<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/30015/election-commission-of-india" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>election commission of india - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/30015/rss</link>
                <description>election commission of india RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्पेशल इन-डेप्थ रेक्टिफिकेशन (SIR) के तहत एन्यूमरेशन फेज़ पूरा हुआ - राहुल चाबा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>फरीदकोट-</strong> इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया, नई दिल्ली द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, पूरे पंजाब में स्पेशल इन-डेप्थ रेक्टिफिकेशन (SIR) का प्रोसेस चल रहा है। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर-कम-डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर श्री राहुल चाबा, IAS. ने सभी मान्यता प्राप्त पॉलिटिकल पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ एक मीटिंग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मीटिंग के दौरान, उन्होंने बताया कि इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया के निर्देशों के अनुसार, 25 जून, 2026 से 3 अगस्त, 2026 तक चलने वाले एन्यूमरेशन फेज़ के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म बांटने, मिलने और डिजिटाइज़ेशन का प्रोसेस 100 परसेंट पूरा हो गया है। इसके साथ ही, एन्यूमरेशन फेज़ सफलतापूर्वक खत्म हो गया है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184852/enumeration-phase-completed-under-special-in-depth-rectification-sir-rahul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1000987970.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>फरीदकोट-</strong> इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया, नई दिल्ली द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, पूरे पंजाब में स्पेशल इन-डेप्थ रेक्टिफिकेशन (SIR) का प्रोसेस चल रहा है। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर-कम-डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर श्री राहुल चाबा, IAS. ने सभी मान्यता प्राप्त पॉलिटिकल पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ एक मीटिंग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीटिंग के दौरान, उन्होंने बताया कि इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया के निर्देशों के अनुसार, 25 जून, 2026 से 3 अगस्त, 2026 तक चलने वाले एन्यूमरेशन फेज़ के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म बांटने, मिलने और डिजिटाइज़ेशन का प्रोसेस 100 परसेंट पूरा हो गया है। इसके साथ ही, एन्यूमरेशन फेज़ सफलतापूर्वक खत्म हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने हर मुमकिन कोशिश की ताकि सभी प्रिंटेड एन्यूमरेशन फॉर्म संबंधित वोटरों तक पहुंचाए जा सकें और उनसे लिए जा सकें। डिजिटाइजेशन के बाद, BLO ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त BLAZs की मौजूदगी में एब्सेंट, शिफ्टेड, मृतक और डुप्लीकेट वोटरों को भी वेरिफाई किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि वेरिफिकेशन के दौरान जिले में 18,514 वोटर मृत पाए गए, 16,273 वोटर परमानेंटली शिफ्टेड पाए गए, 6,982 वोटर एब्सेंट पाए गए और कुछ वोटरों के नाम डुप्लीकेट भी पाए गए। फरीदकोट जिले के कुल 4,49,615 वोटरों के एन्यूमरेशन फॉर्म के डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज़िला चुनाव अफ़सर ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, वोटर लिस्ट के ड्राफ़्ट का शुरुआती प्रकाशन 13 अगस्त 2026 को किया जाएगा। यह ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट चीफ़ इलेक्टोरल अफ़सर, पंजाब की ऑफ़िशियल वेबसाइट और संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अफ़सरों के दफ़्तरों में उपलब्ध होगी। वोटर अपने बूथ लेवल अफ़सर (BLO) के पास जाकर भी अपना नाम चेक कर सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट के ड्राफ़्ट प्रकाशन के बाद, जिन नागरिकों या वोटरों के नाम लिस्ट में शामिल नहीं हैं, वे 13 अगस्त 2026 से 12 सितंबर 2026 तक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अफ़सर के पास दावे और आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं। जिन वोटरों को नोटिस जारी किए जाएँगे, उन्हें चुनाव आयोग द्वारा बताए गए दो ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मीटिंग में डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन तहसीलदार फरीदकोट पूनम सिद्धू, आम आदमी पार्टी से गुरतेज सिंह खोसा और गुरप्रीत सिंह, भारतीय जनता पार्टी से संदीप शर्मा, मनप्रीत सिंह बराड़ और हरचरण सिंह संधू, बहुजन समाज पार्टी से गुरबख्श सिंह चौहान और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट) से अश्विनी कुमार मौजूद थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184852/enumeration-phase-completed-under-special-in-depth-rectification-sir-rahul</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184852/enumeration-phase-completed-under-special-in-depth-rectification-sir-rahul</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 22:07:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1000987970.jpg"                         length="97884"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण पर राजनीतिक दलों के साथ डीएम की बैठक, 6 जुलाई तक मांगे सुझाव व आपत्तियां।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारियों के तहत बुधवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में  मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण, सम्भाजन तथा नए मतदेय स्थलों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) उपमा पाण्डेय ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप जनपद के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण तथा आवश्यकता अनुसार नए मतदेय</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182492/dms-meeting-with-political-parties-on-rescheduling-of-polling-places"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260701-wa0102.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारियों के तहत बुधवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में  मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण, सम्भाजन तथा नए मतदेय स्थलों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) उपमा पाण्डेय ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप जनपद के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण तथा आवश्यकता अनुसार नए मतदेय स्थलों की स्थापना का कार्य 28 जून 2026 तक संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा पूरा कर लिया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारिणी एवं दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन प्रत्येक 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जा रहा है, ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम, व्यवस्थित एवं पारदर्शी बन सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि मतदेय स्थलों की प्रारूप (आलेख्य) सूची का प्रकाशन 4 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद राजनीतिक दलों सहित अन्य संबंधित पक्ष यदि किसी मतदेय स्थल के परिवर्तन, संशोधन अथवा अन्य किसी विषय पर सुझाव या आपत्ति देना चाहते हैं तो वे 6 जुलाई 2026 तक संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय, प्रयागराज में अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे प्रकाशित होने वाली सूची का गंभीरता से परीक्षण करें और यदि किसी मतदेय स्थल के संबंध में कोई व्यावहारिक समस्या अथवा सुधार का सुझाव हो तो निर्धारित समय-सीमा के भीतर लिखित रूप में उपलब्ध कराएं, ताकि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा सके।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182492/dms-meeting-with-political-parties-on-rescheduling-of-polling-places</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182492/dms-meeting-with-political-parties-on-rescheduling-of-polling-places</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:46:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260701-wa0102.jpg"                         length="124182"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारीकी अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों के साथ कलेक्टेट सभागार मेेें बैठक आयोजित की गयी ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में आगामी निर्वाचन की तैयारियों के तहत जिले में मतदेय स्थलों के संभाजन एवं पुनर्निधारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। इस संबंध में मंगलवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती कृत्तिका ज्योत्स्ना की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों के साथ कलेक्टेªट सभागार मेेें बैठक आयोजित की गयी । बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी उ.प्र. के निर्देशानुसार जिले के सभी मतदेय स्थलों का पुनः परीक्षण कराया जा रहा है। आयोग के मानको के अनुसार मतदेय स्थलों पर 1200 से अधिक मतदाता है, उनका विभाजन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182387/a-meeting-was-organized-in-the-collectorate-auditorium-with-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260630-wa0105.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में आगामी निर्वाचन की तैयारियों के तहत जिले में मतदेय स्थलों के संभाजन एवं पुनर्निधारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। इस संबंध में मंगलवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती कृत्तिका ज्योत्स्ना की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों के साथ कलेक्टेªट सभागार मेेें बैठक आयोजित की गयी । बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी उ.प्र. के निर्देशानुसार जिले के सभी मतदेय स्थलों का पुनः परीक्षण कराया जा रहा है। आयोग के मानको के अनुसार मतदेय स्थलों पर 1200 से अधिक मतदाता है, उनका विभाजन कर नये मतदेय स्थल बनाये जायेंगे ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम, व्यवस्थित व पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराया जा सकें। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि 24 जून से 31 जुलाई 2026 तक विभिन्न चरणों में भौतिक सत्यापन, मतदेय स्थलों का पुनर्निधारण, प्रारूप सूची का प्रकाशन, आपत्तियों का परीक्षण कर नियमानुसार उनका निस्तारण भी किया जायेंगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निधारण एवं नये मतदेय स्थल स्थापित करने हेतु भवनों का चिंहॉकन 24 से 28 जून, मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदेय स्थलों के प्रस्ताव तैयार करना 29 जून से 01 जुलाई, आपत्तियों एवं सुझावों हेतु मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन तथा मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची मा. प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराना 04 जुलाई, वर्तमान संसद सदस्यों, विधानसभा सदस्यों तथा मा. प्राप्त राजैनिक दलों के साथ बैठको के आयोजन के पश्चात् शिकायतों एवं सुझावों के निस्तारण के बाद सूची को अन्तिम रूप दिया जाना 18 जुलाई, जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी संलग्नको सहित मतदेय स्थलों का प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को आयोग के अनुमोदनार्थ भेजे जाने हेतु उपलब्ध कराया जाना 25, 27 व 28 जुलाई तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा संभाजन संबंधी प्रस्ताव आयोग के अनुमोदनार्थ प्रेषित किया जाना 31 जुलाई 2026 है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में मा. प्राप्त राजनैतिक दलों के सदस्य एवं प्रतिनिधिगण, उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी हिमांशु कुमार, मनोज प्रकाश, सत्येन्द्र सिंह, उमाकान्त तिवारी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सुभाष सिंह, ओम प्रकाश सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहें।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182387/a-meeting-was-organized-in-the-collectorate-auditorium-with-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182387/a-meeting-was-organized-in-the-collectorate-auditorium-with-the</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:52:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260630-wa0105.jpg"                         length="104992"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा देने की मांग की।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस ने रविवार को वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने की मांग की। पार्टी का तर्क है कि ऐसा करने से वोटरों को दबाने और मनमाने ढंग से अयोग्य ठहराने के खिलाफ़ मज़बूत सुरक्षा मिलेगी। स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (</span>SIR) <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रक्रिया के तहत अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत के चुनाव आयोग का "साफ़ तौर पर पक्षपाती कामकाज" - जिसके बारे में उन्होंने आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181819/congress-demanded-that-the-right-to-vote-be-given-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas20.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस ने रविवार को वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने की मांग की। पार्टी का तर्क है कि ऐसा करने से वोटरों को दबाने और मनमाने ढंग से अयोग्य ठहराने के खिलाफ़ मज़बूत सुरक्षा मिलेगी। स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (</span>SIR) <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रक्रिया के तहत अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत के चुनाव आयोग का "साफ़ तौर पर पक्षपाती कामकाज" - जिसके बारे में उन्होंने आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा था - "पूरी तरह से बेनकाब" हो गया है। उन्होंने कहा कि अब वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा देने का समय आ गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि इसे न्यायिक समीक्षा और सुरक्षा का सर्वोच्च स्तर मिल सके।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रमेश ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का ज़िक्र किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें दो जजों की बेंच ने फुटपाथ पर चलने के अधिकार को संविधान के तहत मौलिक अधिकार घोषित किया था। उन्होंने सवाल किया कि वोट देने के अधिकार को - जिसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए बहुत ज़रूरी बताया - वैसी ही मान्यता क्यों नहीं मिलनी चाहिए।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता ने याद दिलाया कि संविधान सभा ने सरदार पटेल की अध्यक्षता में मौलिक अधिकारों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अल्पसंख्यकों और आदिवासी व बहिष्कृत क्षेत्रों पर एक सलाहकार समिति बनाई थी। </span>21-22<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल</span>, 1947<span lang="hi" xml:lang="hi"> को हुई बैठक के दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समिति ने इस बात पर विस्तार से चर्चा की थी कि क्या वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया जाना चाहिए।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रमेश के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ. बी.आर. अंबेडकर और बाबू जगजीवन राम ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने का ज़ोरदार समर्थन किया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि सरदार पटेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सी. राजगोपालाचारी और अन्य लोगों का तर्क था कि ऐसा करने से रियासतें भारतीय संघ में शामिल होने में हिचकिचा सकती हैं। उनका मानना था कि संविधान में सभी वयस्कों को वोट देने का अधिकार (यूनिवर्सल एडल्ट फ्रेंचाइजी) देना ही काफ़ी होगा।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रमेश ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">सरदार पटेल का खुद यह मानना था कि सभी वयस्कों को वोट देने का अधिकार अपने आप में एक अंतर्निहित मौलिक अधिकार है। यही अनुच्छेद </span>326<span lang="hi" xml:lang="hi"> की पृष्ठभूमि है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सभी वयस्कों को वोट देने के अधिकार के आधार पर चुनाव कराने का प्रावधान करता है।" उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">जन प्रतिनिधित्व अधिनियम</span>, 1951' <span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत एक कानूनी अधिकार है या एक स्पष्ट मौलिक अधिकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस पर बहस सात दशकों से ज़्यादा समय से चल रही है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रमेश ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">अलग-अलग राय सामने आई हैं। हाल ही में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च </span>2023<span lang="hi" xml:lang="hi"> के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मामले में जस्टिस अजय रस्तोगी ने अपनी असहमति वाली राय में कहा कि वोट देने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है।"</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वोटिंग से जुड़े कई अधिकारों को पहले ही मान्यता दी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उम्मीदवारों के आपराधिक बैकग्राउंड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके आर्थिक हितों और राजनीतिक फंडिंग के स्रोतों को जानने का मतदाताओं का अधिकार शामिल है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने तर्क दिया</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">इसने वोट की गोपनीयता की रक्षा की है और </span>NOTA <span lang="hi" xml:lang="hi">के ज़रिए सभी उम्मीदवारों को खारिज करने के अधिकार को मान्यता दी है। इसलिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह और भी अजीब बात है कि वोट देने का अधिकार अभी भी सिर्फ़ एक कानूनी अधिकार बना हुआ है। इससे जुड़े सभी अधिकारों को मौलिक घोषित किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मुख्य अधिकार - जिसके बिना बाकी अधिकार मौजूद नहीं रह सकते - अभी भी कानूनी अधिकार ही बना हुआ है।"रमेश ने कहा कि वोट देने के अधिकार का दर्जा बढ़ाने से लोकतांत्रिक सुरक्षा उपाय मज़बूत होंगे।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के इशारे पर काम करने वाले भारत के चुनाव आयोग के खुले तौर पर पक्षपाती कामकाज के बुरी तरह बेनकाब होने के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब समय आ गया है कि वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा दिया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे इसे न्यायिक समीक्षा और सुरक्षा का उच्चतम स्तर मिल सके।"</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रमेश ने आगे कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">यह मतदाताओं को दबाने या मनमाने ढंग से अयोग्य ठहराने के खिलाफ़ सुरक्षा उपाय लागू करने की दिशा में एक मज़बूत कदम होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो </span>SIR (<span lang="hi" xml:lang="hi">विशेष गहन संशोधन) प्रक्रिया के तहत अलग-अलग राज्यों में बहुत बड़ी संख्या में हुए हैं। इसका मतलब यह भी होगा कि चुनाव आयोग के कामकाज पर सुप्रीम कोर्ट की ज़्यादा निगरानी रहेगी।"</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181819/congress-demanded-that-the-right-to-vote-be-given-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181819/congress-demanded-that-the-right-to-vote-be-given-the</guid>
                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 19:24:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/hindi-divas20.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश यादव का हमला, कहा- बीजेपी और निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव में किए गए ‘ट्रायल’ को पश्चिम बंगाल में लागू किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कराने के लिए एक समानांतर व्यवस्था स्थापित करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग ने मिलकर साढ़े तीन साल पहले उत्तर प्रदेश के रामपुर उपचुनाव में जो ‘ट्रायल’ किया था, उसे हू-ब-हू बंगाल में लागू कर दिया।अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में केंद्रीय बलों के दखल के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश में जब 2022 में रामपुर लोकसभा और विधानसभा का उपचुनाव</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178174/akhilesh-yadavs-attack-said-bjp-and-election-commission-implemented-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/download.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कराने के लिए एक समानांतर व्यवस्था स्थापित करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग ने मिलकर साढ़े तीन साल पहले उत्तर प्रदेश के रामपुर उपचुनाव में जो ‘ट्रायल’ किया था, उसे हू-ब-हू बंगाल में लागू कर दिया।अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में केंद्रीय बलों के दखल के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश में जब 2022 में रामपुर लोकसभा और विधानसभा का उपचुनाव हुआ था, तब सबने देखा कि किस तरीके से वहां चुनाव अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “शायद भारतीय जनता पार्टी ने आयोग के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में एक ‘ट्रायल’ किया था और उसे हू-ब-हू बंगाल में उतार दिया। मुझे जानकारी मिली है कि उन्होंने केंद्रीय बलों और अर्धसैनिक बलों का एक समानांतर ढांचा बना दिया था। इसके अलावा पुलिस व्यवस्था के समानांतर भी एक व्यवस्था बना दी गई थी।”समाजवादी पार्टी प्रमुख ने हालांकि पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी की अगुवाई में सरकार बनने का विश्वास जताते हुए कहा, “दीदी थी, दीदी रहेंगी। वह लड़ेंगी भी और जीतेंगी भी।”उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए एक बार फिर कहा कि अगर स्मार्ट मीटर में बेईमानी हो सकती है तो ईवीएम में क्यों नहीं हो सकती?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने समाजवादी विधायक प्रभु नारायण की आशंका का जिक्र करते हुए कहा कि वह प्रदेश की जनता को सावधान करना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ लोग कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर झगड़ा कराएंगे। उन्होंने कहा कि विधायक प्रभु नारायण का कहना है कि चुनाव के दौरान भाजपा के लोग गांव-गांव में खूब डीजे बजवाएंगे जिससे नफरत फैले और झगड़ा हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी के लोग बड़े पैमाने पर जगह-जगह डीजे बजवाकर झगड़ा करवाने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन सपा ने जनता को पहले ही सावधान कर दिया है। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि यह पार्टी ‘झूठ की सोन पापड़ी’ बनाती है और वह झूठ की एक परत के ऊपर असत्य की दूसरी परत चढ़ा देती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178174/akhilesh-yadavs-attack-said-bjp-and-election-commission-implemented-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178174/akhilesh-yadavs-attack-said-bjp-and-election-commission-implemented-the</guid>
                <pubDate>Mon, 04 May 2026 21:58:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/download.jpg"                         length="77846"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधानसभा चुनाव: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण से पहले चुनाव आयोग सख्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनावों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं।सूत्रों के अनुसार, आयोग ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त (सीपी), सभी उपायुक्त (डीसीपी), जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित थाना स्तर तक के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आयोग ने निर्देश दिया है कि यदि किसी भी अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में किसी व्यक्ति के पास विस्फोटक सामग्री पाई जाती है या डराने-धमकाने की कोई रणनीति अपनाई जाती है, तो संबंधित थाना प्रभारी को इसके</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177429/election-commission-strict-before-the-second-phase-of-assembly-elections"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/navjivanindia_2026-04-25_svf60re9_election-commision.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनावों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं।सूत्रों के अनुसार, आयोग ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त (सीपी), सभी उपायुक्त (डीसीपी), जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित थाना स्तर तक के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयोग ने निर्देश दिया है कि यदि किसी भी अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में किसी व्यक्ति के पास विस्फोटक सामग्री पाई जाती है या डराने-धमकाने की कोई रणनीति अपनाई जाती है, तो संबंधित थाना प्रभारी को इसके लिए सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। आयोग ने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी को अभूतपूर्व परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने सभी पुलिस अधिकारियों को अगले 24 घंटों के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान किसी भी प्रकार की अवैध या संदिग्ध सामग्री, विशेषकर विस्फोटक पदार्थों को तत्काल जब्त करने को कहा गया है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग का यह कदम चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। आयोग का मानना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसे हर हाल में रोका जाना जरूरी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस प्रशासन से यह भी कहा गया है कि वे स्थानीय खुफिया तंत्र को सक्रिय रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं। इसके अलावा, आम जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग के इस सख्त रुख से स्पष्ट है कि वह चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हिंसा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। 29 अप्रैल को दूसरे चरण के लिए मतदान होगा। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>विधान सभा चुनाव </category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177429/election-commission-strict-before-the-second-phase-of-assembly-elections</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177429/election-commission-strict-before-the-second-phase-of-assembly-elections</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:28:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/navjivanindia_2026-04-25_svf60re9_election-commision.webp"                         length="102452"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक वोट का सम्मान और लोकतंत्र की विराट शक्ति मतदान केंद्र का संदेश जो पूरे देश के लिए प्रेरणा बना</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">गीर के घने जंगलों के बीच स्थापित मतदान केंद्र केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का जीवंत उदाहरण है। जब एक ही मतदाता के लिए पूरा मतदान केंद्र बनाया जाता है तो यह स्पष्ट संदेश देता है कि इस देश में हर नागरिक का वोट बराबर महत्व रखता है। बाणेज क्षेत्र में एकमात्र मतदाता हरिदास बापू के लिए चुनाव आयोग द्वारा की गई यह व्यवस्था दिखाती है कि लोकतंत्र केवल संख्या का खेल नहीं बल्कि अधिकार और सम्मान की भावना है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के इस दूरस्थ इलाके में जहां पहुंचना भी आसान नहीं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177389/the-message-of-respect-of-one-vote-and-the-great"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/election-3.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">गीर के घने जंगलों के बीच स्थापित मतदान केंद्र केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का जीवंत उदाहरण है। जब एक ही मतदाता के लिए पूरा मतदान केंद्र बनाया जाता है तो यह स्पष्ट संदेश देता है कि इस देश में हर नागरिक का वोट बराबर महत्व रखता है। बाणेज क्षेत्र में एकमात्र मतदाता हरिदास बापू के लिए चुनाव आयोग द्वारा की गई यह व्यवस्था दिखाती है कि लोकतंत्र केवल संख्या का खेल नहीं बल्कि अधिकार और सम्मान की भावना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के इस दूरस्थ इलाके में जहां पहुंचना भी आसान नहीं है वहां चुनाव कर्मियों का जाना और पूरी प्रक्रिया को निभाना अपने आप में एक बड़ी जिम्मेदारी और समर्पण का उदाहरण है। यहां न तो भीड़ है और न ही राजनीतिक शोर लेकिन फिर भी मतदान की पूरी प्रक्रिया वैसी ही होती है जैसी किसी बड़े शहर के मतदान केंद्र पर होती है। यह दिखाता है कि भारत का लोकतंत्र हर परिस्थिति में अपने मूल सिद्धांतों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह परंपरा नई नहीं है बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है। पहले भरतदास बापू इस केंद्र के एकमात्र मतदाता थे और उनके बाद उनके शिष्य हरिदास बापू इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। यह केवल एक व्यक्ति का मतदान नहीं बल्कि एक परंपरा का निर्वहन है जो यह बताती है कि लोकतंत्र में भागीदारी एक निरंतर प्रक्रिया है। यह प्रेरणा देता है कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों नागरिक को अपने अधिकार का उपयोग करना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घने जंगलों में वन्यजीवों के बीच मतदान केंद्र स्थापित करना आसान नहीं होता। चुनाव कर्मियों को कठिन रास्तों से गुजरना पड़ता है सुरक्षा बलों को तैनात करना पड़ता है और हर छोटी बड़ी व्यवस्था का ध्यान रखना पड़ता है। फिर भी यह सब केवल एक वोट के लिए किया जाता है। यह उस सोच को दर्शाता है जिसमें हर नागरिक को समान अधिकार दिया गया है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हरिदास बापू का यह कहना कि जब सरकार एक व्यक्ति के लिए इतनी व्यवस्था कर सकती है तो हर नागरिक को मतदान करना चाहिए एक गहरी बात है। यह केवल एक बयान नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश है। अक्सर देखा जाता है कि शहरों में लोग मतदान के दिन घर पर ही रहते हैं या छुट्टी का आनंद लेते हैं। ऐसे लोगों के लिए यह उदाहरण एक आईना है जो उन्हें अपने कर्तव्य की याद दिलाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुजरात में हुए स्थानीय स्वराज चुनाव भी इस बात का प्रमाण हैं कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोग लोकतंत्र में अपनी आस्था बनाए रखते हैं। भीषण गर्मी के बावजूद लोगों ने मतदान किया और औसतन अच्छा प्रतिशत दर्ज हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में तो उत्साह और भी अधिक देखने को मिला जहां लोगों ने बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का उपयोग किया। यह दर्शाता है कि लोकतंत्र की जड़ें गांवों में कितनी मजबूत हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महानगरपालिकाओं में अपेक्षाकृत कम मतदान प्रतिशत जरूर चिंता का विषय है लेकिन यह भी एक अवसर है सुधार का। जब एक व्यक्ति जंगल में मतदान कर सकता है तो शहरों में रहने वाले लोगों के लिए मतदान करना और भी आसान होना चाहिए। यह सोचने की जरूरत है कि आखिर क्यों शहरी क्षेत्रों में मतदान के प्रति उदासीनता देखने को मिलती है और इसे कैसे दूर किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग की भूमिका इस पूरे परिदृश्य में अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक निष्पक्ष और पारदर्शी संस्था के रूप में उसने बार बार यह साबित किया है कि वह हर परिस्थिति में लोकतंत्र की रक्षा के लिए तैयार है। चाहे वह दूरदराज का इलाका हो या भीड़भाड़ वाला शहर हर जगह एक समान प्रक्रिया का पालन किया जाता है। यही कारण है कि भारत का चुनावी तंत्र विश्व में सबसे बड़ा और सबसे विश्वसनीय माना जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई बार राजनीतिक दल चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हैं और उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। लेकिन बाणेज जैसे उदाहरण इन आरोपों का सीधा जवाब देते हैं। जब एक वोट के लिए इतनी मेहनत और संसाधन लगाए जाते हैं तो यह स्पष्ट हो जाता है कि चुनाव आयोग अपने कर्तव्य के प्रति कितना गंभीर है। ऐसे में बिना ठोस आधार के आरोप लगाना न केवल संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाता है बल्कि लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास को भी कमजोर करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह जरूरी है कि राजनीतिक दल और नेता अपनी जिम्मेदारी को समझें और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करें। आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन वह तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होनी चाहिए। निराधार आरोप केवल भ्रम फैलाते हैं और जनता को गुमराह करते हैं। बाणेज का यह उदाहरण बताता है कि सच्चाई क्या है और व्यवस्था कितनी मजबूत है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मतदान केवल अधिकार नहीं बल्कि एक कर्तव्य भी है। यह वह माध्यम है जिसके जरिए नागरिक अपनी सरकार चुनते हैं और अपने भविष्य को आकार देते हैं। जब लोग मतदान नहीं करते तो वे अपने अधिकार को खो देते हैं और दूसरों को निर्णय लेने का मौका दे देते हैं। इसलिए हर नागरिक को यह समझना चाहिए कि उसका एक वोट कितना महत्वपूर्ण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज के समय में जब तकनीक और सुविधा हर जगह उपलब्ध है तब भी अगर लोग मतदान से दूर रहते हैं तो यह चिंताजनक है। बाणेज का मतदान केंद्र हमें यह सिखाता है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। यह हमें प्रेरित करता है कि हम अपने अधिकार का सम्मान करें और हर चुनाव में भाग लें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंत में यह कहा जा सकता है कि गिर के जंगल में स्थापित यह मतदान केंद्र केवल एक स्थान नहीं बल्कि एक विचार है। यह विचार है समानता का अधिकार का और जिम्मेदारी का। यह हमें याद दिलाता है कि लोकतंत्र केवल सरकार का नहीं बल्कि हर नागरिक का है। इसे मजबूत बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जब एक व्यक्ति के लिए पूरा मतदान केंद्र बनाया जा सकता है तो यह हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है। यह संदेश हमें हमेशा याद रखना चाहिए और अपने जीवन में अपनाना चाहिए। तभी हम एक मजबूत और जागरूक समाज का निर्माण कर पाएंगे जहां हर आवाज सुनी जाएगी और हर वोट की कीमत होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177389/the-message-of-respect-of-one-vote-and-the-great</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177389/the-message-of-respect-of-one-vote-and-the-great</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:26:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/election-3.webp"                         length="52324"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधान परिषद के गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण हेतु संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उतर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश के क्रम में उप जिला निर्वाचन अधिकारी बस्ती ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया है कि दिनॉक 21 नवम्बर 2025 के द्वारा अर्हता तिथि 01.11.2025 के आधार पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण हेतु संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के नियम 31(3) के अन्तर्गत सार्वजनिक नोटिस जारी किये जाने की अवधि दिनॉक 30.9.2025 मंगलवार, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के नियम 31(4) के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161501/revised-program-issued-for-revision-of-electoral-rolls-of-gorakhpur-faizabad"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251122-wa0337-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उतर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश के क्रम में उप जिला निर्वाचन अधिकारी बस्ती ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया है कि दिनॉक 21 नवम्बर 2025 के द्वारा अर्हता तिथि 01.11.2025 के आधार पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण हेतु संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के नियम 31(3) के अन्तर्गत सार्वजनिक नोटिस जारी किये जाने की अवधि दिनॉक 30.9.2025 मंगलवार, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के नियम 31(4) के अन्तर्गत समाचार पत्रों में नोटिस का प्रथम पुनर्प्रकाशन 15.10.2025 बुधवार, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण 1960 के नियम 31(4) अन्तर्गत समाचार पत्रों में नोटिस का द्वितीय पुनर्प्रकाशन 25.10.2025 शनिवार, फार्म 18 या 19 में आवेदन पत्र प्राप्त करने की अन्तिम तिथि जैसी स्थिति हो 06.11.2025 गुरूवार, वह तिथि जिस तक पाण्डुलियों की तैयारी और आलेख्य निर्वाचक नामावलियों का मुद्रण किया जाना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">27.11.2025 गुरूवार, निर्वाचक नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन 02.12.2025 मंगलवार, दावे और आपत्तिया दाखिल करने की अवधि (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के नियम 12 के अन्तर्गत) 02.12.2025 से 16.12.2025, वह तिथि जिस तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जायेंगा और अनुपूरक सूची तैयार और मुद्रित की जायेंगी 30.12.2025, निर्वाचक नामावलियों का अन्तिम प्रकाशन 06.1.2026 मंगलवार को किया जायेंगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161501/revised-program-issued-for-revision-of-electoral-rolls-of-gorakhpur-faizabad</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/161501/revised-program-issued-for-revision-of-electoral-rolls-of-gorakhpur-faizabad</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 16:57:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/img-20251122-wa0337-%281%29.jpg"                         length="174692"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बीएलओ को आगे बढ़कर जानकारी दें — शहरी शिक्षित मतदाता</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा के चुनावों से पूर्व मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की बम्पर सफलता के बाद अब देश के एक दर्जन राज्यों में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 खंड 21 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों का पालन करते हुए नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अर्थात SIR का कार्य 4 नवंबर से शुरू किया है, जिसे 4 दिसंबर 2025 तक एक माह में पूरा किया जाना अनिवार्य भी है। देश के जिन बारह राज्यों में मतदाता सूची के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161374/6922e3d33b86f"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/download10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा के चुनावों से पूर्व मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की बम्पर सफलता के बाद अब देश के एक दर्जन राज्यों में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 खंड 21 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों का पालन करते हुए नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अर्थात SIR का कार्य 4 नवंबर से शुरू किया है, जिसे 4 दिसंबर 2025 तक एक माह में पूरा किया जाना अनिवार्य भी है। देश के जिन बारह राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है, उसके अंतर्गत 321 जिले और 1843 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिनमें करीब इक्यावन करोड़ से अधिक मतदाता हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन सभी का SIR कार्य घर–घर जाकर साढ़े पाँच लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी अर्थात बीएलओ समय सीमा में संपादित करेंगे और देश के कर्तव्यनिष्ठ जिम्मेदार कर्मचारी व नागरिक की भूमिका भी निभाते हुए दर्जन भर राज्यों में दिन–रात कार्य करते हुए नज़र आएँगे। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को शत–प्रतिशत समय सीमा में पूर्ण करने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से बीएलओ के कंधों पर है। इस कार्य का कितना अधिक दबाव इस समय बीएलओ के ऊपर है, इसका आकलन आप देशभर की मीडिया में आए दिन कई बीएलओ की आत्महत्या या हार्ट अटैक से मौत की खबरों से लगा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> बक़ौल, इस समय देश के बीएलओ के ऊपर राष्ट्र के नागरिकों के सत्यापन की महती जिम्मेदारी है, जिसके चलते उनका दायित्व बहुत बड़ा है। समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के दबाव के कारण आज देश का हर बीएलओ मानसिक रूप से तनाव में अवश्य है, लेकिन फिर भी राष्ट्रहित के इस कार्य में एक सैनिक की तरह डटा हुआ है और चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए इस राष्ट्रीय मिशन को सफलता पूर्वक पूरा करने में मनोयोग से लगा हुआ है, इसीलिए देश के नागरिकों से—विशेषकर महानगरीय शहरी शिक्षित संभ्रांत वर्ग से—निवेदन है कि अपने क्षेत्र के बीएलओ के SIR कार्य में आगे बढ़कर अपनी तथा अपने परिवार की जानकारी देकर सहयोग करें और एक देशभक्त नागरिक होने का परिचय दें !</p>
<p style="text-align:justify;">देश के जिन बारह राज्यों में SIR का कार्य चल रहा है, वहाँ के महानगरीय और शहरी इलाकों में रहने वाले संभ्रांत वर्ग के नागरिक SIR संबंधी सबकुछ जानते हुए भी बीएलओ को जानकारी देने से कतराते हैं और तरह–तरह के बहाने बनाकर उन्हें बार–बार चक्कर लगवाते हैं, जिससे उनका कार्य पिछड़ता है। कुछ शहरी शिक्षित लोग तो बीएलओ को दूसरे ग्रह का प्राणी समझकर उसके साथ ऐसा व्यवहार करते हैं कि लगता ही नहीं कि देश के नागरिकों का सत्यापन कार्य किया जा रहा है ! बीएलओ कोई मज़ाक या तौहीन का पात्र नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">वह पूरे एक निर्वाचन बूथ का भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत जिम्मेदार अधिकारी है। देश के नागरिकों को यह याद रखना चाहिए कि बीएलओ द्वारा सत्यापित नागरिक ही मतदाता बनकर मतदान का अधिकार प्राप्त करते हैं, और देश में लोकतांत्रिक सरकार चुनते हैं। मतदाता सूची में नाम होना ही देश के नागरिक होने का सबसे बड़ा प्रमाण है, जिसके आधार पर हम अन्य दस्तावेज भी बनवा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बीएलओ भी देश का, आपके बीच का ही एक जिम्मेदार नागरिक है — ऊपर से एक शिक्षक या किसी अन्य विभाग का कर्मचारी। उसका सम्मान और सहयोग करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इस समय देश के बीएलओ के ऊपर भारत सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी–बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की बड़ी जिम्मेदारी भी है। आज देशभर में अवैध घुसपैठिए इस तरह रच–बस गए हैं कि उन्होंने हमारे तंत्र में बैठे कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों और वोट बैंक बढ़ाकर सत्ता लाभ चाहने वाले भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों के सहयोग से भारतीय नागरिकों को प्राप्त होने वाले लगभग सभी दस्तावेज बनवा लिए हैं और सरकारी सुविधाओं का सर्वाधिक लाभ भी उठा रहे हैं। अवैध घुसपैठिए देश की आंतरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और संस्कृति तीनों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि देश में आबादी से अधिक आधार कार्ड बनने का मामला उजागर न हुआ होता, तो शायद न भारत निर्वाचन आयोग जागरूक होता, न ही केंद्र व राज्य सरकारें। अवैध घुसपैठियों के चलते देश के कुछ राज्यों में जब आबादी से अधिक आधार कार्ड बनने का मामला सामने आया, तो राज्य सरकारें सतर्क हुईं और भारत निर्वाचन आयोग ने यह आशंका भी व्यक्त की कि कहीं सत्ता स्वार्थ के चलते कुछ नेताओं द्वारा अवैध घुसपैठियों को मतदाता बनाकर लोकतंत्र को कमजोर तो नहीं किया जा रहा। इसी कारण बिहार विधानसभा चुनावों से पूर्व मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य किया गया, जिसमें अकेले बिहार में 65 लाख मतदाता जानकारी के अभाव में मतदाता सूची से बाहर किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;"> देश का शिक्षित नागरिक यह विचार करे कि जब केवल एक राज्य में ही इतनी बड़ी संख्या में मतदाता जब अपने भारतीय नागरिक होने का प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाये हे तो पूरे देश में SIR प्रक्रिया में कितने करोड़ लोग बाहर होंगे — यह सोचना भी बड़ा कठिन है ? यदि हम भारतीय अपने देश को बाहरी ताकतों से बचाना चाहते हैं और सुखद भविष्य देखना चाहते हैं, तो सभी नागरिकों को विशेषकर शहरी शिक्षित संभ्रांत लोगों को  मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में आगे आकर बीएलओ का सहयोग करना होगा। तभी देश के भीतर नागरिक बनकर बैठे देशविरोधी तत्वों की पहचान होगी और उन्हें बाहर किया जा सकेगा। चुनाव आयोग द्वारा देश में SIR का कार्य देश को आंतरिक दुश्मनों से बचाने के लिए एक महायज्ञ के रूप में चलाया जा रहा है, जिसमें देश के हर नागरिक को बीएलओ का सहयोग कर इस महायज्ञ को सम्पन्न कराने  हेतू अपनी जानकारी रूपी आहुति देना होगी तभी देश में शांति, सद्भाव और प्रेम कायम रहेगा !</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161374/6922e3d33b86f</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/161374/6922e3d33b86f</guid>
                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 16:07:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/download10.jpg"                         length="7552"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव आयोग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार के चार अधिकारियों को मतदाता सूची में गलत नाम शामिल करने और डेटा सुरक्षा से समझौता करने के आरोप में निलंबित किया।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को चुनाव कानूनों के प्रावधानों के तहत चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को भी कहा। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बरुईपुर पूर्व और मोयना निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में अनधिकृत प्रविष्टियों का खुलासा करने वाली मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की रिपोर्ट के बाद पश्चिम बंगाल के चार चुनाव अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य सचिव को लिखे अपने पत्र में  चुनाव आयोग ने निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक ईआरओ द्वारा की गई अनियमितताओं के सीईओ के निष्कर्षों का हवाला दिया है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153765/the-election-commission-on-tuesday-suspended-four-officers-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/election-commision1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को चुनाव कानूनों के प्रावधानों के तहत चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को भी कहा। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बरुईपुर पूर्व और मोयना निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में अनधिकृत प्रविष्टियों का खुलासा करने वाली मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की रिपोर्ट के बाद पश्चिम बंगाल के चार चुनाव अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य सचिव को लिखे अपने पत्र में  चुनाव आयोग ने निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक ईआरओ द्वारा की गई अनियमितताओं के सीईओ के निष्कर्षों का हवाला दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ये अधिकारी - देबोत्तम दत्ता चौधरी (ईआरओ), तथागत मंडल (एईआरओ), बिप्लब सरकार (ईआरओ), और सुदीप्त दास (एईआरओ) मतदाता सूची तैयार करने, उसमें संशोधन और सुधार के लिए ज़िम्मेदार थे। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया कि उनके खिलाफ "उचित अनुशासनात्मक कार्यवाही" शुरू की जाए और "आपराधिक कदाचार" के लिए एफआईआर दर्ज की जाए। आकस्मिक डेटा एंट्री ऑपरेटर सुरोजित हलदर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग द्वारा मतदाता आवेदन पत्रों (फॉर्म 6) की नमूना जाँच के दौरान ये विसंगतियाँ सामने आईं। चुनाव आयोग ने पाया कि अधिकारियों ने उचित प्रक्रिया का उल्लंघन किया है, जिसके लिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32(1) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। सीईओ के आदेशों के बाद, जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) को पिछले वर्ष संसाधित सभी मतदाता प्रपत्रों की जाँच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित करनी होगी और 14 अगस्त, 2025 तक एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव को सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने और "शीघ्रतम" कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, चुनाव आयोग द्वारा राज्य की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए दिए जा रहे प्रयास का विरोध कर रही हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/153765/the-election-commission-on-tuesday-suspended-four-officers-of-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/153765/the-election-commission-on-tuesday-suspended-four-officers-of-the</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 22:16:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/election-commision1.jpg"                         length="198089"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        