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                <title>basti police news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>basti police news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मंगेतर के साथ मंदिर जा रही युवती राक्षसों की हवस की शिकार प्रशासन लापरवाह</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जनपद से सामने आई यह घटना केवल एक आपराधिक खबर नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक विफलता का दर्पण है जिसमें इंसानियत बार-बार शर्मसार हो रही है। एक मंदिर—जो आस्था, सुरक्षा और शरण का प्रतीक माना जाता? है—वही यदि अपराध का केंद्र बन जाए, तो यह केवल कानून-व्यवस्था पर नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।यह घटना अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि इसमें पीड़िता की अस्मिता, विश्वास और सुरक्षा तीनों पर एक साथ हमला हुआ है। खबर के अनुसार, मंदिर परिसर में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सोचिए, जहां</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175610/the-girl-going-to-the-temple-with-her-fiance-became"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260409-wa0067.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जनपद से सामने आई यह घटना केवल एक आपराधिक खबर नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक विफलता का दर्पण है जिसमें इंसानियत बार-बार शर्मसार हो रही है। एक मंदिर—जो आस्था, सुरक्षा और शरण का प्रतीक माना जाता? है—वही यदि अपराध का केंद्र बन जाए, तो यह केवल कानून-व्यवस्था पर नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।यह घटना अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि इसमें पीड़िता की अस्मिता, विश्वास और सुरक्षा तीनों पर एक साथ हमला हुआ है। खबर के अनुसार, मंदिर परिसर में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोचिए, जहां लोग भगवान के सामने सिर झुकाकर सुरक्षा और शांति की कामना करते हैं, वहीं यदि ऐसे जघन्य अपराध घटित हों, तो आम नागरिक किस पर भरोसा करे? कानून कहाँ खड़ा है?भारत का संविधान और दंड संहिता महिलाओं की सुरक्षा के लिए कठोर प्रावधान देती है। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376D सामूहिक बलात्कार के लिए कड़ी सजा निर्धारित करती है—जिसमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल कानून की किताबों में सजा लिख देना पर्याप्त है?बस्ती की इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून का भय अपराधियों के मन से समाप्त हो रहा है। जब अपराधी खुलेआम मंदिर जैसे पवित्र स्थल में भी इस प्रकार की हरकत कर सकते हैं, तो यह संकेत है कि उन्हें पकड़े जाने या सजा मिलने का डर नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पतन की पराकाष्ठा यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक चरित्र के पतन का चरम उदाहरण है। आज समाज में नैतिकता, संस्कार और मानवीय मूल्यों का क्षरण इस हद तक हो चुका है कि इंसान अपने ही भीतर के पशु को नियंत्रित नहीं कर पा रहा।कभी भारत को “नारी-पूजक” सभ्यता कहा जाता था, जहाँ स्त्री को देवी का दर्जा दिया गया। लेकिन आज वही समाज स्त्री की गरिमा को रौंदने में लगा है। यह विरोधाभास केवल विचारों का नहीं, बल्कि आचरण का भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रशासन की भूमिका पर सवाल हर ऐसी घटना के बाद प्रशासन सक्रिय होता है—जांच बैठती है, आरोपी पकड़े जाते हैं, बयान दिए जाते हैं। लेकिन क्या यह पर्याप्त है?क्या स्थानीय पुलिस को पहले से कोई सूचना नहीं थी?क्या मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर थी?क्या अपराधियों का कोई आपराधिक इतिहास था?यदि इन सवालों के जवाब “हाँ” में हैं, तो यह प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है। और यदि “नहीं” में हैं, तो यह खुफिया तंत्र की विफलता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आक्रोश क्यों जरूरी है?समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ आक्रोश जरूरी है, क्योंकि मौन रहना अपराध को बढ़ावा देना है। जब तक जनता सड़कों पर उतरकर, सोशल मीडिया पर आवाज उठाकर और प्रशासन से जवाब मांगकर दबाव नहीं बनाएगी, तब तक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद करना व्यर्थ है। यह आक्रोश केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने वाला होना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया की जिम्मेदारी मीडिया का कार्य केवल खबर दिखाना नहीं, बल्कि सत्य को सामने लाना और दबाव बनाना भी है। बस्ती की इस घटना को यदि केवल एक “क्राइम न्यूज” बनाकर छोड़ दिया गया, तो यह न्याय के साथ अन्याय होगा।मीडिया को चाहिए कि—पीड़िता की पहचान सुरक्षित रखते हुए मामले को प्रमुखता दे प्रशासनिक खामियों को उजागर करे,न्यायिक प्रक्रिया पर नजर बनाए रखेसमाधान फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो,दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए,मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई जाए समाज में नैतिक शिक्षा और जागरूकता अभियान चलाए जाएं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस की जवाबदेही तय हो,: यह केवल घटना नहीं, चेतावनी है,बस्ती की यह घटना एक चेतावनी है—कि यदि अब भी समाज और शासन नहीं जागा, तो ऐसी घटनाएं सामान्य बन जाएंगी। यह केवल एक बेटी की पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे समाज की असफलता है।आज आवश्यकता है कि हम केवल शोक न करें, बल्कि संघर्ष करें—न्याय के लिए, सुरक्षा के लिए और उस भारत के लिए जहाँ मंदिर फिर से आस्था का केंद्र बन सके, भय का नहीं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 19:24:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दरोगा अजय ने किया था सुसाइड,हत्या के नही मिले सबूत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले परूष दरोगा अजय गौड़ की मौत के मामले मे डीआईजी ने बड़ी बात की है। डीआईजी संजीव कुमार त्यागी के इस बयान के बाद सभी तरह की अटकलों पर विराम लग गया है। परिणाम निकलकर आया कि दरोगा ने नदी मे कूदकर सुसाइड किया था। परिजनों द्वारा सुसाइड की अटकलों को शुरू से ही खारिज किये जाने और मामला हाई प्रोफाइल होने के नाते पुलिस साफ तौर पर कुछ भी कहने से परहेज कर रही थी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन सूत्रों की मानें तो दरोगा के परिजनों द्वारा हत्या के दावों पर पुलिस का बिलकुल यकीन नही था। बार बार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171709/inspector-ajay-had-committed-suicide-but-no-evidence-of-murder"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260227-wa0240.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले परूष दरोगा अजय गौड़ की मौत के मामले मे डीआईजी ने बड़ी बात की है। डीआईजी संजीव कुमार त्यागी के इस बयान के बाद सभी तरह की अटकलों पर विराम लग गया है। परिणाम निकलकर आया कि दरोगा ने नदी मे कूदकर सुसाइड किया था। परिजनों द्वारा सुसाइड की अटकलों को शुरू से ही खारिज किये जाने और मामला हाई प्रोफाइल होने के नाते पुलिस साफ तौर पर कुछ भी कहने से परहेज कर रही थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन सूत्रों की मानें तो दरोगा के परिजनों द्वारा हत्या के दावों पर पुलिस का बिलकुल यकीन नही था। बार बार पुलिस की जांच सुसाइड पर आकर टिक जा रही थी। डायटम रिपोर्ट और सरयू नदी यानी घटनास्थल के नाविकों के बयान के आधार पर पुलिस अब फाइनल नतीजे पर पहुंची है कि दरोगा अजय गौड़ ने नदी मे कूदकर सुसाइड किया था। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिस तरह से ये मामला हाई प्रोफाइल हो गया था उस तरह देखा जाये तो पुलिस द्वारा केवल ये कहा जाना कि दरोगा ने सुसाइड किया है पर्याप्त नही होगा। इस मामले मे सुसाइड की वजह भी सामने आनी चाहिये। इसी मामले मे क्यों हर सुसाइड की वजह सामने आनी चाहिये। ऐसा एडीजी गोरखपुर जोन का आदेश भी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 19:15:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पिता पुत्र पर धारदार हथियार से हमला करने वाले तीन वांछित चढ़े पुलिस के हत्थे </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पिता पुत्र पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने वाले मामले में वांछित तीन अभियुक्तों को प्रभारी निरीक्षक तहसीलदार सिंह तथा एस ओ जी प्रभारी चन्द्रकान्त पाण्डेय और उनकी टीम की संयुक्त कार्यवाही में गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना कर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उक्त जानकारी देते हुए प्रभारी निरीक्षक तहसीलदार सिंह ने बताया कि जरिए मुखबिर सूचना मिली कि पिता पुत्र पर धारदार हथियार से हमले कर गंभीर रूप से घायल करने वाले हत्या के प्रयास के मामले में दर्ज मुकदमों में वांछित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152806/three-wanted-policemen-who-attacked-father-and-son-with-sharp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250624-wa0223-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पिता पुत्र पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने वाले मामले में वांछित तीन अभियुक्तों को प्रभारी निरीक्षक तहसीलदार सिंह तथा एस ओ जी प्रभारी चन्द्रकान्त पाण्डेय और उनकी टीम की संयुक्त कार्यवाही में गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना कर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उक्त जानकारी देते हुए प्रभारी निरीक्षक तहसीलदार सिंह ने बताया कि जरिए मुखबिर सूचना मिली कि पिता पुत्र पर धारदार हथियार से हमले कर गंभीर रूप से घायल करने वाले हत्या के प्रयास के मामले में दर्ज मुकदमों में वांछित तीन अभियुक्त सत्य प्रकाश विश्वकर्मा पुत्र मनोज विश्वकर्मा (उम्र करीब 21 वर्ष) ,शत्रुधन विश्वकर्मा पुत्र मनोज विश्वकर्मा (उम्र करीब 23 वर्ष) ,श्री प्रकाश पुत्र मनोज विश्वकर्मा (उम्र करीब 19 वर्ष) निवासीगण बिहरा लोहारपुरवा थाना हर्रैया जो गोभिया नहर पुलिया के पास मौजूद हैं और कहीं जाने की फिराक में हैं पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को दबोच लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि दिनांक 21.जून की शाम को ट्रान्सफार्मर से विद्युत आपूर्ति के विच्छेदन को लेकर विरोध करने पर अभियुक्तों ने धारधार हथियार से हमला कर दिया और इस हमले में श्री अद्या प्रसाद शुक्ला (उम्र 76 वर्ष) पुत्र स्व0 जगप्रसाद सा0 रजौली थाना हर्रैया व उनके पुत्र अंजनी प्रसाद शुक्ला (उम्र 37 वर्ष) को प्राणघातक चोटे पहुचाई गई थीं । दोनों घायलों का इलाज केजीएमयू लखनऊ में चल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए उन्हे न्यायालय के समक्ष रवाना कर दिया गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में तहसीलदार सिंह प्रभारी निरीक्षक के अलावा उपनिरीक्षक शशिकान्त(सर्विलांस प्रभारी),उपनिरीक्षक चन्द्रकान्त पाण्डेय (एसओजी प्रभारी),उ0नि0 रुदल बहादुर सिंह, उ0नि0 राम अधार ,उ0नि0 राणा प्रताप सिंह ,उ0नि0 अशोक कुमार ,हे0का0 वरुण राय,हे0का0 राजेश कुमार ,का0 योगेश यादव,का0 राजेश मौर्या ,का0 धन्नु यादव ,का0 हरिकेश,का0 पवन यादव ,हे0का0 रमेश,हे0का0 इरशाद खाँ,हे0का0 धर्मेन्द्र, हे0का0 अभय ,का0 चन्दन कुमार (एसओजी टीम),हे0का0 देवेश यादव,का0 संतोष कुमार (सर्विलांस टीम) शामिल रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Jun 2025 20:24:02 +0530</pubDate>
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