<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/27116/gold-smugggling" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>gold smuggling - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/27116/rss</link>
                <description>gold smuggling RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>यात्री कतारों में खड़े रहे, सुरक्षा के रखवाले सौदों में खड़े मिले</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा का तमाशा अजीब है—कटघरे में यात्री खड़ा होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चूक भीतर होती है। वह चुपचाप बैग खोलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जूते-बेल्ट उतारता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी की बोतल छोड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लैपटॉप अलग ट्रे में रखता है। उसे भरोसा रहता है कि यह असुविधा सुरक्षा की कीमत है। लेकिन इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर ‘ऑपरेशन एयरोब्रिज’ ने भरोसा तोड़ दिया। अबू धाबी से आया चांदी की परत चढ़ा लगभग एक किलो सोना एयरोब्रिज पर ही एयर इंडिया एक्सप्रेस कर्मचारी को सौंपा गया। वह टैरमैक से उतरकर सुरक्षा व्यवस्था को छलता रहा और जांच में कस्टम अधिकारी की</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184840/passengers-stood-in-queues-security-guards-were-found-standing-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1.-prof.-rkjain2.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा का तमाशा अजीब है—कटघरे में यात्री खड़ा होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चूक भीतर होती है। वह चुपचाप बैग खोलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जूते-बेल्ट उतारता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी की बोतल छोड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लैपटॉप अलग ट्रे में रखता है। उसे भरोसा रहता है कि यह असुविधा सुरक्षा की कीमत है। लेकिन इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर ‘ऑपरेशन एयरोब्रिज’ ने भरोसा तोड़ दिया। अबू धाबी से आया चांदी की परत चढ़ा लगभग एक किलो सोना एयरोब्रिज पर ही एयर इंडिया एक्सप्रेस कर्मचारी को सौंपा गया। वह टैरमैक से उतरकर सुरक्षा व्यवस्था को छलता रहा और जांच में कस्टम अधिकारी की मिलीभगत सामने आई। तब यह केवल तस्करी नहीं रह जाती। सवाल है—जब सुरक्षा के पहरेदार ही चाबी बेचने लगें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यात्रियों की कठोर तलाशी आखिर किसकी सुरक्षा कर रही है</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हवाई अड्डों की सुरक्षा वहां नहीं टूटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां दीवारें खत्म होती हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह वहां टूटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां भरोसा शुरू होता है। हमारे यहां सुरक्षा बाहर से आने वाले खतरे पर केंद्रित है। मशीनें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कैनर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैमरे और नियम—सबकी निगाह यात्री पर रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानो सबसे बड़ा संदेह उसी पर हो। लेकिन दूसरी ओर खड़े कर्मचारियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्बाध प्रवेश है और जिनकी पहचान ही पास है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी निष्ठा की जांच नियमित और कठोर नहीं होती। इसलिए एयरोब्रिज से टैरमैक तक का रास्ता पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न बन गया। वहां न सुरंग थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न तकनीकी चूक</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल वर्दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिचित चेहरा और भीतर की मिलीभगत थी। किसी सुरक्षा तंत्र का इससे बड़ा लूपहोल नहीं हो सकता।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा का बोझ बेगुनाह कंधों पर रखा जाता है। खाड़ी से कमाई लेकर लौटने वाला मजदूर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेश पढ़ने जाने वाला छात्र और छोटे व्यापार के लिए उड़ान भरने वाला व्यापारी—सभी समान तलाशी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीक्षा और संदेह झेलते हैं। जेबें खाली करवाई जाती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों तक को स्कैनर से निकाला जाता है और घंटों कतार बाद कहा जाता है कि यह उनकी सुरक्षा के लिए है। लेकिन जब सुरक्षा तंत्र में बैठे लोग दस हजार रुपये के लालच में सीमा की पवित्रता गिरवी रख दें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब अपमान उसी ईमानदार यात्री का होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने हर नियम निभाया। सवाल है कि क्या जांच केवल उसी के लिए है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि असली खतरा उन लोगों से पैदा हो रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें जांचने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी व्यवस्था की हार तब होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब नागरिक का भरोसा टूटने लगे। यह घटना सोने की तस्करी तक सीमित नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतांत्रिक विश्वास का संकट बन जाती है। नागरिक कानून से डरकर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्था की निष्पक्षता पर भरोसे से जुड़ता है। लेकिन जब एयरलाइंस कर्मचारी और कस्टम अधिकारी मिलकर सुरक्षा की दीवार में सेंध लगा दें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब यात्री मशीनों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्दी से डरने लगता है। उसे सवाल सताता है कि जिस व्यवस्था ने उसे शक की नजर से देखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने अपने लोगों पर आंखें क्यों मूंद लीं। यही क्षण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब सुरक्षा विश्वास का आधार नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अविश्वास की वजह बनती है। हवाई अड्डे की कमजोर दीवार कंक्रीट की नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्य के चरित्र की होती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा की विडंबना यही है कि मशीनें बढ़ती गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर ईमानदारी की जांच पीछे छूट गई। इस प्रकरण में सवाल तस्करी की तकनीक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्था की मानसिकता है। चांदी की परत चढ़ाकर सोना लाना केवल कानून को चकमा देना नहीं था</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा व्यवस्था पर मौन व्यंग्य था। उसने दिखा दिया कि आधुनिक मशीनें भी मनुष्य की बेईमानी के सामने असहाय हैं। करोड़ों के स्कैनर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीसीटीवी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल निगरानी और बहुस्तरीय जांच तब बेकार हो जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब भीतर बैठा व्यक्ति जिम्मेदारी बेच देता है। व्यवस्था ने तकनीक बढ़ाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन ईमानदारी की निगरानी मजबूत नहीं की। दस हजार रुपये का लालच करोड़ों की सुरक्षा पर भारी पड़ गया। यह तकनीक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नैतिकता की हार है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हवाई अड्डा अब केवल अमीरों की दुनिया का द्वार नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आम आदमी के भरोसे का ठिकाना भी है। नौकरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापार और इलाज के लिए साधारण नागरिक भी विमान यात्रा कर रहा है। उसके लिए हवाई अड्डा सिर्फ उड़ान नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षित पहुंचने का विश्वास है। जब उसी विश्वास के भीतर से तस्करी का रास्ता निकलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो चोट केवल अपराध तक सीमित नहीं रहती। यात्री सुरक्षा जांच को भरोसे के बजाय औपचारिकता समझने लगता है। सार्वजनिक संस्थाओं पर घटता विश्वास हर नागरिक को प्रभावित करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा की दीवार मशीनों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदार लोगों से खड़ी होती है। समाधान केवल स्कैनर और कैमरे लगाने में नहीं है। जरूरत है कि सुरक्षा व्यवस्था का केंद्र मनुष्य बने। एयरलाइंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कस्टम और हवाई अड्डों के कर्मचारियों की नियमित सत्यनिष्ठा जांच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदनशील पदों पर समयबद्ध बदलाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आकस्मिक निगरानी और मिलीभगत पर कठोर कार्रवाई—ये सुरक्षा के जरूरी हिस्से हैं जितने तकनीकी उपकरण। जिस व्यवस्था में यात्री की हर गतिविधि दर्ज होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां सुरक्षा कर्मचारियों की जवाबदेही भी पारदर्शी होनी चाहिए। नागरिक से अनुशासन मांगने वाली व्यवस्था को पहले स्वयं अनुशासित होना होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरना उसका सुरक्षा नैतिक अधिकार धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ घटनाएं खबर बनकर खत्म नहीं होतीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे व्यवस्था की कमजोरी का आईना बनती हैं। इंदौर की घटना केवल सोने की तस्करी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश के सबसे सुरक्षित द्वार पर हुआ मौन विश्वासघात है। इसने बता दिया कि सुरक्षा का खतरा बाहर का व्यक्ति नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भीतर बैठा बेईमान व्यक्ति हो सकता है। जब तक व्यवस्था यह नहीं मानेगी कि सुरक्षा लूपहोल मशीनों में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्य के चरित्र में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक लंबी कतारें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तलाशी और कठोर जांच औपचारिकता रह जाएंगी। राष्ट्र की सीमाएं तकनीक से मजबूत हो सकती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर सुरक्षित तभी होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब उन्हें संभालने वाले हाथ ईमानदार हों। अंततः हवाई अड्डे की सुरक्षा स्कैनर की स्क्रीन पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्दी पहने व्यक्ति के विवेक में होती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184840/passengers-stood-in-queues-security-guards-were-found-standing-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184840/passengers-stood-in-queues-security-guards-were-found-standing-in</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 21:54:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1.-prof.-rkjain2.jpg"                         length="55370"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोने की तस्करी में डीजीपी के रामचंद्र राव को सरकार ने जबरन छुट्टी पर भेजा </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>कर्नाटक पुलिस महानिदेशक (डीपीजी) के रामतंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव पर लगे सोने की तस्करी के आरोप मामले में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अदालत में कहा है कि अभिनेत्री रान्या राव के सोने की तस्करी से जुड़े रैकेट में कर्नाटका पुलिस के एक प्रोटोकॉल अधिकारी का इस्तेमाल किया गया था। डीआरआई ने दावा किया कि रान्या ने जनवरी 2023 से अब तक 27 बार दुबई की यात्रा की और उसने हवाला लेनदेन का इस्तेमाल करके भारत से दुबई में धन भेजा है।</div>
<div>  </div>
<div>डीआरआई ने अपनी दलील में कहा कि रान्या ने सुरक्षा को दरकिनार करने के लिए</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149909/dgps-ramchandra-rao-was-forcibly-sent-on-leave-in-gold"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(11)2.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>कर्नाटक पुलिस महानिदेशक (डीपीजी) के रामतंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव पर लगे सोने की तस्करी के आरोप मामले में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अदालत में कहा है कि अभिनेत्री रान्या राव के सोने की तस्करी से जुड़े रैकेट में कर्नाटका पुलिस के एक प्रोटोकॉल अधिकारी का इस्तेमाल किया गया था। डीआरआई ने दावा किया कि रान्या ने जनवरी 2023 से अब तक 27 बार दुबई की यात्रा की और उसने हवाला लेनदेन का इस्तेमाल करके भारत से दुबई में धन भेजा है।</div>
<div> </div>
<div>डीआरआई ने अपनी दलील में कहा कि रान्या ने सुरक्षा को दरकिनार करने के लिए राज्य पुलिस के प्रोटोकॉल अधिकारी का इस्तेमाल किया। केंद्रीय एजेंसी ने अदालत से यह भी कहा कि रान्या ने जांच में सहयोग नहीं किया और उसके खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।</div>
<div> </div>
<div>इसके बाद कर्नाटक पुलिस के डीजीपी के रामचंद्र राव  को सरकार ने जबरन छुट्टी पर भेज दिया है। राव पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए पुलिस प्रोटोकॉल का गलत इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सीबीआई भी इस मामले की जांच कर रही है और इसमें शामिल नेताओं की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।</div>
<div> </div>
<div>शुक्रवार को इस मामले में अदालत ने संज्ञान में लेते हुए रान्या की जमानत याचिका को खारिज कर दी थी। इसके अलावा, कर्नाटका सरकार ने रान्या के पिता रामचंद्र राव की भूमिका की जांच के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव गौरव गुप्ता को नियुक्त किया था। लेकिन, कुछ घंटों बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी कर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>साथ ही मामले में कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव ने इल्जाम लगाया है कि राजस्व खुफिया निदेशालय के अफसर ने उन्हें कई बार थप्पड़ मारे, खाना नहीं दिया और उनसे सादे कागज पर दस्तखत करने को कहा। अतिरिक्त महानिदेशक को लिखे एक खत में रान्या राव ने कहा कि वह निर्दोश हैं और उन्हें गलत केस में फंसाया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>इस बीच पता चला है कि कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव से जुड़े सोने की तस्करी के मामले में सीबीआई ने गुरुवार को दर्ज एफआईआर में ‘आरोपी’ कॉलम को खाली छोड़ दिया है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। आरोपी कॉलम को खाली छोड़ने के बाद इस सीबीआई का मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है।</div>
<div>सीबीआई के इस फैसले से एजेंसी को किसी भी व्यक्ति को समन करने की सुविधा मिल जाती है खासकर जब राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) को इस रैकेट में एक सिंडिकेट के शामिल होने का शक है। डीआरआई ने सोने की तस्करी के कई मामलों के दस्तावेज इक्ट्ठा करे हैं, जिसमें दो महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां शामिल हैं जो दुबई और भारत के बीच एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं।</div>
<div> </div>
<div>इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली में मनी-लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और गुरुवार को रान्या के लावेल रोड फ्लैट समेत बेंगलुरु के पांच अन्य स्थानों पर छापेमारी की। बेंगलुरु के अधिकारियों की मदद से ईडी अधिकारियों ने अडुगोडी, इंदिरानगर और कोरमंगला में रान्या के पति से जुड़े ऑफिस में भी छापा मारा। बताया जा रहा है कि दिनभर की छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए।</div>
<div> </div>
<div>6 मार्च को मुंबई एयरपोर्ट पर 21.2 किलोग्राम सोने के साथ दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिसकी कीमत 19 करोड़ रुपये थी । ठीक कुछ दिन बाद जब रान्या को बेंगलुरु में 14.2 किलोग्राम सोने की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था । उनके घर पर की गई तलाशी में और भी बरामदगी हुई । इन ऑपरेशनों की पैमाने एक नेटवर्क की ओर इशारा करती है, जिसमें विदेशी नागरिक और संभवतः कई बड़े सरकारी अधिकारी शामिल हो सकते हैं ।</div>
<div> </div>
<div>पुलिस  ने खुलासा किया कि रान्या ने गिरफ्तारी के दिन उनसे संपर्क किया था तथा अपने आगमन के लिए वीआईपी प्रोटोकॉल का अनुरोध किया था।बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक पुलिस अधिकारी ने खुलासा किया है कि अभिनेत्री रान्या राव को उनके सौतेले पिता, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डीजीपी के रामचंद्र राव के कहने पर कई मौकों पर वीआईपी प्रोटोकॉल दिया गया था ।</div>
<div> </div>
<div>के रामचंद्र राव कर्नाटक पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीएमडी हैं। फिलहाल सरकार ने उनको अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया है। अतिरिक्त डीजीपी शरत चंद्र अब उनके कार्यभार को संभालेंगे। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की ओर से उच्च-स्तरीय जांच के आदेश के बाद हुई है। यह जांच राव की भूमिका की पड़ताल करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी 31 साल की अभिनेत्री बेटी रान्या राव नियमित रूप से बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पुलिस सुरक्षा का इस्तेमाल करती थीं। वह विदेश यात्राओं से लौटते समय पुलिसवालों से एस्कॉर्ट करवाती थीं और सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल करती थीं।</div>
<div> </div>
<div>मामले की जांच कर रहे जांचकर्ताओं को पता चला कि अभिनेत्री अक्सर दुबई की यात्राएं करता रही  है, जिसने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का ध्यान आकर्षित किया।उन्होंने हाल के हफ्तों में दुबई की लगभग 30 यात्राएं की थीं। एजेंसी पिछले कुछ समय से उसकी गतिविधियों पर नज़र रख रही थी और उसे संदेह था कि वह एक जाने-माने तस्करी पैटर्न का इस्तेमाल कर रही है। दुबई से हाल ही में वापस आने पर अधिकारियों ने उसे हवाई अड्डे पर रोका और उसके पास से विदेशी मूल की 12 सोने की छड़ें जब्त कीं।</div>
<div> </div>
<div>रिपोर्ट के अनुसार, हवाई अड्डे पर तैनात हेड कांस्टेबल बसप्पा बिल्लुर उर्फ बसवराज ने अपने बयान में डीआरआई अधिकारियों को बताया कि उसने नियमित सुरक्षा जांच से बचने में रान्या की व्यक्तिगत रूप से सहायता की थी।उन्होंने दावा किया कि उन्हें कई मौकों पर उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारियों के परिवार के सदस्यों की आवाजाही को सुगम बनाने के निर्देश दिए गए थे। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि विशेष रूप से, उन्होंने डीजीपी रामचंद्र राव से रान्या सहित अपने रिश्तेदारों के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करने के सीधे आदेश प्राप्त करने की बात स्वीकार की।</div>
<div> </div>
<div>बसवराज ने आगे बताया कि रान्या ने अपनी गिरफ़्तारी के दिन उनसे संपर्क किया था और शाम 6.20 बजे उनके आगमन के लिए वीआईपी प्रोटोकॉल का अनुरोध किया था। उनके अनुरोध के बाद, वे विमान से उतरते समय उनसे मिले और एयरपोर्ट के ग्रीन चैनल से उनके साथ गए, जो आम तौर पर उन यात्रियों के लिए आरक्षित मार्ग है जिनके पास घोषित करने के लिए कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी तीन या चार बार उन्हें इसी तरह की सुविधाएँ दी थीं, हालाँकि उन्हें सटीक तारीखें याद नहीं हैं।</div>
<div> </div>
<div>बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को सोना तस्करी के मामले में कन्नड अभिनेत्री हर्षवर्धिनी रान्या उर्फ रान्या राव की जमानत याचिका को ठुकरा दिया। अदालत ने मामले के दूसरे आरोपी तरुण राजू को जांच जारी रहने तक 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और डीजीपी के. रामचंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव अभी परप्पाना अग्रहारा जेल में बंद हैं। इस मामले ने पूरे देश में काफी चर्चा बटोरी है।</div>
<div> </div>
<div>न्यायाधीश विश्वनाथ सी गौदर ने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की बातों को सुनने के बाद यह फैसला दिया। वहीं, इस मामले में दूसरे आरोपी तरुण राजू के वकील ने भी जमानत के लिए याचिका दायर की। अदालत ने डीआरआई से इस पर अपनी आपत्तियां पेश करने को कहा। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए यह फैसला सुनाया। डीआरआई ने पहले अदालत को बताया था कि रान्या राव से जुड़ा सोना तस्करी का मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर का है और इसमें हवाला का भी कनेक्शन है। इस वजह से यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला बन गया है।</div>
<div> </div>
<div>कन्नड़ अभिनेत्री और कर्नाटक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रामतंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव को तीन मार्च को सोना तस्करी मामले में बेंगलुरू एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से 12.56 करोड़ रुपये का सोना बरामद होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद डीआरआई अधिकारियों ने बेंगलुरु स्थित उनके घर पर भी छापा मारा। वहां से उन्हें 2.06 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए गए।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"> </div>
</div>
</div>
<div class="ajx"> </div>
</div>
<div class="gA gt acV">
<div class="gB xu">
<div class="ip iq">
<div></div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149909/dgps-ramchandra-rao-was-forcibly-sent-on-leave-in-gold</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149909/dgps-ramchandra-rao-was-forcibly-sent-on-leave-in-gold</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:43:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/download-%2811%292.jpg"                         length="8583"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        