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                <title>Haryana agriculture - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Haryana agriculture RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में किसानों के लिए खुशखबरी, जल्द जारी होंगे लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा में 57 हजार किसानों के ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन लंबित हैं। इनमें से 13,360 किसान ऐसे हैं जिन्होंने पूरा शुल्क जमा करा दिया है और उन्हें अगले छह महीने में कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। यह जानकारी ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सदन में दी।</p>
<p><strong>कांग्रेस विधायक के सवाल पर खुलासा</strong></p>
<p>मुलाना से कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी के अतारांकित प्रश्न के जवाब में सरकार ने यह आंकड़े प्रस्तुत किए। विधायक ने पिछले 10 वर्षों में ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदनों, दिए गए कनेक्शनों और 31 जनवरी 2026 तक लंबित आवेदनों का वर्षवार ब्यौरा मांगा था।</p>
<p><strong>शुल्क जमा</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171446/haryana-good-news-for-farmers-in-haryana-pending-tube-well"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/haryana-news---2026-02-26t105351.703.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा में 57 हजार किसानों के ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन लंबित हैं। इनमें से 13,360 किसान ऐसे हैं जिन्होंने पूरा शुल्क जमा करा दिया है और उन्हें अगले छह महीने में कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। यह जानकारी ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सदन में दी।</p>
<p><strong>कांग्रेस विधायक के सवाल पर खुलासा</strong></p>
<p>मुलाना से कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी के अतारांकित प्रश्न के जवाब में सरकार ने यह आंकड़े प्रस्तुत किए। विधायक ने पिछले 10 वर्षों में ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदनों, दिए गए कनेक्शनों और 31 जनवरी 2026 तक लंबित आवेदनों का वर्षवार ब्यौरा मांगा था।</p>
<p><strong>शुल्क जमा करने वाले किसानों को 6 माह में कनेक्शन</strong></p>
<p>सरकार के अनुसार 31 दिसंबर 2023 तक आवेदन करने वालों को मांग नोटिस जारी किए जा चुके हैं। 31 जनवरी 2026 तक पूरी लागत जमा कराने वाले किसानों में Uttar Haryana Bijli Vitran Nigam के 4,241 किसान, Dakshin Haryana Bijli Vitran Nigam के 9,119 किसान शामिल हैं। इन सभी को छह महीने के भीतर बिजली कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे।</p>
<p><strong>43 हजार से अधिक आवेदन अभी भी लंबित</strong></p>
<p>एक जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 के बीच आवेदन करने वाले 43,527 किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन अभी लंबित हैं। इनमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 16,323 किसान, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 27,204 किसान शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन आवेदनों पर मांग नोटिस जारी करने का निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा।</p>
<p><strong>10 बीएचपी तक सोलर पंप की व्यवस्था</strong></p>
<p>सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 10 बीएचपी तक के आवेदकों को ऑफ-ग्रिड सोलर पंप दिए जा रहे हैं, ताकि किसानों को वैकल्पिक सिंचाई सुविधा मिल सके और बिजली पर निर्भरता कम हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:54:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana Weather: हरियाणा में नए पश्चिमी विक्षोभ से मौसम का कहर, 11 जिलों में ओलावृष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana Weather: हरियाणा में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। प्रदेश के 11 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि 15 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई। ओलावृष्टि से जहां सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है, वहीं बारिश से गेहूं, चना और जौ की फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p>जिन जिलों में ओलावृष्टि हुई, उनमें हिसार, भिवानी, रोहतक, झज्जर, फतेहाबाद, चरखी दादरी, अंबाला, कैथल, जींद, पानीपत और यमुनानगर शामिल हैं। इनमें हिसार, फतेहाबाद और भिवानी में ओलावृष्टि का असर ज्यादा देखा गया। इन इलाकों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167514/haryana-weather-new-western-disturbance-wreaks-havoc-in-haryana-hailstorm"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/haryana-weather---2026-01-28t121738.948.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana Weather: हरियाणा में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। प्रदेश के 11 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि 15 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई। ओलावृष्टि से जहां सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है, वहीं बारिश से गेहूं, चना और जौ की फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p>जिन जिलों में ओलावृष्टि हुई, उनमें हिसार, भिवानी, रोहतक, झज्जर, फतेहाबाद, चरखी दादरी, अंबाला, कैथल, जींद, पानीपत और यमुनानगर शामिल हैं। इनमें हिसार, फतेहाबाद और भिवानी में ओलावृष्टि का असर ज्यादा देखा गया। इन इलाकों के करीब 200 गांवों में ओले पड़े, जिससे कई जगह खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई।</p>
<h3><strong>सरसों को नुकसान, गेहूं सुरक्षित</strong></h3>
<p>ओलावृष्टि से सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है क्योंकि इस समय उसमें फूल और फलियां लगी हुई हैं। वहीं गेहूं में अभी बालियां नहीं निकली हैं, इसलिए ओलों से गेहूं को खास नुकसान नहीं हुआ। बारिश से गेहूं, चना और जौ की फसलों को नमी मिलने से फायदा होने की संभावना है। प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।</p>
<h3><strong>मौसम विभाग का अलर्ट</strong></h3>
<p>मौसम विभाग ने कई जिलों में कोहरे और शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है।<br />कोहरे का अलर्ट: पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सोनीपत, पानीपत और जींद।<br />शीतलहर का अलर्ट: महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी और चरखी दादरी।</p>
<h3><strong>जिलावार असर</strong></h3>
<p>हिसार जिले के बुड़ाक, सरसाना, बांडाहेड़ी, खासा महाजन, घुड़साल, बगला और कालीरामन गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई।</p>
<p>सिरसा के नाथूसरी चौपटा ब्लॉक के मोरीवाला, डिंग और शक्कर मंदोरी समेत 13 गांवों में ओले गिरे, जिससे सरसों और गेहूं को नुकसान पहुंचा है।</p>
<p>झज्जर जिले के झज्जर, बहादुरगढ़ और बादली ब्लॉक के पेलपा समेत 16 गांवों में ओलावृष्टि हुई। कृषि विभाग के अनुसार यहां फसलों को करीब 15 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।</p>
<p>चरखी दादरी के बाढड़ा उपमंडल के बाढड़ा, हंसावास और कादमा सहित 10 गांवों में सुबह ओले गिरे, सरसों की फसल को अधिक नुकसान की आशंका है।</p>
<p>रोहतक के महम क्षेत्र के भैणी चंद्रपाल, भैणी सुरजन, सैमान, खेड़ी, बहलबा और भराण गांवों में हल्की ओलावृष्टि दर्ज की गई, जहां फसलों को खास नुकसान नहीं हुआ।</p>
<p>जींद के उचाना और नरवाना क्षेत्र के कई गांवों में ओलावृष्टि से सरसों प्रभावित हुई। फतेहाबाद के दहमान, गोरखपुर, चिंदड़, कुम्हारिया और भोडा होसनाक गांवों में ओलों से गेहूं और सरसों की पैदावार पर असर पड़ने की संभावना है।</p>
<p>कुरुक्षेत्र के दयालपुर और बारवा गांवों में हल्की ओलावृष्टि हुई, जबकि रुक-रुक कर हुई बारिश से ठंड में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 12:17:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Solar Pump: हरियाणा मे किसानों के लिए खुशखबरी, सोलर पंप पर मिल रही 75% सब्सिडी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Solar Pump: हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रधानमंत्री कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर एनर्जी पंप लगाने का अवसर दिया जा रहा है। नारनौल के अतिरिक्त उपायुक्त ने जानकारी दी कि इच्छुक किसान 25 दिसंबर से 29 दिसंबर 2025 तक हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।</p><p>योजना के तहत किसानों को 3 एचपी, 5 एचपी, 7.5 एचपी और 10 एचपी क्षमता के सोलर पंप 12 अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध कराए जाएंगे। लाभार्थियों का चयन परिवार की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164276/good-news-for-farmers-in-haryana-75-subsidy-is-available"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/solar-pump.jpg" alt=""></a><br /><p>Solar Pump: हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रधानमंत्री कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर एनर्जी पंप लगाने का अवसर दिया जा रहा है। नारनौल के अतिरिक्त उपायुक्त ने जानकारी दी कि इच्छुक किसान 25 दिसंबर से 29 दिसंबर 2025 तक हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।</p><p>योजना के तहत किसानों को 3 एचपी, 5 एचपी, 7.5 एचपी और 10 एचपी क्षमता के सोलर पंप 12 अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध कराए जाएंगे। लाभार्थियों का चयन परिवार की वार्षिक आय और उपलब्ध कृषि भूमि के आधार पर किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने पहले बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी, बशर्ते वे अपना मौजूदा बिजली कनेक्शन सरेंडर करें। इसके अलावा वर्ष 2019 से 2023 के बीच बिजली आधारित ट्यूबवेल के लिए आवेदन करने वाले किसान भी प्राथमिकता सूची में शामिल रहेंगे।</p><p>प्रशासन ने भूजल स्तर को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिन गांवों में भूजल स्तर 100 फीट से नीचे चला गया है, वहां माइक्रो-इरिगेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। अन्य क्षेत्रों में भी भूमिगत पाइपलाइन या माइक्रो-इरिगेशन सिस्टम जरूरी रहेगा। वहीं, धान की खेती करने वाले वे किसान जिनके क्षेत्र में भूजल स्तर 40 मीटर से नीचे है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।</p><p>वेटिंग लिस्ट में शामिल पुराने आवेदकों को भी राहत दी गई है। यदि वे अपने सोलर पंप की क्षमता या प्रकार बदलना चाहते हैं, तो वे पुरानी फैमिली आईडी के माध्यम से दोबारा आवेदन कर सकते हैं। ऐसे किसानों को नया चालान जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि उनका अंश पहले ही विभाग के पास जमा है। यदि तय समय सीमा में नया आवेदन नहीं किया गया और पंप आवंटित नहीं होता, तो जमा की गई राशि वापस कर दी जाएगी।</p><p>ऑनलाइन आवेदन के लिए किसानों के पास फैमिली आईडी, कृषि भूमि के रिकॉर्ड या जमाबंदी और यह प्रमाण पत्र होना जरूरी है कि आवेदक के नाम पर कोई बिजली आधारित पंप नहीं है। आवेदन प्रक्रिया और कंपनी चयन के बाद किसानों को वर्चुअल अकाउंट नंबर के साथ चालान जारी किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी को अपना हिस्सा NEFT या RTGS के माध्यम से जमा करना होगा।</p><p>विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सोलर पंपों पर 5 साल की वारंटी दी जाएगी और साथ ही 5 वर्षों के लिए चोरी व प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ बीमा सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 10:49:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में इन किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार ने जारी किए 380 करोड़ रुपये </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत बाजरा उत्पादक किसानों के खातों में 380 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। अब तक किसानों को बाजरा भावांतर के रूप में 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।</p>
<p>प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अब तक 31 हजार 873 एकड़ क्षेत्र में खेती करने वाले 19 हजार 723 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। इस योजना के तहत 2500 किसानों को चार ड्रम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163413/good-news-for-these-farmers-in-haryana-government-released-rs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/haryana-news---2025-12-16t103655.646.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत बाजरा उत्पादक किसानों के खातों में 380 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। अब तक किसानों को बाजरा भावांतर के रूप में 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।</p>
<p>प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अब तक 31 हजार 873 एकड़ क्षेत्र में खेती करने वाले 19 हजार 723 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। इस योजना के तहत 2500 किसानों को चार ड्रम प्रति किसान की दर से कुल 75 लाख रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा 523 देसी गायों की खरीद के लिए 1 करोड़ 30 लाख रुपये की अनुदान राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है।</p>
<h3><strong>हर खेत को पानी योजना को गति</strong></h3>
<p>हर खेत को पानी योजना के तहत मिकाडा द्वारा 1144 जलमार्गों की पहचान पुनर्वास के लिए की गई है, जिनमें से 357 जलमार्गों का कार्य पूरा हो चुका है। चालू वित्त वर्ष में इस कार्य के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही 20 वर्ष से अधिक पुराने रजवाहों को दोबारा पक्का किया जाएगा।</p>
<h3>किसानों से जुड़ने का आह्वान</h3>
<p>यह जानकारी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान दी। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली और किसान मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राजबाल भी मौजूद रहीं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को राज्य सरकार द्वारा लिए गए किसान हितैषी फैसलों की जानकारी दें। उन्होंने किसानों को सूक्ष्म सिंचाई अपनाने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया, जिससे पानी की बचत के साथ-साथ खेती की लागत में कमी लाई जा सके।</p>
<h3><strong>MSP पर 24 फसलों की खरीद</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं।</p>
<p>पिछले 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 728 करोड़ रुपये दिए गए हैं। खरीफ सीजन-2025 में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए 53 हजार 821 किसानों को 116 करोड़ 51 लाख रुपये की मुआवजा राशि जारी की गई है।</p>
<h3>किसानों को बड़ी राहत</h3>
<p>सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। किसानों पर बकाया पिछले आबियाने के 133 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपये माफ किए गए हैं। इसके साथ ही गन्ने का भाव बढ़ाकर 415 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जो देश में सबसे अधिक है।</p>
<p>मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा ऑपरेशनल पायलट परियोजना के तहत अब तक 1 लाख 54 हजार 985 एकड़ भूमि का सुधार किया जा चुका है। लघु और सीमांत किसान परिवारों को 6 हजार रुपये वार्षिक सहायता के तहत 20 लाख 18 हजार किसानों के खातों में 7233 करोड़ रुपये डाले गए हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अब तक 33 लाख 51 हजार से अधिक किसानों को 9127 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम दिया जा चुका है। वहीं एकमुश्त निपटान योजना के तहत 6 लाख 81 हजार 182 किसानों और गरीब मजदूरों का 2 हजार 266 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया गया है।</p>
<h3><strong>बैठक में ये रहे उपस्थित</strong></h3>
<p>बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) फणीन्द्रनाथ शर्मा, प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया और प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता भी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 10:37:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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                <title>Haryana: हरियाणा के किसानों को फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा, यहां करें आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा में पिछले चार दिनों के दौरान पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के 12 से अधिक जिलों में किसानों की खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि नुकसान का आकलन कर फसल मुआवजे के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर ई-क्षतिपूर्ति की सुविधा 15 सितंबर तक उपलब्ध रहेगी। आवश्यकता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154581/haryana-haryana-farmers-will-get-compensation-on-crop-loss-here"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/haryana-flood.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा में पिछले चार दिनों के दौरान पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के 12 से अधिक जिलों में किसानों की खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि नुकसान का आकलन कर फसल मुआवजे के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर ई-क्षतिपूर्ति की सुविधा 15 सितंबर तक उपलब्ध रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर यह तिथि आगे भी बढ़ाई जा सकती है। चूंकि कई किसान तकनीकी रूप से सशक्त नहीं हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि तहसीलदार और पटवारी गांवों में सहायता शिविर लगाकर किसानों की मदद करें, ताकि सभी प्रभावित किसान पोर्टल पर अपनी फसल क्षति की जानकारी दर्ज करा सकें।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के माध्यम से सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि किसी भी किसान को परेशानी न हो, इसकी निगरानी उपायुक्त स्वयं करें और सरकार को नियमित स्टेटस रिपोर्ट भेजें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी फसल की बुवाई के लिए डीएपी और यूरिया की पर्याप्त व्यवस्था सभी जिलों में सुनिश्चित की जाए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खाद वितरण टोकन प्रणाली के तहत हो और प्रशासन गांवों में यह जानकारी समय पर उपलब्ध कराए कि किस गांव के किसानों को किस दिन खाद मिलेगी, जिससे किसानों को लाइन में खड़े रहने या इधर-उधर भटकने की जरूरत न पड़े। उन्हें जानकारी दी गई कि कुछ जिलों में किसान खाद और बीज के लिए लंबी कतारों में लग रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए उच्च अधिकारियों को व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 10:15:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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