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                <title>delhi police action - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>delhi police action RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड बदलकर लाखों की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>दक्षिण जिला दिल्ली पुलिस के साइबर थाना, दक्षिण जिला ने एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड बदलकर ग्राहकों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बैंक के एक वर्तमान और एक पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 लाख 15 हजार रुपये नकद, फर्जी तरीके से हासिल किए गए एचडीएफसी बैंक के आठ क्रेडिट कार्ड, सात मोबाइल फोन तथा 16 इलेक्ट्रॉनिक घरेलू उपकरण बरामद किए हैं। जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े छह अन्य साइबर ठगी के मामलों का भी खुलासा हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त डीसीपी अनन्त</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184385/cheated-worth-lakhs-by-changing-credit-cards-of-hdfc-bank"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260731-wa0003-(3).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>दक्षिण जिला दिल्ली पुलिस के साइबर थाना, दक्षिण जिला ने एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड बदलकर ग्राहकों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बैंक के एक वर्तमान और एक पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 लाख 15 हजार रुपये नकद, फर्जी तरीके से हासिल किए गए एचडीएफसी बैंक के आठ क्रेडिट कार्ड, सात मोबाइल फोन तथा 16 इलेक्ट्रॉनिक घरेलू उपकरण बरामद किए हैं। जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े छह अन्य साइबर ठगी के मामलों का भी खुलासा हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त डीसीपी अनन्त मित्तल ने बताया कि 23 जुलाई को एक महिला ने साइबर थाना, दक्षिण जिला में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका एचडीएफसी बैंक का क्रेडिट कार्ड उसके पास सुरक्षित होने के बावजूद उससे अनधिकृत लेनदेन किए गए। शिकायत के आधार पर ई-एफआईआर संख्या 00459/2026 भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 340 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच में पता चला कि आरोपियों ने कथित रूप से बिना ग्राहक की जानकारी के उसके क्रेडिट कार्ड से जुड़े पंजीकृत मोबाइल नंबर में बदलाव कर दिया। इसके बाद उसी के नाम पर नया क्रेडिट कार्ड जारी कराया, उसका पिन सक्रिय किया और उसका दुरुपयोग किया। आरोपियों ने एटीएम से 53 हजार रुपये निकाले तथा 1 लाख 18 हजार 935 रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदे। इस तरह पीड़िता को कुल 1 लाख 71 हजार 935 रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले की जांच के लिए साइबर थाना, दक्षिण जिला के थाना प्रभारी (एसएचओ) निरीक्षक हंसराज स्वामी के नेतृत्व तथा सहायक पुलिस आयुक्त (ऑपरेशन) ऋतुराज के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में उपनिरीक्षक आशीष कुमार, मुख्य आरक्षी मोहित, सुरेंद्र, प्रेमपुनीत, समुंदर और सुरेंद्र शामिल थे। टीम ने बैंक के अभिलेखों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन का गहन विश्लेषण किया।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हाल के समय में कई ग्राहकों के नाम पर उनकी जानकारी के बिना एचडीएफसी बैंक के नए क्रेडिट कार्ड जारी कर उनका दुरुपयोग किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तकनीकी जांच और वित्तीय लेनदेन के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने मुकेश कुमार (33) निवासी लोनी, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) तथा अनिल कुमार (34) निवासी उत्तम नगर, दिल्ली को गिरफ्तार किया। मुकेश वर्तमान में एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत है, जबकि अनिल फरवरी 2026 तक इसी पद पर कार्यरत था।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 लाख 15 हजार रुपये नकद, ग्राहकों के नाम पर फर्जी तरीके से प्राप्त एचडीएफसी बैंक के आठ क्रेडिट कार्ड, सात मोबाइल फोन तथा 16 इलेक्ट्रॉनिक घरेलू उपकरण बरामद किए हैं। इनमें एलईडी टीवी, रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, माइक्रोवेव ओवन, इंडक्शन चूल्हा, मिक्सर-ग्राइंडर, स्टीम इस्त्री और स्टेबलाइजर शामिल हैं। इसके अलावा खरीदारी के बिल, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूछताछ और जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े छह अन्य साइबर ठगी के मामलों का भी खुलासा हुआ है। इन मामलों में करीब 10 लाख 57 हजार 868 रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका, अपराध से अर्जित शेष राशि और संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है।डीसीपी अनन्त मित्तल ने यह भी बताया कि संगठित साइबर वित्तीय अपराधों के खिलाफ दक्षिण जिला पुलिस का अभियान लगातार जारी है। मामले में आगे की जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 21:46:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद नहीं मानी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<h1>संसद मार्च के दौरान हिंसा: दिल्ली पुलिस की पहली FIR आई सामने, हत्या के प्रयास समेत 13 गंभीर धाराओं में केस दर्ज</h1>
<p><span style="text-decoration:underline;"><em><strong>खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></span></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज पहली एफआईआर (FIR) की कॉपी सामने आ गई है। कर्तव्य पथ थाना में दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास सहित 13 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस बल पर हमला किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184041/despite-announcement-of-implementation-of-section-163-warning-not-heeded"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/screenshot_20260725_115054_instagram(1).jpg" alt=""></a><br /><h1>संसद मार्च के दौरान हिंसा: दिल्ली पुलिस की पहली FIR आई सामने, हत्या के प्रयास समेत 13 गंभीर धाराओं में केस दर्ज</h1>
<p><span style="text-decoration:underline;"><em><strong>खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></span></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज पहली एफआईआर (FIR) की कॉपी सामने आ गई है। कर्तव्य पथ थाना में दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास सहित 13 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस बल पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।</p>
<h2>हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा</h2>
<p>दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को गंभीर अपराध मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या के प्रयास) सहित कुल 13 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला संसद और रेल भवन जैसे अति संवेदनशील एवं उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुई हिंसा से जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है।</p>
<h2>पुलिस पर हमला, कई जवान घायल</h2>
<p>एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और पथराव किया गया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने चप्पलें, पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकीं, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने दावा किया है कि हमला बेहद आक्रामक था और जवानों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया था।</p>
<h2>सरकारी और निजी संपत्ति को पहुंचा नुकसान</h2>
<p>हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कई सरकारी बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आसपास खड़े निजी वाहनों को भी क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं भी एफआईआर में शामिल की हैं।</p>
<h2>हालात बिगड़ने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग</h2>
<p>पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को कई बार शांतिपूर्वक पीछे हटने और निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए कहा गया, लेकिन जब भीड़ लगातार आगे बढ़ती रही और बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया गया, तब हालात को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया गया। इसके साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई संसद, रेल भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई।</p>
<h2>सुबह 5 बजे से तैनात थी पुलिस टीम</h2>
<p>एफआईआर के मुताबिक, संबंधित इंस्पेक्टर की ड्यूटी सुबह 5 बजे से सी-हेक्सागन, जोन-11 (पिंक बूथ) पर लगाई गई थी। वायरलेस के माध्यम से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत रेल भवन राउंडअबाउट स्थित बैरिकेड्स पर पहुंची, जहां हजारों प्रदर्शनकारी पहले से मौजूद थे और लगातार नारेबाजी कर रहे थे।</p>
<h2>धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद नहीं मानी चेतावनी</h2>
<p>पुलिस ने एफआईआर में बताया है कि मौके पर लाउडस्पीकर के जरिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने तथा प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बार-बार घोषणा की गई। प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक लौटने की अपील भी की गई, लेकिन पुलिस के अनुसार भीड़ ने चेतावनी को अनदेखा कर दिया और नारेबाजी जारी रखी।</p>
<h2>बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने का आरोप</h2>
<p>एफआईआर में कहा गया है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अन्य प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन की ओर बढ़ने के लिए उकसाया। इसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव शुरू हो गया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने का भी प्रयास किया गया।</p>
<h2>वीडियो फुटेज और सीसीटीवी के आधार पर होगी पहचान</h2>
<p>दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<h2>जांच जारी, आगे हो सकती हैं और गिरफ्तारियां</h2>
<p>दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है ताकि हिंसा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184041/despite-announcement-of-implementation-of-section-163-warning-not-heeded</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 12:00:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अमित राघव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच दिल्ली में NSA लागू, दिल्ली पुलिस को मिली विशेष शक्तियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस को NSA के तहत विशेष अधिकार, जानिए क्या बदलेगा</strong></p>
<p><strong>ख़बर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)</strong> के तहत कार्रवाई करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। यह आदेश <strong>19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<h3><strong>दिल्ली पुलिस आयुक्त को मिली विशेष शक्तियां</strong></h3>
<p>जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि के दौरान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183991/nsa-implemented-in-delhi-amid-protests-at-jantar-mantar-delhi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/screenshot_20260723_145641_facebook.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस को NSA के तहत विशेष अधिकार, जानिए क्या बदलेगा</strong></p>
<p><strong>ख़बर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)</strong> के तहत कार्रवाई करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। यह आदेश <strong>19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<h3><strong>दिल्ली पुलिस आयुक्त को मिली विशेष शक्तियां</strong></h3>
<p>जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि के दौरान यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या शांति के लिए गंभीर खतरा</strong> मानी जाती हैं, तो दिल्ली पुलिस आयुक्त NSA के तहत आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।</p>
<h3><strong>क्या बिना मुकदमे हो सकती है हिरासत?</strong></h3>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA), 1980 एक <strong>निवारक निरोध (Preventive Detention)</strong> कानून है। इसके तहत प्रशासन किसी व्यक्ति को भविष्य में संभावित खतरे की आशंका के आधार पर हिरासत में ले सकता है। इस प्रक्रिया में सामान्य आपराधिक मुकदमा दर्ज होना आवश्यक नहीं होता। हालांकि, कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है और मामले की समीक्षा <strong>सलाहकार बोर्ड (Advisory Board)</strong> द्वारा की जाती है। आवश्यक परिस्थितियों में अधिकतम <strong>12 महीने</strong> तक हिरासत संभव है।</p>
<h3><strong>जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन</strong></h3>
<p>प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और अन्य मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र और युवा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।</p>
<h3><strong>पेपर लीक पर प्रधानमंत्री का संदेश</strong></h3>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि <strong>पेपर लीक जैसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था</strong> की जाएगी, ताकि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।</p>
<h3><strong>क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)?</strong></h3>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई करने का अधिकार देता है, जिनकी गतिविधियों से <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या आवश्यक सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका</strong> हो। यह कानून सामान्य आपराधिक मामलों से अलग है और केवल विशेष परिस्थितियों में लागू किया जाता है।</p>
<h3><strong>मुख्य बातें</strong></h3>
<ul>
<li><strong>19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक दिल्ली पुलिस आयुक्त को NSA के तहत कार्रवाई का अधिकार।</li>
<li>राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा होने की आशंका पर निवारक हिरासत संभव।</li>
<li>कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया और सलाहकार बोर्ड की समीक्षा अनिवार्य।</li>
<li>आवश्यक परिस्थितियों में अधिकतम <strong>12 महीने</strong> तक निरुद्ध किया जा सकता है।</li>
<li>जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन जारी।</li>
</ul>
<p><strong>नोट:</strong> NSA के तहत विशेष अधिकार दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि सभी प्रदर्शनकारियों को बिना कारण हिरासत में लिया जाएगा। इस कानून का उपयोग केवल कानून में निर्धारित विशेष परिस्थितियों और प्रक्रियाओं के तहत ही किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183991/nsa-implemented-in-delhi-amid-protests-at-jantar-mantar-delhi</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 15:52:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अमित राघव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोल बाग में बहुमंजिला इमारत में लगी आग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> करोल बाग थाना क्षेत्र में सोमवार को एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। राहत की बात यह रही कि इमारत की ऊपरी मंजिल पर संचालित पीजी (पेइंग गेस्ट) में रह रहे दो छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत की निचली मंजिल पर चमड़े के जूते बनाने की एक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183971/fire-breaks-out-in-multi-storey-building-in-karol-bagh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260722-wa0001-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> करोल बाग थाना क्षेत्र में सोमवार को एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। राहत की बात यह रही कि इमारत की ऊपरी मंजिल पर संचालित पीजी (पेइंग गेस्ट) में रह रहे दो छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत की निचली मंजिल पर चमड़े के जूते बनाने की एक छोटी विनिर्माण इकाई संचालित होती है, जबकि ऊपरी मंजिल पर पीजी चल रहा है। आग लगने के बाद इमारत से धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कराया और राहत कार्य शुरू कराया।दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दमकल विभाग की पांच गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं। दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं ताकि आग अन्य हिस्सों में न फैल सके। पुलिस ने भी मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और लोगों को सुरक्षित दूरीबनाए रखने की सलाह दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटनास्थल पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और दमकल विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद विस्तृत जांच की जाएगी। इसके बाद ही आग लगने के कारणों और संपत्ति को हुए नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। पुलिस ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 22:42:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाहदरा पुलिस ने शातिर वाहन चोर गिरफ्तार किया पांच चोरी के दोपहिया और स्नैचिंग का मोबाइल बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> शाहदरा जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड एएटीएस ने एक शातिर वाहन चोर और स्नैचर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के पांच दोपहिया वाहन और स्नैचिंग का एक मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी की पहचान 28 वर्षीय उमेश उर्फ हिमांशु निवासी त्रिलोकपुरी के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले से स्नैचिंग, लूट और आर्म्स एक्ट सहित 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं।पुलिस के अनुसार शाहदरा जिले में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए एएटीएस को सक्रिय वाहन चोरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसके लिए</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182891/shahdara-police-arrested-vicious-vehicle-thief-recovered-five-stolen-two-wheelers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0001-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> शाहदरा जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड एएटीएस ने एक शातिर वाहन चोर और स्नैचर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के पांच दोपहिया वाहन और स्नैचिंग का एक मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी की पहचान 28 वर्षीय उमेश उर्फ हिमांशु निवासी त्रिलोकपुरी के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले से स्नैचिंग, लूट और आर्म्स एक्ट सहित 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं।पुलिस के अनुसार शाहदरा जिले में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए एएटीएस को सक्रिय वाहन चोरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके लिए इंस्पेक्टर प्रतीक सक्सेना के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, खुफिया जानकारी जुटाई और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान 6 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली कि एक वाहन चोर कड़कड़डूमा कोर्ट रेड लाइट के पास चोरी की मोटरसाइकिल के साथ आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उमेश उर्फ हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से बरामद टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल की जांच में पता चला कि यह जीटीबी एन्क्लेव थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी।पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई वाहन चोरी की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चार अन्य चोरी के दोपहिया वाहन भी बरामद किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोपी ने बताया कि इनमें से दो वाहन उसने स्वयं चोरी किए थे, जबकि दो अन्य चोरी के वाहन उसके साथी राशिद ने उसके पास छिपाकर रखवाए थे। जांच में ये वाहन लक्ष्मी नगर, जीटीबी एन्क्लेव, शकरपुर और आनंद विहार थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित पाए गए।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक नीले रंग का ओप्पो मोबाइल फोन भी बरामद किया। पूछताछ में उसने बताया कि यह मोबाइल ईस्ट विनोद नगर मेट्रो स्टेशन के पास स्नैचिंग के दौरान छीना गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जांच में यह मोबाइल पांडव नगर थाना क्षेत्र में दर्ज स्नैचिंग के मामले का निकला।पुलिस के मुताबिक आरोपी नशे का आदी है और अपनी लत पूरी करने तथा खर्च चलाने के लिए वाहन चोरी और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देता था। वह 18 मई 2026 को आर्म्स एक्ट के एक मामले में मंडोली जेल से जमानत पर रिहा हुआ था।शाहदरा पुलिस अब आरोपी के फरार साथी राशिद की तलाश कर रही है। साथ ही उससे जुड़े अन्य मामलों और चोरी की संपत्ति की बरामदगी के लिए जांच जारी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:13:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आउटर डिस्ट्रिक्ट में ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़, आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>आउटर डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्मैक और कोकीन बरामद की है। इस ऑपरेशन के जरिए न केवल नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है, बल्कि इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, 22 मार्च 2026 को एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड की एक टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई राज कुमार, एसआई मुकेश, एएसआई दिलबाग और हेड कांस्टेबल दिनेश शामिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174042/drug-supply-network-busted-in-outer-district-accused-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260324-wa0002.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>आउटर डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्मैक और कोकीन बरामद की है। इस ऑपरेशन के जरिए न केवल नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है, बल्कि इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, 22 मार्च 2026 को एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड की एक टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई राज कुमार, एसआई मुकेश, एएसआई दिलबाग और हेड कांस्टेबल दिनेश शामिल थे। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर राजपाल कर रहे थे और पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशंस वीरेंद्र सिंह की निगरानी में की गई। टीम सुल्तानपुरी थाना क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी उन्हें गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स, सुल्तानपुरी के पास ड्रग्स सप्लाई करने आने वाला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर जाल बिछाया। 23 मार्च को कुछ समय बाद एक युवक मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचा, लेकिन पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान 26 वर्षीय ओम प्रकाश के रूप में हुई, जो बिहार के गोपालगंज का रहने वाला है।तलाशी के दौरान उसके पास से संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ, जिसे फील्ड टेस्टिंग किट से जांचने पर स्मैक और कोकीन होने की पुष्टि हुई। वजन करने पर यह 20 ग्राम स्मैक और 4 ग्राम कोकीन निकली, जो इंटरमीडिएट मात्रा में आती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया।इस मामले में सुल्तानपुरी थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत एफआईआर नंबर 160/2026 दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्मैक और कोकीन की सप्लाई का काम करता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ा प्रहार हुआ है और यह साफ संकेत है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार सख्ती से जारी रहेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174042/drug-supply-network-busted-in-outer-district-accused-arrested</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 17:24:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहले भी हो चुके थे डिपोर्ट, फिर दिल्ली में पकड़े गए दो बांग्लादेशी नागरिक; दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की फॉरेनर सेल ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">खास बात यह है कि दोनों को पहले भी भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर दिल्ली में रह रहे थे।पुलिस के अनुसार 9 मार्च 2026 को फॉरेनर सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173121/deportations-had-taken-place-earlier-also-then-two-bangladeshi-citizens"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260310-wa0246.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की फॉरेनर सेल ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खास बात यह है कि दोनों को पहले भी भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर दिल्ली में रह रहे थे।पुलिस के अनुसार 9 मार्च 2026 को फॉरेनर सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास सक्रिय हैं और अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और लगातार सर्विलांस के बाद दोनों को हिरासत में ले लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूछताछ के दौरान दोनों ने शुरुआत में खुद को भारतीय नागरिक बताया, लेकिन उनके जवाबों में विरोधाभास और संदिग्ध व्यवहार के कारण पुलिस को उन पर शक हुआ।जांच के दौरान पुलिस ने उनके दस्तावेजों की जांच की, डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया और फोटो साक्ष्यों की पड़ताल की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे यह स्पष्ट हो गया कि दोनों व्यक्ति बांग्लादेश के नागरिक हैं और बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों को पिछले वर्ष उत्तराखंड से अवैध रूप से भारत में रहने के कारण डिपोर्ट किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा सीमा पार कर भारत आ गए और दिल्ली में अवैध गतिविधियों में शामिल हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दरअसल, हाल ही में फॉरेनर सेल ने तीन बांग्लादेशी महिलाओं को भी डिपोर्ट किया था, जो मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े रैकेट में शामिल थीं। पूछताछ के दौरान उन महिलाओं ने खुलासा किया था कि ‘विकास’ नाम का एक बांग्लादेशी नागरिक उन्हें अवैध तरीके से भारत लाया था और दिल्ली में उनके लिए ग्राहकों का इंतजाम करता था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी खुलासे के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान पता चला कि वही व्यक्ति और उसकी कथित पत्नी जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के आसपास सक्रिय हैं।इसके बाद पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया, जिसमें एसआई श्यामबीर, एएसआई विजय, एएसआई राजेंद्र, महिला हेड कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल दीपक बांगड़ शामिल थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह टीम इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में और एसीपी राजीव कुमार की निगरानी में काम कर रही थी। टीम ने इलाके में स्टिंग ऑपरेशन भी किया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने संदिग्धों से अवैध गतिविधियों के लिए संपर्क किया। जैसे ही संदिग्धों ने सहमति जताई, पुलिस टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।तलाशी के दौरान उनके पास से दो स्मार्टफोन बरामद हुए, जिनमें प्रतिबंधित IMO एप इंस्टॉल था। इसके अलावा उनके मोबाइल फोन की गैलरी से छह बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र भी मिले, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन बरामदगी से यह भी पुष्टि हुई कि दोनों बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और यहां गलत गतिविधियों में शामिल थे।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए एफआरआरओ के सामने पेश किया गया, जहां से उनके खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय दिप्तो कुमार पाल उर्फ विकास और 27 वर्षीय रुमा बेगम के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के ढाका जिले के निवासी बताए गए हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 18:03:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ दक्षिण दिल्ली पुलिस का जबरदस्त एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>नई दिल्ली। </strong>अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने के लिए चल रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में एक निर्णायक कार्रवाई में,पीएस लोधी कॉलोनी और एएटीएस, दक्षिण जिला दिल्ली की एक संयुक्त टीम ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भारत में अवैध रूप से बसने में सक्षम बनाने वाले एक परिष्कृत नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।सटीक खुफिया जानकारी से प्रेरित इस ऑपरेशन ने दस्तावेज़ जालसाजी,अवैध रोजगार और सीमा पार मनी लॉन्ड्रिंग के जाल को उजागर किया,जिसने संगठित अवैध आव्रजन को एक बड़ा झटका दिया।</div><div><br /></div><div>भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(2)/319(2)/337 के साथ विदेशी अधिनियम, 1946</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150276/south-delhi-polices-tremendous-action-against-illegal-bangladeshis"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250323-wa0158.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नई दिल्ली। </strong>अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने के लिए चल रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में एक निर्णायक कार्रवाई में,पीएस लोधी कॉलोनी और एएटीएस, दक्षिण जिला दिल्ली की एक संयुक्त टीम ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भारत में अवैध रूप से बसने में सक्षम बनाने वाले एक परिष्कृत नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।सटीक खुफिया जानकारी से प्रेरित इस ऑपरेशन ने दस्तावेज़ जालसाजी,अवैध रोजगार और सीमा पार मनी लॉन्ड्रिंग के जाल को उजागर किया,जिसने संगठित अवैध आव्रजन को एक बड़ा झटका दिया।</div><div><br /></div><div>भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(2)/319(2)/337 के साथ विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14 और आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 की धारा 34 के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 51/25 के मामले में आगे की जांच के दौरान, पुलिस स्टेशन लोधी कॉलोनी, दक्षिण जिला, दिल्ली में (08) बांग्लादेशी नागरिक भारत में अवैध रूप से रहते पाए गए। इसके अलावा, छह (06) अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ एफआरआरओ,नई दिल्ली के माध्यम से निर्वासन की कार्यवाही पूरी कर ली गई है और 4 और संदिग्ध बांग्लादेशियों की जांच चल रही है।</div><div><br /></div><div>इसके अलावा,टीम ने आठ (08) भारतीय नागरिकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जिन्होंने इन बांग्लादेशी प्रवासियों को रोजगार,आवास हासिल करने और झूठे भारतीय पहचान दस्तावेज तैयार करने में मदद की। ज्वेल इस्लाम और मोहम्मद आलमगीर जाली आधार और पैन कार्ड के साथ वर्षों से भारत में रह रहे थे। मोहम्मद आलमगीर,जो 2007 से यहां हैं, ने अपने बच्चों का दाखिला भारतीय स्कूलों में कराया। मोहम्मद रेजाउल,जो 2000 से यहां रह रहे हैं, ने भारतीय पासपोर्ट हासिल किया, दो साल में 22 बार भारत और बांग्लादेश की यात्रा की और मनी लॉन्ड्रिंग करते हुए कैब ड्राइवर के रूप में काम किया। </div><div><br /></div><div>कमरुज्जमां 2014 में फर्जी आईडी के साथ भारतीय डिलीवरी एजेंट के रूप में आया था। जालसाजी के गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद मोइनुद्दीन दिल्ली में एक कंप्यूटर की दुकान चलाता था, जो उन्नत संपादन उपकरणों के साथ फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार करता था।उसके काम ने आधार, पैन, मतदाता पहचान पत्र और पासपोर्ट के निर्माण को बढ़ावा दिया,शाहीन ने उन्हें नौकरी दिलवाई,जबकि मनवर हुसैन और निमाई करमाकर ने बांग्लादेश में अवैध नकदी प्रवाह की व्यवस्था की।</div><div><br /></div><div>इंस्पेक्टर राजेश कुमार, एसएचओ/पीएस लोधी कॉलोनी इंस्पेक्टर उमेश यादव आईसी/एएटीएस/दक्षिण जिला, इंस्पेक्टर राज कुमार, इंस्पेक्टर शामिल हैं। अमित कुमार, एसआई तालिब खान, एसआई रजनीश, एसआई विवेक चाहर, एसआई दीपक महला, एसआई विनोद कुमार, एसआई दिनेश कुमार, एचसी कृष्ण, एचसी सोमवीर, एचसी वीरेंद्र, एचसी रघु, एचसी सुरेश, एचसी जोगिंदर, एचसी राजेंद्र, एचसी सतीश, एचसी कृपाल, सीटी। अमित, सीटी. भूपेन्द्र, सीटी. श्री नारायण, सीटी. देवेन्द्र, सीटी. अरविन्द कुमार एवं सीटी. नागरमल एसीएसपी/डीएफसी एवं संचालन के मार्गदर्शन मे अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ पुलिस की यह जबरदस्त करवाई संपन्न हुई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 15:39:34 +0530</pubDate>
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