<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/30899/swantantra-prabhat-delhi-news" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Swantantra prabhat Delhi news - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/30899/rss</link>
                <description>Swantantra prabhat Delhi news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर अधिकतर ट्रांसपोर्टर कारोबार कर रहे हैं</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>पुरानी दिल्ली यहां की गलीया कभी इतिहास की कहानीया सुनाती थी।आज वहां सिर्फ जाम है और अतिक्रमण से दिल्ली ढक रही है। लेकिन अब अतिक्रमण थमने वाला है। क्योंकि यहां बुलडोजर की दहाड सुनाई देगी पुरानी दिल्ली की 16 सड़कें अतिक्रमण मुक्त होने वाली है और इसके पिछे है पीडब्ल्यूडी विभाग ने दिल्ली नगर निगम को एक कडा पत्र लिखा है जिसमें पुरानी दिल्ली और आस पास की16 प्रमुख सड़कों से अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है।इन सड़कों पर इन इलाकों में हालात इतने बत्तर है कि सरकारी जमीन पर सालो से ट्रांसपोर्ट से कब्जा जमा</div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171382/most-of-the-transporters-are-doing-business-by-encroaching-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260225-wa0003.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>पुरानी दिल्ली यहां की गलीया कभी इतिहास की कहानीया सुनाती थी।आज वहां सिर्फ जाम है और अतिक्रमण से दिल्ली ढक रही है। लेकिन अब अतिक्रमण थमने वाला है। क्योंकि यहां बुलडोजर की दहाड सुनाई देगी पुरानी दिल्ली की 16 सड़कें अतिक्रमण मुक्त होने वाली है और इसके पिछे है पीडब्ल्यूडी विभाग ने दिल्ली नगर निगम को एक कडा पत्र लिखा है जिसमें पुरानी दिल्ली और आस पास की16 प्रमुख सड़कों से अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है।इन सड़कों पर इन इलाकों में हालात इतने बत्तर है कि सरकारी जमीन पर सालो से ट्रांसपोर्ट से कब्जा जमा रखा है। बड़े बड़े ट्रक समान की ढेरी या सब कुछ सड़क पर। कल्पना कीजिए कितना मुश्किल होता है यहां से गुजरना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीडब्ल्यूडी ने निगम और पुलिस से तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है। बता दें कि बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र से विधायक व पूर्व मंत्री इमरान हुसैन द्वारा दिल्ली विधानसभा सदन में गत दिनों पूछे गए एक लिखित जवाब में सामने आया है। विधायक हुसैन ने अपनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सदर थाना रोड, कुतुब रोड़, एवं ईदगाह रोड, पर ट्रांसपोर्टरों द्वारा सड़क एवं सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करने पर कार्रवाई न होने के बारे में पूछा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने पूछा था कि अदि ट्रांसपोर्टरों को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में वैकल्पिक स्थान आवंटित किए गए हैं तो उनके यहां से न जाने और उनके द्वारा अतिक्रमण जारी रहने के क्या कारण है, उन्होंने पूछा था कि इस संबंध में अब तक क्या कार्रवाई की गई है, अतिक्रमण हटाने के लिए आगे क्या ठोस कदम प्रस्तावित है। जिस पर पीडब्ल्यूडी ने उत्तर में कहा कि यह बात सही है कि इस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सदर थाना रोड, कुतुब रोड़, एवं ईदगाह रोड, पर ट्रांसपोर्टरों सहित विभिन्न अतिक्रमणकारियों द्वारा सड़क एवं सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। विभाग ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए दिल्ली नगर निगम को पत्र लिखा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीडब्ल्यूडी ने ज़वाब में बताया कि उसकी तीन सडके नहीं यहां के 16 मार्गों पर अतिक्रमण है क्यो जरूरी है ये कारवाई दिल्ली पुलिस भी इन अतिक्रमण से परेशान हैं उन्होंने खुद नगर निगम को कई पक्ष लिखे है, क्योंकि ये कब्जे कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनते हैं।क्या कहते हैं स्थानीय निवासी रिक्शा चालकों अवैध वेंडरो, और दुकानदारों ने मिलकर ट्राफिक जाम से नरक बना दिया है घंटों लोग जाम में फंसे रहते हैं।एक राहगीर ने बताया फुटपाथो पर कब्जा अवैध पार्किंग और ठेलो की वजह से पैदल चलने वालों को सड़क पर चलना पड़ता है जिससे हादसे का ख़तरा बना रहता है।</div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171382/most-of-the-transporters-are-doing-business-by-encroaching-on</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/171382/most-of-the-transporters-are-doing-business-by-encroaching-on</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 20:44:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/img-20260225-wa0003.jpg"                         length="176094"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व हिन्दू परिषद के इंद्रप्रस्थ दिल्ली प्रांत के प्रिंट मीडिया प्रमुख के दायित्व पर मनोनीत किये गए स्वतंत्र सिंह भुल्लर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> विशेष संवाददाता प्रदीप यादव </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>विश्व हिन्दू परिषद के इंद्रप्रस्थ दिल्ली प्रांत में संगठनात्मक संरचना को और सुदृढ़ करते हुए स्वतंत्र सिंह भुल्लर को प्रिंट मीडिया प्रमुख के दायित्व पर मनोनीत किया गया है। इस मनोनयन की घोषणा प्रांत स्तर पर आयोजित बैठक में की गई, जिसमें संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, सभी ने उन्हें शुभकामनायें दीं।स्वतंत्र सिंह भुल्लर लंबे समय से देशहित में, सामाजिक एवं वैचारिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, सक्रियता और मीडिया क्षेत्र की समझ को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रिंट</div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171240/swatantra-singh-bhullar-nominated-for-the-responsibility-of-print-media"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260224-wa0002.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> विशेष संवाददाता प्रदीप यादव </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>विश्व हिन्दू परिषद के इंद्रप्रस्थ दिल्ली प्रांत में संगठनात्मक संरचना को और सुदृढ़ करते हुए स्वतंत्र सिंह भुल्लर को प्रिंट मीडिया प्रमुख के दायित्व पर मनोनीत किया गया है। इस मनोनयन की घोषणा प्रांत स्तर पर आयोजित बैठक में की गई, जिसमें संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, सभी ने उन्हें शुभकामनायें दीं।स्वतंत्र सिंह भुल्लर लंबे समय से देशहित में, सामाजिक एवं वैचारिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, सक्रियता और मीडिया क्षेत्र की समझ को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रिंट मीडिया प्रमुख के रूप में वे हमेशा की तरह संगठन की विचारधारा, गतिविधियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य करेंगे।इस अवसर पर वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री भुल्लर के नेतृत्व में प्रिंट मीडिया विभाग नई ऊर्जा और सशक्त रणनीति के साथ कार्य करेगा, जिससे संगठन की नीतियों एवं कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित होगा। इंद्रप्रस्थ दिल्ली प्रांत के पदाधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि वे देशहित में हमेशा की तरह अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ करेंगे।</div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171240/swatantra-singh-bhullar-nominated-for-the-responsibility-of-print-media</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/171240/swatantra-singh-bhullar-nominated-for-the-responsibility-of-print-media</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 20:15:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/img-20260224-wa0002.jpg"                         length="88283"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के बदले नाम, CM रेखा गुप्ता ने बताई वजह</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">राजधानी दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क से जुड़े कुछ स्टेशनों के नामों में बदलाव किया गया है। यह फैसला राज्य नाम प्राधिकरण (SNA) ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में लिया। समीक्षा के दौरान कुल 21 स्टेशनों के नामों पर विचार किया गया, जिनमें से 12 को पहले जैसा ही रखा गया, 7 के नामों में आंशिक संशोधन किया गया और 2 स्टेशनों के नाम पूरी तरह बदल दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि मेट्रो स्टेशन केवल यातायात का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे संबंधित क्षेत्र की पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए सभी</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170963/cm-rekha-gupta-explains-the-reason-for-changing-the-names"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/download.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">राजधानी दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क से जुड़े कुछ स्टेशनों के नामों में बदलाव किया गया है। यह फैसला राज्य नाम प्राधिकरण (SNA) ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में लिया। समीक्षा के दौरान कुल 21 स्टेशनों के नामों पर विचार किया गया, जिनमें से 12 को पहले जैसा ही रखा गया, 7 के नामों में आंशिक संशोधन किया गया और 2 स्टेशनों के नाम पूरी तरह बदल दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि मेट्रो स्टेशन केवल यातायात का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे संबंधित क्षेत्र की पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए सभी नामों का चयन सोच-समझकर और विस्तृत चर्चा के बाद किया गया है। कई नाम <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">दिल्ली मेट्रो रेल निगम</span></span> (DMRC) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के अनुसार ही बनाए रखे गए हैं।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>नाम तय करते समय इन बातों का रखा गया ध्यान</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">सीएम के अनुसार नामों में बदलाव करते समय स्थानीय पहचान, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व, भौगोलिक स्पष्टता और जनप्रतिनिधियों व नागरिकों की सिफारिशों को प्राथमिकता दी गई। जहां आवश्यक लगा, वहां आसपास के प्रमुख इलाकों के नाम जोड़कर संयुक्त नाम भी मंजूर किए गए, ताकि यात्रियों को स्टेशन पहचानने में सुविधा हो और भ्रम की स्थिति न बने।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>ये नाम रखे गए यथावत</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">मजलिस पार्क, भलस्वा, हैदरपुर बादली मोड़, दीपाली चौक, यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सूरघाट, झड़ौदा माजरा, बुराड़ी, पुष्पांजलि और मौजपुर-बाबरपुर के नाम पहले जैसे ही रहेंगे।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>इन स्टेशनों के नामों में किया गया संशोधन</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">संशोधित नामों में उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार (पहले प्रशांत विहार), जगतपुर-वजीराबाद (पहले जगतपुर), नानक प्याऊ-डेरावल नगर (पहले डेरावल नगर), खानपुर-वायुसैनाबाद (पहले खानपुर), नानकसर-सोनिया विहार (पहले सोनिया विहार), श्री राम मंदिर मयूर विहार (पहले मयूर विहार पॉकेट-1) और मंगोलपुर कलां-वेस्ट एन्क्लेव (पहले वेस्ट एन्क्लेव) शामिल हैं।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>इन स्टेशनों के नाम पूरी तरह बदले गए</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">दो स्टेशनों के नाम पूरी तरह परिवर्तित किए गए हैं। नॉर्थ पीतमपुरा का नया नाम अब हैदरपुर गांव और पीतमपुरा स्टेशन का नाम बदलकर मधुबन चौक कर दिया गया है। यह बदलाव क्षेत्र की स्थानीय पहचान के अनुरूप किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण ने हर प्रस्ताव पर तथ्यात्मक समीक्षा और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम निर्णय लिया है। भविष्य में भी यदि जनहित में कोई उचित प्रस्ताव आता है, तो उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170963/cm-rekha-gupta-explains-the-reason-for-changing-the-names</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/170963/cm-rekha-gupta-explains-the-reason-for-changing-the-names</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 22:36:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/download.jpg"                         length="83785"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: ज्योति नगर अंधा हत्या कांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज्योति नगर क्षेत्र में महिला की अंधी हत्या के मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। थाना ज्योति नगर की टीम ने इस सनसनीखेज मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार, लूटी गई ज्वैलरी और अपराध में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है इस मामले में पहले दर्ज रिपोर्ट के क्रम में, थाना ज्योति नगर की एक समर्पित टीम, जिसका नेतृत्व</div></div></div></div></div></div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170703/big-success-of-delhi-police-jyoti-nagar-blind-murder-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260221-wa0021.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज्योति नगर क्षेत्र में महिला की अंधी हत्या के मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। थाना ज्योति नगर की टीम ने इस सनसनीखेज मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार, लूटी गई ज्वैलरी और अपराध में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है इस मामले में पहले दर्ज रिपोर्ट के क्रम में, थाना ज्योति नगर की एक समर्पित टीम, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर वेद प्रकाश एसएचओ, ज्योति नगर कर रहे थे, ने लगातार मेहनत करते हुए जांच को आगे बढ़ाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टीम में एसआई देवेंद्र, पंकज, विशाल, संजीव; एएसआई नरेश मंगल; हेड कांस्टेबल अनुज, राहुल, सुभाष, अमित और कांस्टेबल अनिल शामिल रहे। पूरी टीम ने गोकलपुरी के एसीपी श्री दीपक चंद्र के करीबी पर्यवेक्षण में काम करते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए।लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान उमेश (21 वर्ष), पुत्र विजय, निवासी नंद नगरी, दिल्ली के रूप में की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी उमेश ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए अपने साथी का नाम भी उजागर किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सह-आरोपी विपिन (22 वर्ष), पुत्र इंदरजीत, निवासी नंद नगरी, दिल्ली को भी गिरफ्तार कर लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी भारी कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। कर्ज न चुका पाने की स्थिति में उन्होंने लूट की साजिश रची, जो अंततः महिला की हत्या में बदल गई। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने पीड़िता की लूटी गई ज्वैलरी, वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और अपराध में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। इस सफल कार्रवाई पर आशीष मिश्रा, पुलिस उपायुक्त, उत्तर-पूर्वी जिला, दिल्ली ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170703/big-success-of-delhi-police-jyoti-nagar-blind-murder-case</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/170703/big-success-of-delhi-police-jyoti-nagar-blind-murder-case</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 20:18:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/img-20260221-wa0021.jpg"                         length="117550"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Prince Andrew एपस्टीन फाइल्स मामले में गिरफ्तार, यूके पुलिस की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">एपस्टीन फाइल्स में नाम सामने आने के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्रिटेन के किंग <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Charles III</span></span></strong> के छोटे भाई और पूर्व प्रिंस एंड्रयू को यूके पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पब्लिक ऑफिस में कथित अनियमितता के संदेह में की गई है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>पुलिस का आधिकारिक बयान</strong></h6>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Thames Valley Police</span></span> ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि करीब साठ वर्ष के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने अपने बयान में किसी शाही सदस्य का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया।समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, विस्तृत जांच के बाद एंड्रयू को गिरफ्तार किया</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170345/prince-andrew-arrested-in-epstein-files-case-major-action-by"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/andrew-1.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">एपस्टीन फाइल्स में नाम सामने आने के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्रिटेन के किंग <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Charles III</span></span></strong> के छोटे भाई और पूर्व प्रिंस एंड्रयू को यूके पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पब्लिक ऑफिस में कथित अनियमितता के संदेह में की गई है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>पुलिस का आधिकारिक बयान</strong></h6>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Thames Valley Police</span></span> ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि करीब साठ वर्ष के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने अपने बयान में किसी शाही सदस्य का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया।समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, विस्तृत जांच के बाद एंड्रयू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि वे उन रिपोर्टों की भी जांच कर रहे थे जिनमें आरोप लगाया गया था कि एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर ने वर्ष 2010 में यौन अपराधी <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Jeffrey Epstein</span></span></strong> को कुछ ट्रेड रिपोर्ट्स भेजी थीं।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>जन्मदिन के दिन गिरफ्तारी</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि पूर्व प्रिंस एंड्रयू को उनके 66वें जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तार किया गया। गुरुवार सुबह पुलिस टीम उनके <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Sandringham Estate</span></span></strong> स्थित आवास पर पहुंची थी। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में उनके घर के बाहर कई पुलिस वाहनों को देखा गया, जिसके बाद पुलिस के बयान से कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि हुई।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>एपस्टीन कनेक्शन से बढ़ा दबाव</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">एपस्टीन फाइल्स सार्वजनिक होने के बाद एंड्रयू और जेफरी एपस्टीन के साथ उनके संबंधों को लेकर उन पर दबाव बढ़ता जा रहा था। अमेरिकी सरकार द्वारा जारी 30 लाख से अधिक दस्तावेजों में एंड्रयू से जुड़े ईमेल, तस्वीरें और वीडियो सामने आने की बात कही गई है।फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर बनी हुई है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170345/prince-andrew-arrested-in-epstein-files-case-major-action-by</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/170345/prince-andrew-arrested-in-epstein-files-case-major-action-by</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 18:06:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/andrew-1.webp"                         length="242880"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माहौल जहरीला हो रहा है': देश में भाईचारा बढ़ाएँ राजनीतिक नेता, आपसी सम्मान के आधार पर लड़े जाएँ चुनाव : सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>देश में नेताओं के भाषणों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की है। मंगलवार को एक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को देश में भाईचारा बढ़ाने का काम करना चाहिए। कोर्ट ने शिक्षाविद रूप रेखा वर्मा समेत 12 याचिकाकर्ताओं से राजनीतिक भाषणों पर दिशानिर्देश के लिए एक नई याचिका दाखिल करने को कहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस जयमाल्य बागची की बेंच ने मौजूदा जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका में नेताओं और मीडिया के लिए गाइडलाइन बनाने की मांग की गई</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170148/the-atmosphere-is-becoming-poisonous-increase-brotherhood-in-the-country"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/supreme-court-4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>देश में नेताओं के भाषणों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की है। मंगलवार को एक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को देश में भाईचारा बढ़ाने का काम करना चाहिए। कोर्ट ने शिक्षाविद रूप रेखा वर्मा समेत 12 याचिकाकर्ताओं से राजनीतिक भाषणों पर दिशानिर्देश के लिए एक नई याचिका दाखिल करने को कहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस जयमाल्य बागची की बेंच ने मौजूदा जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका में नेताओं और मीडिया के लिए गाइडलाइन बनाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि कुछ नेताओं के भाषण भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों को प्रभावित करते हैं।कोर्ट ने कहा कि याचिका चुनिंदा लोगों को निशाना बना रही है और याचिकाकर्ताओं को नई याचिका दाखिल करने को कहा।</p>
<p style="text-align:justify;"> सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को देश में भाईचारा बढ़ाने का काम करना चाहिए। कोर्ट ने शिक्षाविद रूप रेखा वर्मा समेत 12 याचिकाकर्ताओं से राजनीतिक भाषणों पर दिशानिर्देश के लिए एक नई याचिका दाखिल करने को कहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस जयमाल्य बागची की बेंच ने मौजूदा जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका में नेताओं और मीडिया के लिए गाइडलाइन बनाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि कुछ नेताओं के भाषण भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों को प्रभावित करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने कहा कि देश में माहौल जहरीला होता जा रहा है। यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के कथित हेट स्पीच के संदर्भ में दायर की गई थी। सिब्बल ने दलील दी कि किसी एक नेता के खिलाफ राहत नहीं मांगी जा रही है, बल्कि भाषणों में जवाबदेही तय करने के लिए गाइडलाइन बनाने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, बेंच कपिल सिब्बल की दलील से सहमत नहीं हुई। चीफ जस्टिस ने कहा कि यह याचिका एक खास राजनीतिक दल के कुछ चुनिंदा व्यक्तियों के खिलाफ दिखती है। उन्होंने कहा कि इसे वापस लें। एक दूसरी याचिका दायर करें जिसमें यह बताया जाए कि राजनीतिक दल कैसे नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह एक निष्पक्ष याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा, "राजनीतिक नेताओं को देश में भाईचारा बढ़ाना चाहिए।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर हम गाइडलाइन बना भी दें, तो उनका पालन कौन करेगा? भाषण की उत्पत्ति विचारों से होती है। आप विचारों को कैसे नियंत्रित कर सकते हैं? हमें संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप विचारों को बढ़ावा देना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कपिल सिब्बल ने चुनाव आचार संहिता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होती है, लेकिन उससे पहले दिए गए भाषण सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। उन्होंने पूछा कि ऐसे मामलों में मीडिया की क्या जिम्मेदारी है ताकि लोकतांत्रिक माहौल खराब न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस बागची ने कहा कि कोर्ट केवल आदेश पारित कर सकता है, लेकिन उन्हें लागू करना एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही कई सिद्धांत तय कर चुका है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसमें राजनीतिक दलों की भी जिम्मेदारी बनती है, क्योंकि नेता पार्टी का ही सदस्य होता है</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि स्थिति अत्यंत विषाक्त होती जा रही है और इस पर न्यायालय को हस्तक्षेप करना चाहिए। हालांकि, सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि याचिका वस्तुतः एक विशेष व्यक्ति को लक्ष्य बनाकर दायर की गई प्रतीत होती है, क्योंकि इसमें मुख्यतः उन्हीं के भाषणों का उल्लेख है। सिब्बल ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ राहत नहीं मांगी गई है और उन्होंने याचिका से संबंधित संदर्भ हटाने का आश्वासन दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">सीजेआई ने सुझाव दिया कि याचिका वापस लेकर संवैधानिक सिद्धांतों पर केंद्रित नई याचिका दायर की जाए, ताकि किसी दल या व्यक्ति के खिलाफ पक्षपात का आभास न हो। सिब्बल ने तर्क दिया कि आचार संहिता लागू होने से पहले दिए गए भड़काऊ भाषण चुनाव अवधि में भी प्रसारित होते रहते हैं, जिन पर निर्वाचन आयोग कार्रवाई नहीं करता, इसलिए मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए भी दिशानिर्देश आवश्यक हैं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170148/the-atmosphere-is-becoming-poisonous-increase-brotherhood-in-the-country</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/170148/the-atmosphere-is-becoming-poisonous-increase-brotherhood-in-the-country</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 23:50:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/supreme-court-4.jpg"                         length="208745"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच के खिलाफ याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच की घटनाओं के खिलाफ कदम उठाने की मांग वाली कई याचिकाओं पर मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता ने इस मामले में सभी पक्षकारों से दो हफ्ते में अपनी दलील</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्टीकरण या सुझाव लिखित में जमा करने को कहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट को तय करना है कि क्या सांप्रदायिक आधार पर होने वाली भड़काऊ बयानबाजी पर लगाम लगाने के लिए कोई दिशानिर्देश तय किया जाए या कोई व्यवस्था बनाई जाए। </span>2018<span lang="hi" xml:lang="hi">  में दिए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने भीड़</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई</span></p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166902/supreme-court-reserves-verdict-on-petitions-against-hate-speech"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/supream-court4.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच की घटनाओं के खिलाफ कदम उठाने की मांग वाली कई याचिकाओं पर मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता ने इस मामले में सभी पक्षकारों से दो हफ्ते में अपनी दलील</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्टीकरण या सुझाव लिखित में जमा करने को कहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट को तय करना है कि क्या सांप्रदायिक आधार पर होने वाली भड़काऊ बयानबाजी पर लगाम लगाने के लिए कोई दिशानिर्देश तय किया जाए या कोई व्यवस्था बनाई जाए। </span>2018<span lang="hi" xml:lang="hi"> में दिए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने भीड़ की हिंसा को रोकने के लिए दिशानिर्देश तय किए थे। कोर्ट में दायर याचिकाओं में इस आदेश पर सही तरह से अमल न होने और भड़काऊ बयानबाजी पर लगाम लगने के लिए कोर्ट के दखल की मांग की है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान वकील निजाम पाशा ने कहा कि शिकायतों के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होतीं। अगर एफआईआर दर्ज होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सही धाराएं नहीं लगाई जातीं। शरारत जैसी हल्की धाराएं लगाई जाती हैं। फिर वही लोग राज्यों में ऐसे ही भाषण देते दिखते हैं। जब व्यक्तियों की पहचान हो जाती है तो राज्य कार्रवाई करने में क्यों नाकाम हो रहा है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">हेट स्पीच से हेट क्राइम होते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एडवोकेट एमआर शमशाद ने कहा कि सामान्य हेट स्पीच के अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक ट्रेंड है कि वे सिर्फ धार्मिक हस्तियों को निशाना बनाते हैं। जब हम शिकायत दर्ज कराते हैं तो एफआईआर सिर्फ इसलिए दर्ज नहीं होती क्योंकि मंजूरी की जरूरत होती है। हिंदू सेना के वकील बरुण सिन्हा ने कहा कि ओवैसी और स्टालिन ने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ सांप्रदायिक बयान दिए हैं। मैंने शिकायत दर्ज कराई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एडवोकेट संजय हेगड़े ने कोर्ट को बताया कि एक न्यूज चैनल ने कहा था कि एक समुदाय का अपनी कम्युनिटी के लिए यूपीएससी की कोचिंग का इंतजाम करना </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">यूपीएससी जिहाद</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">है। सुप्रीम कोर्ट ने कम से कम दो फैसले दिए हैं। दिक्कत यह है कि अक्सर एक आदमी या एक संगठन जिसे अपनी बोलने की आजादी समझता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह दूसरे के लिए हेट स्पीच बन जाती है। यह किसी ऐसे व्यक्ति पर हमला करने का सवाल है जिसका सामाजिक स्तर कम है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने वकीलों को स्पष्टीकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुझाव और तर्क आदि वाली अपनी बातें फाइल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि पक्षकार दो हफ्ते के अंदर अपने संक्षिप्त नोट्स फाइल कर सकते हैं। सभी पक्षकारों के अपनी दलील लिखित में पेश करने के बाद मामले पर दोबारा सुनवाई होगी।</span></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166902/supreme-court-reserves-verdict-on-petitions-against-hate-speech</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166902/supreme-court-reserves-verdict-on-petitions-against-hate-speech</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 21:32:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/supream-court4.jpg"                         length="134259"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महरोली पार्षद दंपति पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, दुकानदारों का हंगामा तेज़</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर नई दिल्ली </strong>
<div>  </div>
<div><strong>नई दिल्ली। </strong>महरोली में आम आदमी पार्टी की पार्षद रेखा चौधरी और उनके पति महेंद्र चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध कब्ज़े के आरोपों को लेकर सैकड़ों गरीब दुकानदारों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तहबाज़ारी के नाम पर दुकानदारों से 80 हजार से 1 लाख रुपये तक वसूले गए और भरोसा दिलाया गया कि उनकी दुकानें पक्की करा दी जाएँगी।</div>
<div>  </div>
<div>लेकिन 9 सितंबर को हुए डिमोलिशन में अवैध दुकानें तोड़ दी गईं। इसके बाद दुकानदारों ने अपने पैसे की वापसी की मांग उठाई और पार्षद दंपति पर ठगी</div></div></div></div></div></div></div></div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154869/do-cheaper-and-sustainable-farming-using-nano-fertilizers-kisan-bhai"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/महरोली-पार्षद-दंपति-पर-भ्रष्टाचार-के-गंभीर-आरोप,-दुकानदारों-का-हंगामा-तेज़.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर नई दिल्ली </strong>
<div> </div>
<div><strong>नई दिल्ली। </strong>महरोली में आम आदमी पार्टी की पार्षद रेखा चौधरी और उनके पति महेंद्र चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध कब्ज़े के आरोपों को लेकर सैकड़ों गरीब दुकानदारों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तहबाज़ारी के नाम पर दुकानदारों से 80 हजार से 1 लाख रुपये तक वसूले गए और भरोसा दिलाया गया कि उनकी दुकानें पक्की करा दी जाएँगी।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन 9 सितंबर को हुए डिमोलिशन में अवैध दुकानें तोड़ दी गईं। इसके बाद दुकानदारों ने अपने पैसे की वापसी की मांग उठाई और पार्षद दंपति पर ठगी का आरोप लगाया।स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि महेंद्र चौधरी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें दिल्ली शराब घोटाला, गोवा हवाला और एमसीडी हैल्थ विभाग की ज़मीन पर कब्ज़ा शामिल है। यही नहीं, 2024 में एमसीडी डीसी द्वारा आदेश के बावजूद आज तक अवैध कब्ज़ा हटवाया नहीं गया।पूर्व निगम पार्षद आरती सिंह यादव के नेतृत्व में हुए इस विरोध में मंडल अध्यक्ष मनीष शर्मा, पूर्व अध्यक्ष पवन चौधरी, उषा शर्मा, सोहन सिंह, देवेंद्र सेजवाल, सुनील सनसनवाल और डॉ. अशोक मान, दीप्ति शाक्य सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि महेंद्र चौधरी ने एमसीडी के मुख्य नाले पर पक्की दुकानें और हैल्थ विभाग की ज़मीन पर अपना ऑफिस बनवाया और गरीबों को डराकर दुकान किराए पर दीं।</div>
<div> </div>
<div>वहीं दुकानदार जमना ने आरोप लगाया कि उनसे लोहे की शटर वाली दुकान दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये लिए गए, जबकि वे पिछले 15 वर्षों से बिना किसी रुकावट दुकान लगाती आ रही थीं। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने सुस्त प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गरीब दुकानदारों को न्याय नहीं मिला और अवैध कब्ज़े पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154869/do-cheaper-and-sustainable-farming-using-nano-fertilizers-kisan-bhai</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/154869/do-cheaper-and-sustainable-farming-using-nano-fertilizers-kisan-bhai</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Sep 2025 20:50:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A6-%E0%A4%A6%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A4%82%E0%A4%AD%E0%A5%80%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%2C-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BC.jpg"                         length="317754"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        