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                <title>delhi police action - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>delhi police action RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आउटर डिस्ट्रिक्ट में ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़, आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>आउटर डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्मैक और कोकीन बरामद की है। इस ऑपरेशन के जरिए न केवल नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है, बल्कि इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, 22 मार्च 2026 को एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड की एक टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई राज कुमार, एसआई मुकेश, एएसआई दिलबाग और हेड कांस्टेबल दिनेश शामिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174042/drug-supply-network-busted-in-outer-district-accused-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260324-wa0002.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>आउटर डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्मैक और कोकीन बरामद की है। इस ऑपरेशन के जरिए न केवल नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है, बल्कि इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, 22 मार्च 2026 को एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड की एक टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई राज कुमार, एसआई मुकेश, एएसआई दिलबाग और हेड कांस्टेबल दिनेश शामिल थे। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर राजपाल कर रहे थे और पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशंस वीरेंद्र सिंह की निगरानी में की गई। टीम सुल्तानपुरी थाना क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी उन्हें गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स, सुल्तानपुरी के पास ड्रग्स सप्लाई करने आने वाला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर जाल बिछाया। 23 मार्च को कुछ समय बाद एक युवक मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचा, लेकिन पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान 26 वर्षीय ओम प्रकाश के रूप में हुई, जो बिहार के गोपालगंज का रहने वाला है।तलाशी के दौरान उसके पास से संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ, जिसे फील्ड टेस्टिंग किट से जांचने पर स्मैक और कोकीन होने की पुष्टि हुई। वजन करने पर यह 20 ग्राम स्मैक और 4 ग्राम कोकीन निकली, जो इंटरमीडिएट मात्रा में आती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया।इस मामले में सुल्तानपुरी थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत एफआईआर नंबर 160/2026 दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्मैक और कोकीन की सप्लाई का काम करता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ा प्रहार हुआ है और यह साफ संकेत है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार सख्ती से जारी रहेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 17:24:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पहले भी हो चुके थे डिपोर्ट, फिर दिल्ली में पकड़े गए दो बांग्लादेशी नागरिक; दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की फॉरेनर सेल ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">खास बात यह है कि दोनों को पहले भी भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर दिल्ली में रह रहे थे।पुलिस के अनुसार 9 मार्च 2026 को फॉरेनर सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173121/deportations-had-taken-place-earlier-also-then-two-bangladeshi-citizens"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260310-wa0246.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की फॉरेनर सेल ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खास बात यह है कि दोनों को पहले भी भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर दिल्ली में रह रहे थे।पुलिस के अनुसार 9 मार्च 2026 को फॉरेनर सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास सक्रिय हैं और अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और लगातार सर्विलांस के बाद दोनों को हिरासत में ले लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूछताछ के दौरान दोनों ने शुरुआत में खुद को भारतीय नागरिक बताया, लेकिन उनके जवाबों में विरोधाभास और संदिग्ध व्यवहार के कारण पुलिस को उन पर शक हुआ।जांच के दौरान पुलिस ने उनके दस्तावेजों की जांच की, डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया और फोटो साक्ष्यों की पड़ताल की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे यह स्पष्ट हो गया कि दोनों व्यक्ति बांग्लादेश के नागरिक हैं और बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों को पिछले वर्ष उत्तराखंड से अवैध रूप से भारत में रहने के कारण डिपोर्ट किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा सीमा पार कर भारत आ गए और दिल्ली में अवैध गतिविधियों में शामिल हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दरअसल, हाल ही में फॉरेनर सेल ने तीन बांग्लादेशी महिलाओं को भी डिपोर्ट किया था, जो मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े रैकेट में शामिल थीं। पूछताछ के दौरान उन महिलाओं ने खुलासा किया था कि ‘विकास’ नाम का एक बांग्लादेशी नागरिक उन्हें अवैध तरीके से भारत लाया था और दिल्ली में उनके लिए ग्राहकों का इंतजाम करता था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी खुलासे के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान पता चला कि वही व्यक्ति और उसकी कथित पत्नी जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के आसपास सक्रिय हैं।इसके बाद पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया, जिसमें एसआई श्यामबीर, एएसआई विजय, एएसआई राजेंद्र, महिला हेड कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल दीपक बांगड़ शामिल थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह टीम इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में और एसीपी राजीव कुमार की निगरानी में काम कर रही थी। टीम ने इलाके में स्टिंग ऑपरेशन भी किया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने संदिग्धों से अवैध गतिविधियों के लिए संपर्क किया। जैसे ही संदिग्धों ने सहमति जताई, पुलिस टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।तलाशी के दौरान उनके पास से दो स्मार्टफोन बरामद हुए, जिनमें प्रतिबंधित IMO एप इंस्टॉल था। इसके अलावा उनके मोबाइल फोन की गैलरी से छह बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र भी मिले, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन बरामदगी से यह भी पुष्टि हुई कि दोनों बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और यहां गलत गतिविधियों में शामिल थे।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए एफआरआरओ के सामने पेश किया गया, जहां से उनके खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय दिप्तो कुमार पाल उर्फ विकास और 27 वर्षीय रुमा बेगम के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के ढाका जिले के निवासी बताए गए हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 18:03:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ दक्षिण दिल्ली पुलिस का जबरदस्त एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>नई दिल्ली। </strong>अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने के लिए चल रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में एक निर्णायक कार्रवाई में,पीएस लोधी कॉलोनी और एएटीएस, दक्षिण जिला दिल्ली की एक संयुक्त टीम ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भारत में अवैध रूप से बसने में सक्षम बनाने वाले एक परिष्कृत नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।सटीक खुफिया जानकारी से प्रेरित इस ऑपरेशन ने दस्तावेज़ जालसाजी,अवैध रोजगार और सीमा पार मनी लॉन्ड्रिंग के जाल को उजागर किया,जिसने संगठित अवैध आव्रजन को एक बड़ा झटका दिया।</div><div><br /></div><div>भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(2)/319(2)/337 के साथ विदेशी अधिनियम, 1946</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150276/south-delhi-polices-tremendous-action-against-illegal-bangladeshis"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250323-wa0158.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नई दिल्ली। </strong>अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने के लिए चल रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में एक निर्णायक कार्रवाई में,पीएस लोधी कॉलोनी और एएटीएस, दक्षिण जिला दिल्ली की एक संयुक्त टीम ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भारत में अवैध रूप से बसने में सक्षम बनाने वाले एक परिष्कृत नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।सटीक खुफिया जानकारी से प्रेरित इस ऑपरेशन ने दस्तावेज़ जालसाजी,अवैध रोजगार और सीमा पार मनी लॉन्ड्रिंग के जाल को उजागर किया,जिसने संगठित अवैध आव्रजन को एक बड़ा झटका दिया।</div><div><br /></div><div>भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(2)/319(2)/337 के साथ विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14 और आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 की धारा 34 के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 51/25 के मामले में आगे की जांच के दौरान, पुलिस स्टेशन लोधी कॉलोनी, दक्षिण जिला, दिल्ली में (08) बांग्लादेशी नागरिक भारत में अवैध रूप से रहते पाए गए। इसके अलावा, छह (06) अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ एफआरआरओ,नई दिल्ली के माध्यम से निर्वासन की कार्यवाही पूरी कर ली गई है और 4 और संदिग्ध बांग्लादेशियों की जांच चल रही है।</div><div><br /></div><div>इसके अलावा,टीम ने आठ (08) भारतीय नागरिकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जिन्होंने इन बांग्लादेशी प्रवासियों को रोजगार,आवास हासिल करने और झूठे भारतीय पहचान दस्तावेज तैयार करने में मदद की। ज्वेल इस्लाम और मोहम्मद आलमगीर जाली आधार और पैन कार्ड के साथ वर्षों से भारत में रह रहे थे। मोहम्मद आलमगीर,जो 2007 से यहां हैं, ने अपने बच्चों का दाखिला भारतीय स्कूलों में कराया। मोहम्मद रेजाउल,जो 2000 से यहां रह रहे हैं, ने भारतीय पासपोर्ट हासिल किया, दो साल में 22 बार भारत और बांग्लादेश की यात्रा की और मनी लॉन्ड्रिंग करते हुए कैब ड्राइवर के रूप में काम किया। </div><div><br /></div><div>कमरुज्जमां 2014 में फर्जी आईडी के साथ भारतीय डिलीवरी एजेंट के रूप में आया था। जालसाजी के गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद मोइनुद्दीन दिल्ली में एक कंप्यूटर की दुकान चलाता था, जो उन्नत संपादन उपकरणों के साथ फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार करता था।उसके काम ने आधार, पैन, मतदाता पहचान पत्र और पासपोर्ट के निर्माण को बढ़ावा दिया,शाहीन ने उन्हें नौकरी दिलवाई,जबकि मनवर हुसैन और निमाई करमाकर ने बांग्लादेश में अवैध नकदी प्रवाह की व्यवस्था की।</div><div><br /></div><div>इंस्पेक्टर राजेश कुमार, एसएचओ/पीएस लोधी कॉलोनी इंस्पेक्टर उमेश यादव आईसी/एएटीएस/दक्षिण जिला, इंस्पेक्टर राज कुमार, इंस्पेक्टर शामिल हैं। अमित कुमार, एसआई तालिब खान, एसआई रजनीश, एसआई विवेक चाहर, एसआई दीपक महला, एसआई विनोद कुमार, एसआई दिनेश कुमार, एचसी कृष्ण, एचसी सोमवीर, एचसी वीरेंद्र, एचसी रघु, एचसी सुरेश, एचसी जोगिंदर, एचसी राजेंद्र, एचसी सतीश, एचसी कृपाल, सीटी। अमित, सीटी. भूपेन्द्र, सीटी. श्री नारायण, सीटी. देवेन्द्र, सीटी. अरविन्द कुमार एवं सीटी. नागरमल एसीएसपी/डीएफसी एवं संचालन के मार्गदर्शन मे अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ पुलिस की यह जबरदस्त करवाई संपन्न हुई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 15:39:34 +0530</pubDate>
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