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                <title>पंचायत भवन - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>पंचायत भवन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ पिछले 09 वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ की उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की आधारशिला है। जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों के दौरान पंचायती राज विभाग ने विकास के अनेक आयामों पर उल्लेखनीय कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुशासन और जनकल्याण को नई दिशा दी है। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और परियोजनाओं ने न केवल ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार किया है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले नौ वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ में आधारभूत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184365/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-of-district-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की आधारशिला है। जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों के दौरान पंचायती राज विभाग ने विकास के अनेक आयामों पर उल्लेखनीय कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुशासन और जनकल्याण को नई दिशा दी है। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और परियोजनाओं ने न केवल ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार किया है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले नौ वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ में आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार के तहत 14.13 करोड़ रुपये की लागत से 58 अन्त्येष्टि स्थलों का निर्माण कराया गया। यह कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरिमामय अंतिम संस्कार व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा है। इन स्थलों के निर्माण से ग्रामीण जनता को सुविधा मिलने के साथ सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार ग्रामीण प्रशासन को सुदृढ़ बनाने हेतु राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आर०जी०एस०ए०) के अंतर्गत 18.51 करोड़ रुपये की लागत से 106 पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया। पंचायत भवन ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ होते हैं, जहां ग्राम सभाएं, विकास योजनाओं की बैठकें और प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होती हैं। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इन पंचायत भवनों ने ग्राम स्तर पर सुशासन को मजबूती दी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />स्वच्छता के क्षेत्र में भी जनपद लखनऊ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 31.87 करोड़ रुपये की लागत से 491 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। इन शौचालयों के निर्माण से सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हुई और विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों तथा जरूरतमंदों को सुविधा मिली। यह कार्य ग्रामीण स्वच्छता अभियान की सफलता का प्रमुख उदाहरण है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी क्रम में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 267.05 करोड रुपये की लागत से 2.22.538 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया। यह उपलब्धि खुले में शौच मुक्त (ODF) अभियान को सफल बनाने में मील का पत्थर साबित हुई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी, महिलाओं की गरिमा सुरक्षित हुई तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आई।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं को सुलभ बनाने हेतु आर०जी०एस०ए० योजनान्तर्गत 3.12 करोड़ रुपये की लागत से 78 जन सेवा केन्द्रों का निर्माण कराया गया। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं, प्रमाणपत्र, आवेदन और योजनाओं से संबंधित जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही है। इससे शासन की सेवाओं की पहुंच गांव तक सुनिश्चित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इन उपलब्धियों के अतिरिक्त पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) के माध्यम से गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी। गांवों में सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, पंचायत भवन, पेयजल, सौर लाइट, खेल मैदान और अन्य सामुदायिक परिसंपत्तियों का विकास किया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों में विभाग ने डिजिटल गवर्नेस को भी बढ़ावा दिया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, पंचायत लेखा प्रणाली और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था के माध्यम से पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। पंचायत सहायकों और पंचायत सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया गया।महिला सशक्तिकरण भी इस प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढी है और महिला ग्राम प्रधानों ने विकास कार्यों में सक्रिय योगदान दिया है। स्वयं सहायता समूहों और पंचायतों के समन्वय से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बल मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मनरेगा के अंतर्गत भी पंचायती राज विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किए। तालाबों का पुनरुद्धार, चकरोड निर्माण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण कराया गया। अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत जल संरक्षण को बढ़ावा दिया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन और जल संसाधनों की उपलब्धता बेहतर हुई।<br />सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में पंचायतों की भूमिका अत्यंत प्रभावी रही। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, राशन वितरण और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान और सहायता में पंचायतों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता के क्षेत्र में भी विभाग ने सराहनीय प्रगति की है। केंद्रीय और राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का उपयोग विकास कार्यों में प्रभावी ढंग से किया गया। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली और सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया गया। यदि पिछले 09 वर्षों की उपलब्धियों को समग्र रूप में देखा जाए तो पंचायती राज विभाग द्वारा केवल योजनाओं का क्रियान्वयन ही नहीं किया गया, बल्कि ग्रामीण जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का कार्य हुआ है। 58 अन्त्येष्टि स्थल, 106 पंचायत भवन, 491 सामुदायिक शौचालय, 2.22 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालय और 78 जन सेवा केंद्र जैसी उपलब्धियां इस प्रगति को मूर्त रूप देती हैं। यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की बदलती तस्वीर के प्रतीक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इन उपलब्धियों ने लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सुशासन, सम्मानजनक जीवन, प्रशासनिक पहुंच और सामाजिक विकास को नई ऊंचाई दी है। पंचायती राज विभाग की यह प्रगति 'सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निश्चित रूप से पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में पंचायती राज विभाग की प्रगति उल्लेखनीय, बहुआयामी और प्रेरणादायी रही है। आने वाले समय में डिजिटल पंचायत, स्मार्ट ग्राम और आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा के साथ यह प्रगति और नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:44:14 +0530</pubDate>
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                <title>रास्ता विहीन पंचायत भवन है असली विकास की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर</strong>।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार आम जनमानस की सुविधा के लिए आए दिन एक न एक नई व्यवस्था एवं योजना लाती रहती है लेकिन उसे धरातल पर लाने में  प्रदेश से लेकर जिले और यहां तक कि विकास खण्ड स्तर के अधिकारियों की पूरी भूमिका होती है लेकिन सरकारी व्यवस्थाओं और योजनाओं को तब पलीता लगा जाता है जब जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी निष्क्रिय व भ्रष्टाचार युक्त हो जाते हैं। ऐसी ही निष्क्रियता का खामियाजा अकबरपुर विकास खण्ड के रुकुनुद्दीन पुर गांव पंचायत के लोग भी भुगत रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के लिए बताते चले कि जिले के सदर ब्लॉक अकबरपुर में पड़ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150310/picture-of-real-development-is-a-panchayat-building"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img_20250324_230349.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर</strong>।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार आम जनमानस की सुविधा के लिए आए दिन एक न एक नई व्यवस्था एवं योजना लाती रहती है लेकिन उसे धरातल पर लाने में  प्रदेश से लेकर जिले और यहां तक कि विकास खण्ड स्तर के अधिकारियों की पूरी भूमिका होती है लेकिन सरकारी व्यवस्थाओं और योजनाओं को तब पलीता लगा जाता है जब जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी निष्क्रिय व भ्रष्टाचार युक्त हो जाते हैं। ऐसी ही निष्क्रियता का खामियाजा अकबरपुर विकास खण्ड के रुकुनुद्दीन पुर गांव पंचायत के लोग भी भुगत रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के लिए बताते चले कि जिले के सदर ब्लॉक अकबरपुर में पड़ने वाली ग्राम पंचायत रुकुनुद्दीन पुर में सरकारी योजना के तहत पंचायत भवन का निर्माण लगभग 15 वर्ष पहले हुआ लेकिन विभागीय अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते अभी तक उक्त भवन तक जाने के लिए कोई अपना स्वयं का उचित एवं व्यवस्थित रास्ता ही नहीं बन पाया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img_20250324_230428.jpg" alt="IMG_20250324_230428" width="615" height="407"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस पंचायत भवन तक जाने के लिए ग्रामीणों को खेत के मेड़ का सहारा लेना पड़ता है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी रास्ता बनवाने की सुधि नहीं लेते हैं। जबकि इस भवन की रंगाई पुताई मेंटेनेंस इत्यादि में समय समय पर लाखों रुपए का वारा न्यारा भी हो जाता है। जबकि कहीं कही टूटी हुई टाइल्स व दिवाल की प्लास्टर भवन में मेंटेनेंस इत्यादि के लिए कराए गए कार्यों की गुणवत्ता का बखूबी बखान कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ग्राम प्रधान ने बताया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">रुकुनुद्दीन पुर ग्राम सभा के वर्तमान समय के ग्राम प्रधान त्रिवेणी यादव से टेलीफोनिक वार्ता में यह जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त पंचायत भवन लगभग 15 साल पहले निर्मित किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण लिंक रोड से पंचायत भवन के बीच में बरसावा हाशिमपुर के काश्तकार का खेत है जिसपर चकरोड नहीं है। पंचायत भवन के सामने जो जमीन रुकुनुद्दीन पुर की है उसपर कोई व्यक्ति काबिज है और मुकदमा भी कर रखा है जिसके कारण रास्ता नहीं बन पा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि कबतक मुकदमे की आड़ में पंचायत भवन रास्ता विहीन रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> <strong>ग्राम्य विकास अधिकारी/ सचिव का नहीं उठा फोन</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उपरोक्त के बाबत ग्राम पंचायत रुकुनुद्दीन पुर के सचिव से जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन सेक्रेटरी द्वारा मोबाइल फोन रिसीव नहीं किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खण्ड विकास अधिकारी नहीं दे सके माकूल जवाब</strong></p>
<p style="text-align:justify;">खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर से पंचायत भवन रुकुनुद्दीन पुर में रास्ता न होने के बाबत सामने से मौखिक तौर पर सवाल किए जाने पर उनके द्वारा कोई माकूल जवाब नहीं दिया गया। जितनी बार रास्ते के बारे में  सवाल किया टालमटोल ही हाथ लगा। </p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल रुकुनुद्दीन पुर के साथ साथ अन्य ग्राम सभाओं के विकास कार्यों में हुए गोलमाल की फेहरिस्त लम्बी है। कहीं नालियां चोक हैं तो कहीं कूड़े का अंबार लगा है। हैडपम्प के रिबोर की तो पूछना ही क्या.....</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Mar 2025 00:42:44 +0530</pubDate>
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