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                <title>swatantra prabhat  Supaul bihar news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>swatantra prabhat  Supaul bihar news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एलपीजी संकट से निपटने को जिला प्रशासन सक्रिय</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong><em>स्वतंत्र प्रभात | बिहार के सुपौल से संवाददाता की रिपोर्ट</em></strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong><em>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</em></strong></div>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल।</strong> जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की कमी को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों के माध्यम से कुकिंग कोयले की आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस संबंध में सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को आवश्यकता का आकलन कर आवंटन की मांग करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, बिहार राज्य खनन लिमिटेड द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177570/district-administration-active-to-deal-with-lpg-crisis"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260429-wa0174.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong><em>स्वतंत्र प्रभात | बिहार के सुपौल से संवाददाता की रिपोर्ट</em></strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong><em>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</em></strong></div>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल।</strong> जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की कमी को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों के माध्यम से कुकिंग कोयले की आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस संबंध में सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को आवश्यकता का आकलन कर आवंटन की मांग करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, बिहार राज्य खनन लिमिटेड द्वारा जिले में दो कोयला विक्रेताओं के चयन हेतु राज्य स्तर पर आम सूचना जारी की गई है।जिला प्रशासन द्वारा वैवाहिक कार्यक्रमों में उपयोग के लिए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति पहले से सुनिश्चित कराई जा रही थी, जिसे अब श्राद्ध, मुंडन, उपनयन एवं अन्य सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रमों तक विस्तारित कर दिया गया है। इसके लिए संबंधित रसोइयों एवं कैटरर्स को तेल कंपनियों के पास पंजीकरण कराना होगा, जो 5 से 7 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्तियों को आवश्यक सिलेंडरों की संख्या और अनुमानित लोगों की जानकारी के साथ अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा, जिसके आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी।सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पंपों पर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि ईंधन की कालाबाजारी या अवैध आपूर्ति पर रोक लगाई जा सके। छात्रों, युवा पेशेवरों और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो के गैस सिलेंडर बिना पते के प्रमाण के उपलब्ध कराए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260429-wa0176.jpg" alt="IMG-20260429-WA0176" width="542" height="305"></img><br />जिले में कुल 51 गैस एजेंसियों के पास लगभग 12,845 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि 6,213 अतिरिक्त सिलेंडर प्राप्त होने की संभावना है। बीते 28 अप्रैल को करीब 5,158 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। वर्तमान में 23,815 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस की आपूर्ति की जानी है। प्रतिदिन औसतन 5,960 उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। 51 में से 48 एजेंसियों पर गैस उपलब्ध है, जबकि शेष एजेंसियों पर शीघ्र आपूर्ति की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन द्वारा निगरानी अभियान भी तेज किया गया है। अब तक 14 गैस एजेंसियों एवं 23 होटलों/प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर एलपीजी के उपयोग की जांच की गई है। कालाबाजारी और घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग के आरोप में तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। अस्पतालों एवं सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। किसी भी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता 24×7 कॉमन इमरजेंसी नंबर 1906, इंडियन ऑयल (IOCL) के 1800-2333-555, भारत पेट्रोलियम (BPCL) के 1800-224344 तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। यहां प्राप्त सभी शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। पेट्रोल पंपों का भी औचक निरीक्षण जारी है और तेल कंपनियों के समन्वय से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 18:58:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>02 मई से 31 मई तक होगा मकान सूचीकरण, मोबाइल ऐप से होगी गणना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सुपौल।</strong></p>
<p>भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत जिले में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 02 मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा। इस कार्य में लगे प्रगणक एवं सुपरवाइजर प्रत्येक घर का आंकड़ा मोबाइल ऐप के माध्यम से एकत्र करेंगे।</p>
<p>प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र किए गए सभी आंकड़े गोपनीय रखे जाएंगे और नागरिकों से अपील की गई है कि वे सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं।</p>
<p>बताया गया है कि मकान सूचीकरण और गणना शुरू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176240/house-listing-will-be-done-from-2nd-may-to-31st"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img_20260415_191131.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सुपौल।</strong></p>
<p>भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत जिले में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 02 मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा। इस कार्य में लगे प्रगणक एवं सुपरवाइजर प्रत्येक घर का आंकड़ा मोबाइल ऐप के माध्यम से एकत्र करेंगे।</p>
<p>प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र किए गए सभी आंकड़े गोपनीय रखे जाएंगे और नागरिकों से अपील की गई है कि वे सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं।</p>
<p>बताया गया है कि मकान सूचीकरण और गणना शुरू होने से पूर्व आम नागरिकों की सुविधा के लिए स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की व्यवस्था की गई है, जो 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक संचालित रहेगी। इसके लिए नागरिक पोर्टल पर लॉगिन कर स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।</p>
<p>स्व-गणना प्रक्रिया में पोर्टल पर पंजीकरण, मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी सत्यापन, परिवार का विवरण दर्ज करना, स्थान की पहचान, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना, पूर्वावलोकन के बाद अंतिम सबमिट करना शामिल है। सफल पंजीकरण के बाद एक यूनिक आईडी (SE ID) जारी किया जाएगा, जिसका उपयोग आगे सत्यापन के लिए किया जाएगा।</p>
<p>प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे स्व-गणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें।</p>
<p><strong><em>रिपोर्टर: जितेंद्र कुमार राजेश, बिहार</em></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 23:14:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अग्निकांड व हीट वेव से निपटने की तैयारी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल।</strong> अग्निकांड एवं लू (हीट वेव) के संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को विभागीय एसओपी के अनुरूप आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान अग्निशमन, पीएचईडी, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत विभाग एवं नगर निकाय से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया। नगर निकाय क्षेत्रों में कार्यपालक पदाधिकारियों को आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए होर्डिंग-बैनर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने तथा विभिन्न स्थानों पर प्याऊ (पेयजल) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0216.jpg" alt="IMG-20260415-WA0216" width="1200" height="1200" /></p>
<p style="text-align:justify;">अग्निशमन विभाग को निर्देशित किया गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176218/preparations-intensified-to-deal-with-fire-and-heat-wave"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260415-wa0213.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल।</strong> अग्निकांड एवं लू (हीट वेव) के संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को विभागीय एसओपी के अनुरूप आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान अग्निशमन, पीएचईडी, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत विभाग एवं नगर निकाय से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया। नगर निकाय क्षेत्रों में कार्यपालक पदाधिकारियों को आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए होर्डिंग-बैनर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने तथा विभिन्न स्थानों पर प्याऊ (पेयजल) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0216.jpg" alt="IMG-20260415-WA0216" width="4080" height="2296"></img></p>
<p style="text-align:justify;">अग्निशमन विभाग को निर्देशित किया गया कि ब्लॉक स्तर पर ऐसे स्थान चिन्हित करें, जहां से किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अग्निकांड या अन्य आपदा से प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर अनुदान राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएचईडी के कार्यपालक पदाधिकारी को सभी चापाकलों की जांच कर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि कहीं भी पेयजल की कमी न हो। आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम (दूरभाष संख्या 06473-224005) सक्रिय कर दिया गया है, जिस पर आमजन संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. तारिक, प्रभारी पदाधिकारी (आपदा प्रबंधन) मुकेश कुमार, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी चंद्रभूषण कुमार सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:34:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संभावित बाढ़ 2026 को लेकर तैयारियों का जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल</strong>: संभावित बाढ़ 2026 की तैयारियों के मद्देनजर जिलाधिकारी सावन कुमार (भा.प्र.से.) ने बुधवार को पूर्वी कोशी तटबंध प्रमंडल, सुपौल के अंतर्गत विभिन्न स्थलों पर चल रहे बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का निरीक्षण किया।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के क्रम में डीएम ने किशनपुर प्रखंड के सुजानपुर गांव में संचालित ‘विलेज प्रोटेक्शन वर्क’ का जायजा लिया। इस दौरान कार्य में पाई गई कमियों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यपालक अभियंता को उन्हें शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0191.jpg" alt="IMG-20260415-WA0191" width="1200" height="1200" /></p>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने स्पर संख्या 64.95 किमी एवं 68.30 किमी पर चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176217/review-of-preparations-for-possible-flood-2026"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260415-wa0188.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल</strong>: संभावित बाढ़ 2026 की तैयारियों के मद्देनजर जिलाधिकारी सावन कुमार (भा.प्र.से.) ने बुधवार को पूर्वी कोशी तटबंध प्रमंडल, सुपौल के अंतर्गत विभिन्न स्थलों पर चल रहे बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का निरीक्षण किया।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के क्रम में डीएम ने किशनपुर प्रखंड के सुजानपुर गांव में संचालित ‘विलेज प्रोटेक्शन वर्क’ का जायजा लिया। इस दौरान कार्य में पाई गई कमियों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यपालक अभियंता को उन्हें शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0191.jpg" alt="IMG-20260415-WA0191" width="1600" height="1200"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने स्पर संख्या 64.95 किमी एवं 68.30 किमी पर चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान पूर्वी तटबंध प्रमंडल, सुपौल के कार्यपालक अभियंता सहित अन्य सहायक एवं कनीय अभियंता उपस्थित थे।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0182.jpg" alt="IMG-20260415-WA0182" width="4080" height="3060"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:32:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल में LPG, पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य; जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल, </strong>जिले में रसोई गैस (LPG), पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं एवं ईंधन की कोई कमी नहीं है और आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि वैवाहिक कार्यक्रमों में उपयोग के लिए वाणिज्यिक LPG गैस की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष आवेदन देकर, पंजीकृत रसोइये के माध्यम से वाणिज्यिक गैस प्राप्त की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुपौल नगर क्षेत्र में पाइपलाइन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176215/general-district-administration-fully-alert-on-supply-of-lpg-petrol"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260415-wa0174.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल, </strong>जिले में रसोई गैस (LPG), पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं एवं ईंधन की कोई कमी नहीं है और आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि वैवाहिक कार्यक्रमों में उपयोग के लिए वाणिज्यिक LPG गैस की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष आवेदन देकर, पंजीकृत रसोइये के माध्यम से वाणिज्यिक गैस प्राप्त की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुपौल नगर क्षेत्र में पाइपलाइन गैस (PNG) की सुविधा शुरू करने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है। भारत पेट्रोलियम (BPCL) द्वारा घर-घर तक गैस पाइपलाइन पहुंचाने के लिए भूमि चिन्हित करने का कार्य अंतिम चरण में है। कार्य शुरू होने के बाद LPG सिलेंडर की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ई-केवाईसी की प्रक्रिया को भी आसान बना दिया गया है। अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी जाने की आवश्यकता नहीं है। इंडियन ऑयल (इंडेन) के उपभोक्ता “Indianoil One” ऐप, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) के उपभोक्ता “HP Pay” ऐप तथा भारत गैस के उपभोक्ता “Hello BPCL” ऐप के माध्यम से घर बैठे ई-केवाईसी कर सकते हैं।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0176.jpg" alt="IMG-20260415-WA0176" width="3264" height="1836"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जिले में वर्तमान में लगभग 10,879 LPG सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है, जबकि 1,710 अतिरिक्त सिलेंडर मिलने की संभावना है। 14 अप्रैल को 6,474 उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई। हालांकि अभी भी 24,059 उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर गैस की आपूर्ति की जानी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 49 पर LPG उपलब्ध है। शेष दो एजेंसियों—रहमानी भारत गैस एवं बजरंग भारत गैस—पर जल्द ही आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा अब तक 22 एजेंसियों का निरीक्षण किया गया है तथा 27 होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग की जांच की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पेट्रोल पंपों का भी औचक निरीक्षण जारी है। अब तक 5 पेट्रोल पंपों की जांच की जा चुकी है और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में LPG वितरण की निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या 06473-224005 है। 15 अप्रैल को नियंत्रण कक्ष में 3 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका समाधान कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग एवं कालाबाजारी के मामलों में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। आवश्यक वस्तुओं, LPG गैस एवं पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>( जितेन्द्र कुमार "राजेश</strong>" )</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:30:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को कर्ज लेने को मजबूर हैं अभिभावक  </title>
                                    <description><![CDATA[मनमानी कीमत पर मिलती हैं पुस्तक ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175821/parents-are-forced-to-take-loan-to-continue-their-childrens"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/स्वतंत्र-प्रभात11.jpg" alt=""></a><br /><p>बिहार में निजी स्कूलों की पढ़ाई अब पढ़ाई कम वयापार महज अब बनकर रह गई है जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026- 27 की शुरुआत हो चुकी हैं।इसके  साथ ही निजी स्कूलों में बच्चों को दी जाने वाली किताबों की कीमतों ने महँगाई की मार झेल रहे  अभिभावकों की कमर तोड़ दी है।निजी स्कूलों में कमोबेश  प्राइमरी कक्षा तक के किताब सेट चार हजार से अधिक, छठी से आठवीं कक्षा की किताबों का पूरा सेट करीब सात से आठ हजार रुपये में मिल रहा है, जबकि इसके आगे की कक्षाओं के लिए पूरा सेट 15 हजार पार कर जा रहा है।निजी स्कूलों की  शिक्षा अब जरूरत से ज्यादा महंगी होती जा रही है, जिससे खासकर मध्यम और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ रहा है। आश्चर्यजनक पहलू  यह है कि कक्षा छह में हिन्दी की एनसीईआरटी किताब की कीमत  मात्र 65 रुपये है, वहीं उसी विषय  की निजी प्रकाशकों किताब की कीमत लगभग छह सौ रुपए में लेनी पड़ रही  है। इसी तरह संस्कृत की एनसीईआरटी किताब 50 रुपये की है, लेकिन निजी प्रकाशकों की पुस्तक 400 रुपये में दी जा रही है। वही अंग्रेजी बिषय में 40 रुपये की किताब के साथ 550 से 700 रुपये तक की दूसरी किताब लेना अनिवार्य बना दिया गया है। इससे साफ है कि एक ही विषय में अभिभावकों को दो से तीन किताबें खरीदनी पड़ रही हैं। </p>
<p><strong>महँगी कीमत की हैं किताबें, लोगों का मासिक बजट बिगड़ा</strong></p>
<p>अभिभावक श्याम चंद्र यादव, रंजीत झा, सिमरन, डॉ इंद्रभूषण प्रसाद  व अन्य ने बताया कि जिले के अधिकांश निजी स्कूलों में किताबें स्कूल परिसर में ही बेची जा रही हैं। जिस स्कूल में अंदर में किताब बिकने की व्यवस्था नही है , वहां शहर में एक तय दुकान से ही किताब खरीदने की बाध्यता है।अभिभावकों द्वारा महज कक्षा बताने पर पूरा सेट दे दिया जाता है और निर्धारित कीमत चुकानी पड़ती है। बाहर से किताब क्या कॉपी तक  खरीदने का विकल्प लगभग समाप्त कर दिया गया है, जिससे कीमत की  प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई है और कीमतें मनमानी हो गई हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके घर में दो या तीन बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। कई घरों में खाने-पीने तक में कटौती करनी पड़ रही है ताकि बच्चों की पढ़ाई जारी रखी जा सके<br /><br /><strong>ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों में स्थिति चिंताजनक</strong></p>
<p>ग्रामीण और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों में स्थिति औरभी  गंभीर है। यहां महिलाएं स्वयं सहायता समूह, छोटे फाइनेंस संस्थानों या महाजनों से 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का कर्ज लेने को मजबूर हैं। कई परिवार ब्याज पर पैसा लेकर बच्चों का दाखिला करा रहे हैं। जिसका सूद मनमाना है। जिसका चुकता करना भारी पड़ेगा। अभिभावक दीपनारायण यादव,संतोष राय, मौसम कुमार, पंकज साह  ने बताया कि शिक्षा के नाम पर यह आर्थिक बोझ अब लोगों को कर्ज के जाल में फंसाता जा रहा है। अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो पढ़ाई का सपना कई परिवारों के लिए भारी संकट बन सकता हैं।<br /><br /><strong>किताबों की संख्या में वृद्धि</strong></p>
<p>मालूम हो कि कक्षा पांचवीं से सातवीं तक जहां छह विषयों की पढ़ाई होती है, वहां निजी स्कूलों द्वारा  15 से 18 किताबें खरीदवाई जा रही हैं। साइंस की किताब 155 रुपये की है, लेकिन उसके साथ लैब मैनुअल 490 से 600 रुपये तक में दी जा रही है। कम्प्यूटर की किताबें भी 500 से 600 रुपये के बीच बेची जा रही हैं। कुल मिलाकर एक बच्चे की पढ़ाई पर हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ अभिभावक पर पड़ रहा है।</p>
<p><strong>किताब ही स्कूल ड्रेस भी बना उगाही का बड़ा माध्यम</strong></p>
<p><br />जिले के निजी स्कूलों में किताब ही नहीं बल्कि स्कूली ड्रेस भी शोषण का बड़ा जरिया बन गई है स्कूल प्रबंधन हर साल नए लुक की ड्रेस डिजाइन करते हैं और अभिभावकों को मजबूरी में स्कूल में है ड्रेस खरीदना जरूरी हो जाता है करण सिलेक्टेड ड्रेस अन्य जगहों पर नहीं मिलती है आश्चर्यजनक बात है गर्मी के मौसम में ही सर्दी के स्वेटर और ब्लेजर भी अभिभावकों को लेना मजबूरी बन गया है एक मोटे अनुमान के तहत 1000  तक की ड्रेस के लिए 8 से 10000हजार रुपये  चुकाना पड़ता है।सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि अगले साल ड्रेस बदल जाती है।</p>
<p><strong>कहते हैं अधिकारी</strong></p>
<p>स्कूल फीस व अन्य मामले में मनमानी नहीं करें, इसकी जांच के लिए संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिये गए हैं<br /><strong>संग्राम सिंह  </strong>(<strong>जिला शिक्षा पदाधिकारी सुपौल</strong>)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:25:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>उन्मादी भीड़ का ‘तालिबानी फरमान’के सामने बेबस पुलिस,22 घंटे तक बना रहा बंधक,पुलिस रही खामोश </title>
                                    <description><![CDATA[रोता रहा किशोर— “अभी पढ़ना है”, लेकिन नहीं पसीजा किसी का दिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173224/police-helpless-in-front-of-talibani-decree-of-frenzied-mob"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260313-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बिहार ब्यूरो ,स्वतंत्र प्रभात ,पटना </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार के सुपौल जिले के त्रिबेनीगंज अनुमंडल क्षेत्र के राजेश्वरी थाना इलाके में बुधवार की शाम कानून और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई। उग्र अतिताई  भीड़ ने एक नाबालिग लड़के को पकड़कर न सिर्फ  उसकी मनभर  बेरहमी से पिटाई की बल्कि  दबाव बनाकर एक नाबालिग लड़की से जबरन शादी करा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस शर्मनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ साफ  दिखाई दे रहा है कि मोभ लॉन्चिंग पर उतारू  भीड़ एक नाबालिग लड़के को घेरकर बुरी तरह से पीट रही है।पीड़ित नावालिग  लड़का रोते हुए बार-बार कह रहा है कि वह अभी पढ़ाई करना चाहता है और शादी नहीं करेगा। वह भीड़ से हाथ जोड़कर विनती करता रहा कि अभी उनकी पढ़ने की उम्र है और वह पहले अपना करियर बनाना चाहता है।लेकिन उन्मादी भीड़ के आगे उस मासूम किशोर की  एक भी नहीं चली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भीड़ लगातार उसे पीटती रही और आखिरकार मंदिर परिसर में दोनों की जबरन शादी करा दी गई।इससे भी  हैरान करने वाली बात यह है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस नाबालिग को भीड़ के चंगुल से मुक्त कराने में नाकाम रही। परिजनों का आरोप है कि करीब 22 घंटे तक लड़का लड़की पक्ष व भीड़  के लोगों के कब्जे में रहा, लेकिन पुलिस ने उसे छुड़ाने के लिए कोई गंभीर पहल करना तो दूर बल्कि झकना तक मुनासिब  नहीं समझा ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260313-wa0027.jpg" alt="IMG-20260313-WA0027" width="478" height="850"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मारपीट से टूटे किशोर ने अपनी जीवनलीला समाप्त की भी कि कोशिश</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्मादी भीड़ की बेइंतहा  मारपीट और दबाव से परेशान होकर नाबालिग पूरी तरह टूट गया था। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान उसने कई बार खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और अपना गला दबा अपनी जीवनलीला खत्म करने का भी असफल प्रयास किया। वह बार-बार रोते हुए कहता रहा कि उसे छोड़ दिया जाए और वह पढ़ाई करना चाहता है।लेकिन भीड़ ने उसकी एक भी नहीं सुनी। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे और कुछ लोग उसे पीटते रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260313-wa0018.jpg" alt="IMG-20260313-WA0018" width="478" height="850"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आखिरकार दबाव बनाकर मंदिर में ही करा दी गई दोनों की शादी </strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कहा जा रहा है कि करीब आठ माह पहले इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती का यह अंजाम होगा शायद इसकी कल्पना दोनो नावालिग ने नही की थी,बुधवार को प्रेमिका ने लड़के को शाम में मंदिर में मिलने बुलाया था मिली जानकारी के अनुसार चरने तमुआ निवासी सुधीर यादव के पुत्र प्रिंस कुमार की करीब सात-आठ महीने पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से पास के गांव की एक लड़की से दोस्ती हुई थी।दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत होती थी। बताया जाता है कि बुधवार की शाम लड़की ने युवक को गोचर भतनी टोला स्थित एक मंदिर में मिलने के लिए बुलाया था।जब दोनों मंदिर के पास मिले तो गांव के कुछ युवकों की नजर उन पर पड़ गई। इसके बाद देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में परिजन व ग्रामीण जुट गए और माहौल काफी  तनावपूर्ण हो गया। भीड़  ने लड़के को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद भीड़ ने पंचायत जैसी स्थिति बनाकर दोनों की जबरन शादी करा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डायल 112 पहुंची, लेकिन भीड़ के आगे बेबस लौटी पुलिस</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसा नहीं है कि पुलिस को इस शर्मनाक घटना की जानकारी नहीं मिली ।घटना की जानकारी मिलते ही लड़के के परिजनों ने डायल 112, स्थानीय थाना और वरीय अधिकारियों को मोबाइल से  सूचना दी और लड़के को भीड़ से छुड़ाने कीखूब  चिरौरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के रौद्र रूप के कारण पुलिस की एक नहीं चली। बताया जाता है कि भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी की, जिसके बाद टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। लेकिन पुलिस का नपुंसकी चेहरा तब सामने आया जब डायल 112 के बैरंग वापस लौटने के बाद स्थानीय थाने के थानाध्यक्ष युगल किशोर ने  नाबालिग को मुक्त कराने के लिए दोबारा कोई ठोस पहल  नहीं की,और नावालिग को जानलेंने पर आमादा भीड़ के रहमोकरम पर ही छोड़ दिया। जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>22 घंटे तक बंधक बना रहा</strong></h4>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लड़के के परिजनों का आरोप है कि उनका नाबालिग पुत्र करीब 22 घंटे तक लड़की पक्ष और भीड़ के कब्जे में रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों का कहना है कि उन्होंने लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। यहाँ तक की परिजनों ने  चार नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस रात भर कार्यबाही का आश्वासन देकर लम्बी चादर ओढ़ सोती रही  ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दहशत में परिजन , अनहोनी की आशंका</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना के बाद लड़के का परिवार पूरी तरह दहशत में है।</div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें डर सता रहा था  कि कहीं उनके बेटे के साथ कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उसी मंदिर में रात में हो गई 18 लाख के आभूषण की चोरी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस मंदिर में शाम को यह सनसनीखेज घटना हुई, उसी मंदिर में देर रात चोरों ने धावा बोल दिया। और  मंदिर से करीब 18 लाख रुपये से अधिक के आभूषण चुरा लिए। गुरुवार को चोरी की इस बड़ी वारदात की जानकारी मिलने के बाद जिले के पुलिस कप्तान, एसडीपीओ और थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मंदिर में हुई चोरी की घटना की जांच कर अपनी सम्वेदनशीलता का छाप छोड़ने की पुरजोर कोशिश की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>एसपी से छिपाई गई उक्त  की बड़ी घटना</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब पुलिस कप्तान  मंदिर में चोरी की घटना की जांच करने के लिए गुरुवार की सुबह  पहुंचे, तब स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शाम  में हुई इतनी बड़ी घटना—नाबालिग की पिटाई, जबरन शादी और बंधक बनाए जाने की जानकारी तक देना मुनासिब नहीं समझा । और हुजूर आला को चोरी की घटना दिखाकर बिदा कर दिए इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना को आखिर स्थानीय पुलिस ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी से क्यों छिपाया। क्या किसी की लापरवाही को बचाने के लिए मामले को दबाने की कोशिश की गई? या उन्होंने इसे बताना  फालतू समझा। इतना ही नहीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी जानकारी मिल गई थी लेकिन वे भी आश्वासन ही देते रहे।मुख्यालय में मौजूद रहने के बाद भी स्थल पर जाने या बच्चे को भीड़ के चंगुल से बचाने की पहल नही की</div>
<div style="text-align:justify;">अलबत्ता 22 घण्टे बाद हरकत में आई पुलिस ने दावा किया कि लड़के को बरामद कर लिया गया है।लेकिन युबक को कहां महफूज रखा गया है यह बताने से परहेज कर रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> जिससे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है।</div>
<div style="text-align:justify;"> घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">लोगों का कहना है कि अगर भीड़ के सामने कानून इतना कमजोर दिखेगा तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">""""""""</div>
<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"> उठी  निष्पक्ष जांच  दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और थानाध्यक्ष को हटाने की मांग </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्यवाही के साथ साथ राजेश्वरी थाना के कायर थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबित करने की माँग की है ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटना की पूर्णवरीति नही हो सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में एसडीपीओ विभाष कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।वही एसपी एस शरथ ने कहा कि पुलिस मामले की जाँच कर रही हैं, दोषी बख्शे नही जाएंगे ।</div>
</blockquote>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173224/police-helpless-in-front-of-talibani-decree-of-frenzied-mob</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 20:49:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>त्रिवेणीगंज के बेंगा नदी में  में नाव हादसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बिहार, ब्यूरो - मनोज रोशन</p>
<p style="text-align:justify;">सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्रसे बड़ी खवर आ रही है।थाना क्षेत्र  के गुड़िया पंचायत के  बेलापट्टी वार्ड संख्या-1 में मंगलवार शाम एक बड़ा नाव हादसा हो गया। बेलापट्टी स्थित बेंगा धार में घास लेकर घर  लौट रही एक नाव अचानक पलट गई। हादसे में नाव पर सवार एकदर्जन  लोग नदी में डूब गए।जबकि एक  महिला की मौत हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सात  लोगों को  बाहर निकाल लिया गया है। , एक महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155761/boat-accident-in-benga-river-of-triveniganj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250923-wa0218.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बिहार, ब्यूरो - मनोज रोशन</p>
<p style="text-align:justify;">सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्रसे बड़ी खवर आ रही है।थाना क्षेत्र  के गुड़िया पंचायत के  बेलापट्टी वार्ड संख्या-1 में मंगलवार शाम एक बड़ा नाव हादसा हो गया। बेलापट्टी स्थित बेंगा धार में घास लेकर घर  लौट रही एक नाव अचानक पलट गई। हादसे में नाव पर सवार एकदर्जन  लोग नदी में डूब गए।जबकि एक  महिला की मौत हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सात  लोगों को  बाहर निकाल लिया गया है। , एक महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान छातापुर थाना क्षेत्र के डहरिया पंचायत वार्ड संख्या-2 चकला गांव निवासी मटर मुखिया की पत्नी संजन देवी के रूप में हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार, नाव पर दो नाविक सहित 12 लोग सवार थे। सभी लोग नदी पार कर घास लेने गए थे और लौटने के दौरान यह हादसा हुआ। नाव पर  10 महिलाएं और 2 पुरुष नाविक सवार बताए जा रहे है ।नाव पर गौरी देवी, सरिता देवी, अवधि देवी, ममता देवी, रीमा कुमारी, अंजली कुमारी, काजल कुमारी, अनिता देवी, पथरी देवी, संजन देवी (मृतका), मंजू देवी तथा दो नाविक सवार बताए जा रहे हैं। नाव पर सवार लोगो मे  से 7 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img-20250923-wa0219.jpg" alt="IMG-20250923-WA0219" width="1920" height="1080"></img></p>
<p style="text-align:justify;">घटनास्थल पर त्रिवेणीगंज, जदिया और छातापुर थाने की पुलिस पहुंच चुकी है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। बताया जाता है कि हादसा त्रिवेणीगंज, छातापुर और जदिया थाना क्षेत्र की सीमा पर हुआ, लेकिन घटनास्थल त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में आता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसडीएम अभिषेक कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि नाव पर 12 लोग सवार थे, जिसमें से 7 को ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाल लिया है। एक महिला की मौत हो चुकी है, जबकि 4  अब भी लापता हैं। एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया है और खोज अभियान जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/155761/boat-accident-in-benga-river-of-triveniganj</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 21:05:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल में किताब के साथ अनुमंडल कार्यालय पहुँचे स्कूली बच्चे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>पटना ,बिहार ब्यूरो</strong></p>
<p style="text-align:justify;">एक तरफ हम 21 सदी में भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए प्रयासरत है ,वही बिहार के सुपौल जिले से दिल को झकझोरने वाली खबर आ रही है, जो निःसंदेह सभ्य समाज के मुंह पर तमाचा है।ताजा घटना क्रम में सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड  9 स्थित प्राथमिक विद्यालय बघलासे जुड़ा हुआ है। जहां  मंगलवार को चौंकाने वाला मामला सामने आया हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां दर्जनों बच्चों ने आरोप लगाया कि प्रभारी एचएम मैडम  उन्हें न सिर्फ मिड-डे मील से वंचित किया, बल्कि जातिसूचक शब्द कहकर स्कूल से बाहर भगा दिया।अभिभावकों के साथ अनुमंडल कार्यालय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155748/school-children-reached-the-subdivision-office-with-a-book-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250923-wa0203.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटना ,बिहार ब्यूरो</strong></p>
<p style="text-align:justify;">एक तरफ हम 21 सदी में भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए प्रयासरत है ,वही बिहार के सुपौल जिले से दिल को झकझोरने वाली खबर आ रही है, जो निःसंदेह सभ्य समाज के मुंह पर तमाचा है।ताजा घटना क्रम में सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड  9 स्थित प्राथमिक विद्यालय बघलासे जुड़ा हुआ है। जहां  मंगलवार को चौंकाने वाला मामला सामने आया हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां दर्जनों बच्चों ने आरोप लगाया कि प्रभारी एचएम मैडम  उन्हें न सिर्फ मिड-डे मील से वंचित किया, बल्कि जातिसूचक शब्द कहकर स्कूल से बाहर भगा दिया।अभिभावकों के साथ अनुमंडल कार्यालय पहुँचे दर्जनों  छात्र-छात्राओं ने रोते-बिलखते बताया कि जब दोपहर में खाना परोसा जा रहा था तभी प्रभारी हेडमेडम ने उनकी थालियाँ छीन लीं औरजातिसूचक शब्द प्रयोग करते हुए कहा कि ( जातिसूचक शब्द ) को यहां नहीं देंगे खाने, जाओ अपने मां-बाप के पास।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बादसभी  बच्चे अपने अपने  घर पहुँचे और परिजनों को  आपबीती सुनाई। इसके बाद अभिभावक भड़क उठे और स्कूलपहुँच  में हंगामा करने लगे। हालात बिगड़ते देख हेडमेडम बच्चों को समझाने बाहर आईं, लेकिन माहौल गरम हो चुका था।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img-20250923-wa0204.jpg" alt="IMG-20250923-WA0204" width="791" height="365"></img></p>
<p style="text-align:justify;">अभिभावक अपने बच्चों को किताब-बस्ता के साथ सीधे अनुमंडल कार्यालय ले आए। एसडीएम के बाहर  रहने पर सभी बच्चे उनके कक्ष के बाहर बरामदे में बैठकर जोर जोर से  पढ़ाई करने लगे। इस दौरान आक्रोशित अभिभावक सवाल कर रहे थे कि आखिर उनके बच्चों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है?</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, प्रभारी एचएम सहरूल निशा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि— “सिर्फ चार बच्चों ने खाना नहीं खाया, वही हंगामा कर रहे हैं। बाकी सभी बच्चों ने मिड-डे मील खाया है।,कुछ लोग साजिशन नेतागिरी कर प्रायोजित हंगामा कर रहे हैं।मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या21 वी सदी में भी  शिक्षा के मंदिर में मासूमों को भी जाति और भेदभाव का दंश झेलना पड़ेगा?अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, बाबजूद बच्चे घर जाने को तैयार नहीं थे।</p>
<p style="text-align:justify;">डीसीएलआर संस्कार रंजन ने बताया कि आवेदन लिया गया है, एसडीएम मीटिंग में हैं, लौटने के बाद कार्रवाई की जाएगी।वहीं एसडीएम अभिषेक कुमार ने कहा कि एक आवेदन प्राप्त हुआ है। इसे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को जांच के लिए दिया गया है। जांचोपरांत दोषी पाए जाने पर कार्रवाई तय है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img-20250923-wa0202.jpg" alt="IMG-20250923-WA0202" width="840" height="388"></img><br /><br /></p>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>सुलगते सवाल</strong></p>
<p style="text-align:justify;">::"मिड-डे मील से वंचित मासूम, जातिसूचक शब्द कह स्कूल से भगाना उचित है<br />:: किताब-बस्ता लेकर  बच्चेको  बरामदे में बैठकर पढ़ाई कैसे करनी पड़ी।<br />::क्या दलित होना गुनाह है? बच्चों और अभिभावकों के आरोप में कितनी सच्चाई है? <br />:: "मिड-डे मील विवाद: बच्चों ने सुनाई आपबीती, मिला सिर्फ जांच का आश्वासन</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/155748/school-children-reached-the-subdivision-office-with-a-book-in</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 19:45:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंधेर नगरी चौपट राजा ,टके सेर भाजी ,टके सेर खाजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पटना ,बिहार ब्यूरो</strong></p>
<p>बिहार के सुपौल जिले के अनुमंडल मुख्यालय  त्रिवेणीगंज के स्वास्थ्य सेवा की हकीकत जानकर आप चौंक जाएंगे। जहां  त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में घायल और गंभीर मरीजों का इलाज डॉक्टर द्वारा नहीं करने  बल्कि एम्बुलेंस एएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) रंजीत कुमार मजे से गंभीर रोगी का ईलाज कर रहे हैं।यह  महज़ मरहम-पट्टी तक ही नहीं, बल्कि मरीजों की सिलाई से लेकर महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन तक एएमटी के भरोसे हो रहा है। यह नजारा न केवल सरकारी दावों की पोल खोलता है, बल्कि मरीजों की जिंदगी से कर  रहे खतरनाक खिलवाड़ को भी सामने लाता है।</p>
<h4><strong>सरकार के</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155470/andher-nagari-chaupat-raja-tke-ser-bhaji-tke-ser-khaja"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/त्रिवेणीगंज-में-डॉक्टर-के-बदले-,-एम्बुलेंस-एएमटी-कर-रहे-मरीजों-का-इलाज.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पटना ,बिहार ब्यूरो</strong></p>
<p>बिहार के सुपौल जिले के अनुमंडल मुख्यालय  त्रिवेणीगंज के स्वास्थ्य सेवा की हकीकत जानकर आप चौंक जाएंगे। जहां  त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में घायल और गंभीर मरीजों का इलाज डॉक्टर द्वारा नहीं करने  बल्कि एम्बुलेंस एएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) रंजीत कुमार मजे से गंभीर रोगी का ईलाज कर रहे हैं।यह  महज़ मरहम-पट्टी तक ही नहीं, बल्कि मरीजों की सिलाई से लेकर महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन तक एएमटी के भरोसे हो रहा है। यह नजारा न केवल सरकारी दावों की पोल खोलता है, बल्कि मरीजों की जिंदगी से कर  रहे खतरनाक खिलवाड़ को भी सामने लाता है।</p>
<h4><strong>सरकार के दावे बनाम</strong></h4>
<p>काली है अस्पताल की हकीकत एक ओर सरकार  स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए करोड़ों की योजनाओं की बात कहती है। लेकिन  हकीकत यह है कि त्रिवेणीगंज अस्पताल का  ऑपरेशन थियेटर डॉक्टरों से खाली लेकिन एएमटी से गुलजार रहता है।</p>
<h4><strong>सालो  से चल रहा है गोरखधंधा</strong></h4>
<p>लोगो का कहना है कि  इस अस्पताल के लिए यह कोई नई बात नहीं है। वर्षों से यहां बंध्याकरण सहित अन्य छोटे-बड़े ऑपरेशन एएमटी के भरोसे ही होते आ रहे हैं।स्थानीय लोग बताते हैं कि पहले मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को नियमित रूप से बंध्याकरण ऑपरेशन हुआ करते थे। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में एएमटी और सफाईकर्मी तक ऑपरेशन थियेटर संभालते रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी और मिलीभगत से यह “खेल” लंबे समय से जारी है।</p>
<h4><strong>मरीजों की जिंदगी दांव पर</strong></h4>
<p>सबसे चिंताजनक स्थिति महिला मरीजों की है। बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद कई महिलाएं गंभीर परेशानी का शिकार हुईं। जटिलताएं बढ़ने पर इलाज के लिए उन्हें दूसरे अस्पतालों का चक्कर लगाना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कियह न सिर्फ महिलाओं की सेहत, बल्कि उनकी इज्जत के साथ भी खिलवाड़ है।बड़ा सवाल यह है कि आखिर इसके लिए  जिम्मेदार कौन है ?आश्चर्य जनक तथ्य यह है कि जब  प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद नहीं रहते, तो एएमटी को ऑपरेशन थियेटर में घुसने की इजाजत आखिर कौन देता है?</p>
<p>क्या अस्पताल प्रशासन को इसकी खबर नहीं है या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंख मूंदे हुए हैं?स्पष्ट है कि यह मामला सीधे-सीधे लापरवाही और उच्चस्तरीय संरक्षण की ओर इशारा करता है। मामले का खुलासा होनेपर , सिविल सर्जन ललन ठाकुर ने गजब का तर्क देते हुए कहा कि यह कोई बड़ा मामला नहीं है। इमरजेंसी में एएमटी इलाज कर सकते हैं। वे ट्रेंड होते हैं, तभी एम्बुलेंस में रखे जाते हैं।</p>
<h4><strong>करोड़ों की योजनाओं पर सवालिया निशान</strong></h4>
<p>यह मामला सिर्फ त्रिवेणीगंज अस्पताल का नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की सच्चाई उजागर करता है।सरकारी योजनाओं और घोषणाओं के बावजूद, मरीजों की जान गैर-डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दी जा रही है। अब देखना है कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होती है या मामला सिर्फ कागजों में दफन होकर रह जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Sep 2025 16:06:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
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                <title>खोदा पहाड़ निकली चुहिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पटना बिहार ब्यूरो </p>
<p style="text-align:justify;">जन स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए अगर ईमानदारी से कार्यबाही हो तो बहवाही होती है लेकिन जब किसी को टारगेट कर कार्यबाही  की जाती है तो यह प्रसासन की निष्पक्ष कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा होता है। ऐसा ही एक वाक्या गुरुवार को देखने मिला जब  फेक वेव खवर और दवाव में  सिविल सर्जन सुपौल के आदेश पर अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित दृष्टी फार्मा नामक दवा दुकान की गहन जांच की गई। तीन सदस्यीय जांच टीम ने फार्मेसी की समग्र व्यवस्थाओं की सूक्ष्मता से समीक्षा की।लेकिन इसी परिसर के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154166/dug-mountain-came-out"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250828-wa0216.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पटना बिहार ब्यूरो </p>
<p style="text-align:justify;">जन स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए अगर ईमानदारी से कार्यबाही हो तो बहवाही होती है लेकिन जब किसी को टारगेट कर कार्यबाही  की जाती है तो यह प्रसासन की निष्पक्ष कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा होता है। ऐसा ही एक वाक्या गुरुवार को देखने मिला जब  फेक वेव खवर और दवाव में  सिविल सर्जन सुपौल के आदेश पर अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित दृष्टी फार्मा नामक दवा दुकान की गहन जांच की गई। तीन सदस्यीय जांच टीम ने फार्मेसी की समग्र व्यवस्थाओं की सूक्ष्मता से समीक्षा की।लेकिन इसी परिसर के अन्य दवा  दुकानों की तरफ झांका तक नहीं गया जो चर्चा का विषय बना हुआ है।और इसको लेकर तरह तरह की बात हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच टीम का नेतृत्व कर रहे औषधि निरीक्षक निर्भय कुमार गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई सिविल सर्जन के निर्देशानुसार की गई। टीम ने दुकान के स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री अभिलेख, बिलिंग सिस्टम सहित अन्य संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के क्रम में कुछ दवाओं के सैंपल भी संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच हेतु भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट शीघ्र सिविल सर्जन कार्यालय को समर्पित की जाएगी। कहा तो यहां तक जा रहा है कि टीम ने उंक्त दवा  दुकान में  कमी खोजने का जी तोड़ प्रयास किया।लेकिन आशातीत सफलता के बदले निराशा हाथ लगी। अंदर से मिल रही जानकारी के अनुसार एक डिजिटल पोर्टल के तथाकथित रिपोर्टर ने अपने हटाये जाने के खुनस में एक अखबार के सहयोगी से एक झूठी खवर छाप कर सिबिल सर्जन पर दवाव बनाकर जाँच पड़ताल करवाया, क्योंकि उंक्त दवा दुकानदार एक अखबार के रिपोर्टर का घनिष्ठ मित्र हैं।हालाँकि अपनी नाक बचाते हुए टीम का नेतृत्व कर रहे श्री गुप्ता ने आगे कहा कि, हमारा मुख्य उद्देश्य है कि अस्पताल परिसर सहित पूरे अनुमंडल में संचालित दवा दुकानों में पारदर्शिता बनी रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनुमंडल क्षेत्र में संचालित अन्य दवा दुकानों की भी चरणबद्ध जांच की जाएगी, जिससे जिले में औषधि व्यवसाय को सुव्यवस्थित और नियंत्रित किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि सूत्रों का कहना है कि दृष्टी फार्मा के विरुद्ध शिकायत किसी प्रतिद्वंद्वी व्यवसायी द्वारा निजी द्वेष के कारण की गई थी। बावजूद इसके, जांच टीम ने अपने स्तर पर निष्पक्षता से पूरी प्रक्रिया संपन्न की। फिलहाल, दुकान से कोई आपत्तिजनक वस्तु या अवैध दवा बरामद नहीं की गई है, जो दवा दुकान के संचालन में पारदर्शिता का संकेत देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि जांच टीम में औषधि निरीक्षक पूजा कुमारी और सरफराज आलम भी शामिल थे। तीनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जांच प्रक्रिया को गंभीरता से अंजाम दिया।जिसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 22:45:13 +0530</pubDate>
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                <title>अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर त्रिवेणीगंज में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और संगोष्ठी का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>त्रिवेणीगंज (सुपौल) | अनूपलाल यादव महाविद्यालय, त्रिवेणीगंज में 12 अगस्त 2025 को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की प्रथम, द्वितीय और तृतीय इकाई के संयुक्त तत्वावधान में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार ने की, जबकि संचालन कार्यक्रम पदाधिकारी विद्यानंद यादव ने किया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/img-20250812-wa0120.jpg" alt="IMG-20250812-WA0120" width="1200" height="576" /></p>
<p>पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का विषय "युवा और सतत विकास" रखा गया। प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता, रचनात्मकता और सामाजिक संदेश को रंगों व रेखाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया। पोस्टरों में युवाओं की ऊर्जा, राष्ट्र निर्माण में भूमिका, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, सामाजिक समरसता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153874/poster-making-competition-and-seminar-organized-in-triveniganj-on-international"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250812-wa0111.jpg" alt=""></a><br /><p>त्रिवेणीगंज (सुपौल) | अनूपलाल यादव महाविद्यालय, त्रिवेणीगंज में 12 अगस्त 2025 को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की प्रथम, द्वितीय और तृतीय इकाई के संयुक्त तत्वावधान में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार ने की, जबकि संचालन कार्यक्रम पदाधिकारी विद्यानंद यादव ने किया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/img-20250812-wa0120.jpg" alt="IMG-20250812-WA0120" width="1280" height="576"></img></p>
<p>पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का विषय "युवा और सतत विकास" रखा गया। प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता, रचनात्मकता और सामाजिक संदेश को रंगों व रेखाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया। पोस्टरों में युवाओं की ऊर्जा, राष्ट्र निर्माण में भूमिका, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, सामाजिक समरसता और देशभक्ति की झलक साफ दिखाई दी। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के कला कौशल की सराहना की।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/img-20250812-wa0117.jpg" alt="IMG-20250812-WA0117" width="1280" height="576"></img></p>
<p>संगोष्ठी में वक्ताओं ने युवाओं की समाज निर्माण में भूमिका, उनकी जिम्मेदारियों और नेतृत्व क्षमता पर विचार रखे। प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार ने कहा कि “युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान में बदलाव के सबसे बड़े प्रेरक हैं। उन्हें शिक्षा, अनुशासन और सेवा भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए।” कार्यक्रम पदाधिकारी विद्यानंद यादव ने बताया कि इस वर्ष का थीम “युवाओं द्वारा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को स्थानीय स्तर पर लागू करना और उससे आगे बढ़कर परिवर्तनकारी पहलों को अंजाम देना” है।</p>
<p>कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन स्थल पर जोश, उत्साह और देशभक्ति का माहौल बना रहा।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/img-20250812-wa0110.jpg" alt="IMG-20250812-WA0110" width="1280" height="576"></img></p>
<p>इस अवसर पर प्रो. अरुण कुमार, डॉ. अरविंद कुमार, सूर्य नारायण यादव, राजकुमार यादव, कुलानंद यादव, विजेंद्र प्रसाद यादव, जलधर यादव, द्वितीय इकाई की कार्यक्रम पदाधिकारी कुमारी पूनम, तृतीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी शंभू यादव, शिक्षकेत्तर कर्मचारी सुरेंद्र कुमार, दिलीप कुमार दिवाकर, गगन कुमार, दिग्दर्शन, निशांत कुमार, रंजन कुमार, बाल किशोर कुमार, हिरेंद्र कुमार समेत कई लोग और एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Aug 2025 00:06:05 +0530</pubDate>
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