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                <title>swatantra prabhat Triveniganj(bihar) - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>swatantra prabhat Triveniganj(bihar) RSS Feed</description>
                
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                <title>वीसी के जरिए योजनाओं की समीक्षा, समय पर लक्ष्य पूरा करने का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल।</strong> उप विकास आयुक्त सारा अशरफ की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, मनरेगा योजना एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की प्रगति को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में निदेशक एनईपी, निदेशक लेखा प्रशासन, डीआरडीए, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। वहीं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) एवं स्वच्छता समन्वयक वर्चुअल माध्यम से जुड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने योजनावार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल माह के लिए निर्धारित लक्ष्य के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176219/instructions-to-review-schemes-through-vc-and-complete-targets-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260415-wa0206.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल।</strong> उप विकास आयुक्त सारा अशरफ की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, मनरेगा योजना एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की प्रगति को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में निदेशक एनईपी, निदेशक लेखा प्रशासन, डीआरडीए, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। वहीं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) एवं स्वच्छता समन्वयक वर्चुअल माध्यम से जुड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने योजनावार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल माह के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक मानव दिवस सृजन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सभी श्रमिकों का ई-केवाईसी कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत स्वीकृत लाभुकों को ई-एमआर निर्गत कर मनरेगा से जोड़ते हुए मानव दिवस का लाभ देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं उससे पूर्व की लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा जियो टैगिंग से वंचित योजनाओं का जियो टैग कराने का निर्देश दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">आवास योजना की समीक्षा में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को योग्य लाभुकों को नियमानुसार प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने तथा महादलित टोला में लक्ष्य के अनुरूप व्यक्तिगत शौचालय निर्माण सुनिश्चित करने को कहा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्रगति में तेजी लाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:35:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अग्निकांड व हीट वेव से निपटने की तैयारी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल।</strong> अग्निकांड एवं लू (हीट वेव) के संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को विभागीय एसओपी के अनुरूप आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान अग्निशमन, पीएचईडी, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत विभाग एवं नगर निकाय से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया। नगर निकाय क्षेत्रों में कार्यपालक पदाधिकारियों को आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए होर्डिंग-बैनर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने तथा विभिन्न स्थानों पर प्याऊ (पेयजल) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0216.jpg" alt="IMG-20260415-WA0216" width="1200" height="1200" /></p>
<p style="text-align:justify;">अग्निशमन विभाग को निर्देशित किया गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176218/preparations-intensified-to-deal-with-fire-and-heat-wave"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260415-wa0213.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल।</strong> अग्निकांड एवं लू (हीट वेव) के संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को विभागीय एसओपी के अनुरूप आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान अग्निशमन, पीएचईडी, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत विभाग एवं नगर निकाय से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया। नगर निकाय क्षेत्रों में कार्यपालक पदाधिकारियों को आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए होर्डिंग-बैनर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने तथा विभिन्न स्थानों पर प्याऊ (पेयजल) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0216.jpg" alt="IMG-20260415-WA0216" width="4080" height="2296"></img></p>
<p style="text-align:justify;">अग्निशमन विभाग को निर्देशित किया गया कि ब्लॉक स्तर पर ऐसे स्थान चिन्हित करें, जहां से किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अग्निकांड या अन्य आपदा से प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर अनुदान राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएचईडी के कार्यपालक पदाधिकारी को सभी चापाकलों की जांच कर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि कहीं भी पेयजल की कमी न हो। आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम (दूरभाष संख्या 06473-224005) सक्रिय कर दिया गया है, जिस पर आमजन संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. तारिक, प्रभारी पदाधिकारी (आपदा प्रबंधन) मुकेश कुमार, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी चंद्रभूषण कुमार सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:34:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>त्रिबेनीगंज  में सरकारी नियमों को ठेंगा दिखा रहे निजी स्कूल संचालक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल, सीमावर्ती जिले सुपौल के त्रिवेणीगंज अनुमंडल  में निजी स्कूलों का संचालन सरकारी नियम कानून से नही बल्कि मनमर्जी से चल रहा है।जिसके आगे प्रसासन खुद को मानो मजबूर पा रहा हो।यह  अब शिक्षा दान का मंदिर नही बल्कि  एक अनियंत्रित बेलगाम  व्यवसाय का रूप ले चुका है। बिहार सरकार के सख्त नियमों के बावजूद, क्षेत्र में अधिकांश निजी स्कूल बिना वैध प्रस्वीकृति  के धड़ल्ले से चल रहे हैं। ये स्कूल न केवल शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे हैं, बल्कि बिहार सरकार के निजी विद्यालय विनियमन अधिनियम की शर्तों को भी खुलेआम  ठेंगा दिखा रहे हैं।<br /><br /><strong>इन</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176214/private-school-operators-flouting-government-rules-in-tribalganj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/स्वतंत्र-प्रभात111.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल, सीमावर्ती जिले सुपौल के त्रिवेणीगंज अनुमंडल  में निजी स्कूलों का संचालन सरकारी नियम कानून से नही बल्कि मनमर्जी से चल रहा है।जिसके आगे प्रसासन खुद को मानो मजबूर पा रहा हो।यह  अब शिक्षा दान का मंदिर नही बल्कि  एक अनियंत्रित बेलगाम  व्यवसाय का रूप ले चुका है। बिहार सरकार के सख्त नियमों के बावजूद, क्षेत्र में अधिकांश निजी स्कूल बिना वैध प्रस्वीकृति  के धड़ल्ले से चल रहे हैं। ये स्कूल न केवल शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे हैं, बल्कि बिहार सरकार के निजी विद्यालय विनियमन अधिनियम की शर्तों को भी खुलेआम  ठेंगा दिखा रहे हैं।<br /><br /><strong>इन सरकारी नियमों की हो रही है अनदेखी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी निजी स्कूल के संचालन के लिए सरकार ने  मानक तय किए हैं, लेकिन इसका अभाव  त्रिवेणीगंज में दिख रहा है।सरकारी नियमानुसार, किसी भी स्कूल को खोलने से पहले विभाग से प्रस्वीकृति लेना अनिवार्य है। बिना कोड के स्कूल चलाना अवैध है, लेकिन यहाँ दर्जनों स्कूल सिर्फ आवेदन के भरोसे वर्षों से चल रहे हैं।या अपने मन से चल रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">​परिसर एवं बुनियादी ढांचा बिभागीय नियमानुसार स्कूल खोलने के लिए शहरी क्षेत्र में कम से कम 10,000 वर्ग फुट और ग्रामीण क्षेत्र में 20,000 वर्ग फुट अपनी या लंबी लीज की जमीन  होना अनिवार्य है।लेकिन  यहाँ चल रहे कई स्कूल 2-3 कमरों के मकानों मेंटीन शेड में चल रहे हैं।शिक्षक-छात्र अनुपात (PTR): RTE के तहत 30 छात्रों पर एक प्रशिक्षित शिक्षक होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">हकीकत यह है कि एक ही कमरे में दो कक्षाओं के बच्चे बैठे हैं और अप्रशिक्षित स्टाफ उन्हें पढ़ा रहा है।साथ ही सरकारी नियम कहते हैं कि शिक्षकों का चयन एक समिति के माध्यम से होना चाहिए  और उन्हें उचित मानदेय मिले, मगर यहाँ 'पॉकेट मनी' पर युवाओं से काम लिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>सुरक्षा के नाम पर केवल 'डिस्प्ले बोर्ड</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार निजी विद्यालय नियमावली के अनुसार, स्कूलों के पास 'अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र' और 'भवन फिटनेस प्रमाण पत्र' होना अनिवार्य है।लेकिन दुर्भाग्य है कि  त्रिवेणीगंज के इन स्कूलों में आग बुझाने के यंत्र तो दूर, आपातकालीन निकासी तक की जगह नहीं है। संकरी गलियों में चल रहे इन स्कूलों में अगर कोई अनहोनी होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?बर्षो पहले आगलगी की घटना में एक निजी स्कूल के बच्चे की मौत हो गई थी।बाबजूद शिक्षा विभाग के कान पर कोई असर नहीं हुआ ।</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>क्या कहता है कानून?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सरकार के नियमों के अनुसार, यदि कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित पाया जाता है, तो उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और प्रतिदिन 10,000 रुपये की दर से दंड लगाने का प्रावधान है। इसके बावजूदशिक्षा विभाग और  प्रशासन की चुप्पी संदेहास्पद है।<br /><br />​<strong>अभिभावकों की जेब पर डाका, विभाग मौन</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इसे विडम्बना ही कहा जायेगा कि ​मान्यता न होने के बावजूद ये स्कूल 'एडमिशन फीस' और 'सालाना चार्ज' के साथ ही किताब ,कॉपी और ड्रेस के  नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा इन निजी स्कूलों के  निरीक्षण न किए जाने से  इन स्कूलों का मनोबल बढ़ा हुआ है। अभिभावकों  का कहना है कि शिकायत के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी जाँच करना मुनासिब नहीं समझते हैं अगर  जांच की बात आती है, कागजी खानापूर्ति कर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /><strong>सुलगते सवाल</strong> </p>
<p style="text-align:justify;">सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि  ​बिना 'यू-डाइस' (U-DISE) कोड और मान्यता के  छात्रों का पंजीकरण कैसे कर रहे हैं?<br /> # ​क्या शिक्षा विभाग को इन अवैध संस्थानों की सूची की जानकारी नहीं है?<br /> # ​बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की योग्यता के साथ हो रहे खिलवाड़ पर विभाग 'एक्शन मोड' में कब आएगा?<br />​यदि जल्द ही इन 'अवैध' संस्थानों पर नकेल नहीं कसी गई, तो यह न केवल शिक्षा व्यवस्था को खोखला करेगा, बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल देगा।<br />  मनोजरोशन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:28:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को कर्ज लेने को मजबूर हैं अभिभावक  </title>
                                    <description><![CDATA[मनमानी कीमत पर मिलती हैं पुस्तक ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175821/parents-are-forced-to-take-loan-to-continue-their-childrens"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/स्वतंत्र-प्रभात11.jpg" alt=""></a><br /><p>बिहार में निजी स्कूलों की पढ़ाई अब पढ़ाई कम वयापार महज अब बनकर रह गई है जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026- 27 की शुरुआत हो चुकी हैं।इसके  साथ ही निजी स्कूलों में बच्चों को दी जाने वाली किताबों की कीमतों ने महँगाई की मार झेल रहे  अभिभावकों की कमर तोड़ दी है।निजी स्कूलों में कमोबेश  प्राइमरी कक्षा तक के किताब सेट चार हजार से अधिक, छठी से आठवीं कक्षा की किताबों का पूरा सेट करीब सात से आठ हजार रुपये में मिल रहा है, जबकि इसके आगे की कक्षाओं के लिए पूरा सेट 15 हजार पार कर जा रहा है।निजी स्कूलों की  शिक्षा अब जरूरत से ज्यादा महंगी होती जा रही है, जिससे खासकर मध्यम और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ रहा है। आश्चर्यजनक पहलू  यह है कि कक्षा छह में हिन्दी की एनसीईआरटी किताब की कीमत  मात्र 65 रुपये है, वहीं उसी विषय  की निजी प्रकाशकों किताब की कीमत लगभग छह सौ रुपए में लेनी पड़ रही  है। इसी तरह संस्कृत की एनसीईआरटी किताब 50 रुपये की है, लेकिन निजी प्रकाशकों की पुस्तक 400 रुपये में दी जा रही है। वही अंग्रेजी बिषय में 40 रुपये की किताब के साथ 550 से 700 रुपये तक की दूसरी किताब लेना अनिवार्य बना दिया गया है। इससे साफ है कि एक ही विषय में अभिभावकों को दो से तीन किताबें खरीदनी पड़ रही हैं। </p>
<p><strong>महँगी कीमत की हैं किताबें, लोगों का मासिक बजट बिगड़ा</strong></p>
<p>अभिभावक श्याम चंद्र यादव, रंजीत झा, सिमरन, डॉ इंद्रभूषण प्रसाद  व अन्य ने बताया कि जिले के अधिकांश निजी स्कूलों में किताबें स्कूल परिसर में ही बेची जा रही हैं। जिस स्कूल में अंदर में किताब बिकने की व्यवस्था नही है , वहां शहर में एक तय दुकान से ही किताब खरीदने की बाध्यता है।अभिभावकों द्वारा महज कक्षा बताने पर पूरा सेट दे दिया जाता है और निर्धारित कीमत चुकानी पड़ती है। बाहर से किताब क्या कॉपी तक  खरीदने का विकल्प लगभग समाप्त कर दिया गया है, जिससे कीमत की  प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई है और कीमतें मनमानी हो गई हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके घर में दो या तीन बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। कई घरों में खाने-पीने तक में कटौती करनी पड़ रही है ताकि बच्चों की पढ़ाई जारी रखी जा सके<br /><br /><strong>ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों में स्थिति चिंताजनक</strong></p>
<p>ग्रामीण और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों में स्थिति औरभी  गंभीर है। यहां महिलाएं स्वयं सहायता समूह, छोटे फाइनेंस संस्थानों या महाजनों से 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का कर्ज लेने को मजबूर हैं। कई परिवार ब्याज पर पैसा लेकर बच्चों का दाखिला करा रहे हैं। जिसका सूद मनमाना है। जिसका चुकता करना भारी पड़ेगा। अभिभावक दीपनारायण यादव,संतोष राय, मौसम कुमार, पंकज साह  ने बताया कि शिक्षा के नाम पर यह आर्थिक बोझ अब लोगों को कर्ज के जाल में फंसाता जा रहा है। अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो पढ़ाई का सपना कई परिवारों के लिए भारी संकट बन सकता हैं।<br /><br /><strong>किताबों की संख्या में वृद्धि</strong></p>
<p>मालूम हो कि कक्षा पांचवीं से सातवीं तक जहां छह विषयों की पढ़ाई होती है, वहां निजी स्कूलों द्वारा  15 से 18 किताबें खरीदवाई जा रही हैं। साइंस की किताब 155 रुपये की है, लेकिन उसके साथ लैब मैनुअल 490 से 600 रुपये तक में दी जा रही है। कम्प्यूटर की किताबें भी 500 से 600 रुपये के बीच बेची जा रही हैं। कुल मिलाकर एक बच्चे की पढ़ाई पर हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ अभिभावक पर पड़ रहा है।</p>
<p><strong>किताब ही स्कूल ड्रेस भी बना उगाही का बड़ा माध्यम</strong></p>
<p><br />जिले के निजी स्कूलों में किताब ही नहीं बल्कि स्कूली ड्रेस भी शोषण का बड़ा जरिया बन गई है स्कूल प्रबंधन हर साल नए लुक की ड्रेस डिजाइन करते हैं और अभिभावकों को मजबूरी में स्कूल में है ड्रेस खरीदना जरूरी हो जाता है करण सिलेक्टेड ड्रेस अन्य जगहों पर नहीं मिलती है आश्चर्यजनक बात है गर्मी के मौसम में ही सर्दी के स्वेटर और ब्लेजर भी अभिभावकों को लेना मजबूरी बन गया है एक मोटे अनुमान के तहत 1000  तक की ड्रेस के लिए 8 से 10000हजार रुपये  चुकाना पड़ता है।सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि अगले साल ड्रेस बदल जाती है।</p>
<p><strong>कहते हैं अधिकारी</strong></p>
<p>स्कूल फीस व अन्य मामले में मनमानी नहीं करें, इसकी जांच के लिए संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिये गए हैं<br /><strong>संग्राम सिंह  </strong>(<strong>जिला शिक्षा पदाधिकारी सुपौल</strong>)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:25:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उन्मादी भीड़ का ‘तालिबानी फरमान’के सामने बेबस पुलिस,22 घंटे तक बना रहा बंधक,पुलिस रही खामोश </title>
                                    <description><![CDATA[रोता रहा किशोर— “अभी पढ़ना है”, लेकिन नहीं पसीजा किसी का दिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173224/police-helpless-in-front-of-talibani-decree-of-frenzied-mob"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260313-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बिहार ब्यूरो ,स्वतंत्र प्रभात ,पटना </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार के सुपौल जिले के त्रिबेनीगंज अनुमंडल क्षेत्र के राजेश्वरी थाना इलाके में बुधवार की शाम कानून और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई। उग्र अतिताई  भीड़ ने एक नाबालिग लड़के को पकड़कर न सिर्फ  उसकी मनभर  बेरहमी से पिटाई की बल्कि  दबाव बनाकर एक नाबालिग लड़की से जबरन शादी करा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस शर्मनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ साफ  दिखाई दे रहा है कि मोभ लॉन्चिंग पर उतारू  भीड़ एक नाबालिग लड़के को घेरकर बुरी तरह से पीट रही है।पीड़ित नावालिग  लड़का रोते हुए बार-बार कह रहा है कि वह अभी पढ़ाई करना चाहता है और शादी नहीं करेगा। वह भीड़ से हाथ जोड़कर विनती करता रहा कि अभी उनकी पढ़ने की उम्र है और वह पहले अपना करियर बनाना चाहता है।लेकिन उन्मादी भीड़ के आगे उस मासूम किशोर की  एक भी नहीं चली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भीड़ लगातार उसे पीटती रही और आखिरकार मंदिर परिसर में दोनों की जबरन शादी करा दी गई।इससे भी  हैरान करने वाली बात यह है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस नाबालिग को भीड़ के चंगुल से मुक्त कराने में नाकाम रही। परिजनों का आरोप है कि करीब 22 घंटे तक लड़का लड़की पक्ष व भीड़  के लोगों के कब्जे में रहा, लेकिन पुलिस ने उसे छुड़ाने के लिए कोई गंभीर पहल करना तो दूर बल्कि झकना तक मुनासिब  नहीं समझा ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260313-wa0027.jpg" alt="IMG-20260313-WA0027" width="478" height="850"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मारपीट से टूटे किशोर ने अपनी जीवनलीला समाप्त की भी कि कोशिश</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्मादी भीड़ की बेइंतहा  मारपीट और दबाव से परेशान होकर नाबालिग पूरी तरह टूट गया था। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान उसने कई बार खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और अपना गला दबा अपनी जीवनलीला खत्म करने का भी असफल प्रयास किया। वह बार-बार रोते हुए कहता रहा कि उसे छोड़ दिया जाए और वह पढ़ाई करना चाहता है।लेकिन भीड़ ने उसकी एक भी नहीं सुनी। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे और कुछ लोग उसे पीटते रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260313-wa0018.jpg" alt="IMG-20260313-WA0018" width="478" height="850"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आखिरकार दबाव बनाकर मंदिर में ही करा दी गई दोनों की शादी </strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कहा जा रहा है कि करीब आठ माह पहले इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती का यह अंजाम होगा शायद इसकी कल्पना दोनो नावालिग ने नही की थी,बुधवार को प्रेमिका ने लड़के को शाम में मंदिर में मिलने बुलाया था मिली जानकारी के अनुसार चरने तमुआ निवासी सुधीर यादव के पुत्र प्रिंस कुमार की करीब सात-आठ महीने पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से पास के गांव की एक लड़की से दोस्ती हुई थी।दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत होती थी। बताया जाता है कि बुधवार की शाम लड़की ने युवक को गोचर भतनी टोला स्थित एक मंदिर में मिलने के लिए बुलाया था।जब दोनों मंदिर के पास मिले तो गांव के कुछ युवकों की नजर उन पर पड़ गई। इसके बाद देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में परिजन व ग्रामीण जुट गए और माहौल काफी  तनावपूर्ण हो गया। भीड़  ने लड़के को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद भीड़ ने पंचायत जैसी स्थिति बनाकर दोनों की जबरन शादी करा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डायल 112 पहुंची, लेकिन भीड़ के आगे बेबस लौटी पुलिस</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसा नहीं है कि पुलिस को इस शर्मनाक घटना की जानकारी नहीं मिली ।घटना की जानकारी मिलते ही लड़के के परिजनों ने डायल 112, स्थानीय थाना और वरीय अधिकारियों को मोबाइल से  सूचना दी और लड़के को भीड़ से छुड़ाने कीखूब  चिरौरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के रौद्र रूप के कारण पुलिस की एक नहीं चली। बताया जाता है कि भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी की, जिसके बाद टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। लेकिन पुलिस का नपुंसकी चेहरा तब सामने आया जब डायल 112 के बैरंग वापस लौटने के बाद स्थानीय थाने के थानाध्यक्ष युगल किशोर ने  नाबालिग को मुक्त कराने के लिए दोबारा कोई ठोस पहल  नहीं की,और नावालिग को जानलेंने पर आमादा भीड़ के रहमोकरम पर ही छोड़ दिया। जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>22 घंटे तक बंधक बना रहा</strong></h4>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लड़के के परिजनों का आरोप है कि उनका नाबालिग पुत्र करीब 22 घंटे तक लड़की पक्ष और भीड़ के कब्जे में रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों का कहना है कि उन्होंने लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। यहाँ तक की परिजनों ने  चार नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस रात भर कार्यबाही का आश्वासन देकर लम्बी चादर ओढ़ सोती रही  ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दहशत में परिजन , अनहोनी की आशंका</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना के बाद लड़के का परिवार पूरी तरह दहशत में है।</div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें डर सता रहा था  कि कहीं उनके बेटे के साथ कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उसी मंदिर में रात में हो गई 18 लाख के आभूषण की चोरी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस मंदिर में शाम को यह सनसनीखेज घटना हुई, उसी मंदिर में देर रात चोरों ने धावा बोल दिया। और  मंदिर से करीब 18 लाख रुपये से अधिक के आभूषण चुरा लिए। गुरुवार को चोरी की इस बड़ी वारदात की जानकारी मिलने के बाद जिले के पुलिस कप्तान, एसडीपीओ और थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मंदिर में हुई चोरी की घटना की जांच कर अपनी सम्वेदनशीलता का छाप छोड़ने की पुरजोर कोशिश की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>एसपी से छिपाई गई उक्त  की बड़ी घटना</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब पुलिस कप्तान  मंदिर में चोरी की घटना की जांच करने के लिए गुरुवार की सुबह  पहुंचे, तब स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शाम  में हुई इतनी बड़ी घटना—नाबालिग की पिटाई, जबरन शादी और बंधक बनाए जाने की जानकारी तक देना मुनासिब नहीं समझा । और हुजूर आला को चोरी की घटना दिखाकर बिदा कर दिए इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना को आखिर स्थानीय पुलिस ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी से क्यों छिपाया। क्या किसी की लापरवाही को बचाने के लिए मामले को दबाने की कोशिश की गई? या उन्होंने इसे बताना  फालतू समझा। इतना ही नहीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी जानकारी मिल गई थी लेकिन वे भी आश्वासन ही देते रहे।मुख्यालय में मौजूद रहने के बाद भी स्थल पर जाने या बच्चे को भीड़ के चंगुल से बचाने की पहल नही की</div>
<div style="text-align:justify;">अलबत्ता 22 घण्टे बाद हरकत में आई पुलिस ने दावा किया कि लड़के को बरामद कर लिया गया है।लेकिन युबक को कहां महफूज रखा गया है यह बताने से परहेज कर रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> जिससे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है।</div>
<div style="text-align:justify;"> घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">लोगों का कहना है कि अगर भीड़ के सामने कानून इतना कमजोर दिखेगा तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">""""""""</div>
<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"> उठी  निष्पक्ष जांच  दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और थानाध्यक्ष को हटाने की मांग </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्यवाही के साथ साथ राजेश्वरी थाना के कायर थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबित करने की माँग की है ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटना की पूर्णवरीति नही हो सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में एसडीपीओ विभाष कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।वही एसपी एस शरथ ने कहा कि पुलिस मामले की जाँच कर रही हैं, दोषी बख्शे नही जाएंगे ।</div>
</blockquote>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 20:49:41 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>प्राच्य-साहित्य के महान अध्येता और साहित्य-ऋषि थे राम नारायण शास्त्री : प्रेम कुमार </title>
                                    <description><![CDATA[मेधावी छात्रा साक्षी कुमारी को दिया गया 'ईश्वरी देवी मेधा सम्मान'।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167224/ram-narayan-shastri-prem-kumar-was-a-great-scholar-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260124-wa0227.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जितेंद्र कुमार "राजेश" ( बिहार)</strong></p>
<p><br />पटना, २४ जनवरी। संस्कृत और प्राच्य-साहित्य के महान अध्येता और ऋषि-तुल्य साहित्य-साधक थे पं राम नारायण शास्त्री। वे एक महान हिन्दी सेवी ही नहीं एक महान चिंतक भी थे। उनके तपस्वी जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है। उनकी पत्नी ईश्वरी देवी भी वेदों का ज्ञान रखने वाली विदुषी और गणितज्ञ थी। साहित्य, समाज और राजनीति की सेवा भी उन्होंने देश-सेवा के रूप में की। उनकी सरलता और विनम्रता अनुकरणीय थी। </p>
<p>यह बातें शनिवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में, पं राम नारायण शास्त्री स्मारक न्यास के तत्त्वावधान में आयोजित स्मृति-सह-सम्मान समारोह का उद्घाटन करते हुए, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कही। इस अवसर पर उन्होंने सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं विचारक राम कुमार एवं वरिष्ठ पत्रकार राकेश प्रवीर को 'अक्षर-पुरुष पं राम नारायण शास्त्री स्मृति सम्मान' से अलंकृत किया । उन्होंने माध्यमिक बोर्ड की परीक्षा-२०२५ में उच्चतम अंक प्राप्त करने वाली, जे पी एन एस उच्च विद्यालय, नरहन, समस्तीपुर की छात्रा साक्षी कुमारी को, 'ईश्वरी देवी सर्वश्रेष्ठ गणितज्ञ छात्रा पुरस्कार' से पुरस्कृत किया। पुरस्कार स्वरूप उसे २५५१ रु की राशि भी प्रदान की गयी।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img-20260124-wa0228.jpg" alt="IMG-20260124-WA0228" width="898" height="598"></img></p>
<p>पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि शास्त्री जी की विद्वता और विनम्रता सबको अपनी ओर खींचती थी। मानव शरीर में वे देवता थे। उनके ज्ञान से समाज सदा लाभान्वित होता रहा है।</p>
<p>समारोह के मुख्य अतिथि और बिहार विधान परिषद के उप सभापति डा राम वचन राय ने पं शास्त्री को नमन करते हुए कहा कि शास्त्री जी को १९६१ से जानता रहा हूँ, जब वे राष्ट्रभाषा परिषद में सेवा दे रहे थे।। वे पक्के आर्यसमाजी और ओजस्वी वक्ता थे। वे सनातन और अधुनातन के संयोग थे। उनके विचारों में दर्शन भी है और नूतन चिंतन भी। </p>
<p>झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि रंजन ने कहा कि शास्त्री जी ने शास्त्रों का गहन अध्ययन किया और उसका सदुपयोग समाज की सेवा के लिए किया। वे ज्ञान के दीप-स्तम्भ थे, जिनसे आने वाली पीढ़ियाँ प्रकाश पाती रहेंगी।</p>
<p>सभा की अध्यता करते हुए, सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा कि शास्त्री जी एक प्रणम्य साहित्यिक साधु-पुरुष थे। प्राच्य साहित्य के लिए किए गए उनके कार्य साहित्य-जगत में उन्हें अमरत्व प्रदान करते हैं। प्राच्य-साहित्य की दुर्लभ पोथियों और पांडुलिपियों का अन्वेषण, अनुशीलन और सूचीकरण कर उन्होंने हिन्दी साहित्य को एक बड़ा धरोहर दिया। इसके लिए शास्त्री जी सदैव श्रद्धा-पूर्वक स्मरण किए जाते रहेंगे। साहित्य सम्मेलन के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने सम्मेलन की भी मूल्यवान सेवा की। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी एक ऐसे विरल महात्मा पुरुष हुए, जिनका अवतरण और लोकांतरण एक ही दिन, २४ जनवरी को हुआ। ऐसा सुयोग ईश्वरीय कृपा-प्राप्त विभूतियों के जीवन में ही घटित होता है। यह भी कितना सुंदर योग है कि उनकी पत्नी का नाम भी ईश्वरी देवी था और उनका भी तिरोधान २४ जनवरी को ही हुआ।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img-20260124-wa0226.jpg" alt="IMG-20260124-WA0226" width="916" height="610"></img></p>
<p>पं शास्त्री के पुत्र और न्यास के प्रमुख न्यासी अभिजीत कश्यप ने न्यास की गतिविधियों के संबंध में अपना प्रतिवेदन पढ़ा तथा सबके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। अतिथियों का स्वागत न्यास के अध्यक्ष प्रो रमेश चंद्र सिंहा ने तथा धन्यवाद ज्ञापन पंकज कुमार ने किया। मंच का संचालन वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कांत ओझा तथा गौरव सुंदरम ने संयुक्त रूप से किया।</p>
<p>इस अवसर पर,पटना विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो के सी सिन्हा, सम्मेलन की उपाध्यक्ष डा मधु वर्मा, डा रत्नेश्वर सिंह, कुमार अनुपम, पारिजात सौरभ, डा मेहता नगेंद्र सिंह, प्रो आर आर सहाय, डा नागेश्वर शर्मा, विभारानी श्रीवास्तव, इंदु भूषण सहाय, डा मनोज कुमार समेत बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 21:32:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डीएम-एसपी ने लिया जिले के पूजा पंडालों का जायजा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुपौल ब्यूरो</p>
<p>दुर्गा पूजा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सजग सक्रिय हैं।  शुक्रवार की देर शाम जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक एस एस शरथ  ने शहर के कई पूजा पंडालों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पंडालों की सुरक्षा, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने  श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम सावन कुमार  ने कहा कि पंडाल परिसर में स्वच्छता, पर्याप्त रोशनी, अग्निशमन यंत्र और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img_20250928_184631.jpg" alt="IMG_20250928_184631" width="942" height="530" /></p>
<p>एसपी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156194/dm-sp-took-stock-of-the-puja-pandals-of-the-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img_20250928_184624.jpg" alt=""></a><br /><p>सुपौल ब्यूरो</p>
<p>दुर्गा पूजा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सजग सक्रिय हैं।  शुक्रवार की देर शाम जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक एस एस शरथ  ने शहर के कई पूजा पंडालों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पंडालों की सुरक्षा, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने  श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम सावन कुमार  ने कहा कि पंडाल परिसर में स्वच्छता, पर्याप्त रोशनी, अग्निशमन यंत्र और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img_20250928_184631.jpg" alt="IMG_20250928_184631" width="942" height="530"></img></p>
<p>एसपी एस एस शरथ ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि भीड़भाड़ वाले इलाकों और पंडालों के आसपास संदिग्ध लोगों व गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए। उन्होंने बताया कि पंडालों में शांति समिति के सदस्य और पुलिस बल संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे। साथ ही संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की जा रही है।</p>
<p><br /> उन्होंने लोगों से अपील की कि पूजा के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। </p>
<p>दोनों अधिकारियों ने कहा कि दुर्गा पूजा शांति, श्रद्धा और भाईचारे का पर्व है। प्रशासन पूरी तरह से सजग और मुस्तैद है ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय या असुविधा के उत्सव का आनंद ले सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 20:48:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो मवेशी चोर को  पिकअप व गाय सहित ग्रामीणों ने दबोचा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल ब्यूरो</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में मवेशी चोरी की बढ़ रही  घटनाओं से  पशुपालकों की परेशान है। आए दिन हो रही चोरियों से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूरहैं। ताजा मामला शुक्रवार की देर रात नगर परिषद से  लक्ष्मीनियाँ वार्ड नंबर 11 का है, जहां चार चोर मवेशी चोरी करने गए थे। </p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित किसान छोटू राय ने बताया कि देररात मे बकरी की  मिमियाना सुनकर वे बाहर निकले। देखा कि घर के बाहर एक पिकअप वाहन खड़ा है, जिसमें दो व्यक्ति मौजूद थे, जबकि दो अन्य उनकी गाय को गोहाल से निकालकर गाड़ी पर लादने की कोशिश कर रहे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156191/villagers-arrested-two-cattle-thief-including-pickup-and-cow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250928-wa0139.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल ब्यूरो</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में मवेशी चोरी की बढ़ रही  घटनाओं से  पशुपालकों की परेशान है। आए दिन हो रही चोरियों से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूरहैं। ताजा मामला शुक्रवार की देर रात नगर परिषद से  लक्ष्मीनियाँ वार्ड नंबर 11 का है, जहां चार चोर मवेशी चोरी करने गए थे। </p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित किसान छोटू राय ने बताया कि देररात मे बकरी की  मिमियाना सुनकर वे बाहर निकले। देखा कि घर के बाहर एक पिकअप वाहन खड़ा है, जिसमें दो व्यक्ति मौजूद थे, जबकि दो अन्य उनकी गाय को गोहाल से निकालकर गाड़ी पर लादने की कोशिश कर रहे थे। शोर मचाने पर ग्रामीण जुट गए और भाग रहे  चोरों का पीछा करना शुरू किया।लेकिन अंधेरे का लाभ उठाकर दो चोर भागने में सफल रहे, जबकि दो को ग्रामीणों ने खदेड़ कर  पिकअप औरएक अन्य  चोरी की  गाय के साथ पकड़कर लिया और  पुलिस को सौंप दिया।<br />पकड़ाए  चोरों की पहचानपिपरा थाना क्षेत्र के  ठाढ़ी भवानीपुर निवासी अर्जुन कुमार यादव और त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के हरिहरपट्टी निवासी मोहम्मद मेहरबान खान के रूप में हुई है। वहीं फरार आरोपियों की पहचान मोहम्मद फुलकान खान (हरिहरपट्टी) और दिलखुश कुमार (ठाढ़ी भवानीपुर) के रूप में की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">छोटू राय ने कहा  कि कुछ दिन पूर्व उनके गोहाल से तीन बकरियां और तीन खस्सी चोरी हो गए थे। उन्हें शक है कि इस घटना के पीछे भी यही गिरोह शामिल था। ग्रामीणों ने पकड़े गए पिकअप वाहन की नंबर प्लेट घिसी हुई पाई, वहीं वाहन पर  एक अन्य गाय पहले से लदा हुआ मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार दोनों चोरों को पिकअप वाहन और गाय सहित लाया गया है उन्हें  न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जबकि, फरार दोनों चोर  की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 20:47:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल में किताब के साथ अनुमंडल कार्यालय पहुँचे स्कूली बच्चे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>पटना ,बिहार ब्यूरो</strong></p>
<p style="text-align:justify;">एक तरफ हम 21 सदी में भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए प्रयासरत है ,वही बिहार के सुपौल जिले से दिल को झकझोरने वाली खबर आ रही है, जो निःसंदेह सभ्य समाज के मुंह पर तमाचा है।ताजा घटना क्रम में सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड  9 स्थित प्राथमिक विद्यालय बघलासे जुड़ा हुआ है। जहां  मंगलवार को चौंकाने वाला मामला सामने आया हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां दर्जनों बच्चों ने आरोप लगाया कि प्रभारी एचएम मैडम  उन्हें न सिर्फ मिड-डे मील से वंचित किया, बल्कि जातिसूचक शब्द कहकर स्कूल से बाहर भगा दिया।अभिभावकों के साथ अनुमंडल कार्यालय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155748/school-children-reached-the-subdivision-office-with-a-book-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250923-wa0203.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटना ,बिहार ब्यूरो</strong></p>
<p style="text-align:justify;">एक तरफ हम 21 सदी में भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए प्रयासरत है ,वही बिहार के सुपौल जिले से दिल को झकझोरने वाली खबर आ रही है, जो निःसंदेह सभ्य समाज के मुंह पर तमाचा है।ताजा घटना क्रम में सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड  9 स्थित प्राथमिक विद्यालय बघलासे जुड़ा हुआ है। जहां  मंगलवार को चौंकाने वाला मामला सामने आया हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां दर्जनों बच्चों ने आरोप लगाया कि प्रभारी एचएम मैडम  उन्हें न सिर्फ मिड-डे मील से वंचित किया, बल्कि जातिसूचक शब्द कहकर स्कूल से बाहर भगा दिया।अभिभावकों के साथ अनुमंडल कार्यालय पहुँचे दर्जनों  छात्र-छात्राओं ने रोते-बिलखते बताया कि जब दोपहर में खाना परोसा जा रहा था तभी प्रभारी हेडमेडम ने उनकी थालियाँ छीन लीं औरजातिसूचक शब्द प्रयोग करते हुए कहा कि ( जातिसूचक शब्द ) को यहां नहीं देंगे खाने, जाओ अपने मां-बाप के पास।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बादसभी  बच्चे अपने अपने  घर पहुँचे और परिजनों को  आपबीती सुनाई। इसके बाद अभिभावक भड़क उठे और स्कूलपहुँच  में हंगामा करने लगे। हालात बिगड़ते देख हेडमेडम बच्चों को समझाने बाहर आईं, लेकिन माहौल गरम हो चुका था।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img-20250923-wa0204.jpg" alt="IMG-20250923-WA0204" width="791" height="365"></img></p>
<p style="text-align:justify;">अभिभावक अपने बच्चों को किताब-बस्ता के साथ सीधे अनुमंडल कार्यालय ले आए। एसडीएम के बाहर  रहने पर सभी बच्चे उनके कक्ष के बाहर बरामदे में बैठकर जोर जोर से  पढ़ाई करने लगे। इस दौरान आक्रोशित अभिभावक सवाल कर रहे थे कि आखिर उनके बच्चों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है?</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, प्रभारी एचएम सहरूल निशा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि— “सिर्फ चार बच्चों ने खाना नहीं खाया, वही हंगामा कर रहे हैं। बाकी सभी बच्चों ने मिड-डे मील खाया है।,कुछ लोग साजिशन नेतागिरी कर प्रायोजित हंगामा कर रहे हैं।मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या21 वी सदी में भी  शिक्षा के मंदिर में मासूमों को भी जाति और भेदभाव का दंश झेलना पड़ेगा?अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, बाबजूद बच्चे घर जाने को तैयार नहीं थे।</p>
<p style="text-align:justify;">डीसीएलआर संस्कार रंजन ने बताया कि आवेदन लिया गया है, एसडीएम मीटिंग में हैं, लौटने के बाद कार्रवाई की जाएगी।वहीं एसडीएम अभिषेक कुमार ने कहा कि एक आवेदन प्राप्त हुआ है। इसे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को जांच के लिए दिया गया है। जांचोपरांत दोषी पाए जाने पर कार्रवाई तय है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img-20250923-wa0202.jpg" alt="IMG-20250923-WA0202" width="840" height="388"></img><br /><br /></p>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>सुलगते सवाल</strong></p>
<p style="text-align:justify;">::"मिड-डे मील से वंचित मासूम, जातिसूचक शब्द कह स्कूल से भगाना उचित है<br />:: किताब-बस्ता लेकर  बच्चेको  बरामदे में बैठकर पढ़ाई कैसे करनी पड़ी।<br />::क्या दलित होना गुनाह है? बच्चों और अभिभावकों के आरोप में कितनी सच्चाई है? <br />:: "मिड-डे मील विवाद: बच्चों ने सुनाई आपबीती, मिला सिर्फ जांच का आश्वासन</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/155748/school-children-reached-the-subdivision-office-with-a-book-in</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 19:45:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंधेर नगरी चौपट राजा ,टके सेर भाजी ,टके सेर खाजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पटना ,बिहार ब्यूरो</strong></p>
<p>बिहार के सुपौल जिले के अनुमंडल मुख्यालय  त्रिवेणीगंज के स्वास्थ्य सेवा की हकीकत जानकर आप चौंक जाएंगे। जहां  त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में घायल और गंभीर मरीजों का इलाज डॉक्टर द्वारा नहीं करने  बल्कि एम्बुलेंस एएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) रंजीत कुमार मजे से गंभीर रोगी का ईलाज कर रहे हैं।यह  महज़ मरहम-पट्टी तक ही नहीं, बल्कि मरीजों की सिलाई से लेकर महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन तक एएमटी के भरोसे हो रहा है। यह नजारा न केवल सरकारी दावों की पोल खोलता है, बल्कि मरीजों की जिंदगी से कर  रहे खतरनाक खिलवाड़ को भी सामने लाता है।</p>
<h4><strong>सरकार के</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155470/andher-nagari-chaupat-raja-tke-ser-bhaji-tke-ser-khaja"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/त्रिवेणीगंज-में-डॉक्टर-के-बदले-,-एम्बुलेंस-एएमटी-कर-रहे-मरीजों-का-इलाज.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पटना ,बिहार ब्यूरो</strong></p>
<p>बिहार के सुपौल जिले के अनुमंडल मुख्यालय  त्रिवेणीगंज के स्वास्थ्य सेवा की हकीकत जानकर आप चौंक जाएंगे। जहां  त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में घायल और गंभीर मरीजों का इलाज डॉक्टर द्वारा नहीं करने  बल्कि एम्बुलेंस एएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) रंजीत कुमार मजे से गंभीर रोगी का ईलाज कर रहे हैं।यह  महज़ मरहम-पट्टी तक ही नहीं, बल्कि मरीजों की सिलाई से लेकर महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन तक एएमटी के भरोसे हो रहा है। यह नजारा न केवल सरकारी दावों की पोल खोलता है, बल्कि मरीजों की जिंदगी से कर  रहे खतरनाक खिलवाड़ को भी सामने लाता है।</p>
<h4><strong>सरकार के दावे बनाम</strong></h4>
<p>काली है अस्पताल की हकीकत एक ओर सरकार  स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए करोड़ों की योजनाओं की बात कहती है। लेकिन  हकीकत यह है कि त्रिवेणीगंज अस्पताल का  ऑपरेशन थियेटर डॉक्टरों से खाली लेकिन एएमटी से गुलजार रहता है।</p>
<h4><strong>सालो  से चल रहा है गोरखधंधा</strong></h4>
<p>लोगो का कहना है कि  इस अस्पताल के लिए यह कोई नई बात नहीं है। वर्षों से यहां बंध्याकरण सहित अन्य छोटे-बड़े ऑपरेशन एएमटी के भरोसे ही होते आ रहे हैं।स्थानीय लोग बताते हैं कि पहले मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को नियमित रूप से बंध्याकरण ऑपरेशन हुआ करते थे। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में एएमटी और सफाईकर्मी तक ऑपरेशन थियेटर संभालते रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी और मिलीभगत से यह “खेल” लंबे समय से जारी है।</p>
<h4><strong>मरीजों की जिंदगी दांव पर</strong></h4>
<p>सबसे चिंताजनक स्थिति महिला मरीजों की है। बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद कई महिलाएं गंभीर परेशानी का शिकार हुईं। जटिलताएं बढ़ने पर इलाज के लिए उन्हें दूसरे अस्पतालों का चक्कर लगाना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कियह न सिर्फ महिलाओं की सेहत, बल्कि उनकी इज्जत के साथ भी खिलवाड़ है।बड़ा सवाल यह है कि आखिर इसके लिए  जिम्मेदार कौन है ?आश्चर्य जनक तथ्य यह है कि जब  प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद नहीं रहते, तो एएमटी को ऑपरेशन थियेटर में घुसने की इजाजत आखिर कौन देता है?</p>
<p>क्या अस्पताल प्रशासन को इसकी खबर नहीं है या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंख मूंदे हुए हैं?स्पष्ट है कि यह मामला सीधे-सीधे लापरवाही और उच्चस्तरीय संरक्षण की ओर इशारा करता है। मामले का खुलासा होनेपर , सिविल सर्जन ललन ठाकुर ने गजब का तर्क देते हुए कहा कि यह कोई बड़ा मामला नहीं है। इमरजेंसी में एएमटी इलाज कर सकते हैं। वे ट्रेंड होते हैं, तभी एम्बुलेंस में रखे जाते हैं।</p>
<h4><strong>करोड़ों की योजनाओं पर सवालिया निशान</strong></h4>
<p>यह मामला सिर्फ त्रिवेणीगंज अस्पताल का नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की सच्चाई उजागर करता है।सरकारी योजनाओं और घोषणाओं के बावजूद, मरीजों की जान गैर-डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दी जा रही है। अब देखना है कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होती है या मामला सिर्फ कागजों में दफन होकर रह जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Sep 2025 16:06:45 +0530</pubDate>
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                <title>आरएसएस शताब्दी वर्ष पर कार्यक्रम की तैयारी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>त्रिवेणीगंज</p>
<p>श्री हिन्द सरस्वती सार्वजनिक  पुस्तकालय  में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों  की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला कार्यवाह लल्लू प्रसाद लाल ने की, जबकि संचालन जिला संघ संचालक लक्ष्मी नारायण ठडिया ने किया।</p>
<p>बैठक में मुख्य रूप से दुर्गा पूजा में संघ के सो साल पूरा होने पर आयोजित होने वाले संघ के शताव्दी बर्ष  कार्यक्रम की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई।<br />  वक्ताओं ने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष ऐतिहासिक अवसर है, जिसे समाज के हर वर्ग की भागीदारी से यादगार बनाया जाएगा।मुजफरपुर में 3 लाख से अधिक स्वयंसेवक जुटने की</p>
<p>जिला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154269/preparations-for-the-program-on-rss-centenary-year-intensified"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250831-wa0261.jpg" alt=""></a><br /><p>त्रिवेणीगंज</p>
<p>श्री हिन्द सरस्वती सार्वजनिक  पुस्तकालय  में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों  की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला कार्यवाह लल्लू प्रसाद लाल ने की, जबकि संचालन जिला संघ संचालक लक्ष्मी नारायण ठडिया ने किया।</p>
<p>बैठक में मुख्य रूप से दुर्गा पूजा में संघ के सो साल पूरा होने पर आयोजित होने वाले संघ के शताव्दी बर्ष  कार्यक्रम की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई।<br /> वक्ताओं ने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष ऐतिहासिक अवसर है, जिसे समाज के हर वर्ग की भागीदारी से यादगार बनाया जाएगा।मुजफरपुर में 3 लाख से अधिक स्वयंसेवक जुटने की उम्मीद है। इस दौरान कई प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करना, सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और युवाओं को जोड़ने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।</p>
<p>जिला कार्यवाह लल्लू प्रसाद लाल ने कहा कि शताब्दी वर्ष का आयोजन संघ के गौरवपूर्ण इतिहास और समाज सेवा की परंपरा को नई दिशा देगा। वहीं जिला संघ संचालक लक्ष्मी नारायण ठडिया ने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हर स्वयंसेवक को जिम्मेदारी निभानी होगी।</p>
<p>बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे तन-मन-धन से कार्यक्रम की तैयारी में जुटेंगे और इसे ऐतिहासिक बनाएंगे। बैठक में बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए और सभी ने अपने अपने सुझाव दिए।<br />बेठक में पूर्व प्रमुख,छोटेलाल यादव,मनीष अग्रवाल , डॉ प्रकाश ,सत्यम कुणाल , दीपक चोखानी, सज्जन केजरीवाल , रोशन कुमार, मौसम सोना ,रवि चोखानी, मयंक अग्रवाल, रमेश केजरीवाल,पिंकू यादव  आदि मौजूद थे।<br />फोटोकेप्शन,</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 21:58:26 +0530</pubDate>
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                <title>खोदा पहाड़ निकली चुहिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पटना बिहार ब्यूरो </p>
<p style="text-align:justify;">जन स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए अगर ईमानदारी से कार्यबाही हो तो बहवाही होती है लेकिन जब किसी को टारगेट कर कार्यबाही  की जाती है तो यह प्रसासन की निष्पक्ष कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा होता है। ऐसा ही एक वाक्या गुरुवार को देखने मिला जब  फेक वेव खवर और दवाव में  सिविल सर्जन सुपौल के आदेश पर अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित दृष्टी फार्मा नामक दवा दुकान की गहन जांच की गई। तीन सदस्यीय जांच टीम ने फार्मेसी की समग्र व्यवस्थाओं की सूक्ष्मता से समीक्षा की।लेकिन इसी परिसर के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154166/dug-mountain-came-out"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250828-wa0216.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पटना बिहार ब्यूरो </p>
<p style="text-align:justify;">जन स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए अगर ईमानदारी से कार्यबाही हो तो बहवाही होती है लेकिन जब किसी को टारगेट कर कार्यबाही  की जाती है तो यह प्रसासन की निष्पक्ष कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा होता है। ऐसा ही एक वाक्या गुरुवार को देखने मिला जब  फेक वेव खवर और दवाव में  सिविल सर्जन सुपौल के आदेश पर अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित दृष्टी फार्मा नामक दवा दुकान की गहन जांच की गई। तीन सदस्यीय जांच टीम ने फार्मेसी की समग्र व्यवस्थाओं की सूक्ष्मता से समीक्षा की।लेकिन इसी परिसर के अन्य दवा  दुकानों की तरफ झांका तक नहीं गया जो चर्चा का विषय बना हुआ है।और इसको लेकर तरह तरह की बात हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच टीम का नेतृत्व कर रहे औषधि निरीक्षक निर्भय कुमार गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई सिविल सर्जन के निर्देशानुसार की गई। टीम ने दुकान के स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री अभिलेख, बिलिंग सिस्टम सहित अन्य संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के क्रम में कुछ दवाओं के सैंपल भी संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच हेतु भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट शीघ्र सिविल सर्जन कार्यालय को समर्पित की जाएगी। कहा तो यहां तक जा रहा है कि टीम ने उंक्त दवा  दुकान में  कमी खोजने का जी तोड़ प्रयास किया।लेकिन आशातीत सफलता के बदले निराशा हाथ लगी। अंदर से मिल रही जानकारी के अनुसार एक डिजिटल पोर्टल के तथाकथित रिपोर्टर ने अपने हटाये जाने के खुनस में एक अखबार के सहयोगी से एक झूठी खवर छाप कर सिबिल सर्जन पर दवाव बनाकर जाँच पड़ताल करवाया, क्योंकि उंक्त दवा दुकानदार एक अखबार के रिपोर्टर का घनिष्ठ मित्र हैं।हालाँकि अपनी नाक बचाते हुए टीम का नेतृत्व कर रहे श्री गुप्ता ने आगे कहा कि, हमारा मुख्य उद्देश्य है कि अस्पताल परिसर सहित पूरे अनुमंडल में संचालित दवा दुकानों में पारदर्शिता बनी रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनुमंडल क्षेत्र में संचालित अन्य दवा दुकानों की भी चरणबद्ध जांच की जाएगी, जिससे जिले में औषधि व्यवसाय को सुव्यवस्थित और नियंत्रित किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि सूत्रों का कहना है कि दृष्टी फार्मा के विरुद्ध शिकायत किसी प्रतिद्वंद्वी व्यवसायी द्वारा निजी द्वेष के कारण की गई थी। बावजूद इसके, जांच टीम ने अपने स्तर पर निष्पक्षता से पूरी प्रक्रिया संपन्न की। फिलहाल, दुकान से कोई आपत्तिजनक वस्तु या अवैध दवा बरामद नहीं की गई है, जो दवा दुकान के संचालन में पारदर्शिता का संकेत देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि जांच टीम में औषधि निरीक्षक पूजा कुमारी और सरफराज आलम भी शामिल थे। तीनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जांच प्रक्रिया को गंभीरता से अंजाम दिया।जिसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 22:45:13 +0530</pubDate>
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