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                <title>जन समस्या सोनभद्र - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>जन समस्या सोनभद्र RSS Feed</description>
                
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                <title> कोन क्षेत्र में मूसलाधार बारिश ने मचाई तबाही, कई मकान धराशाही और सड़कें क्षतिग्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[कोन क्षेत्र में भारी बारिस ने मचाई तबाही ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156565/torrential-rains-in-the-cone-area-caused-havoc-many-houses"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/img_20251004_193532.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी  ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">सोनभद्र जिले के कोन विकास खंड में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे क्षेत्र में भारी तबाही का माहौल है। रामगढ़, महिउद्दीनपुर, कोन, मिश्री, रगरम , कचनरवा और मिटिहिनिया समेत कई गाँव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश के कारण नदियाँ उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और कई मकान धराशाही हो गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/img_20251004_200328.jpg" alt="IMG_20251004_200328" width="491" height="212"></img></p>
<p style="text-align:justify;">भारी बारिश के चलते क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कोन से विंढमगंज जाने वाले मुख्य मार्ग पर जलभराव हो गया है और वहीं पांडु नदी का जल स्तर बढ़ने खरौंधी मार्ग पर भगडूघाटी में पांडु नदी पुल के ऊपर से पानी बहने से झारखंड के लोगों का आना-जाना दूभर हो गया है। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने और कीचड़ फैलने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। क्षेत्र में इस अप्रत्याशित तबाही के कारण अफरा-तफरी का माहौल है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्षेत्रीय लोगों ने नदी के उफान के कारण हुए नुकसान की जानकारी दी। रगरम निवासी राजकिशोर विश्वकर्मा ने बताया कि बीती रात करीब 1 बजे लउआ नदी का पानी अचानक उनके घर में घुस गया, जिससे उनका मकान क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही 112 नंबर की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं ग्राम पंचायत मिटिहिनिया में भी एक परिवार का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं बची है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थिति का जायजा लेने के बाद भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष ने भारी नुकसान की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कई मकान धराशाही हो गए हैं और सड़कों की हालत बेहद खराब है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलवाने के लिए जिला प्रशासन से बात करने का आश्वासन दिया है। पीड़ित परिवारों, विशेषकर मिटिहिनिया के क्षतिग्रस्त घर वाले व्यक्ति ने शासन-प्रशासन से तत्काल मुआवजे और राहत सामग्री की मांग की है ताकि वे अपने जीवन को पुनः पटरी पर ला सकें। क्षेत्र की जनता ने जिला प्रशासन से इस समस्या का शीघ्र समाधान करने और क्षतिग्रस्त मकानों के लिए उचित मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 20:14:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओबरा ऊर्जा की राजधानी में बिजली कटौती से हाहाकार, योगी सरकार के 24 घंटे बिजली के दावों पर गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय लोगों ने लगाया बिजली विभाग पर मनमानी का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152592/electricity-cuts-in-obra-energy-capital-due-to-outcry-serious"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250613-wa0000.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>ओबरा/सोनभद्र-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश को ऊर्जा की राजधानी का गौरव दिलाने वाला सोनभद्र जिले का ओबरा इस समय भीषण और अघोषित बिजली कटौती के दंश से जूझ रहा है। यह एक बड़ी विडंबना है कि जहां एक ओर ओबरा से उत्पादित बिजली पूरे राज्य को रोशन कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों का जीवन बिजली विभाग की मनमानी और लापरवाही से बदहाल हो गया है। नगर वासियों का स्पष्ट कहना है कि इस अनियंत्रित बिजली कटौती ने उनका जीना मुश्किल कर दिया है, और यह स्थिति तब है जब वे स्वयं देश के महत्वपूर्ण ऊर्जा उत्पादन केंद्र के समीप निवास कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/img-20250613-wa0001.jpg" alt="IMG-20250613-WA0001" width="719" height="505"></img></p>
<p style="text-align:justify;">नगर वासियों के अनुसार, बिजली विभाग द्वारा की जा रही अघोषित कटौती का कोई निश्चित समय या पैटर्न नहीं है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दिन के समय, खासकर दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक बिजली गुल रहती है, जिससे चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों के लिए यह स्थिति और भी विकट हो जाती है, क्योंकि बिना बिजली के पंखे और कूलर भी काम नहीं करते।</p>
<p style="text-align:justify;">रात में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है; कभी रात 11 बजे, कभी 12 बजे तो कभी देर रात 2 बजे अचानक बिजली काट दी जाती है, जिससे लोगों की नींद हराम हो गई है। यह अनिद्रा अगले दिन के कार्यों और दैनिक दिनचर्या पर भी सीधा नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग अपनी मनमानी पर उतारू है और उनकी मर्जी जब होती है, तब वे बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट देते हैं, चाहे वह दिन हो, रात हो या दोपहर। यह अमानवीय स्थिति ओबरा के नागरिकों के लिए एक बड़ा संकट बन गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिजली विभाग के प्रति लोगों में गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि वे नियमित रूप से अपने बिजली बिलों का भुगतान करते हैं और एक जिम्मेदार नागरिक की तरह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, इसके बावजूद उन्हें लगातार और बेवजह बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उनका सीधा और तीखा सवाल है कि जब बिजली बिल न देने पर लाइनमैन तुरंत बिजली काटने के लिए तत्पर रहते हैं और कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाती, तो बिल जमा करने के बाद भी इतनी अकारण और लंबी कटौती क्यों की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इतनी बिजली कटौती से बिजली विभाग को आखिर क्या मिल रहा है और इसका क्या औचित्य है। यह स्थिति उपभोक्ताओं को ठगा हुआ और उपेक्षित महसूस करा रही है, जिससे बिजली विभाग के प्रति उनका विश्वास डगमगा रहा है और वे खुद को असहाय पा रहे हैं।स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों पर भी गहरी निराशा व्यक्त की है।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है कि जहां एक ओर मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति का आश्वासन देते हैं और सुशासन का दावा करते हैं, वहीं ऊर्जा की राजधानी कहे जाने वाले ओबरा में ही लोगों को पर्याप्त और निरंतर बिजली नहीं मिल पा रही है। ऐसे में गांव और दूरदराज के छोटे शहरों में 24 घंटे बिजली कैसे मिल पाएगी, यह एक बड़ा और गंभीर सवाल है जो सरकार के दावों की पोल खोलता है। लोगों का स्पष्ट मानना है कि ओबरा के बिजली अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देशों और सरकारी नीतियों की भी खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं, जिससे न केवल सरकार की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि जनता में असंतोष और आक्रोश भी लगातार बढ़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर, ओबरा के नगर वासियों में सरकार और बिजली विभाग के अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी और हताशा का माहौल है। वे चाहते हैं कि बिजली विभाग अपनी मनमानी बंद करे और उन्हें पर्याप्त तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे, खासकर तब जब वे स्वयं ऊर्जा उत्पादन के केंद्र में निवास करते हैं और देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह गंभीर स्थिति न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था और व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, बल्कि आम नागरिकों के दैनिक जीवन, पढ़ाई, स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है। लोगों ने सरकार से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और एक स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि ओबरा के नागरिकों को भी ऊर्जा की राजधानी में होने का वास्तविक लाभ मिल सके और उन्हें अघोषित बिजली कटौती के इस दुष्चक्र से अंतत, मुक्ति मिल पाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jun 2025 00:49:53 +0530</pubDate>
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