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                <title>  Swantantra prabhat news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>  Swantantra prabhat news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लोकसभा में खुलासा: 10 साल में जजों के खिलाफ 8,360 शिकायतें, कार्रवाई पर चुप्पी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि पिछले दस वर्षों में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के कार्यालय को मौजूदा जजों के खिलाफ कुल 8,360 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। यह जानकारी शुक्रवार को लोकसभा में दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय कानून मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 से 2025 के बीच ये शिकायतें दर्ज की गईं। यह आंकड़ा <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Supreme Court of India</span></span> से प्राप्त डेटा के आधार पर साझा किया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सांसद मथेश्वरन के सवाल पर जवाब</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यह जानकारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सांसद <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">M. Matheshwaran</span></span> के प्रश्न के उत्तर में दी गई।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169488/revealed-in-lok-sabha-8360-complaints-against-judges-in-10"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/लोकसभा-में-खुलासा-10-साल-में-जजों-के-खिलाफ-8,360-शिकायतें,-कार्रवाई-पर-चुप्पी.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि पिछले दस वर्षों में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के कार्यालय को मौजूदा जजों के खिलाफ कुल 8,360 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। यह जानकारी शुक्रवार को लोकसभा में दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय कानून मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 से 2025 के बीच ये शिकायतें दर्ज की गईं। यह आंकड़ा <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Supreme Court of India</span></span> से प्राप्त डेटा के आधार पर साझा किया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सांसद मथेश्वरन के सवाल पर जवाब</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यह जानकारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सांसद <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">M. Matheshwaran</span></span> के प्रश्न के उत्तर में दी गई। उन्होंने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार, यौन दुर्व्यवहार और अन्य गंभीर अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों की सूची मांगी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">कानून एवं न्याय राज्य मंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Arjun Ram Meghwal</span></span> ने लोकसभा में जवाब देते हुए बताया कि कुल 8,360 शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई, इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कार्रवाई और रिकॉर्ड पर अस्पष्टता</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सांसद ने यह भी पूछा था कि क्या इन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई की गई और क्या उनका कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड या डेटाबेस तैयार किया गया है। हालांकि, मंत्रालय की ओर से इस पहलू पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। यह भी नहीं बताया गया कि शिकायतों पर हुई कार्रवाई का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड क्यों उपलब्ध नहीं है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>शिकायतों की प्रक्रिया क्या है?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने अपने जवाब में कहा कि भारत के चीफ जस्टिस और संबंधित हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ‘इन-हाउस प्रोसीजर’ के तहत जजों के खिलाफ शिकायतें प्राप्त करने और उन पर विचार करने के लिए अधिकृत हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, हायर ज्यूडिशियरी के सदस्यों के खिलाफ सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रिवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CPGRAMS) या अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतें CJI या संबंधित हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेज दी जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि क्या सरकार भविष्य में उच्च न्यायपालिका के खिलाफ शिकायतों की व्यवस्थित रिकॉर्डिंग, मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कोई नई गाइडलाइन या नीति लाने पर विचार कर रही है। इस खुलासे के बाद न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बहस तेज होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 17:43:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मद्रास हाईकोर्ट का आदेश: एमएस धोनी को 10 लाख रुपये जमा करने होंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई:</strong> भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी को मद्रास हाईकोर्ट से एक महत्वपूर्ण निर्देश मिला है। अदालत ने धोनी को 10 लाख रुपये जमा कराने का आदेश दिया है। यह निर्देश उनके द्वारा दायर मानहानि मामले से जुड़ा हुआ है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2013 IPL फिक्सिंग मामले से जुड़ा है केस</h3>
<p style="text-align:justify;">यह मामला वर्ष 2013 के आईपीएल मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी विवाद से संबंधित है। उस दौरान कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और बयानों में धोनी का नाम कथित रूप से जोड़ा गया था। इसके खिलाफ धोनी ने एक मीडिया कंपनी, एक आईपीएस अधिकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169326/madras-high-court-orders-ms-dhoni-to-deposit-rs-10"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/मद्रास-हाईकोर्ट-का-आदेश--एमएस-धोनी-को-10-लाख-रुपये-जमा-करने-होंगे.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई:</strong> भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी को मद्रास हाईकोर्ट से एक महत्वपूर्ण निर्देश मिला है। अदालत ने धोनी को 10 लाख रुपये जमा कराने का आदेश दिया है। यह निर्देश उनके द्वारा दायर मानहानि मामले से जुड़ा हुआ है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2013 IPL फिक्सिंग मामले से जुड़ा है केस</h3>
<p style="text-align:justify;">यह मामला वर्ष 2013 के आईपीएल मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी विवाद से संबंधित है। उस दौरान कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और बयानों में धोनी का नाम कथित रूप से जोड़ा गया था। इसके खिलाफ धोनी ने एक मीडिया कंपनी, एक आईपीएस अधिकारी और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। यह मामला पिछले कई वर्षों से मद्रास हाईकोर्ट में लंबित है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सीडी के अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन को लेकर आया आदेश</h3>
<p style="text-align:justify;">मानहानि केस में सबूत के तौर पर धोनी की ओर से कई न्यूज चैनलों के कार्यक्रमों की सीडी अदालत में पेश की गई थीं। अब मद्रास हाईकोर्ट ने इन सीडी में मौजूद हिंदी समाचार रिपोर्टों के अनुवाद (ट्रांसलेशन) और ट्रांसक्रिप्शन (लिखित रूपांतरण) का आदेश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस आर.एन. मंजुला ने अपने आदेश में कहा कि यह प्रक्रिया लंबी और विस्तृत है, जिसके लिए अलग से इंटरप्रेटर और टाइपिस्ट की आवश्यकता होगी। अदालत के अनुसार, इस कार्य को पूरा करने में लगभग तीन से चार महीने का समय लग सकता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">शिकायतकर्ता को उठाना होगा खर्च</h2>
<p style="text-align:justify;">28 अक्टूबर 2025 के एक पूर्व आदेश का हवाला देते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया का पूरा खर्च शिकायतकर्ता यानी एमएस धोनी को ही वहन करना होगा। इसी क्रम में अदालत ने धोनी को 12 मार्च तक 10 लाख रुपये जमा कराने का निर्देश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह राशि मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रिलीफ फंड में जमा की जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, धोनी इस आदेश के लिए सहमत हो गए हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">12 मार्च को अगली सुनवाई</h2>
<p style="text-align:justify;">मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को ही निर्धारित है। वहीं, ट्रांसक्रिप्शन का कार्य मार्च के तीसरे सप्ताह तक पूरा किए जाने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि एक ओर जहां धोनी आईपीएल 2026 सीजन की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर यह पुराना कानूनी मामला फिर से चर्चा में आ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:49:24 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस व खनन विभाग ने चंदनवा पहाड़ी पर कार्रवाई करते हुए 12 ट्रैक्टर ट्राली सीज</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>यमुनानगर तहसील  (बारा) शंकरगढ़ क्षेत्र में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ पुलिस व खनन विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल दर्जन भर ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज किया है। यह कार्रवाई चन्दनवा चरिहारी पहाड़ी क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शंकरगढ़ पुलिस और खनन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत चन्दनवा चरिहारी पहाड़ी पर बिना अनुमति के अवैध रूप से खनिज का खनन किया जा रहा है और उसे ट्रैक्टर-ट्रालियों के माध्यम से परिवहन किया जा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167637/police-and-mining-department-took-action-on-chandanwa-hill-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260129-wa0274.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>यमुनानगर तहसील  (बारा) शंकरगढ़ क्षेत्र में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ पुलिस व खनन विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल दर्जन भर ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज किया है। यह कार्रवाई चन्दनवा चरिहारी पहाड़ी क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शंकरगढ़ पुलिस और खनन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत चन्दनवा चरिहारी पहाड़ी पर बिना अनुमति के अवैध रूप से खनिज का खनन किया जा रहा है और उसे ट्रैक्टर-ट्रालियों के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना की पुष्टि होते ही प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह के नेतृत्व में थाना शंकरगढ़ पुलिस तथा खान निरीक्षक वैभव सोनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने छापेमारी के दौरान अवैध खनन व परिवहन में संलिप्त कुल 12 ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ा, जिनमें खनिज लदा हुआ था। जांच के दौरान संबंधित वाहन चालक कोई वैध खनन या परिवहन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।</div>
<div style="text-align:justify;"><br />नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बरामद खनिज और वाहनों के संबंध में अग्रिम विधिक कार्रवाई खनन अधिनियम एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध खनन के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और किनके संरक्षण में यह कार्य संचालित हो रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संयुक्त कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह,खान निरीक्षक वैभव सोनी उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव, उपनिरीक्षक अनिल कुमार मिश्रा, हेड कांस्टेबल अरविन्द तिवारी तथा कांस्टेबल विशाल सिंह शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे अभियानों को निरंतर जारी रखा जाएगा। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 20:55:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> विद्यंत शिक्षण संस्थान में संस्थापक दिवस समारोह होनहार विद्यार्थियों को विद्यंत मेडल पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ के विद्यंत हिंदू पीजी कॉलेज, विद्यंत इंटर कॉलेज एवं विद्यंत प्राइमरी विद्यालय में संस्थापक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस शिक्षण संस्थान के संस्थापक प्रबंधक विक्टर नारायण विद्यांत की जयंती को संस्थापक दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर होनहार विद्यार्थियों को विद्यांत मेडल से पुरस्कृत किया गया इसके साथ ही साथ महाविद्यालय वार्षिक पत्रिका साक्षी का भी लोकार्पण किया गया मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त डॉ0 दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि बी0एन0 विद्यांत जी के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है उन्होंने समाज में अपनी संपदा दान कर दी थी यह समाज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165458/demonstration-of-bku-bhanu-in-balrampur-against-arbitrariness-of-contractors"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/166751.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ के विद्यंत हिंदू पीजी कॉलेज, विद्यंत इंटर कॉलेज एवं विद्यंत प्राइमरी विद्यालय में संस्थापक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस शिक्षण संस्थान के संस्थापक प्रबंधक विक्टर नारायण विद्यांत की जयंती को संस्थापक दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर होनहार विद्यार्थियों को विद्यांत मेडल से पुरस्कृत किया गया इसके साथ ही साथ महाविद्यालय वार्षिक पत्रिका साक्षी का भी लोकार्पण किया गया मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त डॉ0 दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि बी0एन0 विद्यांत जी के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है उन्होंने समाज में अपनी संपदा दान कर दी थी यह समाज और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण भाव था।</div>
<div> </div>
<div>विद्यंत एजुकेशनल ट्रस्ट के प्रबंधक शिवशीष घोष ने समाज के सभी वर्गों को शिक्षा प्रदान करके महाविद्यालय की भूमिका पर प्रकाश डाला। सहायक प्रबंधक अविक भट्टाचार्य ने सुलभ शिक्षा को आकार देने में संस्थापक की विरासत को रेखांकित किया। प्राचार्य प्रो0 धर्म कौर ने शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक क्षेत्र में छात्रों के प्रदर्शन को एक मूल परंपरा बताया। प्रो0 राजीव शुक्ला ने इस कार्यक्रम को शैक्षणिक योग्यता और सांस्कृतिक मूल्य को सम्मानित करने मंच बताया। विक्टर नरायण विद्यंत ने 1938 में नवाब अमजद अली शाह के वित्त मंत्री राजा दक्षिण रंजन मुखर्जी के वंशजों से खरीदी गई भूमि पर इस संस्थान की स्थापना की थी।</div>
<div> </div>
<div>यह संस्थान 1944 में हाई स्कूल और 1946 में इंटरमीडिएट कॉलेज के रूप में विकसित हुआ लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्धता के तहत 1954 में बी0ए0 पाठ्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद 1974 में बी0कॉम0 शुरू हुआ स्नातकोत्तर कार्यक्रम 2006 में शुरू किया गया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मान्यता प्राप्ति कॉलेज शहर में एक शैक्षणिक केंद्र के रूप में कार्य करता है। शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के अंतिम वर्ष के लखनऊ विश्वविद्यालय की परीक्षा के परिणाम के आधार पर प्रत्येक पाठ्यक्रम में शीर्ष तीन छात्रों को पुरस्कार दिए गए।</div>
<div> </div>
<div>विपुल श्रीवास्तव प्रथम, आदित्य यादव द्वितीय, अनामिका तिवारी तृतीय स्थान प्राप्त किया। बी0ए0 मेेंंकल शर्मा प्रथम, सचिन शुक्ला द्वितीय, राहुल सिंह तृतीय स्थान प्राप्त किया। बी0कॉम0 अनुज प्रथम, अभिजीत सावरनी द्वितीय, सौर्य निगम तृतीया एम0कॉम0 प्रीति त्रिपाठी प्रथम, इसाम मुस्तकीम द्वितीय, मानसी सिंह तृतीय शामिल रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 18:32:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त गरजा बुलडोजर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><strong>कर्नलगंज, गोंडा।</strong> नवीन मंडी कर्नलगंज में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम कर्नलगंज नेहा मिश्रा के नेतृत्व में मंडी समिति परिसर में लंबे समय से चले आ रहे अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की गई। इस दौरान मौके पर प्रशासनिक अमला और पुलिस बल भी मौजूद रहा। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नवीन मंडी करनैलगंज की जमीन पर अवैध निर्माण और कब्जे किए गए हैं, जिससे मंडी के संचालन और किसानों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।</div><div><br /></div><div>जांच के बाद अतिक्रमण को चिन्हित किया</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163540/6942ae928d0cb"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/img-20251217-wa0002.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><strong>कर्नलगंज, गोंडा।</strong> नवीन मंडी कर्नलगंज में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम कर्नलगंज नेहा मिश्रा के नेतृत्व में मंडी समिति परिसर में लंबे समय से चले आ रहे अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की गई। इस दौरान मौके पर प्रशासनिक अमला और पुलिस बल भी मौजूद रहा। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नवीन मंडी करनैलगंज की जमीन पर अवैध निर्माण और कब्जे किए गए हैं, जिससे मंडी के संचालन और किसानों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।</div><div><br /></div><div>जांच के बाद अतिक्रमण को चिन्हित किया गया और नोटिस देने के उपरांत बुधवार को कार्रवाई अमल में लाई गई। कार्रवाई के दौरान एसडीएम नेहा मिश्रा स्वयं मौके पर मौजूद रहीं और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। बुलडोजर के जरिए अस्थायी दुकानों, टीन शेड और अवैध निर्माणों को हटाया गया। प्रशासन की सख्ती देखकर अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।</div><div><br /></div><div>किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। एसडीएम नेहा मिश्रा ने अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में दोबारा अवैध कब्जा किया गया तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी।</div><div><br /></div><div>मंडी समिति की जमीन किसानों और व्यापारियों की सुविधा के लिए है, उस पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सख्त है। मंडी में आने वाले किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि अतिक्रमण हटने से मंडी में व्यवस्था सुधरेगी और आवागमन आसान होगा।</div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 18:52:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंगाल में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए निर्वाचन आयोग और बीजेपी के बीच मिलीभगत'</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कोलकाता में सोमवार रात उस समय नाटकीय घटनाक्रम हुआ जब बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक समूह का पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के सामने बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के एक फोरम के प्रदर्शनकारी सदस्यों से आमना-सामना हो गया। इस दौरान पुलिस ने बीच-बचाव किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">बीएलओ अधिकार रक्षा समिति’ के कई सदस्य सोमवार को दोपहर से ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे और उनका आरोप था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उन पर ‘‘काम</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161682/collusion-between-election-commission-and-bjp-to-remove-names-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/बंगाल-में-वास्तविक-मतदाताओं-के-नाम-हटाने-के-लिए-निर्वाचन-आयोग-और बीजेपी के-बीच-मिलीभगत&#039;.webp" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कोलकाता में सोमवार रात उस समय नाटकीय घटनाक्रम हुआ जब बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक समूह का पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के सामने बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के एक फोरम के प्रदर्शनकारी सदस्यों से आमना-सामना हो गया। इस दौरान पुलिस ने बीच-बचाव किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">बीएलओ अधिकार रक्षा समिति’ के कई सदस्य सोमवार को दोपहर से ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे और उनका आरोप था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उन पर ‘‘काम का अत्यधिक बोझ’’ है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मामला तब बिगड़ गया जब कोलकाता नगर निगम (केएमसी) पार्षद सजल घोष के नेतृत्व में लगभग </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> बीजेपी कार्यकर्ता रात </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे मौके पर पहुंचे और सीईओ कार्यालय में बंद चुनाव आयोग के अधिकारियों को डराकर एसआईआर प्रक्रिया को रोकने के तृणमूल कांग्रेस के कथित प्रयास के खिलाफ नारे लगाने लगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी बीएलओ ने जवाबी नारे लगाए और बीजेपी पर ‘‘पश्चिम बंगाल में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत’’ से काम करने का आरोप लगाया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ता ‘‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे बीएलओ को आतंकित करने और भड़काने की कोशिश कर रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो केवल सीईओ से मिलना चाहते थे।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">घोष ने दावा किया</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदर्शनकारी बीएलओ नहीं हैं। वे तृणमूल समर्थित संगठनों के नेता हैं।’’बीएलओ फोरम के सदस्यों ने आरोपों को खारिज कर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब दोनों समूह मीडियाकर्मियों के सामने एक-दूसरे पर कटाक्ष कर रहे थे तभी उपायुक्त (मध्य) इंदिरा मुखर्जी के नेतृत्व में एक पुलिस बल उनके बीच खड़ा हो गया ताकि वे टकराव होने से रोक सकें।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल रात करीब </span>11.40<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे अपने कार्यालय से बाहर निकले। वे बीएलओ के धरने के कारण कार्यालय में ही थे।उन्होंने देर रात के घटनाक्रम पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन तनाव उस समय कम हो गया जब उन्हें और निर्वाचन आयोग के अन्य अधिकारियों को पुलिस ने उनके आवासों तक पहुंचाया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161682/collusion-between-election-commission-and-bjp-to-remove-names-of</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 21:22:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगर आपके आधार या पैन कार्ड का हो रहा है दुरुपयोग, तो ऐसे लगाएं पता और करें अपनी पहचान सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  डिजिटल युग में पहचान संबंधी दस्तावेज़ों के दुरुपयोग की घटनाएँ बढ़ी हैं। ऐसे में यदि आपको संदेह है कि आपके <strong>आधार कार्ड (Aadhaar)</strong> या <strong>पैन कार्ड (PAN)</strong> का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो आप इसे <strong>घर बैठे सिर्फ 5 मिनट में ऑनलाइन जांच</strong> सकते हैं। साथ ही कुछ एहतियाती कदम उठाकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित भी रख सकते हैं।</p>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आधार कार्ड के दुरुपयोग का पता ऐसे लगाएं</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अपने आधार के गलत इस्तेमाल की जांच करने का सबसे आसान तरीका है <strong>मायआधार पोर्टल (myaadhaar.uidai.gov.in)</strong>।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया</strong></h3>
<ol style="text-align:justify;">
<li>
<p>मायआधार पोर्टल पर जाएं और अपना आधार नंबर व कैप्चा भरें।</p>
</li>
<li>
<p><strong>Login</strong></p></li></ol>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161654/if-your-aadhaar-or-pan-card-is-being-misused-then"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/अगर-आपके-आधार-या-पैन-कार्ड-का-हो-रहा-है-दुरुपयोग,-तो-ऐसे-लगाएं-पता-और-करें-अपनी-पहचान-सुरक्षित.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> डिजिटल युग में पहचान संबंधी दस्तावेज़ों के दुरुपयोग की घटनाएँ बढ़ी हैं। ऐसे में यदि आपको संदेह है कि आपके <strong>आधार कार्ड (Aadhaar)</strong> या <strong>पैन कार्ड (PAN)</strong> का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो आप इसे <strong>घर बैठे सिर्फ 5 मिनट में ऑनलाइन जांच</strong> सकते हैं। साथ ही कुछ एहतियाती कदम उठाकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित भी रख सकते हैं।</p>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आधार कार्ड के दुरुपयोग का पता ऐसे लगाएं</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अपने आधार के गलत इस्तेमाल की जांच करने का सबसे आसान तरीका है <strong>मायआधार पोर्टल (myaadhaar.uidai.gov.in)</strong>।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया</strong></h3>
<ol style="text-align:justify;">
<li>
<p>मायआधार पोर्टल पर जाएं और अपना आधार नंबर व कैप्चा भरें।</p>
</li>
<li>
<p><strong>Login with OTP</strong> चुनें और मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन करें।</p>
</li>
<li>
<p><strong>Authentication History</strong> सेक्शन में जाएं।</p>
</li>
<li>
<p>अब आप पिछले <strong>6 महीनों</strong> में आपके आधार का कब, कहां और किस तरह (बायोमेट्रिक/OTP) इस्तेमाल हुआ, यह पूरी हिस्ट्री देख सकते हैं।</p>
</li>
<li>
<p>चाहें तो डेट और ऑथेंटिकेशन प्रकार के आधार पर डेटा फिल्टर करें और रिपोर्ट को <strong>PDF में डाउनलोड</strong> भी कर सकते हैं।</p>
</li>
</ol>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अगर दिखे संदिग्ध गतिविधि</strong></h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>UIDAI की साइट पर जाकर <strong>“File a Complaint”</strong> विकल्प से शिकायत दर्ज करें।</p>
</li>
<li>
<p>या UIDAI हेल्पलाइन <strong>1947</strong> पर कॉल करें।</p>
</li>
<li>
<p>ईमेल: <strong><a class="decorated-link cursor-pointer">help@uidai.gov.in</a></strong></p>
</li>
</ul>
<h3><strong>आधार को सुरक्षित रखने के उपाय</strong></h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>UIDAI साइट से अपनी बायोमेट्रिक जानकारी <strong>Lock/Unlock</strong> करें।</p>
</li>
<li>
<p>आधार नंबर साझा करने से बचने के लिए <strong>16 अंकों की VID (Virtual ID)</strong> का प्रयोग करें।</p>
</li>
<li>
<p>अनजान वेबसाइटों/ऐप्स को आधार एक्सेस न दें।</p>
</li>
<li>
<p>समय-समय पर आधार की ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री चेक करें।</p>
</li>
</ul>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पैन कार्ड के दुरुपयोग का पता ऐसे लगाएं</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पैन का सबसे ज्यादा दुरुपयोग <strong>फर्जी लोन</strong>, <strong>क्रेडिट कार्ड</strong>, या <strong>अनधिकृत वित्तीय लेन-देन</strong> में होता है। इसे जांचने का सबसे आसान तरीका है <strong>क्रेडिट रिपोर्ट निकालना</strong>।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या करें?</strong></h3>
<ol style="text-align:justify;">
<li>
<p>किसी भी प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो—<br /><strong>CIBIL, Experian, CRIF High Mark या Equifax</strong> पर जाएं।</p>
</li>
<li>
<p>अपना पैन नंबर, मोबाइल नंबर और OTP के जरिए फ्री क्रेडिट रिपोर्ट डाउनलोड करें।</p>
</li>
<li>
<p>रिपोर्ट में देखें कि कहीं आपके नाम से कोई अनजान लोन, क्रेडिट कार्ड या ट्रांजैक्शन तो नहीं दिख रहा।</p>
</li>
</ol>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अगर दिखे दुरुपयोग</strong></h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>संबंधित बैंक या लेंडर को तुरंत सूचित करें।</p>
</li>
<li>
<p>क्रेडिट ब्यूरो में ऑनलाइन <strong>डिस्प्यूट</strong> दर्ज कर शिकायत करें।</p>
</li>
<li>
<p>आवश्यक होने पर नजदीकी <strong>साइबर क्राइम सेल</strong> में FIR दर्ज कराएं।</p>
</li>
</ul>
<p><strong>पैन कार्ड सुरक्षा के लिए जरूरी टिप्स</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>किसी दस्तावेज़ पर पैन की फोटोकॉपी देते समय उस पर <strong>“Only for ____”</strong> लिखें।</p>
</li>
<li>
<p>अपना PAN केवल <strong>RBI/SEBI मान्यता प्राप्त संस्थानों</strong> को ही दें।</p>
</li>
<li>
<p>समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर चेक करें।</p>
</li>
<li>
<p>अनधिकृत ऐप्स को PAN एक्सेस न दें।</p>
</li>
</ul>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कब तुरंत कार्रवाई करें?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यदि आपको पक्का संदेह हो कि आपके आधार या पैन का दुरुपयोग हो रहा है, तो आप—</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<p>UIDAI, आयकर विभाग या क्रेडिट ब्यूरो में शिकायत दर्ज करें।</p>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<p>बैंक/NBFC से तुरंत संपर्क करें।</p>
</li>
<li>
<p style="text-align:justify;">साइबर क्राइम पोर्टल या स्थानीय पुलिस में रिपोर्ट करें।</p>
</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161654/if-your-aadhaar-or-pan-card-is-being-misused-then</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 19:04:26 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/%E0%A4%85%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%2C-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%A4.png"                         length="606985"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टाटा मोटर्स को नए Sierra से बड़ी उम्मीद, एसयूवी बिक्री हिस्सेदारी 70% पार होने का अनुमान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड को उम्मीद है कि नए अवतार में पेश की गई उसकी मध्यम आकार की एसयूवी <strong>सिएरा (Sierra)</strong> कंपनी की कुल बिक्री में एसयूवी की हिस्सेदारी को <strong>70 प्रतिशत से अधिक</strong> तक पहुंचा देगी। कंपनी ने कई वर्षों बाद अपने लोकप्रिय ब्रांड सिएरा को फिर से बाज़ार में उतारा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में मिड-साइज़ एसयूवी सेगमेंट पर <strong>हुंदै क्रेटा, किआ सेल्टोस और मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा</strong> जैसे मॉडलों का दबदबा है। ऐसे में टाटा की नई एंट्री बाजार में प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाने वाली मानी जा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सीईओ शैलेश चंद्रा ने जताई उम्मीद</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">टाटा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161645/tata-motors-has-big-expectations-from-the-new-sierra-suv"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/टाटा-मोटर्स-को-नए-sierra-से-बड़ी-उम्मीद.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड को उम्मीद है कि नए अवतार में पेश की गई उसकी मध्यम आकार की एसयूवी <strong>सिएरा (Sierra)</strong> कंपनी की कुल बिक्री में एसयूवी की हिस्सेदारी को <strong>70 प्रतिशत से अधिक</strong> तक पहुंचा देगी। कंपनी ने कई वर्षों बाद अपने लोकप्रिय ब्रांड सिएरा को फिर से बाज़ार में उतारा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में मिड-साइज़ एसयूवी सेगमेंट पर <strong>हुंदै क्रेटा, किआ सेल्टोस और मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा</strong> जैसे मॉडलों का दबदबा है। ऐसे में टाटा की नई एंट्री बाजार में प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाने वाली मानी जा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सीईओ शैलेश चंद्रा ने जताई उम्मीद</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी <strong>शैलेश चंद्रा</strong> ने पीटीआई-से कहा कि कंपनी की मौजूदा बिक्री में एसयूवी की हिस्सेदारी पहले से ही <strong>65–70 प्रतिशत</strong> के बीच है। नए सिएरा मॉडल से यह हिस्सेदारी और बढ़ने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यात्री वाहन उद्योग में एसयूवी की हिस्सेदारी <strong>55–60 प्रतिशत</strong> पर स्थिर रह सकती है। साथ ही जीएसटी दरों में कटौती से गैर-एसयूवी सेगमेंट में भी सुधार की उम्मीद है, हालांकि इसकी गति नए मॉडलों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कीमत, इंजन और इलेक्ट्रिक वर्जन</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सिएरा की <strong>शुरुआती कीमत 11.49 लाख रुपये</strong> रखी गई है।<br />यह मॉडल <strong>दो पेट्रोल और एक डीज़ल</strong> इंजन विकल्प में उपलब्ध होगा।<br />कंपनी अगले वित्त वर्ष में इसका <strong>इलेक्ट्रिक संस्करण</strong> भी बाजार में उतारेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बिक्री में बढ़त और एसयूवी की बढ़ती मांग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अक्टूबर महीने में टाटा मोटर्स की कुल खुदरा बिक्री बढ़कर <strong>75,352 यूनिट</strong> रही, जो सालाना आधार पर <strong>13.5 प्रतिशत</strong> अधिक है।<br />चंद्रा के अनुसार जीएसटी सुधारों के बाद <strong>कॉम्पैक्ट और सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी</strong> की मांग तेज़ी से बढ़ी है। टाटा की <strong>नेक्सॉन</strong> और <strong>पंच</strong> जैसी एसयूवी ने कंपनी को इस सेगमेंट में मजबूत पकड़ दिलाई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बुकिंग और डिलीवरी शेड्यूल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">नए सिएरा मॉडल की <strong>बुकिंग 16 दिसंबर 2025</strong> से शुरू होगी,<br />जबकि <strong>डिलीवरी 15 जनवरी 2026</strong> से प्रारंभ की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>बिज़नेस रिलीज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 18:47:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जांच में अनिश्चित देरी स्वीकार नहीं, चार्जशीट में बहुत ज़्यादा विलंब कार्रवाई रद्द करने का आधार: सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो, प्रयागराज।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (20 नवंबर) को एक अहम फैसले में कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में ‘अंतहीन जांच’ स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आगे की जांच की अनुमति देने के बाद ट्रायल कोर्ट अपना दायित्व खत्म नहीं मान सकता, बल्कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल करने में हो रही देरी पर जांच एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगना उसकी जिम्मेदारी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">11 साल से लंबित जांच, IAS अधिकारी को मिली राहत</h3>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने एक मामले में 11 साल से लंबित आगे की जांच को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161202/indefinite-delay-in-investigation-is-not-acceptable-excessive-delay-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/चार्जशीट-में-बहुत-ज़्यादा-विलंब-कार्रवाई-रद्द-करने-का-आधार--सुप्रीम-कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो, प्रयागराज।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (20 नवंबर) को एक अहम फैसले में कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में ‘अंतहीन जांच’ स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आगे की जांच की अनुमति देने के बाद ट्रायल कोर्ट अपना दायित्व खत्म नहीं मान सकता, बल्कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल करने में हो रही देरी पर जांच एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगना उसकी जिम्मेदारी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">11 साल से लंबित जांच, IAS अधिकारी को मिली राहत</h3>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने एक मामले में 11 साल से लंबित आगे की जांच को आधार बनाते हुए एक IAS अधिकारी के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी उचित कारण के इतनी लंबी देरी पूरा अभियोजन कमजोर करने के लिए पर्याप्त है।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने कहा,<br />“आरोपी को इस अनिश्चित भय में नहीं रखा जा सकता कि जांच अनंत चलती रहेगी और यह उसके रोज़मर्रा के जीवन और अधिकारों पर असर डालेगी।”</p>
<h3 style="text-align:justify;">कोर्ट के प्रमुख निर्देश</h3>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस करोल द्वारा लिखे फैसले में आगे की जांच की प्रक्रिया को ठोस और जवाबदेह बनाने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए:</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>(i) कोर्ट की निगरानी अनिवार्य</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">CrPC की धारा 173(8) के तहत सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट की अनुमति से दायर होती है। इसलिए अनुमति देने के बाद ट्रायल कोर्ट का काम खत्म नहीं होता, बल्कि न्यायिक नियंत्रण बनाए रखना उसका दायित्व है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>(ii) बिना वजह लंबी देरी पर स्पष्टीकरण जरूरी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अगर FIR और अंतिम चार्जशीट के बीच असाधारण अंतर हो, या आरोपी इस आधार पर शिकायत करे, तो ट्रायल कोर्ट जांच एजेंसी से कारण पूछने और उसकी वैधता की जांच करने के लिए बाध्य है।<br />कोर्ट ने कहा कि न्याय प्रणाली में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>(iii) जांच अनंत नहीं हो सकती</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने माना कि जांच की प्रक्रिया कई स्तरों से गुजरती है और सख्त समय सीमा तय करना हमेशा संभव नहीं, लेकिन आरोपी को उचित समय के भीतर स्पष्टता मिलना उसका अधिकार है।<br />अगर बिना ठोस कारण के जांच अनिश्चित काल तक चले, तो आरोपी या शिकायतकर्ता हाईकोर्ट में BNSS की धारा 528 या CrPC की धारा 482 के तहत राहत मांग सकता है—<br />जैसे जांच में अपडेट, या कार्यवाही रद्द करने की मांग।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>(iv) प्रशासनिक निर्णय भी कारणों के आधार पर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने कहा कि केवल न्यायिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर—जैसे अनुमति या मंजूरी देने वाले अधिकारियों को भी अपने फैसले के कारण स्पष्ट करने होंगे, क्योंकि ऐसे निर्णय आगे कानूनी परिणाम उत्पन्न करते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">निष्कर्ष</h3>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया कि:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>अनिश्चित जांच अभियोजन को कमजोर करती है,</p>
</li>
<li>
<p>चार्जशीट में बिना वजह लंबी देरी कार्रवाई रद्द करने का आधार बन सकती है,</p>
</li>
<li>
<p>और ट्रायल कोर्ट को पुलिस जांच पर सक्रिय निगरानी रखनी चाहिए।</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने इस निर्देश के साथ उक्त IAS अधिकारी की याचिका स्वीकार कर ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161202/indefinite-delay-in-investigation-is-not-acceptable-excessive-delay-in</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Nov 2025 21:00:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पैदल जा रहें युवक को बाइक सवार ने मारी टक्कर, मौत </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> कोतवाली क्षेत्र के सातनपुर गांव में रविवार दोपहर हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। गांव के रहने वाले हरिशंकर शुक्ला (45) अपने भाई को खाना देने के लिए पैदल सड़क किनारे जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।</div>
<div>  </div>
<div>परिजन जब उन्हें जिला अस्पताल लेकर जा रहे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160654/a-young-man-walking-on-foot-was-hit-by-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/33.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> कोतवाली क्षेत्र के सातनपुर गांव में रविवार दोपहर हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। गांव के रहने वाले हरिशंकर शुक्ला (45) अपने भाई को खाना देने के लिए पैदल सड़क किनारे जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।</div>
<div> </div>
<div>परिजन जब उन्हें जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मृतक दिल्ली में एक कपड़े की दुकान पर काम करते थे। कुछ दिनों पहले ही अपने गांव आए थे। वे अविवाहित थे। परिवार में छह भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया। बड़े भाई राम शंकर छोटे भाई करुणा शंकर, रजोले, राम प्रकाश, सधोले सहित परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 19:27:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को  मृत्युदंड </title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160650/death-sentence-to-former-bangladesh-prime-minister-sheikh-hasina"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/बांग्लादेश-की-पूर्व-प्रधानमंत्री-शेख-हसीना-को -मृत्युदंड .jpg" alt=""></a><br /><div><strong>ढाका/नई दिल्ली। </strong>बांग्लादेश की पद से हटाई गई प्रधानमंत्री और अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना को देश की अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) ने एक ऐतिहासिक निर्णय में मृत्युदंड की सज़ा सुनाई है। न्यायालय ने उन्हें पिछले वर्ष जुलाई में हुए छात्र आंदोलन के दौरान हुए मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए दोषी पाया है।</div>
<div>न्यायाधिकरण ने सोमवार को यह निर्णय सुनाया, जिसमें कहा गया कि हसीना ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए हिंसा भड़काई और हत्याओं का आदेश दिया।</div>
<div> </div>
<div><strong>क्या है मामला और न्यायालय का निर्णय?</strong></div>
<div>यह मामला जुलाई-अगस्त 2024 में हुए आरक्षण-विरोधी छात्र आंदोलन से जुड़ा है, जो जल्द ही हसीना सरकार के विरुद्ध एक बड़ा जन-विद्रोह बन गया था।</div>
<div> मुख्य आरोप: न्यायालय ने शेख हसीना को उकसाने के कार्य, हत्याओं के आदेश देने और अत्याचारों को रोकने में विफलता सहित कई मामलों में दोषी ठहराया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>अदालत का कथन:</strong> न्यायमूर्ति गुलाम मोर्तुजा मोजुमदार की अध्यक्षता वाली पीठ ने 453 पन्नों के अपने निर्णय में कहा कि प्रमाणों से यह स्पष्ट है कि हसीना ने ढाका में प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध हवाई निगरानी यंत्रों (ड्रोन), हेलीकॉप्टरों और घातक अस्त्रों के उपयोग का निर्देश दिया था।</div>
<div> अन्य दोषी: हसीना के साथ, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गई है, जबकि पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को सरकारी साक्षी बनने के कारण पाँच वर्ष की कैद मिली है।</div>
<div> </div>
<div><strong>भारत में निर्वासित हैं शेख हसीना</strong></div>
<div>78 वर्षीय शेख हसीना इस समय भारत में निर्वासन में अपना जीवन बिता रही हैं। वह अगस्त 2024 में तख्तापलट के बाद सत्ता से बाहर हो गई थीं और तभी से भारत में हैं।</div>
<div>अनुपस्थिति में निर्णय: न्यायाधिकरण ने यह सज़ा हसीना की अनुपस्थिति में सुनाई, क्योंकि उन्होंने अदालत की सुनवाई में सम्मिलित होने से इनकार कर दिया था।</div>
<div> </div>
<div><strong>बांग्लादेश में तनाव</strong></div>
<div>निर्णय के बाद बांग्लादेश में, विशेषकर ढाका में तनाव की खबरें हैं।</div>
<div> सुरक्षा व्यवस्था के तहत राजधानी और देश के विभिन्न भागों में अर्धसैनिक बल और पुलिस की तैनाती की गई है।</div>
<div> हसीना की पार्टी अवामी लीग ने इस निर्णय के विरोध में देशव्यापी बंद का आह्वान किया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>क्या है आईसीटी?</strong></div>
<div>बांग्लादेश की अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) कोई अंतरराष्ट्रीय न्यायालय नहीं है। यह बांग्लादेश की एक स्थानीय अदालत है जिसका गठन 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान हुए युद्ध अपराधों और मानवता के विरुद्ध अपराधों की सुनवाई के लिए किया गया था।</div>
<div>अब यह देखना बाकी है कि हसीना के वकील उच्च न्यायालय में इस निर्णय के विरुद्ध क्या अपील करते हैं और अंतरिम सरकार भारत से उनके प्रत्यर्पण (दूसरे देश से अपराधी को वापस लाना) की मांग को लेकर क्या कदम उठाती है।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 19:06:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा में एसबीआई शाखा स्थापना की अनुमति पत्र पर खबर सुनते ही उत्सव का माहौल</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात : </strong> श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा के दुल्लभछड़ा -निविया-चेरागी क्षेत्र में एकमात्र यूबीआई शाखा (वर्तमान पीएनबी) थी, जिसमें कुछ सैकड़ों ग्राहक थे। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय शुभचिंतकों ने 2016 में दुल्लभछड़ा में एसबीआई शाखा स्थापना के लिए लोगों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन पत्र के आधार पर विभाग की ओर से क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद इसे सुरक्षित रखा। </div>
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<div>फिर भी, दुल्लभछड़ा स्टेशन रोड के निवासी एवं सेवानिवृत्त एडीसी नीलेमनी दास ने 2015 में सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद शाखा के ग्राहकों की समस्याओं को हल करने के लिए सुरक्षित रखे गए</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160343/festive-atmosphere-after-hearing-the-news-on-the-permission-letter"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1001088790.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात : </strong> श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा के दुल्लभछड़ा -निविया-चेरागी क्षेत्र में एकमात्र यूबीआई शाखा (वर्तमान पीएनबी) थी, जिसमें कुछ सैकड़ों ग्राहक थे। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय शुभचिंतकों ने 2016 में दुल्लभछड़ा में एसबीआई शाखा स्थापना के लिए लोगों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन पत्र के आधार पर विभाग की ओर से क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद इसे सुरक्षित रखा। </div>
<div> </div>
<div>फिर भी, दुल्लभछड़ा स्टेशन रोड के निवासी एवं सेवानिवृत्त एडीसी नीलेमनी दास ने 2015 में सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद शाखा के ग्राहकों की समस्याओं को हल करने के लिए सुरक्षित रखे गए लोगों के आवेदन को लेकर रामकृष्णनगर-शिलचर-गुवाहाटी और यहां तक कि मुंबई के एसबीआई अधिकारियों के साथ लोगों का प्रतिनिधित्व करते हुए दौड़-धूप की, साथ ही विभागीय अधिकारियों के साथ तीन बार दुल्लभछड़ा के भौगोलिक क्षेत्रों का निरीक्षण कराया।</div>
<div> </div>
<div>यहां तक कि कोविड के बाद दुल्लभछड़ा-शिलचर पैसेंजर और दुल्लभछड़ा-गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन के अलावा फाकुआ क्षेत्र में खराब ट्रांसफॉर्मर परिवर्तन में भी उनकी भूमिका अद्वितीय रही। अपने जन्मस्थान के विकास के लिए उनका निरंतर प्रयासों से दुल्लभछड़ा में एसबीआई शाखा स्थापित करने के लिए स्वीकृति पत्र प्राप्त करने पर स्थानीय जनता की ओर से उनका आभार व्यक्त करने के साथ ही लंबी उम्र की कामना करते हैं। साथ ही विभागीय अधिकारियों की सराहना करते हैं। स्वीकृति पत्र की खुशी में तीनसुकिया एसबीआई शाखा के अधिकारियों को सेवानिवृत्त एडीसी निलमणि दास ने खुशी-खुशी मिठाई खिलाई।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 18:15:48 +0530</pubDate>
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