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                <title>मत्स्य विभाग - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>मत्स्य विभाग RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कृषि विकास योजना में 286.46 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;"><strong>लखनऊ।</strong> मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य कृषि विकास योजना के तहत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति की तृतीय बैठक हुई। बैठक में योजना के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नई परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। समिति ने कुल <strong>286.46 करोड़ रुपये</strong> की परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;">मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों और संस्थाओं को निर्देश दिए कि स्वीकृत सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जारी धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के साथ कार्यों की गुणवत्ता, वित्तीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/187147/projects-worth-rs-28646-crore-approved-under-agricultural-development-scheme"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-09/whatsapp-image-2026-09-03-at-4.22.12-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;"><strong>लखनऊ।</strong> मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य कृषि विकास योजना के तहत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति की तृतीय बैठक हुई। बैठक में योजना के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नई परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। समिति ने कुल <strong>286.46 करोड़ रुपये</strong> की परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;">मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों और संस्थाओं को निर्देश दिए कि स्वीकृत सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जारी धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के साथ कार्यों की गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और प्रभावी निगरानी पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का अधिकतम लाभ प्रदेश के किसानों तक पहुंचना चाहिए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;">उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं के प्रस्ताव प्रस्तुत करने से पहले उनका समुचित परीक्षण किया जाए, ताकि स्वीकृति के बाद अनावश्यक संशोधन की स्थिति न बने और कार्य समय से पूरे हो सकें।</p><h3 style="text-align:left;"><strong>पुरानी परियोजनाओं के लिए 101.13 करोड़</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;">समिति ने पूर्व वर्षों की संचालित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के लिए <strong>101.13 करोड़ रुपये</strong> मंजूर किए। इसके अलावा कृषि एवं कृषि संबद्ध विभागों तथा संस्थाओं की वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई परियोजनाओं के लिए <strong>185.33 करोड़ रुपये</strong> स्वीकृत किए गए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;">राजकीय कृषि प्रक्षेत्रों के आधुनिकीकरण के लिए उन्नत कृषि यंत्र, सिंचाई नलकूप और जल निकासी व्यवस्था विकसित करने के लिए दो वर्षों हेतु <strong>60 करोड़ रुपये</strong> की परियोजना को मंजूरी दी गई। कृषि विभाग की नौ एकीकृत कीट प्रबंधन प्रयोगशालाओं की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 2.78 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;">देवरिया में नई एकीकृत कीट प्रबंधन प्रयोगशाला एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला भवन के निर्माण के लिए 3.71 करोड़ तथा लखीमपुर खीरी में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला भवन के लिए 2.60 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई।</p><h3 style="text-align:left;"><strong>कृषि प्रशिक्षण और उद्यान विकास पर जोर</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;">कृषि प्रसार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण तथा कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से कृषक-वैज्ञानिक संवाद एवं कृषि तीर्थ कार्यक्रमों के आयोजन के लिए <strong>8.80 करोड़ रुपये</strong> की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, रहमानखेड़ा में कृषि यंत्रीकरण, कंबाइन हार्वेस्टर प्रशिक्षण और प्रक्षेत्र की चहारदीवारी निर्माण समेत अन्य कार्यों के लिए <strong>6.10 करोड़ रुपये</strong> स्वीकृत किए गए। उद्यान विकास कार्यक्रमों के लिए भी 5.98 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिली।</p><h3 style="text-align:left;"><strong>गन्ना, मत्स्य और बीज भंडारण को भी मिली मंजूरी</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;">गोरखपुर में गन्ने की नई प्रजातियों के अभिजनक बीज उत्पादन के लिए ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला स्थापित करने हेतु गन्ना विभाग को <strong>1.82 करोड़ रुपये</strong> स्वीकृत किए गए। मत्स्य विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रमों, गोरखनाथ हैचरी के पुनर्निर्माण और राजकीय मत्स्य प्रक्षेत्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए <strong>7.91 करोड़ रुपये</strong> की परियोजनाएं मंजूर हुईं।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;">उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के माध्यम से बुलंदशहर, मैनपुरी और जालौन में कुल <strong>5,300 मीट्रिक टन क्षमता</strong> के बीज भंडारण गोदामों के निर्माण के लिए 17.28 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। सहकारिता विभाग के 14 पैक्स में गोदाम निर्माण तथा करीब <strong>25 हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता</strong> विकसित करने के लिए 54.55 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:left;">प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों बांदा, अयोध्या और मेरठ तथा पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय, मथुरा में शोध एवं अवस्थापना सुविधाओं और परिसंपत्तियों के सृजन के लिए <strong>13.80 करोड़ रुपये</strong> की परियोजनाएं भी स्वीकृत की गईं।</p><p style="text-align:left;">बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य कृषि विकास योजना के तहत <strong>500 करोड़ रुपये का परिव्यय</strong> अनुमोदित है, जबकि बजट प्रावधान में 200 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत है। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 16:36:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मत्स्य पालन किसानों की आय बढ़ाने लिए  महत्वपूर्ण और लाभकारी माध्यम बन सकता है : जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div><strong>सिद्धार्थनगर, </strong></div>
<div>  </div>
<div>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के प्राणी विज्ञान विभाग तथा जिला प्रशासन सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में किसानों में  पैंगेसियस मछली पालन की आधुनिक तकनीकों, व्यवसायिक संभावनाओं तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी उन्नत करने के उद्देश्य से गौतम बुद्ध सभागार में “पैंगेसियस मछली पालन किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे   जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी. एन. ने कहा कि मत्स्य पालन किसानों की आय बढ़ाने लिए  राज्य सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन  का यह  संयुक्त प्रयास  अत्यंत  महत्वपूर्ण और लाभकारी माध्यम बन सकता है।</div>
<div>  </div>
<div>उन्होंने विशेष रूप से पैंगेसियस मछली पालन को कम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173243/fisheries-can-become-an-important-and-profitable-medium-to-increase"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1773406513101-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div><strong>सिद्धार्थनगर, </strong></div>
<div> </div>
<div>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के प्राणी विज्ञान विभाग तथा जिला प्रशासन सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में किसानों में  पैंगेसियस मछली पालन की आधुनिक तकनीकों, व्यवसायिक संभावनाओं तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी उन्नत करने के उद्देश्य से गौतम बुद्ध सभागार में “पैंगेसियस मछली पालन किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे   जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी. एन. ने कहा कि मत्स्य पालन किसानों की आय बढ़ाने लिए  राज्य सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन  का यह  संयुक्त प्रयास  अत्यंत  महत्वपूर्ण और लाभकारी माध्यम बन सकता है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने विशेष रूप से पैंगेसियस मछली पालन को कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीक बताया। जिलाधिकारी ने किसानों को सरकार की विभिन्न मत्स्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों को अपना कर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं। साथ ही उन्होंने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो कविता शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के लिए आयोजित यह  प्रशिक्षण कार्यक्रम  कृषि और मत्स्य क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।</div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम में प्राणी विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं संयोजक डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार वर्मा ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों और यहां अध्ययन के लाभों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन विज्ञान  संकाय की अधिष्ठाता प्रो प्रकृति राय ने किया ।  </div>
<div> </div>
<div> आचार्य डॉ. विनीता रावत, मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक नन्द किशोर प्रसाद,  एक्वा डॉक्टर सॉल्यूशंस कोलकाता के डॉ देब तनु  बर्मन, गौरव एक्वा यूनिवर्स, महाराजगंज के संस्थापक वीर गौरव, जंतु  विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने हैचरी प्रबंधन तथा सहायक आचार्य एवं सह-संयोजक डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने रोग निदान के विषय में प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो नीता यादव , अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो सौरभ , डॉ लक्ष्मण सिंह, डॉ विशाल गुप्ता, डॉ अविनाश प्रताप सिंह सहित लगभग एक सौ पचास  किसानों  ने  प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 19:33:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मत्स्य पालक कल्याण कोष योजनान्तर्गत चयनित महिलाओं को स्वीकृति पत्र का वितरण 08 अप्रैल को</title>
                                    <description><![CDATA[महिला मत्स्य पालक सशक्तिकरण  योजना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150793/distribution-of-acceptance-letter-to-selected-women-under-fisheries-posquency"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/img_20250404_202437.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><em>अजीत सिंह ( ब्यूरो) </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><em>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश - </em></strong>सहायक निदेशक मत्स्य सोनभद्र ने बताया कि मत्स्य पालक कल्याण कोष योजनान्तर्गत माता सुकेता महिला मत्स्य पालक सशक्तिकरण परियोजना के केज स्थापना हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में अन्य महिला श्रेणी में 306, बी०पी०एल० महिला श्रेणी में</p>
<p style="text-align:justify;">09. विधवा महिला श्रेणी में 05 जनपद में कुल 320 चयनित (प्रतीक्षारत-75) महिलाओ को स्वीकृति पत्र का वितरण मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी के कर कमलो से 08 अप्रैल,2025 को विकास खण्ड चोपन के सभागार में समय 1.00 बजे अपरान्ह में किया जायेगा। उन्होंने सभी सम्बन्धित लाभार्थियो से अनुरोध किया है कि समय से अपने-अपने आधार कार्ड के साथ उपस्थित होकर अपना अपना स्वीकृति पत्र प्राप्त कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 21:43:13 +0530</pubDate>
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