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                <title>महिला सशक्तिकरण - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>महिला सशक्तिकरण RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असम विश्वविद्यालय में 20 जुलाई से लैंगिक संवेदनशीलता व POSH अधिनियम पर सप्ताहव्यापी कार्यशाला।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</strong>  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">असम विश्वविद्यालय में 20 से 25 जुलाई तक "जेंडर सेंसिटाइजेशन, POSH अधिनियम एवं महिला सशक्तिकरण" विषय पर सप्ताहव्यापी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) तथा मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC), असम विश्वविद्यालय चैप्टर द्वारा किया जा रहा है। कार्यशाला में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, प्रशासक और विषय-विशेषज्ञ भाग लेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला का उद्घाटन 20 जुलाई को प्रातः 10 बजे विश्वविद्यालय के बिपिन चंद्र पाल सेमिनार हॉल में होगा। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत करेंगे, जबकि डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183559/week-long-workshop-on-gender-sensitivity-and-posh-act-from-20th"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001629548.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</strong> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम विश्वविद्यालय में 20 से 25 जुलाई तक "जेंडर सेंसिटाइजेशन, POSH अधिनियम एवं महिला सशक्तिकरण" विषय पर सप्ताहव्यापी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) तथा मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC), असम विश्वविद्यालय चैप्टर द्वारा किया जा रहा है। कार्यशाला में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, प्रशासक और विषय-विशेषज्ञ भाग लेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला का उद्घाटन 20 जुलाई को प्रातः 10 बजे विश्वविद्यालय के बिपिन चंद्र पाल सेमिनार हॉल में होगा। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत करेंगे, जबकि डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता मुख्य अतिथि होंगी। स्वागत भाषण आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष प्रो. करबी दत्ता चौधरी देंगी। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. प्रदोष किरण नाथ, एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. रमैया बालकृष्णन, उपनिदेशक प्रो. अजय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलसचिव प्रो. एम. डी. महताब आलम रिज़वी, रवीन्द्रनाथ ठाकुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मानबेन्द्र दत्ता चौधरी, कलकत्ता विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. शांता दत्ता डे, नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सेक्रेटेरियट ट्रेनिंग एंड मैनेजमेंट (ISTM) की संयुक्त निदेशक नमिता मलिक, जादवपुर विश्वविद्यालय की आईसीसी की बाह्य सदस्य डॉ. अनिंदिता बंद्योपाध्याय तम्टा, एनआईटी दुर्गापुर की आईसीसी अध्यक्ष प्रो. सीमा सरकार, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल तथा सेवानिवृत्त शिक्षाविद् प्रो. विनोद नौटियाल संसाधन विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार साझा करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयोजकों की ओर से डॉ. सोभन कुमार बेदाज्ञा ने बताया कि कार्यशाला के दौरान लैंगिक संवेदनशीलता, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH) अधिनियम, महिला अधिकार, लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी से यह कार्यशाला जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित एवं समावेशी शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 19:13:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बहू बेटी सम्मेलन में महिलाओं को बताया अधिकारों का बल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत रविवार को खजूरगांव और उत्तरागौरी में बहू बेटी सम्मेलन और चौपाल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति टीम ने कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में महिलाएं बिना संकोच के हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 1076, 102, 101, 1098 और 1930 का उपयोग कर सकती हैं। उन्हें बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर दर्ज शिकायतों में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इससे महिलाएं निडर होकर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182765/women-told-about-the-power-of-rights-in-daughter-in-law-conference"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0451.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत रविवार को खजूरगांव और उत्तरागौरी में बहू बेटी सम्मेलन और चौपाल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति टीम ने कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में महिलाएं बिना संकोच के हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 1076, 102, 101, 1098 और 1930 का उपयोग कर सकती हैं। उन्हें बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर दर्ज शिकायतों में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इससे महिलाएं निडर होकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकती हैं। सम्मेलन में कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और मातृशक्ति वंदन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं को पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ के बारे में भी विस्तार से बताया गया। चौपाल के दौरान महिलाओं की समस्याएं भी सुनी गई और पुलिस कर्मियों ने समाधान का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया। पुलिस टीम की एसआई अर्चना यादव, कांस्टेबल नीलम कटियार, पूजा कुमारी, शालिनी कुशवाहा, प्रिया और प्रियंका पाल ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है। इस मौके पर ग्राम प्रधान विजय पाल, स्वाती जैसवाल, रजनी, देव कुमारी, वैशाली सहित अन्य महिलाएं मौजूद रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:03:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हे समाज, कुछ चेहरों की भूल पर हर बेटी को दोषी मत ठहराओ</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि किसी मोहल्ले में एक घर की दीवार गिर जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या पूरा शहर जर्जर घोषित कर दिया जाता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि एक डॉक्टर लापरवाह निकल जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या पूरा चिकित्सा जगत अपराधी हो जाता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर आखिर सिया और सोनम जैसी आठ-दस लड़कियों के कुछ चर्चित मामलों को आधार बनाकर करोड़ों भारतीय बेटियों के चरित्र पर प्रश्नचिह्न लगाने का साहस समाज कहाँ से ले आता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">आज सोशल मीडिया ने इसी अन्यायपूर्ण प्रवृत्ति को सामान्य बना दिया है। कुछ नामों को बार-बार दोहराइए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें वायरल कीजिए और फिर पूरी पीढ़ी को</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182696/hey-society-dont-blame-every-daughter-on-the-mistake-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि किसी मोहल्ले में एक घर की दीवार गिर जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या पूरा शहर जर्जर घोषित कर दिया जाता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि एक डॉक्टर लापरवाह निकल जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या पूरा चिकित्सा जगत अपराधी हो जाता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर आखिर सिया और सोनम जैसी आठ-दस लड़कियों के कुछ चर्चित मामलों को आधार बनाकर करोड़ों भारतीय बेटियों के चरित्र पर प्रश्नचिह्न लगाने का साहस समाज कहाँ से ले आता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">आज सोशल मीडिया ने इसी अन्यायपूर्ण प्रवृत्ति को सामान्य बना दिया है। कुछ नामों को बार-बार दोहराइए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें वायरल कीजिए और फिर पूरी पीढ़ी को उसी रंग में रंग दीजिए। यही है </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सिया–सोनम सिंड्रोम</span>'—<span lang="hi" xml:lang="hi"> एक ऐसा दृष्टिदोष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ मुट्ठीभर परछाइयों को इतना फैलाया जाता है कि करोड़ों बेटियों की उजली धूप भी दिखाई देना बंद हो जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह केवल सोशल मीडिया का खेल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चयनात्मक दृष्टि</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का परिणाम है। इतिहास बताता है कि जब भी समाज बदलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवर्तन से असहज लोग पूरे परिदृश्य को नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपने पूर्वाग्रहों के अनुकूल कुछ उदाहरण चुनकर उन्हें ही सच साबित करने लगते हैं। आज बेटियाँ शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विज्ञान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायपालिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रही हैं। यही बदलाव कुछ लोगों को अखरता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए वे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चेरी-पिकिंग</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के सहारे कुछ वायरल घटनाओं को पूरी पीढ़ी का चेहरा बना देते हैं। प्रश्न यह है कि यदि कुछ लड़कियों की गलती से सभी लड़कियों का आकलन होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या यही कसौटी पुरुषों पर भी लागू होगी</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि उत्तर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह तर्क नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सुविधानुसार गढ़ा गया पूर्वाग्रह है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विडंबना यह है कि जो बेटियाँ समाज को नई दिशा दे रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे शायद ही कभी बहस का विषय बनती हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अरुणिमा सिन्हा</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने कृत्रिम पैर के सहारे माउंट एवरेस्ट फतह कर अदम्य इच्छाशक्ति की मिसाल कायम की।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनीता कृष्णन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी सामाजिक कार्यकर्ता ने हैदराबाद में हजारों लड़कियों को ट्रैफिकिंग</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं से बचाया तथा उन्हें नई जिंदगी दी।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐश्वर्या सागर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी युवा उद्यमी ग्रामीण लड़कियों को डिजिटल शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ रही हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इनके जैसी हजारों बेटियाँ प्रतिदिन समाज का भविष्य गढ़ रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी वे सुर्खियाँ नहीं बनतीं। वजह साफ है—योगदान नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विवाद बिकता है। मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म भी जानते हैं कि नकारात्मक खबरें अधिक क्लिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिक प्रतिक्रियाएँ और अधिक प्रसार बटोरती हैं। अच्छाई प्रायः शांत रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि बुराई शोर मचाती है। नतीजा यह कि समाज धीरे-धीरे शोर को सच और मौन को महत्वहीन मानने लगता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि वायरल वीडियो के शोर से बाहर निकलकर वास्तविक भारत को देखें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। भारतीय बेटियाँ आज उपलब्धियों के नए प्रतिमान गढ़ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उन्होंने कई बार पुरुष खिलाड़ियों से अधिक प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। डॉक्टर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंजीनियर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैज्ञानिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पायलट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सैनिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसान और प्रशासक के रूप में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एनएसएस</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एनसीसी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के आँकड़े भी सामुदायिक सेवा में युवतियों की उल्लेखनीय सक्रियता का प्रमाण हैं। उच्च शिक्षा में उनका प्रवेश बढ़ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साक्षरता दर सुधर रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता का उनका संकल्प निरंतर मजबूत हो रहा है। फिर भी यदि समाज कुछ वायरल मामलों को ही पूरी सच्चाई मान ले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह वास्तविकता की नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी दृष्टि की विफलता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिया–सोनम सिंड्रोम</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">केवल बेटियों के साथ अन्याय नहीं करता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की निर्णय-क्षमता भी कुंद करता है। यह तथ्यों पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भावनाओं पर आधारित धारणा गढ़ता है। पूर्वाग्रह फैलाने वाले बार-बार वही उदाहरण सामने रखते हैं जो भय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अविश्वास और आक्रोश को हवा दें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि वे उन हजारों बेटियों को अनदेखा कर देते हैं जो परिवारों की आर्थिक शक्ति हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गाँवों में शिक्षा पहुँचा रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पतालों में जीवन बचा रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं और सीमाओं पर देश की रक्षा में जुटी हैं। सकारात्मक कहानियाँ कम दिखाई देती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि वे उत्तेजना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणा जगाती हैं। जबकि राष्ट्र उत्तेजना से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणा से आगे बढ़ते हैं। इसलिए कुछ अपवादों को संपूर्ण सत्य बना देना समाज और उसके भविष्य—दोनों के साथ अन्याय है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसका अर्थ यह कदापि नहीं कि गलतियों को अनदेखा किया जाए। जो दोषी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे कानून के अनुसार दंड मिलना ही चाहिए—चाहे वह लड़की हो या लड़का। किंतु न्याय का तकाज़ा है कि सजा व्यक्ति को मिले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे वर्ग को नहीं। हर बेटी को सिया या सोनम मान लेना उतना ही अविवेकपूर्ण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितना किसी एक पुरुष के अपराध के आधार पर समूचे पुरुष समाज को दोषी ठहराना। परिपक्व समाज वही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो व्यक्ति और समुदाय के बीच का अंतर समझे। बेटियों को संदेह की दीवारों में कैद करने के बजाय विश्वास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवसर और सही मार्गदर्शन दिया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि यही एक संतुलित और प्रगतिशील समाज की सबसे मजबूत नींव है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब समय आ गया है कि हम अपनी दृष्टि बदलें। किसी छोटे से अंधेरे को इतना विशाल बना देना कि पूरा सूरज ही ओझल हो जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह यथार्थ नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दृष्टिदोष है। इतिहास अपवादों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बहुसंख्यक के योगदान से लिखा जाता है। सिया और सोनम जैसी घटनाएँ अपराध हो सकती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर वे भारतीय बेटियों का चरित्र-पत्र नहीं हैं। इस देश की पहचान उन लाखों बेटियों से बनती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खेतों में श्रम कर रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीमाओं पर डटी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्टार्टअप खड़े कर रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालतों में न्याय की आवाज़ बन रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवारों का संबल हैं और विश्व मंच पर भारत का मान बढ़ा रही हैं। इसलिए आवश्यकता</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सिया–सोनम सिंड्रोम</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">को नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की बेटियों के वास्तविक स्वरूप को सामने लाने की है। आखिर कुछ परछाइयाँ कभी सूरज की पहचान नहीं बन सकतीं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 19:17:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुल्तानपुर निवासी 90 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग मां पुरबिन आज भी हर काम से नहीं हटती पीछे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>महराजगंज/रायबरेली:</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जहां बढ़ती उम्र के साथ अधिकांश लोग दूसरों के सहारे जीवन व्यतीत करने लगते हैं, वहीं विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर निवासी 90 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग मां पुरबिन आज भी अपनी मेहनत, आत्मनिर्भरता और अदम्य जीवटता से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी दिनचर्या किसी युवा महिला से कम नहीं है। घर के लगभग सभी काम वह स्वयं करती हैं और अपनी सक्रिय जीवनशैली से यह साबित कर रही हैं कि, इच्छाशक्ति मजबूत हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
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<div style="text-align:justify;">        </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181678/purbin-an-elderly-mother-of-more-than-90-years-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0383.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>महराजगंज/रायबरेली:</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहां बढ़ती उम्र के साथ अधिकांश लोग दूसरों के सहारे जीवन व्यतीत करने लगते हैं, वहीं विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर निवासी 90 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग मां पुरबिन आज भी अपनी मेहनत, आत्मनिर्भरता और अदम्य जीवटता से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी दिनचर्या किसी युवा महिला से कम नहीं है। घर के लगभग सभी काम वह स्वयं करती हैं और अपनी सक्रिय जीवनशैली से यह साबित कर रही हैं कि, इच्छाशक्ति मजबूत हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      आपको बता दें कि, मां पुरबिन का परिवार भरा-पूरा है। उनके एक पुत्र संतलाल लोधी हैं, जो वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं, जबकि उनकी दो बेटियां विवाह के बाद अपने-अपने परिवारों में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर रही हैं। परिवार में बहू, दो नाती, दो नातिन और दो पनाती भी हैं। परिवार के सभी सदस्य उनका सम्मान करते हैं और उनकी देखभाल के लिए तत्पर रहते हैं, फिर भी मां पुरबिन आत्मनिर्भर जीवन जीना ही पसंद करती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         बुजुर्ग मां पुरबिन की एक विशेष इच्छा भी है। वह चाहती हैं कि, अपने जीवनकाल में अपने एक अविवाहित नाती का विवाह अपनी आंखों से देखें। यही इच्छा उनके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         उम्र बढ़ने के बावजूद उनकी दिनचर्या आज भी बेहद सक्रिय है। वह घर में झाड़ू लगाने से लेकर भोजन बनाने तक के सभी कार्य स्वयं करती हैं। पशुओं की देखभाल, गाय-भैंस का दूध निकालना, खैलर चलाकर मट्ठा तैयार करना, गोबर उठाना, चावल साफ करना तथा अपने हाथों से आटा गूंधकर मिट्टी के चूल्हे पर रोटियां बनाना उनके रोजमर्रा के कार्यों में शामिल है। उम्र के प्रभाव से उनकी कमर भले ही झुक गई हो, लेकिन उनके हौसले और कार्य करने की क्षमता में आज भी कोई कमी दिखाई नहीं देती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        ग्रामीण परिवेश में सादगीपूर्ण जीवन, नियमित शारीरिक श्रम और अनुशासित दिनचर्या को ही वह अपनी अच्छी सेहत का राज मानती हैं। उनका कहना है कि, शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने के लिए लगातार काम करना जरूरी है। यही कारण है कि, परिवार के मना करने के बावजूद वह स्वयं अपने काम करना पसंद करती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        मां पुरबिन बताती हैं कि, उनका बेटा ग्राम प्रधान होने के नाते उन्हें आराम करने की सलाह देता है, लेकिन वह मानती हैं कि, निष्क्रियता शरीर को कमजोर बना देती है। इसलिए वह अपने दैनिक कार्यों को ही व्यायाम और स्वास्थ्य का आधार मानती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        आज के समय में, जब कम उम्र में ही लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, मां पुरबिन की जीवनशैली समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आती है। उनकी मेहनत, अनुशासन और आत्मनिर्भरता यह सिखाती है कि, नियमित श्रम, सकारात्मक सोच और सक्रिय जीवनशैली इंसान को लंबे समय तक स्वस्थ, सक्षम और आत्मविश्वासी बनाए रख सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        मां पुरबिन की यह प्रेरणादायी कहानी न केवल ग्रामीण महिलाओं के लिए बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक मिसाल है। उनकी जीवटता और कर्मशीलता को देखकर सहज ही कहा जा सकता है कि, उम्र भले ही 90 पार कर जाए, लेकिन हौसले जवान हों तो जीवन की रफ्तार कभी नहीं थमती।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:17:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी के जन्मदिवस पर महराजगंज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया उत्सव, जनहित की राजनीति को बताया प्रेरणा स्रोत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong> रायबरेली के सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के जन्मदिवस के अवसर पर महराजगंज कस्बे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित कर केक काटकर जन्मदिन मनाया।  कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव Sushil Pasi ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, क्षेत्रीय नागरिक एवं समर्थक उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी ने कहा कि, राहुल गांधी देश में लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, युवाओं के अधिकारों तथा आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने वाले जननेता हैं। उन्होंने कहा कि,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181645/congress-workers-celebrated-rahul-gandhis-birthday-in-maharajganj-called-politics"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0382.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong> रायबरेली के सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के जन्मदिवस के अवसर पर महराजगंज कस्बे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित कर केक काटकर जन्मदिन मनाया।  कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव Sushil Pasi ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, क्षेत्रीय नागरिक एवं समर्थक उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी ने कहा कि, राहुल गांधी देश में लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, युवाओं के अधिकारों तथा आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने वाले जननेता हैं। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी लगातार किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों के हितों के लिए संघर्ष कर रहे हैं तथा उनकी राजनीति जनसेवा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के प्रति समर्पित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुशील पासी ने कहा, "राहुल गांधी का जीवन देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने हमेशा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी है। हम सभी उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना करते हैं ताकि वे देशहित और जनहित के मुद्दों को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाते रहें।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि, कांग्रेस पार्टी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने और संविधान की मूल भावना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी देश में भाईचारे, समानता और लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का कार्य कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जन्मदिवस समारोह के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने एक-दूसरे को केक खिलाकर खुशी का इजहार किया तथा राहुल गांधी के दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और उल्लास से भरपूर रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर मुख्य रूप से मो. उमर, ताहिर कुरैशी, बृजेश पासी, राधेश्याम एडवोकेट, मुनीर भाई, अज़मल खान, सुनील कुमार, शीतांशु मौर्य, चाँद भाई, रमेश पासी, बिंधा पासी, बाला प्रसाद मौर्य, संदीप मौर्य सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, क्षेत्रीय नागरिक एवं समर्थक मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 20:49:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया की नजरों में मुस्कुराती, भीतर पिता से ताकत लेती बेटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी-कभी जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष बाहर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भीतर शुरू होता है—जहाँ निर्णयों की भीड़ में आत्मविश्वास मौन हो जाता है और रिश्तों की अपेक्षाएँ मन पर दबाव बनकर धीरे-धीरे कसने लगती हैं। विवाह के बाद स्त्री-जीवन में यह भार और गहरा हो जाता है—कभी शब्दों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी मौन में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी जिम्मेदारियों के नाम पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कभी “समझदारी” की कठोर परिभाषाओं में। बाहर से सब सामान्य लगता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर भीतर हर दिन एक नई परीक्षा जैसा होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका प्रश्नपत्र बदलता रहता है और उत्तर पहले से तय मान लिए जाते</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181465/smiling-daughter-in-the-eyes-of-the-world-taking-strength"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी-कभी जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष बाहर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भीतर शुरू होता है—जहाँ निर्णयों की भीड़ में आत्मविश्वास मौन हो जाता है और रिश्तों की अपेक्षाएँ मन पर दबाव बनकर धीरे-धीरे कसने लगती हैं। विवाह के बाद स्त्री-जीवन में यह भार और गहरा हो जाता है—कभी शब्दों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी मौन में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी जिम्मेदारियों के नाम पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कभी “समझदारी” की कठोर परिभाषाओं में। बाहर से सब सामान्य लगता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर भीतर हर दिन एक नई परीक्षा जैसा होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका प्रश्नपत्र बदलता रहता है और उत्तर पहले से तय मान लिए जाते हैं। ऐसे में अपनी इच्छाओं और दूसरों की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाना भी एक निरंतर संघर्ष बन जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">पिता का अदृश्य सहारा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे समय में सबसे बड़ा सहारा कोई सामने खड़ा व्यक्ति नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भीतर बसा वह अदृश्य संस्कार होता है जो पिता ने बिना औपचारिक उपदेश के अपने आचरण से दिया होता है। उनके शब्द जीवन गढ़ने वाले सूत्र थे—“धैर्य रखो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सब अच्छा होगा</span>,” “<span lang="hi" xml:lang="hi">अपने मन की राह पर अडिग रहो</span>,” “<span lang="hi" xml:lang="hi">कर्म ही पहचान है</span>,” “<span lang="hi" xml:lang="hi">सहनशीलता को ताकत बनाओ</span>,” “<span lang="hi" xml:lang="hi">ईश्वर पर विश्वास रखो</span>,” “<span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ों का सम्मान और छोटों से स्नेह रखो</span>,” “<span lang="hi" xml:lang="hi">सत्य और ईमानदारी थामे रहो</span>,” <span lang="hi" xml:lang="hi">और “कठिन समय में हिम्मत मत छोड़ो।” विवाह के बाद जब जीवन जिम्मेदारियों और संघर्षों से भरता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब यही सूत्र भीतर से उठकर व्यक्ति को स्थिर रखते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सही निर्णय की शक्ति देते हैं और कठिन मोड़ों पर टूटने से बचाकर आगे बढ़ने का साहस देते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मसम्मान का कवच</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विवाह के बाद स्त्री के सामने सबसे बड़ा संघर्ष केवल बदलती परिस्थितियों का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपनी पहचान को बनाए रखने का होता है—अनेक भूमिकाओं और अपेक्षाओं के बीच स्वयं को पीछे छूटने से बचाने का। ऐसे समय में पिता की शिक्षा एक अदृश्य कवच बनकर साथ रहती है। जब निर्णय भावनाओं में उलझता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब उनकी सिखाई तर्कशीलता मार्ग दिखाती है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">जब रिश्ता दबाव बनता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब उनके संस्कारों से उपजा आत्मसम्मान दृढ़ करता है। यह कोई बाहरी सहारा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भीतर का अनुशासन और चेतना है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन में संतुलन की सीख</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गृहस्थ जीवन की सबसे कठिन परीक्षा संघर्ष नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि संतुलन है—सपनों और जिम्मेदारियों के बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौन और अभिव्यक्ति के बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धैर्य और प्रतिरोध के बीच। ऐसे में पिता की सीख केवल मार्गदर्शन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भीतर का संतुलन बन जाती है। उन्होंने सिखाया कि झुकना कमजोरी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर टूटना स्वीकार्य नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">समझौता जीवन का हिस्सा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर आत्मसम्मान कभी समझौते की वस्तु नहीं बन सकता। यही दृष्टि विवाह में स्त्री को केवल रिश्ते निभाने वाली नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि स्वयं को अक्षुण्ण रखने वाली शक्ति देती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मौन में पिता की स्मृति</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कई बार जीवन ऐसे मोड़ पर आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ रिश्तों में शब्द बोझ बन जाते हैं और मौन और भारी हो जाता है। ऐसे क्षणों में पिता की स्मृति सहारे की तरह नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भीतर गूँजती शांत चेतना की तरह होती है—जो याद दिलाती है कि हर प्रतिक्रिया आवश्यक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर हर निर्णय विवेकपूर्ण होना चाहिए। तब वह बेटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अब पत्नी बन चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपने भीतर उस परिचित स्वर को फिर सुनती है—“सब कुछ बचाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर सबसे पहले स्वयं को मत खोना।”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्थिरता का जीवन-सूत्र</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब सामाजिक अपेक्षाएँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारिवारिक दायित्व और व्यक्तिगत आकांक्षाएँ एक साथ सामने खड़ी हो जाती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब जीवन मानो तीन दिशाओं में खिंचते हुए संघर्ष का रूप ले लेता है। ऐसे समय में पिता की शिक्षा सबसे गहरी भूमिका निभाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि वह केवल भावनाओं को नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि विचारों को भी स्थिरता प्रदान करती है। पिता ने यह नहीं सिखाया होता कि कठिनाइयों में टूट पड़ना या हार मान लेना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह कि कठिनाइयों के बीच भी स्वयं को समझना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहचानना और अपने भीतर की आवाज़ को सुनना कभी नहीं छोड़ना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षाओं की पूर्व-तैयारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समय के साथ यह गहराई से समझ आने लगता है कि पिता केवल एक व्यक्ति नहीं थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे जीवन की हर अनदेखी परीक्षा के लिए की गई एक तैयारी थे। विवाह के बाद जब परिस्थितियाँ नए प्रश्न और नई चुनौतियाँ सामने रखती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब उनकी सीखें किसी पुस्तक के पन्नों की तरह नहीं खुलतीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भीतर की चेतना बनकर सक्रिय हो उठती हैं। हर कठिन निर्णय के क्षण में उनका कोई वाक्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई दृष्टिकोण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई मूल्य या फिर उनका मौन ही अदृश्य शक्ति बनकर साथ खड़ा दिखाई देता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अनुपस्थिति में उपस्थिति</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">धीरे-धीरे यह बोध और गहरा होता जाता है कि पिता भले ही इस दुनिया में नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर उनकी सबसे सशक्त उपस्थिति उनकी अनुपस्थिति में ही जीवित है। वे अब केवल एक आवाज़ नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि विवेक बन चुके हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वे अब सलाह नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि निर्णयों की स्पष्टता हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वे अब साथ चलने वाले व्यक्ति नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भीतर का आत्मबल हैं। विवाह के संघर्षों में जब परिस्थितियाँ और लोग समझौतों की सीमाएँ बढ़ाने लगते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब पिता की सीख भीतर एक अंतिम मर्यादा-रेखा खींच देती है—जिसके आगे आत्मसम्मान कभी मौन नहीं रहता।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समय के साथ यह स्पष्ट हो जाता है कि पिता केवल एक संबंध नहीं थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जीवन की अदृश्य रीढ़ थे। उनके बिना भी जीवन आगे बढ़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर उनके संस्कार हर कठिन मोड़ पर संभाल लेते हैं और गिरने नहीं देते। चाहे संघर्ष कितने भी जटिल हों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिता की सीख यही दृढ़ता देती है— टूट जाना कोई विकल्प नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और स्वयं को खो देना किसी भी समस्या का समाधान नहीं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यही उनकी सबसे गहरी विरासत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो आँसुओं में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि साहस और आत्मबल बनकर जीवनभर साथ रहती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181465/smiling-daughter-in-the-eyes-of-the-world-taking-strength</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:59:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पात्र लाभार्थियों को मिले योजना का लाभ : विजय लक्ष्मी गौतम</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> विकसित भारत संकल्प सम्मेलन 2026 प्रबुद्ध सम्मेलन रतनसेन इंटर कालेज बांसी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग उ0प्र0 सरकार  विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि  नरेंद्र मोदी  के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर प्रबुद्ध सम्मेलन का कार्यक्रम हो रहा है।  प्रधानमंत्री ने 2014 के बाद से हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का काम किया है। पूरे देश में 12 वर्षों में किए गए कार्यों को शिविर के माध्यम से लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।विश्व को</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181426/eligible-beneficiaries-should-get-the-benefit-of-the-scheme-vijay"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781709947234.jpg" alt=""></a><br /><div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> विकसित भारत संकल्प सम्मेलन 2026 प्रबुद्ध सम्मेलन रतनसेन इंटर कालेज बांसी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग उ0प्र0 सरकार  विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि  नरेंद्र मोदी  के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर प्रबुद्ध सम्मेलन का कार्यक्रम हो रहा है।  प्रधानमंत्री ने 2014 के बाद से हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का काम किया है। पूरे देश में 12 वर्षों में किए गए कार्यों को शिविर के माध्यम से लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।विश्व को करुणा अहिंसा और शांति का संदेश देने वाले गौतम बुद्ध की यह धरती है। बिना किसी भेदभाव के सभी को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। पात्र लाभार्थियों को आवास, सम्मान निधि, निःशुल्क राशन, दिया जा रहा है।कार्यक्रम को विधायक जय प्रताप सिंह, विधायक विनय वर्मा, अध्यक्ष जिला पंचायत  शीतल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा  दीपक मौर्या ने संबोधित किया। मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह ने कार्यकम में मौजूद जनप्रतिनिधियों को अंग वस्त्र, बुके देकर स्वागत किया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा राम कुमार कुंवर, प्राचार्य शिवपति डिग्री कॉलेज शोहरतगढ़ अरविंद सिंह व अन्य लोगों द्वारा अपने विचार व्यक्त किया ।</div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रजत कुमार चौरसिया, जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार एवं अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181426/eligible-beneficiaries-should-get-the-benefit-of-the-scheme-vijay</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181426/eligible-beneficiaries-should-get-the-benefit-of-the-scheme-vijay</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 21:01:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार की योजनाओं का लाभ सभी को मिले - विधायक श्यामधनी राही</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन ( सिद्धार्थनगर)।</strong> विकास खण्ड  लोटन के परिसर में आयोजित जन कल्याण एवं स्वास्थ्य अभियान शिविर के द्वितीय दिवस सोमवार को  सदर विधायक श्यामधनी राही ने उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित किया एंव सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">        इस दौरान सदर विधायक श्यामधनी ने सरकार की एक,एक योजनाएं उपस्थित लोगों को बताते हुए उसका लाभ लेने को कहा। कार्यक्रम के दौरान सदर विधायक ने परिसर में स्वास्थ्य,शिक्षा, कृषि, वन विभाग एवं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की । आयोजित  कार्यक्रम में गर्भवती महिला का सदर विधायक, आंगनबाड़ी</div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
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<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181283/everyone-should-benefit-from-government-schemes-mla-shyamadhani-rahi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0054.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन ( सिद्धार्थनगर)।</strong> विकास खण्ड  लोटन के परिसर में आयोजित जन कल्याण एवं स्वास्थ्य अभियान शिविर के द्वितीय दिवस सोमवार को  सदर विधायक श्यामधनी राही ने उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित किया एंव सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">    इस दौरान सदर विधायक श्यामधनी ने सरकार की एक,एक योजनाएं उपस्थित लोगों को बताते हुए उसका लाभ लेने को कहा। कार्यक्रम के दौरान सदर विधायक ने परिसर में स्वास्थ्य,शिक्षा, कृषि, वन विभाग एवं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की । आयोजित  कार्यक्रम में गर्भवती महिला का सदर विधायक, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर साधना, बीडीओ सर्वेश मोहन,,ब्लाक प्रमुख आशीष सिंह ने स्वास्थ्य मेले मे गोदभराई कराई गई ।जन कल्याण शिविर मे आजिविका मिशन की लखपति दीदी को सम्मानित किया गया।विधायक ब्लाक प्रमुख,बीडीओ व प्रधान संघ अध्यक्ष ने एक एक पेड़ माँ के नाम पौधरोपण किया ।</div>
<div style="text-align:justify;">   इस दौरान मण्डल अध्यक्ष संजय शुक्ला,नौगढ़ पूर्ति निरीक्षक माला गुप्ता, रवीन्द्र कुमार जाटव प्रियंका गोस्वामी,दिलीप पटेल,ममता,रेखा, प्रमिला आदि उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181283/everyone-should-benefit-from-government-schemes-mla-shyamadhani-rahi</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 20:22:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>*मुख्तार मंत्री मावन-धीया सत्कार योजना के लिए जिले के पांच ब्लॉक में रजिस्ट्रेशन शुरू* </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>होशियारपुर,</strong>    पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक सुरक्षा के लिए शुरू की गई मुख्तार मंत्री मावन-धीया सत्कार योजना के तहत होशियारपुर जिले के माहिलपुर, भुंगा, टांडा, दसूहा, मुकेरियां और हाजीपुर ब्लॉक में आज से रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू हो गया है।</div>
<div>  </div>
<div>इस बारे में जानकारी देते हुए डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर गगनदीप सिंह ने बताया कि महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाए गए हैं। स्कीम का फायदा पाने के लिए महिलाओं को अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे आधार कार्ड, जाति सर्टिफिकेट, बैंक अकाउंट की जानकारी और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स लाने के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181217/registration-for-mukhtar-minister-maavan-dhiya-satkar-yojana-started-in-five"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000905510.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>होशियारपुर,</strong>  पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक सुरक्षा के लिए शुरू की गई मुख्तार मंत्री मावन-धीया सत्कार योजना के तहत होशियारपुर जिले के माहिलपुर, भुंगा, टांडा, दसूहा, मुकेरियां और हाजीपुर ब्लॉक में आज से रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू हो गया है।</div>
<div> </div>
<div>इस बारे में जानकारी देते हुए डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर गगनदीप सिंह ने बताया कि महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाए गए हैं। स्कीम का फायदा पाने के लिए महिलाओं को अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे आधार कार्ड, जाति सर्टिफिकेट, बैंक अकाउंट की जानकारी और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स लाने के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया कि स्कीम के तहत 18 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं और लड़कियों को सीधी फाइनेंशियल मदद दी जा रही है, जिसके तहत शेड्यूल्ड कास्ट (SC) कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये और जनरल कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की फाइनेंशियल मदद सीधे उनके बैंक अकाउंट में जमा की जाएगी। उन सभी महिलाओं से अपील की गई है कि वे तय कैंप में पहुंचकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं और पंजाब सरकार की इस जनकल्याण योजना का ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को आसानी से पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:28:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>*खन्ना में आंगनवाड़ी वर्कर्स और सखियों को ‘मावां-ध्यान सत्कार योजना’ के लिए दो दिन की ट्रेनिंग दी गई*</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>खन्ना, (लुधियाना),</strong> पंजाब सरकार की चलाई जा रही ‘मावां-ध्यान सत्कार योजना’ के तहत, सब-डिवीजन खन्ना की आंगनवाड़ी वर्कर्स और सखियों के लिए शनिवार और रविवार को किशोरी लाल जेठी (गर्ल्स) स्कूल ऑफ़ एमिनेंस, खन्ना में स्कीम के योग्य लाभार्थियों को रजिस्टर करने के लिए दो दिन की ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ट्रेनिंग वर्कशॉप की अध्यक्षता सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट खन्ना श्रीमती स्वाति तिवाना ने की। उन्होंने कहा कि ‘माँ-बेटी सत्कार योजना’ का फ़ायदा हर योग्य माँ-बेटी तक पहुँचाने के लिए सही और समय पर रजिस्ट्रेशन बहुत ज़रूरी है। इस काम में आंगनवाड़ी वर्कर और सखियों की भूमिका सबसे अहम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सब</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181211/in-khanna-anganwadi-workers-and-sakhis-were-given-two-days"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000905517.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>खन्ना, (लुधियाना),</strong> पंजाब सरकार की चलाई जा रही ‘मावां-ध्यान सत्कार योजना’ के तहत, सब-डिवीजन खन्ना की आंगनवाड़ी वर्कर्स और सखियों के लिए शनिवार और रविवार को किशोरी लाल जेठी (गर्ल्स) स्कूल ऑफ़ एमिनेंस, खन्ना में स्कीम के योग्य लाभार्थियों को रजिस्टर करने के लिए दो दिन की ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ट्रेनिंग वर्कशॉप की अध्यक्षता सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट खन्ना श्रीमती स्वाति तिवाना ने की। उन्होंने कहा कि ‘माँ-बेटी सत्कार योजना’ का फ़ायदा हर योग्य माँ-बेटी तक पहुँचाने के लिए सही और समय पर रजिस्ट्रेशन बहुत ज़रूरी है। इस काम में आंगनवाड़ी वर्कर और सखियों की भूमिका सबसे अहम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सब डिवीज़नल मजिस्ट्रेट खन्ना स्वाति टिवाना ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को मज़बूत करने के लिए चलाई जा रही ‘मुख्यमंत्री माँ-बेटी सत्कार योजना’ के तहत रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू किया जाना है। इस स्कीम का मुख्य मकसद राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत करना है। इस कैंपेन के तहत अलग-अलग गाँवों और शहरों में कैंप लगाकर योग्य महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बारे में और जानकारी देते हुए SDM स्वाति टिवाना ने कहा कि स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को आसान बनाया गया है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा महिलाएँ इसका फ़ायदा उठा सकें। रजिस्ट्रेशन ट्रेनिंग वर्कशॉप में महिलाओं को स्कीम का फ़ायदा पहुँचाने के लिए उनसे ज़रूरी डॉक्यूमेंट लेने के बारे में भी जानकारी दी गई है। सरकार का मकसद यह पक्का करना है कि हर योग्य महिला को इस स्कीम का फ़ायदा मिले और कोई भी छूट न जाए। उन्होंने कहा कि इस स्कीम से जुड़ी महिलाओं में बहुत उत्साह है। सरकार की इस पहल की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ़ उनकी आर्थिक हालत सुधरेगी, बल्कि उन्हें अपने परिवार और समाज में ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ जीने का मौका भी मिलेगा। सरकार ने आने वाले समय में ऐसी जनहितैषी स्कीमें जारी रखने का भरोसा दिया है, जिससे महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को और मज़बूती मिलेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:21:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। पीके सिंह।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इफको घियानगर फूलपुर के सामुदायिक केन्द्र में पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह समपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि इफको फूलपुर परिवार की प्रथम महिला सरिता सिंह रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। आप सभी लोग अपने टाउनशिप को हराभरा अवश्य रखे, क्योंकि इसका लाभ आप के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी होगा। पालीथीन एवं प्लास्टिक का प्रयोग बिलकुल भी ना करें, क्योंकि पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001823231.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको घियानगर फूलपुर के सामुदायिक केन्द्र में पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह समपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि इफको फूलपुर परिवार की प्रथम महिला सरिता सिंह रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। आप सभी लोग अपने टाउनशिप को हराभरा अवश्य रखे, क्योंकि इसका लाभ आप के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी होगा। पालीथीन एवं प्लास्टिक का प्रयोग बिलकुल भी ना करें, क्योंकि पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वरिष्ठ प्रबंधक ई.पी.सी. उमेश कुमार ने पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत हुए आ कार्यक्रम का विस्तार पूर्वक विवरण दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी,कर्मचारी, महिलाओं एवं बच्चों ने कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया तथा कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का संचालन हेमलता सिजोरिया तथा धन्यवाद ज्ञापन अनूप यादव ने किया। इस दौरान महाप्रबंधक क्रमशः पी.के.पटेल, रत्नेश कुमार,ए.के.गुप्ता,सतर्कता अधिकारी अजय कुमार मिश्र, सुरेश कुमार सिंह <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001823230.jpg" alt="1001823230" width="1280" height="851"></img>(ईपीसी) मौजूद रहे।  पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार विजेताओं के नाम निम्नलिखित हैः-</div>
<div style="text-align:justify;">चित्रकला प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण)</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 1 से कक्षा 3 तक</div>
<div style="text-align:justify;">1. सोनाली पाल</div>
<div style="text-align:justify;">2. अर्शी यादव</div>
<div style="text-align:justify;">3. श्रुति पाल</div>
<div style="text-align:justify;">4. आदविक कुशवाहा</div>
<div style="text-align:justify;">5. सामर्थ्य पाल</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 4 से प तक </div>
<div style="text-align:justify;">1. आनवी कुशवाहा</div>
<div style="text-align:justify;">2. श्रुति प्रसाद</div>
<div style="text-align:justify;">3. आदया सूद</div>
<div style="text-align:justify;">4. आरध्या गुप्ता</div>
<div style="text-align:justify;">5. शिवांश शंकर</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- पानी की बर्बादीः क्या हम अनजाने में पानी नष्ट कर रहे हैं और इसे कैसे रोका जाये।)</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी</div>
<div style="text-align:justify;">1. पार्वी दुबे </div>
<div style="text-align:justify;">2. आंगना सरकार</div>
<div style="text-align:justify;">3. नाइशा यादव</div>
<div style="text-align:justify;">4. सानवी शर्मा</div>
<div style="text-align:justify;">5. आकांक्षा कुमारी</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 9 से 10  तक के विद्यार्थी</div>
<div style="text-align:justify;">(विषयः- आधुनिक तकनीक और ई कचरा क्या गैजेट्स का बढ़ता इस्तेमाल पर्यावरण के लिए एक नया और गंभीर संकट है)</div>
<div style="text-align:justify;">1. अनुष्का यादव</div>
<div style="text-align:justify;">2. आइजा फात्मा</div>
<div style="text-align:justify;">3. सृजन पाण्डेय</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों एवं उनके समाधान हेतु प्रकृति- आधारित उपाय)</div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारी वर्ग</div>
<div style="text-align:justify;">1. अश्वनी श्रीवास्तव</div>
<div style="text-align:justify;">2. नीतू सिंह</div>
<div style="text-align:justify;">3. सुबोधना शर्मा</div>
<div style="text-align:justify;">4. रजत पाठक</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली एवं घरेलू अपशिष्ट का उचित प्रबंधन)</div>
<div style="text-align:justify;">महिला वर्ग </div>
<div style="text-align:justify;">1. प्रतिमा दुबे</div>
<div style="text-align:justify;">2. आशा त्रिपाठी</div>
<div style="text-align:justify;">3. मालती तिवारी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      सादर</div>
<div style="text-align:justify;">  (स्वयम् प्रकाश)</div>
<div style="text-align:justify;">जनसम्पर्क अधिकारी</div>
<div style="text-align:justify;">   इफको फूलपुर</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:17:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत भदोही पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में एंटी रोमियो टीमों व महिला पुलिसकर्मियों ने विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दौरान महिलाओं को 1090, 112, 181, 1930, 108 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए पंपलेट वितरित किए गए। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180998/women-were-made-aware-under-mission-shakti-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0055.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत भदोही पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में एंटी रोमियो टीमों व महिला पुलिसकर्मियों ने विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दौरान महिलाओं को 1090, 112, 181, 1930, 108 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए पंपलेट वितरित किए गए। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180998/women-were-made-aware-under-mission-shakti-campaign</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:27:48 +0530</pubDate>
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