<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/26955/election-commission-of-india" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>भारत निर्वाचन आयोग - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/26955/rss</link>
                <description>भारत निर्वाचन आयोग RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों की ‘मनी पावर’ पर रोक लगाने की याचिका पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>सुप्रीम कोर्ट ने 26 फरवरी को राजनीतिक दलों द्वारा अनियंत्रित चुनावी खर्च को चुनौती देने वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा.मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की तीन सदस्यीय पीठ ने गैर-सरकारी संगठन कॉमन कॉज द्वारा दायर जनहित याचिका पर यह नोटिस जारी किया. पीठ ने कहा कि यह मामला जटिल संवैधानिक सवाल उठाता है और छह सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया.</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील दी कि राजनीतिक दलों द्वारा ‘मनी पावर’ का बेलगाम इस्तेमाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172131/supreme-court-seeks-response-from-election-commission-on-petition-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/सुप्रीम-कोर्ट-ने-राजनीतिक-दलों-की-‘मनी-पावर’-पर-रोक-लगाने-की-याचिका-पर-चुनाव-आयोग-से-जवाब-मांगा.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>सुप्रीम कोर्ट ने 26 फरवरी को राजनीतिक दलों द्वारा अनियंत्रित चुनावी खर्च को चुनौती देने वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा.मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की तीन सदस्यीय पीठ ने गैर-सरकारी संगठन कॉमन कॉज द्वारा दायर जनहित याचिका पर यह नोटिस जारी किया. पीठ ने कहा कि यह मामला जटिल संवैधानिक सवाल उठाता है और छह सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील दी कि राजनीतिक दलों द्वारा ‘मनी पावर’ का बेलगाम इस्तेमाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मूल भावना पर आघात करता है.सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने अन्य देशों में चुनावी खर्च की सीमाओं का उल्लेख करते हुए ऐसे नियामक उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए.उन्होंने कहा, ‘अमेरिका में भी खर्च पर सीमाएं हैं, लेकिन उम्मीदवारों के मित्रों का क्या?’ उन्होंने आगे संभावित संवैधानिक चिंताओं को भी उठाया, यह सवाल करते हुए कि क्या खर्च पर रोक लगाने से संविधान के आर्टिकल 19(1)(ए) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और भौतिक सहयोग के अधिकार का उल्लंघन हो सकता है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके जवाब में भूषण ने चुनावी बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत पहले ही अनियंत्रित राजनीतिक फंडिंग के लोकतंत्र पर पड़ने वाले विकृत प्रभाव को स्वीकार कर चुकी है.राजनीतिक दलों के चुनावी खर्च पर सीमा तय करने की मांग वाली इसी तरह की एक याचिका, जिसे एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने दायर किया था, जनवरी 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट से वापस ले ली गई थी, ताकि नई याचिका दाखिल की जा सके.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">15 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ द्वारा चुनावी बॉन्ड योजना को सर्वसम्मति से रद्द किए जाने के बाद वर्तमान याचिका का महत्व और बढ़ गया है.15 फरवरी, 2024 को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने सर्वसम्मति से चुनावी बॉन्ड योजना को ‘असंवैधानिक’ करार दिया था. शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाया था कि यह योजना राजनीतिक दलों को मिलने वाली फंडिंग का खुलासा करने में विफल रहने के कारण संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन करती है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके परिणामस्वरूप, सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी अधिनियम, आयकर अधिनियम और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में चुनावी बॉन्ड से संबंधित प्रावधानों को भी अमान्य कर दिया था. इसके अलावा, शीर्ष अदालत ने चुनावी बॉन्ड के खरीदारों और प्राप्तकर्ताओं की जानकारी भी सार्वजनिक करने का आदेश दिया था.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172131/supreme-court-seeks-response-from-election-commission-on-petition-to</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172131/supreme-court-seeks-response-from-election-commission-on-petition-to</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 21:47:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E2%80%98%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E2%80%99-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE.webp"                         length="103206"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विशेष अभियान में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल का औचक निरीक्षण </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>खीरी। </strong>मतदाता सूची को दुरुस्त करने की मुहिम ने रविवार को जिले भर में रफ्तार पकड़ ली। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत सभी मतदेय स्थलों पर आयोजित “विशेष अभियान दिवस” में मतदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्वयं मैदान में उतरकर बूथों का औचक निरीक्षण किया।</p>
<p style="text-align:justify;">डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने ईआरओ/एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह के साथ क्रमशः मतदान स्थल प्राथमिक विद्यालय ईदगाह (भाग संख्या 205-209) और संविलियन विद्यालय छाउछ (भाग संख्या 19-25) का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170860/surprise-inspection-of-dm-durga-shakti-nagpal-in-special-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/photo001..............jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खीरी। </strong>मतदाता सूची को दुरुस्त करने की मुहिम ने रविवार को जिले भर में रफ्तार पकड़ ली। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत सभी मतदेय स्थलों पर आयोजित “विशेष अभियान दिवस” में मतदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्वयं मैदान में उतरकर बूथों का औचक निरीक्षण किया।</p>
<p style="text-align:justify;">डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने ईआरओ/एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह के साथ क्रमशः मतदान स्थल प्राथमिक विद्यालय ईदगाह (भाग संख्या 205-209) और संविलियन विद्यालय छाउछ (भाग संख्या 19-25) का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम सीधे बीएलओ के हेल्प डेस्क पर पहुंचीं, जहां उन्होंने प्राप्त फॉर्म-6 व फॉर्म-8, संलग्न दस्तावेज और निस्तारण की स्थिति को स्वयं देखा।</p>
<p style="text-align:justify;">डीएम ने बीएलओ से दो टूक कहा कि 18 वर्ष पूर्ण कर चुके एक भी पात्र युवा का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि हर आवेदन की मौके पर जांच कर सही मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि किसी भी नागरिक को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। डीएम ने अभियान की प्रगति पूछते हुए बीएलओ को सक्रिय संपर्क, डोर-टू-डोर जागरूकता और समयबद्ध निस्तारण पर खास जोर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान डीएम ने आमजन से भी संवाद करते हुए बताया कि जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे घोषणा पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर बीएलओ को दें या <a href="http://voters.eci.gov.in/">voters.eci.gov.in</a> पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें, जबकि त्रुटि सुधार के लिए फॉर्म-8 भरा जा सकता है। सहायता के लिए मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क करने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डीईओ के निर्देश पर ईआरओ भ्रमणशील, पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ने पर जोर</strong><br />विशेष अभियान तिथि पर जिला निर्वाचन अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने भ्रमणशील रहकर जनपद के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान ईआरओ ने निर्देशित किया कि विशेष अभियान के दौरान आने वाले प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए जागरूकता बढ़ाई जाए, जिससे कोई भी मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए। अधिकारियों ने बीएलओ से संवाद कर प्रगति की जानकारी ली तथा अभियान को सफल बनाने हेतु सक्रियता से कार्य करने पर बल दिया।</p>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170860/surprise-inspection-of-dm-durga-shakti-nagpal-in-special-campaign</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/170860/surprise-inspection-of-dm-durga-shakti-nagpal-in-special-campaign</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 19:24:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/photo001..............jpg"                         length="114518"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP SIR: मतदाता सूची में दावा-आपत्ति के लिए समय सीमा एक माह और बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लखनऊ— उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। भारत निर्वाचन आयोग ने दावा-आपत्ति (claims and objections) दर्ज करने की समय सीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी है। अब योग्य मतदाता 6 मार्च 2026 तक फॉर्म-6 (नया नाम जुड़वाने), फॉर्म-7 (नाम हटवाने) और फॉर्म-8 (संशोधन) भरकर आवेदन कर सकेंगे। पहले यह अंतिम तिथि आज (6 फरवरी) थी।</p>
<p>  </p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों, विशेष रूप से फॉर्म-6 के भारी बोझ को देखते हुए निर्वाचन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168383/up-sir-the-time-limit-for-claims-and-objections-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/images-(12).jpeg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ— उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। भारत निर्वाचन आयोग ने दावा-आपत्ति (claims and objections) दर्ज करने की समय सीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी है। अब योग्य मतदाता 6 मार्च 2026 तक फॉर्म-6 (नया नाम जुड़वाने), फॉर्म-7 (नाम हटवाने) और फॉर्म-8 (संशोधन) भरकर आवेदन कर सकेंगे। पहले यह अंतिम तिथि आज (6 फरवरी) थी।</p>
<p> </p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों, विशेष रूप से फॉर्म-6 के भारी बोझ को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने यह फैसला लिया है। एक दिन में ही 3.51 लाख से अधिक फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं, और अब तक कुल लगभग 37.8 लाख नाम जुड़वाने के आवेदन मिल चुके हैं। सुनवाई की तिथि भी बढ़ाकर 27 मार्च 2026 कर दी गई है (पहले 27 फरवरी तक थी)।</p>
<p> </p>
<p>SIR प्रक्रिया अक्टूबर 2025 से चल रही है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए थे, जिसमें लगभग 2.89 करोड़ नाम (मृतक, प्रवासी, डुप्लिकेट एंट्री आदि) हटाए गए थे। वर्तमान ड्राफ्ट में कुल मतदाता संख्या 12.55 करोड़ से अधिक बताई गई है। यह अभियान उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहा है, लेकिन यूपी में सबसे अधिक आवेदन और प्रभाव देखा जा रहा है।</p>
<p> </p>
<p>CEO रिणवा ने कहा, "यह फैसला उन लाखों मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है जिनके नाम ड्राफ्ट में शामिल नहीं हुए या जिनमें त्रुटियां हैं। हमारा उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।" उन्होंने अपील की है कि सभी पात्र नागरिक जल्द से जल्द अपनी योग्यता जांचें और आवश्यक आवेदन ऑनलाइन (NVSP पोर्टल या चुनाव आयोग की वेबसाइट) या ऑफलाइन (बूथ लेवल ऑफिसर/ERO के माध्यम से) जमा करें।</p>
<p> </p>
<p>अंतिम मतदाता सूची अब 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी। यह विस्तार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और अधिक से अधिक योग्य मतदाताओं को शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168383/up-sir-the-time-limit-for-claims-and-objections-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/168383/up-sir-the-time-limit-for-claims-and-objections-in</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 16:21:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/images-%2812%29.jpeg"                         length="38005"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sachin Bajpai]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत निर्वाचन आयोग ने कानूनी  ढांचे के भीतर चुनावी प्रक्रियाओं को और मजबूत करने के लिए राजनैतिक दलों के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं को वार्तालाप के लिए किये आमंत्रित-उप जिला निर्वाचन अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो) </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><em>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">उप जिला निर्वाचन अधिकारी सहदेव कुमार मिश्र ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राष्ट्रीय और राज्यीय राजनीतिक दलों से 30 अप्रैल, 2025 तक ईआरओ, डीईओ या सीईओ के स्तर पर किसी भी अनसुलझे मुद्दे के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं। मंगलवार को राजनीतिक दलों को जारी एक व्यक्तिगत पत्र में, आयोग ने स्थापित कानून के अनुसार चुनावी प्रक्रियाओं को और मजबूत करने के लिए पारस्परिक रूप से सुविधाजनक समय पर पार्टी के अध्यक्षों और वरिष्ठ सदस्यों के साथ बातचीत की परिकल्पना की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, पिछले सप्ताह ईसीआई सम्मेलन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149795/election-commission-of-india-invited-the-president-and-senior-leaders"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img_20250311_193456.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो) </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><em>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">उप जिला निर्वाचन अधिकारी सहदेव कुमार मिश्र ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राष्ट्रीय और राज्यीय राजनीतिक दलों से 30 अप्रैल, 2025 तक ईआरओ, डीईओ या सीईओ के स्तर पर किसी भी अनसुलझे मुद्दे के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं। मंगलवार को राजनीतिक दलों को जारी एक व्यक्तिगत पत्र में, आयोग ने स्थापित कानून के अनुसार चुनावी प्रक्रियाओं को और मजबूत करने के लिए पारस्परिक रूप से सुविधाजनक समय पर पार्टी के अध्यक्षों और वरिष्ठ सदस्यों के साथ बातचीत की परिकल्पना की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, पिछले सप्ताह ईसीआई सम्मेलन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ, डीईओ और ईआरओ को निर्देश दिया था कि वे राजनीतिक दलों के साथ नियमित बातचीत कर, ऐसी बैठकों में प्राप्त किसी भी सुझाव को पहले से मौजूद कानूनी ढांचे के अन्दर हल करें और 31 मार्च, 2025 तक आयोग को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगें।</p>
<p style="text-align:justify;">आयोग ने राजनीतिक दलों से विकेंद्रीकृत जुड़ाव के इस तंत्र का सक्रिय रूप से उपयोग करने का भी आग्रह सम्बन्धितों से किया। संविधान और वैधानिक ढ़ांचे के अनुसार चुनाव प्रक्रिया के सभी पहलुओं को कवर करने वाले वैधानिक ढांचे के अनुसार आयोग द्वारा पहचाने गए 28 हित धारकों में से एक प्रमुख हित धारक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि आयोग ने राजनीतिक दलों को लिखे अपने पत्र में यह भी कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951 मतदाताओं का पंजीकरण नियम, 1960 चुनाव संचालन नियम, 1961 मा. सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और भारत के चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों, मैनुअल और हैंडबुक (ईसीआई वेबसाइट पर उपलब्ध) ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए एक विकेन्द्रीकृत, मजबूत और पारदर्शी कानूनी ढांचा स्थापित किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149795/election-commission-of-india-invited-the-president-and-senior-leaders</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149795/election-commission-of-india-invited-the-president-and-senior-leaders</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 21:35:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img_20250311_193456.jpg"                         length="106951"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        