<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/29095/low-voltage-problem" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>लो वोल्टेज की समस्या - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/29095/rss</link>
                <description>लो वोल्टेज की समस्या RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सोनभद्र के ओबरा में ऊर्जा नगरी की विडंबना, आर्य समाज चौराहे पर लो वोल्टेज से हाहाकार, उपभोक्ता आक्रोशित</title>
                                    <description><![CDATA[उपभोक्ताओं ने किया जमकर प्रदर्शन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152063/the-irony-of-the-energy-city-in-obra-of-sonbhadra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/img-20250522-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>ओबरा/सोनभद्र -</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिसे ऊर्जा नगरी के नाम से जाना जाता है और जहां हजारों मेगावाट विद्युत उत्पादन होता है, उसी ओबरा नगर के वीआईपी रोड स्थित आर्य समाज चौराहे पर पिछले एक साल से लो वोल्टेज की गंभीर समस्या ने उपभोक्ताओं का जीना मुहाल कर रखा है। बीते वर्ष कई बार विद्युत विभाग को अवगत कराने के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं निकला और इस वर्ष भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-05/img_20250522_105410.jpg" alt="IMG_20250522_105410" width="899" height="1212"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस अकर्मण्यता से आर्य समाज निवासी सैकड़ों उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।समस्या से तंग आकर बुधवार की दोपहर दर्जनों उपभोक्ताओं ने पीसीएल कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध जताया। विभाग के एसडीओ के अनुपस्थित रहने के कारण, उन्होंने लिपिक को एक ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द समस्या से निजात दिलाने की मांग की। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री सत्य प्रकाश पाण्डेय ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ओबरा नगर, जिसे ऊर्जा नगरी कहा जाता है, जहां से हजारों मेगावाट विद्युत उत्पादन होता है और जिससे पूरे देश व प्रदेश में विद्युत आपूर्ति होती है, वहीं पर विद्युत आपूर्ति की स्थिति ठीक नहीं है। लो वोल्टेज की गंभीर समस्या ने उपभोक्ताओं को काला पानी की सजा जैसा एहसास करा दिया है। उन्होंने बताया कि पहले इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम द्वारा आपूर्ति की जाती थी, तब ऐसी कोई समस्या नहीं थी। लेकिन जब से पीसीएल ने जिम्मेदारी संभाली है, लो वोल्टेज और विद्युत कटौती चरम पर है।उपभोक्ताओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें विद्युत आपूर्ति में महज 120-130 वोल्ट ही मिल रहा है, जिसमें कोई भी विद्युत उपकरण चला पाना असंभव है। इस भीषण गर्मी में कूलर और पंखे महज शोपीस बनकर रह गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लो वोल्टेज के कारण आए दिन उनके महंगे उपकरण जल रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। आर्य समाज चौराहा, जो नगर का एक मुख्य बाजार है, वहां भी लो वोल्टेज के कारण दुकानदारों के फ्रिज और अन्य उपकरण नहीं चल पा रहे हैं, जिससे उनकी दुकानदारी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग की उदासीनता की वजह से वे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से प्रताड़ित हो रहे हैं।बताया गया कि इस समस्या का मुख्य कारण एक ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक लोड होना है। कॉन्वेंट स्कूल तक तो 11 हजार की लाइन है, लेकिन उसके बाद कॉन्वेंट स्कूल से लेकर चड्ढा मार्केट तक सैकड़ों उपभोक्ताओं का विद्युत कनेक्शन कॉन्वेंट स्कूल के समीप लगे एक ही ट्रांसफार्मर के भरोसे चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक लोड के कारण ही लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, सुभाष तिराहे से लेकर चड्ढा मार्केट तक 11 हजार की नई लाइन बिछाने के लिए विभाग द्वारा टेंडर भी करा दिया गया है और पिछले वर्ष खंभे भी खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।ज्ञापन सौंपने के दौरान कृष्णा केशरी, राकेश कुमार, अनिल अग्रवाल, अभिषेक पाण्डेय, नौशाद खान, सुरेश सिंह, राजीव त्रिपाठी, शुभराज यादव, राजेश कुमार, अशोक चौहान, महेंद्र गुप्ता, प्रदीप सोनी, देवेंद्र शर्मा सहित कई अन्य उपभोक्ता उपस्थित रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/152063/the-irony-of-the-energy-city-in-obra-of-sonbhadra</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/152063/the-irony-of-the-energy-city-in-obra-of-sonbhadra</guid>
                <pubDate>Thu, 22 May 2025 10:56:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-05/img-20250522-wa0008.jpg"                         length="131334"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        