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                <title>mohanlalganj news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>mohanlalganj news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मोहनलालगंज: रसूख के साये में 'वन संपदा' पर संकट, 10 बीघा सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज, लखनऊ।</strong> राजधानी के मोहनलालगंज तहसील अंतर्गत अतरौली गांव में रसूखदारों द्वारा सरकारी तंत्र को ठेंगा दिखाकर वन विभाग की सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय भू-माफिया और प्रभावशाली व्यक्तियों ने सांठगांठ कर करीब 10 बीघा बेशकीमती वन भूमि को बाउंड्रीवॉल से घेर लिया है और वहां विला व बोरिंग जैसे पक्के निर्माण करा लिए हैं। हैरत की बात यह है कि पर्यावरण संरक्षण की दुहाई देने वाला वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस बड़े अतिक्रमण से अनजान बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171795/crisis-on-forest-wealth-under-the-shadow-of-mohanlalganj-influence"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260227-wa0024.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज, लखनऊ।</strong> राजधानी के मोहनलालगंज तहसील अंतर्गत अतरौली गांव में रसूखदारों द्वारा सरकारी तंत्र को ठेंगा दिखाकर वन विभाग की सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय भू-माफिया और प्रभावशाली व्यक्तियों ने सांठगांठ कर करीब 10 बीघा बेशकीमती वन भूमि को बाउंड्रीवॉल से घेर लिया है और वहां विला व बोरिंग जैसे पक्के निर्माण करा लिए हैं। हैरत की बात यह है कि पर्यावरण संरक्षण की दुहाई देने वाला वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस बड़े अतिक्रमण से अनजान बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
<div>
<div> </div>
<div><strong>अभिलेखों में 'वन' श्रेणी की जमीन पर कब्जा</strong></div>
<div>ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, ग्राम अतरौली स्थित गाटा संख्या 1135, जो राजस्व अभिलेखों में श्रेणी 5-3-ख (वन श्रेणी) के अंतर्गत दर्ज है, का कुल क्षेत्रफल लगभग 4.4830 हेक्टेयर है। यह पूरी भूमि दशकों से वन क्षेत्र के रूप में संरक्षित रही है और गांव के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के साथ-साथ पशुओं के चारे और स्थानीय आजीविका का मुख्य आधार रही है। आरोप है कि पिछले कुछ समय में रसूख के बल पर इस सुरक्षित भूमि के एक बड़े हिस्से (लगभग 10 बीघा) पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया। मौके पर न सिर्फ बाउंड्रीवॉल खड़ी कर दी गई है, बल्कि विला बनाकर प्राकृतिक संपदा को निजी संपत्ति में तब्दील करने का प्रयास किया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>अधिकारियों की चौखट पर न्याय की गुहार</strong></div>
<div>शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस अवैध अतिक्रमण की शिकायत कई बार वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों और तहसील प्रशासन से की, लेकिन रसूखदारों के दबाव के चलते अब तक धरातल पर कोई कार्रवाई नजर नहीं आई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की यह सुस्ती कहीं न कहीं बड़े संरक्षण की ओर इशारा करती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों की मांग है कि सरकारी पैमाइश कराकर तत्काल अवैध निर्माण ढहाए जाएं और पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में सरकारी जमीनों पर ऐसी नजर न डाली जा सके।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 21:18:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होली पर 'हक' की होली: मोहनलालगंज के मनरेगा कर्मियों के घर छाया अंधेरा, 11 महीने से मानदेय का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज/ </strong>लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज विकास खंड समेत पूरे जिले में जहाँ एक ओर होली के त्योहार को लेकर उल्लास का माहौल है, वहीं ग्राम रोजगार सेवकों और मनरेगा कर्मियों के घरों में पिछले 11 महीनों से मानदेय न मिलने के कारण गहरा सन्नाटा और घोर आर्थिक तंगी पसरी हुई है। विडंबना यह है कि दूसरों के गांवों के विकास का जिम्मा उठाने वाले इन 56 ग्राम रोजगार सेवकों समेत जिले के कुल 319 कर्मचारियों के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे त्योहार की खुशियाँ हताशा में बदल गई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171770/holi-of-rights-darkness-prevails-in-the-houses-of-mnrega"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260227-wa0023.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज/ </strong>लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज विकास खंड समेत पूरे जिले में जहाँ एक ओर होली के त्योहार को लेकर उल्लास का माहौल है, वहीं ग्राम रोजगार सेवकों और मनरेगा कर्मियों के घरों में पिछले 11 महीनों से मानदेय न मिलने के कारण गहरा सन्नाटा और घोर आर्थिक तंगी पसरी हुई है। विडंबना यह है कि दूसरों के गांवों के विकास का जिम्मा उठाने वाले इन 56 ग्राम रोजगार सेवकों समेत जिले के कुल 319 कर्मचारियों के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे त्योहार की खुशियाँ हताशा में बदल गई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम रोजगार संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अंकुर शुक्ला ने विभाग की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे सीधे तौर पर मानवाधिकारों का हनन करार दिया है; उन्होंने व्यथा व्यक्त की है कि एक तरफ इन कर्मियों को मनरेगा के मूल कार्यों के अलावा क्रॉप सर्वे, बीएलओ ड्यूटी और फैमिली आईडी जैसे भारी-भरकम गैर-विभागीय कामों के चक्रव्यूह में झोंक दिया गया है, और दूसरी तरफ करीब साल भर से वेतन के लाले पड़ने के कारण कई कर्मचारी कर्ज के दलदल और भारी मानसिक तनाव में डूब चुके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थिति इतनी भयावह और चिंताजनक हो चली है कि आर्थिक तंगी से बेबस कर्मचारी अब आत्मघाती कदम उठाने जैसे विचारों के मुहाने पर खड़े हैं, ऐसे में अब सबकी नजरें योगी सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' और 'संवेदनशील प्रशासन' के दावों पर टिकी हैं कि क्या मुख्यमंत्री इन बदहाल कर्मचारियों की बेरंग होती होली में न्याय का रंग भर पाएंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 20:42:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्पिका की सफाई न होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी किसान परेशान </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>नगराम। लखनऊ,</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कई वर्षों से छतौनी नहर से निकली गढ़ा अल्पिका की सफाई न होने के कारण गढ़ा अम्जादपुर अब्बास नगर किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिसके कारण किसान काफी परेशान है। सिल्ट सफाई न होने से अल्पिका के अंदर व पटरी पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां और पौधे उग आए हैं अल्पिका की सिल्ट सफाई ना होने के कारण वर्षों से किसानों को फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img-20250719-wa0113.jpg" alt="अल्पिका की सफाई न होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी किसान परेशान " width="576" height="577" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगराम के अब्बास नगर गढ़ा अम्जादपुर के सैकड़ो किसान फसल की सिंचाई के लिए नहर के पानी पर निर्भर हैं। किसानों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153271/farmers-are-not-worried-about-water-reaching-the-tail-due"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img-20250719-wa0112.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>नगराम। लखनऊ,</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई वर्षों से छतौनी नहर से निकली गढ़ा अल्पिका की सफाई न होने के कारण गढ़ा अम्जादपुर अब्बास नगर किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिसके कारण किसान काफी परेशान है। सिल्ट सफाई न होने से अल्पिका के अंदर व पटरी पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां और पौधे उग आए हैं अल्पिका की सिल्ट सफाई ना होने के कारण वर्षों से किसानों को फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img-20250719-wa0113.jpg" alt="अल्पिका की सफाई न होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी किसान परेशान " width="576" height="577"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगराम के अब्बास नगर गढ़ा अम्जादपुर के सैकड़ो किसान फसल की सिंचाई के लिए नहर के पानी पर निर्भर हैं। किसानों का आरोप है  छितौनी माइनर से निकली गढ़ा तक जाने वाली अल्पिका की वर्षों से सफाई न होने के कारण किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिसके कारण पटवा खेड़ा इच्छाखेड़ा अब्बास नगर अमजादपुर गढ़ा गांव किसान काफी परेशान है। गढ़ा गांव के किसान लाला वर्मा, दिनेश कुमार, प्यारेलाल, हरीलाल, चंद्रपाल, शिवकरन, हरिनाम, रमेश कुमार,बाबू, सहित दर्जनों किसानों का कहना है कि नहर की सफाई न होने के कारण सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अम्जादपुर वा गढ़ा गांव के किसानों का आरोप है कि कई वर्षों से अल्पिका की सफाई नहीं हुई है जिसके कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। माइनर में काफी खरपतवार जमा हो जाने कारण किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता है।पानी के आभाव में  किसानों की सैकड़ो बीघा धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। क्षेत्र के किसानों ने जल्द ही सिंचाई विभाग से अल्पिका की सफाई कराने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारी रमाकांत ने बताया कि बरसात के बाद नवंबर माह में सभी माइनरों की सिल्ट सफाई कार्य शुरू कर दिया जाएगा।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 20:51:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसीपी से शिकायत कर बुजुर्ग ने जमीन से अवैध कब्जा हटाने की लगाई गुहार </title>
                                    <description><![CDATA[.....(बिल्डर ने हरकंशगढी में किसान की पुश्तैनी जमीन पर रजिस्ट्री कर बेच दिये प्लाट,अब कब्जा करने की कोशिश में जुटा)]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151412/the-elderly-pleaded-for-removing-illegal-possession-from-the-land"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/img-20250426-wa0028.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोहनलालगंज कोतवाली में शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी अंकित शुक्ला व  एसीपी रजनीश वर्मा ने प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह समेत राजस्वकर्मियो की मौजूदगी में फरियादियों की शिकायतें सुनी।  एसीपी रजनीश वर्मा से शिकायत करते हुये किसान ऋषभ जैन निवासी ओमनगर आलमबाग ने एसीपी से करते हुये बताया मोहनलालगंज तहसील के हरकंशगढी में उनकी गांटा स०-219/222/223 पुश्तैनी जमीन है ओर गांटा स०-224 में विक्रय अनुबंध के आधार पर 1995 से काबिज है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनकी पुश्तैनी जमीनो के बगल में कुछ एक किसानो की जमीने खरीदकर एक बिल्डर ने प्लाटिंग करते हुये काफी प्लाट काटकर बेचे है‌‌।उक्त बिल्डर ने उसकी पुश्तैनी जमीन में प्लाट दिखाकर रजिस्ट्री कर कब्जा करने की कोशिश की जब विरोध किया तो बिल्डर व उसके गुर्गो ने जमीन पर दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी दी,पूरे मामले की चार महीने पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में करते हुये कार्यवाही की मांग की थी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके बाद तत्कालीन एसडीएम ने जमीन की नाप कराकर कब्जे से मुक्त कराये जाने के आदेश दिये थे,लेकिन कभी राजस्व व कभी पुलिस टीम ना होने की बात कहकर जमीन की नाप नही करायी गयी,जब उसने पूरे मामले की 26मार्च को मंडलायुक्त डाॅ रोशन जैकब से करते हुये बिल्डर के कब्जे से जमीन को बचाने की गुहार लगायी तो उन्होने पु:न मोहनलालगंज एसडीएम को राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम भेजकर शिकायत का निस्तारण कराये जाने के निर्देश दिये।लेकिन एसडीएम ने जमीन का धारा-80होने के चलते बिना न्यायालय के आदेश के पैमाईश किये जाने से मना कर दिया।जिसके चलते मनबढ बिल्डर जमीन पर बराबर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित ने शनिवार को एक बार फिर से थाना समाधान दिवस में शिकायत करते हुये बिल्डर पर कार्यवाही की मांग की लेकिन उसे निराशा हाथ लगी।दूसरी शिकायत बुजुर्ग देवी दयाल वर्मा ने करते हुये बताया उ‌न्होने अपनी गांढी कमाई से जुटाये पैसो से 2010में जैतीखेड़ा गांव में किसान कल्लू से कृषि योग्य जमीन खरीदी थी लेकिन दाखिल खरीज नही कराया था.2017 में किसान कल्लू की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाने के बाद उक्त जमीन बेटे मोलहे, अलीजान व पत्नी रशीदाबेगम के नाम वरासत चढ गयी जिसके बाद उक्त सभी ने जमीन पर कब्जा कर लिया,न्यायालय के आदेश पर 28अगस्त2024 को खतौनी से उक्त सभी का नाम खरीज कर बैनामें के आधार पर उसके नाम खतौनी में चढ गयी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तब से उक्त सभी का जमीन से कब्जा हटाने के लिये तहसील समेत थाने में दर्जनो शिकायते करने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हुयी।एसीपी रजनीश वर्मा ने बुजुर्ग की शिकायत को गम्भीरता से लेते हुये निस्तारण कराये जाने के आदेश दिये।तीसरी शिकायत अमित कुमार निवासी कनकहा ने करते हुये बताया बीते गुरूवार की देर रात उसके बहनोई नीरज निवासी बाजूपुर थाना गोसाईगंज लखनऊ से मजदूरी कर अपनी बाइक से कनकहा स्थित ससुराल आ रहे थे तभी बिंदौवा गांव के पास उन्हे चक्कर आ गया ओर वो बेहोश हो गये अगले दिन सुबह जब उन्हे होश आया तो बाइक व मोबाइल गायब था।एसीपी ने शिकायत को गम्भीरता से लेते हुये इंस्पेक्टर को जांच कर कार्यवाही किये जाने के आदेश दियें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>थाना समाधान दिवसो में नही पहुंचे तहसील अफसर....</strong></h4>
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<div style="text-align:justify;">सीएम योगी आदित्यनाथ ने भले ही प्रदेश के सभी थानो में आयोजित होने वाले समाधान दिवसो में राजस्व विभाग के अफसरो को पहुंचकर शिकायत सुनने के निर्देश दे रखे है.लेकिन सीएम का आदेश  राजधानी में ही धराशायी है,शनिवार को गोसाईगंज,नगराम,निगोहां व मोहनलालगंज थानो में आयोजित समाधान दिवसो में सुबह दस बजे से लेकर एक बजे तक कोई भी तहसील अफसर शिकायते सुनने नही पहुंचा,केवल खानापूर्ति के लिये राजस्वकर्मियो को भेज दिया गया।इस दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायते लेकर पहुंचे फरियादियों को मायूषी हाथ लगी।सोशल मीडिया पर अफसरो के समाधान दिवस में ना पहुंचने की खबर व फोटो वायरल हुयी जिसके बाद एसडीएम अंकित शुक्ला ने डेढ बजे के करीब मोहनलालगंज थाने में शिकायते सुनने पहुंचे ओर निगोहां थाने में नायाब तहसीलदार ने पहुंचकर शिकायते सुनी लेकिन नगराम व गोसाईगंज थानो में समाधान दिवस की समाप्ति तक कोई भी तहसील अफसर नही पहुंचा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 22:28:39 +0530</pubDate>
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