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                <title>hospital - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>hospital RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अखिलेश यादव के स्वागत में जा रहे सपा नेता सड़क हादसे में घायल, </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दो दिवसीय प्रयागराज दौरे के दौरान स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे समाजवादी युवजन सभा के पूर्व गंगापार जिलाध्यक्ष प्रिंस सिंह बागी रविवार को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा चौफटका क्षेत्र में हुआ, जिसमें उनके पैर की हड्डी दो स्थानों से टूट गई।</div>
<div style="text-align:justify;">चौफटका के पास अचानक हुए सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और राहगीरों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">चिकित्सकों की जांच</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182255/sp-leader-going-to-welcome-akhilesh-yadav-injured-in-road"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260628-wa01061.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दो दिवसीय प्रयागराज दौरे के दौरान स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे समाजवादी युवजन सभा के पूर्व गंगापार जिलाध्यक्ष प्रिंस सिंह बागी रविवार को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा चौफटका क्षेत्र में हुआ, जिसमें उनके पैर की हड्डी दो स्थानों से टूट गई।</div>
<div style="text-align:justify;">चौफटका के पास अचानक हुए सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और राहगीरों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चिकित्सकों की जांच में उनके पैर की हड्डी दो स्थानों से फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल उपचार शुरू करते हुए कुछ समय तक पूर्ण आराम करने की सलाह दी है। हादसे की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और शुभचिंतक अस्पताल पहुंच गए तथा उनका हालचाल जाना।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 13:54:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गली गली में कुकुर मुक्तो की तरह चल रहे अस्पताल, जीवन के साथ कर रहे हैं खिलवाड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयाग राज । </strong></p>
<p style="text-align:justify;">यमुनानगर के नैनी, करछना, मेजा, कोराव, बारा की गलियों में जगह-जगह निजी अस्पताल और नर्सिंग होम धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इन अस्पतालों में मानक सुविधाओं और संसाधनों की भारी कमी होने के बावजूद इन्हें आसानी से संचालित किया जा रहा है। न तो पर्याप्त डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ है और न ही आपातकालीन सेवाओं की उचित व्यवस्था।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि बिना आवश्यक अनुमति और संसाधनों के अस्पताल मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कई जगह तो ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और आईसीयू जैसी बुनियादी सुविधाएं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155186/hospitals-running-like-kukur-mukto-in-gali-gali-are-playing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयाग राज । </strong></p>
<p style="text-align:justify;">यमुनानगर के नैनी, करछना, मेजा, कोराव, बारा की गलियों में जगह-जगह निजी अस्पताल और नर्सिंग होम धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इन अस्पतालों में मानक सुविधाओं और संसाधनों की भारी कमी होने के बावजूद इन्हें आसानी से संचालित किया जा रहा है। न तो पर्याप्त डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ है और न ही आपातकालीन सेवाओं की उचित व्यवस्था।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि बिना आवश्यक अनुमति और संसाधनों के अस्पताल मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कई जगह तो ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और आईसीयू जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं, लेकिन फिर भी बोर्ड लगाकर अस्पताल के नाम पर इलाज जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि नियम-कायदों की अनदेखी कर खुले ऐसे अस्पताल मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाही केवल कागजों तक ही सीमित रह जाती है। कई अस्पतालों में इलाज के दौरान मरीजों की मौत भी हो चुकी है। और प्रयागराज सीएमओ द्वारा अस्पताल को सीज भी कर दिया। लेकिन उसके बाद इस अस्पताल को फिर से खुलवा दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अस्पतालों की जांच कर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो और मरीजों को मानक इलाज मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 16:11:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अग्नि से बचाव की व्यवस्था किए बगैर ही  चलाये जा रहे है अस्पताल</title>
                                    <description><![CDATA[हजारों छात्र व मरीजों की ज़िन्दगी से हो रहा खिलवाड़]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146313/hospitals-are-being-run-without-fire-prevention-arrangements"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/swatantra-prabhat-media-(स्वतंत्र-प्रभात-मीडिया)-राष्ट्रीय-हिंदी-दैनिक-अखबार-एवं-ऑनलाइन-चैनल-20241111_220114.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संवाददाता तामीर हसन शीबू </strong></p>
<p><strong>जौनपुर</strong>। झांसी के निजी चिकित्सालय में 10 मासूमों की मौत के बाद भी जौनपुर में स्वास्थ्य विभाग सहित जिला प्रशासन के अधिकारी हरकत में नहीं आ रहे हैं। जबकि जिले के मेडिकल कॉलेज से लगायत अधिकतर प्राइवेट अस्पतालो में आग से बचाव के उपकरण नहीं हैं। जनपद के लगभग 800 निजी अस्पतालो में से अधिकतम 10 फीसदी यानी मात्र 80 अस्पतालों में ही मानक पूरे हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।उमानाथ सिंह स्वशासी मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक भवन में केवल आग से बचाव के उपकरण हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा ओपीडी, पैथोलॉजी, ऑफिस, लाइब्रेरी में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर कभी यहां अगलगी की घटना हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। अग्निशमन विभाग द्वारा यहां के लिए एनओसी ही नहीं दिया गया और शैक्षणिक संस्थान, ओपीडी, हास्टल आदि सारी व्यवस्थाएं चालू हैं। जिससे यहां हजारों छात्र व मरीजों की जिंदगियों से खिलवाड़ हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा जनपद मुख्यालय पर शहर के नईगंज, वाजिदपुर से पालीटेक्निक, वाजिदपुर से जेसीज चौराहा क्षेत्र में करीब 350 हास्पिटल हैं। इसमें भी अधिकतर किराए के भवन में चल रहे हैं। यहां पर जब अग्निशमन विभाग की टीम जांच करने पहुंचती हैं तो वहां किराएदार होने का रोना रोया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मकान मालिकों का कहना होता है कि यहां पर तीन से चार लाख का उपकरण लगा दे और यह चिकित्सक कभी भी चले जाएंगे। तो आगे इसका उपयोग कौन करेगा। ऐसे में ज्यादातर फायर एक्टेंग्विशर लगाकर काम कर रहे हैं। ऐसे में यहां भी कभी बड़ी घटना हुई तो बचाव के उपाय नाकाफी साबित होंगे।जिला महिला चिकित्सालय की नई बिल्डिंग में लगे उपकरण देखरेख के अभाव में जंग खा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में आग लगी तो मरीजों व उनके तीमारदारों को बचा पाना मुश्किल होगा।जिला चिकित्सालय में अभी तक पुरानी व्यवस्था के तहत आग से बचाव के उपकरण लगाए गए थे। खबर मिली है कि अब शासन से अनुमति मिलने के बाद जिला चिकित्सालय में 2.75 करोड़ से अग्निशमन के नए उपकरण लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इस तरह अगर गौर करें तो जनपद में अग्नि से बचाव की व्यवस्था किए बगैर ही अस्पताल चलाये जा रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 15:38:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेट्रोफा के बीज खाने से 9 मासूमों की बिगड़ी हालत</title>
                                    <description><![CDATA[फिलहाल खतरे से बाहर बताये जा रहे मासूम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138727/condition-of-9-innocent-children-worsened-after-eating-jatropha-seeds"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/img-20240212-wa0407.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-weight:bolder;">रायबरेली! </span></div>
<div>बीती रविवार की देर रात जेट्रोफा के बीज खाने से आधा दर्जन से अधिक मासूमों की हालत बिगड़ गई!सभी को सीएचसी में भर्ती कराया गया! बच्चो के बीमार होने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई!सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक टीम सीएचसी शिवगढ़ के लिए भेज दिया है!गांव में अन्य बच्चों की भी जांच कराई जा रही है!मामला शिवगढ़ थाना क्षेत्र के भौसी गांव का है!</div>
<div> </div>
<div>डा अमित सिंह ने बताया कि घटना रविवार की देर रात लगभग 9 बजे की है!इसकी सूचना सीएमओ रायबरेली डॉ. वीरेंद्र सिंह को दे दी गई है! जैसे ही सूचना मिली तत्काल बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक टीम सीएचसी शिवगढ़ के लिए रवाना कर दी है!डा अमित सिंह ने बताया कि बीमार पड़ने वालों में सोनी 10 वर्ष,अंकुल 12 वर्ष,मोनिका 8 वर्ष,माही 9 वर्ष,अंकुश 9 वर्ष,अर्पित 10 वर्ष,प्रिया 8 वर्ष,रिया 9 वर्ष,कंचन 12 वर्ष सहित 9 बच्चे आये थे!वर्तमान में सभी की हालत ठीक है!किसी प्रकार की कोई चिंताजनक बात नहीं है! गांव में और भी बच्चों के बारे पता करवाया जा रहा है,अभी तक 9 बच्चों के अलावा किसी और की जानकारी नहीं हो पाई है!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Feb 2024 16:29:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एडी स्वास्थ्य ने सौ सैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज का किया औचक निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>मिल्कीपुर अयोध्या। स्वास्थ्य महकमें की हकीकत जानने के लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य मंडल अयोध्या डॉ पवन ने मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज के इमरजेंसी, ओ टी, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे कक्ष, जरनल वार्ड सहित ओपीडी में डाक्टरों के मरीजों से व्यवहार को देखा साथ ही बाहर की दवाएं किसी कीमत पर नहीं लिखने की हिदायत दी। मरीजों को बैठने के लिए कुर्सियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश अस्पताल के सीएमएस को दिए।<br />  वहीं दूसरी ओर इतने बड़े अस्पताल में नियुक्त तीन महिला चिकित्सकों के न आने पर सवालिया निशान खड़ा रहा इस पर उन्होंने<br />जानकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133419/ad-health-conducted-surprise-inspection-of-sau-saiyya-joint-hospital"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/inshot_20230810_155804631.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>मिल्कीपुर अयोध्या। स्वास्थ्य महकमें की हकीकत जानने के लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य मंडल अयोध्या डॉ पवन ने मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज के इमरजेंसी, ओ टी, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे कक्ष, जरनल वार्ड सहित ओपीडी में डाक्टरों के मरीजों से व्यवहार को देखा साथ ही बाहर की दवाएं किसी कीमत पर नहीं लिखने की हिदायत दी। मरीजों को बैठने के लिए कुर्सियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश अस्पताल के सीएमएस को दिए।<br /> वहीं दूसरी ओर इतने बड़े अस्पताल में नियुक्त तीन महिला चिकित्सकों के न आने पर सवालिया निशान खड़ा रहा इस पर उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया।<br />जानकार सूत्रों के अनुसार 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में विगत वर्षों से तैनात महिला चिकित्सक डॉ आर्या , डॉ सोनम सिन्हा व डॉ शीला वर्मा के लगातार अनुपस्थित रहने पर अस्पताल आने वाली महिला मरीजों का इलाज अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स रेखा रावत के भरोसे हो रहा है।<br />बताते चलें कि अस्पताल के 50 किलोमीटर के परिध में  सुल्तानपुर, अमेठी व बाराबंकी क्षेत्र से आने वाली महिला मरीजों को महिला डॉक्टरों के अनुपस्थित होने पर बैरंग वापस जाना पड़ रहा है। प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक का स्पष्ट निर्देश है। कि सभी चिकित्सकों को अस्पताल में रहने का निर्देश दिया है। लेकिन उनका आदेश सौ शैय्या अस्पताल कुमारगजं के डॉक्टरों को कोई मायने नहीं रखता।<br />अस्जपताल  के जनरल वार्ड में भर्ती जनपद सुल्तानपुर (पारा बाजार) से आई नाजरीन पत्नी रफीक अहमद पेट दर्द का उपचार करने आई थी जिसे उपस्थित चिकित्सकों ने बाहर से दवाएं लिखकर मंगवाई गई, मिल्कीपुर बाजार निवासी पप्पू बुखार से पीड़ित अपने 5 वर्षीय बेटे अनुज को उपचार करने के लिए अस्पताल ले आए जहां डॉक्टरों ने बाहर की जांच लिख दी। जांच के नाम पर 500 रूपए का चुना गरीब परिवार को लग गया। जबकि सीएमएस रजत चौरसिया द्वारा दावा किया जाता है कि सभी जांचे अस्पताल में निशुल्क हो रही है तो ऐसे में डॉक्टरों द्वारा बाहर की जांचे एवं दवाएं क्यों लिखी जा रही है। इतना ही नहीं अस्पताल  के डॉक्टर अपने को बचाने के लिए प्राइवेट युवकों को रखकर उन्हीं से बाहर की दवाएं भी लिखवा रहे हैं। कभी भी अस्पताल में दर्जनों युवाओं को डॉक्टर के पास बैठा व वार्डों में घूमते हुए देखा जा सकता है।<br />अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ पवन ने बताया कि जो डॉक्टर अस्पताल नहीं आ रहे हैं उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा एवं विभागीय कार्यवाही की जाएगी। इस मौके पर अस्पताल के सीएमएस डॉ रजत चौरसिया डॉक्टर संतोष कुमार सहित अन्य अस्पताल कर्मी मौजूद रहे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Aug 2023 15:50:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कलुआपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाल, मरीज तो दूर डॉक्टर भी आना पसंद नही करते</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>शाहजहांपुर-</strong></p>
<p><br />बीमार मरीजों को स्वस्थ बनाने का दावा करने वाला अस्पताल खुद बीमार चल रहा है। शाहजहांपुर की सिन्धौली ब्लाक का कलुआपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इतना बदहाल है कि यहां मरीज तो दूर डॉक्टर भी आना पसंद नही करते। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग के चारों तरफ गंदगी और बड़ी-बड़ी घास का बसेरा है। </p>
<p>सरकारी कागजों में बेहतर इलाज का दावा करने वाला कलुआपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुछ ही घंटों के लिए खुलता है। ग्रामीणों की माने तो यह स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ एक वॉर्ड बॉय के सहारे चल रहा है। अस्पताल की बिल्डिंग ऐसी है कि  जिसमें काई जमी हुई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129697/kaluapur-primary-health-center-patients-in-poor-condition-even-doctors"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/hospital.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>शाहजहांपुर-</strong></p>
<p><br />बीमार मरीजों को स्वस्थ बनाने का दावा करने वाला अस्पताल खुद बीमार चल रहा है। शाहजहांपुर की सिन्धौली ब्लाक का कलुआपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इतना बदहाल है कि यहां मरीज तो दूर डॉक्टर भी आना पसंद नही करते। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग के चारों तरफ गंदगी और बड़ी-बड़ी घास का बसेरा है। </p>
<p>सरकारी कागजों में बेहतर इलाज का दावा करने वाला कलुआपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुछ ही घंटों के लिए खुलता है। ग्रामीणों की माने तो यह स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ एक वॉर्ड बॉय के सहारे चल रहा है। अस्पताल की बिल्डिंग ऐसी है कि  जिसमें काई जमी हुई और खिड़कियां टूटी हैं।</p>
<p> अस्पताल की बिल्डिंग देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जब स्वास्थ्य केंद्र ही बीमार है तो यहां आने वाले मरीज कितने स्वस्थ होंगे ? आपको बतादें कि कलुआपुर और उसके आसपास के लगभग 10,000 ग्रामीण इस बीमार स्वास्थ्य केंद्र के ही सहारे हैं ।</p>
<p>क्योंकि पुवायां या सिंधौली इलाज कराने जाते हैं तो बीमार मरीजों को 15 से 20 किलोमीटर तक का लंबा सफर तय करना पड़ता है। 'वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरके गौतम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की कमी है जिसके चलते कहीं-कहीं पर डॉक्टरों की पोस्टिंग नहीं की जा सकी ।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उनके विभाग में सफाई कर्मचारियों की भी काफी कमी है इसलिए वह गांव के प्रधान से कहकर गांव में तैनात सफाई कर्मचारी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की साफ सफाई करवा दिया करते हैं। सीएमओ ने बताया कि दो फार्मासिस्ट की तैनाती कल से कलुआपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर की जा रही है जो वहां जाकर विधिवत तरीके से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 May 2023 21:12:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बिहार में अपराधियों का बोल बाला, कर रहे मनमानी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  बिहार</strong> के सारण जिले में पंजाब नेशनल बैंक में लूट हुई है। 5 अपराधियों ने दिनदहाड़े बंदूक की नोक पर लूट की इस वारदात को अंजाम दिया है। वहीं बदमाशों ने होमगार्ड के 2 जवानों को भी गोली मार दी, जिसमें एक की मौत हो गई है, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। लूटी गई रकम फिलहाल 12 लाख बताई जा रही है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-04/4154256543.jpg" alt="4154256543" /></p>
<p><strong>5 बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम-</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, मामला सारण के सोनपुर डीआरएम ऑफिस के पास ब्रांच की है। बताया जा रहा है कि 5 बदमाश दोपहर 12 बजे के करीब बैंक के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128853/arbitrary-talking-of-criminals-in-bihar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/257856363.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> बिहार</strong> के सारण जिले में पंजाब नेशनल बैंक में लूट हुई है। 5 अपराधियों ने दिनदहाड़े बंदूक की नोक पर लूट की इस वारदात को अंजाम दिया है। वहीं बदमाशों ने होमगार्ड के 2 जवानों को भी गोली मार दी, जिसमें एक की मौत हो गई है, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। लूटी गई रकम फिलहाल 12 लाख बताई जा रही है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-04/4154256543.jpg" alt="4154256543"></img></p>
<p><strong>5 बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम-</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, मामला सारण के सोनपुर डीआरएम ऑफिस के पास ब्रांच की है। बताया जा रहा है कि 5 बदमाश दोपहर 12 बजे के करीब बैंक के अंदर आए थे। इसके थोड़ी ही देर बाद उन्होंने अपनी पिस्टल निकाली हैं और फायर करना शुरू कर दिया। इस फायरिंग में 2 जवानों को भी गोली लग गई, जिसमें एक की मौत हो गई है। दूसरे को सीने पर गोली लगी है, उसे गंभीर हालत में पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है। बदमाशों ने चंद मिनटों में बैंक से लाखों रुपये लूट लिए और फरार हो गए।</p>
<p><strong>फायरिंग के बाद बैंक कर्मचारियों में डर का माहौल-</strong></p>
<p>वहीं बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में इस पूरी घटना की वारदात कैद हो गई। बता दें कि सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। सारण एसपी गौरव मंगला के अनुसार लूट की पूरी रकम की जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। फायरिंग के बाद बैंक दहशत का माहौल हो गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/128853/arbitrary-talking-of-criminals-in-bihar</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Apr 2023 23:16:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाहर की दवा लिख रहे सरकारी चिकित्सक,रोगी परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div>  </div>
<div>अस्पताल में मुफ्त इलाज का दावा बेअसर साबित हो रहा है। नेत्र चिकित्सक जुबेर फैसल व ओपीडी में ज्यादातर चिकित्सक एक रुपये की सरकारी पर्ची के अलावा छोटी पर्ची पर अलग से दवा लिख रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब स्वास्थ्य मंत्री ने इस पर अंकुश लगाने का सख्त निर्देश दिया था। बावजूद मनमानी जारी है। रोगियों को बाहर से महंगे दामों पर दवाएं खरीदने को विवश होना पड़ रहा है। रोगी व तीमारदार परेशान हैं, लेकिन चिकित्सक कमीशन के खेल में जेनेरिक दवाएं लिखने से परहेज कर रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div><strong>ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार</strong></div>
<div> </div>
<div>जिला</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128296/government-doctors-prescribing-medicines-from-outside-patients-upset"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/img-20230325-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div> </div>
<div>अस्पताल में मुफ्त इलाज का दावा बेअसर साबित हो रहा है। नेत्र चिकित्सक जुबेर फैसल व ओपीडी में ज्यादातर चिकित्सक एक रुपये की सरकारी पर्ची के अलावा छोटी पर्ची पर अलग से दवा लिख रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब स्वास्थ्य मंत्री ने इस पर अंकुश लगाने का सख्त निर्देश दिया था। बावजूद मनमानी जारी है। रोगियों को बाहर से महंगे दामों पर दवाएं खरीदने को विवश होना पड़ रहा है। रोगी व तीमारदार परेशान हैं, लेकिन चिकित्सक कमीशन के खेल में जेनेरिक दवाएं लिखने से परहेज कर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार</strong></div>
<div> </div>
<div>जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में रोगियों की भीड़ उमड़ी रही। चिकित्सकों की ओपीडी पर रोगियों की लंबी कतार रही, लेकिन डाक्टरों की बाहर से दवा लिखने की प्रवृति रोगियों को मुफ्त इलाज की मंशा पर भारी पड़ रहा है। सरकार की तरफ से सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों को केवल जेनेरिक दवा का सार्ट ही लिखने का आदेश है।</div>
<div> </div>
<div><strong>जेनरिक की जगह लिखी जाती महंगी दवायें</strong></div>
<div> </div>
<div>जन औषधि केंद्रों पर मिलने वाली दवाओं की कीमत ब्रांडेड दवा से करीब 80 प्रतिशत तक कम होती है। बावजूद यहां जेनेरिक दवाएं नहीं लिखी जा रही है। मेडिकल स्टोरों से सांठगांठ कर दवाएं लिखी जा रही है। जन औषधि केंद्र संचालक कमीशन देने में सक्षम नहीं है। यही कारण है जेनेरिक की जगह महंगी दवाएं लिखी जा रही है। एेसे में जन औषधि केंद्र का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। हालांकि चिकित्सक मेडिकल स्टोर पर ट्रेंड व्यक्ति न होने के कारण जेनेरिक दवाएं नहीं लिखने का जहां तर्क दे रहे हैं, वहीं रोगियों की डिमांड पर बाहर से दवा लिखने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>क्या कहते परेशान मरीज़</strong></div>
<div> </div>
<div>राजेपुर के राजेश यादव ने कहा कि नाक के पास अत्याधिक दर्द है। डाक्टर ने एक रुपये की पर्ची पर चार दवा के अलावा अलग से छोटी पर्ची पर तीन दवा लिखी है। गरीब आदमी के लिए इलाज कराना मुश्किल हो गया है। यहां जन औषधि केंद्र भी नहीं है। महंगे दाम पर बाहर से दवा खरीदना मजबूरी है। हुसैन नहर की शबाना बानो ने कहा कि दस दिनों से बुखार और शरीर में दर्द है। जिला अस्पताल में डाक्टर को दिखाने आई तो अंदर की तीन दवा के साथ बाहर की तीन दवा भी डाक्टर लिखे हैं। मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर 350 रुपये में दवा खरीदना पड़ा है। तालिब सरायं की आयशा ने कहा कि आंख का आपरेशन जिला अस्पताल में कराई हूं। आंख लाल हो गया है। डाक्टर जुबेर फैसल ने अस्पताल से दवा लिखने के साथ ही छोटी पर्ची पर बाहर से तीन दवा लिखा है।अब तो सरकारी सुविधा में निश्शुल्क का कोई मतलब नहीं रह गया है। आवास विकास कालोनी के उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चे को बुखार है। डाक्टर ने सरकारी पर्चे पर कोई दवा नहीं लिखा है। अलग से छोटी पर्ची पर चार दवा लिखी है। जिसकी कीमत करीब चार सौ रुपये है। अब बच्चे की बात है, डाक्टर जो लिखेंगे वह तो खरीदना ही पड़ेगा। सबसे अधिक समस्या यहां दलालों की है। जिसे समाप्त करने की जरूरत है।</div>
<div> </div>
<div><strong>जेनेरिक दवा से अनभिज्ञ हैं रोगी </strong></div>
<div> </div>
<div>जेनरिक दवाओं को लेकर बहुत से रोगियों व तीमारदारों में जागरूकता का अभाव है। दवा सस्ती होने के कारण वह उसके असर को समझ नहीं पाते हैं, जबकि यह दवा काफी कारगर साबित हो रही है। इसके लिए प्रशासन को जागरूकता अभियान भी चलाने की जरूरत है।</div>
<div> </div>
<div><strong>अस्पताल में भरपूर है दवायें</strong></div>
<div> </div>
<div>मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सत्यप्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में भरपूर दवाएं हैं। बीमारी के अनुसार रोगियों को दवा दी जाती है। अगर कोई चिकित्सक बाहर से दवा लिखता है, या किसी रोगी द्वारा बाहर से दवा लिखने के लिए दबाव बनाया जाता है, तो दोनों गलत है। शासन की मंशा के विपरीत कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/128296/government-doctors-prescribing-medicines-from-outside-patients-upset</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Mar 2023 21:58:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवध चिल्ड्रन एकेडमी अस्पताल में बच्चे की मौत के मामले में  मुख्यमंत्री से शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong>   </p>
<div>  </div>
<div><strong>बाराबंकी-  </strong>पुलिस लाइन स्थित अवध चिल्ड्रन एकेडमी अस्पताल में 1 महीने फर्जी इलाज के बाद हुई नवजात की मौत के मामले में मृतक की मां शबनम पत्नी फरीद अहमद ने कार्यवाही ना होते देख मुख्यमंत्री आईजीआरएस पर इसकी शिकायत दर्ज कराई है पीड़िता शबनम के मुताबिक जनपद बाराबंकी में पुलिस लाइन स्थित अवध चिल्ड्रन एकेडमी अस्पताल के डॉ सैयद साकिब व सैयद आमिर के रसूख के आगे कार्रवाई नहीं हो पा रही है हालांकि इससे पहले मीडिया की सुर्खियों में बना अवध चिल्ड्रन एकेडमी अस्पताल पर पहले भी आरोप लग चुके हैं।</div>
<div>  </div>
<div>पीड़ित महिला के मुताबिक बच्चे की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128133/complaint-to-the-chief-minister-regarding-the-death-of-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/img-20230318-wa0095.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong>  </p>
<div> </div>
<div><strong>बाराबंकी-  </strong>पुलिस लाइन स्थित अवध चिल्ड्रन एकेडमी अस्पताल में 1 महीने फर्जी इलाज के बाद हुई नवजात की मौत के मामले में मृतक की मां शबनम पत्नी फरीद अहमद ने कार्यवाही ना होते देख मुख्यमंत्री आईजीआरएस पर इसकी शिकायत दर्ज कराई है पीड़िता शबनम के मुताबिक जनपद बाराबंकी में पुलिस लाइन स्थित अवध चिल्ड्रन एकेडमी अस्पताल के डॉ सैयद साकिब व सैयद आमिर के रसूख के आगे कार्रवाई नहीं हो पा रही है हालांकि इससे पहले मीडिया की सुर्खियों में बना अवध चिल्ड्रन एकेडमी अस्पताल पर पहले भी आरोप लग चुके हैं।</div>
<div> </div>
<div>पीड़ित महिला के मुताबिक बच्चे की हालत खराब होने विरोध पर अस्पताल के इन दबंगों द्वारा पीड़िता को यह भी धमकाया गया कि बिल्डिंग जमीन पैसा व धनबल के रसूख के आगे शासन प्रशासन उनकी जेब में है ऐसा कहना शायद सच होता भी दिख रहा है क्योंकि रसूख के आगे कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही है पीड़ित मां की दर्द को शायद प्रशासन भी समझने के लिए अब आतुर नहीं दिख रहा है ।</div>
<div> </div>
<div>कार्रवाई ना होने से एक मासूम बच्चे को खो चुकी दर्द से तड़पती हुई मां को शायद इस बात का एहसास भी हो रहा है बिल्डिंग और पैसों का रौब दिखाने वाले सैयद आमिर और डॉक्टर साकिब पर शायद कोई कार्रवाई इसलिए नहीं हो पाएगी क्योंकि उनके पास धन बल की एक ताकत है और शायद पुलिस प्रशासन भी उनकी जेब में समा चुका है महिला ने आरोपों के कठघरे में डॉक्टर शादाब ,सैयद आमिर व डॉक्टर शाकिब को अपने बच्चे की मौत का जिम्मेदार बताया है और साथ ही इंसाफ की उम्मीद प्रशासन के साथ उत्तर प्रदेश की ईमानदार योगी सरकार से भी है।</div>
<div> </div>
<div><strong>बॉक्स</strong></div>
<div> </div>
<div>1 महीने जबरन भर्ती करके इलाज के नाम पर लाखों रुपए की वसूली की जाती है मेरे बच्चे को पैसे के नाम पर मार डाला , सैयद आमिर ,,डॉ सैयद साकिब ,,डॉक्टर शादाब ,,के द्वारा धनबल बिल्डिंग और पैसे का रौब दिखाकर मुझे खामोश करने की भी कोशिश की है बच्चे की मौत के जिम्मेदार यह लोग हैं मुझे इंसाफ चाहिए। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Mar 2023 19:18:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पडरौना नगर में जिला अस्पताल निर्माण को लगा पंख, नगर का होगा कायाकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[अब मरीजों को होगी सहूलियत, कम होगी तीमारदारों की भागदौड़]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128002/6413ecd10b744"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/फोटो-2.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>राघवेंद्र मल्ल, </strong><strong style="text-align:justify;">कुशीनगर (स्वतंत्र प्रभात)। </strong><span style="text-align:justify;">जिला अस्पताल रविंद्र नगर धुस पडरौना को अन्यत्र स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जमीन की तलाश की कवायद तेज हो गई है। बीते दस दिनों से जारी प्रयास के सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं। इस कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा जनपद में सात संभावित स्थलों का मौका मुआयना किया जा चुका है। प्रयासों को विराम तब मिलता दिखा जब नगर में संचालित महिला अस्पताल व नेत्र चिकित्सालय की भूमि नए जिला अस्पताल के मानक के अनुरूप मिली। </span></p>
<p><span style="text-align:justify;">थोड़ी जमीन कम होने पर बगल स्थित आबकारी विभाग की भूमि से कुछ अंश लेने पर मानक की पूर्ति होने से नगर में ही जिला अस्पताल बनने की उम्मीद परवान चढ़ने लगी है। माना जा रहा है कि राजस्व विभाग इसे लेकर पूरी तरह संतुष्ट और आश्वस्त है। बताया जा रहा है कि पडरौना नगर में जिला अस्पताल की भूमि के लिए राजस्व विभाग ने जिलाधिकारी को अपनी संस्तुति सहित रिपोर्ट भेज दी है। अब जिला प्रशासन यह रिपोर्ट शासन को प्रेषित करेगा। यदि सब कुछ ठीक रहा तो शासन से अनुमति मिलते ही नए जिला अस्पताल का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो जायेगा।      </span></p>
<p><strong>रंग लायी विधायक मनीष की पहल</strong></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong> </strong></span>पडरौना के विधायक मनीष जायसवाल उर्फ मंटू ने बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बताया था कि कुशीनगर का जिला अस्पताल मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत हो चुका है। ऐसे में 40 लाख की आबादी के लिए अन्यत्र जिला अस्पताल बनाया जाना जनहित में आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने विधायक की इस पहल का संज्ञान लिया। शासन ने डीएम को इस आशय का पत्र भेज जिला अस्पताल के लिए पांच एकड़ जमीन की तलाश करने के लिए निर्देशित किया। । इस निर्देश के बाद राजस्व विभाग की टीम जुट गई। दस दिनों की माथापच्ची के बाद नगर में संचालित अस्पताल की भूमि पर इस योजना के उतरने की आस जग गई है।</p>
<p><strong>सराहनीय रहा इनका योगदान</strong></p>
<p> नए जिला अस्पताल की भूमि तलाश में एसडीएम सदर महात्मा सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने पडरौना ब्लॉक के लक्ष्मीपुर, घोरघटिया, जंगल विशुनपुरा, भुजौली शुक्ल, ढोरही कृषि फार्म व पडरौना के पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय समेत कुल सात जगहों पर जमीन का स्थलीय निरीक्षण किया था। मंगलवार को डीएम रमेश रंजन ने भी सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया समेत अन्य अफसरों के साथ इन सभी जगहों का निरीक्षण किया।</p>
<p>बुधवार को डीएम के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक योगेंद्र गुप्ता की नेतृत्व में राजस्व टीम ने पडरौना के पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय, राजकीय महिला अस्पताल के जमीन की पैमाइश भी की। यहां दोनों अस्पतालों को मिलाकर साढ़े चार एकड़ जमीन मिल गई।</p>
<p>जबकि ठीक बगल पूरब में स्थित जिला आबकारी विभाग के कार्यालय परिसर की भूमि की पैमाइश की गई, जिसे मिलाकर छह एकड़ से अधिक जमीन निकली है, जो जिला अस्पताल बनाने के लिए मानक के लिए पर्याप्त है। राजस्व निरीक्षक योगेंद्र गुप्ता ने बताया कि जमीनों की पैमाइश की गई है। छह एकड़ से अधिक की भूमि पैमाइश में निकली है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सुपुर्द कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Mar 2023 10:24:27 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुफ़्त इलाज के दावे हवाहवाई सरकारी पर्चे पर बाहर की दवाएं प्राईवेट अस्पतालों से भी महंगी</title>
                                    <description><![CDATA[जिला अस्पताल में छोटी पर्ची पर बाहर से लिखी जा रही 1000 रुपये की दवायें, बताते चलें की ट्रामा में बैठने वाले डॉ विकास सचान और डॉ मनोज ऑर्थो 100 फीसदी दवाएं बाहर से ही लिखते हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127975/claims-of-free-treatment-in-air-government-medicines-on-prescription"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/2023-03-05_16.37.53.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div> </div>
<div>उन्नाव गरीब इस आस में सरकारी अस्पताल पहुंचते हैं कि एक रुपये की पर्ची पर उपचार के साथ दवा मुफ्त मिलेगी लेकिन उमाशंकर दीक्षित जिला अस्पताल में खुलेआम और बेखौफ होकर गरीबों की जेब काटी जा रही है। चिकित्सक बाहरी मेडिकल स्टोर्स पर मिलने वाली ब्रांडेड और महंगी दवा का पर्चा मरीजों का थमा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने यूपी के सरकारी अस्पतालों को हिदायत दी है कि बाहरी दवा न लिखी जाए लेकिन किसी पर कोई असर नहीं हुआ है।</div>
<div> </div>
<div>उमाशंकर दीक्षित जिला अस्पताल में इलाज कराने जा रहे गरीबों को सरकारी पर्चे पर बाहर की दवाएं प्राईवेट अस्पतालों से भी महंगी पड़ रही हैं। इससे सरकार की बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के दावे हवाहवाई बन गए हैं। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर तुषार चौरसिया डॉक्टर दिलीप अग्रवाल डॉक्टर रमन डॉक्टर एस के पांडे डॉक्टर कौशलेंद्र कुमार डॉक्टर विकास सचान डॉक्टर मनोज ऑर्थो ने एक पर्चे पर पांच से दस दवाएं बाहर की लिखी हैं। इसे मरीजों को मजबूरी में खरीदना पड़ रहा है। शुक्रवार को एक के बाद एक मरीजों और तीमारदारों को हाथों में पर्चा लटकाए जिला अस्पताल से निकलकर मेडिकल स्टोरों पर जाते देखा गया।</div>
<div> </div>
<div>ऐसे मरीजों से जब बात की गई तो उसने बताया कि डॉक्टर कौशलेंद्र ने अस्पताल में दवाएं न होने की बात कहकर बाहर की दवाएं लिखी हैं। इस पर्चे पर कुल 7 दवाएं लिखी हुई थीं और सातों दवाएं बाहर की थीं। इस पर्चे से दो ही बात स्पष्ट होती है कि या तो जिला अस्पताल में कोई दवा है ही नहीं। तभी तो डाक्टर कौशलेंद्र कुमार 100 फीसदी दवाएं बाहर की लिख रहे हैं या फिर अस्पताल में दवाओं के उपलब्ध होने के बावजूद यह सभी डॉक्टर अपने निजी स्वार्थ के लिए बाहर की दवाएं लिख रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>कैसे निबटेगा बड़ी बिमारियों से स्वास्थ विभाग</strong></div>
<div> </div>
<div>ऐसे में यदि जिला अस्पताल के डाक्टर साहब बाहर से दवायें लिखेगें तो फिर यूपी सरकार के स्वास्थ्य व्यवस्था के दावे झूठे साबित हो रहे हैं। ऐसे में सवाल यह भी है कि पूरे प्रदेश में रहे डेंगू जैसी बड़ी बिमारियों से जिले का स्वास्थ्य विभाग कैसे निपटेगा?</div>
<div> </div>
<div><strong>पर्याप्त मात्रा में दवाओं का है स्टाक</strong></div>
<div> </div>
<div>सीएमएस डाक्टर सुनील कुमार श्रीवास्तव से इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसा मामला मेरी जानकारी मे नही है अगर कोई डाक्टर बाहर से दवा लिख रहा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जायेगी उन्होंने बताया कि हमारे पास दवाओं का पर्याप्त मात्रा मे स्टाक उपलब्ध है!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Mar 2023 16:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनता कर रही सवाल साहब आखिर क्यों नहीं करा रहे टाटा केयर अस्पताल की जांच</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>लखीमपुर खीरी-</strong>  भले ही सुबे के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक स्वास्थ्य महकमे को लेकर कितने भी औचक निरीक्षण कर लें और गरीबों को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर से बेहतर प्राप्त हो इसके लिए कितने भी भरसक प्रयास कर ले परंतु जिला खीरी में जिला स्तरीय अधिकारी इनके मंसूबे पर पानी फेरने से बाज नहीं आ रहे।</div>
<div>  </div>
<div>फिर चाहे जनपद में गैर पंजीकृत अस्पतालों की संख्या अनगिनत हो जाना हो, प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों का दोहन या फिर नियम विपरीत तरीके से मरीज को भर्ती कर लाभ कमाने के मामले हो जनपद खीरी सब में अव्वल स्थान पर जाता देखा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127905/the-public-is-asking-why-sir-is-not-getting-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/फोटो-02.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> भले ही सुबे के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक स्वास्थ्य महकमे को लेकर कितने भी औचक निरीक्षण कर लें और गरीबों को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर से बेहतर प्राप्त हो इसके लिए कितने भी भरसक प्रयास कर ले परंतु जिला खीरी में जिला स्तरीय अधिकारी इनके मंसूबे पर पानी फेरने से बाज नहीं आ रहे।</div>
<div> </div>
<div>फिर चाहे जनपद में गैर पंजीकृत अस्पतालों की संख्या अनगिनत हो जाना हो, प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों का दोहन या फिर नियम विपरीत तरीके से मरीज को भर्ती कर लाभ कमाने के मामले हो जनपद खीरी सब में अव्वल स्थान पर जाता देखा जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div>और विभाग कार्यवाही के नाम पर झुनझुना बजाता नजर आ रहा है जिसके चलते आए दिन जनपद में कहीं ना कहीं से जच्चा-बच्चा की मौत की खबरें प्रकाश में आती हैं परंतु किसी अपने को खो जाने का दर्द सिर्फ परिवार वाले ही समझ सकते हैं स्वास्थ्य महकमा नहीं वरना जिला स्तर पर बैठे अधिकारी अब तक फर्जी अस्पतालों पर कार्यवाही कर एक नजीर बना चुके होते हैं। किसी अप्रिय घटना घटने के बाद ही स्वास्थ्य महकमा जागता है।</div>
<div> </div>
<div>और किसी अपने को खो देने के बाद शिकायती पत्र के सहारे फर्जी अस्पताल बंद हो जाते हैं यह हम नहीं कह रहे पिछले कुछ आंकड़े ही बता रहे हैं। ताजा मामला नहर रोड पर स्थित टाटा केयर अस्पताल का है। जहां थाना हरगांव क्षेत्र के मौर्य नामक व्यक्ति उम्र लगभग 28 वर्ष जो कि घर में किसी कारण से जहर खा लिया था जिसको बिना पुलिस को सूचना दिए ही नियम विपरीत तरीके से अस्पताल में इलाज कर लंबा चौड़ा बिल बनाकर नियम कायदे को ताक पर रख अस्पताल संचालक अपना लाभ करने में जुटे हैं। सारी जानकारी एडिशनल सीएमओ को दिए जाने के बाद साहब ने बताया हम छुट्टी पर हैं सोमवार को प्रकरण की जांच कराते हैं। लेकिन अब तक मामले की जांच कराना साहब द्वारा उचित नहीं समझा गया।</div>
<div> </div>
<div>इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जानकारी दे गयी। बावजूद इसके खबर लिखे जाने तक न ही उक्त अस्पताल की कोई जांच हुई और ना ही कोई जवाबदेही तय की गयी जिससे साफ जाहिर होता है कि किस तरह से जिले में बैठे स्वास्थ्य महकमे के आला अधिकारी जिले की जनता के प्रति कितने जागरूक हैं और प्राइवेट अस्पताल संचालकों पर कितने मेहरबान हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Mar 2023 09:46:53 +0530</pubDate>
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