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                <title>up weather news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>up weather news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बारिश देर से आई, लेकिन कहर बरपा गई: बाढ़ के सामने बेबस इंसान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विकास और आधुनिक तकनीक के बावजूद इंसान आखिर प्रकृति के सामने कितना असहाय है। इस साल देश के कई हिस्सों में अतिवृष्टि, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कहीं नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गईं तो कहीं गांवों और शहरों में पानी घरों के भीतर तक जा पहुंचा। असम में बाढ़ ने बड़ी संख्या में लोगों की जान ली और हजारों परिवारों को प्रभावित किया। अब उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, घाघरा, राप्ती और गोमती</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185967/the-rain-came-late-but-it-wreaked-havoc-people-were"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002177002.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विकास और आधुनिक तकनीक के बावजूद इंसान आखिर प्रकृति के सामने कितना असहाय है। इस साल देश के कई हिस्सों में अतिवृष्टि, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कहीं नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गईं तो कहीं गांवों और शहरों में पानी घरों के भीतर तक जा पहुंचा। असम में बाढ़ ने बड़ी संख्या में लोगों की जान ली और हजारों परिवारों को प्रभावित किया। अब उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, घाघरा, राप्ती और गोमती जैसी नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। बारिश देर से जरूर आई, लेकिन जब आई तो अपने साथ ऐसा कहर लेकर आई कि कई इलाके जलमग्न हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 68 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदियों के किनारे बसे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का असर साफ दिखाई देने लगा है। राज्य के 13 जिलों के करीब 173 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लगभग 84 हजार से अधिक आबादी और 13 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र प्रभावित हुआ है। बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतम बुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और उन्नाव जैसे जिलों में हालात चिंता बढ़ाने वाले हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बाढ़ का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ता है जिनकी जिंदगी नदी और खेती पर निर्भर है। कछारी क्षेत्रों में सब्जियों और अन्य फसलों के खेत पानी में डूब गए हैं। किसानों की महीनों की मेहनत और खेती में लगी पूंजी के बर्बाद होने का खतरा है। फसल खराब होने का मतलब केवल तत्काल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि आने वाले महीनों की आजीविका पर भी संकट है। छोटे और सीमांत किसान ऐसे संकट से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, क्योंकि उनके पास नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होते।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई इलाकों में पानी घुस गया है। लगातार बारिश के कारण रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई घरों में पानी पहुंचने से घरेलू सामान खराब हो गया। रामबाग रेलवे स्टेशन की पटरियों तक पानी पहुंच गया और रेलवे कार्यालय भी जलभराव की चपेट में आ गए। शहर की गंभीर स्थिति को देखते हुए हाई कोर्ट ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को तलब किया है। यह स्थिति बताती है कि बाढ़ केवल गांवों की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि तेजी से बढ़ते शहर भी जलभराव के संकट से जूझ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वाराणसी में गंगा का बढ़ता जलस्तर धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। घाटों के आसपास बने सौ से अधिक मंदिरों में पानी पहुंच गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के श्मशान क्षेत्रों तक पानी पहुंचने से अंतिम संस्कार की व्यवस्था प्रभावित हुई है। दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां जलमग्न होने के कारण गंगा आरती को ऊपरी हिस्से से कराना पड़ा। नमो घाट भी पानी में डूब गया। गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार है। इसलिए उसका इस तरह उफान पर आना केवल प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक चिंता का विषय भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कानपुर और उन्नाव में भी गंगा किनारे के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। आवागमन प्रभावित होने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है। प्रशासन नदी के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहा है। कई जिलों में स्कूलों को बंद करना पड़ा है। प्रयागराज, गोंडा, कौशांबी, गाजीपुर और भदोही में कक्षा 12 तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई, जबकि कुछ अन्य जिलों में कक्षा आठ तक के विद्यालय बंद रखे गए। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे कदम जरूरी हैं, लेकिन यह भी बताता है कि बाढ़ का असर समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र तक पहुंच रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति को इस साल देश के दूसरे हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं से अलग करके नहीं देखा जा सकता। असम में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। हजारों लोग प्रभावित हुए और बड़ी संख्या में परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। कई लोगों की जान चली गई। देश के अलग-अलग राज्यों में कहीं बादल फटने, कहीं अत्यधिक बारिश तो कहीं नदियों के उफान ने जनजीवन को प्रभावित किया। इन घटनाओं में एक समान बात दिखाई देती है—प्रकृति के असामान्य व्यवहार के सामने हमारी तैयारियां कई बार कमजोर पड़ जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बारिश हमारे लिए वरदान है, लेकिन जब उसका वितरण असामान्य हो जाए या कम समय में बहुत अधिक पानी गिर जाए तो वही बारिश विनाश का कारण बन जाती है। इस वर्ष कई जगह लंबे इंतजार के बाद बारिश शुरू हुई और फिर अचानक तेज बारिश के दौर ने हालात बदल दिए। इससे यह समझना जरूरी है कि केवल बारिश की मात्रा नहीं, बल्कि उसके समय, तीव्रता और वितरण का भी आपदा प्रबंधन में महत्व है। शहरों में नालों की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था, नदी के बाढ़ क्षेत्र में अनियंत्रित निर्माण और कमजोर तटबंध जैसे सवालों पर गंभीरता से विचार करना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बाढ़ के समय प्रशासन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराना, स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और पशुओं की सुरक्षा करना तत्काल प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही बाढ़ समाप्त होने के बाद नुकसान का आकलन और किसानों तथा प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता देना भी उतना ही जरूरी है। केवल राहत पहुंचाना पर्याप्त नहीं है; भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए स्थायी उपाय करने होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रकृति को नियंत्रित करना इंसान के हाथ में नहीं है, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना निश्चित रूप से संभव है। इसके लिए मौसम की सटीक चेतावनी, मजबूत स्थानीय प्रशासन, बेहतर जल निकासी, नदियों के बाढ़ क्षेत्र का संरक्षण और गांवों-शहरों की वैज्ञानिक योजना जरूरी है। विकास का अर्थ केवल सड़क, पुल और इमारतें बनाना नहीं, बल्कि ऐसा सुरक्षित ढांचा तैयार करना भी है जो प्राकृतिक आपदा के समय लोगों की रक्षा कर सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना और दूसरी नदियां उफान पर हैं। कल किसी दूसरे राज्य में यही स्थिति पैदा हो सकती है। असम से लेकर उत्तर प्रदेश तक की घटनाएं हमें चेतावनी दे रही हैं कि बदलते मौसम और बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं को अब सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बारिश देर से आई, लेकिन उसका कहर यह याद दिलाने के लिए काफी है कि प्रकृति के साथ संतुलन बिगाड़ने की कीमत अंततः समाज को ही चुकानी पड़ती है। कुदरत के सामने इंसान लाचार जरूर है, लेकिन बेहतर तैयारी, संवेदनशील प्रशासन और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रवैया अपनाकर इस लाचारी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 20:53:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेज आंधी और बारिश से बस्ती में मचा हड़कंप, कई जगह गिरे पेड़ और यूनीपोल, सीआरओ ने संभाली राहत कार्यों की कमान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिलेमेंसोमवार को बस्ती शहर में आई तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। अचानक मौसम के बदले मिजाज के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में पेड़ और बिजली के पोल गिरने की घटनाएं सामने आईं। कई स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जबकि महिला पीजी कॉलेज के पास एक विशालकाय पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।</div>
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<div style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) कीर्ति प्रकाश भारती मौके पर पहुंच गए और स्वयं राहत</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182003/there-was-a-stir-in-the-colony-due-to-strong"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260623-wa0073.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिलेमेंसोमवार को बस्ती शहर में आई तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। अचानक मौसम के बदले मिजाज के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में पेड़ और बिजली के पोल गिरने की घटनाएं सामने आईं। कई स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जबकि महिला पीजी कॉलेज के पास एक विशालकाय पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) कीर्ति प्रकाश भारती मौके पर पहुंच गए और स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाल ली। उनके साथ संबंधित उपजिलाधिकारी, एडीएम, नगर पालिका प्रशासन तथा बिजली विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर तत्काल राहत कार्य शुरू कराया।</div>
<div style="text-align:justify;">महिला पीजी कॉलेज के निकट पेड़ गिरने से एक युवक घायल हो गया। मानवता का परिचय देते हुए सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती ने घायल युवक को अपनी सरकारी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण घायल का तत्काल उपचार शुरू हो सका। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।तेज हवा और बारिश का असर शहर के प्रतिष्ठित कंपनी बाग क्षेत्र में भी देखने को मिला, जहां लोक निर्माण विभाग द्वारा स्थापित एक बड़ा यूनीपोल धराशायी हो गया। यूनीपोल गिरने की घटना के बाद इसकी गुणवत्ता और निर्माण मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यूनीपोल मजबूत और मानकों के अनुरूप स्थापित किया गया होता तो सामान्य बारिश और हवा में इसके गिरने की नौबत नहीं आती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शहर के कई अन्य क्षेत्रों में भी पेड़ बिजली के पोल और तारों के साथ सड़क पर गिर गए, जिससे विद्युत आपूर्ति और आवागमन बाधित हो गया। किसी बड़े हादसे से बचने के लिए सीआरओ ने सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। इसके बाद बिजली विभाग और नगर पालिका की टीमों ने संयुक्त रूप से पेड़ों को हटाने तथा विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित करने का कार्य शुरू किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राहत एवं बचाव अभियान के दौरान सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती लगातार मौके पर मौजूद रहे और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और सामान्य जनजीवन को जल्द से जल्द बहाल करना है। अधिकारियों की निगरानी में सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाकर आवागमन बहाल कराने का कार्य तेजी से कराया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तेज बारिश और आंधी के बीच प्रशासन की त्वरित सक्रियता से संभावित बड़े हादसों को टालने में सफलता मिली। हालांकि मौसम के इस अचानक बदले रुख ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों और सार्वजनिक ढांचों की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">दिनांक: 22 जून 2026</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के कलवारी क्षेत्र से भी तेज हवा के साथ बारिश और ओले गिरने की सूचना प्राप्त हुई है |समाजसेवी डॉक्टर प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार दोपहर कलवारी क्षेत्र में अचानक तेज हवा के साथ जमकर बारिश हुई और ओले भी गिरे |</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:34:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kal Ka Mausam: हरियाणा समेत देशभर में कल कैसा रहेगा मौसम? देखें पूर्वानुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Kal Ka Mausam: होली के बाद अब उत्तर भारत समेत देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में इस सप्ताह के दौरान तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में 4 से 6 डिग्री तक तापमान कम हो सकता है। हालांकि हिमालयी क्षेत्रों में अभी भी हल्की ठंड का असर बना रहेगा। दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश, गुजरात और राजस्थान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172610/kal-ka-mausam-how-will-be-the-weather-tomorrow-across"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/kal-ka-mausam-(6).jpg" alt=""></a><br /><p>Kal Ka Mausam: होली के बाद अब उत्तर भारत समेत देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में इस सप्ताह के दौरान तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में 4 से 6 डिग्री तक तापमान कम हो सकता है। हालांकि हिमालयी क्षेत्रों में अभी भी हल्की ठंड का असर बना रहेगा। दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश, गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले तीन दिनों के लिए लू चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है।</p>
<p>मौसम विभाग के मुताबिक एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से 7 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा ओडिशा, झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।</p>
<p>देश के कई राज्यों में इन दिनों अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है। मैदानी इलाकों में सबसे ज्यादा तापमान ओडिशा के झारसुगुड़ा में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र-कच्छ, गुजरात और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्म लू चलने की चेतावनी दी है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</p>
<p>दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम धीरे-धीरे गर्म होता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राजधानी में आसमान साफ रहने की संभावना है और अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सुबह के समय हल्की हवाएं चलने का अनुमान है, जिनकी रफ्तार करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में भी गर्मी का असर महसूस किया जाने लगा है। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में दिन के समय तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान अधिक रहने से गर्मी बढ़ सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि गेहूं, सरसों, चना और आलू की फसलों में सुबह या शाम के समय हल्की सिंचाई करें, ताकि बढ़ते तापमान का असर कम किया जा सके।</p>
<p>बिहार में भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 9 से 11 मार्च के बीच राज्य के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।</p>
<p>उत्तराखंड में 7 से 12 मार्च के बीच हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान है। इसके चलते वहां के तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। पश्चिमी राजस्थान में 9 और 10 मार्च को कुछ स्थानों पर लू चलने की चेतावनी भी जारी की गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 19:10:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kal Ka Mausam: देशभर में कल कैसा रहेगा मौसम? देखें पूर्वानुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Kal Ka Mausam: उत्तर भारत में लगातार तेज धूप निकलने से मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का एहसास बना हुआ है, लेकिन दिन के समय कड़ाके की ठंड से काफी हद तक राहत मिल चुकी है। तापमान में हो रही बढ़ोतरी के कारण लोगों को अब दिन में गर्माहट महसूस होने लगी है।</p>
<p>हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम बिगड़ सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 9 से 11 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168977/kal-ka-mausam-how-will-be-the-weather-tomorrow-across"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/kal-ka-mausam-(6).jpg" alt=""></a><br /><p>Kal Ka Mausam: उत्तर भारत में लगातार तेज धूप निकलने से मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का एहसास बना हुआ है, लेकिन दिन के समय कड़ाके की ठंड से काफी हद तक राहत मिल चुकी है। तापमान में हो रही बढ़ोतरी के कारण लोगों को अब दिन में गर्माहट महसूस होने लगी है।</p>
<p>हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम बिगड़ सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 9 से 11 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है। इस दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।</p>
<p>मौसम विभाग ने साफ किया है कि पश्चिमी हिमालयी राज्यों को छोड़कर देश के अन्य हिस्सों में फिलहाल किसी बड़े मौसम बदलाव की संभावना नहीं है। मैदानी इलाकों में मौसम सामान्य बना रहेगा और दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।</p>
<p>इस बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और तटीय आंध्र प्रदेश में 10 फरवरी तक सुबह के समय घने कोहरे की आशंका जताई गई है। कोहरे के कारण रेल, सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है, ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</p>
<p>दिल्ली-एनसीआर में 10 फरवरी को आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और रात के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दौरान हल्की हवाएं भी चल सकती हैं। 11 और 12 फरवरी को मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा, हालांकि सुबह धुंध बनी रह सकती है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में दिन के समय तेज धूप के कारण ठंड का असर कम हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक मौसम सामान्य बना रहेगा। पूर्वी यूपी में 10 फरवरी तक सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा छा सकता है। न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।</p>
<p>बिहार में भी ठंड धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है। IMD के मुताबिक फिलहाल कोई बड़ी मौसम गतिविधि नहीं दिख रही है, लेकिन 10 फरवरी तक कुछ इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा रह सकता है। आने वाले दिनों में यहां भी तापमान बढ़ने की संभावना है।</p>
<p>राजस्थान के कई हिस्सों में अभी कड़ाके की ठंड जारी है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक किसी बड़े बदलाव की संभावना से इनकार किया है। पश्चिमी राजस्थान में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है, जबकि उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में धीरे-धीरे तापमान बढ़ने के आसार हैं।</p>
<p>उत्तराखंड में 10 और 11 फरवरी के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 10 फरवरी को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। इसके अलावा 14 और 15 फरवरी को भी हल्की बारिश और बर्फबारी का अनुमान है।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में 9 से 11 फरवरी के बीच व्यापक बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 10 फरवरी को कई इलाकों में भारी बर्फबारी, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। यहां तापमान शून्य से नीचे बने रहने की संभावना है।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश में भी 9 से 11 फरवरी तक बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 10 फरवरी को कुछ इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है। राज्य में न्यूनतम तापमान 0 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 22:36:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Weather: उतर प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम? देखें पूरी रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>UP Weather: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 25 सितंबर 2025 तक प्रदेश में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। खासकर पश्चिमी यूपी में मौसम पूरी तरह साफ रहने के आसार हैं, जिसकी वजह से यहां पूर्वी यूपी की तुलना में अधिक गर्मी महसूस की जाएगी।</p>
<p>हालांकि शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में दोपहर बाद अचानक बारिश हुई, जिससे मौसम कुछ समय के लिए सुहावना हो गया था। इसी तरह सीतापुर,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155489/how-will-the-weather-be-in-up-weather-uttar-pradesh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/up--weather.jpg" alt=""></a><br /><p>UP Weather: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 25 सितंबर 2025 तक प्रदेश में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। खासकर पश्चिमी यूपी में मौसम पूरी तरह साफ रहने के आसार हैं, जिसकी वजह से यहां पूर्वी यूपी की तुलना में अधिक गर्मी महसूस की जाएगी।</p>
<p>हालांकि शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में दोपहर बाद अचानक बारिश हुई, जिससे मौसम कुछ समय के लिए सुहावना हो गया था। इसी तरह सीतापुर, हरदोई और शाहजहांपुर में दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी बनी रही। बीते कुछ दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था, जिसका असर कुछ जिलों में देखा भी गया, लेकिन अब अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावनाएं बेहद कम हैं।</p>
<h3><strong>20 से 25 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?</strong></h3>
<p>20 सितंबर (शनिवार) पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क और साफ रहेगा। पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।</p>
<p>21 और 22 सितंबर को पश्चिमी यूपी में मौसम सामान्य और गर्म बना रहेगा, जबकि पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश के आसार रहेंगे।</p>
<p>23 से 25 सितंबर को पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह से साफ और गर्म रहेगा। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट वर्षा और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, लेकिन भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 08:20:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Bihar Weather: यूपी, बिहार में कल होगी जोरदार बारिश, देखें मौसम की जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>UP Bihar Weather: भारत मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए व्यापक बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में पूर्वोत्तर भारत और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। वहीं, राजस्थान, पंजाब और गुजरात से मॉनसून की वापसी की शुरुआत के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हो गई हैं। इसके चलते देश के कई हिस्सों में फिर से मौसम का मिजाज बदल सकता है।</p>
<h3><strong>उत्तर प्रदेश में अलर्ट</strong></h3>
<p>उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वी यूपी के बलिया, गोरखपुर समेत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155075/up-bihar-weather-up-bihar-will-see-strong-rain-tomorrow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/up-bihar-weather.jpg" alt=""></a><br /><p>UP Bihar Weather: भारत मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए व्यापक बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में पूर्वोत्तर भारत और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। वहीं, राजस्थान, पंजाब और गुजरात से मॉनसून की वापसी की शुरुआत के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हो गई हैं। इसके चलते देश के कई हिस्सों में फिर से मौसम का मिजाज बदल सकता है।</p>
<h3><strong>उत्तर प्रदेश में अलर्ट</strong></h3>
<p>उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वी यूपी के बलिया, गोरखपुर समेत 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 16 सितंबर को पूर्वी यूपी के कई इलाकों और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज बौछारों की संभावना जताई गई है। साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी भी दी गई है।</p>
<p>मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने पश्चिमी राजस्थान से अपनी वापसी की प्रक्रिया 17 सितंबर की सामान्य तिथि से तीन दिन पहले ही शुरू कर दी है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र और बंगाल से आ रही नमी के कारण पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में फिर से तेज बारिश की गतिविधियाँ तेज हो रही हैं। राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में 17 और 18 सितंबर को भी तेज बारिश की संभावना है।</p>
<h3><strong>बिहार में भी मौसम का बदला मिजाज</strong></h3>
<p>बिहार में भी मौसम ने अचानक करवट ली है। पटना, गया, जहानाबाद समेत राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और सड़कों पर पानी भर गया। रविवार को दिन में ही अंधेरा छा गया और कई इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।</p>
<p>IMD के अनुसार, बिहार में 15 से 19 सितंबर तक लगातार भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली गिरने के समय खुले मैदानों, पेड़ों या धातु के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 17:36:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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