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                <title>FIR not registered - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>भूमि विवाद में महिला से मारपीट व लूट, पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से किया न्याय की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले की पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल पीड़ितों को न्याय देने के बजाय उनको थाने से भगाया जाता है नहीं लिखी जाती है उनकी शिकायत पर रिपोट ताजा मामला थाना लालगंज क्षेत्र के ग्राम चित्राखोर में भूमि विवाद को लेकर स्थानीय निवासी लक्ष्मी पत्नी काली चरन उर्फ पप्पू ने पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपकर गांव के सोनू, मोनू व अमित पुत्रगण अम्बिका, मंजू पत्नी अम्बिका तथा कृष्ण कुमार उर्फ कचालू पुत्र चन्द्रभूषण पर मारपीट, अभद्रता, वस्त्र फाड़ने तथा जेवर व नकदी छीनने का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की मांग किया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़िता के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176939/woman-assaulted-and-robbed-in-land-dispute"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/418.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले की पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल पीड़ितों को न्याय देने के बजाय उनको थाने से भगाया जाता है नहीं लिखी जाती है उनकी शिकायत पर रिपोट ताजा मामला थाना लालगंज क्षेत्र के ग्राम चित्राखोर में भूमि विवाद को लेकर स्थानीय निवासी लक्ष्मी पत्नी काली चरन उर्फ पप्पू ने पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपकर गांव के सोनू, मोनू व अमित पुत्रगण अम्बिका, मंजू पत्नी अम्बिका तथा कृष्ण कुमार उर्फ कचालू पुत्र चन्द्रभूषण पर मारपीट, अभद्रता, वस्त्र फाड़ने तथा जेवर व नकदी छीनने का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की मांग किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़िता के मुताबिक उसकी बैनामाशुदा जमीन गाटा संख्या 62 पर आरोपितों द्वारा करीब तीन फुट ऊँच नींव भर दी गई थी, उस दौरान वह परिवार सहित दिल्ली में रह रही थी, सूचना मिलने पर उसने निर्माण कार्य रुकवाया, इसके बाद आरोपित पक्ष द्वारा गाटा संख्या 89 में बिना बंटवारे के निर्माण कार्य शुरू किया गया, जिसमें छत डालना शेष बताया गया। मामले को लेकर उपजिलाधिकारी बस्ती और थानाध्यक्ष लालगंज को प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर 19 अप्रैल 2026 को सुलहनामा हुआ, सुलहनामे के अनुसार पीड़िता को अपनी जमीन गाटा संख्या 62 में भरी गई नींव हटाकर मलबा लेने के बाद ही दूसरे पक्ष को निर्माण आगे बढ़ाना था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़िता का कहना है कि 20 अप्रैल 2026 को वह जेसीबी लेकर नींव हटवाने मौके पर पहुंची, तभी मोनू पुत्र अम्बिका, उनकी पत्नी मंजू, सोनू की पत्नी तथा कृष्ण कुमार उर्फ कचालू मौके पर पहुंचे और मारपीट करने लगे, आरोप है कि पीड़िता को लात-घूंसों से पीटा गया, बाल पकड़कर घसीटा गया तथा गले का मंगलसूत्र, कान की बाली और ब्लाउज में रखा पर्स छीन लिया गया, जिसमें पांच हजार रुपये भी रखे थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शोर-शराबा होने पर आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया, सूचना पर डायल 112 पुलिस पहुंची और पीड़िता को थाने ले जाया गया, जहां कुछ समय बैठाने के बाद उसे वापस भेज दिया गया। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से प्रकरण में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा छीने गए जेवरात और नकदी वापस दिलाने की मांग किया है। पीड़िता ने कहा कि अगर न्याय ना मिला तो हम मूर्ख अधिकारियों के पास जाएंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 19:27:13 +0530</pubDate>
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                <title>नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की एफआईआर दर्ज नहीं।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads"><div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><strong>प्रयागराज। </strong>नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना को एक महीन हो चुका है, लेकिन अभी तक इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस रेलवे की तरफ मामले में गठित जांच टीम ने जांच पूरी नहीं की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर रेलवे पुलिस घटना के संबंध में आगे जांच बढ़ाएगी।</div><div><br /></div><div>वहीं दूसरी तरफ से भगदड़ की घटना के बाद रेलवे के पांच अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया गया है। घटना के बाद रेल प्रशासन ने 4 मार्च को चार अलग-अलग आदेश जारी कर पांच</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149995/fir-for-stampede-at-new-delhi-railway-station-is-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(3)4.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads"><div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><strong>प्रयागराज। </strong>नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना को एक महीन हो चुका है, लेकिन अभी तक इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस रेलवे की तरफ मामले में गठित जांच टीम ने जांच पूरी नहीं की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर रेलवे पुलिस घटना के संबंध में आगे जांच बढ़ाएगी।</div><div><br /></div><div>वहीं दूसरी तरफ से भगदड़ की घटना के बाद रेलवे के पांच अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया गया है। घटना के बाद रेल प्रशासन ने 4 मार्च को चार अलग-अलग आदेश जारी कर पांच अधिकारियों को उनके पद से हटाया दिया गया।हटाए गए अधिकारियों में स्टेशन डायरेक्टर महेश यादव, डिवीजनल कॉमर्शियल मैनेजर (सीनियर डीसीएम) आनंद मोहन, डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) सुखविंदर सिंह, एडिशनल डिवीजनल रेलवे मैनेजर (एडीआरएम) विक्रम सिंह राणा और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर महेश चंद सैनी शामिल है।</div><div><br /></div><div> इनमें से दो अधिकारियों को फिर से अलग-अलग जगह तैनात किया गया है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से हादसा हुआ है उनकी जवाबदेही तय करने के लिए उच्च स्तरीय जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को महज तबादले से नहीं छोड़ा जाएगा। उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।</div><div><br /></div><div>15 फरवरी की शाम को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 14-15 पर भगदड़ हुई थी। यात्रियों की भारी संख्या महाकुंभ मेले में भाग लेने के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेन पकड़ने कोशिश कर रहे थे। इसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी और एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हुई थे।</div><div><br /></div><div>नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ से हुई मौत की घटना पहली बार नहीं हुई थी। इससे पहले भी दो बार भगदड़ हुई, जिसमें सात लोगों की मौत और 16 लोग घायल हुए थे। लेकिन खास बात यह है कि इन दोनों घटनाओं में पुलिस जांच आगे नहीं बढ़ी बल्कि रेलवे पुलिस ने मामलों की अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर जांच को हमेशा के लिए बंद कर दिया।</div><div><br /></div><div>13 नवंबर 2004 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म संख्या 2-3 पर भगदड़ हुई थी। छठ पर्व के लिए प्लैटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ बढ़ रही थी। इसी दौरान धक्का लगने की वजह से भगदड़ मच गई। इस हादसे में 5 महिलाओं की मौत हो गई थी, जबकि 10 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने एक बुजुर्ग की शिकायत पर लापरवाही से मौत की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। इसके दो साल बाद एक मार्च को जांच अधिकारी ने कोर्ट में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर दी। </div><div><br /></div><div>यहां तक कि रेलवे को अपनी जांच में भी जिम्मेदार का पता नहीं चल पाया। दूसरी घटना 2010 को हुई। रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म संख्या 12-13 पर भगदड़ में दो यात्रियों की मौत हुई और छह लोग घायल हुए थे। प्लैटफॉर्म पर बिहार जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस के यात्री जमा हो रहे थे। इसी दौरान ट्रेन के प्लैटफॉर्म बदलने की सूचना प्रसारित हुई और भगदड़ मच गई। इस मामले में भी दो साल बाद अनट्रेस रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की गई।</div></div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div><div class="WhmR8e"><br /></div></div></div><div class="ajx"><br /></div></div><div class="gA gt acV"><div class="gB xu"><div class="ip iq"><div></div></div></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 14:15:53 +0530</pubDate>
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