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                <title>न्यायालय खबर - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>न्यायालय खबर RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>न्यायालय के आदेश पर दम्पति समेत तीन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का  दिया आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[- चोपन थाना क्षेत्र के बेलछ गांव के टोला अकेलवा निवासी मनीष कुमार हत्याकांड का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153063/order-to-register-fir-against-three-including-couple-on-court"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img_20250709_160605.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश</em></strong>-</p>
<p style="text-align:justify;">करीब 9 माह पूर्व हुए मनीष कुमार हत्याकांड के मामले में सीजेएम आलोक यादव की अदालत ने दम्पति समेत तीन लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विवेचना का आदेश चोपन थानाध्यक्ष को दिया है। साथ ही विवेचना के परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है। उक्त आदेश चोपन थाना क्षेत्र के बेलछ टोला अकेलवा गांव निवासी अर्जुन प्रसाद पुत्र स्वर्गीय रजई द्वारा अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद सिंह के जरिए दाखिल धारा 173(4)बीएनएसएस के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट में 16 नवंबर 2024 को दाखिल प्रार्थना पत्र में अर्जुन प्रसाद ने अवगत कराया है कि उसका बेटा मनीष कुमार डाला प्लांट में 11 अक्तूबर 2024 को काम करने सायं 4 बजे घर से निकला था। गांव का सुदेश्वर पुत्र राम अधार उसके घर आया था और सुदेश्वर के कहने पर उसका बेटा मनीष कुमार रास्ते से ही सुदेश्वर के घर चला गया। जब बेटा घर वापस नहीं आया तो प्लांट पर पता किया तो पता चला कि उसका बेटा मनीष कुमार नहीं आया है। काफी तलाश करने के बाद भी जब बेटा मनीष कुमार का पता नहीं चला तो सुदेश्वर के घर गया तो सुदेश्वर ने सही बात बताने से इनकार कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उसके बाद बेटे मनीष की मोबाइल पर कई बार फोन किया, घण्टी जा रही थी लेकिन फोन नहीं उठा। इसीबीच 14अक्तूबर 2024 को सुबह 8 बजे सूचना मिली कि बेटे मनीष की लाश नाले में पड़ी है। सिर्फ अंडरवियर के अलावा शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। आसपास भी कपड़ा जूता, मोजा, मोबाइल नहीं था। पुलिस मौके पर पहुंच कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। काफी दूर सुदेश्वर की पत्नी सिताबी देवी की शाल व साड़ी का आधा भाग बेडशीट में लपेटा दिखाई दिया। जिससे पूर्ण विश्वास है कि बेटे मनीष की हत्या गांव के सुदेश्वर पुत्र राम अधार, सिताबी देवी पत्नी सुदेश्वर व सुदेश्वर का दामाद रमेश निवासी गिरिया, थाना पन्नूगंज, जिला सोनभद्र ने साजिश के तहत किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसकी सूचना कई बार थाने दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जहां बेटे की लाश बरामद हुई है उस नाले में 2फीट से ज्यादा पानी ही नहीं है जिससे डूबकर मर सके। इसकी सूचना 5 नवंबर 2024 को एसपी सोनभद्र को रजिस्टर्ड डाक से दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने इस मामले में सीओ से प्रारंभिक जांच आख्या मांगा तो जो सीओ ने आख्या कोर्ट में दी है उसमें मनीष की मौत डूबने से होना दर्शाया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि मृतक की मोबाइल की बरामदगी न होने, मोबाइल गायब होने, मृतक का केवल अंडरवियर में लाश मिलना प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध किए जाने का संकेत देता है। इसके अलावा सीओ की जांच आख्या में मोबाइल व कपड़ों की कोई भी जांच किए बिना ही आख्या प्रस्तुत की गई है। मृतक के मोबाइल की जांच सभी कई साक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। अतः मामले की विवेचना आवश्यक है। कोर्ट ने चोपन एसओ को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने व कृत कार्यवाही से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 16:17:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुकदमे का नि:शुल्क समाधान: पूरे देश में 01जुलाई से 30 सितम्बर तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायालय में लंबित प्रकरण को निस्तारण जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153057/free-solution-of-trial-from-july-01-to-september-30"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img-20250708-wa0402.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> संपूर्ण राष्ट्र में दिनांक 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है। उद्देश्य है मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालय में लंबित ऐसे प्रकरणों जिनके समाधान की संभावना प्रबल हो उसमें मध्यस्थता कर उन वादों निस्तारण करना है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img_20250705_2303381.jpg" alt="IMG_20250705_230338" width="705" height="240"></img></p>
<p style="text-align:justify;"> उक्त अभियान के संबंध में मंगलवार 8 जुलाई 2025 को जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र राम सुलिन सिंह के निर्देशन में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय एवं पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सोनभद्र के साथ एक आवश्यक बैठक कर अधिक से अधिक मामलों को मीडियेशन सेंटर में मीडियेशन हेतु संदर्भित करने का आग्रह किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा विवाद, सामान्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति के बंटवारे, वेदखली, भूमि अधिग्रहण के मामले एवं अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को चिन्हित कर उनका निस्तारण किया जाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">आम जनमानस उक्त अभियान का लाभ उठाकर संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर अपने मामले को चिन्हित कर मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण करवा सकते हैं। यह जानकारी देते हुए अपर जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र राम सुलिन सिंह के आदेशानुसार यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 23:22:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला दोषी गौरव पटेल को 10 वर्ष की कठोर कैद , 10 हजार रूपये अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद</title>
                                    <description><![CDATA[-  साढ़े 5 वर्ष पूर्व दलित नाबालिग लड़की से शादी का झांसा देकर संबंध बनाने, गर्भ ठहरने पर दवा खिलाकर गर्भपात कराने का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152587/court-verdict-gaurav-patel-imprisoned-for-one-month-for-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250324-wa0014(8).jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब साढ़े 5 वर्ष पूर्व दलित नाबालिग लड़की के साथ शादी का झांसा देकर संबंध बनाने व गर्भ ठहरने पर दवा खिलाकर गर्भपात कराने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी गौरव पटेल को 10 वर्ष की कठोर कैद एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित पीड़िता ने पन्नूगंज थाने में 13 दिसंबर 2019 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि वह कक्षा 10 की छात्रा है। स्कूल जाते समय गौरव पटेल पुत्र श्रीनाथ पटेल निवासी बेलहिया , थाना पन्नूगंज, जिला सोनभद्र से संपर्क हो गया और शादी का झांसा देकर धीरे धीरे संबंध भी बनाने लगा। जब गर्भ ठहर गया तो दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। एक दिसंबर 2019 को दोपहर बाद 3 बजे चतरा बाजार सामान लेने गई थी तो गौरव पटेल वहां मिल गया और मंदिर में चलकर शादी करने का दबाव बनाने लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस पर उसके ऊपर विश्वास करके उसके साथ गई तो उसे सुनसान जगह ले गया और जाति सूचक शब्दों से गाली देते हुए चाकू दिखाकर धमकी दिया कि शादी नहीं करेंगे। दूसरे दिन 2 दिसंबर को छोड़ दिया और कहा कि अगर इस बारे में किसी से बताया तो समूचे परिवार के साथ जलाकर मार डालूंगा। इस तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दिया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट विवेचक ने दाखिल किया था।</p>
<p style="text-align:justify;"> मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी गौरव पटेल को 10 वर्ष की कठोर कैद एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर ले सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 21:53:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला दोषी पति को 7 वर्ष का कठोर कारावास</title>
                                    <description><![CDATA[- करीब 9 वर्ष पूर्व प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर कुंती देवी ने की थी आत्महत्या]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150912/court-verdict-convicted-husband-for-7-years-rigorous-imprisonment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/img-20250321-wa0038.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब 9 वर्ष पूर्व प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर कुंती देवी द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/ सीएडब्लू, सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी पति रामेश्वर को 7 वर्ष का कठोर कारावास व 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक मृतका कुंती देवी के पिता कैलाश धरिकार पुत्र वासदेव निवासी जरहा टोला धौरहवा , थाना बीजपुर, जिला सोनभद्र ने 20 अप्रैल 2016 को बीजपुर थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसने अपनी बेटी कुंती देवी की शादी करीब 10 वर्ष पूर्व रामेश्वर पुत्र सीताराम निवासी ग्राम जरहा टोला धौरहवा , थाना बीजपुर, जिला सोनभद्र के साथ किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">बेटी कुंती को उसका पति रामेश्वर आए दिन प्रताड़ित करता रहता था, जिसकी वजह से क्षुब्ध होकर बेटी कुंती देवी ने 19 अप्रैल 2016 को सुबह सवा 7 बजे आग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह नहीं बच पाई उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी पति रामेश्वर को 7 वर्ष की कठोर कैद व 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 00:49:52 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला  दोषी पति को 7 वर्ष की कैद</title>
                                    <description><![CDATA[- करीब 5 वर्ष पूर्व दहेज के लिए सुषमा अवस्थी की हत्या करने का था आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150905/court-verdict-convicted-husband-imprisoned-for-7-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/img_20250409_221102.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p> करीब 5 वर्ष पूर्व दहेज के लिए सुषमा अवस्थी की हुई हत्या के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी पति राजन अवस्थी को 7 वर्ष की कैद व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी।</p>
<p>अभियोजन पक्ष के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में दी तहरीर में संतोष कुमार पांडेय पुत्र स्वर्गीय गोपाल जी पांडेय निवासी सिंहपुर, थाना मौहररा, जिला रोहतास ने अवगत कराया था कि उसने अपनी बहन सुषमा अवस्थी की शादी फरवरी 2017 में राजन अवस्थी पुत्र संतेश्वर अवस्थी निवासी मुंसफी कालोनी रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र के साथ किया था। शादी के बाद से ही उसकी बहन को दहेज के लिए पति के साथ ससुराल वाले प्रताड़ित करते रहे।</p>
<p>इसके अलावा उसे मारपीट कर भी प्रताड़ित किया गया था। इसकी सूचना बहन सुषमा अवस्थी ने फोन से दिया था तो बहन को समझा दिया गया कि धीरे धीरे ठीक हो जाएगा। इसीबीच 30 अप्रैल 2020 को दोपहर एक बजे रॉबर्ट्सगंज कोतवाली से सूचना मोबाइल पर दी गई कि उसकी बहन सुषमा अवस्थी की मौत हो गई है। बहन की हत्या पति राजन अवस्थी व ससुराल वालों ने किया है। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।</p>
<p>मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दहेज हत्या में दोषसिद्ध पाकर दोषी पति राजन अवस्थी को 7 वर्ष की कैद व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सी शशांक शेखर कात्यायन ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 23:07:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मनमानी तीव्रगति ब्लास्टिंग माइनिंग प्रकरण का मामला पहुँचा कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>अनपरा संवाददाता -अजयंत कुमार सिंह की रिपोर्ट -</em></strong></p>
<p><strong><em>सिंगरौली / मध्य प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">सिंगरौली थाना मोरवा परिक्षेत्र में स्थित एनसीएल द्वारा तीव्र ब्लास्टिंग व हैवी ब्लास्टिंग करने का मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर कोर्ट ने 3 सप्ताह के अन्दर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। गाइडलाइंस के हैवी ब्लास्टिंग का मुद्दा हो या सेफ्टी जोन में उत्खनन का मोरवा के लोग हमेशा इसे लेकर शिकायत करते रहते हैं। अभी वर्तमान में लोगों की माने तो जयंत खदान में कोयल खनन के लिए नियमों को ताक पर रखकर सेफ्टी जोन कहे जाने वाले 500 मीटर के अंदर भी उत्खनन जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहां से रिहायशी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150175/case-of-arbitrary-rapid-blasting-mining-case-reached-court"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250321-wa0042.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अनपरा संवाददाता -अजयंत कुमार सिंह की रिपोर्ट -</em></strong></p>
<p><strong><em>सिंगरौली / मध्य प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">सिंगरौली थाना मोरवा परिक्षेत्र में स्थित एनसीएल द्वारा तीव्र ब्लास्टिंग व हैवी ब्लास्टिंग करने का मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर कोर्ट ने 3 सप्ताह के अन्दर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। गाइडलाइंस के हैवी ब्लास्टिंग का मुद्दा हो या सेफ्टी जोन में उत्खनन का मोरवा के लोग हमेशा इसे लेकर शिकायत करते रहते हैं। अभी वर्तमान में लोगों की माने तो जयंत खदान में कोयल खनन के लिए नियमों को ताक पर रखकर सेफ्टी जोन कहे जाने वाले 500 मीटर के अंदर भी उत्खनन जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहां से रिहायशी इलाका की दूरी मात्र 430 मीटर ही रह गई है। कई बार जिला प्रशासन द्वारा यह बात भी पहुंची परंतु इस पर कोई भी निष्कर्ष नहीं निकला। इन्हीं बातों से छुब्ध होकर मोरवा के व्यवसाई चंद्र प्रकाश सिंह (जियो ) ने अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत एवं न्यायाधीश विवेक जैन ने इस मुद्दे को गंभीरता से सुना। चंद्र प्रकाश सिंह की तरफ से कोर्ट में जिरह कर रहे वकील श्रेयस धर्माधिकारी ने न्यायालय में बताया कि किस प्रकार एनसीएल के द्वारा तीव्र ब्लास्टिंग से लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा रहा है और यहां प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ा हुआ है। वही मानकों को ताक पर रखते हुए सेफ्टी जोन का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। और नियम विरुद्ध उत्खनन जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले पर हाईकोर्ट ने एनसीएल को छोड़ अन्य सभी उत्तरदाता जो कि कोल मिनिस्ट्री समेत प्रदूषण बोर्ड, डीजीएमएस एवं जिला कलेक्टर को क्षेत्रीय विधायक के साथ 3 हफ्तों में जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 हफ्ते बाद होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150175/case-of-arbitrary-rapid-blasting-mining-case-reached-court</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:55:38 +0530</pubDate>
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