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                <title>युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए : चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हरैया विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता चंद्रमणि पांडे द्वारा युवा संवाद अभियान के 23वें दिन बीआर इंटर कॉलेज, हर्रैया में छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने कहा कि युवाओं को अपना समय और ऊर्जा दूसरों को परेशान करने में नहीं, बल्कि अपने लक्ष्य की प्राप्ति और राष्ट्र निर्माण में लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी सकारात्मक सोच, विकास की आकांक्षा और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर आगे बढ़ने की क्षमता से है। हमें पाकिस्तान की तरह दूसरों को परेशान करने में अपनी शक्ति व्यय करने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186087/youth-power-should-move-towards-nation-building-chandramani-pandey-sudama"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260822-wa0079.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हरैया विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता चंद्रमणि पांडे द्वारा युवा संवाद अभियान के 23वें दिन बीआर इंटर कॉलेज, हर्रैया में छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने कहा कि युवाओं को अपना समय और ऊर्जा दूसरों को परेशान करने में नहीं, बल्कि अपने लक्ष्य की प्राप्ति और राष्ट्र निर्माण में लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी सकारात्मक सोच, विकास की आकांक्षा और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर आगे बढ़ने की क्षमता से है। हमें पाकिस्तान की तरह दूसरों को परेशान करने में अपनी शक्ति व्यय करने के बजाय भारत की तरह अपने विकास और लक्ष्य पर केंद्रित रहना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्री पाण्डेय ने कहा कि हम किसी राजनीतिक दल के समर्थक या विरोधी हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रविरोधी नहीं हो सकते। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, पर राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के विरुद्ध कार्य करने वाली ताकतों को समाज को अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से करारा जवाब देना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आज का युवा जिस वातावरण में रहेगा और समाज से जिस प्रकार का ज्ञान एवं संस्कार प्राप्त करेगा, उसके व्यवहार और भविष्य के परिणाम भी उसी अनुरूप होंगे। उन्होंने कम्प्यूटर का उदाहरण देते हुए कहा कि कम्प्यूटर में जैसा इनपुट दिया जाता है, उसी के अनुरूप आउटपुट प्राप्त होता है। इसी प्रकार युवाओं के मन-मस्तिष्क में ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और सकारात्मक सोच का इनपुट दिया जाएगा तो समाज को उसी प्रकार का सकारात्मक परिणाम मिलेगा।उन्होंने कहा कि नवयुवकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें समाजोन्मुखी और राष्ट्र निर्माण की भावना से भी जोड़ना आवश्यक है। आने वाले समय में देश की बागडोर आज के इन्हीं युवाओं के हाथों में होगी। इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील, अनुशासित और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करना भी होना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">चन्द्रमणि पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में हुए विभिन्न विकास कार्यों एवं परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद कानून-व्यवस्था, विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को पिछली सरकारों के दौरान व्याप्त गुण्डाराज और जंगलराज की छवि से निकालकर विकासोन्मुख प्रदेश बनाने के लिए योगी सरकार ने व्यापक स्तर पर कार्य किया है।</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन राजनीतिक दलों को अपनी कार्यशैली और नीतियों में सुधार करते हुए जनता के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरोध को ही राजनीति का आधार बनाने से देश या समाज का भला नहीं हो सकता। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नकारात्मक राजनीति और अनावश्यक विवादों में अपनी ऊर्जा लगाने के बजाय अपने लक्ष्य, शिक्षा, रोजगार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें।</div>
<div style="text-align:justify;">श्री पाण्डेय ने कहा कि हमें पाकिस्तान से नहीं, हिंदुस्तान से सीख लेने की जरूरत है—दूसरों को परेशान करने के बजाय स्वयं को मजबूत बनाना, विवाद के बजाय विकास को प्राथमिकता देना और निराशा के बजाय लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहना ही भारत की शक्ति है।</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने गांव, समाज और देश की समस्याओं के समाधान में अपनी भूमिका तय करें तथा शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी समझें। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य केवल सरकारों के भरोसे नहीं बनता, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी से बनता है।</div>
<div style="text-align:justify;">युवा संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं प्रश्न भी रखे। श्री पाण्डेय ने उनके प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें सकारात्मक सोच, अनुशासन, निरंतर अध्ययन, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रहित को अपने जीवन का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि आज के युवा केवल भविष्य के नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान भारत की शक्ति भी हैं। यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे तो विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का सपना निश्चित रूप से साकार होगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 19:27:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>स्वतन्त्रता का दिवस सुहाना, विकृतियों से मुक्त बने भारत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">पन्द्रह अगस्त केवल ध्वजारोहण करने, राष्ट्रगान गाने और स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करने का दिन नहीं है। यह आत्ममंथन का अवसर भी है कि जिस स्वतंत्रता के लिए असंख्य देशभक्तों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया, उस स्वतंत्रता को हमने कितना सार्थक बनाया है और विकसित भारत के निर्माण के लिए हमें अभी कितना आगे जाना है। वर्ष 1947 में देश राजनीतिक पराधीनता से मुक्त हुआ था, लेकिन स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होगा, जब भारत सामाजिक विकृतियों, आर्थिक विषमता, अशिक्षा, भ्रष्टाचार, जातिवाद, संकीर्णता, बेरोजगारी, हिंसा और नैतिक पतन जैसी चुनौतियों से भी मुक्त हो।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गुलामी की पीड़ा को वही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185285/happy-independence-day-india-should-be-free-from-distortions"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/10021511681.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">पन्द्रह अगस्त केवल ध्वजारोहण करने, राष्ट्रगान गाने और स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करने का दिन नहीं है। यह आत्ममंथन का अवसर भी है कि जिस स्वतंत्रता के लिए असंख्य देशभक्तों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया, उस स्वतंत्रता को हमने कितना सार्थक बनाया है और विकसित भारत के निर्माण के लिए हमें अभी कितना आगे जाना है। वर्ष 1947 में देश राजनीतिक पराधीनता से मुक्त हुआ था, लेकिन स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होगा, जब भारत सामाजिक विकृतियों, आर्थिक विषमता, अशिक्षा, भ्रष्टाचार, जातिवाद, संकीर्णता, बेरोजगारी, हिंसा और नैतिक पतन जैसी चुनौतियों से भी मुक्त हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुलामी की पीड़ा को वही समझ सकता है जिसने पराधीनता का जीवन देखा हो। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने केवल सत्ता परिवर्तन के लिए संघर्ष नहीं किया था। उनके सामने एक ऐसे भारत का सपना था, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति सम्मान के साथ जीवन जी सके, न्याय सबको मिले, अवसर सबके लिए उपलब्ध हों और राष्ट्र अपनी पहचान तथा आत्मसम्मान के साथ विश्व में खड़ा हो। इसलिए स्वतंत्रता दिवस पर हमें केवल अतीत का गौरवगान नहीं करना चाहिए, बल्कि वर्तमान की उपलब्धियों और कमियों का निष्पक्ष मूल्यांकन भी करना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वतंत्रता के बाद भारत ने अनेक क्षेत्रों में ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर प्रत्येक भारतीय को गर्व होना चाहिए। जिस देश को आजादी के समय गरीबी, अशिक्षा, खाद्यान्न संकट, कमजोर औद्योगिक आधार और सीमित संसाधनों जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, वही भारत आज विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। कृषि के क्षेत्र में हरित क्रांति ने देश को खाद्यान्न के लिए बाहरी निर्भरता से बाहर निकाला। सिंचाई, उर्वरक, कृषि अनुसंधान और आधुनिक तकनीक ने भारतीय कृषि को नई शक्ति दी। आज भारत कृषि उत्पादन के साथ-साथ डेयरी, मत्स्य और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">औद्योगिक विकास ने भी स्वतंत्र भारत की तस्वीर बदली है। आज देश में इस्पात, ऑटोमोबाइल, दवा, इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, ऊर्जा, रक्षा उत्पादन और अनेक आधुनिक उद्योगों का व्यापक विस्तार हुआ है। बड़े-बड़े बांध, बिजली परियोजनाएं, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे नेटवर्क, बंदरगाह, हवाई अड्डे और महानगरों की आधुनिक परिवहन व्यवस्था देश की विकास यात्रा के प्रमाण हैं। कभी जिन वस्तुओं और तकनीकों के लिए भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, उनमें से अनेक का निर्माण आज देश में हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की अंतरिक्ष यात्रा तो स्वतंत्रता के बाद की सबसे प्रेरणादायक उपलब्धियों में से एक है। सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुआ भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम आज उपग्रह प्रक्षेपण, दूरसंचार, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन, कृषि निगरानी और वैज्ञानिक अनुसंधान से लेकर चंद्रमा तथा मंगल तक पहुंच चुका है। चंद्रयान अभियानों ने भारत की वैज्ञानिक क्षमता को विश्व के सामने स्थापित किया। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट सफल सॉफ्ट लैंडिंग ने भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा का नया परिचय दिया। आदित्य-एल1 जैसे मिशन भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमता का प्रमाण हैं। अब भारत केवल अंतरिक्ष में पहुंचने वाला देश नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाला राष्ट्र है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विज्ञान और तकनीक के साथ डिजिटल क्षेत्र में भी भारत ने असाधारण परिवर्तन देखा है। मोबाइल संचार, इंटरनेट, डिजिटल भुगतान और डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं ने सामान्य नागरिक के जीवन को प्रभावित किया है। गांवों तक इंटरनेट और बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ी है। डिजिटल भुगतान ने आर्थिक लेन-देन की संस्कृति बदल दी है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और आधुनिक विनिर्माण जैसे नए क्षेत्रों में भारत अपनी क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन बताता है कि भारत केवल परंपरा का देश नहीं, बल्कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक को अपनाने वाला राष्ट्र भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश की सुरक्षा के क्षेत्र में भी स्वतंत्र भारत ने लंबी यात्रा तय की है। 1962, 1965 और 1971 के युद्धों से लेकर कारगिल तक भारतीय सेनाओं ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। आज भारत की थल सेना, वायु सेना और नौसेना अत्याधुनिक तकनीक तथा स्वदेशी सैन्य उपकरणों से अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं। स्वदेशी लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, मिसाइल प्रणालियां, युद्धपोत, पनडुब्बियां और विभिन्न रक्षा उपकरण भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहे हैं। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व मंच पर भारत की बढ़ती साख भी स्वतंत्रता के बाद की उपलब्धियों का महत्वपूर्ण अध्याय है। भारत आज अनेक वैश्विक मंचों पर अपनी बात प्रभावशाली ढंग से रखता है। जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, वैश्विक स्वास्थ्य, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हुई है। विश्व के अनेक देश भारत को एक बड़े बाजार के साथ-साथ जिम्मेदार और प्रभावशाली शक्ति के रूप में देखते हैं। भारतीय मूल के लोग भी दुनिया के विभिन्न देशों में अपनी प्रतिभा से भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन इन उपलब्धियों के बीच यह प्रश्न भी खड़ा होता है कि क्या विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समान रूप से पहुंचा है? क्या हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है? क्या प्रत्येक युवा को उसकी क्षमता के अनुरूप रोजगार और अवसर मिल रहे हैं? क्या गांव और शहर के बीच सुविधाओं का अंतर कम हुआ है? क्या महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हुआ है? क्या भ्रष्टाचार, अपराध और सामाजिक भेदभाव से हम पूरी तरह मुक्त हो पाए हैं? इन प्रश्नों से आंखें मूंदना स्वतंत्रता दिवस की भावना के साथ न्याय नहीं होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विकसित राष्ट्र केवल ऊंची इमारतों, चौड़ी सड़कों और आधुनिक तकनीक से नहीं बनता। विकसित राष्ट्र की वास्तविक पहचान उसके नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता से होती है। शिक्षा उसकी पहली आधारशिला है। ऐसा शिक्षा तंत्र चाहिए जो केवल परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी न बनाए, बल्कि वैज्ञानिक सोच, चरित्र, संवेदनशीलता, अनुशासन और राष्ट्रबोध से संपन्न नागरिक तैयार करे। स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें आर्थिक स्थिति किसी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। गांवों में भी गुणवत्तापूर्ण अस्पताल, विद्यालय, इंटरनेट, परिवहन और रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आर्थिक विकास के साथ रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देना होगा। भारत की युवा आबादी हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, लेकिन यही शक्ति तभी राष्ट्रनिर्माण में बदल सकती है जब युवाओं को कौशल, शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें। केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय उद्यमिता, स्टार्टअप, विनिर्माण, कृषि आधारित उद्योग, पर्यटन, सेवा क्षेत्र और नई तकनीकों में व्यापक अवसर पैदा करने होंगे। युवाओं को नौकरी खोजने वाला ही नहीं, रोजगार देने वाला बनने की दिशा में भी प्रेरित करना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विकसित भारत का एक महत्वपूर्ण आधार सामाजिक समरसता है। जाति, भाषा, क्षेत्र और संप्रदाय के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति देश की शक्ति को कमजोर करती है। विविधता भारत की पहचान है, लेकिन विविधता का अर्थ विभाजन नहीं होना चाहिए। हमें ऐसी राष्ट्रीय चेतना विकसित करनी होगी जिसमें व्यक्ति अपनी भाषा, परंपरा और क्षेत्रीय पहचान पर गर्व करे, लेकिन सबसे पहले स्वयं को भारतीय माने। सामाजिक न्याय का उद्देश्य समाज को स्थायी खांचों में बांटना नहीं, बल्कि वंचित व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर देना होना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साम्प्रदायिक सद्भाव भी राष्ट्र की प्रगति की अनिवार्य शर्त है। धर्म व्यक्ति की आस्था का विषय है, उसे राजनीतिक संघर्ष और सामाजिक वैमनस्य का हथियार नहीं बनने देना चाहिए। भारत की शक्ति उसकी बहुलता में है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च और अन्य आस्था-स्थल तभी सुरक्षित रहेंगे, जब समाज में परस्पर सम्मान और विश्वास कायम रहेगा। किसी भी प्रकार की हिंसा, घृणा और अफवाह विकास की राह को रोकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भ्रष्टाचार और राजनीतिक स्वार्थ से मुक्ति भी विकसित भारत के लिए आवश्यक है। सत्ता चाहे किसी भी दल की हो, उसका मूल उद्देश्य जनसेवा होना चाहिए। लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही की व्यवस्था है। राजनीतिक दलों और नेताओं को अपने आचरण से ऐसी मिसाल प्रस्तुत करनी होगी, जिससे आने वाली पीढ़ियां सार्वजनिक जीवन को सम्मान और सेवा का क्षेत्र समझें। राजनीति में विचार, सिद्धांत, त्याग और राष्ट्रहित की पुनर्स्थापना आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">युवाओं की भूमिका इस परिवर्तन में सबसे महत्वपूर्ण है। युवा केवल विरोध, आंदोलन या सोशल मीडिया की बहस तक सीमित न रहें। वे विज्ञान, शिक्षा, खेल, कृषि, उद्यमिता, प्रशासन, सेना, तकनीक और सामाजिक सेवा हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उपयोग करें। नशे, हिंसा, अंधानुकरण और डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग से स्वयं को बचाते हुए वे राष्ट्र के निर्माण में रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं। जिस देश के युवाओं में अनुशासन, परिश्रम, ईमानदारी और नवाचार की भावना जाग जाती है, उस देश को आगे बढ़ने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता केवल विकसित भारत का सपना देखने की नहीं, बल्कि उसके लिए राष्ट्रीय संकल्प लेने की है। हमें ऐसा भारत बनाना है जिसमें किसान समृद्ध हो, श्रमिक सम्मानित हो, युवा सक्षम हो, महिला सुरक्षित और आत्मनिर्भर हो, बच्चे शिक्षित हों, बुजुर्ग सम्मान के साथ जीवन जीएं और गरीब व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से बाहर न रहे। हमें ऐसा भारत बनाना है जो आर्थिक रूप से शक्तिशाली होने के साथ नैतिक रूप से भी मजबूत हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वतंत्रता का अर्थ केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं है। जब तक व्यक्ति अज्ञान, भय, नशे, गरीबी, भेदभाव और अन्याय से मुक्त नहीं होता, तब तक स्वतंत्रता की यात्रा अधूरी है। इसलिए इस पन्द्रह अगस्त को तिरंगे के सामने हमें केवल देशभक्ति के नारे नहीं लगाने हैं, बल्कि अपने भीतर कर्तव्यबोध जगाना है। हमें यह संकल्प लेना है कि हम अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों को भी समझेंगे, कानून का सम्मान करेंगे, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करेंगे, प्रकृति को बचाएंगे, सामाजिक सद्भाव बनाए रखेंगे और अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी से योगदान देंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वतंत्रता सेनानियों ने हमें आजाद भारत सौंपा था। अब विकसित, समृद्ध, सुरक्षित, शिक्षित, स्वस्थ, आत्मनिर्भर और संस्कारवान भारत अगली पीढ़ी को सौंपना हमारी जिम्मेदारी है। पन्द्रह अगस्त तभी वास्तव में सुहाना बनेगा, जब तिरंगे की ऊंचाई के साथ हमारे चरित्र की ऊंचाई भी बढ़ेगी। राष्ट्र केवल सरकारों से नहीं बनता, राष्ट्र नागरिकों के चरित्र, श्रम और संकल्प से बनता है। इसलिए इस स्वतंत्रता दिवस पर हमारा संकल्प स्पष्ट होना चाहिए कि हम भारत को केवल विकसित अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि विकसित चेतना वाला राष्ट्र बनाएंगे। यही स्वतंत्रता के अमृत पर्व की सच्ची सार्थकता होगी और यही उन अनगिनत बलिदानियों के प्रति हमारी वास्तविक श्रद्धांजलि भी होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 19:19:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वतंत्रता से विकसित भारत की ओर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">15 अगस्त भारत के इतिहास का वह स्वर्णिम दिवस है जिसने करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता का अमूल्य उपहार दिया। यह केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने और देशभक्ति के गीत गाने का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन, कर्तव्यबोध और भविष्य के संकल्प का भी दिन है। स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई; इसके पीछे असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग, संघर्ष और बलिदान निहित है। इसलिए प्रत्येक स्वतंत्रता दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि आज़ादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक सतत जिम्मेदारी भी है। वर्ष 2026 का स्वतंत्रता दिवस विशेष महत्व रखता है क्योंकि भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185283/from-independence-to-developed-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001025681.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">15 अगस्त भारत के इतिहास का वह स्वर्णिम दिवस है जिसने करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता का अमूल्य उपहार दिया। यह केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने और देशभक्ति के गीत गाने का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन, कर्तव्यबोध और भविष्य के संकल्प का भी दिन है। स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई; इसके पीछे असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग, संघर्ष और बलिदान निहित है। इसलिए प्रत्येक स्वतंत्रता दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि आज़ादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक सतत जिम्मेदारी भी है। वर्ष 2026 का स्वतंत्रता दिवस विशेष महत्व रखता है क्योंकि भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है और स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 की तैयारी कर रहा है।<br /><br />पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सामरिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत की स्थिति लगातार मजबूत हुई है। डिजिटल भुगतान प्रणाली, स्टार्टअप संस्कृति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष अनुसंधान, रक्षा निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और आधारभूत संरचना के विकास ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान प्रदान की है। आज भारतीय नवाचार विश्व के अनेक देशों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।<br /><br />भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। करोड़ों युवा देश के वर्तमान और भविष्य दोनों हैं। यदि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल, अनुसंधान के अवसर और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध होंगे तो भारत विश्व का सबसे सक्षम ज्ञान-आधारित राष्ट्र बन सकता है। नई शिक्षा नीति ने बहुआयामी शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार पर बल दिया है, लेकिन विद्यालयों की गुणवत्ता, उच्च शिक्षा में अनुसंधान, डिजिटल संसाधनों की समान उपलब्धता तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण अभी भी व्यापक सुधार की अपेक्षा रखते हैं। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की प्रक्रिया भी है।<br /><br />रोजगार और उद्यमिता आज भारत की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में हैं। सरकारी और निजी क्षेत्र के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, स्टार्टअप, कृषि आधारित उद्योग तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था रोजगार सृजन के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। युवाओं को नौकरी खोजने के साथ-साथ रोजगार देने वाला उद्यमी बनने के लिए भी प्रोत्साहित करना आवश्यक है। कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।<br /><br />कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार बनी हुई है। जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, जल संकट, बढ़ती लागत और बाजार की चुनौतियाँ किसानों के सामने नई कठिनाइयाँ उत्पन्न कर रही हैं। आधुनिक कृषि तकनीक, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, वैज्ञानिक भंडारण, कृषि प्रसंस्करण और डिजिटल कृषि सेवाएँ किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं। खाद्य सुरक्षा के साथ किसानों का आर्थिक सशक्तिकरण विकसित भारत की अनिवार्य शर्त है।<br /><br />स्वास्थ्य क्षेत्र में भी निरंतर सुधार की आवश्यकता है। आधुनिक अस्पतालों का विस्तार, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती, ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा की पहुँच, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विकास तथा चिकित्सा अनुसंधान में निवेश भविष्य की महत्वपूर्ण आवश्यकताएँ हैं। स्वस्थ नागरिक ही उत्पादक समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।<br /><br />पर्यावरण संरक्षण आज राष्ट्रीय विकास का अभिन्न अंग बन चुका है। बढ़ता तापमान, प्रदूषण, जल संकट, जैव विविधता का क्षरण और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएँ स्पष्ट संकेत देती हैं कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है। अक्षय ऊर्जा, हरित परिवहन, वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण और कचरा प्रबंधन जैसे प्रयासों को जनभागीदारी से जोड़ना होगा। प्रकृति की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।<br /><br />भारत ने रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। आधुनिक तकनीक, स्वदेशी रक्षा उत्पादन, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष सुरक्षा और समुद्री क्षमता का विस्तार राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान कर रहा है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में तकनीकी क्षमता और रणनीतिक दूरदृष्टि किसी भी राष्ट्र की शक्ति का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है।<br /><br />भारतीय विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान ने विश्व में नई प्रतिष्ठा अर्जित की है। वैज्ञानिकों की उपलब्धियाँ यह सिद्ध करती हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प और प्रतिभा से असंभव को संभव बनाया जा सकता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्र आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत करेंगे। अनुसंधान आधारित अर्थव्यवस्था ही भविष्य के भारत की वास्तविक पहचान बनेगी।<br /><br />लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। संविधान ने प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराया है। मतदान करना, कानून का सम्मान करना, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना, करों का ईमानदारी से भुगतान करना, सामाजिक सौहार्द बनाए रखना और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। स्वस्थ लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब नागरिक जागरूक, उत्तरदायी और तथ्य आधारित निर्णय लेने वाले हों।<br /><br />महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भारत के विकास की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करती है। शिक्षा, विज्ञान, सेना, न्यायपालिका, प्रशासन, खेल, राजनीति और उद्यमिता जैसे प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी क्षमता सिद्ध की है। समान अवसर, सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन महिलाओं के सशक्तिकरण की आधारशिला हैं। जब समाज की आधी आबादी समान रूप से विकास में सहभागी बनेगी, तभी राष्ट्र की प्रगति संतुलित और स्थायी होगी।<br /><br />भारत की सांस्कृतिक विविधता उसकी सबसे बड़ी पहचान है। विभिन्न भाषाएँ, परंपराएँ, कला, साहित्य, संगीत और लोक संस्कृति भारतीय सभ्यता को विशिष्ट बनाते हैं। आधुनिकता और वैश्वीकरण के इस युग में अपनी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए वैज्ञानिक सोच और नवाचार को अपनाना ही संतुलित विकास का मार्ग है। विविधता में एकता भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।<br /><br />डिजिटल युग ने नई संभावनाओं के साथ नई चुनौतियाँ भी प्रस्तुत की हैं। फर्जी समाचार, साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और भ्रामक सूचनाओं से बचना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। डिजिटल साक्षरता, तथ्य आधारित सोच और जिम्मेदार अभिव्यक्ति लोकतांत्रिक समाज की नई आवश्यकता बन चुकी है। तकनीक का उपयोग समाज को जोड़ने और सशक्त बनाने के लिए होना चाहिए, न कि भ्रम और विभाजन फैलाने के लिए।<br /><br />स्वतंत्रता दिवस केवल अतीत के गौरव का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य के निर्माण का संकल्प भी है। विकसित भारत का सपना केवल सरकारों की योजनाओं से पूरा नहीं होगा। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। जब प्रत्येक व्यक्ति अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक पालन करेगा, तब भारत न केवल आर्थिक रूप से समृद्ध होगा, बल्कि सामाजिक न्याय, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पर्यावरणीय संतुलन और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर विश्व के लिए प्रेरणास्रोत राष्ट्र बनेगा।<br /><br />15 अगस्त 2026 हमें यही संदेश देता है कि स्वतंत्रता केवल इतिहास की उपलब्धि नहीं, बल्कि भविष्य की जिम्मेदारी भी है। आइए, हम ऐसा भारत बनाने का संकल्प लें जहाँ विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सबके लिए सुलभ हों, विज्ञान और नवाचार राष्ट्र की प्रगति का आधार बनें, पर्यावरण सुरक्षित रहे, लोकतंत्र मजबूत हो और प्रत्येक नागरिक गर्व से कह सके कि वह एक ऐसे भारत का हिस्सा है जो समृद्ध, आत्मनिर्भर, समावेशी और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण है। यही स्वतंत्रता दिवस का वास्तविक संदेश है और यही उन अमर बलिदानियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने हमें स्वतंत्र भारत का अमूल्य उपहार दिया।<br /></p><p style="text-align:justify;"><strong>अवनीश कुमार गुप्ता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 19:10:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकली विशाल तिरंगा यात्रा, तिरंगे के रंग में रंगा शहर </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत बुधवार को सरसैया घाट से ग्रीन पार्क स्टेडियम तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में आन-बान-शान से लहराता तिरंगा और चेहरों पर देश के प्रति गर्व का भाव लिए हजारों कदम एक साथ आगे बढ़े तो पूरा यात्रा मार्ग राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग गया। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों, युवाओं, सुरक्षाबलों के जवानों, विभिन्न विभागों के कार्मिकों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रा के साथ चल रहे विद्यार्थियों और स्काउट के बैंड ने देशभक्ति की धुनें बजाकर समा बांध दिया। बच्चों और युवाओं का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185150/under-the-har-ghar-tricolor-campaign-a-huge-tiranga-yatra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002194420.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत बुधवार को सरसैया घाट से ग्रीन पार्क स्टेडियम तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में आन-बान-शान से लहराता तिरंगा और चेहरों पर देश के प्रति गर्व का भाव लिए हजारों कदम एक साथ आगे बढ़े तो पूरा यात्रा मार्ग राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग गया। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों, युवाओं, सुरक्षाबलों के जवानों, विभिन्न विभागों के कार्मिकों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रा के साथ चल रहे विद्यार्थियों और स्काउट के बैंड ने देशभक्ति की धुनें बजाकर समा बांध दिया। बच्चों और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अमर शहीदों को नमन करते नारे लगातार गूंजते रहे। हाथों में लहराते राष्ट्रध्वज, बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों और नारों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। तिरंगा यात्रा में विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक सरोज कुरील, विधायक नीलिमा कटियार, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन और प्रशिक्षु आईएएस संदीप कुमार शामिल हुए। स्कूली छात्र-छात्राओं, आईटीबीपी एवं अन्य सुरक्षा बलों के जवानों, एनसीसी कैडेटों, स्काउट, विभिन्न विभागों के कार्मिकों और बड़ी संख्या में शहरवासियों की भागीदारी ने यात्रा को जनोत्सव का स्वरूप प्रदान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तिरंगा यात्रा का विशेष आकर्षण भारत माता की झांकी रही। इसमें छात्राओं ने भारत माता के साथ वैज्ञानिक, अधिवक्ता, पुलिसकर्मी और प्रशासक की भूमिका निभाई। झांकी के माध्यम से वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से वर्ष 1950 में देश का संविधान लागू होने तक की उपलब्धि तथा इसके बाद निरंतर प्रगति करते हुए विकसित भारत की ओर बदलती तस्वीर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की गई। झांकी ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से लेकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते आधुनिक भारत की गौरवगाथा को जीवंत कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि तिरंगा देश के गौरव, स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है। उन्होंने जनपदवासियों से अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और हर घर तिरंगा अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देने की अपील की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:35:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नशा मुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण : प्रो. नीता यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के आनंद छात्रावास स्थित सभागार में रविवार को “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान” के अंतर्गत नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं छात्रावास के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशा मुक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीता यादव ने कहा कि नशा आज समाज के समक्ष एक गंभीर चुनौती है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव युवा पीढ़ी पर पड़</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185007/role-of-youth-is-important-in-building-drug-free-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1786284672290.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के आनंद छात्रावास स्थित सभागार में रविवार को “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान” के अंतर्गत नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं छात्रावास के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशा मुक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीता यादव ने कहा कि नशा आज समाज के समक्ष एक गंभीर चुनौती है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ऊर्जा है और यदि युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों एवं राष्ट्र निर्माण में लगाएंगे, तो विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के लिए जागरूकता के साथ-साथ परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज की सामूहिक सहभागिता आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने कहा कि नशा मुक्ति केवल व्यक्तिगत संकल्प का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों, परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे नशा मुक्त भारत के इस अभियान को केवल स्वयं तक सीमित न रखें, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है और स्वस्थ, शिक्षित एवं संस्कारित युवा ही विकसित भारत का मजबूत आधार बनेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में प्रो. सत्येंद्र कुमार दुबे, प्रो. लक्ष्मण सिंह, प्रो. कौशलेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. विशाल गुप्ता, डॉ. नीरज कुमार सिंह, डॉ. अमरजीत यादव, डॉ. अमित साहनी एवं डॉ. अब्दुल हफीज सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक तथा छात्रावास के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने नशे से स्वयं दूर रहने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए जागरूकता फैलाने की शपथ एवं सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने नशा मुक्त भारत के अभियान को आगे बढ़ाने तथा अधिक से अधिक युवाओं को इस सामाजिक अभियान से जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 22:21:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वीबी जी राम जी’’ योजनान्तर्गत एमएनआईटी में आयोजित हुआ कार्यक्रम।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">      </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गुरूवार को मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज के ऑडिटोरियम में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) ‘‘वीबी जी राम जी’’ योजना ‘‘लांच’’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।  केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के राष्ट्रीय स्तर पर ‘‘लांच’’ कार्यक्रम तिरूपति, आन्ध्र प्रदेश में किया गया, जिसका मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सजीव प्रसारण  किया गया। </div>
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<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">    कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केसव मौर्य के द्वारा लाभार्थिंयों को प्रशंसा पत्र,</div>
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<div style="text-align:justify;">    </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
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<div style="text-align:justify;">उन्होंने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182615/program-organized-in-mnit-under-%E2%80%9Cvb-ji-ram-ji%E2%80%9D-scheme"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260702-wa0113.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गुरूवार को मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज के ऑडिटोरियम में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) ‘‘वीबी जी राम जी’’ योजना ‘‘लांच’’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।  केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के राष्ट्रीय स्तर पर ‘‘लांच’’ कार्यक्रम तिरूपति, आन्ध्र प्रदेश में किया गया, जिसका मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सजीव प्रसारण  किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केसव मौर्य के द्वारा लाभार्थिंयों को प्रशंसा पत्र, स्वीकृति पत्र एवं आवास योजना के लाभार्थियों को चाभी प्रदान की गयी।  </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;">    केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के लोगो से जी राम जी योजना के विषय पर संवाद कार्यक्रम में जनपद प्रयागराज के विकास खण्ड कौड़िहार निवासी  रंजीत कुमार मौर्या के द्वारा  ऑनलाइन  से योजना के बारे में संवाद किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जी राम जी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को 125 दिन की वैधानिक मजदूरी, रोजगार गारंटी प्रदान करने, ग्रामीण विकास ढांचे को विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के साथ संरेखित करना है। जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी और उत्पादक रोजगार सृजन करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन, ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं कमजोर वर्गों की आर्थिक भागीदारी मे वृद्धि तथा स्थानीय स्तर पर टिकाउ परिसम्पतियों का सृजन है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उपमुख्यमंत्री जी  उन्होंने कहा कि जी राज जी योजना के लाभार्थियों को अन्य विभिन्न योजनाओं के लाभ से भी लाभान्वित किए जाने की व्यवस्था की गयी है।। कहा कि यदि ग्राम सभा में किसी पात्र लाभार्थी को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास के तहत चिन्हित किया गया है और उसके पास जमीन नहीं है, तो डबल इंजन की सरकार उस लाभार्थी को जमीन का पट्टा के माध्यम से उसको जमीन उपलब्ध कराकर उसका मकान बनवाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में गरीबों को अमीर बनाने का कार्य किया जा रहा है। सरकार अन्तिम पायदान के व्यक्ति के साथ खड़ी है, हर पात्र लाभार्थी को केन्द्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अमृत सरोवरों के निर्माण का कार्य जी राम जी योजना के तहत कराया जायेगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगो को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अमृत सरोवर बनाने में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है। कहा कि ग्राम स्तर पर बैठक कर ग्राम सभा के विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनायी जाये और उसके अनुरूप कार्य किया जाये, जिससे कि ग्राम सभा को विकसित ग्राम सभा बनाया जा सके। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  उन्होंने कहा कि कौशल विकास के अन्तर्गत श्रमिकों को प्रशिक्षण प्रदान करके आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे वे श्रमिक से आगे बढ़कर राजमिस्त्री या अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सके। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 वी0के सिंह विधायक फूलपुर श्दीपक पटेल, 0 विधायक फाफामऊ , विधान परिषद सदस्य श्, डॉ0 के0पी0 श्रीवास्तव, भाजपा महानगर अध्यक्ष  संजय गुप्ता, गंगापार अध्यक्ष श्रीमती निर्मला पासवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों के अलावा मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, परियोजना अधिकारी<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1001855564.jpg" alt="1001855564" width="1600" height="1066"></img></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 20:00:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित गाँव ही विकसित भारत की सबसे सशक्त नींव : विधायक विनय वर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मनुहार गांव में गुरुवार को एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। विधायक विनय वर्मा ने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत घरुआर में आयोजित "विकसित भारत–जी-राम जी" प्रचार-प्रसार एवं जन सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने "विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAMG)" की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के वैधानिक रोजगार एवं 252 से बढ़ाकर 300 रूपए मजदूरी कर दी गई है। साथ ही</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182609/developed-villages-are-the-most-powerful-foundation-of-developed-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1783001299627-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मनुहार गांव में गुरुवार को एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। विधायक विनय वर्मा ने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत घरुआर में आयोजित "विकसित भारत–जी-राम जी" प्रचार-प्रसार एवं जन सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने "विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAMG)" की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के वैधानिक रोजगार एवं 252 से बढ़ाकर 300 रूपए मजदूरी कर दी गई है। साथ ही कृषि एवं भूमि सुधार, जल संरक्षण एवं अमृत सरोवर, ग्रामीण संपर्क मार्ग, कौशल विकास एवं स्वरोजगार, आवास एवं आधारभूत संरचना, वृक्षारोपण तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों को नई गति मिलेगी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधायक ने कहा कि गांव का विकास जरूरी है। विकसित गाँव ही विकसित भारत की सबसे सशक्त नींव हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">इस योजना से ग्रामीणों को स्थायी आजीविका, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण, पलायन में कमी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उपस्थित क्षेत्रवासियों से इस जनहितकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर बीडीओ बढ़नी अनीषि मणि त्रिपाठी, प्रदीप कमलापुरी, राधेश्याम आदि लोग उपस्थित रहे।
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 19:49:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत के निर्माण में शिक्षित युवा मतदाताओं की  भूमिका महत्वपूर्ण </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>प्रतापगढ़। </strong>हेमवती नंदन बहुगुणा महाविद्यालय लालगंज प्रतापगढ़ में आयोजित विकसित 'भारत युवा सांसद 2025' कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतापगढ़ जनपद के 90 छात्रों ने प्रतिभा करते हुए 'एक राष्ट्र एक चुनाव' विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। सभी प्रतिभागियों ने संपूर्ण देश में प्रत्येक स्तर के चुनाव एक साथ कराए जाने के समर्थन में अपने तर्क प्रस्तुत किया तथा वर्तमान निर्वाचन प्रणाली के दुष्परिणामों पर राय व्यक्त किए। 10 प्रतिभागियों में कौशिकी सिंह को प्रथम, आदर्श पाण्डेय को द्वितीय एवं आकांक्षा सुल्तानपुर को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।</div>
<div>  </div>
<div>इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150257/the-role-of-educated-young-voters-important-in-the-creation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250322-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>प्रतापगढ़। </strong>हेमवती नंदन बहुगुणा महाविद्यालय लालगंज प्रतापगढ़ में आयोजित विकसित 'भारत युवा सांसद 2025' कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतापगढ़ जनपद के 90 छात्रों ने प्रतिभा करते हुए 'एक राष्ट्र एक चुनाव' विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। सभी प्रतिभागियों ने संपूर्ण देश में प्रत्येक स्तर के चुनाव एक साथ कराए जाने के समर्थन में अपने तर्क प्रस्तुत किया तथा वर्तमान निर्वाचन प्रणाली के दुष्परिणामों पर राय व्यक्त किए। 10 प्रतिभागियों में कौशिकी सिंह को प्रथम, आदर्श पाण्डेय को द्वितीय एवं आकांक्षा सुल्तानपुर को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में 'एक राष्ट्र एक चुनाव' विषय को प्रतिभागियों के समक्ष स्पष्ट करते हुए युवाओं से देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी  तक पहुंचाने हेतु उनके पूर्ण समर्थन का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि शिक्षित युवा ही विकसित भारत का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए भारत की युवा वर्ग को अपनी जिम्मेदारी का निर्माण पूर्ण समर्पण भाव से करना होगा। इस कार्यक्रम के निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में सर्वश्री आरबी सिंह प्रो.किरण मिश्रा प्रो. विजय कुमार मिश्रा प्रो. पीयूष कांत शर्मा एवं डॉ. अनीता पांडे ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ राजकुमार पांडे इंजी० जितेंद्र त्रिपाठी प्रो. राजेंद्र प्रसाद मिश्र. प्रो.ऋचा कुमार सुकुमार डॉ सीमा त्रिपाठी डॉ निशांत पांडे डॉ वाचस्पति मिश्र डॉ संतोष मिश्रा डॉ श्याम नारायण त्रिपाठी डॉ शिव कुमार यादव डॉसत्यम तिवारी एवं महाविद्यालय के समस्त शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में नेहरू हुआ केंद्र के एपीए विनय कुमार मिश्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संपूर्ण कार्यक्रम डॉ.फणींद्र नारायण मिश्र, जिला नोडल अधिकारी एनएसएस प्रतापगढ़ के निर्देशन में संपन्न हुआ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 13:40:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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