में निरंतर सहयोग प्रदान करती है।</p>
<p><br />इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना है। आज भी कई स्थानों पर बेटा और बेटी के बीच भेदभाव देखा जाता है, जिसके कारण बेटियों को शिक्षा और अवसरों से वंचित रहना पड़ता है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना इस सोच को बदलने का प्रयास करती है और यह संदेश देती है कि बेटियाँ भी परिवार और समाज की उतनी ही महत्वपूर्ण सदस्य हैं जितने बेटे। जब परिवार को यह विश्वास मिलता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, तो वे बेटियों के पालन-पोषण और शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक होते हैं।</p>
<p><br />योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने में भी सहायक है। जब बालिकाएँ शिक्षा प्राप्त करती हैं और उनके भविष्य को लेकर परिवार सजग होता है, तो वे कम उम्र में विवाह करने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती हैं। इससे समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ता है और बालिकाएँ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ पात्रता शर्ते निर्धारित की गई हैं। लाभार्थी बालिका उत्तर प्रदेश की निवासी होनी चाहिए और उसके परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाएँ ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं। यदि दूसरी संतान के रूप में जुड़वा बेटियाँ जन्म लेती हैं, तो दोनों को योजना का लाभ दिया जाता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।</p>
<p><br />आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराया गया है। ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है, जहाँ सभी आवश्यक विवरण भरकर दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं। वहीं, ऑफलाइन आवेदन के लिए आंगनवाड़ी केंद्र, ब्लॉक कार्यालय या जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन किया जा सकता है। इससे उन लोगों को भी सुविधा मिलती है जो डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं।</p>
<p><br />इस योजना का प्रभाव समाज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। बेटियों के जन्म को लेकर लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। अब अधिक से अधिक परिवार बेटियों को शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। स्कूलों में बालिकाओं की उपस्थिति बढ़ी है और वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। इसके साथ ही, यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएँ ही समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।</p>
<p><br />हालांकि योजना के क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी सामने आती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पाते। कई बार आवश्यक दस्तावेजों की अनुपलब्धता भी एक बड़ी बाधा बन जाती है। इसके अलावा, डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण ऑनलाइन आवेदन में भी कठिनाइयाँ आती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे जागरूकता अभियान चलाना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जानकारी पहुँचाना और आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाना।</p>
<p><br />कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एक ऐसी पहल है जो न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सोच को बदलने का कार्य भी करती है। यह योजना इस बात का प्रतीक है कि सरकार बालिकाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, तो यह निश्चित रूप से एक सशक्त, शिक्षित और समान समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 18:25:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना : सामाजिक समरसता और आर्थिक सहयोग की एक सशक्त पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p><br />भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। किन्तु समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बढ़ते खर्च, सामाजिक दबाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 को "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" का शुभारंभ किया गया है। यह योजना न केवल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184375/chief-ministers-mass-marriage-scheme-a-powerful-initiative-for-social"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p><br />भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। किन्तु समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बढ़ते खर्च, सामाजिक दबाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 को "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" का शुभारंभ किया गया है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में समानता, सादगी और सामूहिकता की भावना को भी बढ़ावा देती है।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराना है। इसके अंतर्गत सरकार एक ही स्थान पर कई जोड़ों का सामूहिक विवाह कराती है, जिससे विवाह में होने वाला अनावश्यक खर्च कम होता है। इसके साथ ही यह योजना दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p><br />वहीं, गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, विवाह में सादगी को बढ़ावा देना, दहेज प्रथा पर रोक लगाना, सामाजिक समरसता और समानता को बढ़ावा देना, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की कई महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं, जो इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती हैं। इसमें पात्र को अब रू0 1 लाख तक (जिसमें रू० 35,000-रू0 60,000 नकद, रू0 10,000 रू0 25,000 का सामान, और शेष आयोजन खर्च के लिए) आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।</p>
<p><br />यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। सामूहिक आयोजन में विवाह समारोह एक ही स्थान पर कई जोड़ों के साथ आयोजित किया जाता है। इसमें सभी धार्मिक रीति-रिवाजों का ध्यान रखा जाता है। राज्य सरकार द्वारा दुल्हन को विवाह के लिए आवश्यक सामग्री जैसे कपड़े, आभूषण, घरेलू उपयोग की वस्तुएँ आदि भी उपलब्ध कराई जाती हैं।</p>
<p><br />यह योजना सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुली है, जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है। पात्र लाभार्थी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। पात्रता मानदंड के अंतर्गत आवेदक राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, परिवार की आय निर्धारित सीमा से कम होनी चाहिए, विवाह योग्य आयु (लड़की 18 वर्ष और लड़का 21वर्ष) पूरी होनी चाहिए, परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (BPL या अन्य श्रेणी) में आता हो इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्ते निर्धारित की गई हैं।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अनेक सामाजिक और आर्थिक लाभ हैं जैसे-गरीब परिवारों को विवाह के लिए कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे वे आर्थिक संकट से बच जाते हैं। सामूहिक विवाह के कारण दहेज की मांग स्वतः कम हो जाती है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। इस योजना के तहत सभी वर्गों के लोग एक साथ विवाह करते हैं, जिससे भेदभाव कम होता है। सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है। यह योजना भव्यता के बजाय सादगीपूर्ण विवाह को प्रोत्साहित करती है।</p>
<p><br />इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने समाज पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डाला है। पहले जहां गरीब परिवार अपनी बेटियों के विवाह के लिए चिंतित रहते थे, अब उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प मिल गया है। यह योजना सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। सामूहिक विवाह में दहेज की परंपरा कम हो जाती है। विभिन्न जाति और धर्म के लोग एक मंच पर आते हैं। आर्थिक सहायता से गरीब परिवारों की स्थिति बेहतर होती है।</p>
<p><br />व्यापक प्रचार-प्रसार, पारदर्शी व्यवस्था और डिजिटल भुगतान, समाज में जागरूकता अभियान चलाना इस योजना की महत्वपूर्ण चुनौतियां एवं सुझाव हैं। निसंदेह, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक ऐसी पहल है, जो समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और समानता स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि इस योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए और अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुँचाई जाए, तो यह समाज में एक नई दिशा प्रदान कर सकती है।</p>
<p><br />अंततः यह योजना "सादगी, समानता और सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित एक प्रेरणादायक कदम है, जो न केवल गरीब परिवारों के लिए सहारा है बल्कि पूरे समाज के लिए एक आदर्श भी प्रस्तुत करती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:15:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर। </strong>मुख्य अतिथि उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग अपर्णा यादव, विधायक कटेहरी धर्मराज निषाद, अध्यक्ष जिला पंचायत श्याम सुंदर वर्मा उर्फ साधु वर्मा, जिलाधिकारी ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्स्ना बंधु व भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप देव पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ से आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260708-wa0880.jpg" alt="मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच" width="449" height="299" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शिक्षकों के कल्याण हेतु अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182990/chief-minister-teachers-cashless-medical-scheme-launched-teachers-will-get"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260708-wa0867.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर। </strong>मुख्य अतिथि उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग अपर्णा यादव, विधायक कटेहरी धर्मराज निषाद, अध्यक्ष जिला पंचायत श्याम सुंदर वर्मा उर्फ साधु वर्मा, जिलाधिकारी ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्स्ना बंधु व भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप देव पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ से आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260708-wa0880.jpg" alt="मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच" width="449" height="299"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शिक्षकों के कल्याण हेतु अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करते हुए शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा का नया कवच प्रदान किया। साथ ही प्रदेश के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूता, मोजा, स्वेटर, बैग एवं स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र-छात्रा ₹1200 की धनराशि हस्तांतरित की गई। इसके अतिरिक्त लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू भी संपादित किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती अपर्णा यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना प्रदेश के शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, संस्कृत, स्ववित्तपोषित एवं व्यावसायिक विद्यालयों के शिक्षक, विशेष शिक्षक (CWSN), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं, पीएम पोषण योजना के रसोइये तथा इनके आश्रितों को मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यह योजना शिक्षकों के सम्मान एवं कल्याण के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। साथ ही डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए निर्धारित धनराशि सीधे अभिभावकों के खातों में भेजी गई है, जिससे बच्चों को समय पर आवश्यक शैक्षिक सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260708-wa0877.jpg" alt="मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच" width="446" height="297"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने सभी शिक्षकों व अभिभावकों से अपील की कि 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने बच्चों के माता–पिता से अपील की सभी बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराकर उन्हें नियमित रूप से निर्धारित यूनिफॉर्म में विद्यालय भेजें। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है और शिक्षक बच्चों के भविष्य निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस योजना से पीएम पोषण योजना के रसोइये भी लाभान्वित होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत शिक्षकों, अनुदेशकों एवं रसोइयों को प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही जनपद में स्कूल चलो अभियान के प्रथम चरण में सर्वाधिक नामांकन कराने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी अवसर पर जनपद स्तरीय पाक कला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन रसोइयों को प्रमाण-पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं जनपद के सर्वश्रेष्ठ पांच निपुण विद्यार्थियों को माला पहनाकर बैग, पाठ्यपुस्तक एवं अन्य शैक्षिक सामग्री प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों, रसोइयों एवं उपस्थित अभिभावकों को सहजन के पौधों का भी वितरण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर से स्कूल चलो अभियान के प्रचार वाहन एवं जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर आयोजित सहजन भंडारा में बड़ी संख्या में अभिभावकों, शिक्षकों एवं रसोइयों को सहजन के पौधे वितरित किया गया। कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. पूनम मिश्रा, शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रधानाचार्य, शिक्षक- शिक्षिकाएं, कर्मचारी, रसोइया एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:41:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी की 12 वर्षों की सत्ता और आम आदमी: वादे, बदलाव और ज़मीनी हकीकत</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा बढ़ाया। उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण शौचालय कवरेज को तेज़ी से बढ़ाया। आयुष्मान भारत योजना ने 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा गरीब परिवारों तक पहुंचाया। जनधन खातों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ाया और कोविड काल में डीबीटी से करोड़ों लोगों को सीधी मदद मिली। </p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका मतलब यह हुआ कि सरकारी लाभ के लिए बिचौलियों पर निर्भरता घटी। बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ा, जिससे UPI आज छोटे दुकानदार से लेकर ठेले वाले तक इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p><br />                हम बात करें इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल भारत की तो इसमें भी प्रगति हुई है और कई सुधार अभी भी बाकी हैं। सड़क, रेल, हवाई अड्डे और एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेज़ी आई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, अटल टनल, और नए वंदे भारत ट्रेनें आम यात्रियों के सफर को तेज़ और सुरक्षित बनाने की कोशिश हैं। डिजिटल इंडिया के तहत इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच गांवों तक बढ़ी। इससे शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं मोबाइल पर आ गईं।</p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका फायदा समय की बचत और लागत में कमी के रूप में दिखा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी इंटरनेट की गुणवत्ता और बिजली की आपूर्ति असमान बनी हुई है। हालांकि कर और अर्थव्यवस्था में बदलाव तो हुआ है लेकिन महंगाई के कारण अभी उतनी राहत महसूस नहीं हुई है । GST लागू होने से अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एकजुट हुई। छोटे व्यापारियों के लिए शुरू में जटिलता बढ़ी, लेकिन धीरे-धीरे फाइलिंग आसान हुई। नोटबंदी 2016 का मकसद काला धन और नकली नोट पर चोट था, लेकिन इसका तत्काल असर छोटे कारोबार और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा। महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश की रफ्तार आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता बनी रही। कोरोना के बाद रिकवरी तेज़ रही, लेकिन असंगठित क्षेत्र में रोज़गार और आय अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है।</p>
<p><br /> राजनीतिक संवाद और छवि की बात की जाये तो इसमें मोदी सरकार का कोई जोड़ नहीं है। मोदी की सरकार ने सीधे संवाद पर ज़ोर दिया। मन की बात, सोशल मीडिया और रैलियों के ज़रिए प्रधानमंत्री खुद जनता से जुड़े रहे। “सबका साथ, सबका विकास” का नारा केंद्र में रहा। विरोधियों का आरोप रहा कि आलोचना को जगह कम मिली और मीडिया पर नियंत्रण बढ़ा। आम आदमी के लिए इसका असर यह हुआ कि सरकार की योजनाओं की जानकारी तेज़ी से पहुंची, लेकिन विपरीत राय और स्थानीय समस्याएं कई बार राष्ट्रीय बहस में जगह नहीं बना पाईं।</p>
<p><br /> अलग हम इसकी ज़मीनी हकीकत जानें और यह पता करें कि क्या बदला? तो 12 साल में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार सीधे नागरिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहले जहां फाइलों और दफ्तरों में काम अटकता था, अब ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स से काम होता है। गरीबों के लिए रसोई गैस, शौचालय, बिजली और बैंक खाता पहले से ज्यादा सुलभ हुए हैं। दूसरी तरफ, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय और शिक्षा-स्वास्थ्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दे अभी भी चुनौती हैं। मध्यम वर्ग टैक्स और जीवनयापन की लागत को लेकर दबाव महसूस करता है। ग्रामीण भारत में कृषि पर निर्भरता और मौसम की मार अब भी जीवन को अनिश्चित रखती है।</p>
<p>मोदी की 12 साल की सत्ता ने आम आदमी की ज़िंदगी में बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल पहुंच के मामले में ठोस बदलाव लाए हैं। योजनाओं का लाभ पहले से ज्यादा पारदर्शी हुआ है। लेकिन रोज़गार, महंगाई और असमानता जैसे संरचनात्मक मुद्दे बने हुए हैं। आम आदमी के लिए यह कार्यकाल सुविधाओं में बढ़ोतरी और आर्थिक दबाव दोनों का मिश्रण रहा है। 2026 की सियासत इस बात पर टिकी होगी कि क्या सरकार इन बदलावों को स्थायी रोज़गार और आय में बदल पाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी सरकार में वो समस्याएं जो अभी तक नहीं सुधरीं</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इस बात में कोई दो राय नहीं है कि 2014 के बाद से अब तक भारत ने काफी तरक्की की है लेकिन इसमें यह भी है कि अभी तक बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनमें सुधार होना बाकी है। 2014 से 2026 तक 12 साल की सत्ता में मोदी सरकार ने योजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक छवि पर काम किया। लेकिन कुछ संरचनात्मक समस्याएं ऐसी हैं जो चुनावी नारों और सरकारी रिपोर्टों के बावजूद ज़मीन पर बनी हुई हैं। ये समस्याएं आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से सीधे जुड़ती हैं। इसमें सबसे पहले आती है बेरोज़गारी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181929/those-problems-which-have-not-been-improved-yet-in-modi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(2).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इस बात में कोई दो राय नहीं है कि 2014 के बाद से अब तक भारत ने काफी तरक्की की है लेकिन इसमें यह भी है कि अभी तक बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनमें सुधार होना बाकी है। 2014 से 2026 तक 12 साल की सत्ता में मोदी सरकार ने योजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक छवि पर काम किया। लेकिन कुछ संरचनात्मक समस्याएं ऐसी हैं जो चुनावी नारों और सरकारी रिपोर्टों के बावजूद ज़मीन पर बनी हुई हैं। ये समस्याएं आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से सीधे जुड़ती हैं। इसमें सबसे पहले आती है बेरोज़गारी और अनौपचारिक क्षेत्र की अस्थिरता।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि बेरोजगारी को कम करने के लिए सरकार ने बहुत प्रयास किए हैं लेकिन अभी कई प्रयास करने वाकी हैं। सरकारी आंकड़े कहते हैं कि बेरोज़गारी दर 2017 के मुकाबले घटी है। लेकिन हकीकत में समस्या की प्रकृति बदली है। गुणवत्तापूर्ण रोज़गार की कमी भारतीयों को खल रही है। हर साल 1.2 करोड़ युवा श्रम बाजार में आते हैं, लेकिन प्राइवेट सेक्टर में वेतन बढ़ोतरी धीमी है। आईटी और स्टार्टअप में छंटनी ने मिडिल क्लास की चिंता बढ़ाई है। अनौपचारिक क्षेत्र पर असर: नोटबंदी, GST और कोविड के बाद छोटे दुकानदार, ठेले वाले और दिहाड़ी मजदूर पूरी तरह उभर नहीं पाए। CMIE और NSSO के सर्वे बताते हैं कि स्वरोज़गार बढ़ा है, लेकिन ये ज़्यादातर मजबूरी का स्वरोज़गार है। कृषि संकट और किसान की आय के लिए बहुत समय से बात चल रही है लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस नीति नहीं बन सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />2016 में सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा था। 2026 तक वो लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। MSP की सीमित पहुंच : सिर्फ गेहूं-धान के किसान ही MSP का फायदा ले पाते हैं। दाल, तिलहन, फल-सब्जी वाले किसान मंडी के भाव पर निर्भर हैं। कर्ज और जलवायु जोखिम: को लेकर किसान हमेशा से परेशान रहा है। फसल बीमा योजना ने कुछ राहत दी, लेकिन अतिवृष्टि, सूखा और आवारा पशु की समस्या बनी हुई है। तीन कृषि कानूनों के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर आ गई और बड़े कृषि सुधार रुके हुए हैं।<br />              शिक्षा और स्वास्थ्य में गुणवत्ता का अंतर</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा: NEP 2020 ने ढांचा बदला, लेकिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, ड्रॉपआउट रेट और लर्निंग आउटकम अब भी कमजोर हैं। ASER रिपोर्ट लगातार बताती है कि कक्षा 5 का बच्चा कक्षा 2 का पाठ नहीं पढ़ पाता। इसी तरह स्वास्थ्य: आयुष्मान भारत ने कवरेज बढ़ाया, लेकिन ग्रामीण इलाकों में डॉक्टर, नर्स और दवाओं की कमी है। निजी अस्पताल महंगे हैं, और आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च भारत में अब भी GDP का 50% से ज्यादा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महंगाई का मध्यम वर्ग पर दबाव बहुत बढ़ता जा रहा है। तेल, सब्जी, दाल और किराये की कीमतों में उछाल ने मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। सरकार ने टैक्स स्लैब बदले, लेकिन प्रत्यक्ष कर का बोझ अब भी वेतनभोगी वर्ग पर ज्यादा है।  <br />कोर महंगाई भले नियंत्रण में रही हो, लेकिन खाद्य महंगाई 2022-2024 में दो बार 10% पार कर गई। RBI के बार-बार रेपो रेट बढ़ाने से EMI बढ़ी और घर खरीदना मुश्किल हुआ। नौकरशाही और भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत हो रहीं हैं। DBT और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने बिचौलियों को कम किया, लेकिन ज़मीन-रजिस्ट्री, पुलिस, म्यूनिसिपल सर्विस में भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ। विपक्ष का आरोप है कि ED, CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल बढ़ा है। वहीं सरकार कहती है कि भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई हो रही है। नतीजा ये है कि आम आदमी का भरोसा सिस्टम पर आंशिक ही बहाल हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक ध्रुवीकरण और संवाद की कमी पिछले 12 साल में धार्मिक और क्षेत्रीय मुद्दे राष्ट्रीय बहस में हावी रहे। इससे विकास और रोज़गार जैसे मुद्दे कई बार बैकसीट पर चले गए। मीडिया और सिविल सोसाइटी का स्पेस सिकुड़ने की शिकायत विपक्ष और पत्रकार संगठनों से आती रही है। सरकार का पक्ष है कि फेक न्यूज़ और अस्थिरता रोकने के लिए नियम जरूरी हैं। राज्य-केंद्र संबंध और संघीय ढांचा<br />GST लागू होने के बाद राज्यों को मुआवज़ा देने का वादा 2022 में खत्म हो गया। अब कई राज्य कहते हैं कि उनका फिस्कल स्पेस सिकुड़ गया है।  केंद्रीय योजनाओं के नाम पर राज्यों की भूमिका सीमित हो गई है, जिससे संघीय संतुलन पर सवाल उठते हैं।  सुधार हुआ, पर असमान गति से मोदी सरकार ने बुनियादी सुविधाओं, डिजिटल ट्रांजैक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर में ठोस काम किया है। उज्ज्वला, जनधन, सड़क, रेल और UPI इसका उदाहरण हैं। लेकिन रोज़गार की गुणवत्ता, कृषि आय, शिक्षा-स्वास्थ्य की ग्राउंड लेवल क्वालिटी, और महंगाई जैसी समस्याएं अभी भी सिस्टम की कमज़ोरी दिखाती हैं। 2026 तक सरकार की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वो कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ प्रोडक्टिविटी और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को भी तेज़ करे, ताकि ये समस्याएं चुनावी मुद्दे बनकर न रह जाएं बल्कि हल हों।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनपद अमेठी में मनाया गया पीएम किसान उत्सव दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत शनिवार को जनपद अमेठी में "पीएम किसान उत्सव दिवस" का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, हुगली से देशभर के पात्र किसानों के खातों में योजना की 23वीं किस्त का हस्तांतरण किया गया। जनपद अमेठी के 2,42,466 किसानों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त की धनराशि सीधे हस्तांतरित की गई। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनपद स्तर पर विकास भवन सभागार, सभी विकास खंडों तथा न्याय पंचायत स्तर पर किसानों को दिखाया गया। विकास भवन सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय कार्यक्रम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181743/pm-kisan-utsav-day-celebrated-in-amethi-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1--(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत शनिवार को जनपद अमेठी में "पीएम किसान उत्सव दिवस" का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, हुगली से देशभर के पात्र किसानों के खातों में योजना की 23वीं किस्त का हस्तांतरण किया गया। जनपद अमेठी के 2,42,466 किसानों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त की धनराशि सीधे हस्तांतरित की गई। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनपद स्तर पर विकास भवन सभागार, सभी विकास खंडों तथा न्याय पंचायत स्तर पर किसानों को दिखाया गया। विकास भवन सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय कार्यक्रम में किसानों ने लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना तथा योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक, अमेठी, जिला कृषि अधिकारी, फूलचन्द्र (तकनीकी सहायक), विनीत कुमार (वरिष्ठ सहायक) तथा केंद्रीय बीज भंडार प्रभारी सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा लगभग 60 किसानों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। अधिकारियों ने किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 21:10:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षकों की मेहनत से संवर रहा  हैं  बच्चों का भविष्यः विधायक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> शोहरतगढ़  ब्लाक संसाधन केंद्र  परिसर में गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों, स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों एवं प्रधानाध्यापकों की ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा का खण्ड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने माल्यार्पण, स्मृति चिन्ह,अंग वस्त्र व‌ बैज लगाकर भव्य स्वागत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ की। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वहीं डोहरिया खुर्द विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173638/the-future-of-children-is-being-improved-by-the-hard"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1773929937115.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> शोहरतगढ़  ब्लाक संसाधन केंद्र  परिसर में गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों, स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों एवं प्रधानाध्यापकों की ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा का खण्ड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने माल्यार्पण, स्मृति चिन्ह,अंग वस्त्र व‌ बैज लगाकर भव्य स्वागत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ की। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वहीं डोहरिया खुर्द विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। खण्ड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने संगोष्ठी में शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसमें डीबीटी योजना के तहत अभिभावकों के खातों में भेजे गए 1200 रुपये के उपयोग, प्रेरणा पोर्टल, ऑपरेशन कायाकल्प एवं निपुण भारत मिशन जैसे मुद्दों पर चर्चा की। ब्लाक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कहा कि ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे अभिभावकों को एसएमसी, आउट ऑफ स्कूल बच्चों, दिव्यांग बच्चों की शिक्षा सहित विभिन्न शैक्षिक योजनाओं के प्रति जागरूक करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा के उत्थान और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास पर जोर  दें रहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत से संवर  रहा हैं बच्चों का भविष्य, उन्होंने आगे बताया कि डीबीटी के तहत भेजे गए 1200 रुपये का उपयोग बच्चों के ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा, बैग एवं स्टेशनरी खरीदने में किया जाना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों का मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जबकि निपुण भारत मिशन के अंतर्गत विद्यालयों में सहायक शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। रामविलास यादव , लालजी यादव, रामदास मौर्य ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।इस अवसर पर रत्नेश सोनी,  हरीश वर्मा, रामदास मौर्य, मनोज यादव, तुलसीराम,मुस्तन शेरुल्लाह, सुजीत यादव आदि उपस्थित रहे,</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:11:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना में हुआ बड़ा बदलाव, पढ़ें पूरी जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Lado Laxmi Yojana: हरियाणा सरकार पंडित </span><span class="cf0">दीनदयाल</span> <span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना में बड़ा परिवर्तन </span><span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तैयारी</span> <span class="cf0">कर</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">बदलाव</span> <span class="cf0">बिहार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">एनडीए</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जीत</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">वहां</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">गई</span> <span class="cf0">आर्थिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">सकारात्मक</span> <span class="cf0">असर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">प्रेरित</span><span class="cf0"> माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिए हैं कि योजना के तहत </span><span class="cf0">मिलने</span> <span class="cf0">वाली</span> <span class="cf0">मासिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">राशि</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दो</span> <span class="cf0">बार</span> <span class="cf0">एकमुश्त</span> <span class="cf0">किस्त</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दिया</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">मासिक</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जगह</span> <span class="cf0">मिलेगी</span><span class="cf0"> 12,600 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">किस्त</span></strong></p>
<p><span class="cf0">वर्तमान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाडो</span> <span class="cf0">लक्ष्मी</span> <span class="cf0">योजना</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">अंतर्गत</span> <span class="cf0">गरीब</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">हर</span> <span class="cf0">महीने</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">रुपये</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160897/haryana-big-change-in-lado-lakshmi-yojana-in-haryana-read"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/lado-laxmi-yojana-(5).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Lado Laxmi Yojana: हरियाणा सरकार पंडित </span><span class="cf0">दीनदयाल</span> <span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना में बड़ा परिवर्तन </span><span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तैयारी</span> <span class="cf0">कर</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">बदलाव</span> <span class="cf0">बिहार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">एनडीए</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जीत</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">वहां</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">गई</span> <span class="cf0">आर्थिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">सकारात्मक</span> <span class="cf0">असर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">प्रेरित</span><span class="cf0"> माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिए हैं कि योजना के तहत </span><span class="cf0">मिलने</span> <span class="cf0">वाली</span> <span class="cf0">मासिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">राशि</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दो</span> <span class="cf0">बार</span> <span class="cf0">एकमुश्त</span> <span class="cf0">किस्त</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दिया</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">मासिक</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जगह</span> <span class="cf0">मिलेगी</span><span class="cf0"> 12,600 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">किस्त</span></strong></p>
<p><span class="cf0">वर्तमान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाडो</span> <span class="cf0">लक्ष्मी</span> <span class="cf0">योजना</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">अंतर्गत</span> <span class="cf0">गरीब</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">हर</span> <span class="cf0">महीने</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">रुपये</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">आर्थिक</span><span class="cf0"> सहायता दी जाती है। लेकिन इसे बदलकर हर छह महीने में 12,600 रुपये की </span><span class="cf0">एकमुश्त</span><span class="cf0"> राशि देने पर विचार किया जा रहा </span><span class="cf0">है।एक</span><span class="cf0"> वर्ष में यह कुल राशि 25,200 रुपये बनती है।</span></p>
<p><span class="cf0">सरकार का मानना है कि </span><span class="cf0">एकमुश्त</span><span class="cf0"> राशि महिलाओं के लिए अधिक उपयोगी साबित होगी</span><span class="cf0">। यह राशि </span><span class="cf0">रोजगार शुरू करने, घर</span><span class="cf2">–</span><span class="cf0">परिवार की </span><span class="cf0">ज़रूरतों</span><span class="cf0"> या व्यक्तिगत कार्यों में यह रकम बेहतर तरीके से उपयोग की जा सकती है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">बिहार </span><span class="cf0">मॉडल</span><span class="cf0"> क्यों बना आधार?</span></strong></p>
<p><span class="cf0">बिहार में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10,000</span><span class="cf2">–</span><span class="cf1">10,000 </span><span class="cf0">रुपये दिए गए थे। इस आर्थिक सहायता ने चुनाव नतीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और महिलाओं का व्यापक समर्थन </span><span class="cf0">एनडीए</span><span class="cf0"> को मिला।</span></p>
<p><span class="cf0">हरियाणा सरकार भी इसी सफल </span><span class="cf0">मॉडल</span><span class="cf0"> को अपने राज्य में लागू करना चाहती है। बिहार में उस समय करीब 25 लाख महिलाओं के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (</span><span class="cf1">DBT) </span><span class="cf0">के माध्यम से राशि भेजी गई थी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">कितनी महिलाएं होंगी लाभार्थी?</span></strong></p>
<p><span class="cf0">हरियाणा में नवंबर से शुरू हुई योजना वर्तमान में उन महिलाओं को कवर कर रही है जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है। अब </span><span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">करीब</span><span class="cf0"> 6 </span><span class="cf0">लाख</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">खातों</span><span class="cf0"> में 2100-2100 रुपये डाले जा चुके हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">पूरे राज्य में लगभग 20 लाख महिलाएं इस श्रेणी में </span><span class="cf0">चिन्हित</span><span class="cf0"> हैं। </span><span class="cf0">धीरे-धीरे</span><span class="cf0"> योजना को 1.80 लाख और 3 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं तक भी बढ़ाया जाएगा। राज्य में कुल महिलाओं की संख्या लगभग 45 लाख है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">योजना का वार्षिक </span><span class="cf0">बजट</span></strong></p>
<p><span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना पर हरियाणा सरकार 5,000 करोड़ रुपये सालाना खर्च </span><span class="cf0">करेगी</span><span class="cf0">। यह राशि राज्य के वार्षिक </span><span class="cf0">बजट</span><span class="cf0"> में नियमित रूप से शामिल की जाएगी।</span></p>
<p><span class="cf0">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पिछले महीने इस योजना का वर्चुअल शुभारंभ कर चुके हैं, जिसके दौरान 75 लाख महिला लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये </span><span class="cf0">ट्रांसफर</span><span class="cf0"> किए गए थे।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सरकार ने अधिकारियों को दी निर्देश</span></strong></p>
<p><span class="cf0">मुख्यमंत्री नायब सिंह </span><span class="cf0">सैनी</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">आयोजित</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">कार्यक्रम</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">स्पष्ट</span> <span class="cf0">संकेत</span> <span class="cf0">दिए</span> <span class="cf0">कि</span><span class="cf0"> भविष्य में योजना </span><span class="cf0">की</span><span class="cf0"> राशि साल में दो बार हस्तांतरित की जाएगी।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 10:35:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना में हुआ बड़ा बदलाव, पढ़ें पूरी जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p><p><span class="cf0">Haryana Lado Laxmi Yojana: हरियाणा सरकार पंडित </span><span class="cf0">दीनदयाल</span> <span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना में बड़ा परिवर्तन </span><span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तैयारी</span> <span class="cf0">कर</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">बदलाव</span> <span class="cf0">बिहार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">एनडीए</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जीत</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">वहां</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">गई</span> <span class="cf0">आर्थिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">सकारात्मक</span> <span class="cf0">असर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">प्रेरित</span><span class="cf0"> माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिए हैं कि योजना के तहत </span><span class="cf0">मिलने</span> <span class="cf0">वाली</span> <span class="cf0">मासिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">राशि</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दो</span> <span class="cf0">बार</span> <span class="cf0">एकमुश्त</span> <span class="cf0">किस्त</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दिया</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p><p><strong><span class="cf0">मासिक</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जगह</span> <span class="cf0">मिलेगी</span><span class="cf0"> 12,600 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">किस्त</span></strong></p><p><span class="cf0">वर्तमान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाडो</span> <span class="cf0">लक्ष्मी</span> <span class="cf0">योजना</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">अंतर्गत</span> <span class="cf0">गरीब</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">हर</span> <span class="cf0">महीने</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">रुपये</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160610/haryana-big-change-in-lado-lakshmi-yojana-in-haryana-read"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/lado-laxmi-yojana-(5).jpg" alt=""></a><br /><p></p><p><span class="cf0">Haryana Lado Laxmi Yojana: हरियाणा सरकार पंडित </span><span class="cf0">दीनदयाल</span> <span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना में बड़ा परिवर्तन </span><span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तैयारी</span> <span class="cf0">कर</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">बदलाव</span> <span class="cf0">बिहार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">एनडीए</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जीत</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">वहां</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">गई</span> <span class="cf0">आर्थिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">सकारात्मक</span> <span class="cf0">असर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">प्रेरित</span><span class="cf0"> माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिए हैं कि योजना के तहत </span><span class="cf0">मिलने</span> <span class="cf0">वाली</span> <span class="cf0">मासिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">राशि</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दो</span> <span class="cf0">बार</span> <span class="cf0">एकमुश्त</span> <span class="cf0">किस्त</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दिया</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p><p><strong><span class="cf0">मासिक</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जगह</span> <span class="cf0">मिलेगी</span><span class="cf0"> 12,600 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">किस्त</span></strong></p><p><span class="cf0">वर्तमान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाडो</span> <span class="cf0">लक्ष्मी</span> <span class="cf0">योजना</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">अंतर्गत</span> <span class="cf0">गरीब</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">हर</span> <span class="cf0">महीने</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">रुपये</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">आर्थिक</span><span class="cf0"> सहायता दी जाती है। लेकिन इसे बदलकर हर छह महीने में 12,600 रुपये की </span><span class="cf0">एकमुश्त</span><span class="cf0"> राशि देने पर विचार किया जा रहा </span><span class="cf0">है।एक</span><span class="cf0"> वर्ष में यह कुल राशि 25,200 रुपये बनती है।</span></p><p><span class="cf0">सरकार का मानना है कि </span><span class="cf0">एकमुश्त</span><span class="cf0"> राशि महिलाओं के लिए अधिक उपयोगी साबित होगी</span><span class="cf0">। यह राशि </span><span class="cf0">रोजगार शुरू करने, घर</span><span class="cf2">–</span><span class="cf0">परिवार की </span><span class="cf0">ज़रूरतों</span><span class="cf0"> या व्यक्तिगत कार्यों में यह रकम बेहतर तरीके से उपयोग की जा सकती है।</span></p><p><strong><span class="cf0">बिहार </span><span class="cf0">मॉडल</span><span class="cf0"> क्यों बना आधार?</span></strong></p><p><span class="cf0">बिहार में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10,000</span><span class="cf2">–</span><span class="cf1">10,000 </span><span class="cf0">रुपये दिए गए थे। इस आर्थिक सहायता ने चुनाव नतीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और महिलाओं का व्यापक समर्थन </span><span class="cf0">एनडीए</span><span class="cf0"> को मिला।</span></p><p><span class="cf0">हरियाणा सरकार भी इसी सफल </span><span class="cf0">मॉडल</span><span class="cf0"> को अपने राज्य में लागू करना चाहती है। बिहार में उस समय करीब 25 लाख महिलाओं के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (</span><span class="cf1">DBT) </span><span class="cf0">के माध्यम से राशि भेजी गई थी।</span></p><p><strong><span class="cf0">कितनी महिलाएं होंगी लाभार्थी?</span></strong></p><p><span class="cf0">हरियाणा में नवंबर से शुरू हुई योजना वर्तमान में उन महिलाओं को कवर कर रही है जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है। अब </span><span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">करीब</span><span class="cf0"> 6 </span><span class="cf0">लाख</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">खातों</span><span class="cf0"> में 2100-2100 रुपये डाले जा चुके हैं।</span></p><p><span class="cf0">पूरे राज्य में लगभग 20 लाख महिलाएं इस श्रेणी में </span><span class="cf0">चिन्हित</span><span class="cf0"> हैं। </span><span class="cf0">धीरे-धीरे</span><span class="cf0"> योजना को 1.80 लाख और 3 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं तक भी बढ़ाया जाएगा। राज्य में कुल महिलाओं की संख्या लगभग 45 लाख है।</span></p><p><strong><span class="cf0">योजना का वार्षिक </span><span class="cf0">बजट</span></strong></p><p><span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना पर हरियाणा सरकार 5,000 करोड़ रुपये सालाना खर्च </span><span class="cf0">करेगी</span><span class="cf0">। यह राशि राज्य के वार्षिक </span><span class="cf0">बजट</span><span class="cf0"> में नियमित रूप से शामिल की जाएगी।</span></p><p><span class="cf0">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पिछले महीने इस योजना का वर्चुअल शुभारंभ कर चुके हैं, जिसके दौरान 75 लाख महिला लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये </span><span class="cf0">ट्रांसफर</span><span class="cf0"> किए गए थे।</span></p><p><strong><span class="cf0">सरकार ने अधिकारियों को दी निर्देश</span></strong></p><p><span class="cf0">मुख्यमंत्री नायब सिंह </span><span class="cf0">सैनी</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">आयोजित</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">कार्यक्रम</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">स्पष्ट</span> <span class="cf0">संकेत</span> <span class="cf0">दिए</span> <span class="cf0">कि</span><span class="cf0"> भविष्य में योजना </span><span class="cf0">की</span><span class="cf0"> राशि साल में दो बार हस्तांतरित की जाएगी।</span></p><p></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 10:14:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Kisan Samman Nidhi: दिवाली से पहले किसानों को मिलेगी 21वीं किस्त, इस दिन तक खाते में आएंगे 2000 रुपये </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>PM Kisan Samman Nidhi:</strong> किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। दिवाली से पहले सरकार किसानों के खाते में 21वीं किस्त आने वाली है। आइए जानते है किस दिन किसानों के खटें 21वीं किस्त के पैसे आने वाले है। देखें पूरी जानकारी...</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को मिलने वाली 21वीं किस्त का इंतजार अब जल्द ही खत्म हो सकता है। जानकारी के मुताबिक, हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार किसानों के खाते में ₹2000 की राशि दिवाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157403/pm-kisan-samman-nidhi-farmers-will-get-21st-installment-before"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news-(70).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>PM Kisan Samman Nidhi:</strong> किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। दिवाली से पहले सरकार किसानों के खाते में 21वीं किस्त आने वाली है। आइए जानते है किस दिन किसानों के खटें 21वीं किस्त के पैसे आने वाले है। देखें पूरी जानकारी...</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को मिलने वाली 21वीं किस्त का इंतजार अब जल्द ही खत्म हो सकता है। जानकारी के मुताबिक, हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार किसानों के खाते में ₹2000 की राशि दिवाली से पहले ट्रांसफर की जा सकती है। PM Kisan Samman Nidhi</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, अब तक 4 राज्यों के किसानों के लिए 21वीं किस्त जारी की जा चुकी है। जिसमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर शामिल है। लेकिन अन्य राज्यों को अभी 21वीं का इंतजार है। पिछले सालों की तुलना में इस बार किस्त की तारीख में देरी हुई है। PM Kisan Samman Nidhi</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, इस बार दिवाली 21 अक्टूबर को है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार 20 अक्टूबर तक किसानों के खाते में ₹2000 की राशि ट्रांसफर कर सकती है। PM Kisan Samman Nidhi</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, ऐसे में किसान इस बात का ख्याल रखें कि उन्होंने सरकार द्वारा जारी की गई सभी गाइडलाइन्स को फॉलो किया हो। नहीं तो वो अगली किस्त से वंचित रह सकते हैं। PM Kisan Samman Nidhi</p>
<p>किसानों को अपनी e-KYC और भूमि सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी, अन्यथा अगली किस्त अटक सकती है।</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और IFSC कोड सही होना चाहिए। PM Kisan Samman Nidhi</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, आवेदन के दौरान दी गई जानकारी सही और पूर्ण होनी चाहिए।</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, आप PM किसान योजना की ऑफिशियल वेबसाइट pmkisan।gov।in पर जाकर बेनेफिशियरी लिस्ट में अपना नाम एवं स्टेटस देख सकते हैं। इस योजना संबंधी किसी भी तरह की समस्या पर किसान ईमेल आईडी pmkisan-ict@gov।in पर संपर्क कर सकते हैं। PM Kisan Samman Nidhi</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, PM किसान योजना के हेल्पलाइन नंबर- 155261 या 1800115526 (Toll Free) या फिर 011-23381092 पर संपर्क कर सकते हैं। यहां भी आपके हर समस्या का समाधान किया जाएगा। PM Kisan Samman Nidhi</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, बता दें कि सरकार किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद देती है। ये राशि PM योजना के तहत DBT माध्यम से उनके खाते में ट्रांसफर की जाती है। PM Kisan Samman Nidhi</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, किसानों के खाते में हर 4 महीने के अंतराल में 3 किस्तों में 2-2 हजार रुपये भेजे जाते हैं। फिलहाल, इस योजना की 20 किस्तें जारी हो चुकी हैं। अब किसानों को अगली किस्त का इंतजार है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 12:43:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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                <title>PM Kisan Yojana: पीएम किसान की 21वीं किस्त को लेकर आई बड़ी खबर! जानें कब आएंगे 2000 रुपये </title>
                                    <description><![CDATA[<p>PM Kisan Yojana 21th Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए राहत का बड़ा जरिया है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होती है। अब किसानों की नजर 21वीं किस्त पर टिकी हुई है, और उम्मीद की जा रही है कि यह अक्टूबर 2025 में जारी की जा सकती है।</p>
<p>इस बार संभावनाएं जताई जा रही हैं कि सरकार दिवाली से पहले किसानों को गिफ्ट के रूप में यह किस्त जारी कर सकती है। अगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155080/pm-kisan-yojana-pm-will-know-the-big-news-about"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/pm-kisan-yojana.jpg" alt=""></a><br /><p>PM Kisan Yojana 21th Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए राहत का बड़ा जरिया है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होती है। अब किसानों की नजर 21वीं किस्त पर टिकी हुई है, और उम्मीद की जा रही है कि यह अक्टूबर 2025 में जारी की जा सकती है।</p>
<p>इस बार संभावनाएं जताई जा रही हैं कि सरकार दिवाली से पहले किसानों को गिफ्ट के रूप में यह किस्त जारी कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह त्योहारों से पहले किसानों के लिए बड़ी राहत होगी। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है।</p>
<h3><strong>21वीं किस्त पाने के लिए जरूरी शर्तें</strong></h3>
<p>1. E-KYC अनिवार्य: अगर आपने अभी तक e-KYC नहीं करवाई है, तो आप 21वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं। e-KYC कराना सभी किसानों के लिए अनिवार्य है।</p>
<p>2. आधार से बैंक खाता लिंक: यदि आपका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, तो भी भुगतान नहीं किया जाएगा। समय रहते आधार लिंकिंग जरूर कराएं।</p>
<p>3. दस्तावेजों की त्रुटियां: अगर आवेदन या e-KYC के दौरान दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी पाई गई, जैसे नाम, खाता संख्या या आधार नंबर में गलती, तो भी आपके खाते में पैसा नहीं आएगा।</p>
<h3><strong>जल्द करें ये जरूरी काम</strong></h3>
<ul>
<li>
<p>नजदीकी CSC केंद्र या बैंक जाकर e-KYC पूरा करें।</p>
</li>
<li>
<p>बैंक खाते को आधार से लिंक कराएं।</p>
</li>
<li>
<p>अपने सभी दस्तावेज जैसे बैंक पासबुक, आधार, और एड्रेस प्रूफ की जांच करें।</p>
</li>
</ul>
<p>पिछली (20वीं) किस्त में कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई थी, लेकिन सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस बार समय से पहले भुगतान संभव है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, त्योहारी सीज़न को ध्यान में रखते हुए यह किस्त दिवाली से पहले जारी की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 18:16:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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