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                <title>Cmo - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>सील के बाद भी संचालित हो रहा अमृत हॉस्पिटल सीएमओ बोल बिना आदेश संचालन हुआ तो होगी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के मुंडेरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बस्ती-मुंडेरवा मार्ग स्थित अमृत हॉस्पिटल को सील किए जाने के बाद भी कथित रूप से संचालन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब दो माह पूर्व एक महिला की मौत के बाद जनपद में हुए बड़े हंगामे के बाद प्रशासन ने अस्पताल पर कार्रवाई करते हुए उसे सील किया था। इस मामले में मुंडेरवा थाने में गंभीर धाराओं में एक नामजद सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बावजूद बिना किसी सक्षम आदेश के अस्पताल का संचालन दोबारा शुरू होने की बात सामने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182195/amrit-hospital-is-operating-even-after-seal-cmo-says-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260627-wa0052.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के मुंडेरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बस्ती-मुंडेरवा मार्ग स्थित अमृत हॉस्पिटल को सील किए जाने के बाद भी कथित रूप से संचालन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब दो माह पूर्व एक महिला की मौत के बाद जनपद में हुए बड़े हंगामे के बाद प्रशासन ने अस्पताल पर कार्रवाई करते हुए उसे सील किया था। इस मामले में मुंडेरवा थाने में गंभीर धाराओं में एक नामजद सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बावजूद बिना किसी सक्षम आदेश के अस्पताल का संचालन दोबारा शुरू होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सील के बाद भी अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव निगम ने कहा कि अस्पताल संचालन के लिए विभाग की ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यदि सील अस्पताल का संचालन किया जा रहा है तो मामले की जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न होने से परेशान हैअब सवाल उठता है कि आखिर सील अस्पताल किसके आदेश पर संचालित हो रहा है और स्वास्थ्य विभाग की नजर से यह कैसे बचा रहा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 23:02:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उमेश गोस्वामी ने खोली डा० बृजेश शुक्ला व सीएमओ के भ्रष्टाचार की पोल </title>
                                    <description><![CDATA[डा० बृजेश शुक्ला के पास नियम विरुद्ध आरसीएच व सीएमएसडी का चार्ज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163196/umesh-goswami-exposed-the-corruption-of-dr-brijesh-shukla-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/img-20251211-wa0282-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले का स्वास्थ्य महकमा इस कदर भ्रष्टाचार के दलदल में उलझा हुआ है कि विभाग के मालदार पदों की खुलेआम बोली लगाकर बिक्री जा रही है । नियम व शासनादेशों को दरकिनार कर  पदों की बोली लगायी जा रही है जिसके परिणाम स्वरूप पात्र डाक्टरों को दरकिनार कर अपात्र डाक्टर व सीएचसी हर्रैया के अधीक्षक डा० बृजेश शुक्ला को नियम विरुद्ध तरीके से मालदार आरसीएच व सीएमएसडी का चार्ज दिया गया है । स्वास्थ्य विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतकर्ता  उमेश गोस्वामी ने शपथ - पत्र युक्त शिकायती पत्र  देकर आयुक्त व अपर निदेशक बस्ती मण्डल बस्ती से न्याय की गुहार लगाया है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयुक्त व अपर निदेशक स्वास्थ्य बस्ती मण्डल बस्ती को भेजे शिकायती पत्र में शिकायत कर्ता उमेश ने लिखा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हर्रैया में बतौर अधीक्षक तैनात डाक्टर बृजेश शुक्ला लेवल - 3 के चिकित्सक हैं जो मूलतः बस्ती जनपद के ही निवासी हैं । शासनादेश में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि लेवल - 3 स्तर के चिकित्सक की तैनाती मूल जनपद में जनपद स्तरीय पदों को छोड़कर की जानी चाहिए जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नियमों को दरकिनार करते हुए डाक्टर बृजेश शुक्ला को उनके मूल जनपद में ही आसीएच व सीएमएसडी का जिला स्तरीय चार्ज दिया गया है जो कि शासनादेश का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है । उमेश ने मण्डलायुक्त व अपर निदेशक स्वास्थ्य से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की माँग किया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 17:21:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>CHO अनीता चौधरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर केशवापुर से डियूटी से मिली गायब</title>
                                    <description><![CDATA[CHO अनीता चौधरी उप स्वास्थ्य केन्द्र केशवापुर पर डियूटी करने के बजाए एक प्राइवेट हॉस्पिटल में करती हैं टीचिंग - सूत्र]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161653/cho-anita-choudhary-found-missing-from-duty-at-ayushman-arogya"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251124-wa0153-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> बस्ती।</strong> बस्ती जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया के अन्तर्गत ग्राम पंचायत केशवापुर में उप स्वास्थ्य केन्द्र / आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तैनात CHO अनीता चौधरी का डियूटी से गायब रहने का खेल जारी है जिसमें CHC हर्रैया MOIC (अधीक्षक ) व BCPM अहम भूमिका निभा रहे हैं और CMO व DCPM की भूमिका संदिग्ध लग रही है । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार उप स्वास्थ्य केन्द्र केशवापुर पर तैनात CHO अनीता देवी के डियूटी से गायब रहने की खबर कई बार प्रकाशित हो चुकी है लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया प्रभारी से लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी  तक किसी जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले का संज्ञान तक नहीं लिया । बल्कि डियूटी से गायब CHO अनीता चौधरी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए लीपापोती किया गया जिससे CHO अनीता चौधरी का डियूटी से गायब रहने सफल है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सूत्रों की माने तो CHO अनीता चौधरी उप स्वास्थ्य केन्द्र केशवापुर पर कभी बैठती ही है और कहती हैं कि उप स्वास्थ्य केन्द्र केशवापुर जर्जर है और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जो नया बना है वहां जाने का रास्ता नही है । CHO पंचायत भवन केशवापुर पर कभी - कभी जाकर फोटो खींच कर अधिकारियों के पास भेज देती है या टीकाकरण के दिन उपस्थित रहती है बाकी दिन एक प्राइवेट हॉस्पिटल में टीचिंग करती है जिसकी जानकारी सभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को है । जब जिम्मेदार अधिकारी ही कुंभकर्णी नींद में मस्त हैं तो कर्मचारी डियूटी में लापरवाही ही करेंगे ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया पड़ताल में CHO अनीता चौधरी न तो उप स्वास्थ्य केन्द्र / आयुष्मान आरोग्य मंदिर केशवापुर और न ही पंचायत भवन केशवापुर पर डियूटी करती मिली । ग्रामीणों ने मीडिया टीम को बताया कि आप खुद देख लीजिए कि CHO अनीता चौधरी आई है कि नही ? जब पंचायत भवन व उप स्वास्थ्य केन्द्र पर ताला लटक रहा है तो CHO अनीता चौधरी कहां डियूटी कर रही है ऐसे अक्सर ज्यादा दिन ताला लगा रहता है । मरीज कागज में इलाज करवा रहे हैं और दवाइयां कागज में बांटी जा रही है । उक्त प्रकरण में डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल ने कहा कि हम मीटिंग में है जांच कराकर डियूटी से गायब CHO अनीता चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 18:52:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉक्टर की डिग्री का फर्जी इस्तेमाल कर सीतापुर व बहराइच में खोले तीन अस्पताल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> एमबीबीएस डिग्री का फर्जी इस्तेमाल कर लखनऊ व बहराइच में तीन अस्पतालाें के संचालन का मामला सामने आया है। डॉ. जावेद खान की शिकायत पर सीएमओ ने जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने उनके नाम व रजिस्ट्रेशन नंबर का गलत इस्तेमाल करते हुए तीन अस्पतालों का संचालन किया। साथ ही डॉक्टर के नाम से इलाज और फर्जी हस्ताक्षर भी किए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने डॉ. जावेद की तहरीर पर मंगलवार को बहराइच के शैदा बभनी, रिसिया निवासी मो. रजा, डॉ. आवेश, डॉ. फरहीन के साथ ही जिले के महराजगंज तराई निवासी मो. शफीक, नई बाजार पचपेड़वा निवासी हस्मान व</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157470/three-hospitals-opened-in-sitapur-and-bahraich-by-using-fake"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/hindi-divas11.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> एमबीबीएस डिग्री का फर्जी इस्तेमाल कर लखनऊ व बहराइच में तीन अस्पतालाें के संचालन का मामला सामने आया है। डॉ. जावेद खान की शिकायत पर सीएमओ ने जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने उनके नाम व रजिस्ट्रेशन नंबर का गलत इस्तेमाल करते हुए तीन अस्पतालों का संचालन किया। साथ ही डॉक्टर के नाम से इलाज और फर्जी हस्ताक्षर भी किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने डॉ. जावेद की तहरीर पर मंगलवार को बहराइच के शैदा बभनी, रिसिया निवासी मो. रजा, डॉ. आवेश, डॉ. फरहीन के साथ ही जिले के महराजगंज तराई निवासी मो. शफीक, नई बाजार पचपेड़वा निवासी हस्मान व कारी कदीर के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, धमकी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम बेतहनिया, थाना पचपेड़वा निवासी डॉ. मो. जावेद खान ने एमबीबीएस की डिग्री केजीएमयू लखनऊ से हासिल की है। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में नीट पीजी की तैयारी कर रहे हैं। कहा कि कुछ लोगों ने उनके फर्जी हस्ताक्षर व डिग्री की प्रतिलिपि का दुरुपयोग करते हुए तीन अस्पतालों का पंजीकरण उनके नाम पर करा लिया। इनमें सीतापुर जिले में लखनऊ सेवा अस्पताल रेउसा चौराहा, तंबौर रोड सीतापुर, लखनऊ सेवा अस्पताल राजी चौराहा, महसी थाना हरदी, बहराइच और एआर नर्सिंग होम जैतरापुर, बहराइच शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन अस्पतालों में आरोपियों ने न केवल डॉक्टर के नाम से अस्पताल पंजीकृत कराए, बल्कि बोर्ड, प्रिस्क्रिप्शन पैड और अस्पताल दस्तावेजों पर भी उनका नाम और मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर छाप दिया। पुलिस ने अब मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रकरण में शामिल सभी संस्थानों की निगरानी बढ़ा दी है। प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस टीम ने दस्तावेजों की प्रति और अस्पतालों के रिकॉर्ड भी सीज कर लिए हैं। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अमित चौरसिया को सौंपी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नवीनीकरण भी कराया, जानकारी के बाद किया गया निरस्त</strong></div>
<div style="text-align:justify;">आरोपियों ने रेउसा चौराहे पर स्थित लखनऊ सेवा अस्पताल का पंजीकरण समाप्त होने के बाद भी नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिया। इसके साथ ही बहराइच के सेवा अस्पताल राजी चौराहा, महसी का पंजीकरण पांच वर्ष के लिए पुनः नवीनीकृत भी करा लिया गया। डॉ. जावेद की शिकायत पर 20 जून 2025 को संबंधित जिलों के सीएमओ कार्यालयों में जांच कराई, जिसमें फर्जीवाड़ा प्रमाणित हुआ और संबंधित अस्पतालों के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पंजीकरण निरस्त होने के बाद से ही डॉक्टर जावेद को धमकियां दी जाने लगीं। उनका कहना है कि 7 जुलाई 2025 की दोपहर 12 बजे, आरोपीगण में से कुछ लोग पचपेड़वा आकर उन्हें शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगे। गाली-गलौज करते हुए मेडिकल कॅरिअर बर्बाद करने और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद डॉ. जावेद ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 19:12:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गोण्डा की सीएमओ रश्मि वर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, सांसद-विधायक बेबस</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा।</strong> जिले की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रश्मि वर्मा एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। उन पर भ्रष्टाचार, संवेदनहीनता और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता पंडित पंकज कुमार पाण्डेय ने साक्ष्यों के साथ करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार और सरकारी फंडों की बंदरबांट का खुलासा किया है। लेकिन शासन में उनकी कथित ‘मजबूत पकड़’ के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो रही। सत्ताधारी दल के सांसद और विधायक भी उनकी शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद बेबस नजर आ रहे हैं, क्योंकि शासन स्तर पर इन शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह मामला</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157178/serious-allegations-of-corruption-against-gonda-cmo-rashmi-verma-mps"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/img-20251012-wa0025.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा।</strong> जिले की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रश्मि वर्मा एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। उन पर भ्रष्टाचार, संवेदनहीनता और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता पंडित पंकज कुमार पाण्डेय ने साक्ष्यों के साथ करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार और सरकारी फंडों की बंदरबांट का खुलासा किया है। लेकिन शासन में उनकी कथित ‘मजबूत पकड़’ के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो रही। सत्ताधारी दल के सांसद और विधायक भी उनकी शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद बेबस नजर आ रहे हैं, क्योंकि शासन स्तर पर इन शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह मामला गोण्डा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की बदहाली को उजागर करता है। पाण्डेय ने दस्तावेजों और वीडियो के जरिए आरोप लगाया कि सीएमओ के कार्यकाल में दवाओं की खरीद में कमीशनबाजी, अवैध नर्सिंग होम्स को संरक्षण और भर्ती में रिश्वतखोरी का खेल चल रहा है। सितंबर 2025 में एक अवैध नर्सिंग होम में दो नवजातों की मौत के बाद वर्मा का एक वायरल वीडियो ने तूल पकड़ा, जिसमें वे कथित तौर पर संवेदनहीन बयान देती दिखीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसने जनता का गुस्सा भड़का दिया। समाजवादी पार्टी और पत्रकारों ने उनकी बर्खास्तगी की मांग की, लेकिन वर्मा ने इसे ‘एडिटेड वीडियो’ करार दिया। उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग पहले से ही बदहाली का शिकार है। ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी, दवाओं का अभाव और अवैध क्लीनिकों का जाल आम है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के फंडों का दुरुपयोग भी कोई नई बात नहीं। गोण्डा में सीएमओ की कथित मनमानी इसकी बानगी है। सवाल उठता है कि जब सांसद-विधायक लाचार हैं, तो आम जनता की सुनवाई कौन करेगा? पाण्डेय जैसे कार्यकर्ता सिस्टम से लड़ रहे हैं, लेकिन बिना उच्चस्तरीय जांच, जैसे सीबीआई या ईडी, के सुधार मुश्किल है। जनता का स्वास्थ्य भ्रष्टाचार का शिकार नहीं होना चाहिए। सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 16:08:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिलावटी दवाओं पर सपा की दो टूक : सीएमओ की अनदेखी से मरीजों के साथ खिलवाड़ </title>
                                    <description><![CDATA[सरसों के तेल में भारी मिलावट से हजारों लोग पेट व बुखार से पीड़ित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156279/sps-ignorance-on-adulterated-drugs-with-patients-with-the-neglect"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/1001222053.jpg" alt=""></a><br /><div> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>आगरा से नकली दवाये शहर में आ रही है उपभोक्ताओं की जेबे कट रही है -हाजी फजल महमूद</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर की पीडीए मिशन की आकंलन बैठक दिन में  सपा महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद की अध्यक्षता में सपा कार्यालय में आरंभ हुई। बैठक को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने कहा कि शहर में सरसों के तेल में भारी मिलावट वाला तेल उपभोक्ताओं को खरीदना पड़ता है जिससे एक तरफ जेबे  कट रही है तो दूसरी तरफ पेट की बीमारी तथा बुखार टीवी हृदय रोग तथा शुगर जैसी बीमारी से जनता ग्रसित होने के कारण डॉक्टरों के दरवाजे पर इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने अपने संबोधन में आगे कहा कि सरसों के तेल में मिलावटी तेल कन्नौज उन्नाव इटावा मैनपुरी फतेहपुर हमीरपुर के अन्य जिलों में मिलावटी तेल आने से जनता बीमारी से परेशान है लेकिन भाजपा सरकार के इशारे पर मिलावटी धंधा नहीं रूक रहा जिससे बीमारियों की स्थिति भयावह होने की आशंका बढ़ती जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने अपने संबोधन में आगे कहा कि उर्सला के सीएमओ द्वारा आगरा से मंगाई जा रही रही नकली दवाओं से जनता को फायदा नहीं हो रहा है लेकिन सीएमओ इस पर उदासीन है और जनता को नकली दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जिससे बुखार के बाद अन्य बीमारियाँ भी बढ़ती जा रही है। महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने आगे कहा कि नकली दवाओं और मिलावटी तेल पर रोक न लगी तो सपा आंदोलनात्मक कदम उठाएगी जिसकी रणनीति के लिए तैयारी आरंभ हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक मे प्रमुख रूप से महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद,प्रदेश सचिव के के शुक्ला,वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू,महासचिव संजय सिंह बंटी सेंगर,परमवीर गंभीर,महेन्द्र सिह,रजत मिश्रा,शबाब अबरार,दीपक खोटे,अरमान खान,राजू पहलवान,गुड्डू यादव आदि लोग मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156279/sps-ignorance-on-adulterated-drugs-with-patients-with-the-neglect</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 19:24:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डियूटी से लगातार गायब रहने के मामले में DCPM एवं CMO की भूमिका संदिग्ध</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुबौलिया के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र / आयुष्मान आरोग्य मंदिर सैनिया चिलमा पर तैनात CHO अभिषेक कुमार व ANM लगातार ड्यूटी से गायब चलने का मामला धीरे - धीरे तूल पकड़ रहा है । सूत्रों की माने तो CHO अभिषेक कुमार ने MOIC एवं BCPM को प्रतिमाह सुविधा शुल्क देकर लगातार डियूटी से गायब रहता है । CHO अभिषेक कुमार के डियूटी से गायब रहने के कारण ANM भी घर पर आराम फरमाती रहती है  जिससे उप स्वास्थ्य केंद्र सैनिया चिलमा क्षेत्र के आसपास के ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं नहीं मिल पा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155313/dcpm-and-cmos-role-suspect-in-case-of-continuous-disappearance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250917-wa0225-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुबौलिया के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र / आयुष्मान आरोग्य मंदिर सैनिया चिलमा पर तैनात CHO अभिषेक कुमार व ANM लगातार ड्यूटी से गायब चलने का मामला धीरे - धीरे तूल पकड़ रहा है । सूत्रों की माने तो CHO अभिषेक कुमार ने MOIC एवं BCPM को प्रतिमाह सुविधा शुल्क देकर लगातार डियूटी से गायब रहता है । CHO अभिषेक कुमार के डियूटी से गायब रहने के कारण ANM भी घर पर आराम फरमाती रहती है  जिससे उप स्वास्थ्य केंद्र सैनिया चिलमा क्षेत्र के आसपास के ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं । सूत्रों की माने तो CHO अभिषेक कुमार व ANM स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से सांठगाठ करके ड्यूटी से गायब रहते हैं और फर्जी हस्ताक्षर के सहारे प्रतिमाह घर बैठे मानदेय लेते हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">CHO अभिषेक कुमार व ANM के मनमानी ड्यूटी की पोल मीडिया टीम खोल चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जांच एवं कार्रवाई के नाम पर लीपापोती करके मामले को रफा-दफा कर देते हैं । ड्यूटी से गायब CHO अभिषेक कुमार व ANM के खिलाफ विभागीय कार्रवाई न होने से CHO व ANM का मनोबल बढ़ रहा है और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है । जब उप स्वास्थ्य केंद्र / आयुष्मान आरोग्य मंदिर सैनिया चिलमा का संचालन प्रतिदिन नहीं होता है तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिली सरकारी दवाइयां कहां गायब हो जाती हैं जो जांच का विषय बना हुआ है यदि प्रतिमाह प्राप्त सरकारी दवाइयों की स्टॉक व वितरण रजिस्टर की निष्पक्ष जांच की जाए तो ड्यूटी से गायब CHO अभिषेक कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार की परत खुल सकती है । CHO एवं ANM स्वास्थ्य विभाग पर भारी पड़ रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">CMO एवं DCPM के कड़े निर्देश के बाद भी CHO एवं ANM के डियूटी से गायब रहने का सिलसिला जारी है । CMO एवं DCPM के लिए CHO एवं ANM के खिलाफ डियूटी से गायब रहने के मामले में कार्यवाही करना चुनौती बना हुआ है । इस संबंध में फोन के माध्यम से ड्यूटी से गायब CHO अभिषेक कुमार से जानकारी लेना चाहा तो CHO अभिषेक कुमार का फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर निकला । उक्त प्रकरण में DCPM दुर्गेश मल्ल ने कहा कि कई बार CHO अभिषेक कुमार की ड्यूटी से गायब रहने की शिकायत मिली है और कई बार सम्मानित समाचार पत्रों में CHO अभिषेक कुमार के खिलाफ ड्यूटी से गायब रहने के बारे में खबर भी प्रकाशित हो चुकी है जिसको संज्ञान में लेकर कई बार चेतावनी जारी भी दी जा चुकी है लेकिन डियूटी से गायब CHO अभिषेक कुमार अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है ऐसे ही शिकायत लगतार मिलती रही तो जल्द ही जांच कर सेवा समाप्ति की कार्यवाही जा सकती है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 19:01:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रतिदिन मरीजों की मौत के बाद मौत का खेल खेल रहे हैं अस्पताल संचालक सीएमओ बने तमाशबीन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कौशाम्बी।</strong> जनपद में अवैध तरीके से संचालित निजी नर्सिंग होम अस्पतालों में मौत के बाद मौत का खेल अवैध अस्पताल संचालक  कथित डकैत डॉक्टर रोज खेल रहे हैं आये दिन निजी अस्पतालों में बेकसूर मरीजों की मौत होती है कुछ वर्षों के बीच दर्जनों अस्पतालों में कई दर्जन मरीज की बेवजह मौत हो चुकी है जिनके पास डॉक्टर की डिग्री नहीं है योग्यता नहीं है अनुभव नहीं है रजिस्ट्रेशन नहीं है वह भी कथित डॉक्टर बन गए हैं नियम विरुद्ध तरीके से बड़ा बड़ा अस्पताल खोल लिये हैं अस्पताल के बाहर बड़ा-बड़ा बोर्ड लगा हुआ है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154178/hospital-operators-are-playing-a-spectacle-playing-the-game-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/hindi-divas15.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कौशाम्बी।</strong> जनपद में अवैध तरीके से संचालित निजी नर्सिंग होम अस्पतालों में मौत के बाद मौत का खेल अवैध अस्पताल संचालक  कथित डकैत डॉक्टर रोज खेल रहे हैं आये दिन निजी अस्पतालों में बेकसूर मरीजों की मौत होती है कुछ वर्षों के बीच दर्जनों अस्पतालों में कई दर्जन मरीज की बेवजह मौत हो चुकी है जिनके पास डॉक्टर की डिग्री नहीं है योग्यता नहीं है अनुभव नहीं है रजिस्ट्रेशन नहीं है वह भी कथित डॉक्टर बन गए हैं नियम विरुद्ध तरीके से बड़ा बड़ा अस्पताल खोल लिये हैं अस्पताल के बाहर बड़ा-बड़ा बोर्ड लगा हुआ है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंखों में यह अस्पताल का बोर्ड नहीं दिखाई पड़ता है या फिर रुपए की पट्टी इनके आंखों के ऊपर चढ़ गई है अस्पताल  संचालन के बहाने बिना डिग्री के डॉक्टर मरीजों का इलाज करने के नाम पर लाखों रुपया वसूल लेते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन गलत इलाज के चलते आए दिन मरीजों की मौत होती है उसके बाद भी मरीज को मौत देकर वसूली करने वाले डकैत डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर इनकी गिरफ्तारी कराये जाने का प्रयास स्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं होता है गलत तरीके से संचालित अवैध अस्पताल में मरीजों की बेवजह मौत के बाद अस्पताल को बन्द कराए जाने का प्रयास स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं कर रहे हैं जिससे मौत के बाद मौत के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है और मौत देने वाले डकैत डॉक्टर से समझौता करने वाले स्वास्थ्य विभाग के कारनामों को संज्ञान लेकर इन पर भी कठोर कार्रवाई किये जाने की जरूरत है ताजा मामला मंगलवार की रात का फिर है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चायल तहसील के तिल्हापुर मोड़ स्थित आदित्य हॉस्पिटल में भर्ती की गई महिला की  इलाज के दौरान जब हालत गम्भीर होने लगी और वह मौत के मुंह के करीब पहुंच गई तो कथित डॉक्टर ने उसे अस्पताल से धक्का मार करके बाहर भगा दिया और यह कहा कि उसे जिला अस्पताल लेकर जाओ रात 10:00 बजे परिवार के लोग महिला को जिला अस्पताल लेकर गये तो जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि इस महिला की मौत तो पहले हो चुकी है जबकि महिला की इलाज के नाम पर नोट की मोटी गड्डी आदित्य हॉस्पिटल के संचालकों ने ले लिया था बताया जाता है कि चायल तहसील क्षेत्र के सरैया गांव निवासी पूजा पटेल उम्र 26 वर्ष की शादी चित्रकूट जनपद के कर्वी में उमेश कुमार के साथ हुई थी प्रसव पीड़ा के बाद पूजा पटेल के मायके के लोग उसे लेकर आदित्य हॉस्पिटल गये थे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहां मंगलवार की रात 10:00 पूजा की हालत गम्भीर हो गई वहीं कुछ लोगों का कहना है कि हॉस्पिटल में ही उसकी मौत हो गई है उसके बाद पूजा को धन के लालच में जल्लाद डकैत डॉक्टर ने निजी अस्पताल से बाहर फेंक दिया मजबूर होकर के परिवार के लोग पूजा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी तो कई घंटे पहले मौत हो चुकी है मौत के बाद मौत का खेल खेलने वाले इन कथित डॉक्टर अवैध अस्पताल संचालक अस्पताल और डॉक्टर की डिग्री की जांच और गिरफ्तारी कब होगी कब मुकदमा दर्ज होगा और कब मौत के बाद मौत का खेल खेलने वाले अस्पताल के संचालन पर रोक लगेगी यह बड़ा सवाल खड़ा है इसका जवाब आम जनता शासन प्रशासन से चाहती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 17:14:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला अस्पताल में चल रहे अय्याशी के खेल पर मौन क्यों हैं सीएमओ खीरी </title>
                                    <description><![CDATA[ऊपर तक अच्छी पकड़ के चलते साहब मनमानी कर सरकार की करा रहे किरकिरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154079/why-is-cmo-kheri-silent-on-the-game-of-ayyashi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/hindi-divas8.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखीमपुर खीरी ।</strong> भले ही सरकार अपने मातहत अधिकारियों को भारी भरकम वेतन भत्ता और गाड़ी बंगला नौकर उपलब्ध कर रही हो पर।अफसरों का पेट सरकार से मिलने वाले वेतन भत्ता से नहीं भर रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण जनपद खीरी के स्वास्थ्य महकमा में देखा जा सकता है। जहां सीएमओ जैसे पद पर बैठे पदासीन डॉक्टर संतोष गुप्ता पर सीएचसी पलिया डॉक्टर भरत सिंह को गलत तरीके से अधीक्षक के पद पर नियुक्त किए जाने सहित शहर से लेकर गांव तक फैले मानक विहीन अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टर डायग्नोस्टिक सेंटरों को संरक्षण दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>उक्त आरोप और कोई नहीं उन्हीं के विभागीय एक अफसर ने दिए गए अपने सात पन्नो के त्यागपत्र में लगाए हैं। इतना ही नहीं सीएमओ पर कई अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। बतौर डिप्टी सीएमओ लालजी पासी का आरोप है। सीएमओ द्वारा उनके साथ अभ्रद अमानवीय एवं गाली गलौज किया जाता था। सीएमओ के इस तरह के आचरण और मेरे प्रति दुर्व्यवहार से खिन्न  होकर त्यागपत्र देना पड़ा है। केस नंबर दो जिला अस्पताल मोतीपुर के वार्डों की बेड़ो पर अय्याशी की जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>34 हजार रुपए लेकर डिस्चार्ज कर दिया क्योंकि उसके पास आगे इलाज के लिए पैसा नहीं बचा था पत्नी की हालत आज भी नाजुक बनी है। जिसका इलाज जिला महिला अस्पताल में चल रहा है। उक्त मामले की लिखित शिकायत सीएम पोर्टल एवं सीएमओ खीरी से कर उक्त न्यू लाइफ हॉस्पिटल की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी। जिसमें आज तक कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी। क्या सीएमओ साहब का न्यू लाइफ हॉस्पिटल का गहरा नाता है। जो इस अवैध अस्पताल को बचाया जा रहा है। यह फिर प्रतिमाह मिल रहे चढ़ावे की चकाचौंध में कार्यवाही नहीं की जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>यह फिर कोई बड़ी अप्रिय घटना और मौत होने के बाद ही स्वास्थ्य महकमा के जिम्मेदारो की नींद खुलेगी। इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता से फोन द्वारा बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल मेरे अधीन नहीं आता है। आप सीएमएस से बात करें । वहीं जब सीएमएस डॉ आरके कोहली से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो महोदय लंबी वार्तालाप में लगे थे जिससे यह साफ जाहिर होता है कि सीएमओ और सीएमएस के संरक्षण में हो रहा सारा गोलमाल।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 17:46:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला मुख्यालय के नामी अथर्व स्कैन सेंटर पर मिली घोर अनियमितता, सीज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अम्बेडकर नगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह अकबरपुर एवं चिकित्सा विभाग की संयुक्त छापेमारी में अथर्व स्कैन में चल रहा अल्ट्रासाउंड सेंटर किया गया सील।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह एसडीएम अकबरपुर और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान अप्रशिक्षित डॉक्टर को अल्ट्रासाउंड करते हुए पाया। जिसके बाद अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अप्रशिक्षित डॉक्टर द्वारा किए जा रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उप जिलाधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने पर आवश्यक निरीक्षण किया गया। जिसमे यह पाया गया कि अल्ट्रासाउंड करने वाला व्यक्ति पीएनडीटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड डॉक्टर नहीं था।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154008/sewage-of-extreme-irregularity-found-at-the-renowned-atharva-scan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/20250821_071316.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अम्बेडकर नगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह अकबरपुर एवं चिकित्सा विभाग की संयुक्त छापेमारी में अथर्व स्कैन में चल रहा अल्ट्रासाउंड सेंटर किया गया सील।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह एसडीएम अकबरपुर और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान अप्रशिक्षित डॉक्टर को अल्ट्रासाउंड करते हुए पाया। जिसके बाद अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अप्रशिक्षित डॉक्टर द्वारा किए जा रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उप जिलाधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने पर आवश्यक निरीक्षण किया गया। जिसमे यह पाया गया कि अल्ट्रासाउंड करने वाला व्यक्ति पीएनडीटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड डॉक्टर नहीं था। पहले उक्त व्यक्ति ने अल्ट्रासाउंड करने से इनकार किया लेकिन मरीजों से पूछताछ की गई तो पता चला कि उसी व्यक्ति ने सबका अल्ट्रासाउंड किया था। स्कैन सेंटर की गहनता से जांच में कई अनियमितताएं सामने आई। जांच में यह भी पाया गया कि अल्ट्रासाउंड के लिए भरा जाने वाला फॉर्म एक जुलाई के बाद से मेंटेन नहीं किया गया है। केंद्र के रजिस्टर्ड डॉक्टर ने 18 अगस्त को इस्तीफा दे दिया था इसके बाद भी अप्रशिक्षित डॉक्टर से अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा था। एसडीएम ने यह भी बताया कि सेंटर प्रबंधन ने जांच में सहयोग नहीं किया जिसके कारण लगभग 2 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। उपरोक्त विषय पर स्कैन सेंटर के मैनेजर और मालिक ने कोई जवाब नहीं दिया। सेंटर के सीसीटीवी फुटेज में भी गड़बड़ी मिली। 17 अगस्त के बाद का कोई फुटेज नहीं दिखाया गया इन सभी गंभीर एनीमियताओं के चलते एसडीएम ने केंद्र को सीज कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल जानकारी के लिए बताते चलें कि जिले कई बड़े डॉक्टर इसी अथर्व स्कैन लैब के दीवाने है उनके द्वारा मरीजों को इसी स्कैन सेंटर के लिए प्रेरित करके भेजा जाता है कि वहां अथर्व पर जाएं वहां अच्छी जॉच होगी।</p>
<p><strong>सीएमओ से नहीं हो सकी बात</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से बढ़ाने और व्यवस्थित रखने के लिए जिम्मेदार संजय कुमार शैवाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी अम्बेडकरनगर से जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया तो सीयूजी फोन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उठाया गया और यह बताया गया कि साहब अभी मीटिंग में है। फिलहाल आजकल के अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर ऐसा उत्तर मिलना आम बात हो गई है। सीएचसी अधीक्षक अकबरपुर से मामले के बाबत जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">विचारणीय विषय यह है कि जिला मुख्यालय के तुरंत बगल का यह हाल है तो जिले के अन्य क्षेत्रों का क्या हाल होगा?</p>
<p style="text-align:justify;">यदि गहनता से जांच किया जाय तो और भी डाइग्नोसिस एवं पैथोलॉजी सेंटर ऐसे पाए जाएंगे, जिस डाक्टर के नाम से रजिस्टर्ड है वह डाक्टर अक्सर नदारद ही मिलेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 07:51:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ambedkarnagar Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीएम के औचक निरीक्षण में सीएमओ कानपुर समेत कई अनुपस्थित </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>कानपुर। </strong>कानपुर में पदभार ग्रहण करने के बाद गैरजिम्मेदार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुधारने का बीड़ा उठाने वाले जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आज कानपुर सीएमओ आफिस पर औचक निरीक्षण किया जिसमें सीएमओ हरिदत्त नेमी, पांच डाक्टर तथा कई नियमित व आउटसोर्सिंग स्टाफ गैरहाजिर मिला। डीएम ने सभी का आज का वेतन रोक दिया है।</div>
<div>  </div>
<div>    जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह आज प्रातः 10.10 पर रामादेवी स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां पहुंच कर जिलाधिकारी ने पाया कि अन्य स्टाफ के साथ साथ सीएमओ भी उपस्थित नहीं हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि यहां पर सौ से अधिक लोगों की</div>
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<div class="hq gt"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148160/many-absent-including-cmo-kanpur-in-surprise-inspection-of-dm%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img_20250204_140822.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कानपुर। </strong>कानपुर में पदभार ग्रहण करने के बाद गैरजिम्मेदार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुधारने का बीड़ा उठाने वाले जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आज कानपुर सीएमओ आफिस पर औचक निरीक्षण किया जिसमें सीएमओ हरिदत्त नेमी, पांच डाक्टर तथा कई नियमित व आउटसोर्सिंग स्टाफ गैरहाजिर मिला। डीएम ने सभी का आज का वेतन रोक दिया है।</div>
<div> </div>
<div>  जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह आज प्रातः 10.10 पर रामादेवी स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां पहुंच कर जिलाधिकारी ने पाया कि अन्य स्टाफ के साथ साथ सीएमओ भी उपस्थित नहीं हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि यहां पर सौ से अधिक लोगों की नियुक्ति है। लेकिन एक तिहाई लोग गैर हाजिर हैं। हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और आज का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।</div>
<div> </div>
<div> जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि वह पुनः इसकी जांच कराएंगे और स्थिति में सुधार नहीं किया तो सभी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन का निर्देश है कि सभी विभागाध्यक्ष प्रातः 10 से 12 जनता दरबार कर जनता की समस्या को सुनेंगे। लेकिन यहां तो मुख्य अधिकारी ही अनुपस्थित हैं।</div>
</div>
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</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Feb 2025 16:31:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्लीनिक की आड़ में नर्सिंग होम का संचालन डिप्टी सीएमओ ने किया सील</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भानपुर क्षेत्र के सेवई भिरिया में क्लीनिक की आड़ में संचालित एक अवैध अस्पताल पर मंगलवार को छापेमारी की कार्रवाई हुई। छापेमारी में संचालक अस्पताल से संबंधित को वैध कागजात नहीं दिखा पाया जिसके कारण टीम ने अस्पताल को तत्काल सील कर दिया।सोनहा थानाक्षेत्र के भिरिया के सेवई चौराहे पर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने देखा कि क्लीनिक की आड़ में अस्पताल संचालित हो रहा है। जांच के दौरान पता चला कि सीएमओ कार्यालय में क्लीनिक का पंजीकरण है, जबकि मौके पर नर्सिंग होम जैसी सुविधा थी। पांच बेड थे, ओटी थी। इसके अलावा बोर्ड पर एक्स-रे,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147685/deputy-cmo-sealed-the-operation-of-the-nursing-home-under"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250122-wa0225.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भानपुर क्षेत्र के सेवई भिरिया में क्लीनिक की आड़ में संचालित एक अवैध अस्पताल पर मंगलवार को छापेमारी की कार्रवाई हुई। छापेमारी में संचालक अस्पताल से संबंधित को वैध कागजात नहीं दिखा पाया जिसके कारण टीम ने अस्पताल को तत्काल सील कर दिया।सोनहा थानाक्षेत्र के भिरिया के सेवई चौराहे पर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने देखा कि क्लीनिक की आड़ में अस्पताल संचालित हो रहा है। जांच के दौरान पता चला कि सीएमओ कार्यालय में क्लीनिक का पंजीकरण है, जबकि मौके पर नर्सिंग होम जैसी सुविधा थी। पांच बेड थे, ओटी थी। इसके अलावा बोर्ड पर एक्स-रे, नार्मल प्रसव, हार्निया और हाइड्रोसील ऑपरेशन की सुविधा देने का बोर्ड लगा था। और मेेडिकल स्टोर में संचालित हो रहा है।</div>
<div> </div>
<div>डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम को देख संचालक घबरा गया। बताया गया कि जांच के दौरान मौके पर कोई चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ नहीं मिला। बताया गया कि सीएमओ को शिकायत मिल थी। जिस पर डिप्टी सीएमओ टीम लेकर सेवई स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल नाम से संचालित अस्पताल पहुंचे। बताया कि मौके पर गनेश पांडेय नामक व्यक्ति मिले। पूछताछ में खुद को संचालक बताया। छानबीन के दौरान पता चला कि यहां केवल क्लीनिक का पंजीकरण कराया गया है, लेकिन इसकी आड़ में अस्पताल संचालित होते पाया गया। मौके पर सोनहा थाना के उप निरीक्षक रवींद्र शुक्ल मय टीम मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 17:57:50 +0530</pubDate>
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