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                <title>न्यायालय का फैसला - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>न्यायालय का फैसला RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> उच्च न्यायालय का बड़ा आदेश: पुलिस एसआई भर्ती में विवादित ऊंचाई मापी जाएगी, वीडियोग्राफी अनिवार्य</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>सचिन बाजपेई </strong><br /><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर सिविल पुलिस भर्ती 2025 में ऊंचाई मापने को लेकर उठे विवाद में याचिकाकर्ता   शुभम शर्मा को महत्वपूर्ण राहत देते हुए उनकी ऊंचाई दोबारा मापने का आदेश दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकलपीठ ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता शुभम शर्मा की ऊंचाई 6 जुलाई 2026 को सुबह 11:30 बजे लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइंस में विशेषज्ञों की पैनल द्वारा दोबारा मापी जाए। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से की जाएगी और रिपोर्ट अदालत में 16 जुलाई 2026 को पेश की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182684/big-order-of-high-court-controversial-height-measurement-in-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/high-court-lucknow.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>सचिन बाजपेई </strong><br /><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर सिविल पुलिस भर्ती 2025 में ऊंचाई मापने को लेकर उठे विवाद में याचिकाकर्ता   शुभम शर्मा को महत्वपूर्ण राहत देते हुए उनकी ऊंचाई दोबारा मापने का आदेश दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकलपीठ ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता शुभम शर्मा की ऊंचाई 6 जुलाई 2026 को सुबह 11:30 बजे लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइंस में विशेषज्ञों की पैनल द्वारा दोबारा मापी जाए। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से की जाएगी और रिपोर्ट अदालत में 16 जुलाई 2026 को पेश की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में शुभम शर्मा ने आरोप लगाया था कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण में उनकी ऊंचाई गलत तरीके से 167.0 सेमी और 167.1 सेमी मापी गई, जबकि आगरा जिला अस्पताल के मेडिकल अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र में उनकी ऊंचाई 168.2 सेमी बताई गई है। याचिकाकर्ता ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन दोबारा मापने पर भी वही ऊंचाई दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने याचिकाकर्ता के आगरा जिला अस्पताल के प्रमाण-पत्र को गंभीरता से लिया और मामले में हस्तक्षेप किया। राज्य की ओर से अतिरिक्त मुख्य स्थायी वकील ने तर्क दिया कि ऊंचाई मापने की उचित प्रक्रिया है और आपत्ति पर दोबारा माप लिया गया था, इसलिए अदालती हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता सुभाष चन्द्र यादव  ने याची की तरफ से पूरा मामला कोर्ट को बताया जिसपर कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर विचार योग्य पाया और ऊंचाई मापने की नई प्रक्रिया शुरू करने का आदेश पारित किया। अधिवक्ता सुभाष चन्द्र यादव के पक्ष में यह आदेश  भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रेरणा दायक बन सकता है l </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह आदेश उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो भर्ती परीक्षा में ऊंचाई मापने को लेकर विवाद में फंस जाते हैं। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:46:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला पॉक्सो एक्ट में दोषी जलील मोहम्मद को कठोर आजीवन कारावास की सजा,एक लाख रूपये अर्थदंड, न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">  करीब 4 वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ हुए सामुहिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी जलील मोहम्मद को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर एक लाख रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। वहीं तीन अन्य नाबालिग आरोपियों की पत्रावली किशोर न्याय</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166815/courts-decision-jalil-mohammad-convicted-under-pocso-act-sentenced-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img_20260117_1624371.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> करीब 4 वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ हुए सामुहिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी जलील मोहम्मद को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर एक लाख रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। वहीं तीन अन्य नाबालिग आरोपियों की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में चल रही थी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक ओबरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के दादा ने 6 दिसंबर 2021 को ओबरा थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पोती जो अपने ननिहाल गई थी को अरहर के खेत में ले जाकर 5 दिसंबर 2021 की शाम 7:30 बजे जलील मोहम्मद पुत्र साबिर अली निवासी कनहरा, थाना ओबरा, जिला सोनभद्र व तीन अन्य नाबालिग लड़कों ने बारी बारी से बलात्कार किया। पीड़िता के चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर कई लोग पहुंच गए तो जान मारने की धमकी देते हुए चारो चले गए। इस तहरीर पर ओबरा पुलिस ने 6 दिसंबर 2021 को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर पॉक्सो एक्ट के दोषी जलील मोहम्मद (29) वर्ष को आजीवन कठोर कैद एवं एक लाख रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 19:03:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन दोषियों को 4-4 वर्ष की कठोर कैद , प्रत्येक पर साढ़े 11 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी</title>
                                    <description><![CDATA[-  7 वर्ष पूर्व हुए छेड़खानी व घर में घुसकर मारपीट करने का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150357/three-convicts-will-have-to-suffer-an-additional-imprisonment-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250324-wa0014.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">7 वर्ष पूर्व हुए छेड़खानी व घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर तीन दोषियों को 4-4 वर्ष की कठोर कैद एवं प्रत्येक पर साढ़े 11 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 25 हजार रूपये वादी मुकदमा को मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक अनपरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने अनपरा थाने में 3 मार्च 2018 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी 2 मार्च 2018 को शाम 6:30 बजे शौच के लिए निकली थी तभी आशीष कुमार पुत्र दयाराम निवासी ग्राम रणहोर, थाना अनपरा, जिला सोनभद्र उसकी बेटी का हाथ पकड़कर खींचने लगा और बंधा की ओर ले जाने लगा। जब बेटी चिल्लाने लगी तो वह गया तो उसे छोड़कर भाग गया।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ ही देर में उमेश कुमार पुत्र दयाराम, जगदीश पुत्र द्वारिका व आशीष पुत्र छोटेलाल के साथ कई लोग लाठी डंडा लेकर आ गए और घर मे घुसकर मारपीट करने लगे तथा गाली देने लगे। इस दौरान गम्भीर चोटें आई। इस तहरीर पर छेड़खानी, घर में घुसकर मारपीट करने और पाक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दिया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट विवेचक ने दाखिल किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर तीनों दोषियों को 4-4 वर्ष की कठोर कैद एवं प्रत्येक पर साढ़े 11 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 25 हजार रुपये वादी मुकदमा को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर ले सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Mar 2025 21:41:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अप्राकृतिक दुष्कर्म के दोषी बबलू उर्फ राधेश्याम को 10 वर्ष की कैद</title>
                                    <description><![CDATA[साढ़े सात वर्ष पूर्व 8 वर्षीय नाबालिग बालक के साथ हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150112/bablu-alias-radheshyam-imprisoned-for-10-years-imprisonment-for-unnatural"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250320-wa0093.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">साढ़े सात वर्ष पूर्व 8 वर्षीय नाबालिग बालक के साथ हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनभद्र अमित वीर सिंह की अदालत ने वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी बबलू उर्फ राधेश्याम को 10 वर्ष की कैद एवं 25 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 20 हजार रूपये पीड़ित को मिलेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक पिपरी थाना क्षेत्र के एक कालोनी निवासी पीड़ित की मां ने 17 सितंबर 2017 को पिपरी थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 14 सितंबर 2017 को 12:30 बजे दोपहर में उसका 8 वर्षीय छोटा बेटा डोगिया नाला की ओर गया था। उसे बबलू उर्फ राधेश्याम पुत्र प्रेम कुमार निवासी तुर्रा, थाना पिपरी, जिला सोनभद्र डोगिया नाला की ओर ले गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उसे ले जाते हुए उसका माझिल लड़का ने देखा था तथा घर आकर उसे बताया तो मौके पर गई तो उसके 8 वर्षीय नाबालिग बेटे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म कर रहा था। उसे देखते ही वह भाग गया। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में अप्राकृतिक दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।</p>
<p style="text-align:justify;"> मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी बबलू उर्फ राधेश्याम को 10 वर्ष का कारावास एवं 25 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।</p>
<p style="text-align:justify;">अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 20 हजार रूपये पीड़ित को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 21:16:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>न्यायालय का बड़ा फैसला दुष्कर्म के दोषी बलवंत कोल को 20 वर्ष की कठोर कैद</title>
                                    <description><![CDATA[ साढ़े 7 वर्ष पूर्व जंगल के पास गाय, बकरी चराने गई 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150065/balwant-cole-convicted-of-rape-20-years-rigorous-imprisonment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img_20250319_190120.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">साढ़े 7 वर्ष पूर्व जंगल के पास में गाय, बकरी चराने गई 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनभद्र अमित वीर सिंह की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी बलवंत कोल को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक अनपरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 16 वर्षीय नाबालिग पीड़िता ने 29 अगस्त 2017 को अनपरा थाने में दी तहरीर मे अवगत कराया था कि वह 15 अगस्त 2017 को करीब एक बजे दिन गाय, बैल व बकरी लेकर मठहिया नार जंगल के पास चराने गई थी उसके साथ मे बहन की 6 वर्षीय लड़की भी थी। जहां पीछे से आकर उसे बलवंत कोल पुत्र रामबरन कोल निवासी मिर्चाधुरी टोला मोटकाखेर, थाना अनपरा, जिला सोनभद्र उसे पकड़ लिया और उठाकर एक गढ्ढे में ले गया, जहां उसके साथ जबरन बलात्कार किया।</p>
<p style="text-align:justify;">वह रोती चिल्लाती रही, लेकिन वह नहीं माना। उसके रोने पर उसके बहन की लड़की भी रोती हुई घर चली गई और सारी बात बताई तो उसके दोनों भाई आ गए तो उन्हें देखकर बलवंत कोल भाग गया। उसके घर के लोग लोक लाज की वजह से शांत थे लेकिन बलवंत कोल घर आकर बार- बार थाने पर सूचना न देने के लिए धमकी दे रहा था। इसी वजह से सूचना दी गई है इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी बलवंत कोल को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगा। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 20:22:00 +0530</pubDate>
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