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                <title>Kanpur Development Authority - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>पार्क प्रकरण में मुख्यमंत्री कार्यालय का हस्तक्षेप, नगर विकास विभाग को भेजा गया मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर। </strong>गोविंद नगर ब्लॉक-8 स्थित सार्वजनिक पार्क  में कथित अतिक्रमण, धार्मिक संरचना एवं नवीन निर्माण के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण को नगर विकास तथा नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव को अग्रसारित किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से यह कार्रवाई 18 अगस्त 2026 को की गई है।</div>
<div>  </div>
<div>जनहित याचिका संख्या 1023/2026 के याचिकाकर्ता प्रकाश वीर आर्य की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 22 अप्रैल 2026 को सार्वजनिक पार्क को अतिक्रमणमुक्त कर उसके मूल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186418/chief-ministers-offices-intervention-in-park-issue-case-sent-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002244502.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong>गोविंद नगर ब्लॉक-8 स्थित सार्वजनिक पार्क  में कथित अतिक्रमण, धार्मिक संरचना एवं नवीन निर्माण के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण को नगर विकास तथा नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव को अग्रसारित किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से यह कार्रवाई 18 अगस्त 2026 को की गई है।</div>
<div> </div>
<div>जनहित याचिका संख्या 1023/2026 के याचिकाकर्ता प्रकाश वीर आर्य की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 22 अप्रैल 2026 को सार्वजनिक पार्क को अतिक्रमणमुक्त कर उसके मूल स्वरूप में बहाल करने तथा पार्क की भूमि का उपयोग पार्क/खेल मैदान के रूप में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</div>
<div> </div>
<div>शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद जिलाधिकारी कार्यालय को भेजे गए प्रकरण में उद्यान विभाग द्वारा 21 जुलाई 2026 को ऐसी जांच आख्या प्रस्तुत की गई, जिसमें विवादित निर्माण को ‘पूर्व से निर्मित मंदिर’ बताया गया, जबकि उनके अनुसार निरीक्षण के समय भी संबंधित संरचना पर गुंबद का निर्माण कार्य चल रहा था और नवीन निर्माण के प्रत्यक्ष प्रमाण मौजूद थे।</div>
<div> </div>
<div>शिकायत में जांच आख्या पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि यदि संबंधित भूमि नगर निगम/केडीए के अभिलेखों में सार्वजनिक पार्क/ओपन स्पेस के रूप में दर्ज है तो विवादित निर्माण के निर्माण वर्ष, आयु, स्वीकृति, अनुमति तथा वैधानिक अभिलेखों का परीक्षण किया जाना चाहिए था। केवल स्थल का फोटो लेकर किसी निर्माण को ‘पूर्व से निर्मित’ बता देना अभिलेखीय एवं निष्पक्ष जांच का विकल्प नहीं हो सकता।</div>
<div>प्रकाश वीर आर्य ने मुख्यमंत्री कार्यालय से 21 जुलाई की जांच आख्या को निरस्त कर स्वतंत्र एवं वरिष्ठ अधिकारी से पुनः जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि विवादित निर्माण को ‘पूर्व से निर्मित मंदिर’ बताने का आधार स्पष्ट किया जाए और यह बताया जाए कि इसके समर्थन में कौन-कौन से सरकारी अभिलेख, स्वीकृति, अनुमति अथवा अन्य वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध हैं।</div>
<div> </div>
<div>शिकायत में पार्क में कथित अतिक्रमण एवं नवीन निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और पूर्व एवं वर्तमान कार्यप्रणाली की भी जांच कर व्यक्तिगत जवाबदेही निर्धारित करने की मांग की गई है।</div>
<div> </div>
<div>शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री कार्यालय से माननीय हाईकोर्ट के 22 अप्रैल 2026 के आदेश का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा पार्क को सभी अवैध अतिक्रमण एवं नवीन निर्माण से मुक्त कर उसके मूल स्वरूप में बहाल कराने का भी अनुरोध किया है।</div>
<div> </div>
<div>मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 18 अगस्त को प्रकरण नगर विकास विभाग के उच्च अधिकारियों को अग्रसारित किए जाने के बाद अब इस मामले में शासन स्तर पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 17:28:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट की सख्ती बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> गोविंद नगर ब्लॉक-8 स्थित सार्वजनिक पार्क में अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। माननीय न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकलपीठ ने अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए प्रथम दृष्टया माना कि 22 अप्रैल 2026 को पारित आदेश की अवहेलना का मामला बनता है। हालांकि, न्यायालय ने इस स्तर पर नोटिस जारी किए बिना संबंधित अधिकारियों को एक माह का अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया है कि पूर्व आदेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आदेश के अनुपालन की सूचना याची को भी उपलब्ध कराने को कहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184391/high-courts-strictness-remains-intact"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002152235.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> गोविंद नगर ब्लॉक-8 स्थित सार्वजनिक पार्क में अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। माननीय न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकलपीठ ने अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए प्रथम दृष्टया माना कि 22 अप्रैल 2026 को पारित आदेश की अवहेलना का मामला बनता है। हालांकि, न्यायालय ने इस स्तर पर नोटिस जारी किए बिना संबंधित अधिकारियों को एक माह का अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया है कि पूर्व आदेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आदेश के अनुपालन की सूचना याची को भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। यदि आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो याची को पुनः न्यायालय आकर अवमानना की कार्यवाही आगे बढ़ाने की स्वतंत्रता दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि जनहित याचिका में हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि नगर निगम एवं कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के अभिलेखों में ब्लॉक-8 पार्क/खेल मैदान के रूप में दर्ज सार्वजनिक भूमि का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने जिला मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त एवं केडीए उपाध्यक्ष को निर्देश दिया था कि पार्क को अतिक्रमणमुक्त कर उसका मूल स्वरूप बहाल किया जाए तथा भविष्य में उसका उपयोग केवल पार्क एवं खेल मैदान के रूप में ही सुनिश्चित किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अवमानना याचिका में कहा गया है कि 29 अप्रैल 2026 को न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई थी, लेकिन तीन माह से अधिक समय बीतने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके विपरीत पार्क का मूल स्वरूप बहाल करने के बजाय विवादित निर्माणों को यथावत बनाए रखा गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम ने कथित विकास कार्यों के नाम पर पार्क में पहले से मौजूद अवैध निर्माणों की अनदेखी करते हुए तथा अवैध कब्जेदारों से मिलीभगत कर नगर निगम के पार्क के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से पर नियमों के विपरीत इंटरलॉकिंग बिछा दी। इससे पार्क का हरित क्षेत्र और मूल स्वरूप गंभीर रूप से प्रभावित हुआ तथा वर्षों पुराना हरा-भरा सार्वजनिक पार्क कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो गया। आरोप है कि यह कार्य न केवल सार्वजनिक पार्क के उद्देश्य के विपरीत है, बल्कि माननीय हाईकोर्ट के आदेश की भावना के भी प्रतिकूल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">याची प्रकाश वीर आर्य ने गंभीर आरोप लगाया कि माननीय हाईकोर्ट की आंखों में धूल झोंकने के उद्देश्य से 22 अप्रैल 2026 के आदेश के बाद नगर निगम ने रातोंरात पार्क के भीतर लगे तथाकथित विकास कार्यों के मूल शिलापट्ट को, जिस पर "ब्लॉक-8 पार्क" अंकित था, हटाकर उसकी जगह "बालाजी पार्क" नाम का नया शिलापट्ट स्थापित कर दिया। उनका कहना है कि यह परिवर्तन न्यायालय के समक्ष वास्तविक स्थिति को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत नगर निगम के उद्यान अधीक्षक द्वारा उपलब्ध कराई गई आधिकारिक सूचना में भी संबंधित स्थल का नाम "ब्लॉक-8 पार्क" ही दर्ज है। ऐसे में अभिलेखों के विपरीत नया शिलापट्ट लगाए जाने से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ब्लॉक-8 निवासी जे.पी. दुबे, एडवोकेट ने कहा कि यह मामला केवल एक पार्क का नहीं, बल्कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की गरिमा, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा तथा कानून के शासन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अभिलेखों के विपरीत शिलापट्ट बदला गया तथा अवैध निर्माणों को संरक्षण देते हुए पार्क के अधिकांश हिस्से को कंक्रीट में बदल दिया गया, तो पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी बीच केस्को की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। केस्को की जांच आख्या में उल्लेख किया गया है कि विवादित परिसर को क्षेत्रीय पार्षद द्वारा दिए गए एनओसी एवं अन्य प्रपत्रों के आधार पर नया विद्युत संयोजन स्वीकृत किया गया। केस्को यह स्पष्ट नहीं कर सका कि किस कानून, नियम या शासनादेश के तहत किसी नगर निगम पार्षद को सार्वजनिक पार्क की भूमि पर बने निर्माण के लिए एनओसी जारी करने का अधिकार प्राप्त है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक पार्क के रूप में दर्ज भूमि और हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद सक्षम प्राधिकारी से सत्यापन किए बिना विद्युत संयोजन प्रदान करना नियमों के विपरीत है। अब पूरे शहर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एक माह की अवधि में संबंधित अधिकारी हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हैं या नहीं। यदि निर्धारित अवधि में आदेश का अनुपालन नहीं हुआ, तो मामला पुनः हाईकोर्ट पहुंचेगा और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही आगे बढ़ सकती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 21:52:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ की घटना के बाद कानपुर में कोचिंग संस्थानों को सील करने का क्रम जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> लखनऊ के अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के बाद कानपुर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी और कमिश्नरेट पुलिस, अग्निशमन विभाग ने एक के बाद एक कई कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कानपुर शहर में काकादेव कोचिंग का हब है जहां अनेकों जिलों से छात्र कंपटीशन की तैयारी के लिए पढ़ने आते हैं। प्रशासन ने 22 कोचिंग संस्थानों को सील किया है। इसमें फिजिक्स वाला, वर्कस्पेस, महेंद्राज, केमिस्ट्री वाले संजीव राठौर जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं। केडीए ने सोमवार 22 जून 2026 को 4 जोनों में एक साथ कार्रवाई की। जोन-1 में 3, जोन-2B में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182043/6a3ba6516157c"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002030316.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> लखनऊ के अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के बाद कानपुर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी और कमिश्नरेट पुलिस, अग्निशमन विभाग ने एक के बाद एक कई कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कानपुर शहर में काकादेव कोचिंग का हब है जहां अनेकों जिलों से छात्र कंपटीशन की तैयारी के लिए पढ़ने आते हैं। प्रशासन ने 22 कोचिंग संस्थानों को सील किया है। इसमें फिजिक्स वाला, वर्कस्पेस, महेंद्राज, केमिस्ट्री वाले संजीव राठौर जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं। केडीए ने सोमवार 22 जून 2026 को 4 जोनों में एक साथ कार्रवाई की। जोन-1 में 3, जोन-2B में 5, जोन-3 में 3, जोन-4 में 5 संस्थान सील हुए। कार्रवाई का कारण बिना फायर NOC, अवैध बेसमेंट, नक्शे के विपरीत निर्माण, आपातकालीन निकास न होना बताया गया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसी तरह कानपुर देहात में भी 8 कोचिंग संस्थान सीज किए गए हैं। इनमें से किसी के पास भी फायर NOC नहीं मिली, कई बेसमेंट में चल रहे थे जो सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। केडीए के मुताबिक ये सिर्फ पहला चरण है। कुल 22 संस्थान चिह्नित किए गए थे, अन्य की जांच जारी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एक रिपोर्ट में 16 प्रतिष्ठान सील करने की बात भी है, लेकिन 22 की संख्या ज्यादा जगह कन्फर्म है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अभियान अभी जारी रहेगा। केडीए ने कहा है कि जो भी संस्थान भवन निर्माण, अग्नि सुरक्षा और अन्य मानकों का पालन नहीं करेगा, उसे सील किया जाएगा। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">22 जून 2026 को लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत हुई थी। हादसे के बाद सीएम योगी ने सभी जिलों में कोचिंग संस्थानों की जांच के सख्त निर्देश दिए थे। कानपुर में छात्रों और अभिभावकों में चिंता है क्योंकि अचानक सीलिंग से क्लासें बंद हो गईं। प्रशासन का कहना है कि ये कदम छात्रों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182043/6a3ba6516157c</link>
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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 15:13:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद भी ब्लॉक-8 पार्क पर कार्रवाई नहीं, शासन पहुंची शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> गोविन्द नगर के ब्लॉक-8 स्थित रामदेवी आर्य पार्क का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। पार्क पर हुए अतिक्रमण, कंक्रीट निर्माण, धार्मिक संरचनाओं के विस्तार तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में कथित शिथिलता को लेकर नगर विकास मंत्री कार्यालय ने मामले को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनहित याचिका संख्या 1023/2026 के याचिकाकर्ता एवं गोविन्द नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रकाश वीर आर्य द्वारा भेजे गए विस्तृत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम एवं केडीए के अभिलेखों में सार्वजनिक पार्क एवं ओपन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181568/government-did-not-take-action-on-block-8-park-even-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002015129.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> गोविन्द नगर के ब्लॉक-8 स्थित रामदेवी आर्य पार्क का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। पार्क पर हुए अतिक्रमण, कंक्रीट निर्माण, धार्मिक संरचनाओं के विस्तार तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में कथित शिथिलता को लेकर नगर विकास मंत्री कार्यालय ने मामले को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनहित याचिका संख्या 1023/2026 के याचिकाकर्ता एवं गोविन्द नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रकाश वीर आर्य द्वारा भेजे गए विस्तृत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम एवं केडीए के अभिलेखों में सार्वजनिक पार्क एवं ओपन स्पेस के रूप में दर्ज भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जे और निर्माण कार्य होते रहे, लेकिन संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय प्रकरणों का निस्तारण कागजों तक सीमित रखते रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 22 अप्रैल 2026 को पारित आदेश में ब्लॉक-8 स्थित पार्क में हुए निर्माण कार्यों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा था कि जिस भूमि को पार्क एवं खेल मैदान के रूप में सुरक्षित रखा गया हो, वहां निर्माण और अतिक्रमण किस प्रकार होने दिया गया। न्यायालय ने संबंधित प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पार्कों और खुले स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए तथा किए गए अतिक्रमणों को हटाकर उन्हें उनके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रकाश वीर आर्य का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति 29 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त कराए जाने के बावजूद अब तक पार्क को अतिक्रमण मुक्त कराने अथवा उसके मूल स्वरूप की बहाली के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत पार्क क्षेत्र में नई गतिविधियों और कब्जों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रकरण का एक और गंभीर पहलू तब सामने आया जब केस्को को लिखित शिकायत और न्यायालयीय आदेशों की जानकारी दिए जाने के बावजूद पार्क में स्थित विवादित धार्मिक संरचना पर नया विद्युत संयोजन स्थापित कर दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सार्वजनिक पार्क की विवादित भूमि पर स्थित संरचनाओं को सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से अवैध कब्जों को अप्रत्यक्ष संरक्षण मिलता है तथा भविष्य में ऐसे कब्जों को स्थायित्व प्रदान करने का आधार तैयार होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रार्थना पत्र में पार्क में अवैध रूप से निर्मित कंक्रीट ढांचों एवं इंटरलॉकिंग को हटाकर पूरे क्षेत्र को पुनः पार्क के रूप में विकसित करने, नए कब्जों एवं मूर्ति स्थापना पर तत्काल रोक लगाने, विद्युत संयोजन प्रकरण की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों एवं अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। नगर विकास मंत्री कार्यालय द्वारा मामले को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को भेजे जाने के बाद अब क्षेत्रीय नागरिकों की निगाहें शासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हाईकोर्ट के आदेशों और शासन स्तर पर संज्ञान लिए जाने के बाद भी पार्क को उसका मूल स्वरूप नहीं मिल पाता, तो यह सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 16:45:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर में केडीए की बड़ी कार्रवाई: बिठूर के गिन्नी विहार में अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर नगर में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिठूर क्षेत्र स्थित गिन्नी विहार में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और अवैध निर्माण कराने वालों में खलबली मच गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  <strong>15 एकड़ में फैली अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त</strong></div><div style="text-align:justify;">केडीए की टीम भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि करीब 15 एकड़ भूमि पर बिना नक्शा पास कराए और बिना वैधानिक स्वीकृतियों के कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इसके</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177500/big-action-by-kda-in-kanpur-bulldozer-runs-on-illegal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001867488.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर नगर में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिठूर क्षेत्र स्थित गिन्नी विहार में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और अवैध निर्माण कराने वालों में खलबली मच गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> <strong>15 एकड़ में फैली अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त</strong></div><div style="text-align:justify;">केडीए की टीम भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि करीब 15 एकड़ भूमि पर बिना नक्शा पास कराए और बिना वैधानिक स्वीकृतियों के कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इसके बाद प्राधिकरण ने सड़कों, बाउंड्रीवाल और अन्य निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> <strong>दूसरी अवैध प्लॉटिंग भी चिन्हित</strong></div><div style="text-align:justify;">कार्रवाई के दौरान उसी क्षेत्र में करीब 10,000 वर्ग मीटर में की जा रही एक अन्य अवैध प्लॉटिंग को भी चिन्हित किया गया। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर वहां भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> <strong>जनता से अपील</strong></div><div style="text-align:justify;">केडीए अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि शहर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। बिना स्वीकृति के निर्माण या प्लॉटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि जमीन खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों और स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें।</div><div style="text-align:justify;"> <strong>सख्ती का संदेश</strong></div><div style="text-align:justify;">इस कार्रवाई को केडीए की जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का साफ संदेश है कि अवैध कब्जा, बिना अनुमति निर्माण और फर्जी प्लॉटिंग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:03:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM आवास योजना: 17 अप्रैल तक करें आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत सस्ते मकानों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 17 अप्रैल तय की गई है। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने कुल 205 फ्लैट और कुछ प्लॉट बिक्री के लिए जारी किए हैं। सबसे ज्यादा 139 फ्लैट महावीर नगर में, जबकि भागीरथी-जान्हवी, सकरापुर और रामगंगा इन्क्लेव में भी आवास उपलब्ध हैं। सरकारी अनुदान (₹2.50 लाख) के बाद लाभार्थियों को करीब ₹3.63 लाख से ₹5.06 लाख तक भुगतान करना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">योजना में SC, OBC और सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान है। आवेदन प्रक्रिया HDFC Bank के माध्यम से ऑनलाइन होगी, जिसके लिए ₹5000 पंजीकरण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175849/pm-housing-scheme-apply-till-17th-april"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001822249.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत सस्ते मकानों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 17 अप्रैल तय की गई है। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने कुल 205 फ्लैट और कुछ प्लॉट बिक्री के लिए जारी किए हैं। सबसे ज्यादा 139 फ्लैट महावीर नगर में, जबकि भागीरथी-जान्हवी, सकरापुर और रामगंगा इन्क्लेव में भी आवास उपलब्ध हैं। सरकारी अनुदान (₹2.50 लाख) के बाद लाभार्थियों को करीब ₹3.63 लाख से ₹5.06 लाख तक भुगतान करना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">योजना में SC, OBC और सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान है। आवेदन प्रक्रिया HDFC Bank के माध्यम से ऑनलाइन होगी, जिसके लिए ₹5000 पंजीकरण शुल्क देना होगा। चयन प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम से की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175849/pm-housing-scheme-apply-till-17th-april</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 19:33:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर विकास प्राधिकरण के कम्प्यूटर आपरेटर के बंद घर में चोरी का प्रयास</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर के जाजमऊ स्थिति डिफेंस कॉलोनी में एक केडीए कर्मी के बंद घर में चोरी का प्रयास किया गया, पड़ोसियों की सूझबूझ से एक चोर को तमंचा के साथ पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए, पुलिस ने पकड़े गए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  केडीए में कम्प्यूटर आपरेटर दिलशाद अली अपने भाई महबूब अली के साथ डिफेंस कॉलोनी में रहते हैं, शुक्रवार देर रात ढाई बजें पड़ोसी इनायत ने उन्हें सूचना दी कि उनके घर का दरवाजा तोडा जा रहा है, दिलशाद अली ने तुरंत अपने साथियों को</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164539/attempt-to-steal-in-the-locked-house-of-computer-operator"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/1001492550.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर के जाजमऊ स्थिति डिफेंस कॉलोनी में एक केडीए कर्मी के बंद घर में चोरी का प्रयास किया गया, पड़ोसियों की सूझबूझ से एक चोर को तमंचा के साथ पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए, पुलिस ने पकड़े गए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> केडीए में कम्प्यूटर आपरेटर दिलशाद अली अपने भाई महबूब अली के साथ डिफेंस कॉलोनी में रहते हैं, शुक्रवार देर रात ढाई बजें पड़ोसी इनायत ने उन्हें सूचना दी कि उनके घर का दरवाजा तोडा जा रहा है, दिलशाद अली ने तुरंत अपने साथियों को जानकारी दी, जानकारी मिलते ही क्षेत्रिय लोग मौके पर पहुंचे और चोरों को घेर लिया,रात रात करीब तीन बजे भीड़ ने एक चोर को तमंचा के साथ पकड़ लिया,इस दौरान दो अन्य चोर गाली गलौज करते हुए भागने में सफल हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने मौके से एक तमंचा और एक बाइक भी जब्त की, पकड़े गए चोर की पहचान कोयला नगर निवासी आकाश के रूप में हुई है,आकाश ने बताया कि वह लाल बंगला निवासी कल्लू और राज के साथ चोरी करने आया था, उसने कबूल किया कि राज ने उसे असलहा पकड़ा कर पहरेदारी करने को कहा था,आकाश ने यह भी स्वीकार किया कि वे नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम देने आए थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 20:08:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेसमेंट की खुदाई से कई मकानों का पिछला हिस्सा ढहा, तीन घायल </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>कानपुर। </strong>आज दिनांक 19 मार्च को  पीआरवी से सूचना प्राप्त हुई  कि मोती महल टॉकीज के पीछे किसी मकान की दीवार गिर गई है , जिसकी जांच हेतु पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचकर जानकारी की गई तो ज्ञात हुआ कि 77/2 हालसी रोड कुली बजार थाना अनवरगंज नगर जिसकी स्वामी रेखा जैन पत्नी अजीत कुमार जैन है l </div>
<div>  </div>
<div>आज लगभग दोपहर 13.00 बजे मकान नं0 77/154 लाटूस रोड की दीवार ढह गई और पड़ोस में एक रेडीमेट गारमेंट का कारखाना है जिसकी दीवार भी ढह गई, कारखाने में 04 कारीगर कार्य कर रहे थे। जिनमें से 03 कारीगर अरशद,मुर्तजा,वसीम को</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150096/basement-excavation-collapsed-three-of-many-houses-three-injured%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250319-wa0066.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>कानपुर। </strong>आज दिनांक 19 मार्च को  पीआरवी से सूचना प्राप्त हुई  कि मोती महल टॉकीज के पीछे किसी मकान की दीवार गिर गई है , जिसकी जांच हेतु पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचकर जानकारी की गई तो ज्ञात हुआ कि 77/2 हालसी रोड कुली बजार थाना अनवरगंज नगर जिसकी स्वामी रेखा जैन पत्नी अजीत कुमार जैन है l </div>
<div> </div>
<div>आज लगभग दोपहर 13.00 बजे मकान नं0 77/154 लाटूस रोड की दीवार ढह गई और पड़ोस में एक रेडीमेट गारमेंट का कारखाना है जिसकी दीवार भी ढह गई, कारखाने में 04 कारीगर कार्य कर रहे थे। जिनमें से 03 कारीगर अरशद,मुर्तजा,वसीम को दीवार ढहने के कारण चोटे आई हैं जिनको मनामा अस्पताल थाना क्षेत्र चमनगंज में भर्ती कराया गया जिनकी हालत सामान्य है, मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।</div>
</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय लोगों ने बताया कि बेसमेंट की खुदाई के दौरान आधा दर्जन  मकानों  का पिछला हिस्सा ढह गया। पिछला हिस्सा गिरने तीन लोग गंभीर रूप से हुए घायल। जैन ब्रदर्स द्वारा की जा रही थी बेसमेंट की खुदाई। 2 साल पहले भी यहीं पर चल रही थी बेसमेंट की खुदाई केडीए ने  किया था बेसमेंट के इलाके को शील। बिना मानक बिना कानपुर विकास प्राधिकरण के परमिशन के अवैध रूप से चल रही थी बेसमेंट की खुदाई।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 14:22:33 +0530</pubDate>
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