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                <title>डीएम के औचक निरीक्षण में खुली सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की पोल</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>सुपौल। </strong>सरकारी विद्यालयों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की हकीकत बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार के औचक निरीक्षण में सामने आई। डीएम ने नगर परिषद क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय डपरखा और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। मध्य विद्यालय डपरखा में अव्यवस्था और लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान विद्यालय के कई कक्षा-कक्षों में न तो बल्ब मिले और न ही पंखे। बच्चे अंधेरे और भीषण गर्मी में पढ़ने को मजबूर थे। विद्यालय परिसर और कक्षा-कक्षों में भी गंदगी मिली। इस पर डीएम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185175/dms-surprise-inspection-exposed-the-education-system-of-government-schools"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260812-wa0185-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>सुपौल। </strong>सरकारी विद्यालयों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की हकीकत बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार के औचक निरीक्षण में सामने आई। डीएम ने नगर परिषद क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय डपरखा और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। मध्य विद्यालय डपरखा में अव्यवस्था और लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान विद्यालय के कई कक्षा-कक्षों में न तो बल्ब मिले और न ही पंखे। बच्चे अंधेरे और भीषण गर्मी में पढ़ने को मजबूर थे। विद्यालय परिसर और कक्षा-कक्षों में भी गंदगी मिली। इस पर डीएम ने प्रधानाध्यापक को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।</p><h3 style="text-align:justify;">गलत आवेदन देकर गायब मिलीं शिक्षिकाएं</h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शिक्षिकाओं की अनुपस्थिति का मामला भी सामने आया। शिक्षिका पायल कुमारी और इंदु कुमारी विशेष अवकाश का गलत आवेदन देकर विद्यालय से अनुपस्थित मिलीं। वहीं, शिक्षिका सरिता कुमारी काफी दिनों से बिना सूचना के अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाई गईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तीनों शिक्षिकाओं के निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।विकास मद की राशि के हिसाब-किताब में भी गड़बड़ी मिली। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।</p><h3 style="text-align:justify;">मध्याह्न भोजन में भी मिली अनियमितता</h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विद्यालय में मध्याह्न भोजन की जांच के दौरान भी गंभीर अनियमितता सामने आई। उपस्थिति पंजिका में दर्ज विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले काफी कम भोजन पकाया जा रहा था। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।</p><h3 style="text-align:justify;">कस्तूरबा विद्यालय में शुरू होगी कंप्यूटर कक्षा</h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से बातचीत कर विद्यालय की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल कंप्यूटर कक्षा शुरू कराने और विद्यालय में बेहतर साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए।</p><h3 style="text-align:justify;">खाद की कालाबाजारी पर भी कार्रवाई के निर्देश</h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने अनुमंडल प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रखंड क्षेत्र में खाद की अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों, राशन कार्ड निर्माण, सौर ऊर्जा चालित बत्तियों की प्रगति तथा पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।</p><h3 style="text-align:justify;">बोले जिलाधिकारी</h3><p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि गलत आवेदन देकर गायब रहने और अनधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाली तीनों शिक्षिकाओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। प्रधानाध्यापक के खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही अथवा अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:21:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सुपौल में 100 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपि मिली</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जिले में ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों की खोज और संरक्षण अभियान के बीच एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रखंड छातापुर के हरिहरपुर स्थित <strong>सदगुरु कबीर मठ</strong> से 100 वर्ष से अधिक पुरानी एक दुर्लभ पांडुलिपि बरामद हुई है, जिससे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।</p>
<p>मठाधीश हरि शरण गोस्वामी के संरक्षण में मिली इस पांडुलिपि का नाम <strong>‘ज्ञान विवेक’</strong> बताया गया है। यह ग्रंथ मठ के ही एक संत द्वारा हस्तलिखित है, जिसमें संत कबीर के दोहे और चौपाइयों का संकलन है। देवनागरी लिपि में लिखी गई यह पांडुलिपि अपनी सुंदर और स्पष्ट लिखावट के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177804/100-year-old-rare-manuscript-found-in-supaul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20250331-wa0163.jpg" alt=""></a><br /><p>जिले में ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों की खोज और संरक्षण अभियान के बीच एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रखंड छातापुर के हरिहरपुर स्थित <strong>सदगुरु कबीर मठ</strong> से 100 वर्ष से अधिक पुरानी एक दुर्लभ पांडुलिपि बरामद हुई है, जिससे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।</p>
<p>मठाधीश हरि शरण गोस्वामी के संरक्षण में मिली इस पांडुलिपि का नाम <strong>‘ज्ञान विवेक’</strong> बताया गया है। यह ग्रंथ मठ के ही एक संत द्वारा हस्तलिखित है, जिसमें संत कबीर के दोहे और चौपाइयों का संकलन है। देवनागरी लिपि में लिखी गई यह पांडुलिपि अपनी सुंदर और स्पष्ट लिखावट के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।</p>
<p>जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि ऐसी पांडुलिपियां हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इन दुर्लभ ग्रंथों के डिजिटलीकरण और संरक्षण की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है।</p>
<p>जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि मिशन का उद्देश्य केवल पांडुलिपियों को सुरक्षित रखना ही नहीं, बल्कि सुपौल को सांस्कृतिक और बौद्धिक केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।</p>
<p>इस पहल को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। मठ में उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए सहयोग का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई पुरानी पांडुलिपि या ग्रंथ हो, तो उसे मिशन के साथ साझा करें, ताकि उसे सुरक्षित किया जा सके।</p>
<p>हरिहरपुर कबीर मठ से मिली यह पांडुलिपि इस बात का संकेत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी ऐतिहासिक और ज्ञानवर्धक धरोहरें छिपी हुई हैं। ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के माध्यम से जिले में अपनी विरासत को सहेजने की दिशा में सार्थक पहल की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 22:36:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल के चार बीईओ ,बीआरपी औरअन्य  कर्मियो से शोकाज   </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="mail-message expanded">
<div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
<div class="clear">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सुपौल ब्यूरो ,</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">    सुपौल चार बीईओ सहित बीआरपी व अन्य कर्मियो कोमें एसपीआर में दिलचस्पी नहीं दिखाना महँगा पड़ा।डीईओ ने इसे गम्भीरता से लेते हुए  चार अधिकारियों पर ही कार्रवाई शुरू कर दी  स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की प्रगति को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने  सख्त रुख अपनाते हुए शोकाज कर जवाब मांगा  है। स्टूडेंट प्रोग्रेशन रिपोर्ट (एसपीआर) में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर डीईओ ने जिले के त्रिवेणीगंज, सुपौल, छातापुर तथा राघोपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी,बीआरपी और अन्य कर्मियों को   रिपोर्ट को शत-प्रतिशत अद्यतन कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मालूम हो कि  कि</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153082/supauls-four-beo-brp-and-other-workers-bereaved"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/upp.jpg" alt=""></a><br /><div class="mail-message expanded">
<div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
<div class="clear">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सुपौल ब्यूरो ,</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  सुपौल चार बीईओ सहित बीआरपी व अन्य कर्मियो कोमें एसपीआर में दिलचस्पी नहीं दिखाना महँगा पड़ा।डीईओ ने इसे गम्भीरता से लेते हुए  चार अधिकारियों पर ही कार्रवाई शुरू कर दी  स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की प्रगति को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने  सख्त रुख अपनाते हुए शोकाज कर जवाब मांगा  है। स्टूडेंट प्रोग्रेशन रिपोर्ट (एसपीआर) में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर डीईओ ने जिले के त्रिवेणीगंज, सुपौल, छातापुर तथा राघोपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी,बीआरपी और अन्य कर्मियों को   रिपोर्ट को शत-प्रतिशत अद्यतन कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मालूम हो कि  कि राज्य व जिला स्तर पर शिक्षा विभाग की कई योजनाएं विद्यार्थियों की प्रगति रिपोर्ट पर आधारित होती हैं. स्टूडेंट प्रोग्रेशन रिपोर्ट के माध्यम से यह आकलन किया जाता है कि छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक स्थिति क्या है, किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है और किस स्कूल या प्रखंड में गिरावट आई है. रिपोर्ट समय पर न भेजने के कारण न केवल नीति निर्धारण में बाधा उत्पन्न होती है, बल्कि छात्रों की शैक्षणिक स्थिति पर निगरानी रखना भी कठिन होता है.</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="mail-message-footer spacer collapsible"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Jul 2025 20:38:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्यालय में शिक्षकों की लापरवाही, पूर्व प्रमुख ने की कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>किशनपुर (सुपौल)-</strong></p>
<p>पूर्व प्रमुख सूर्यनारायण प्रसाद ने गुरुवार को प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों सहित कोसी तटबंध के अंदर अन्य स्थानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तटबंध के अंदर स्थित मध्य विद्यालय बुढ़ियाडीह का निरीक्षण किया, जहां लापरवाही के चौंकाने वाले हालात नजर आए।</p>
<p>विद्यालय में पदस्थापित चार शिक्षकों में से केवल एक शिक्षक, शैलेंद्र यादव, उपस्थित थे, जबकि कुल नामांकित 55 छात्रों में से 35 बच्चे ही विद्यालय में खेलते नजर आए। स्थानीय ग्रामीणों की लगातार शिकायत थी कि विद्यालय में शिक्षक नियमित रूप से नहीं आते। जब पूर्व प्रमुख ने मौके पर जांच की, तो पाया कि विद्यालय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150745/negligence-of-teachers-in-school-demands-action-by-former-chief"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/img-20250403-wa0099.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>किशनपुर (सुपौल)-</strong></p>
<p>पूर्व प्रमुख सूर्यनारायण प्रसाद ने गुरुवार को प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों सहित कोसी तटबंध के अंदर अन्य स्थानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तटबंध के अंदर स्थित मध्य विद्यालय बुढ़ियाडीह का निरीक्षण किया, जहां लापरवाही के चौंकाने वाले हालात नजर आए।</p>
<p>विद्यालय में पदस्थापित चार शिक्षकों में से केवल एक शिक्षक, शैलेंद्र यादव, उपस्थित थे, जबकि कुल नामांकित 55 छात्रों में से 35 बच्चे ही विद्यालय में खेलते नजर आए। स्थानीय ग्रामीणों की लगातार शिकायत थी कि विद्यालय में शिक्षक नियमित रूप से नहीं आते। जब पूर्व प्रमुख ने मौके पर जांच की, तो पाया कि विद्यालय प्रधान अर्जुन झा उपस्थिति रजिस्टर को अपने घर ले जाकर हाजिरी बनाते हैं।</p>
<p>पूर्व प्रमुख सूर्यनारायण प्रसाद ने शिक्षकों की इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन से अविलंब कार्रवाई की मांग की, ताकि विद्यालय का संचालन सुचारू रूप से हो सके। इस मौके पर रमेश कुमार यादव, राम यादव, परमेश्वरी यादव, पप्पू कुमार, कुशो यादव, लखन यादव, रंजीत यादव सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 20:49:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मेरठ हत्याकांड: सोशल मीडिया पर 'नीले ड्रम ड्रामा' का जलवा, हर पोस्ट में नजर आ रहा है नीले ड्रम जोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सुपौल-</strong> सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीब ट्रेंड छाया हुआ है — नीले ड्रम का ड्रामा! हर दूसरी पोस्ट पर किसी न किसी तरह से नीले ड्रम का जिक्र हो रहा है। मीम्स से लेकर वीडियो तक, नीले ड्रम ने जैसे हर किसी की टाइमलाइन पर कब्जा कर लिया है।<br /><br />सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना को हाथों-हाथ लिया और देखते ही देखते 'नीले ड्रम ड्रामा' के नाम से नए-नए मीम्स और वीडियोज़ बनने लगे। कुछ लोगों ने इसे मज़ाकिया अंदाज में लिया तो कुछ ने पानी की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।</p>
<p>अब आलम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150411/meerut-murder-case-is-seen-in-every-post-of-blue"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/नीले.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>सुपौल-</strong> सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीब ट्रेंड छाया हुआ है — नीले ड्रम का ड्रामा! हर दूसरी पोस्ट पर किसी न किसी तरह से नीले ड्रम का जिक्र हो रहा है। मीम्स से लेकर वीडियो तक, नीले ड्रम ने जैसे हर किसी की टाइमलाइन पर कब्जा कर लिया है।<br /><br />सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना को हाथों-हाथ लिया और देखते ही देखते 'नीले ड्रम ड्रामा' के नाम से नए-नए मीम्स और वीडियोज़ बनने लगे। कुछ लोगों ने इसे मज़ाकिया अंदाज में लिया तो कुछ ने पानी की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।</p>
<p>अब आलम यह है कि सोशल मीडिया खोलो तो हर अगली पोस्ट में नीले ड्रम की मौजूदगी नजर आती है। किसी ने नीले ड्रम को हीरो बना दिया, तो किसी ने विलेन! कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर नीले ड्रम का यह ड्रामा लोगों का मनोरंजन भी कर रहा है और सोचने पर मजबूर भी।<br /><br /><strong>सोशल मीडिया पर नीले ड्रम का जोक वायरल</strong><br />सौरभ हत्याकाड से पूरे देश में भय का माहौल बन गया. मुस्कान और साहिल ने सौरव की हत्या कर दी. उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया, उसकी कलाइयां काट दी गईं और उसे एक नीले ड्रम में रख दिया गया. सिर को अलग रखा गया, धड़ को अलग रखा गया, चाकू को अलग रखा गया और कलाइयों को अलग रखा गया. इस हत्या में नीले ड्रम का उल्लेख किया गया था।</p>
<p> इसलिए, अब इसे लेकर चुटकुले सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. "भाई, नीला ड्रम घर ले जाओ, या मुफ्त में पाओ" जैसे चुटकुले सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. कुछ वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि नीला ढोल तुरंत पत्नी को ले आता है और पति उससे दूर भागता है. दरअसल, यह इस बात का उदाहरण है कि दुकानदारों के लिए ऐसी घटनाएं कितनी बड़ी समस्या बन सकती हैं।<br /><br /><strong>क्या है नीले ड्रम कहानी</strong><br />दरअसल मेरठ में मुस्‍कान नाम की एक महिला ने प्रेमी संग मिलकर अपने पति की हत्‍या की फिर लाश के 15 टुकड़े कर दिए। मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने हत्याकांड को अंजाम देने के बाद इसे छिपाने के लिए बड़ी प्लानिंग की। लाश को ड्रम में डालकर सीमेंट के घोल से जमा दिया, ताकि दुर्गंध न आए और मौका देखकर इसे ठिकाने लगा दें। हत्या के बाद सौरभ का फोन लेकर मुस्कान और साहिल शिमला, कसौल समेत हिमाचल में कई जगह घूमने चले गए। सौरभ के मोबाइल फोन से सोशल मीडिया पर हिलस्टेशन के फोटो अपलोड किए ताकि ये दिखाया जा सके कि सौरभ घूमने गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 14:49:37 +0530</pubDate>
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