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                <title>up hindi news - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>ट्रैक्टर चालक पर दबंगों का कहर, बेल्ट से बेरहमी से पीटा , मजदूरों में उबाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> थरवई थाना क्षेत्र के कोड़सर गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर बुधवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब कुछ दबंग युवकों ने एक ट्रैक्टर चालक की बेरहमी से पिटाई कर दी। हमलावरों ने चालक को बेल्ट से इतना पीटा कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों में भारी आक्रोश फैल गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर चालक रोज की तरह अपने काम में लगा हुआ था, तभी कुछ युवक वहां पहुंचे और किसी बात को लेकर उससे कहासुनी करने लगे। देखते ही देखते</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175540/bullies-wreak-havoc-on-tractor-driver-brutally-beat-him-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260408-wa0113.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> थरवई थाना क्षेत्र के कोड़सर गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर बुधवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब कुछ दबंग युवकों ने एक ट्रैक्टर चालक की बेरहमी से पिटाई कर दी। हमलावरों ने चालक को बेल्ट से इतना पीटा कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों में भारी आक्रोश फैल गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर चालक रोज की तरह अपने काम में लगा हुआ था, तभी कुछ युवक वहां पहुंचे और किसी बात को लेकर उससे कहासुनी करने लगे। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने चालक पर हमला बोल दिया और बेल्ट से लगातार प्रहार कर उसे लहूलुहान कर दिया। घायल चालक को आनन-फानन में पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना से नाराज ईंट भट्ठा मजदूरों ने एकजुट होकर थरवई थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मजदूरों का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद देर शाम तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे उनमें रोष बढ़ता जा रहा है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 20:03:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंकराचार्य के अपमान से बुद्धिजीवी लोग भाजपा को सबक सिखाना चाहते हैं - अखिलेश यादव </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि पूजनीय शंकराचार्य जी का जबसे अपमान हुआ है, बहुत सारे बुद्धिजीवी लोग भारतीय जनता पार्टी को सबक सिखाना चाहते हैं, उस दिशा में कोई भी हमारा साथ देगा तो हम लोग उसका साथ देंगे। अखिलेश यादव आज कानपुर के नौबस्ता गल्ला मंडी में स्व. रंजन सिंह यादव उर्फ लाला पहलवान के यहां श्रद्धांजलि एवं शोक संवेदना प्रकट करने आए थे।</p>
<div style="text-align:justify;">सपा प्रमुख ने पत्रकारों से कहा कि जैसे बीबीसी संस्था चलती है वैसे पत्रकारों की संस्था बनाने का काम करेंगे जिले जिले में, जिससे आप किसी पर निर्भर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175528/intellectuals-want-to-teach-a-lesson-to-bjp-by-insulting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001810442.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि पूजनीय शंकराचार्य जी का जबसे अपमान हुआ है, बहुत सारे बुद्धिजीवी लोग भारतीय जनता पार्टी को सबक सिखाना चाहते हैं, उस दिशा में कोई भी हमारा साथ देगा तो हम लोग उसका साथ देंगे। अखिलेश यादव आज कानपुर के नौबस्ता गल्ला मंडी में स्व. रंजन सिंह यादव उर्फ लाला पहलवान के यहां श्रद्धांजलि एवं शोक संवेदना प्रकट करने आए थे।</p>
<div style="text-align:justify;">सपा प्रमुख ने पत्रकारों से कहा कि जैसे बीबीसी संस्था चलती है वैसे पत्रकारों की संस्था बनाने का काम करेंगे जिले जिले में, जिससे आप किसी पर निर्भर न हो, आप स्वतंत्र रहो। उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री जी अपने ही संसद का मजाक उड़ा रहे हैं। अभी तक तो पता था कि वनस्पति से स्ट्रेस हटाते हैं लेकिन अब पता चला उनके सांसद ही उनका स्ट्रेस दूर करते हैं।"</div>
<div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन रहित होगा तो न्याय होगा। इलेक्शन कमिशन भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है। कानपुर के किडनी कांड पर चर्चा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि"अभी कुछ दिन पहले कोडीन भाई आए थे कालीन भाई के बाद, अब सुनने में आया है किडनी भाई। कहीं ऐसा न हो ओटीटी पर गांजा गंज भी बन जाए।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सपा प्रमुख ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमारी विदेश नीति चौपट कर दी है। एक बार को लग रहा था भारत विश्व गुरु होगा लेकिन इधर पाकिस्तान अपनी फॉरेन पॉलिसी को मजबूत कर रहा है।"जो जोश और उत्साह दिखाई दे रहा है यह बता रहा है कि जनता बदलाव चाहती है। बदलाव के साथ-साथ बुरे दिन जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि"गरीब को न ही इलाज मिल रहा है न समय पर इलाज मिल रहा है, उसका परिणाम है कि उन्हें दर दर भटकना पड़ रहा है। समाजवादी सरकार आएगी तो उनका फ्री इलाज होगा।"PDA से घबराकर बीजेपी वालों को समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">PDA के लोग एकजुट हो गए हैं, अधिकार और सम्मान मांग रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा साहब की प्रतिमाओं को सबसे ज्यादा किसी ने तोड़ा तो बीजेपी ने।"PDA प्रहरी ने एक व्यक्ति पकड़ा जिसका वोट बीजेपी के लोग कटवा रहे थे। बीजेपी के लोगों ने दस्तखत न करने वाले से नकली दस्तखत करवाए, लेकिन इलेक्शन कमीशन ने कोई भी कार्रवाई नहीं करी।"शिक्षामित्रों को कोई भी न्याय दिला सकता है तो समाजवादी लोग हैं।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में जो फिल्म बनी थी एक वो रिलीज होने से पहले ही फ्लॉप हो गई। अब एक नए किरदार आए हैं धुआं-धर, हर दिन उत्तर प्रदेश में गांजा पकड़ा जा रहा है। सड़कों पर गड्ढों पर चर्चा करते हुए अखिलेश ने कहा कि"जब मुख्यमंत्री जी खुद ही इंजीनियर बन जाएंगे, जब सरकार ही कमीशन लेगी तो सड़क की गुणवत्ता कैसे रहेगी।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 19:15:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Dussehra: भारत का अनोखा गांव जहां होती है रावण की पूजा, दशहरे पर शोक मनाते हैं ग्रामीण</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Dussehra: जब</span> <span class="cf0">पूरे</span> <span class="cf0">भारत</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दशहरा</span> <span class="cf0">रावण</span> <span class="cf0">दहन</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">प्रतीक</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">मनाया</span> <span class="cf0">जाता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">तब</span> <span class="cf0">उत्तर</span> <span class="cf0">प्रदेश</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">ग्रेटर</span> <span class="cf0">नोएडा</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">पास</span> <span class="cf0">स्थित</span> <span class="cf0">बिसरख</span> <span class="cf0">गांव</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तस्वीर</span> <span class="cf0">बिल्कुल</span> <span class="cf0">अलग</span> <span class="cf0">होती</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यहां</span> <span class="cf0">रावण</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">जलाया</span> <span class="cf0">नहीं</span> <span class="cf0">जाता</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">बल्कि</span> <span class="cf0">शोक</span> <span class="cf0">व्यक्त</span> <span class="cf0">किया</span> <span class="cf0">जाता</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">पूजा-अर्चना</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जाती</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">स्थानीय</span> <span class="cf0">मान्यता</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">अनुसार</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">गांव</span> <span class="cf0">रावण</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जन्मस्थली</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">यहां</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लोग</span> <span class="cf0">रावण</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">पूर्वज</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">मानते</span> <span class="cf0">हैं</span><span class="cf0">।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">क्या</span><span class="cf0"> है </span><span class="cf0">बिसरख</span><span class="cf0"> का पौराणिक इतिहास?</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">बिसरख</span><span class="cf0"> गांव का नाम रावण के पिता ऋषि </span><span class="cf0">विश्रवा</span><span class="cf0"> के नाम पर पड़ा है। प्राचीन काल</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156428/the-unique-village-of-india-where-the-worship-of-ravana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/dussehra-2025.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Dussehra: जब</span> <span class="cf0">पूरे</span> <span class="cf0">भारत</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दशहरा</span> <span class="cf0">रावण</span> <span class="cf0">दहन</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">प्रतीक</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">मनाया</span> <span class="cf0">जाता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">तब</span> <span class="cf0">उत्तर</span> <span class="cf0">प्रदेश</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">ग्रेटर</span> <span class="cf0">नोएडा</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">पास</span> <span class="cf0">स्थित</span> <span class="cf0">बिसरख</span> <span class="cf0">गांव</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तस्वीर</span> <span class="cf0">बिल्कुल</span> <span class="cf0">अलग</span> <span class="cf0">होती</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यहां</span> <span class="cf0">रावण</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">जलाया</span> <span class="cf0">नहीं</span> <span class="cf0">जाता</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">बल्कि</span> <span class="cf0">शोक</span> <span class="cf0">व्यक्त</span> <span class="cf0">किया</span> <span class="cf0">जाता</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">पूजा-अर्चना</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जाती</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">स्थानीय</span> <span class="cf0">मान्यता</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">अनुसार</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">गांव</span> <span class="cf0">रावण</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जन्मस्थली</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">यहां</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लोग</span> <span class="cf0">रावण</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">पूर्वज</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">मानते</span> <span class="cf0">हैं</span><span class="cf0">।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">क्या</span><span class="cf0"> है </span><span class="cf0">बिसरख</span><span class="cf0"> का पौराणिक इतिहास?</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">बिसरख</span><span class="cf0"> गांव का नाम रावण के पिता ऋषि </span><span class="cf0">विश्रवा</span><span class="cf0"> के नाम पर पड़ा है। प्राचीन काल में इसे ‘</span><span class="cf0">विश्वेशरा</span><span class="cf0">’ कहा जाता था, जो समय के साथ बदलकर </span><span class="cf0">बिसरख</span><span class="cf0"> बन गया। माना जाता है कि यहां </span><span class="cf0">पुलस्त्य</span><span class="cf0"> मुनि का आश्रम था, जहां ऋषि </span><span class="cf0">विश्रवा</span><span class="cf0"> रहते थे। यही वह स्थान है जहां रावण, कुंभकर्ण, विभीषण और </span><span class="cf0">सूपर्णखा</span><span class="cf0"> का जन्म हुआ था।</span></p>
<p><span class="cf0">यहां के प्राचीन शिव मंदिर में स्थित शिवलिंग को </span><span class="cf0">स्वयंभू</span><span class="cf0"> माना जाता है, जिसकी स्थापना ऋषि </span><span class="cf0">विश्रवा</span><span class="cf0"> ने की थी और रावण स्वयं </span><span class="cf0">उसकी</span><span class="cf0"> पूजा करते थे। </span><span class="cf0">शिवपुराण</span><span class="cf0"> और नोएडा के </span><span class="cf0">गजट</span><span class="cf0"> में भी इस गांव का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व दर्ज है।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">दशहरे पर नहीं होता रावण दहन, होती है विशेष पूजा</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">पूरे देश में जहां दशहरे पर रावण दहन होता है, वहीं </span><span class="cf0">बिसरख</span><span class="cf0"> में रावण की आत्मा की शांति के लिए हवन और विशेष पूजन-</span><span class="cf0">अर्चनाएं</span><span class="cf0"> होती हैं। यहां के मुख्य पुजारी </span><span class="cf0">रामदास</span><span class="cf0"> बताते हैं, "हम रावण का पुतला नहीं जलाते, बल्कि उसकी </span><span class="cf0">विद्वता</span><span class="cf0"> और तपस्या को नमन करते हैं।"</span></p>
<p><span class="cf0">गांव के लोग दशहरे को रावण की मृत्यु का दिन मानते हैं और </span><span class="cf0">उसी</span> <span class="cf0">भाव</span><span class="cf0"> से शोक मनाते हैं। यज्ञशाला में रावण की मूर्ति रखकर हवन किया जाता है और भगवान शिव से उनके आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।</span> <span class="cf0">यहां के ग्रामीणों के लिए रावण सिर्फ एक पौराणिक किरदार नहीं, बल्कि उनका पूर्वज है।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">आस्था के साथ-साथ बना आकर्षण का केंद्र</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">बिसरख</span><span class="cf0"> अब केवल एक गांव नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और धार्मिक आकर्षण बन चुका है।</span> <span class="cf0">यहां दूर-दराज से लोग रावण के </span><span class="cf0">जन्मस्थल</span><span class="cf0"> को देखने आते हैं। गिरीश, जो </span><span class="cf0">ग्रेटर</span><span class="cf0"> नोएडा </span><span class="cf0">वेस्ट</span><span class="cf0"> में रहते हैं, कहते हैं, "मैंने इस मंदिर के बारे में बहुत सुना था, इसलिए पहली बार यहां आया हूं।"</span> <span class="cf0">केरल से आई पीता बताती हैं, गूगल से इस जगह के बारे में पता चला और परिवार के साथ यहां दर्शन करने आए हैं।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156428/the-unique-village-of-india-where-the-worship-of-ravana</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 12:50:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Transfers: उतर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, इन IAS अधिकारियों के हुए तबादले </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Transfers: उतर प्रदेश सरकार ने गुरुवार शाम 14 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के विभागों में व्यापक फेरबदल कर दिया है। यह बदलाव शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, नगर विकास, और औद्योगिक विकास जैसे प्रमुख विभागों में किए गए हैं। बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, नगर विकास और पर्यटन विभागों के प्रमुख सचिवों को बदला गया है।</p>
<p>मुख्य सचिव एसपी गोयल, जो स्वास्थ्य कारणों के चलते छुट्टी पर हैं, उनके पास से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) सहित सभी अतिरिक्त पद वापस ले लिए गए हैं। गोयल अब 22 सितंबर को नवरात्र के दिन दोबारा पदभार ग्रहण करेंगे। उनके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155475/ias-transfers-transferred-a-major-administrative-reshuffle-in-uttar-pradesh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-transfers-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Transfers: उतर प्रदेश सरकार ने गुरुवार शाम 14 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के विभागों में व्यापक फेरबदल कर दिया है। यह बदलाव शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, नगर विकास, और औद्योगिक विकास जैसे प्रमुख विभागों में किए गए हैं। बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, नगर विकास और पर्यटन विभागों के प्रमुख सचिवों को बदला गया है।</p>
<p>मुख्य सचिव एसपी गोयल, जो स्वास्थ्य कारणों के चलते छुट्टी पर हैं, उनके पास से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) सहित सभी अतिरिक्त पद वापस ले लिए गए हैं। गोयल अब 22 सितंबर को नवरात्र के दिन दोबारा पदभार ग्रहण करेंगे। उनके सभी पद कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार को सौंप दिए गए हैं।</p>
<p>हालांकि दीपक कुमार से बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग हटा लिया गया है। उन्हें अपर मुख्य सचिव वित्त, पिकप अध्यक्ष, यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नागरिक उड्डयन विभाग और समन्वय विभाग सहित परियोजना निदेशक यूपीडास्प का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।</p>
<p>पार्थसारथी सेन शर्मा को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से हटाकर बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग सौंपा गया है। मित कुमार घोष को सचिवालय प्रशासन, पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा दिया गया है।</p>
<p>मुकेश कुमार मेश्राम, जो अब तक पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग में तैनात थे, उन्हें पशुपालन, दुग्ध एवं मत्स्य विभाग दिया गया है। वहीं अमृत अभिजात, जो करीब साढ़े तीन वर्षों से नगर विकास विभाग में कार्यरत थे, उन्हें पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग में भेजा गया है।</p>
<p>संजय प्रसाद को नागरिक उड्डयन विभाग के प्रभार से मुक्त किया गया है, जबकि अजय चौहान को लोक निर्माण विभाग के साथ-साथ उपशा (UPSHA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार मिला है।</p>
<p>आलोक कुमार तृतीय से पुनर्गठन समन्वय, भाषा, राष्ट्रीय एकीकरण, सामान्य प्रशासन विभाग और निदेशक हिंदी संस्थान का प्रभार वापस ले लिया गया है। उन्हें अब ‘जीरो पावर्टी उत्तर प्रदेश अभियान’ का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शेष विभाग उनके पास पूर्ववत रहेंगे।</p>
<p>पी. गुरुप्रसाद को राजस्व विभाग से मुक्त कर दिया गया है और अब उन्हें आवास विभाग के साथ-साथ नगर विकास और नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।</p>
<p>मनीष चौहान को खेल और युवा कल्याण विभाग से हटाकर सचिवालय प्रशासन, पुनर्गठन समन्वय, भाषा, राष्ट्रीय एकीकरण और सामान्य प्रशासन विभाग तथा निदेशक हिंदी संस्थान की जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>रणवीर प्रसाद को खाद्य एवं रसद और उपभोक्ता मामलों के साथ-साथ राजस्व विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।</p>
<p>अनामिका सिंह का बरेली मंडलायुक्त पद पर तबादला रद्द कर उन्हें आयुक्त, खाद्य एवं रसद नियुक्त किया गया है। इसके पहले वह सचिव, वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन और CEO, उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट अथॉरिटी के पद पर थीं। अब भूपेंद्र एस. चौधरी को खाद्य एवं रसद विभाग से हटाकर बरेली का नया मंडलायुक्त बनाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 21:46:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंटर कॉलेज के दो सहेलियों का प्यार चढ़ा परवाना, 3 साल से चल रहा था रिलेशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट के आदेश बाद भी भारत में समलैंगिक विवाह को समाजिक मान्यता नहीं मिल पाई है। इसके बाद भी समलैंगिक विवाह के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला झांसी का है। यहां इंटर में पढ़ने वालीं 2 छात्राओं के बीच मुलाकात पहले तो प्यार में बदली और फिर परवान चढ़े प्यार में कुछ ऐसा हुआ कि मामला पुलिस स्टेशन पहुंच गया।</p>
<p><strong>जानिए क्या है मामला? </strong><br />मामला जिले के मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र का है। यहां एक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली दो सहेलियों को आपस में प्रेम हो गया। पिछले तीन साल से दोनों सहेलियां साथ में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127752/two-inter-college-friends-fell-in-love-relationship-was-going"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/33.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट के आदेश बाद भी भारत में समलैंगिक विवाह को समाजिक मान्यता नहीं मिल पाई है। इसके बाद भी समलैंगिक विवाह के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला झांसी का है। यहां इंटर में पढ़ने वालीं 2 छात्राओं के बीच मुलाकात पहले तो प्यार में बदली और फिर परवान चढ़े प्यार में कुछ ऐसा हुआ कि मामला पुलिस स्टेशन पहुंच गया।</p>
<p><strong>जानिए क्या है मामला? </strong><br />मामला जिले के मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र का है। यहां एक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली दो सहेलियों को आपस में प्रेम हो गया। पिछले तीन साल से दोनों सहेलियां साथ में रहती थीं। जहां भी जातीं, एक साथ जाती थीं। एक प्लेट में खाना खाती थीं, एक गिलास में पानी पीती थीं। शक होने पर परिवार के लोगों ने उनके मिलने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद दोनों ही परिजनों को झांसा देकर 26 फरवरी को घर से भाग निकलीं। दोनों जिंदगी भर साथ रहने की बात कह रही हैं। छात्राओं के इस प्यार को पहले तो परिवार वाले अच्छी दोस्ती समझते थे, लेकिन परवान चढ़ते प्यार में दोनों ही जैसे असमान्य सी हरकत करने लगी तो परिवार के लोगों ने दोनों पर नजर रखना शुरू कर दिया। वहीं जब परिवार को छात्राओं के प्यार की हकीकत पता चली परिवार के लोगों ने एक दूसरे की मुलाकात पर पहरा लगा दिया।</p>
<p><strong>जानिए क्या है मामला? </strong><br />मामला जिले के मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र का है। यहां एक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली दो सहेलियों को आपस में प्रेम हो गया। पिछले तीन साल से दोनों सहेलियां साथ में रहती थीं। जहां भी जातीं, एक साथ जाती थीं। एक प्लेट में खाना खाती थीं, एक गिलास में पानी पीती थीं। शक होने पर परिवार के लोगों ने उनके मिलने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद दोनों ही परिजनों को झांसा देकर 26 फरवरी को घर से भाग निकलीं। दोनों जिंदगी भर साथ रहने की बात कह रही हैं। छात्राओं के इस प्यार को पहले तो परिवार वाले अच्छी दोस्ती समझते थे, लेकिन परवान चढ़ते प्यार में दोनों ही जैसे असमान्य सी हरकत करने लगी तो परिवार के लोगों ने दोनों पर नजर रखना शुरू कर दिया। वहीं जब परिवार को छात्राओं के प्यार की हकीकत पता चली परिवार के लोगों ने एक दूसरे की मुलाकात पर पहरा लगा दिया।</p>
<p><strong>घर से भागीं छात्राएं...</strong><br />बस फिर क्या था एक दूसरे संग जीने मरने की कसमें खा चुकी छात्राओं ने परिजनों की सख्ती देखते हुए अपनी हाथ की नसें काट ली। इसके बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। जिसके बाद परिजनों ने छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया। किसी तरह दोनों की जान बचाई जा सकी। जिसके बाद 26 फरवरी को दोनों छात्राएं परिजनों से परेशान होकर घर से भाग निकलीं। दोनों छात्राएं भागकर मध्यप्रदेश के हरपालपुर जिले में जाकर किराए के मकान में रहने लगीं। मकान का किराया देने के लिए एक छात्रा ने सोने की चेन तक बेच दी।</p>
<p>उधर, छात्राओं की कोई खोज खबर न मिलने पर परिजनों ने मऊरानीपुर कोतवाली पहुंचे और पुलिस से छात्राओं की बरामदगी की गुहार लगाई। पुलिस की तलाश में मध्यप्रदेश के हरपालपुर जिले दोनों छात्राएं किराए के कमरे में रहती ही मिलीं। पुलिस दोनों छात्राओं को मध्यप्रदेश से वापस झांसी ले आई। जब पुलिस ने समझाने की कोशिश की और यह कहा कि छात्राएं अपने अपने घर वापस अपने परिवार वालों साथ चले जाए तो दोनों छात्राओं ने पुलिस कस्टडी में रहना पसंद किया लेकिन अपने घर जाने से साफ इंकार कर दिया।</p>
<p><strong>क्या कहती है पुलिस?</strong><br />इस बाबत पुलिस का कहना है कि दोनों छात्राओं में एक छात्रा अपने परिजनों के साथ जाने के लिए राजी होती हुई दिख रही है, बावजूद इसके दोनों छात्राओं को संरक्षण केंद्र भेजा गया है। जहां दोनों छात्राओं की काउंसलिंग होगी। काउंसलिंग के बाद दोनों छात्राओं को उनके परिवार वालों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। </p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Mar 2023 14:22:25 +0530</pubDate>
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