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                <title>fighter jets - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>fighter jets RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> जापान: के ओकिनावा द्वीप पर मड़रा रहे 120 चीनी लड़ाकू विमानों को जापान ने दिया करारा जबाब </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>टोक्‍यो:</strong> ताइवान  को धमकाने और उसके क्षेत्र में घुसपैठ व शक्ति प्रदर्शन के बीच चीन ने अब जापान को भी आंखें दिखानी शुरू कर दी हैं। जापान ने इस बात की पुष्टि की है कि उसने ताइवान के करीब हो रही चीन की मिलिट्री ड्रिल का जवाब दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन के 120 लड़ाकू विमान  जापान के ओकिनावा द्वीप पर मंडराते नजर आए जिसका जापानी मिलिट्री ने इसका करारा जवाब देते हुए अपने फाइटर जेट्स को रवाना कर दिया है।   चीन ने ये एयरक्राफ्ट कैरियर शानडोंग से   लॉन्‍च और लैंडिंग को अंजाम दिया।</p>
<p>शानॅडोंग इस समय पूर्वी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128668/japan-gave-a-befitting-reply-to-120-chinese-fighter-jets"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/4444.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>टोक्‍यो:</strong> ताइवान  को धमकाने और उसके क्षेत्र में घुसपैठ व शक्ति प्रदर्शन के बीच चीन ने अब जापान को भी आंखें दिखानी शुरू कर दी हैं। जापान ने इस बात की पुष्टि की है कि उसने ताइवान के करीब हो रही चीन की मिलिट्री ड्रिल का जवाब दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन के 120 लड़ाकू विमान  जापान के ओकिनावा द्वीप पर मंडराते नजर आए जिसका जापानी मिलिट्री ने इसका करारा जवाब देते हुए अपने फाइटर जेट्स को रवाना कर दिया है।   चीन ने ये एयरक्राफ्ट कैरियर शानडोंग से   लॉन्‍च और लैंडिंग को अंजाम दिया।</p>
<p>शानॅडोंग इस समय पूर्वी ताइवान में मौजूद है। दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि उसकी तरफ से गाइडेड मिसाइल डेस्‍ट्रॉयर यूएसएस मिलियस ने "फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशन के तहत दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे वाले हिस्‍से की तरफ रवाना किया गया है। अमेरिकी नौसेना का कहना है कि जहाज विवादित स्प्रैटली द्वीप समूह के पास से गुजरा है।</p>
<p>बता दें कि ताइवान की राष्ट्रपति की अमेरिका यात्रा के बाद चीन की सेना ने एक बार फिर शक्ति प्रदर्शन करते हुए कई दर्जन लड़ाकू विमान और युद्धपोत ताइवान की ओर भेजे। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। चीन की सेना ने इससे पहले लड़ाई की तैयारी के लिए तीन दिवसीय गश्त की घोषणा की थी। चीन, ताइवान के उसका हिस्सा होने का दावा करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Apr 2023 16:54:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ड्रैगन की नई चाल: ताइवान को भयभीत करने के लिए शुरू किया सैन्य अभ्यास, तइपे रक्षा क्षेत्र में भेजे  71 चीनी विमान और 9 जहाज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International: </strong>दुनिया पर राज करने का सपना पूरा करने के लिए चीन अपनी विस्तारवादी व आक्रमक नीतियों को लगातार बढ़ाता जा रहा है। इसके तहत चीन अपने पड़ोसी देशों उकसाने की कोशिश में लगा रहता है। ताइवान न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को शाम 4 बजे तक 71 चीनी सैन्य विमानों और 9 नौसैनिक जहाजों को ट्रैक किया गया है।</p>
<p>चीन ने यह कदम वेन और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष केविन मैक्कार्थी के बीच हुई मुलाकात से नाराज होकर उठाया है। ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन की हालिया अमेरिका यात्रा से बिदके चीन ने शनिवार को ताइवान जलडमरूमध्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128654/dragons-new-trick-started-military-exercise-to-intimidate-taiwan-sent"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/2023_4image_13_22_202184475china1-ll.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>International: </strong>दुनिया पर राज करने का सपना पूरा करने के लिए चीन अपनी विस्तारवादी व आक्रमक नीतियों को लगातार बढ़ाता जा रहा है। इसके तहत चीन अपने पड़ोसी देशों उकसाने की कोशिश में लगा रहता है। ताइवान न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को शाम 4 बजे तक 71 चीनी सैन्य विमानों और 9 नौसैनिक जहाजों को ट्रैक किया गया है।</p>
<p>चीन ने यह कदम वेन और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष केविन मैक्कार्थी के बीच हुई मुलाकात से नाराज होकर उठाया है। ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन की हालिया अमेरिका यात्रा से बिदके चीन ने शनिवार को ताइवान जलडमरूमध्य की तरफ युद्धपोत और दर्जनों लड़ाकू विमान भेजे।</p>
<p>चीन दावा करता है कि ताइवान उसका हिस्सा है। ताइवान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (MND) ने कहा कि इसमें 45 विमान शामिल हैं जो शायद ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा को पार कर गए या फिर दक्षिण-पश्चिम से ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश कर गए हैं। राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (MND) की ओर से शनिवार को निगरानी की गई। निगरानी में पाया गया कि चीनी विमानों में J-10, J-11, और J-16 लड़ाकू जेट, शीआन Y-20 परिवहन विमान, H-6K रणनीतिक बमवर्षक और KJ-500 वॉर्निंग विमान शामिल थे।</p>
<p>इससे पहले शुक्रवार को चीन की तरफ से घोषणा की गई थी कि ताइवान की सीमा के आसपास तीन दिन का सैन्य अभ्यास चलेगा है। ये युद्ध अभ्यास 8 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच चलेगा। जानकारी के मुताबिक, इस सैन्य अभ्यास के जरिए चीन ताइवान को अपनी सैन्य ताकत दिखाकर फिर से युद्ध की चेतावनी देने की कोशिश में है। इस सैन्य अभ्यास में चीन के लड़ाकू विमान ताइवान के पानी के क्षेत्रों के आसपास उत्तर, दक्षिण और पूर्व में अभ्यास करेंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Apr 2023 01:52:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पोलैंड बनेगा नाटो (NATO) संधि का पहला देश, जो यूक्रेन को लड़ाकू विमान देने वाला है </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International:</strong> वॉरसॉ।  पोलैंड ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि वह रूस के आक्रमण का सामना कर रहे यूक्रेन को मिग-29 लड़ाकू विमान देने की योजना बना रहा है। इसी के साथ वह रूस से निपटने के लिए तत्काल लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने की यूक्रेन की मांग को पूरा करने वाला पहला नाटो (उत्तर एटलांटिक संधि संगठन) देश बन जाएगा।</p>
<p>पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने कहा कि वॉरसॉ ‘‘अगले कुछ दिनों में’’ यूक्रेन को सोवियत-निर्मित चार मिग-29 लड़ाकू विमान देगा। उन्होंने कहा कि अन्य लड़ाकू विमानों को मरम्मत की जरूरत है, लिहाजा इनकी आपूर्ति बाद में की जाएगी। डूडा ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128024/poland-will-become-the-first-nato-country-to-provide-fighter"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/mig-29_large_0949_145.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International:</strong> वॉरसॉ।  पोलैंड ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि वह रूस के आक्रमण का सामना कर रहे यूक्रेन को मिग-29 लड़ाकू विमान देने की योजना बना रहा है। इसी के साथ वह रूस से निपटने के लिए तत्काल लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने की यूक्रेन की मांग को पूरा करने वाला पहला नाटो (उत्तर एटलांटिक संधि संगठन) देश बन जाएगा।</p>
<p>पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने कहा कि वॉरसॉ ‘‘अगले कुछ दिनों में’’ यूक्रेन को सोवियत-निर्मित चार मिग-29 लड़ाकू विमान देगा। उन्होंने कहा कि अन्य लड़ाकू विमानों को मरम्मत की जरूरत है, लिहाजा इनकी आपूर्ति बाद में की जाएगी। डूडा ने संकेत दिए कि पोलैंड यूक्रेन को 11 से 19 मिग-29 लड़ाकू विमान उपलब्ध करा सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ ये विमान अपनी परिचालन अवधि के अंतिम वर्षों में हैं, लेकिन इनकी हालत अच्छी है।’’ पोलैंड के राष्ट्रपति ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की कि क्या अन्य नाटो देश भी वॉरसॉ के नक्शेकदम पर चलते हुए यूक्रेन को लड़ाकू विमान उपलब्ध कराएंगे। हालांकि, स्लोवाकिया भी यूक्रेन को अपने अप्रयुक्त मिग लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने की मंशा जाहिर कर चुका है।</p>
<p>पोलैंड सरकार के प्रवक्ता पियोत्र म्यूलर ने बुधवार को कहा था कि कई अन्य देशों ने भी यूक्रेन को मिग लड़ाकू विमानों की आपूर्ति करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है, लेकिन उन्होंने इन देशों के नाम का खुलासा नहीं किया। इससे पहले, पोलैंड यूक्रेन को जर्मनी-निर्मित लेपर्ड-2 टैंक उपलब्ध कराने वाला पहला नाटो देश बना था। डूडा की घोषणा से पोलैंड का पड़ोसी नाटो सदस्य जर्मनी अचंभित नजर आया।</p>
<p>जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने पत्रकारों से कहा, ‘‘अब तक हर कोई इस बात से सहमत था कि यह लड़ाकू विमान भेजने का उपयुक्त समय नहीं आया है। पोलैंड ने हमसे अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि वह ऐसा करने की योजना बना रहा है।’’</p>
<p>इस बीच, व्हाइट हाउस ने पोलैंड के कदम को एक संप्रभु फैसला करार दिया और लगातार अपने कद से बड़ा निर्णय लेते रहने के लिए उसकी सराहना की। हालांकि, उसने कहा कि इस प्रशंसा को यूक्रेन को अमेरिकी एफ-16ए लड़ाकू विमान उपलब्ध न कराने के अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के रुख में किसी बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/128024/poland-will-become-the-first-nato-country-to-provide-fighter</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Mar 2023 12:06:45 +0530</pubDate>
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