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                <title>चोपन् - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>सोनभद्र में हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजेगा सावन का दूसरा सोमवार चोपन में भव्य कांवड़ यात्रा की तैयारियां पूरी</title>
                                    <description><![CDATA[हर हर महादेव से गूंज उठा समूचा नगर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153039/preparations-for-the-grand-kavad-yatra-in-chopan-will-echo"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img-20250707-wa0282.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश</em></strong>-</p>
<p style="text-align:justify;">7 जुलाई 2025 – हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन माह के दूसरे सोमवार को सोनभद्र का चोपन नगर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठेगा। चोपन सोन नदी घाट से लेकर डाला स्थित अचलेश्वर महादेव धाम तक एक भव्य शोभायात्रा और कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह यात्रा भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का एक अद्भुत संगम होगी। महादेव सेवा समिति द्वारा आयोजित यह शोभायात्रा 21 जुलाई, सोमवार को सुबह 6:00 बजे चोपन सोन नदी घाट से प्रारंभ होगी। इस यात्रा में चोपन, डाला, ओबरा और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में कांवड़िया जलाभिषेक के लिए शामिल होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">यात्रा के दौरान भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती सहित सुंदर और अद्भुत झांकियां, आकर्षक स्वागत गेट, ढोल-नगाड़े और हर-हर महादेव के नारों के साथ वातावरण पूरी तरह शिवमय हो जाएगा। शोभायात्रा डाला स्थित अचलेश्वर धाम तक पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु जलाभिषेक कर अपनी यात्रा का समापन करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस भव्य आयोजन को लेकर कैलाश मंदिर प्रांगण में महादेव सेवा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रमोद कुमार ने की, जिसमें यात्रा की पूरी रूपरेखा तैयार की गई। निर्णय लिया गया कि यात्रा के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, पोर्टल और अनाउंसमेंट का सहारा लिया जाएगा ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बन सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">महादेव सेवा समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि इस आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय सम्मानित नागरिकों की उपस्थिति में पुख्ता सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">महादेव सेवा समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आध्यात्मिक यात्रा को सफल बनाएं और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरे वातावरण को शिवमय करें। इस मौके पर राजू चौरसिया, अनूप गुप्ता, आदित्य पाण्डेय, संदीप चौरसिया, सुजीत ठाकुर, संतोष गुप्ता और सागर वर्मा समेत समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 10:12:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ओबरा ऊर्जा राजधानी बदहाल सड़कों और बेलगाम वाहनों के शिकंजे में प्रशासन बेखबर, खदान मालिकों की बख्शीश बनी जानलेवा</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय लोगों ने किया संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151790/obra-energy-capital-in-the-clutches-of-the-capital-bad"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/img-20250511-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>ओबरा/ सोनभद्र-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">ओबरा जो न केवल एशिया की सबसे बड़ी बिजली परियोजनाओं में से एक का केंद्र है, बल्कि उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी के तौर पर भी अपनी पहचान रखता है, विकास के बावजूद आज भी खतरनाक रास्तों और बेलगाम वाहनों की समस्या से जूझ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल के वर्षों में ओबरा-सी समेत तहसील भवन और अपर जिला जज न्यायालय जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का विकास हुआ है। यह सोनभद्र जिले की ओबरा तहसील और विधानसभा क्षेत्र है, और हो गया नगर पंचायत की लगभग 59 हजार की आबादी के साथ प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी नगर पंचायत है।जो वाराणसी से 137 किलोमीटर दूर रेणु और सोन नदियों के संगम पर स्थित ओबरा, चोपन रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर दूर है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-05/img-20250511-wa0003.jpg" alt="IMG-20250511-WA0003" width="720" height="583"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यहां जवाहर बाल उद्यान, अंबेडकर स्टेडियम और भगवान शिव का मंदिर जैसे मनोरंजन स्थल भी हैं। ओबरा का पिन कोड 231219 है और यह राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से शक्तिनगर, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। हालांकि, इस प्रगति के बावजूद ओबरा तक पहुंचने का सफर आज भी खतरनाक बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां के रास्ते डेंजर जोन में तब्दील हो चुके हैं, जहां सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थर बिखरे पड़े हैं, जो यात्रियों के लिए जानलेवा खतरा बने हुए हैं। बोल्डर खदानों से निकलने वाले ओवरलोड टिप्पर इन रास्तों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से दौड़ते हैं। ब्रेकरों और छोटे-छोटे गड्ढों पर पत्थरों के गिरने से सड़कें लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं और चारों ओर पत्थर व गिट्टी बिखरी पड़ी है, जिससे यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जरा सी भी असावधानी होने पर राहगीरों का वाहनों से टकराकर गंभीर दुर्घटना का शिकार होने का खतरा हर पल मंडराता रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-05/img-20250511-wa0004.jpg" alt="IMG-20250511-WA0004" width="1218" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">ये ओवरलोड टिप्पर वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं, मानो हवा से बातें कर रहे हों। हैरानी की बात यह है कि इन सड़कों पर चलने वाले अधिकांश टिप्पर वाहनों पर नंबर प्लेटें तक गायब हैं। कुछ गाड़ियों में नंबर हैं, तो कई बिना नंबर प्लेट के ही तेज गति से दौड़ रहे हैं, जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित यात्रियों के लिए बीमा का दावा करना भी अत्यंत कठिन हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों की मानें तो खदान मालिकों और क्रेशर व्यवसाय द्वारा प्रति चक्कर 50 से 100 रुपये तक की बख्शीश दी जाती है, जिसके चलते ये वाहन चालक तेज रफ्तार से सड़कों पर मौत बनकर दौड़ते हैं। बदहाल सड़कें और तेज रफ्तार ओवरलोड वाहनों का अनियंत्रित आवागमन ओबरा आने-जाने वाले हर व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां के भयावह दृश्य तस्वीरों और वीडियो में स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं, जहां यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। सड़क पर फेंके गए पत्थर टायरों से छिटककर राहगीरों को घायल कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, ओबरा उपजिलाधिकारी को कुछ महीने पहले इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रास्ते पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव तक नहीं किया जाता है और खदानों से बड़े-छोटे पत्थर बेतरतीब ढंग से गिरा दिए जाते हैं। हाल ही में पत्थरों से लदे एक वाहन ने पुलिस के वाहन को भी टक्कर मार दी थी। जब प्रशासन ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या आलम होगा, यह सहज ही समझा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-05/img-20250511-wa0001.jpg" alt="IMG-20250511-WA0001" width="1265" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों का कहना है कि आने-जाने वाले मोटरसाइकिल सवार मुसाफिर खुद सड़कों से पत्थर हटा रहे हैं ताकि किसी और के साथ कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना न हो जाए। वहीं, इन भारी वाहनों को चलाने वाले ड्राइवरों में जरा भी इंसानियत नजर नहीं आती कि वे सड़क से पत्थरों को हटा दें। इस गंभीर समस्या पर स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण स्थानीय निवासी उन्हें कड़ी आलोचना कर रहे हैं, और खदान मालिकों की बख्शीश को इस जानलेवा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 08:36:50 +0530</pubDate>
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