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                <title>विकास खण्ड चोपन - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>विकास खण्ड चोपन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सोनभद्र चोपन के गोठानी सोमनाथ मंदिर में सौंदर्यीकरण के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[गोठानी मन्दिर चढ़ा  भ्रष्टाचारियों की भेंट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152790/allegations-of-corruption-in-the-name-of-beautification-in-gothani"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250623-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/उत्तर प्रदेश- </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिले के चोपन ब्लॉक में स्थित प्राचीन गोठानी सोमनाथ मंदिर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार मानकों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं, जिससे सरकार द्वारा पर्यटन स्थल के विकास के लिए आवंटित धन का गलत इस्तेमाल हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/img-20250623-wa0019.jpg" alt="IMG-20250623-WA0019" width="1280" height="960"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यह ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर सदियों पुराना है और इसे प्राचीन काल की मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। त्रिवेणी संगम के पास स्थित होने के कारण इसका विशेष धार्मिक महत्व है। महाशिवरात्रि, बसंत पंचमी और सावन के महीने में यहां लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। पुराने समय में इस जगह को 953 गली 52 बाजार और पहले का बनारस व गुप्तकाशी भी कहते थे, जो इसके समृद्ध इतिहास और धार्मिक महत्व को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि वर्तमान में इस पवित्र स्थल पर चल रहा सौंदर्यीकरण कार्य कथित भ्रष्टाचार के कारण इसकी गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है।आरोप है कि सौंदर्यीकरण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहे हैं और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार इस स्थल को पर्यटन केंद्र बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन भ्रष्ट अधिकारी और ठेकेदार मिलकर जनता की मेहनत की कमाई को लूटने में लगे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">यह सवाल उठ रहे हैं कि इस काम की गुणवत्ता की निगरानी कौन कर रहा है और इसे किस मापदंड पर मंजूरी मिली है। स्थानीय निवासी इस बात से नाराज़ हैं कि विकास के नाम पर केवल कमीशनखोरी हो रही है, जिससे सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हो रहा है।जनता ने ऐसे भ्रष्ट निर्माण कार्य पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। वे चाहते हैं कि संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यही 'विकास' है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे सरकार की विकास योजनाओं पर सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तुरंत हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है, ताकि गोठानी सोमनाथ मंदिर का सौंदर्यीकरण कार्य सही गुणवत्ता के साथ पूरा हो सके और इस प्राचीन धार्मिक स्थल का महत्व बना रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Jun 2025 08:38:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनभद्र के पनारी में मनरेगा घोटाला, विकास के नाम पर ₹10.88 लाख की लूट, अब लीपापोती का प्रयास</title>
                                    <description><![CDATA[विकास के नाम पर छलावा, विकास के दावों की खुल रही पोल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152785/loot-of-%E2%82%B9-1088-lakh-in-the-name-of-mnrega"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img_20250622_224825.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">सोनभद्र जिले के चोपन ब्लॉक के पनारी क्षेत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बने काशी खाड़ी खड़िया नाले पर जल अवरोधक निर्माण कार्य में गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। वर्ष 2023 में ₹10.88 लाख से अधिक की लागत से बना यह निर्माण अपनी अनुमानित अवधि के आधे से भी कम समय में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुँच गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/img-20250622-wa0040.jpg" alt="IMG-20250622-WA0040" width="720" height="1096"></img></p>
<p style="text-align:justify;">कई जगहों पर साफ दरारें दिख रही हैं, जबकि कुछ हिस्से पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। 22 मार्च, 2023 को शुरू हुआ यह कार्य, जिसकी मौजूदा हालत भ्रष्टाचार की स्पष्ट गवाही दे रही है, विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाता है। यह केवल एक निर्माण की विफलता नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन के घोर दुरुपयोग का एक दुखद उदाहरण है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/img-20250622-wa0041.jpg" alt="IMG-20250622-WA0041" width="715" height="977"></img></p>
<p style="text-align:justify;">पनारी में विकास के नाम पर खुला लूट तंत्र चल रहा है! जंगल से मिट्टी हटाकर, पत्थर निकालकर पैसे खाए गए, क्योंकि विकास के नाम पर सिर्फ कमीशनखोरी हुई। इसे विकास कहना गलत होगा, यह सरकारी लूट और सुनियोजित घोटाला है। जब इस भ्रष्टाचार की खबर सामने आई, तो कुछ जिम्मेदार अधिकारी आनन-फानन में सीमेंट और बालू लेकर लीपापोती करने पहुँच गए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/img-20250622-wa0042.jpg" alt="IMG-20250622-WA0042" width="720" height="1012"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यह साफ दर्शाता है कि यदि पहले ही काम सही से किया होता तो आज इस तरह की लीपापोती की नौबत ही नहीं आती। यह अधिकारियों की जवाबदेही से बचने और अपनी गलतियों पर पर्दा डालने की स्पष्ट कोशिश है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी कौन कर रहा था। किस आधार पर इस कार्य को पास किया गया। क्या संबंधित अधिकारियों ने निर्माण के दौरान कोई जाँच नहीं की, या फिर जानबूझकर इसकी अनदेखी की गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/img-20250622-wa0039.jpg" alt="IMG-20250622-WA0039" width="960" height="1280"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गहरा संदेह पैदा करता है और उनकी जवाबदेही पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।पनारी गाँव, जिसकी आबादी 35 हजार के करीब है और जिसमें 64 टोले शामिल हैं, चोपन ब्लॉक का एक अनूठा गाँव है। 20 से 22 किलोमीटर के दायरे में फैले इस गाँव में पाँच रेलवे स्टेशन-सलईबनवा, फफराकुंड, मगरदहा, ओबरा डैम और गुरमुरा - हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/img-20250622-wa0040.jpg" alt="IMG-20250622-WA0040" width="720" height="1087"></img><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/img-20250622-wa0038.jpg" alt="IMG-20250622-WA0038" width="720" height="1087"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यहाँ से नौ बीडीसी सदस्य चुने जाते हैं और 2020 में 16344 मतदाता थे, जो अब 21 हजार तक पहुँच चुके हैं।लेकिन इस तथाकथित विकसित गाँव की कड़वी सच्चाई यह है कि अदरा कूदर, छत्ताडांड, ढोढहार जैसे कई टोले, जहाँ प्रत्येक में करीब 700 की आबादी है, आज भी बिना बिजली और बिना स्कूल के अंधेरे में जी रहे हैं। यह विडंबना साफ दर्शाती है कि एक तरफ जहाँ विकास के नाम पर लाखों रुपये पानी में बहाए जा रहे हैं और उन पर भी भ्रष्टाचार हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं के लिए भी लोग तरस रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/img-20250622-wa0043.jpg" alt="IMG-20250622-WA0043" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;"> घटिया निर्माण कार्य सीधे तौर पर जनता के विश्वास को ठेस पहुँचाते हैं और उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई की नितांत आवश्यकता है। संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।यह समय है कि जनता भी इस पर चुप न रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी आवाज उठाना, सवाल पूछना और प्रशासन को जवाबदेह ठहराना हम सबका कर्तव्य है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे गाँव और क्षेत्रों में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का ऐसा खेल फिर कभी न हो। पनारी के लोगों को अब अपने अधिकारों के लिए खुलकर सामने आना होगा और इन भ्रष्ट अधिकारियों व ठेकेदारों पर लगाम कसनी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Jun 2025 23:08:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनभद्र के प्राचीन जय मां बंन्सरा देवी धाम पर सरकारी उपेक्षा, स्थानीय लोग कर रहे जीर्णोद्धार</title>
                                    <description><![CDATA[विकास खण्ड चोपन के अन्तर्गत जय माँ बंन्सरा देवी धाम उपेक्षा का शिकार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152351/local-people-are-renovating-the-government-neglect-at-the-ancient"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250604-wa0068.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">सोनभद्र जिले के चोपन ब्लॉक स्थित थाना जुगैल के अंतर्गत आने वाला प्राचीन जय मां बंन्सरा देवी धाम सरकारी अनदेखी और उपेक्षा का शिकार है। सदियों पुराने इस मंदिर को सरकार की ओर से किसी भी तरह का विकास सहयोग नहीं मिला है, जिससे स्थानीय भक्तों में निराशा है।भक्तों का कहना है कि मां के इस पावन दरबार में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर परिसर के आसपास खुला स्थान होने के कारण, दर्शनार्थियों को धूप और बरसात जैसी मौसमी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, सरकार की उदासीनता के बावजूद, स्थानीय निवासियों ने अपनी आस्था और सामूहिक प्रयासों से मंदिर के विकास का जिम्मा उठाया है। वे चंदा इकट्ठा कर मंदिर प्रांगण में निर्माण कार्य करवा रहे हैं। मंदिर के पुजारी छोटेलाल गिरी ने बताया कि गांव के लोग एक-एक रुपया जोड़कर मंदिर के विकास के लिए योगदान दे रहे हैं।स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याओं के लिए ग्राम प्रधान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है कि प्रधान चुनाव जीतने से पहले हिंदू धर्म के मंदिरों और क्षेत्र के विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद वे हिमालय के कांगड़ा में जाकर खो जाते हैं। विकास के नाम पर प्रधान द्वारा की गई अनदेखी से ग्रामीणों में भारी रोष है।स्थिति की गंभीरता को बढ़ाते हुए, स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि मंदिर की जमीन पर भी कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है, जिससे मंदिर के विस्तार और विकास में और भी बाधा आ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों की प्रमुख मांग है कि सरकार और प्रशासन इस प्राचीन मंदिर के विकास पर तुरंत ध्यान दें। उनका कहना है कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि हिंदू धर्म की आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसे संरक्षित और विकसित किया जाना चाहिए। वे सरकार से आग्रह करते हैं कि हिंदू धर्म के मंदिरों को उचित सुरक्षा और संरक्षण प्रदान किया जाए और मंदिर की भूमि पर हुए अवैध कब्जों को भी हटाया जाए।यह स्थिति इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि कैसे धार्मिक स्थलों के प्रति सरकारी उपेक्षा और स्थानीय नेताओं की अनदेखी समुदायों को स्वयं उनके संरक्षण और विकास का बोझ उठाने पर मजबूर कर देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/152351/local-people-are-renovating-the-government-neglect-at-the-ancient</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 18:40:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
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