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                <title>बिजली कटौती - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>बिजली कटौती RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के कृष्णनगर आदर्श गांव में बिजली संकट गहराया, केबल लाइन की जोरदार मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि- </strong> श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दुल्लभछड़ा के निकट स्थित मॉडल विलेज कृष्णनगर के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से बिजली समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार आवेदन करने के बावजूद Assam Power Distribution Company Limited (ASEB) के दुल्लभछड़ा सब-डिवीजन द्वारा अब तक क्षेत्र में केबल लाइन लगाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। गांव में पेड़-पौधे और बांस की अधिकता के कारण खुले तारों के बजाय केबल लाइन बिछाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आरोप के अनुसार, पिछले वर्ष से इस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176813/electricity-crisis-deepens-in-krishnanagar-adarsh-village-of-shribhoomi-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001443258.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि- </strong> श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दुल्लभछड़ा के निकट स्थित मॉडल विलेज कृष्णनगर के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से बिजली समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार आवेदन करने के बावजूद Assam Power Distribution Company Limited (ASEB) के दुल्लभछड़ा सब-डिवीजन द्वारा अब तक क्षेत्र में केबल लाइन लगाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। गांव में पेड़-पौधे और बांस की अधिकता के कारण खुले तारों के बजाय केबल लाइन बिछाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोप के अनुसार, पिछले वर्ष से इस मुद्दे को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ कई बार चर्चा हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। इससे ग्रामीण खुद को बेहद उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इसी बीच, क्षेत्र में बार-बार हो रही लोडशेडिंग को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बाधित कर दी जाती है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खासकर मौसम में बदलाव के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई बार घंटों तक बिजली गुल रहती है, जो ग्रामीण जीवन के लिए बड़ी समस्या बन गई है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हम नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं, फिर भी हमें उचित सेवा नहीं मिल रही है। यह उपभोक्ताओं के प्रति घोर लापरवाही है।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या केवल तकनीकी नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्था और जिम्मेदारी की कमी का परिणाम है।उन्होंने संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों—हैलाकांडी डिवीजन के AGM, बदरपुर सर्कल के DGM सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से शीघ्र हस्तक्षेप कर केबल लाइन स्थापित करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:28:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनभद्र ओबरा में बिजली कटौती से हाहाकार जनता बेहाल, जन-प्रतिनिधि नदारद</title>
                                    <description><![CDATA[सोनभद्र जिले में बिजली विभाग की मनमानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152593/public-outcry-due-to-power-cuts-in-sonbhadra-obra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250613-wa0001(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र(ओबरा) /उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली कटौती ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। जब मन में आता है बिजली काट दी जाती है, जिससे लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर न तो कोई जन-प्रतिनिधि आवाज उठा रहा है न ही कोई सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय दिख रहा है और न ही किसी नेता को जनता की पीड़ा दिखाई दे रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर के विभिन्न मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती का आलम यह है कि दिन में कई-कई घंटों तक बिजली गुल रहती है। रात में भी यही सिलसिला जारी रहता है, जिससे लोगों की नींद हराम हो गई है। बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग इस अघोषित कटौती से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। अस्पतालों में भी बिजली की अनियमित आपूर्ति मरीजों के लिए गंभीर समस्या बन रही है। पंखे और कूलर बंद होने से घरों में उमस और गर्मी से लोगों का हाल बेहाल हो जा रहा है, जिससे डिहाइड्रेशन, हीटस्ट्रोक और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों के घरों में आधुनिक जनरेटर और इन्वर्टर की व्यवस्था है, जिससे उन्हें बिजली कटौती का कोई एहसास नहीं होता। वहीं आम जनता जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बिजली पर निर्भर है, उसे इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के गुजारा करना पड़ रहा है। यह दोहरा मापदंड लोगों के गुस्से को और भड़का रहा है। जनता में यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जन-प्रतिनिधि, स्थानीय नेता और समाज सेवा का दावा करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता इस विकट स्थिति में कहां हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी स्तर से इस समस्या पर आवाज नहीं उठाई जा रही है। जनता का मानना है कि नेता सिर्फ हवा में बातें करते हैं और जमीनी हकीकत से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनकी निष्क्रियता से जनता में भारी निराशा और आक्रोश है। जनता पूछ रही है आखिर कहां गए हमारे नेता और जन-प्रतिनिधि। बिजली कटौती से त्रस्त जनता अब सड़कों पर उतरने का मन बना रही है। विभिन्न मोहल्लों और संगठनों द्वारा विरोध-प्रदर्शन और घेराव की योजना बनाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें सरकार और बिजली विभाग को तुरंत हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है।जनता की समस्या को समझना और उसका समाधान करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी इस मुद्दे पर सक्रिय होकर जनता के साथ खड़ा होना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jun 2025 14:51:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओबरा ऊर्जा की राजधानी में बिजली कटौती से हाहाकार, योगी सरकार के 24 घंटे बिजली के दावों पर गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय लोगों ने लगाया बिजली विभाग पर मनमानी का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152592/electricity-cuts-in-obra-energy-capital-due-to-outcry-serious"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250613-wa0000.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>ओबरा/सोनभद्र-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश को ऊर्जा की राजधानी का गौरव दिलाने वाला सोनभद्र जिले का ओबरा इस समय भीषण और अघोषित बिजली कटौती के दंश से जूझ रहा है। यह एक बड़ी विडंबना है कि जहां एक ओर ओबरा से उत्पादित बिजली पूरे राज्य को रोशन कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों का जीवन बिजली विभाग की मनमानी और लापरवाही से बदहाल हो गया है। नगर वासियों का स्पष्ट कहना है कि इस अनियंत्रित बिजली कटौती ने उनका जीना मुश्किल कर दिया है, और यह स्थिति तब है जब वे स्वयं देश के महत्वपूर्ण ऊर्जा उत्पादन केंद्र के समीप निवास कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/img-20250613-wa0001.jpg" alt="IMG-20250613-WA0001" width="719" height="505"></img></p>
<p style="text-align:justify;">नगर वासियों के अनुसार, बिजली विभाग द्वारा की जा रही अघोषित कटौती का कोई निश्चित समय या पैटर्न नहीं है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दिन के समय, खासकर दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक बिजली गुल रहती है, जिससे चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों के लिए यह स्थिति और भी विकट हो जाती है, क्योंकि बिना बिजली के पंखे और कूलर भी काम नहीं करते।</p>
<p style="text-align:justify;">रात में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है; कभी रात 11 बजे, कभी 12 बजे तो कभी देर रात 2 बजे अचानक बिजली काट दी जाती है, जिससे लोगों की नींद हराम हो गई है। यह अनिद्रा अगले दिन के कार्यों और दैनिक दिनचर्या पर भी सीधा नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग अपनी मनमानी पर उतारू है और उनकी मर्जी जब होती है, तब वे बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट देते हैं, चाहे वह दिन हो, रात हो या दोपहर। यह अमानवीय स्थिति ओबरा के नागरिकों के लिए एक बड़ा संकट बन गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिजली विभाग के प्रति लोगों में गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि वे नियमित रूप से अपने बिजली बिलों का भुगतान करते हैं और एक जिम्मेदार नागरिक की तरह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, इसके बावजूद उन्हें लगातार और बेवजह बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उनका सीधा और तीखा सवाल है कि जब बिजली बिल न देने पर लाइनमैन तुरंत बिजली काटने के लिए तत्पर रहते हैं और कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाती, तो बिल जमा करने के बाद भी इतनी अकारण और लंबी कटौती क्यों की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इतनी बिजली कटौती से बिजली विभाग को आखिर क्या मिल रहा है और इसका क्या औचित्य है। यह स्थिति उपभोक्ताओं को ठगा हुआ और उपेक्षित महसूस करा रही है, जिससे बिजली विभाग के प्रति उनका विश्वास डगमगा रहा है और वे खुद को असहाय पा रहे हैं।स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों पर भी गहरी निराशा व्यक्त की है।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है कि जहां एक ओर मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति का आश्वासन देते हैं और सुशासन का दावा करते हैं, वहीं ऊर्जा की राजधानी कहे जाने वाले ओबरा में ही लोगों को पर्याप्त और निरंतर बिजली नहीं मिल पा रही है। ऐसे में गांव और दूरदराज के छोटे शहरों में 24 घंटे बिजली कैसे मिल पाएगी, यह एक बड़ा और गंभीर सवाल है जो सरकार के दावों की पोल खोलता है। लोगों का स्पष्ट मानना है कि ओबरा के बिजली अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देशों और सरकारी नीतियों की भी खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं, जिससे न केवल सरकार की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि जनता में असंतोष और आक्रोश भी लगातार बढ़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर, ओबरा के नगर वासियों में सरकार और बिजली विभाग के अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी और हताशा का माहौल है। वे चाहते हैं कि बिजली विभाग अपनी मनमानी बंद करे और उन्हें पर्याप्त तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे, खासकर तब जब वे स्वयं ऊर्जा उत्पादन के केंद्र में निवास करते हैं और देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह गंभीर स्थिति न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था और व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, बल्कि आम नागरिकों के दैनिक जीवन, पढ़ाई, स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है। लोगों ने सरकार से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और एक स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि ओबरा के नागरिकों को भी ऊर्जा की राजधानी में होने का वास्तविक लाभ मिल सके और उन्हें अघोषित बिजली कटौती के इस दुष्चक्र से अंतत, मुक्ति मिल पाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jun 2025 00:49:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
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