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                <title>opreation sindoor - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>9 आतंकी ठिकाने तबाह कर  भारत ने लिखा नया सैन्य इतिहास, ऑपरेशन सिंदूर की 5 सबसे बड़ी बातें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंक के अड्डों को खत्म कर दिया है। इस जवाबी कार्रवाई को नाम दिया गया है - ऑपरेशन सिंदूर। 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान में मौजूद 9 बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।</p>
<p><strong>1.पाकिस्तान के पंजाब को बनाया गया पहली बार निशाना</strong></p>
<p>भारत पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करता रहा है, लेकिन ये हमला कई मायनों में अलग और सबसे बड़ा है। पहली बार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151751/9-terrorist-hideouts-and-india-wrote-new-military-history-operation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/download-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंक के अड्डों को खत्म कर दिया है। इस जवाबी कार्रवाई को नाम दिया गया है - ऑपरेशन सिंदूर। 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान में मौजूद 9 बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।</p>
<p><strong>1.पाकिस्तान के पंजाब को बनाया गया पहली बार निशाना</strong></p>
<p>भारत पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करता रहा है, लेकिन ये हमला कई मायनों में अलग और सबसे बड़ा है। पहली बार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत को सीधे निशाने पर लिया गया है। ये वही इलाका है जहां जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के मुख्यालय हैं। इस बार भारत ने सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) तक सीमित रहकर कार्रवाई नहीं की, बल्कि बहावलपुर, शेखपुरा और सियालकोट जैसे संवेदनशील पाकिस्तानी शहरों में घुसकर आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया।</p>
<p><strong>2. वायुसीमा पार किए बिना हुआ हमला<br /></strong>इस ऑपरेशन की खास बात ये रही कि भारतीय वायुसेना ने अपनी वायुसीमा पार नहीं की, फिर भी दुश्मन के घर में घुसकर कहर बरपाया। भारत ने स्कैल्प क्रूज मिसाइलें और हैमर बम जैसे अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर आतंकियों के ठिकानों को खत्म कर दिया। सिर्फ 25 मिनट के ऑपरेशन में आतंक के खिलाफ भारत ने इतनी तेज और सटीक स्ट्राइक की, जिसकी मिसाल पिछले कई दशकों में नहीं मिलती।</p>
<p><strong>3. आतंकी संगठनों के मुख्यालय तबाह</strong></p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर का एक बड़ा मकसद सिर्फ बदला लेना नहीं, बल्कि आतंक की जड़ पर वार करना था। इसीलिए भारत ने आतंकियों के मुख्य प्रशिक्षण और प्लानिंग कैंपों को पूरी तरह तबाह कर दिया। बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मरकज सुभान अल्लाह कैंप, शेखपुरा में लश्कर-ए-तैयबा का मरकज तैयबा कैंप, मुरीदके में 200 एकड़ में फैला लश्कर का ट्रेनिंग सेंटर, मुजफ्फराबाद और कोटली में हिजबुल मुजाहिद्दीन के ट्रांजिट कैंप ये सभी ठिकाने वो जगहें थीं जहां से भारत में आतंकी भेजे जाते थे, जहां उन्हें हथियार, ट्रेनिंग और ब्रेनवॉशिंग दी जाती थी।</p>
<p><strong>4. 80 से ज्यादा आतंकियों का खात्मा</strong><br />खुफिया सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में करीब 80 आतंकी मारे गए। इनमें कई टॉप कमांडर और योजनाकार शामिल थे। जैश के सरगना मसूद अजहर के 10 रिश्तेदार और चार सहयोगी भी बहावलपुर में मारे गए हैं। मुजफ्फराबाद का सैयदना बिलाल कैंप – जहां से पहलगाम हमला प्लान हुआ था – पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इससे आतंकियों के नेटवर्क को जबरदस्त झटका लगा है।</p>
<p><strong>5. आतंक के खिलाफ निर्णायक संदेश</strong><br />ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक जवाबी हमला नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ भारत की नई रणनीति और साहसिक नीति का प्रतीक है। अब भारत सिर्फ जवाब देने तक सीमित नहीं, बल्कि दुश्मन की रणनीति को जड़ से खत्म करने के मूड में है। इस ऑपरेशन में वही संगठन निशाने पर थे जो पिछले 20 सालों से भारत में:, 2008 के मुंबई हमले, 2016 का उरी हमला, 2019 का पुलवामा हमला जैसी भयानक वारदातों में शामिल रहे हैं।</p>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर का नाम क्यों रखा गया?</strong>"सिंदूर" भारतीय संस्कृति में शक्ति, सम्मान और बलिदान का प्रतीक है। इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर देना इस बात का संदेश है कि ये सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि हर भारतीय के आत्मसम्मान और शहीदों के बलिदान का बदला है। इस हमले के बाद पाकिस्तान सरकार और सेना की प्रतिक्रिया में घबराहट साफ झलक रही है। वहां की मीडिया अब तक इस हमले को लेकर भ्रम की स्थिति में है, लेकिन सच ये है कि भारत ने पहली बार ऐसा हमला किया है जिसमें न सिर्फ आतंकी मारे गए, बल्कि पाकिस्तान की रणनीति की कमर तोड़ दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 May 2025 16:47:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शांति में शिव हैं हम अशांति में प्रचंड रुद्र </title>
                                    <description><![CDATA[<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत, वह पवित्र भूमि जिसने सहस्राब्दियों से शांति, सह-अस्तित्व और संयम को अपनी आत्मा का आधार बनाया है। यह वही देश है जिसने विश्व को</span>  ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">वसुधैव कुटुम्बकम्</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">का उदात्त संदेश दिया, जिसने युद्ध के मैदानों में भी मानवता की मर्यादा को सर्वोपरि रखा, और जिसने अपने शत्रुओं को क्षमा करके यह सिद्ध किया कि सच्ची शक्ति विनाश में नहीं, बल्कि संयम और नियंत्रण में निहित है। परंतु इतिहास इस बात का भी साक्षी है कि जब-जब भारत की इस सहनशीलता को कमजोरी समझने की भूल की गई, तब-तब इस शांतिप्रिय राष्ट्र ने रुद्र का रौद्र रूप धारण कर</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151750/shiva-is-shiva-in-peace"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/hindi-divas.jpg" alt=""></a><br /><p><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत, वह पवित्र भूमि जिसने सहस्राब्दियों से शांति, सह-अस्तित्व और संयम को अपनी आत्मा का आधार बनाया है। यह वही देश है जिसने विश्व को</span> ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">वसुधैव कुटुम्बकम्</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">का उदात्त संदेश दिया, जिसने युद्ध के मैदानों में भी मानवता की मर्यादा को सर्वोपरि रखा, और जिसने अपने शत्रुओं को क्षमा करके यह सिद्ध किया कि सच्ची शक्ति विनाश में नहीं, बल्कि संयम और नियंत्रण में निहित है। परंतु इतिहास इस बात का भी साक्षी है कि जब-जब भारत की इस सहनशीलता को कमजोरी समझने की भूल की गई, तब-तब इस शांतिप्रिय राष्ट्र ने रुद्र का रौद्र रूप धारण कर अपने शत्रुओं को उनकी औकात दिखाई है। आज समय फिर उसी मोड़ पर खड़ा है, जब भारत को अपनी शक्ति, शौर्य और संकल्प का परिचय देना पड़ रहा है।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"> यह परिचय है ऑपरेशन सिंदूर—एक ऐसा अभियान जो भारत की शांति की पुकार को रुद्र तांडव में बदलने की क्षमता रखता है। भारत के सुदर्शन चक्र </span>S 400 <span lang="hi" xml:lang="hi">की ताकत दुनिया देख रही है और आगे भी देखेगी। पाकिस्तान ने युद्ध छेड़ा जरूर है, पर इसे खत्म भारत करेगा। कराची, लाहौर, इस्लामाबाद इत्यादि शहरों में हुई बर्बादी का जिम्मेदार पाकिस्तान स्वयं है। उसने भारत पर ड्रोन और मिसाइल हमला करने की भूल की है। जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। हम शांति और अहिंसा के पुजारी हैं। परन्तु इसका अर्थ दुश्मन यह न निकाले कि हम कमजोर हैं, क्योंकि शांति में शिव हैं हम, अशांति में प्रचंड रुद्र। अपनी पर आएं तो हम तांडव मचा सकते हैं।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत का इतिहास केवल युद्धों और विजयों की गाथा नहीं, बल्कि शांति और सौहार्द की कहानी है। प्राचीन काल से ही भारत ने विश्व को अहिंसा का मार्ग दिखाया। भगवान बुद्ध और महावीर के उपदेशों से लेकर महात्मा गांधी के सत्याग्रह तक, भारत ने हमेशा संवाद और शांति को प्राथमिकता दी। लेकिन यह वही भारत है जिसने चाणक्य की कूटनीति, शिवाजी के गोरिल्ला युद्ध और रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस से यह भी सिद्ध किया कि जब बात मातृभूमि की रक्षा की आती है, तो यह राष्ट्र न केवल शस्त्र उठाता है, बल्कि उसे विजय तक ले जाता है।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"> आज का भारत एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति है, जिसकी आवाज न केवल एशिया में, बल्कि विश्व मंच पर भी गूंजती है। भारत की अर्थव्यवस्था, उसकी तकनीकी प्रगति और उसकी सांस्कृतिक विरासत ने उसे विश्व में एक अनूठा स्थान दिलाया है। परंतु इसके साथ ही भारत की सीमाओं पर चुनौतियां भी बढ़ी हैं। आतंकवाद, सीमापार घुसपैठ और कायराना हमले भारत की शांति को भंग करने की साजिशें हैं। ऐसे में भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह शांति का पुजारी है, पर रुद्र रूप धारण करने से भी नहीं हिचकता।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य रणनीति का वह स्वरूप है, जो शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और आतंकवाद के प्रति उसकी जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है। यह कोई साधारण सैन्य अभियान नहीं, बल्कि एक सुनियोजित, लक्षित और प्रभावी कार्रवाई है, जिसका उद्देश्य सीमापार बैठे उन आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करना है, जो भारत की धरती पर खून की होली खेलने की साजिश रचते हैं। यह अभियान उन निर्दोष नागरिकों के आंसुओं का प्रतिशोध है, जो आतंकवाद की भेंट चढ़े। यह उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"> ऑपरेशन सिंदूर का नाम ही अपने आप में प्रतीकात्मक है।</span> ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">सिंदूर</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय संस्कृति में मंगलसूचक और शक्ति का प्रतीक है। यह वह चिह्न है जो भारतीय नारी अपने माथे पर लगाती है, जो उसके सौभाग्य और सम्मान का प्रतीक है। यह वही चिह्न है जिसे मिटाने की कायराना कोशिश गत 22 अप्रैल को आतंकियों ने की थी। सिंदूर जब अपना बदला लेता है तो आतंकियों और उनके आकाओं को मुंह छिपाने की भी जगह नहीं मिलती। ……..और यही तो हुआ। ऑपरेशन सिंदूर भारत की अस्मिता, सम्मान और संप्रभुता की रक्षा का प्रतीक है। यह अभियान उन आतंकियों के माथे पर काल के क्रूर पंजे का तिलक है, जो उनके अंत की शुरुआत करता है।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">आज का भारत वह भारत नहीं, जो 1962 के युद्ध में हर आक्रमण का जवाब शांति वार्ताओं से देता था। यह वह भारत है, जिसने 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में बालाकोट एयर स्ट्राइक के माध्यम से विश्व को अपनी सैन्य शक्ति और संकल्प का परिचय दिया। ऑपरेशन सिंदूर इस नई सैन्य नीति का अगला कदम है। भारत की नीति अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि सक्रिय रक्षात्मक हो चुकी है। इसका अर्थ है कि भारत अब दुश्मन के हमले का इंतजार नहीं करता; वह आतंक की साजिशों को उनके जन्मस्थान पर ही नष्ट कर देता है।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">यह नीति भारत की रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाती है। भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना आज विश्व की सबसे आधुनिक और प्रशिक्षित सेनाओं में शुमार हैं। स्वदेशी हथियारों जैसे तेजस लड़ाकू विमान, ब्रह्मोस मिसाइल और अर्जुन टैंक ने भारत को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाने में मदद की है। इसके साथ ही, भारत की खुफिया एजेंसियां जैसे रॉ और आईबी आतंकवाद के खिलाफ सूचनाओं के आदान-प्रदान में अहम भूमिका निभा रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर इन सभी तत्वों का एक समन्वित प्रयास है, जो भारत की सैन्य रणनीति को और सशक्त बनाता है।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत ने विश्व को बार-बार यह संदेश दिया है कि वह किसी भी देश के खिलाफ युद्ध नहीं चाहता। भारत अपने पड़ोसियों की संप्रभुता का सम्मान करता है और क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध है। परंतु यदि भारत की धरती पर आतंक फैलाने की कोशिश की गई, तो भारत चुप नहीं बैठेगा। ऑपरेशन सिंदूर इसी संदेश का प्रतीक है। यह अभियान उन आतंकियों के लिए एक चेतावनी है, जो यह समझते हैं कि वे सीमापार बैठकर भारत को अस्थिर कर सकते हैं। </span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकी जहाँ भी छिपे हों, चाहे वह पहाड़ों की गुफाओं में हों या घने जंगलों में, भारतीय सेना उन्हें ढूंढ निकालेगी और उनके लिए यह धरती श्मशान बन जाएगी।यह अभियान किसी धर्म, जाति या देश के खिलाफ नहीं है। भारत का विरोध आतंकवाद से है, न कि किसी संस्कृति या समुदाय से। भारत ने हमेशा विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों को गले लगाया है, और यही उसकी ताकत है। ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य केवल आतंकवाद को समाप्त करना है, ताकि भारत के नागरिक निडर होकर जी सकें।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय सेना विश्व की उन गिनी-चुनी सेनाओं में से है, जो हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य का निर्वहन करती है। चाहे वह हिमालय की बर्फीली चोटियां हों, थार के तपते रेगिस्तान हों, या पूर्वोत्तर के घने जंगल, भारतीय सैनिक हर मोर्चे पर डटकर मुकाबला करते हैं। वे न त्योहार देखते हैं, न मौसम, न अपनी व्यक्तिगत सुख-सुविधाएं। उनके लिए केवल एक लक्ष्य है—भारत माता की रक्षा।ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने जिस साहस और समर्पण का परिचय दिया है, वह हर भारतवासी के लिए गर्व का विषय है। इस अभियान में शामिल जवान केवल सैनिक नहीं, बल्कि भारत की आत्मा के रक्षक हैं। उन्होंने यह ठान लिया है कि आतंकवाद को उसकी जड़ों से उखाड़ फेंकना है, और इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">जब भारतीय सेना सीमाओं पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ रही है, तब देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने स्तर पर राष्ट्र के प्रति निष्ठा और एकता का परिचय दे। देशभक्ति केवल सोशल मीडिया पर तिरंगा लगाने या नारे लगाने तक सीमित नहीं है। यह तब प्रकट होती है, जब हम सेना के बलिदानों को सम्मान देते हैं, जब हम देश के दुश्मनों के खिलाफ एकजुट होते हैं, और जब हम उन ताकतों का बहिष्कार करते हैं जो भारत को कमजोर करने की साजिश रचती हैं।देशवासियों को चाहिए कि वे अफवाहों से बचें, सेना पर पूर्ण विश्वास रखें और उन तत्वों को पहचानें जो आतंकवाद का प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन करते हैं। हमें यह भी समझना होगा कि आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई केवल सेना की नहीं, बल्कि हर भारतवासी की है। जब एक सैनिक शहीद होता है, तो एक परिवार उजड़ता है, लेकिन एक राष्ट्र और भी दृढ़ होकर उभरता है।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत ने विश्व को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह शांति का पुजारी है, पर यदि उसे विवश किया गया, तो वह युद्धभूमि में रुद्र तांडव करने से पीछे नहीं हटेगा। ऑपरेशन सिंदूर इस संदेश का जीवंत प्रमाण है। भारत अब वह राष्ट्र नहीं, जो हर हमले का जवाब चुप्पी से दे। यह वह भारत है, जो आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करता है।हमारे शत्रुओं को यह समझ लेना चाहिए कि भारत शांति चाहता है, पर यदि उसकी शांति को कमजोरी समझा गया, तो उसका जवाब इतना प्रचंड होगा कि पीढ़ियां उसे याद रखेंगी। भारत का यह तांडव न केवल आतंकियों के लिए, बल्कि उन ताकतों के लिए भी चेतावनी है, जो भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देने की हिमाकत करते हैं।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत कोई आक्रांता नहीं, न ही विस्तारवादी राष्ट्र है। भारत वह देश है, जो विश्व शांति की कामना करता है, जो सभी देशों के साथ मित्रता और सहयोग का हाथ बढ़ाता है। परंतु जब बात उसकी संप्रभुता, उसके नागरिकों की सुरक्षा और उसकी अस्मिता की आती है, तो भारत रुद्र बन जाता है। ऑपरेशन सिंदूर इस रुद्र रूप का प्रतीक है। यह भारत की उस अटल प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।आज हर भारतवासी को गर्व है कि हमारी सेना, हमारी सरकार और हमारा राष्ट्र आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहा है। यह समय है एकता का, यह समय है संकल्प का, और यह समय है भारत के शौर्य को विश्व के सामने प्रदर्शित करने का।</span> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 May 2025 16:35:37 +0530</pubDate>
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                <title>आपरेशन सिंदूर 02 जारी आतंकिस्तान को कड़ा सबक देने की तैयारी ! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>पहलगाम हमले के बाद देशवासियों को जिस कार्रवाई का इंतजार था, आखिरकार देश के जांबाज जवानों ने उसको अंजाम दे ही दिया। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी की साजिश रचने वाले आतंकवादी समूहों और इसके आका पाकिस्तान पर ऐसा प्रहार किया है, जिसको वह कभी भी भूल नहीं पायेंगे। वहीं आपरेशन सिंदूर के दूसरे दिन समूचा पाकिस्तान धमाकों से दहल उठा है. पाकिस्तान में सीरियल ब्लास्ट हो रहे हैं. पाक के 10 शहरों में 15 से ज्यादा धमाके हुए हैं. आज लाहौर, कराची, रावलपिंडी, बहावलपुर, गुजरांवाला में ब्लास्ट हुए हैं. पाकिस्तान के उमरकोट में धमाका हुआ. रावलपिंडी में भी धमाके</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151726/preparation-to-give-a-tough-lesson-to-terrorism-on-operation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/download1.jpg" alt=""></a><br /><div>पहलगाम हमले के बाद देशवासियों को जिस कार्रवाई का इंतजार था, आखिरकार देश के जांबाज जवानों ने उसको अंजाम दे ही दिया। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी की साजिश रचने वाले आतंकवादी समूहों और इसके आका पाकिस्तान पर ऐसा प्रहार किया है, जिसको वह कभी भी भूल नहीं पायेंगे। वहीं आपरेशन सिंदूर के दूसरे दिन समूचा पाकिस्तान धमाकों से दहल उठा है. पाकिस्तान में सीरियल ब्लास्ट हो रहे हैं. पाक के 10 शहरों में 15 से ज्यादा धमाके हुए हैं. आज लाहौर, कराची, रावलपिंडी, बहावलपुर, गुजरांवाला में ब्लास्ट हुए हैं. पाकिस्तान के उमरकोट में धमाका हुआ. रावलपिंडी में भी धमाके की खबर सामने आयी है. बहावलपुर में लगातार दूसरे दिन भी धमाके हुए हैं. पाकिस्तानी सेना ने 9 धमाकों की पुष्टि की है। </div>
<div>पाकिस्तान के लाहौर में आर्मी कैंट इलाके में धमाका हुआ है. लाहौर में ड्रोन हमले से भारी नुकसान हुआ है. ड्रोन हमले के बाद आर्मी कैंट इलाके में आग लगी है. लाहौर में नौसेना कैंप पर भी ड्रोन अटैक हुआ है. धमाकों में नौसेना कैंप को भारी नुकसान हुआ है। </div>
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<div>रावलपिंडी में पाक एयरफोर्स के बेस पर ड्रोन अटैक हुआ है. एक साथ कई ड्रोन से हमला किया गया है. पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है. हमले में एयरफोर्स को भारी नुकसान की खबर सामने आयी है. लाहौर में एक के बाद एक लगातार 3 धमाके हुए है. धमाकों से लाहौर में अफरा-तफरी मच गई है. शहर में दहशत का माहौल बन गया है. भयभीत लोग सड़कों पर आ गए है. लाहौर ओल्ड एयरपोर्ट के पास ये ब्लास्ट हुआ है. वाल्टन रोड, गोपाल नगर में भी धमाके की खबर है. वाल्टन एयरपोर्ट के पास ड्रोन धमाका हुआ है. एक चश्मदीद ने मिसाइल अटैक का दावा किया है. धमाकों के बाद आसमान में धुएं का गुबार दिखा, जिसे देख लोगों में अफरा तफरा मच गई। अभी इन धमाकों की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है। </div>
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<div>ताज़ा अपडेट के मुताबिक आज भारत ने आपरेशन सिंदूर 02 की शुरुआत कर दी। भारत के पंद्रह शहरों पर पाकिस्तान ने मिसाइल हमले की कोशिश की जिसे भारत के डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया। पाकिस्तान के लाहौर में एअर डिफेंस सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया। आपको बता दें कि आतंकी हमले के ठीक दो हफ्ते बाद ऑपरेशन सिंदूर में भारत की तरफ से दागी गई मिसाइ‌लों ने पाकिस्तान समर्थित नौ आतंकी ठिकाने को तबाह कर दिया है। इनमें जैश ए मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर का बहावलपुर में स्थित सुभान आवह मरकज भी शामिल है। भारत की कड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में खौफ है। दूसरी तरफ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद देश में जश्न का माहौल है, क्योंकि देशवासी यही चाहते थे कि आतंकियों पर ऐसा प्रहार है, जो उनको मरने तक बाद रहें।</div>
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<div>साथ ही उन परिवारों के जख्मों पर मलहम लगा है  जिन्होंने पहलगाम हमले में अपनो को खोया है। विशेषकर उन महिलाओं को जिन्होंने अपने पति को खोया है। पहलगाम हमले का मकसद कश्मीर घाटी में दहशत फैलाना था। आतंकियों ने महिलाओं के सामने उनके पतियों के सिर में गोली मारी थी। ये बहुत गहरे जख्म हैं, जिन्हें वो महिलाएं कभी नहीं भुला पाएंगी, जिन्होंने अपना सुहाग इस हमले में खो दिया। ऐसे में जब भारत ने इन आतंकियों को जवाब दिया, तो ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखा। ऑपरेशन सिंदूर से बेहतर नाम इस हमले का शायद हो ही नहीं सकता था। यह ऑपरेशन उस सिंदुर का बदला है, जो बैसरन घाटी में सुहागनों के माथे से पोंछ दिया गया और उनकी मांग सूनी कर दी गई थी।</div>
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<div>इसके अलावा सशस्त्र सेना की दो महिला अधिकारियों के जरिए ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी प्रस्तुत कर यह संदेश दे दिया गया है कि भारतीय सेना किस तरह मजबूत और आत्मनिर्भर है। यह सरकार का पाकिस्तानी अधिकारियों को बहुत बड़ा जवाब है। नारी शक्ति के प्रदर्शन से जहां भारत ने अपने देश की समृद्धि का प्रदर्शन किया है, वहीं पाकिस्तान को यह भी बताया है कि भारत से टक्कर मत लो, क्योंकि वहां हथियार उठाने में सिर्फ मर्द नहीं औरतें भी उतनी ही मजबूत हैं। नारी शक्ति के जरिए भारत ने पाकिस्तान को एक तरह से आईना भी दिखाया है कि उनके देश में जहां महिलाएं आज भी बुर्के में कैद हैं, वहीं भारतीय महिलाएं देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। सबसे बड़ी बात है कि भारत ने पाकिस्तान के किसी भी सैन्य ठिकानों या आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया है।</div>
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<div>सेना द्वारा दी गई ब्रीफिंग में यह स्पष्ट कहा गया है कि भारतीय सेना ने सिर्फ और सिर्फ उन अड्डों को निशाना बनाया है, जहां आतंकी हुये थे और जहां कसाब और उसके जैसे अन्य आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी। भारतीय सेना ने यह जानकारी दी है कि स्ट्राइक में 100 से अधिक आतंकी मारे गए हैं और उनके ट्रेनिंग कैंप पूरी तरह तबाह हो गए हैं। आतंकी मसूद अजहर के परिवार के 14 लोग मारे गए हैं। सोशल मीडिया में जो वीडियो सामने आ रहे हैं, उसमें यह दिख रहा है कि आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। इन वीडियो से यह साफ होता है कि आतंकवाद से पाकिस्तान का कितना करीबी नाता रहा है, भले ही पाकिस्तान इस बात से इनकार करता रहा हो।</div>
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<div>ऑपरेशन सिंदूर ने भारत को एक तकनीकी रूप से उमत और सैन्य रूप से सक्षम राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत किया है। वैश्विक समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका, रूस और इजरायल ने भारत के मिसाइलों की सटीकता की प्रशंसा की है। ऑपरेशन ने पाकिस्तान की चीन प्रायोजित वायु रक्षा प्रणालियों को भेदकर भारत की तकनीकी श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया। यह चीन-पाकिस्तान गठजोड़ के लिए एक चेतावनी थी कि भारत क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। सभी मिसाइलों ने अपने सटीक निशानों को भेदा, जो भारतीय तकनीक और रक्षा प्रणाली के शानदार प्रदर्शन का प्रमाण है। उनत मिसाइलों, स्पाइस-2000, निर्भय, पुख्ता खुफिया जानकारी और तीनों सेनाओं के संयुक्त समन्वय ने नौ आतंकी ठिकानों को 25 मिनट में नष्ट कर दिया।</div>
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<div>इस सफलता ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी, आत्मनिर्भरता और वैश्विक मंच पर सैन्य क्षमता को प्रदर्शित किया। देखा जाए तो भारत ने पहलगाम हमले के बाद से ही उचित और कल्पना से परे जवाब देने की ठान रखी थी। लेकिन, दुनिया फिर भी 'संयम बरतने' वाला कूटनीतिक ज्ञान देने से पीछे नहीं हट रही थी। लेकिन सेना को खुली छूट मिलने के बाद सेना ने ऐसे ऑपरेशन को अंजाम दिया है, जिसको देखकर पूरी दुनिया आश्चर्यचकित है। बहादुर भारतीय सैनिकों ने एक ही साथ नौ स्थानों पर 21 आतंकी ठिकानों को तबाह कर डाला है।</div>
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<div>इससे पूरा देश संतुष्ट है, उत्साह में है, यूं कहें कि राष्ट्र गौरव से भर उठा है। वास्तव में आज भारतीय सेनाओं की आतंकवाद के विरोध में की गई यह संयुक्त कार्रवाई प्रत्येक भारत वासियों को आत्म गौरव से भर रही है। वैसे भी पराक्रम का स्वभाव ही है कि यह उत्साह से भर देता है। इसके साथ ही भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर सर्जिकल स्ट्राइक' पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले रूस का भारत को समर्थन देना हो या यूरोपियन देशों समेत कई मुस्लिम देशों से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष भारत को साथ मिलना हो, यह सभी कदम पूरी तरह से भारत के पक्ष में जाते हैं। दूसरी और पाकिस्तानी सेना के प्रवका ने पुष्टि की है, कि भारत ने मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर में हमले किए हैं।</div>
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<div>जब एक दिन पहले यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) में पाकिस्तान से पूछा जा रहा था कि क्या पहलगाम अटैक में लश्कर-ए-तैयबा शामिल था ? तब इस प्रश्न का कोई जवाब पाकिस्तान नहीं दे पाया था। दूसरे ही दिन भारत ने इसका उत्तर आतंक पर मिसाइलें दाग कर दे दिया। इसके साथ ही आज की कार्रवाई पहलगाम में आतंकी हमले के बक्त आतंकवादियों की भारतीय प्रधानमंत्री के नाम संपूर्ण भारत की संप्रभुता को दी गई उस चुनौती को भी याद दिलाती है, जिसमें पुरुष पर्यटकों को धर्म देखकर गोली मारते वक्त इन आतंकियों ने कहा था कि 'मोदी को बता देना।' तो जो बताने के लिए कहा गया, वास्तव में यह उस संदेश का एक छोटा-सा किंतु बहुत मुखर और प्रभावी जवाब है।</div>
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<div>यदि अब भी पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर जिहाद और आतंकवाद को भारत के विरोध में इस्तेमाल करता है, तो आज की भारत की कार्रवाई से आप यही मान सकते हैं कि आगे भारत आतंक के विरोध में बहुत चड़ा कदम उठाएगा। भारत ने बता दिया है कि अब यह नया भारत है, तो आतंकियों और आतंकवाद को अपने ही बलबूते समूल नष्ट करने की सामर्थ्य रखता है। बहरहाल तमाम हालात पाकिस्तान के खिलाफ बन चुके हैं ऐसे में यदि वह अपनी ईज्जत बचाने के लिए अफरा-तफरी के माहौल में किसी तरह की हिमाकत करता है तो भारत हर स्थिति से निबटने के तैयार है।</div>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 May 2025 17:03:20 +0530</pubDate>
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