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                <title>yuria khad - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>yuria khad RSS Feed</description>
                
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                <title>प्राइवेट दुकानों पर महंगे दामों पर बिक रहा यूरिया खाद</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रतनपुर/महराजगंज।</strong> नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के प्राइवेट खाद की दुकानों पर यूरिया खाद के लिए किसानों से मनमाफिक दाम वसूले जा रहे हैं। नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के जिगिना, जमुहानी, गंगवलियां, गंगापुर, हरलालगढ़ आदि प्राइवेट दुकानदार एक बोरी यूरिया की कीमत 500 से 600 रुपए किसानों से वसूल रहे हैं। इन दिनों किसान गेहूं का सिंचाई कर रहे हैं। ऐसे में गेहूं के सिंचाई के बाद किसानों को यूरिया खाद की जरूरत है। निजी दुकानों पर खाद के दामों में सरकारी दर के अपेक्षा दोगुना दाम लिया जा रहा है। किसानों को सरकारी समितियों पर उनके आवश्यकता अनुसार खाद नहीं मिल पा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163533/urea-fertilizer-being-sold-at-expensive-prices-in-private-shops"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/25c85030-2e06-433e-8dea-e10637c0bb08_1754733212273.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रतनपुर/महराजगंज।</strong> नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के प्राइवेट खाद की दुकानों पर यूरिया खाद के लिए किसानों से मनमाफिक दाम वसूले जा रहे हैं। नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के जिगिना, जमुहानी, गंगवलियां, गंगापुर, हरलालगढ़ आदि प्राइवेट दुकानदार एक बोरी यूरिया की कीमत 500 से 600 रुपए किसानों से वसूल रहे हैं। इन दिनों किसान गेहूं का सिंचाई कर रहे हैं। ऐसे में गेहूं के सिंचाई के बाद किसानों को यूरिया खाद की जरूरत है। निजी दुकानों पर खाद के दामों में सरकारी दर के अपेक्षा दोगुना दाम लिया जा रहा है। किसानों को सरकारी समितियों पर उनके आवश्यकता अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी का फायदा उठाकर प्राइवेट खाद विक्रेता महंगें दामों पर किसानों को यूरिया बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। स्थिति यह है कि 266 रूपए कीमत की खाद किसानों को 500 से 600 रूपए देनी पड़ रही है। निजी दुकानों पर यूरिया खाद की हुई बढ़ोतरी ने किसानों के सिर पर कर्ज का बोझ बढ़ा दिया है। एक तरफ सरकार बीज व उर्वरक को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराने की योजना चलाई है। बावजूद इसके निजी दुकानदार फायदा उठाकर किसानों की जेब पर भारी बोझ डाल रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के किसानों ने जिले के आलाधिकारियों से प्राइवेट खाद विक्रेताओं पर नकेल कसने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम नौतनवां नवीन कुमार ने कहा कि जांच-पड़ताल कर मनमाने दाम पर खाद बेचने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 18:05:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भाजपा सरकार में यूरिया खाद के लिए दर-दर भटक रहा किसान:श्याम लाल पाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>समाजवादी पार्टी की पीडीए सरकार बनाने के लिए मलिहाबाद ब्लाक के बूथ अध्यक्षों एवं सेक्टर प्रभारियों का सम्मेलन आयोजित किया गया।जिसका आयोजन निवर्तमान प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल व विशिष्ट अतिथि सांसद आरके चौधरी उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत व संचालन विधानसभा अध्यक्ष सोनीष मौर्य ने किया।</p>
<p style="text-align:justify;">बूथ प्रभारियों के सम्मेलन में मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा कि वर्तमान सरकार की लचर व्यवस्था के कारण ही आम जनता को स्वास्थ्य,शिक्षा एवं रोजगार नहीं मिल पा रहा है।भाजपा सरकार में किसान को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155933/kisan-shyam-lal-pal-is-wandering-rate-for-urea-fertilizer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250925-wa0012.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>समाजवादी पार्टी की पीडीए सरकार बनाने के लिए मलिहाबाद ब्लाक के बूथ अध्यक्षों एवं सेक्टर प्रभारियों का सम्मेलन आयोजित किया गया।जिसका आयोजन निवर्तमान प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल व विशिष्ट अतिथि सांसद आरके चौधरी उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत व संचालन विधानसभा अध्यक्ष सोनीष मौर्य ने किया।</p>
<p style="text-align:justify;">बूथ प्रभारियों के सम्मेलन में मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा कि वर्तमान सरकार की लचर व्यवस्था के कारण ही आम जनता को स्वास्थ्य,शिक्षा एवं रोजगार नहीं मिल पा रहा है।भाजपा सरकार में किसान को खाद नहीं मिल रही है।जब तक भाजपा सरकार सत्ता में रहेगी तब तक गरीब जनता एवं किसानों को बुनियादी जरूरतों के लिए प्रताड़ित किया जाता रहेगा।अब समय आ चुका है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए वर्तमान सरकार को जड़ से उखाड़ फेंक दिया जाये और 2027 में सपा की सरकार बनाने का काम करें।सोनू कनौजिया द्वारा सभी बूथ प्रभारी,बूथ अध्यक्ष एवं सेक्टर प्रभारियों को सम्मानित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष सीएल वर्मा,महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह,पूर्व जिलाध्यक्ष नागेन्द्र सिंह यादव,पूर्व प्रत्याशी राजबाला रावत,विजयश्री गौतम,रामगोपाल यादव,टीबी सिंह,राम सिंह एडवोकेट,वीरेंद्र प्रताप सिंह,जियाउर्रहमान सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 17:08:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> यूरिया खाद निर्धारित मूल्य से अधिक दाम लेना का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिले में खाद की किल्लत बरकरार  है। खाद न मिलने से किसानों का गुस्सा फूट रहा है। ग्राम पंचायत शिवपतिनगर के सुकरौली में स्थित विकास खण्ड नौगढ़ अंतर्गत तैनात  सचिव द्धारा जो किसान सुबह 5:00 से लाइन लगाए हुए थे उन किसानों को लगभग 12:00 के बाद यह कह कर वापस लौटा दिया जा रहा था कि खाद खत्म हो गया है। कुछ समय के बाद अधिक दाम अधिक लेकर उर्वरक दिया जा रहा था ।  सचिव का यह कार्य  प्रणाली देखकर  जनता उग्र होकर उर्वरक की दुकान का घेराव कर लिया । पुलिस प्रशासन के पहुंचने के बाद</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154361/%C2%A0%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/1756738055914.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिले में खाद की किल्लत बरकरार  है। खाद न मिलने से किसानों का गुस्सा फूट रहा है। ग्राम पंचायत शिवपतिनगर के सुकरौली में स्थित विकास खण्ड नौगढ़ अंतर्गत तैनात  सचिव द्धारा जो किसान सुबह 5:00 से लाइन लगाए हुए थे उन किसानों को लगभग 12:00 के बाद यह कह कर वापस लौटा दिया जा रहा था कि खाद खत्म हो गया है। कुछ समय के बाद अधिक दाम अधिक लेकर उर्वरक दिया जा रहा था ।  सचिव का यह कार्य  प्रणाली देखकर  जनता उग्र होकर उर्वरक की दुकान का घेराव कर लिया । पुलिस प्रशासन के पहुंचने के बाद स्थिति सामान हुई ।  किसानों का आरोप है कि सचिव द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक रुपया लिया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> किसानों का यह भी आरोप है कि  स्थानीय किसानों को खाद न देकर सेटिंग के तहत दूर के लोगों को खाद दिया जा रहा है। किसानों ने बताया कि नौगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के किसानों को खाद न देकर बर्डपुर ब्लाक के किसानों को दिया गया है । ग्राम प्रधान अमजद अली ने जिलाधिकारी से शिकायत करके कहा है कि सचिव द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक रुपए लेकर उर्वरक दिया गया है इसकी जांच कराकर कार्रवाई कि मांग की हैं।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 16:09:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>यूरिया खाद के लिए हाहाकार: लंबी कतारें, बेहोश किसान और सरकार के दावे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में यूरिया खाद के लिए किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा प्रशासन के ढीले रवैया के कारण खाद का संकट गहराया है जबकि सरकार का दवा पिछले साल की अपेक्षा अधिक खाद जिले में उपलब्ध कराई गई है जांच का विषय बनता है देशभर में किसानों के लिए यूरिया खाद अब “जीवनरेखा” से अधिक “संकट” बनती जा रही है। खेतों में बोआई और टॉप ड्रेसिंग का मौसम है, मगर खाद वितरण केंद्रों पर हज़ारों किसान रोज़ाना लंबी-लंबी लाइनों में खड़े हैं। कहीं भीड़ से धक्कामुक्की में लोग बेहोश होकर गिर रहे हैं, तो कहीं किसानों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154059/outcry-long-queues-for-urea-fertilizer-unconscious-farmers-and-government"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250824-wa0227-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में यूरिया खाद के लिए किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा प्रशासन के ढीले रवैया के कारण खाद का संकट गहराया है जबकि सरकार का दवा पिछले साल की अपेक्षा अधिक खाद जिले में उपलब्ध कराई गई है जांच का विषय बनता है देशभर में किसानों के लिए यूरिया खाद अब “जीवनरेखा” से अधिक “संकट” बनती जा रही है। खेतों में बोआई और टॉप ड्रेसिंग का मौसम है, मगर खाद वितरण केंद्रों पर हज़ारों किसान रोज़ाना लंबी-लंबी लाइनों में खड़े हैं। कहीं भीड़ से धक्कामुक्की में लोग बेहोश होकर गिर रहे हैं, तो कहीं किसानों को मारपीट और लाठीचार्ज का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुछ इलाकों से किसानों की मौत तक की खबरें सामने आई हैं।सरकार का दावा बनाम ज़मीनी हक़ीक़तउत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि प्रदेश में 5.95 लाख मीट्रिक टन यूरिया और अन्य खाद का पर्याप्त भंडार है, और किसानों को यह केवल 50 kg का ₹268 प्रति बोरीएवं 245 रूपये में 45 kg की बोरी में उपलब्ध हो रही है, जबकि वास्तविक लागत ₹2,174 प्रति बोरी तक है। सरकार का यह भी कहना है कि कमी नहीं है, बल्कि काली बाज़ारी और तस्करी हो रही है जिसे रोकने के लिए सख्ती की जा रही है। सीमावर्ती ज़िलों में छापे और हज़ारों जांचें की गई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन ज़मीनी तस्वीर अलग कहानी कहती है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड से लेकर तेलंगाना तक कई जगह किसानों को केवल “दो बोरी” की सीमा के साथ खाद दी जा रही है। कई बार आपूर्ति देर से पहुंचती है, तो किसान खाली हाथ लौटने को मजबूर हो जाते हैं।किसानों की परेशानी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि उन्हें हर हफ़्ते घंटों लाइन में लगना पड़ता है। कई बार रातभर इंतज़ार करने के बाद भी बैग नहीं मिलता। इससे फसल में खाद डालने का समय निकल रहा है, जिससे उपज पर असर पड़ने का डर है।</div>
<div style="text-align:justify;">एमझारखंड में पुल ढहने जैसी घटनाएं मूसलाधार बारिश के बीच पहले से ही संकट गहरा रही हैं। वहीं उत्तराखंड और बिहार में भी बाढ़ और बारिश से जूझते किसान खाद की कमी से दोगुनी मार झेल रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>असली वजह क्या?</strong></div>
<div style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि कुल भंडार पर्याप्त है, लेकिन समस्या एक साथ बढ़ी मांग, धीमी सप्लाई चेन और काली बाज़ारी की है। सब्सिडी वाले यूरिया की कीमत बहुत कम होने से यह गैर-कृषि कार्यों और नेपाल सीमा पार तस्करी में भी जा रहा है। दूसरी ओर, वितरण केंद्रों पर PoS मशीन और आधार-आधारित सिस्टम की तकनीकी दिक़्क़तें किसानों की मुश्किलें और बढ़ा रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेषज्ञ सुझाते हैं कि सरकार को खाद वितरण के लिए टोकन व्यवस्था, मोबाइल वैन, और ओपन डेटा डैशबोर्ड जैसी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसानों को पता रहे कि कब और कहाँ खाद उपलब्ध है। साथ ही बॉर्डर और मंडी स्तर पर काली बाज़ारी रोकने के लिए सख़्त निगरानी ज़रूरी है। निचोड़ यही है कि यूरिया की कुल कमी नहीं है, बल्कि समस्या वितरण, तस्करी और व्यवस्था की है। मगर इसका खामियाज़ा सीधे खेत में खड़े किसान को झेलना पड़ रहा है—जहाँ उसकी फसल का हर दिन और हर बैग बेहद कीमती है।</div>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Aug 2025 17:52:03 +0530</pubDate>
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