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                <title>Administration - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>रमजान माह में जुमे की नमाज अदा, अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पवित्र रमजान माह के दौरान शुक्रवार को कस्बा सहित आसपास के क्षेत्रों में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने जुमे की नमाज अदा की। मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर देश और समाज में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के दौरान कस्बे का माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण बना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कस्बे की चिक मंडी स्थित जामा मस्जिद, कांचमील मस्जिद, बड़ी मस्जिद, मोहम्मदिया मस्जिद और अल्ला नगर स्थित मस्जिद सहित अन्य इबादतगाहों में नमाज अदा करने के लिए दोपहर से ही नमाजियों का पहुंचना शुरू हो गया था। नमाज के समय मस्जिदों में काफी भीड़ रही। लोगों ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173230/offered-friday-prayers-in-the-month-of-ramadan-and-prayed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260313-wa0239-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पवित्र रमजान माह के दौरान शुक्रवार को कस्बा सहित आसपास के क्षेत्रों में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने जुमे की नमाज अदा की। मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर देश और समाज में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के दौरान कस्बे का माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण बना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कस्बे की चिक मंडी स्थित जामा मस्जिद, कांचमील मस्जिद, बड़ी मस्जिद, मोहम्मदिया मस्जिद और अल्ला नगर स्थित मस्जिद सहित अन्य इबादतगाहों में नमाज अदा करने के लिए दोपहर से ही नमाजियों का पहुंचना शुरू हो गया था। नमाज के समय मस्जिदों में काफी भीड़ रही। लोगों ने रमजान की बरकत और समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखने की दुआ की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। जुमे की नमाज को देखते हुए मस्जिदों और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रमुख स्थानों पर पुलिस कर्मी मुस्तैदी से ड्यूटी करते दिखाई दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 19:15:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में कांग्रेस नेता की प्रॉपर्टी पर चला बुलडोजर, स्थिति बनी तनावपूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा में गुरुग्राम के सेक्टर-68 स्थित परीना मी कासा (Pareena Mi Casa) सोसाइटी के पास प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की टीम ने प्रस्तावित सड़क के रास्ते में आ रहे अवैध निर्माणों को हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की, जिसका स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध किया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश यादव के करीब 400 गज के मकान समेत एक दर्जन से अधिक प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चलाया गया।</p>
<p>राजेश यादव की प्रॉपर्टी पर इससे पहले भी पिछले साल कार्रवाई हुई थी, जिसमें करीब आठ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165977/haryana-bulldozer-runs-on-congress-leaders-property-in-haryana-situation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/haryana-news---2026-01-14t141138.621.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा में गुरुग्राम के सेक्टर-68 स्थित परीना मी कासा (Pareena Mi Casa) सोसाइटी के पास प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की टीम ने प्रस्तावित सड़क के रास्ते में आ रहे अवैध निर्माणों को हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की, जिसका स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध किया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश यादव के करीब 400 गज के मकान समेत एक दर्जन से अधिक प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चलाया गया।</p>
<p>राजेश यादव की प्रॉपर्टी पर इससे पहले भी पिछले साल कार्रवाई हुई थी, जिसमें करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से बनी इमारत को ध्वस्त कर दिया गया था। इस बार फिर कार्रवाई होने पर उन्होंने आरोप लगाया कि यह उनका दादालाई मकान है और इसे गिराने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि एक बिल्डर के दबाव में प्रशासन आम लोगों के मकान गिरा रहा है।</p>
<h5><strong>भाजपा सरकार के खिलाफ मुखर हैं राजेश यादव</strong></h5>
<p>कांग्रेस नेता राजेश यादव लंबे समय से भाजपा सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं। वे स्थानीय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक जनसमस्याओं को उठाते रहे हैं, जिससे उनके बयान अक्सर सत्तारूढ़ दल और प्रशासन को असहज करते हैं। समर्थकों का आरोप है कि इसी कारण वे अधिकारियों के निशाने पर रहते हैं।</p>
<h5><strong>लोगों ने रोका बुलडोजर</strong></h5>
<p>जैसे ही प्रशासन की टीम प्रस्तावित सड़क के मार्ग में आने वाले निर्माणों को गिराने पहुंची, स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बुलडोजर के सामने खड़े होकर रास्ता रोक दिया और कार्रवाई को रोकने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने लोगों को खदेड़कर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन तनाव बना रहा।</p>
<h5><strong>सामान निकालने का भी मौका नहीं देने का आरोप</strong></h5>
<p>प्रभावित लोगों का आरोप है कि एचएसवीपी की टीम ने उन्हें अपने घरों और दुकानों से सामान निकालने तक का मौका नहीं दिया। परीना मी कासा सोसाइटी के पास से सोहना रोड तक प्रस्तावित सड़क के लिए अवैध स्ट्रक्चर हटाने की कार्रवाई इतनी तेजी से की गई कि लोग हतप्रभ रह गए।</p>
<h5><strong>सोहना रोड संपर्क मार्ग के विस्तार की योजना</strong></h5>
<p>प्रशासन के मुताबिक जिस रास्ते से अतिक्रमण हटाया जा रहा है, वह सीधे सोहना रोड से जुड़ता है। इस सड़क के विस्तार से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और आवागमन सुगम बनेगा। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही बुलडोजर मौके पर पहुंचे, लोगों ने पहले मुआवजा देने की मांग करते हुए विरोध शुरू कर दिया।</p>
<h5><strong>मुआवजे को लेकर विवाद</strong></h5>
<p>स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिन जमीनों पर पहले मुआवजा दिया जा चुका है, वहां कोई निर्माण नहीं था, जबकि जिन लोगों ने अपनी जमीन पर मकान और दुकानें बना रखी हैं, उन्हें अभी तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। इसी मांग को लेकर लोग कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।</p>
<p>वहीं अधिकारियों का कहना है कि मुआवजे की राशि अदालत में जमा कर दी गई है और प्रभावित लोग वहां से इसे प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन का दावा है कि इससे पहले भी नोटिस जारी किए गए थे।</p>
<h5><strong>मौके पर तैनात रहा पुलिस बल</strong></h5>
<p>फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटा है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एसएचओ समेत पुलिस बल मौके पर तैनात है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jan 2026 14:11:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत सिंह पर कृपा कीजिये महाराज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आप भारत   सिंह को नहीं  जानते । भारत सिंह कुशवाह ग्वालियर के साँसद हैं। ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं,लेकिन मप्र विधानसभा के सदस्य और मंत्री रह चुके है।  पेशे से किसान हैं और मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की वजह से राजनीति में अपनी पहचान बना पाए हैं। भारत सिंह कुशवाह की किस्मत देखिये की वे 2023  में विधानसभा का चुनाव हार गए लेकिन 2024  में लोकसभा का चुनाव 70  हजार वोटों से जीत गए ।  भारत सिंह  कुशवाह की तकलीफ ये है कि ग्वालियर के साँसद होते हुए भी उन्हें एक साँसद की तरह न काम करने दिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150762/please-be-kind-to-bharat-singh-maharaj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/bhart1.jpg" alt=""></a><br /><p>आप भारत   सिंह को नहीं  जानते । भारत सिंह कुशवाह ग्वालियर के साँसद हैं। ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं,लेकिन मप्र विधानसभा के सदस्य और मंत्री रह चुके है।  पेशे से किसान हैं और मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की वजह से राजनीति में अपनी पहचान बना पाए हैं। भारत सिंह कुशवाह की किस्मत देखिये की वे 2023  में विधानसभा का चुनाव हार गए लेकिन 2024  में लोकसभा का चुनाव 70  हजार वोटों से जीत गए ।  भारत सिंह  कुशवाह की तकलीफ ये है कि ग्वालियर के साँसद होते हुए भी उन्हें एक साँसद की तरह न काम करने दिया जा रहा है और न विकास का मसीहा बनने दिया जा रहा।</p>
<p>आप ये जानकर हैरान होंगे किभारत सिंह कुशवाह के रास्ते में आड़े आ रहे हैं गुना के सांसद केंद्रीय मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया। सिंधिया भले ही गुना के साँसद हैं लेकिन वे आधे मध्यप्रदेश को [यानि पुरानी सिंधिया रियासत के भू-भाग को ] अपनी रियासत ही समझते हैं। वे अकेले गुना के लिए नहीं बल्कि भिंड,मुरैना और ग्वालियर  के लिए भी काम करते है।  उन्हें विदिशा,उज्जैन जैसे इलाकों की भी फ़िक्र रहती है। उन्हें लगता है कि वे आज भी पुरानी ग्वालियर रियासत के महाराज हैं, इसलिए उन्हें इस पूरे इलाके की फ़िक्र करना चाहिए।</p>
<p>इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि भारत सिंह कुशवाह के मुकाबले ज्योतिरादित्य सिंधिया की राजनीतिक विरासत सौ गुना ज्यादा है ।  भारत सिंह के पुरखे भी शायद सिंधिया रियासत की रियाया रहे होंगे ,किन्तु भारत सिंह तो आजाद भारत के भारत सिंह हैं और स्वयं सांसद भी हैं ठीक उसी तरह जैसे की ज्योतिरादित्य सिंधिया है। भारत सिंह की मुश्किल ये है कि वे हिम्मत कर ग्वालियर के लिए केंद्र से जिन तमाम योजनाओं के लिए भागदौड़ करते हैं उनके स्वीकृत होते ही वे सब योजनाएं सिंधिया अपने खाते में दर्ज करा देते हैं। जाहिर है कि सिंधिया का आभा मंडल है। उनकी दादी ,पिता ,बुआ तक सांसद रहीं हैं ।  वे किसी भी केंद्रीय मंत्री ही क्या प्रधानमंत्री जी से भी आसानी से मिल सकते हैं और किसी भी  योजना को स्वीकृत भी करा सकते हैं ,लेकिन उन्हें भारत सिंह को भी तो कुछ   करने देना चाहिए।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-04/bhart2.jpeg" alt="भारत सिंह पर कृपा कीजिये महाराज" width="506" height="675"></img>ग्वालियर का जिला प्रशासन भी भारत सिंह को एक सांसद की तरह महत्व नहीं देता ,खासतौर पर तब ,जब  महाराज यानी ज्योतिरादित्य सिंधिया खुद मैदान में हों। स्थिति ये बन गयी है कि अक्सर भारत सिंह कुशवाह को सरकारी बैठकों में ,कार्यक्रमों में आमंत्रित  ही नहीं किया जाता। अब खुद भारत सिंह उन कार्यक्रमों से कन्नी काटने लगे हैं जिनमें  केंद्रीय  मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद होते हैं। कायदे से तो सिंधिया को वरिष्ठ होने के नाते भारत सिंह को अपने साथ रखकर उनका रास्ता आसान करना चाहिए था किन्तु वे श्रेय में किसी को भागीदार  नहीं बनाते,बेचारे भारत सिंह कुशवाह की तो  हैसियत ही क्या है ?</p>
<p>आपको बता दें कि सिंधिया ने भारत सिंह से पहले ग्वालियर के साँसद रहे विवेक नारायण शेजवलकर को भी आत्मनिर्भर सांसद नहीं बनने दिया। हालाँकि विवेक नारायण शेजवलकर भारत सिंह के मुकाबले ज्यादा पढ़े लिखे [ इंजीनियर ] साँसद थे ।  उनके पिता भी सांसद रहे। ।  विवेक नारायण शेजवलकर तो महापौर भी रहे ,लेकिन शेजवलकर ने सिंधिया का लिहाज किया ,पर सिंधिया ने शेजवलकर का लिहाज नहीं किया । शेजवलकर से पहले नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर के साँसद थे,लेकिन उनका कद पार्टी में इतना बड़ा था कि सिंधिया तोमर  को अपनी छाया के अधीन नहीं कर पाए। तोमर ने भी सिंधिया को उतने समय ही महाराज माना जितने समय कि दिखाने के लिए जरूरी था।</p>
<p>अब भारत सिंह कुशवाह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच की बढ़ती खाई का मामला पार्टी हाईकमान के साथ ही आरएसएस तक भी पहुँच चुका है। पर मजा देखिये कि  पार्टी है कमान और संघ परिवार भी भारत सिंह के साथ खड़े होने के लिए राजी नहीं हैं। अब बेचारे भारत सिंह कुशवाह अपनी लड़ाई अकेले कब तक लड़ें ? भारत सिंह कुशवाह के राजीनतिक गुरु विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमार भी खुलकर सिंधिया का विरोध करने की स्थिति में नहीं हैं। सिंधिया आखिर सिंधिया है।  उन्हें विकास का मसीहा बनने से कौन रोक सकता है?</p>
<p>भारत सिंह कुशवाह और सिंधिया में तनातनी  नई नहीं है।कुछ समय  पहले भी जीवाजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सिंधिया, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और राज्यपाल मांगूबाई पटेल ने प्रतिमा का अनावरण किया था। इस दौरान सांसद मौजूद नहीं थे। तब भी यह बात निकलकर आई थी कि उन्हें बुलाया ही नहीं गया था। वहीं, रविवार को भी केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने भी जब बजट को लेकर प्रेसवार्ता की तो उसमें भी सिंधिया समर्थक ऊर्जा मंत्री तोमर और अन्य समर्थक तो नजर आए लेकिन जिलाअध्यक्ष तक नजर नहीं आए।</p>
<p>भारत सिंह कुशवाह ने जब ज्यादा असंतोष जताया तो कुछ समय  के लिए सिंधिया ने ग्वालियर में अपनी सक्रियता कम की किन्तु वे ज्यादा दिन ग्वालियर से दूर नहीं रह पाये । अब वे फिर सक्रिय हैं और पूरी तरह सक्रिय हैं। सिंधिया की छाया से अकेले भारत सिंह कुशवाह ही परेशान नहीं है अपितु कांग्रेस के राज्य सभा सदस्य अशोक सिंह भी दुखी है।</p>
<p> वे सिंधिया की वजह से ग्वालियर में अपनी सांसद निधि से ऐसा कोई काम हाथ में नहीं ले पाए जोउन्हें एक साँसद  के तौर पर पहचान दिला दे। अशोक सिंह के पिता स्वर्गीय राजेंद्र सिंह और पितामह डोंगर सिंह कक्का सिंधिया परिवार के विरोधी रहे ,लेकिन बाद में अशोक सिंह ने हथियार डाल दिए और 2007 ,2009 ,2014 और 2019 में ग्वालियर से ॉक्सभा का चुनाव ग्वालियर सीट से लड़ा जरूर किन्तु सिंधिया ने न उन्हें चुनाव जिताया और न जीतने दिया।  अशोक सिंह कांग्रेस में दिग्विजय सिंह खेमे से आते हैं।</p>
<p>अब देखना ये है कि सिंधिया की छत्र छाया से ग्वालियर के भाजपा साँसद भारत सिंह कुशवाह और कांग्रेस के राज्य सभा सांसद अशोक सिंह कितने दिन तक बचे रह सकते हैं ? इन दोनों में सिंधिया का मुकाबला करने की क्षमता हालांकि  है नहीं। फिर भी समय किसने देखा है। वैसे भी सिंधिया के पास झंडावरदारी के लिए उनकी अपंनी पुरानी कांग्रेसियों की टीम है ही,उसमें  अब कुछ भाजपाई भी शामिल हो गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 16:00:46 +0530</pubDate>
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